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UPPSC NEWS: पीसीएस-2018 के सात दिनों के इंटरव्यू स्थगित, जारी किया गया संशोधित कार्यक्रम

प्रदेश सरकार की ओर से हर शनिवार और रविवार को लॉक डाउन घोषित किए जाने के बाद उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने पीसीएस-2018 के सात दिनों के इंटरव्यू स्थगित कर दिए हैं। ये इंटरव्यू शनिवार, रविवार एवं सोमवार को होने थे। आयोग ने इंटरव्यू का संशोधित कार्यक्रम जारी कर दिया है। पीसीएस का इंटरव्यू 15 जुलाई से शुरू होगा, जिसमें 2669 अभ्यर्थियों को शामिल होना है।

आयोग ने सबसे पहले  पीसीएस-2018 के इंटरव्यू का जो कार्यक्रम जारी किया था, उसके अनुसार साक्षात्कार 13 जुलाई से शुरू होना था लेकिन इंटरव्यू का कार्यक्रम तय होने के बाद प्रदेश सरकार ने 10 जुलाई को रात दस बजे से 13 जुलाई को सुबह पांच बजे तक लॉक डाउन घोषित कर दिया और इस वजह से यूपीपीएसी को 13 एवं 14 जुलाई को प्रस्तावित इंटरव्यू स्थगित करना पड़ा।

इन दो दिनों का इंटरव्यू क्रमश: 10 एवं 11 अगस्त को प्रस्तावित किया गया था। रविवार को प्रदेश सरकार ने घोषणा कर दी कि अब हर शनिवार एवं रविवार को लॉक डाउन होगा। ऐसे में यूपीपीएससी को पीसीएस के इंटरव्यू कार्यक्रम में फिर से संशोधन करना पड़ा।

लॉक डाउन के मद्देनजर आयोग ने 18, 19, 20, 25, 26, 27 जुलाई एवं 10 अगस्त को प्रस्तावित इंटरव्यू स्थगित कर दिया है और इनके स्थान पर इंटरव्यू की नई तिथियां जारी कर दी हैं। इंटरव्यू के  कार्यक्रम में दो बार हुए संशोधन के बाद जो साक्षात्कार पहले सात अगस्त को पूरा होने वाला था, वह अब 25 अगस्त को पूरा हो सकेगा। आयोग ने शनिवार, रविवार एवं सोमवार को प्रस्तावित इंटरव्यू ही स्थगित किए हैं।

पीसीएस के इंटरव्यू में शामिल होने के लिए अन्य राज्यों एवं प्रदेश के दूर-दराज के जिलों से अभ्यर्थी प्रयागराज आते हैं। ऐसे में आयोग को सोमवार को प्रस्तावित इंटरव्यू भी स्थगित करने पड़े, ताकि अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए आयोग कार्यालय पहुंचने में कोई दिक्कत न हो।

यूपीपीएससी के सचिव जगदीश के अनुसार पूर्व में छह एवं दस जुलाई को जारी विज्ञप्ति में उल्लिखित साक्षात्कार कार्यक्रम की शेष शर्तें यथावत रहेंगी। यानी जो इंटरव्यू स्थगित नहीं किए गए हैं, वे अपनी पूर्व निर्धारित तिथियों पर ही होंगे।

स्थगित हुए इंटरव्यू का संशोधित कार्यक्रम

पूर्व निर्धारित तिथि - संशोधित साक्षात्कार तिथि
18 जुलाई - 13 अगस्त
19 जुलाई - 14 अगस्त
20 जुलाई - 18 अगस्त
25 जुलाई - 19 अगस्त
26 जुलाई - 20 अगस्त
27 जुलाई - 21 अगस्त
10 अगस्त - 25 अगस्त

सबसे पहले वाले आखिर में देंगे इंटरव्यू

- पीसीएस-2018 के इंटरव्यू में दो बार संशोधन होने के कारण जिन अभ्यर्थियों का इंटरव्यू पहले दिन प्रस्तावित था, उन्हें अब आखिरी दिन साक्षात्कार देना होगा। लॉक डाउन के कारण आयोग ने 13 जुलाई को प्रस्तावित इंटरव्यू को स्थगित कर इसकी जगह 10 अगस्त को इंटरव्यू कराने का निर्णय लिया था। अब 10 अगस्त को प्रस्तावित इंटरव्यू भी स्थगित कर दिया गया है और यह इंटरव्यू अब अंतिम दिन 25 अगस्त को प्रस्तावित किया गया है।

