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Coronavirus in Uttar Pradesh Live Updates: यूपी में एक दिन में 14 नए मरीज, अब तक 65 लोग कोरोना संक्रमित

यूपी में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। शनिवार को एक ही दिन 14 नए मरीज सामने आने के साथ ही प्रदेश में संक्रमितों की संख्या 65 हो गई है।

28 मार्च 2020

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प्रयागराज

शनिवार, 28 मार्च 2020

कोरोना वायरस लॉकडाउन के बीच इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया स्थगित

इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) एवं संघटक महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए शुरू हुई ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया इविवि प्रशासन ने अगले आदेश तक स्थगित कर दी है। कोराना वायरस संक्रमण के मद्देनजर इविवि प्रशासन को दो दिनों के भीतर ही अपना निर्णय वापस लेना पड़ा। छात्र भी लगातार मांग कर रहे थे कि लॉकडाउन समाप्त होने के बाद ही प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाए।

इविवि और संघटक कॉलेज में प्रवेश के लिए 25 मार्च से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू की गई थी। आवेदन के पहले ही दिन छात्रों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। छात्रों का कहना था कि लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू किए जाने से ज्यादातर छात्र आवेदन से वंचित हो जाएंगे।
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लॉकडाउन में पहली बार मस्जिदों में नहीं अदा हो सकी जुमे की नमाज

CoronaVirus: प्रयागराज में हेल्पलाइन पर मुस्तैद मिले ‘कर्मवीर’

लॉकडाउन के दौरान सामने आने वाली समस्याओं से निजात दिलाने के लिए स्थापित किए गए कंट्रोल रूम अमर उजाला के रियलिटी टेस्ट में पास हुए। संबंधित नंबरों पर कॉल करने के बाद मिले रिस्पांस से यह भी साफ हुआ कि नियंत्रण कक्षों में तैनात ‘कर्मवीर’ पूरी तरह मुस्तैद हैं और मुसीबत में फंसे शहरियों की मदद को हर वक्त तैयार भी। 

लॉकडाउन को देखते हुए पुलिस व जिला प्रशासन की ओर से कई कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। जिनके लिए अलग-अलग हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। पुलिस-प्रशासन का कहना है कि इन हेल्पलाइन नंबरों पर किसी भी आपात स्थिति में कॉल कर लोग मदद मांग सकते हैं।

इन नंबरों पर कॉल करने पर मिलने वाले रिस्पांस को जांचने के लिए बृहस्पतिवार को अमर उजाला ने रियलिटी टेस्ट किया। अच्छी बात यह रही कि ज्यादातर नंबरों पर न सिर्फ तुरंत बल्कि बेहतर रिस्पांस मिला। ऐसे में यह विश्वास भी बंधा कि मुसीबत में फंसे शहरियों की मदद के लिए इन कंट्रोल रूम में तैनात ‘कर्मवीर’ हर वक्त मुस्तैद हैं। 
 

किस हेल्पलाइन पर क्या मिला रिस्पांस


कोविड 19 के संबंध में जारी हेल्पलाइन- 05322640645, 7458825340
दोनों नंबरों पर क्रमश: दोपहर 2.49 व 2.52 पर नंबर व्यस्त मिला। पहले नंबर पर 3.15 पर दोबारा बात करने की कोशिश की गई लेकिन संपर्क नहीं हो सका। लेकिन 3.19 पर दूसरे नंबर पर दोबारा कॉल करने पर कॉल उठाने वाले कर्मचारी ने कोरोना इलाज के संबंध में पूछी गई बात का संतोषजनक तरीके से जवाब दिया। 

खाद्य आपूर्ति के संबंध में- 05322266098, 05322266099

2.54 मिनट पर पहले नंबर पर कॉल करने पर संपर्क नहीं हो सका। एक मिनट बाद दूसरे नंबर पर कॉल कर रिपोर्टर ने बताया कि कुछ दुकानदार सामान के ज्यादा दाम वसूल रहे हैं। जिस पर कर्मचारी ने बताया कि दुकानदार का नाम व स्थान बताकर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। 

