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यूपी रोडवेज निजीकरण की प्रक्रिया रोके सरकार, नहीं तो आंदोलन

यूपी रोडवेज इंपलाइज यूनियन ने रोडवेज के निजीकरण की प्रक्रिया का विरोध किया है। निजीकरण के विरोध में यूनियन ने 31 जुलाई तक डिपोवार प्रदर्शन की योजना बनाई है। इसकी शुरुआत बृहस्पतिवार को राजापुर वर्कशॉप में हुई। यहां एकत्र हुए रोडवेज कर्मियों ने कहा कि सरकार ने निजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी वजह से प्रदेश भर में रोडवेज की तीन हजार बसें सरेंडर कर दी गईं हैं। इसमें प्रयागराज रीजन की भी 125 बसें हैं।

यूपी रोडवेज इंपलाइज यूनियन के क्षेत्रीय मंत्री रशीद अहमद ने कहा कि कुंभ मेला हो या फिर अभी हाल ही में प्रवासी श्रमिकों को उनके गंतव्य तक छोड़ने का मामला। परिवहन विभाग के कर्मचारियों ने विषम परिस्थितियों में भी सरकार के सभी आदेशों का पालन किया। पीएम मोदी और सीएम योगी ने भी रोडवेज कर्मियों की प्रशंसा की। फिर भी परिवहन विभाग के निजीकरण करने की प्रक्रिया मौजूदा सरकार की ओर से शुरू कर दी गई है।

इससे रोडवेज के सभी कर्मचारियों में गुस्सा है। इसके विरोध में प्रदेश भर में रोडवेज कर्मी 31 जुलाई तक डिपोवार प्रदर्शन करेंगे। रशीद ने कहा कि सिविल लाइंस बस स्टेशन पर शुक्रवार सुबह दस बजे रोडवेज कर्मी प्रदर्शन करेंगे। सात जुलाई को पदाधिकारी आगे की रूपरेखा तय करेंगे। उधर, रोडवेज वर्कशॉप में क्षेत्रीय अध्यक्ष राम कैलाश यादव के साथ अन्य पदाधिकारियों ने भी कर्मचारियों को निजीकरण से होने वाले नुकसान के बारे में बताया।
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Prayagraj: बेटे की उपेक्षा से दुखी वृद्ध दंपती ने जहर खाकर दी जान

धूमनगंज के पीपलगांव में रहने वाले वृद्ध दंपती ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली। मृतकों मेें 85 वर्षीय जगन्नाथ व 80 वर्ष की उनकी पत्नी फूलमती शामिल हैं। चर्चा रही कि बेटे की उपेक्षा से दुखी होकर दंपती ने यह कदम उठाया। फिलहाल परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया है। 

पीपलगांव शाहा  में रहने वाले जगन्नाथ दूध का व्यवसाय करते थे। वर्तमान में वह घर पर ही पत्नी फूलमती के साथ रहते थे। उनके दो बेटों की मौत हो चुकी है और बगल में ही सबसे छोटा रामप्रकाश अपने परिवार के साथ रहता था। बुधवार शाम छह बजे के करीब जगन्नाथ व उनकी पत्नी ने जहर खाकर जान दे दी। बहुत देर तक उनके न दिखाई देेने पर बेटा रामप्रकाश पहुंचा तो माता-पिता को मृत पड़ा देख उसके होश उड़ गए।

सूचना पर आसपास के लोग और फिर पुलिस पहुंच गई। जांच पड़ताल के बाद दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए। पूछताछ में बेटे ने बताया कि उसकी मां को कम दिखाई पड़ता था व वह बीपी समेत अन्य बीमारियों से ग्रसित थी। पिता भी बीमार रहते थे। 

उधर पुलिस के मुताबिक, आसपास के लोगों से पूछताछ में पता चला कि दंपती की अपने बेटे से बनती नहीं थी। शाम को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया। इससे पहले मौत का कारण स्पष्ट न होने पर डॉक्टरों ने विसरा प्रिजर्व कर जांच के लिए भेज दिया। धूमनगंज इंस्पेक्टर शमशेर बहादुर ने बताया कि पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों ने विसरा प्रिजर्व कर जांच के लिए भेजा है। 

चार महीने पहले हुआ था विवाद

पत्नी समेत आत्महत्या करने वाले जगन्नाथ का चार महीने पहले अपने बेटे से विवाद हुआ था। पुलिस का कहना है कि यह भी बात सामने आई थी कि बेटे के व्यवहार से क्षुब्ध होकर उन्होंने आत्महत्या तक करने की भी बात सोच ली थी। यह पता चला था कि वह जहर लेने के लिए निकले हैं। जानकारी पर चौकी पुलिस ने घर पहुंचकर बात की तो उन्होंने यह भी कहा था कि स्थितियां ऐसी हो गई हैं कि अब जान देनी ही पड़ेगी। तब पुलिसकर्मियों ने उन्हें समझाकर किसी तरह मनाया था।
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प्रताप सिंह बघेल को सचिव बेसिक शिक्षा परिषद का प्रभार, लखनऊ में संभाला कार्यभार