उप निबंधक अभ्यर्थियों की समस्या का होगा निराकरण

प्रयागराज। आयोग के सचिव के अनुसार पीसीएस-2018 के तहत उप निबंधक (एसआर) ग्रुप-8 के अभ्यर्थी जिनको अपने अधिमान्यता प्रपत्र भरने में कठिनाई हो रही है, वे अपने समस्त प्रपत्रों के साथ अधिमान्यता प्रपत्र की प्रति मुद्रित करा कर साक्षात्कार में नियत तिथि पर उपस्थित होंगे। अगर कोई विसंगति होगी तो उसका तत्समय निराकरण कर दिया जाएगा।

पीसीएस-2019 मेंस से पहले नहीं आ सकेगा रिजल्ट

पीसीएस-2018 के इंटरव्यू कार्यक्रम में संशोधन से पीसीएस-2019 की मुख्य परीक्षा के अभ्यर्थियों को तगड़ा झटका लगा है। आयोग ने पूर्व में पीसीएस-2018 के इंटरव्यू को जो कार्यक्रम जारी किया था, उसके अनुसार साक्षात्कार सात अगस्त को पूरा हो रहा था।
 
अभ्यर्थियों को पूरी उम्मीद थी कि आयोग 25 अगस्त से प्रस्तावित पीसीएस-2019 की मुख्य परीक्षा के आयोजन से पहले पीसीएस-2018 का अंतिम चयन परिणाम जारी कर देगा और ऐसे में स्पर्धा कम हो जाने से पीसीएस-2019 के अभ्यर्थियों के लिए चयन के अवसर बढ़ जाएंगे। लेकिन, अभ्यर्थियाों की यह उम्मीद अब टूट गई है। पीसीएस-2018 का इंटरव्यू 25 अगस्त को पूर होगा और उसी दिन से पीसीएस-2019 की मुख्य परीक्षा शुरू होनी है।
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विकास दुबे मुठभेड़ मामले को लेकर याचिका दाखिल, 15 को होगी सुनवाई

Prayagraj: मकानों को जबरन केसरिया रंग से पोतवाने के मामले में सियासत तेज, सपा एमएलसी बोले- सदन में उठेगा मामला

बहादुरगंज में एक गली के मकानों को भगवा रंग में रंग जाने को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। नाराज सपा कार्यकर्ताओं ने सोमवार को गली में स्थित रवींद्र गुप्ता के आवास को दोबारा पुराने रंग में रंगा। इससे वहां तनाव भी बना रहा। मौके पर मौजूद संदीप यादव, अखिलेश गुप्ता, जांटी यादव, अरुण यादव, आलोक मिश्रा, सत्या सिंह आदि कार्यकर्ताओं का कहना था कि कैबिनेट मंत्री के लोगों की ओर से धमकियां दी जा रही हैं, लेकिन इससे वे डरने वाले नहीं हैं। 

सपा एमएलसी बासुदेव यादव ने भी एडीजी तथा एसएसपी को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने लिखा है कि मंत्री की ओर से आवास के आसपास के सभी मकानों को भगवा रंग में रंगवा दिया गया है।
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सामाजिक दूरी का न पालन करना चिंताजनक, जरूरत पड़े तो सरकार जारी करे कड़े प्रावधानः हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कोरोना संक्रमण से बचाव मे महत्वपूर्ण शारीरिक दूरी का पालन न करने पर चिंता जताई है। कोर्ट ने कहा कि तमाम उपायों के बावजूद आम जनता संक्रमण को लेकर जागरूक नहीं है और लोग शारीरिक दूरी का पालन करने , मास्क लगाने तथा हाथ धोने जैसे उपायों को गंभीरता से नहीं ले रहे है ।

इस मामले में राज्य सरकार को व्यापक निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि सरकार यदि जरूरी समझे तो इन उपायों के पालन हेतु कड़े प्रावधान लागू करें । भारी जुर्माना लगाने का भी सुझाव कोर्ट ने दिया है।

कोरोना संक्रमण को लेकर सरकार द्वारा किए जा रहे प्रबंधों की निगरानी कर रही न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अजीत कुमार की पीठ ने कहा कि अगली सुनवाई पर सरकार एक प्लान प्रस्तुत करें कि किस तरह से वह सोशल डिस्टेंसिंग के प्रावधानों को लागू करेंगे ।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट

शारीरिक दूरी का पालन करने के लिए हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को दिया नीति बनाने का निर्देेश