पुलिस सहायता के संबंध में- 94511102868, 9454457975

2.58 मिनट पर जब पुलिस मदद के लिए पहले नंबर पर कई बार कॉल की गई जिस पर उपरोक्त नंबर पर इनकमिंग कॉल की सुविधा उपलब्ध नहीं है, का संदेश सुनाई पड़ता रहा। उधर दूसरे नंबर पर 3.04 मिनट पर कॉल करने पर नंबर बिजी मिला। 3.07 मिनट पर दूसरी बार कॉल करने पर महिला कर्मचारी ने फोन रिसीव किया। रिपोर्टर ने पूछा कि परिवार में बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाना है। जिस पर जवाब मिला कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को बताइए, वह बीमार को अस्पताल पहुंचाने में मदद करेंगे। किसी तरह की समस्या पर इस नंबर पर कॉल कर बताने को भी कहा।   

जोन कंट्रोल रूम- 9454405170

3.13 मिनट पर कॉल करने पर नंबर लगातार बिजी बताता रहा। 3.21 मिनट पर दोबारा कॉल करने पर कर्मचारी ने फोन उठाया। रिपोर्टर ने पूछा कि उसकी पत्नी व बच्चे प्रतापगढ़ में हैं, जिसे वह घर लाना चाहता है। जिस पर कर्मचारी ने बताया कि बीमारी का खतरा बड़ा है, ऐसे में कोई इमरजेंसी न हो तो 14 अप्रैल तक उन्हें वहीं रहने दें तो बेहतर है। 
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CoronaVirus: जेलों से छोड़े जाएंगे कैदी, अधिकतम सात साल की सजा पाने वालों को ही मिलेगी राहत

प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रयागराज में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने की सूचना से हड़कंप

झूंसी के चकहरिहरवन गांव में एक युवक के कोरोना पॉजिटिव मिलने की सूचना से हड़कंप मचा हुआ है। बताया जाता है कि 25 वर्षीय युवक गुलाल यादव में कोरोना के लक्षण पाए गए हैं। ग्रामीणों की सूचना पर उन्हें बेली अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल आधिकारिक तौर पर कोरोना होने की पुष्टि नहीं हुआ है। 

कोरोना संदिग्ध को भेजा गया अस्पताल

शनिवार को घूरपुर क्षेत्र के एक गांव में मुंबई से आए युवक की तबियत खराब होने से गांव के लोग कोरोना वायरस के संक्रमण की आशंका से भयभीत हो गए। गांव वालों ने घूरपुर पुलिस को सूचना देकर कार्रवाई करने की मांग की लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया। जिस पर गांव के लोग एसडीएम बारा से मिले । उनके आदेश पर दलवाबारी गांव निवासी युवक को स्वास्थ्य विभाग की टीम इलाज और जांच के लिए अस्पताल ले गई।
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LockDown: प्रयागराज में घर-घर राशन पहुंचाने के दावे फेल, दूध और सब्जी भी कुछ चुनिंदा मोहल्लों में पहुंचा

नवरात्रि
घर-घर राशन पहुंचाने की योजना फिलहाल पूरी होती नहीं दिख रही। शुक्रवार को वाहनों तथा ठेलियों से दूध एवं सब्जी की आपूर्ति जरूर की गई लेकिन, कुछ चुनिंदा मोहल्लों में। गलियों में तो कोई ठेलिया वाला भी नहीं पहुंचा। ऐसे में रोजमर्रा की वस्तुओं के लिए घरों से निकलना पड़ा।

सोहबतिया बाग के आरएन वर्मा ने बताया कि उन्हें दूध लेने के लिए मुख्य मार्ग स्थित जनरल स्टोर जाना पड़ा। इसी तरह से ऊंचवागढ़ी, बेली आदि मोहल्लों में भी वाहन से दूध नहीं पहुंचा। ऊंचवागढ़ी के आशीष का कहना था कि उन्हाेंने कंट्रोल रूम में भी इसके लिए फोन किया। वहां से कहा जाता रहा कि दूध का वाहन पहुंचेगा लेकिन, यह आश्वासन तक ही रहा। कई लोग तो प्रशासन के वाहन का इंतजार ही करते रहे। बेली के जफर का कहना था कि राशन तो दूर सब्जी और दूध भी नहीं पहुंचा। इसलिए आसपास के सभी लोगों को सड़क पर जाना पड़ा। इस तरह की शिकायत ज्यादातर मोहल्लों में रही।
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#LockDown: जरूरी सामान लेने जाने पर भी रोक रही पुलिस