प्रदेश सरकार की ओर से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) बस्ती के प्राचार्य प्रताप सिंह बघेल को सचिव बेसिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश का प्रभारी सचिव बनाया गया है। वह डायट बस्ती के प्राचार्य के पद के साथ बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे।

सचिव बेसिक शिक्षा परिषद रूबी सिंह के 31 मार्च को अवकाश ग्रहण करने के बाद से संयुक्त सचिव बेसिक शिक्षा परिषद विजय शंकर मिश्र के पास सचिव का प्रभार था। बुधवार को लखनऊ में प्रताप सिंह बघेल ने संयुक्त सचिव विजय शंकर मिश्र से सचिव का प्रभार ग्रहण कर लिया।

पदभार संभालने के बाद अभी वह लखनऊ में ही हैं, ऐसे में लगता है कि वह डायट बस्ती के मूल पद के साथ सचिव बेसिक शिक्षा परिषद का अतिरिक्त प्रभार लखनऊ स्थित कार्यालय से ही संभालेंगे। ऐसे में इस बात की चर्चा तेज हो सकती है कि प्रदेश सरकार एक बार फिर से बेसिक शिक्षा परिषद मुख्यालय लखनऊ ले जाने की तैयारी में है।
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होलागढ़ हत्याकांडः ऐसे घर में दाखिल हुए थे हत्यारे, सोते वक्त ही परिवार के लोगों को उतारा मौत के घाट

मृतक परिवार मृतक परिवार

होलागढ़ हत्याकांड:  पति और तीन बच्चों को खोने वाली मां की हालत नाजुक, डॉक्टरों ने किया आपरेशन

होलागढ़ में हुई वारदात में जिंदा बची परिवार की एकमात्र सदस्य रचना पांडेय का दोपहर बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन किया। उसके गले में सात टांके लगाए गए हैं। बताया जा रहा है कि धारदार हथियार से हमले में उसके गले की भोजन नली क्षतिग्रस्त हो गई है। राहत की बात यह रही कि उसकी श्वास नली बच गई।

ऑपरेशन के बाद भी उसकी हालत नाजुक बनी हुई है और उसे आईसीयू में रखा गया है। एसएसपी ने बताया कि महिला की हालत में सुधार होने का इंतजार किया जा रहा है। घटना की चश्मदीद होने के साथ वह एकमात्र है, जिसने हत्यारों को देखा है। उससे पूछताछ में कई अहम बातें सामने आ सकती हैं। उसकी सुरक्षा के लिए अस्पताल में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। 
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Pratapgarh: कैबिनेट मंत्री मोती सिंह के कोरोना पॉजिटिव होने से मचा हड़कंप, पट्टी ब्लाक में की थी समीक्षा बैठक 

सूबे के कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह के कोरोना पॉजिटिव होने की खबर से शुक्रवार को राजधानी लखनऊ से बेल्हा तक समर्थकों में हड़कंप मचा रहा। बीते शनिवार को जिले में प्रवास के दौरान पट्टी ब्लाक सभागार में अफसरों के साथ समीक्षा बैठक करने के साथ ही काबीना मंत्री कुछ लोगों से मिले भी थे। अब कैबिनेट मंत्री की रिपोर्ट आने के बाद उनके करीबियों और अफसरों की नींद उड़ी हुई है। उधर, समर्थक शुक्रवार को दिनभर जल्द उनके स्वस्थ होने की दुआएं करते रहे। 

योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री मोती सिंह के कोरोना पॉजिटिव मिलने की खबर मिलते ही जिले में हड़कंप मच गया। विकास भवन के वह अफसर जो प्रोटोकाल के तहत मिलने गए थे और समीक्षा बैठकों में लगातार प्रतिभाग कर रहे थे उनकी नींद उड़ गई है। बीते शनिवार को कैबिनेट मंत्री ने पट्टी ब्लाक सभागार में एसडीएम, सीओ, बीडीओ, टाउन एरिया अध्यक्ष, ब्लाक प्रमुख सहित विभागीय कर्मचारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की थी।

समीक्षा बैठक के बाद मदाफरपुर और रंजीतपुर चिलबिला में कुछ लोगों से मिले भी थे। जनपद और ब्लाक स्तरीय कर्मचारियों के साथ ही जिन स्थानीय लोगों के संपर्क में आए, उनके होश उड़ गए हैं। शुक्रवार को दोपहर तीन बजे सोशल मीडिया पर खबरे चलने से प्रशासनिक अमला दंग रह गया। उधर, समर्थक दिनभर उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआएं मांगते रहे। 