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कोरोना संक्रमण से बचाव में  महत्वपूर्ण शारीरिक दूरी(फिजिकल डिस्टेंसिंग) का पालन न करने पर चिंता जताते हुए कहा है कि ऐसा लगता है कि लोगों ने अनलॉक टू का गलत अर्थ निकाला है।  कोर्ट ने कहा कि तमाम उपायों के बावजूद आम जनता संक्रमण को लेकर जागरूक नहीं है और लोग शारीरिक दूरी का पालन करने , मास्क लगाने तथा हाथ धोने जैसे उपायों को गंभीरता से  नहीं ले रहे है ।

कोर्ट  इस मामले में राज्य सरकार को व्यापक निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने  कहा कि सरकार यदि जरूरी समझे तो इन उपायों के पालन हेतु कड़े प्रावधान लागू करें । भारी जुर्माना लगाने का भी सुझाव कोर्ट ने दिया है। कोर्ट ने कोरोना का इलाज करने की प्राइवेट अस्पतालों को मंजूरी और होम क्वारंटीन की व्यवस्था लागू करने पर सरकार से जानकारी मांगी है। 
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UPPSC NEWS: आज से शुरू होगा पीसीएस-2018 का इंटरव्यू, 984 पदों पर भर्ती के लिए 2669 अभ्यर्थी देंगे साक्षात्कार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाईकोर्ट समेत अधीनस्थ अदालतों के अंतरिम आदेश 31 जुलाई तक बढाए

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाईकोर्ट सहित प्रदेश की अधीनस्थ अदालतों, अधिकरणों, न्यायिक संस्थाओं द्वारा पारित सभी अंतरिम आदेश जो इस दौरान समाप्त होने वाले हैं, को 31 जुलाई तक बढ़ा दिया है। इसी तरह जमानत के आदेश, ध्वस्तीकरण व बेदखली पर रोक के आदेशों की भी अवधि 31 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। 

यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर तथा न्यायमूर्ति एसडी सिंह की खंडपीठ ने स्वत: कायम जनहित याचिका पर दिया है। कोर्ट ने आठ जून 20, 19 जून 20 व 10 जुलाई 20 को पारित आदेशों को आगे जारी रखते हुए यह आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा था कि केंद्र सरकार के अनलॉक में काफी छूट दी है। इसके बावजूद लिंक अदालतें व हाट स्पाट एरिया की अदालतों मे काम नहीं हो पा रहा है।

ऐसी स्थिति में इस अवधि में समाप्त होने वाले आदेश  की अवधि बढ़ाई गई है। कोर्ट ने कहा था कि जो अंतरिम आदेश कोर्ट के अगले आदेश पर निर्भर हैं वे यथावत रहेंगे। इस आदेश का उन पर कोई प्रभाव नहीं पडे़गा। याचिका की अगली सुनवाई 29 जुलाई को होगी। कोर्ट ने आदेश की प्रति आफीशियल वेबसाइट पर डालने एवं आदेश कापी सभी अदालतों, अधिकरणों, महाधिवक्ता, अपर सॉलिसिटर जनरल, सहायक सॉलिसिटर जनरल , राज्य लोक अभियोजक व अध्यक्ष उ.प्र. बार काउंसिल को भेजने को कहा है।
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तसवीरें: संगमनगरी की गलियों में भी बहने लगीं नदियां, बढ़ी लोगों की परेशानी

इलाहाबाद हाईकोर्ट

कोरोना संक्रमण से जान गंवाने वाले रिटायर्ड आईजी गए थे सीजीएचएस, पॉली क्लिनिक बंद

कोराना संक्रमण से जान गंवा बैठे रिटायर्ड आईजी राम आधार एसआरएन अस्पताल में भर्ती होने से पहले अपना इलाज कराने सिविल लाइंस के संगम प्लेस स्थित सीजीएचएस के अपर निदेशक कार्यालय गए थे। उन्हें सांस फूलने की शिकायत थी। उन्होंने अपर निदेशक कार्यालय स्थित पॉली क्लीनिक में विशेषज्ञ की ओपीडी में इलाज कराया था।

उनकी मौत की खबर आने के बाद अपर निदेशक कार्यालय एवं पॉली क्लीनिक को दो दिन के लिए बंद कर दिया गया है और वहां व्यापक पैमाने पर सैनिटाइजेशन कराया जा रहा है। कोरोना संक्रमण की आशंका के बाद सीजीएचएस पॉली क्लीनिक के कुछ डॉक्टरों एवं स्टाफ की कोराना जांच कराई जा रही है।

