इलाहाबाद विवि के हॉस्टलों पर बिजली का सात करोड़ बकाया

अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Updated Thu, 22 Oct 2020 01:09 AM IST
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि)
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) - फोटो : अमर उजाला

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सार

किस हॉस्टल पर कितना बकाया
हॉस्टल-बकाया (रुपये में)
जीएन झा हॉस्टल - 5846997
एसआरके हॉस्टल - 5010603
इंटरनेशनल हॉस्टल - 336006
शताब्दी ब्वॉयज हॉस्टल - 5389716
ताराचंद हॉस्टल - 27113259
पीडी गल्र्स हॉस्टल - 36539
एसएसएल हॉस्टल - 7420830
पंत हॉस्टल - 2144456
एएन झा हॉस्टल - 347879
डीजे हॉस्टल - 4245096
पीसीबी हॉस्टल - 6240282
एसएन गल्र्स हॉस्टल -20098
शताब्दी ब्वॉयज हॉस्टल - 32067
हॉल ऑफ रेसिडेंजस - 939374
महादेवी वर्मा गल्र्स हॉस्टल - 2589449
कल्पना चावला गर्ल्स हॉस्टल - 1917745

विस्तार

इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के हॉस्टलों पर बिजली बिल के छह करोड़ 96 लाख 30 हजार 396 रुपये बकाया हैं। इन हॉस्टलों की बिजली किसी भी दिन काटी जा सकती है। विश्वविद्यालय के अभियंता ने डीएसडब्ल्यू को इसकी सूचना दी है और डीएसडब्यू ने हॉस्टलों के अधीक्षकों को बकाया बिल का भुगतान करने को कहा है। हालांकि ट्रस्ट के हॉस्टलों पर बिजली का बिल अधिक बकाया है।
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मंगलवार को कमिश्नरी में हुई बैठक में मंडलायुक्त आर. रमेश कुमार ने भी यह मुद्दा उठाया। इस पर डीएसडब्ल्यू प्रो. केपी सिंह ने कमिश्नर को बताया कि ट्रस्ट के हॉस्टलों का बकाया जमा करने की जिम्मेदारी संबंधित ट्रस्ट की है। इविवि के जो भी हॉस्टल हैं, वहां के अधीक्षकों से कहा गया है कि माहवार बिजली का बिल जमा करें। साथ ही बकाया बिल एक साथ जमा नहीं कर सकते हैं तो उसे किस्तों में जमा कर दें। जल्द ही सात करोड़ रुपये बकाया बिल जमा करा दिया जाएगा।

प्रशासन ने हॉस्टल खोलने का निर्णय इविवि पर छोड़ा

कमिश्नरी में हुई बैठक के दौरान इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हॉस्टलों को खोले जाने का मुद्दा भी उठा। साथ ही यह चर्चा भी हुई विश्वविद्यालय में शांति व्यवस्था कैसे बनाकर रखी जाए। कमिश्नर आर. रमेश कुमार ने इविवि प्रशासन के अफसरों से कहा कि कोविड-19 को लेकर सरकारी की ओर से जारी गाइड लाइन के अनुसार काम करें। हॉस्टलों को लेकर सरकार की जो भी गाइड लाइन हो, इविवि प्रशासन उसी के अनुसार निर्णय ले। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया किया अगर इस मामले में लॉ एंड ऑर्डर की कोई समस्या आती है तो प्रशासन की तरफ से पूरी मदद की जाएगी। इविवि में लॉ एंड ऑर्डर एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई अन्य मुद्दों पर भी प्रशासन और इविवि के अफसरों के बीच लंबी चर्चा हुई।

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