प्रदेश ही नहीं केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद भी दवा या अन्य जरूरी सामान लेने जाने वालों को भी पुलिस रोक रही है। ऐसे में लोग परेशान हो रहे हैं। इस मामले की शिकायत अफसरों तक भी पहुंची है। जिसके बाद चेकिंग नाकों पर तैनात पुलिसकर्मियों को हिदायत दी गई है। 

लॉकडाउन को लेकर केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें कहा गया है कि दवा या अन्य जरूरी सामान लेने निकले लोगों को न रोका जाए। साथ ही किसी अन्य आपात स्थिति में भी संबंधित व्यक्ति को पूछताछ के बाद जाने दिया जाए। लेकिन शहर में कुछ जगहों पर बनाए गए चेकिंग प्वाइंट पर पुलिसकर्मी इन निर्देशों का उल्लंघन करते नजर आ रहे हैं। नैनी निवासी विनय यादव ने बताया कि उनकी रिश्तेदार बीमार हैं।
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लॉकडाउन में फंसी 30 जिंदगियां, कई लोगों ने 150 किमी पैदल चलकर बचाई जान

मध्यप्रदेश के रीवा, ड्रमंडगंज समेत अन्य इलाकों से मजदूरी के लिए आए 30 परिवार देश व्यापी लॉकडाउन में फंसकर जिंदगी बचाने के लिए जतन कर रहे हैं। नैनी के खरकौनी में इन राजगीर मिस्त्री परिवारों के बच्चे तीन दिन से बिना दूध के पड़े हैं तो अनाज व अन्य खाद्य सामग्री न मिलने से बड़ों की भी मुश्किलें बढ़ गई हैं। काम तो मिल ही नहीं रहा है, दुकानें भी पूरी तरह बंद हैं। ऐसे में पेट भरने का संकट उत्पन्न हो गया। तीन परिवारों के 13 लोग शुक्रवार को जान बचाने के लिए पैदल अपने घर ड्रमंडगंज के लिए रवाना हो गए।

नैनी के खरकौनी और अन्य इलाकों में भवन निर्माण में लगे इन मजदूर परिवारों ने शुक्रवार को अपनी मुसीबत बयां की। रीवा के कोरवा गांव निवासी सूयभान अपनी पत्नी सुशीला पिछले तीन महीने से यहां निर्माण कार्यों में लगे हुए थे।  उनके साथ व छह वर्षीया पुत्री अनिष्ठा व आठ वर्षीय पुत्र पीयूष भी हैं। सुशीला के मुताबिक दो दिन से दूध व ब्रेड भी नहीं मिल रहा है।

न ट्रेनें चल रही हैं न बसें। निजी वाहन भी किराए पर नहीं मिल रहे हैं। दुकानें न खुलने से राशन भी नहीं मिल पा रहा है। लॉक डाउन में काम सारे ठप हैं। ऐसे में अगर प्रशासन की ओर से उनको मदद नहीं मिली तो मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

इसी तरह रीवा के ही मांगी गांव निवासी छोटू धरकार, उनकी पत्नी कलावती, पुत्र विकास, पुत्री शिवानी, नंदिनी और भाई राजेश यहां फंसे हुए हैं। इन मजदूरों को खाना व अन्य सामान उपलब्ध कराने वाले रतन लाल मिश्र ने बताया कि एमपी के ही ड्रमंडगंज के 13 परिवार सुबह 11 बजे जान बचाकर यहां से पैदल ही घरों के लिए निकले हैं। रतन के मुताबिक उन्हें यह सफर पूरा करने में दो से तीन दिन लग सकते हैं। यहां बचे हुए लोग भी पैदल ही घर जाने की तैयारी में जुट गए हैं, ताकि जान बचाई जा सके। 
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गार्ड और ड्राइवर की नहीं होगी बायोमीट्रिक अटेंडेंस

कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से उत्तर मध्य रेलवे और उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजीव चौधरी ने सभी लोको पायलट और गार्ड की बायोमीट्रिक अटेंडेंस पर रोक लगा दी है। इसके अलावा उन्होंने ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट पर भी अगली सूचना तक के लिए स्थगित कर दिया है।

कहा, रेलकर्मी चाहें तो स्वेच्छा से यह टेस्ट करवा सकते हैं। वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से महाप्रबंधक ने कहा कि रेलवे के सभी आवश्यक कार्यों में स्वच्छता और सामाजिक दूरी का प्रोटोकॉल पहले से ही बहुत सख्ती से लागू है। इससे आगे बढ़ाते हुए रेलवे ने अब लॉबी में चालक दल और गार्ड के साइन-ऑन/ऑफ से संबंधित नियमों में परिवर्तन किया है। 