कोरोना संक्रमित रिटायर्ड आईजी राम आधार सीजीएचएस के लाभार्थी थे। वह छह जुलाई को सिविल लाइंस स्थित संगम प्लेस गए थे। संगम प्लेस के दूसरे तल पर सीजीएचएस के अपर निदेशक का कार्यालय और पॉली क्लीनिक है। पॉली क्लीनिक में सभी विशेषज्ञ बैठते हैं। राम आधार को सांस फूलने की शिकायत थी, सो उन्होंने विशेषज्ञ डॉ. ओम प्रकाश की ओपीडी में जाकर अपना इलाज कराया।

विशेषज्ञ ने उनके ब्लड प्रेशर आदि की जांच की थी। विशेषज्ञ को दिखाने के बाद वह अपर निदेशक डॉ. आरके श्रीवास्तव से उनके कार्यालय में जाकर मिले थे। इस दौरान सीजीएचएस के कुछ कर्मचारियों से भी उनकी मुलाकात हुई। १० जुलाई को तबीयत बिगड़ने पर उन्हें एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सोमवार को उनकी मौत हो गई।

मंगलवार सुबह खबर मिलते ही संगम प्लेस स्थित सीजीएचएस का अपर निदेशक कार्यालय और पॉली क्लीनिक दो दिन (१४ एवं १५ जुलाई) के लिए बंद कर दिया गया। अपर निदेशक सीजीएचएस, प्रयागराज डॉ. आरके श्रीवास्तव का कहना है कि रिटायर्ड आईजी यहां आठ दिन पहले आए थे।

संक्रमण की आशंका को देखते हुए अपर निदेशक कार्यालय एवं पॉली क्लीनिक दो दिन के लिए बंद कर दिया गया है। सैनिटाइजेशन का काम कराया जा रहा है। कुछ डॉक्टरों एवं स्टाफ की कोरोना जांच भी कराई जा रही है।
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Prayagraj Corona Update: एसआरएन अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मी सहित 24 और मिले संक्रमित

नेपाल के पीएम के अयोध्या पर विवादित बयान पर भड़के साधु-संत, नरेंद्र गिरी बोले ओली मानसिक रूप से बीमार

साधु संतों की सर्वोच्च संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के उस बयान पर कड़ा विरोध जताया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि असली अयोध्या नेपाल में है और नकली अयोध्या भारत में है।

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने कहा है कि अयोध्या भारत में ही है और उत्तर प्रदेश में है। इसको लेकर हमारे पास प्रमाण भी मौजूद हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि नेपाल चीन के हाथों में खेल रहा है और भारत के खिलाफ गलत बयान बाजी कर रहा है।



महंत नरेंद्र गिरी ने नेपाल के प्रधानमंत्री को मानसिक रूप से बीमार बताते हुए कहा है नेपाल के नागरिकों का यह दुर्भाग्य है कि उन्हें ऐसा प्रधानमंत्री मिला है। आज पूरा देश नेपाल के प्रधानमंत्री के इस वक्तव्य का विरोध कर रहा है। नेपाल के प्रधानमंत्री अपने देश को विनाश की तरफ ले जा रहे हैं।

भारत और नेपाल मित्र राष्ट्र हैं, लेकिन नेपाल के प्रधानमंत्री चीन के बहकावे में आकर लगातार संबंध खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने देश के सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से अपील की है कि वह एकजुट होकर नेपाल के प्रधानमंत्री के इस बयान का कड़ा विरोध करें और उन्हें अपने इस गलत बयान पर देश से माफी मांगने के लिए भी मजबूर करें।

महंत नरेंद्र गिरी ने पीएम मोदी से भी यह मांग की है कि नेपाल के प्रधानमंत्री के इस बयान का कड़ा विरोध करें ताकि नेपाल के प्रधानमंत्री देश से माफी मांगने को मजबूर हो। महंत नरेंद्र गिरि ने कहा है कि नेपाल के प्रधानमंत्री मानसिक रूप से बीमार हो चुके हैं। इसलिए उन्हें प्रधानमंत्री पद पर बने रहने का भी कोई अधिकार नहीं है।

नेपाल के नागरिकों को चाहिए कि वे उन्हें तत्काल प्रधानमंत्री का पद छोड़ने के लिए बाध्य करें। नरेंद्र गिरी ने कहा है जल्द ही अखाड़ा परिषद की होने वाली बैठक में भी इस मुद्दे पर साधु संत चर्चा करेंगे और अपना कड़ा विरोध भी दर्ज कराएंगे।
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