विभिन्न लोगों द्वारा टच किए जाने से बचाव के लिए क्रू मैनेजमेंट सिस्टम पर कर्मचारियों का विवरण डेटा एंट्री ऑपरेटर द्वारा फीड किया जाएगा और श्वांस परीक्षण टेस्ट (ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट) भी वैकल्पिक कर दिया गया है। यदि लॉकडाउन अवधि तक कोई भी चालक दल श्वांस परीक्षण टेस्ट देने के लिए तैयार नहीं है, तो उसे  स्व-घोषणा के आधार पर ट्रेन चलाने की अनुमति होगी। हालांकि, यह सुविधा उन्हीं चालक दल के लिए उपलब्ध होगी, जिनका कोई एल्कोहलिक इतिहास नहीं है।

जीएम ने कहा कि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति के लिए तैयार होने के क्रम में, रेलवे कम से कम संशोधन के साथ रेलवे डिब्बों को आइसोलेशन वार्ड के रूप में उपयोग करने की संभावना पर भी विचार कर रहा है। इसके लिए ट्रायल कोच को कोचिंग डिपो दिल्ली में संशोधित किया जा रहा है। यह कोच 28 मार्च  तक तैयार होने की उम्मीद है।

समूह में नहीं हुआ काम, ट्रैक मैंन न बनाए रखी उचित दूरी 

कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते प्रकोप के बीच रेल ट्रैक पर समूह में काम करने वाले ट्रैक मैन के बीच शुक्रवार को सामाजिक दूरी देखने को मिली। अमर उजाला द्वारा मुद्दा उठाए जाने के बाद शुक्रवार को प्रयागराज मंडल में तमाम स्थानों पर कार्य कर रहे ट्रैक मैन को वरिष्ठ अफसरों ने हिदायत दी कि वह आपस में दूरी बनाकर काम करें। इस बीच एनसीआर महाप्रबंधक राजीव चौधरी ने सामाजिक दूरी को बनाए रखते हुए ट्रैक और अन्य रेलवे परिसंपत्तियों के अनिवार्य संरक्षा संबंधी रखरखाव के लिए कहा कि कार्यस्थल पर गैंग आदि के उपकरण अलग-अलग रखे जाएंगे। 
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‘जिंदा’ रहने की जद्दोजहदः नागपुर से पैदल पहुंचे प्रयागराज, जाना है गोरखपुर तक

इस समय पूरा देश कोरोना जैसी महामारी से जंग लड़ रहा है। हर तरफ लोग इस प्रयास में हैं कि किसी तरह इस बीमारी से खुद को बचाया जाए। लेकिन कुछ ऐसे भी लोग हैं जो खुद को जिंदा रखने के लिए सैकड़ों मील का सफर पैदल ही तय कर रहे हैं। इनकी जद्दोजहद घर पहुंचने की है ताकि उन्हें भूख से न मरना पड़े। 

छह दिन पहले शुरू हुआ सफर अब भी जारी

शुक्रवार दोपहर कीडगंज क्रॉसिंग के पास तीन युवक सड़क पर बैठे मिले। तीनों हाथोें में पिट्ठू बैग लिए हुए थे। पूछने पर एक ने अपना नाम विशाल साहनी निवासी पिपराबसंत, थाना पिपराइच, जनपद गोरखपुर बताया। आगे बताया कि वह और उसके दोनों साथी साहिल व विजयशंकर चौधरी हैदराबाद से आ रहे हैं। पिछले छह दिनों से वह लगातार सफर कर रहे हैं। हैदराबाद से नागपुर एक ट्रेलर में बैठकर आने के बाद वह वहां से पैदल मैहर पहुंचे।

मैहर से पैदल सफर करके वह प्रयागराज पहुंचे हैं। बताया कि तीनों वहीं फर्नीचर फैक्ट्री में काम करते हैं। 20 को जनता कर्फ्यू के एलान के बाद 21 तारीख को वह और फैक्ट्री में काम करने वाले यूपी के करीब 200 युवक हैदराबाद से अपने-अपने घरों को रवाना हुए थे। सोचा था कि एक दिन बाद तो साधन मिल ही जाएगा। लेकिन बंदी की अवधि बढ़ गई। बंदी के चलते भूखा रहना पड़ता, इसलिए घर जाना ही बेहतर समझा। 
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