डीडीओ,पीडी सहित 50 लोगों के लिए गए सैंपल 

विकास भवन में शुक्रवार को डीडीओ, पीडी सहित 50 लोगों के सैंपल लिए गए। विकास भवन में बने कोविड हेल्प डेस्क में पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा है। 

विकास भवन पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अफसरों और कर्मचारियों का सैंपल लिया। डीडीओ, पीडी, डीपीओ सहित विकास भवन के कर्मचारियों का सैंपल लिया गया। गुरुवार को डीएम के साथ ही कलेक्ट्रेट कर्मियों का सैंपल लिया गया था। दोपहर बाद कैबिनेट मंत्री के  पॉजिटिव आने की जानकारी होने पर वह अधिकारी और कर्मचारी परेशान दिखे, जिन्होंने अभी तक अपनी जांच नहीं कराई है। फिलहाल शनिवार को भी कर्मचारियों का सैंपल लिया जाएगा।
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प्रयागराज में एक ही परिवार के चार लोगों की धारदार हथियार से हत्या, एक की हालत नाजुक

prayagraj news: कैबिनेट मंत्री मोती सिंह।

पूर्व सांसद अतीक अहमद का भाई एक लाख का इनामी पूर्व सपा विधायक अशरफ गिरफ्तार

अतीक अहमद के छोटे भाई और एक लाख के इनामी अशरफ को पुलिस ने शुक्त्रस्वार तड़के गिरफ्तार कर लिया। उसे पूरामुफ्ती के हटवा स्थित उसकी ससुराल से पकड़ा गया। वह तकरीबन तीन वर्षों से फरार था। उस पर शहर के सनसनीखेज राजू पाल हत्याकांड समेत 2 दर्जन से अधिक मुकदमे चल रहे हैं।

पकड़े जाने के बाद उसे कैंट थाने में रखकर घंटों पूछताछ हुई । लखनऊ से सीबीआई की टीम ने भी अशरफ से पूछताछ की। सुबह अशरफ की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में उसके समर्थक और रिश्तेदार थाने पहुंच गए थे। उन्हें हटाने के लिए पुलिस को थाने के इर्द-गिर्द बैरिकेडिंग लगानी पड़ी।

एक लाख का इनामी अशरफ तीन वर्ष पहले भाजपा सरकार बनने के बाद से ही फरार हो गया था। क्राइम ब्रांच की टीम को सूचना मिली थी कि अशरफ हटवा स्थित अपने ससुराल में आया है। इस पर क्राइम ब्रांच ने कई थानों की फोर्स के साथ उसके ससुराल में दबिश दी।

तड़के उसे गिरफ्तार कर कैंट थाने लाया गया। यहां अधिकारियों ने उससे घंटों पूछताछ की। राजू पाल हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआई टीम को तड़के ही सूचना दे दी गई। दिन में प्रयागराज पहुंची सीबीआई टीम नेे भी अशरफ से राजू पाल हत्याकांड के बारे में पूछताछ की। फरारी के दौरान भी अशरफ के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज किए गए थे। पुलिस उन मुकदमों के बारे में भी तहकीकात कर रही है।

फरारी के बाद पुलिस ने उस पर सबसे पहले 5,000 का इनाम घोषित किया था। बाद में इनाम बढ़ते बढ़ते एक लाख तक हो गया। अक्सर उसके प्रयागराज में होने की सूचना मिलती थी। कई टीमें अशरफ की तलाश में लगी हुई थीं। उसकी तलाश में टीमों ने दिल्ली, मुबई, हरियाणा.राजस्थान और गुजरात समेत कई प्रदेशों में खोजबीन की थी।

एक लाख के इनामी अशरफ को गिरफ्तार किया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। जल्द ही विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
प्रेम प्रकाश, एडीजी, प्रयागराज जोन
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बालिका गृह में भी दो के पॉजिटिव पाए जाने से हड़कंप

राजकीय बालिका गृह की दो बालिकाओं के पॉजिटिव पाए जाने के बाद हड़कंप मच गया है। मुश्किल यह कि वहां संक्रमण कैसे पहुंचा इसकी कोई जानकारी नहीं हो पा रही है। इससे कई तरह के सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, राहत की बात इतनी जरूर है कि  सभी अंतवासियों और स्टाफ की जांच कराई गई है। दो बालिकाओं को छोड़कर अन्य सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई है।

कानपुर के बालिका गृह की अंत:वासियों के कोविड-19 का पॉजिटिव पाए जाने के बाद यहां भी सभी का टेस्ट कराने का निर्णय लिया गया। यहां खुल्दाबाद स्थित परिसर में महिला, बालिका, शिशु गृह के अलावा बाल संप्रेक्षण गृह भी है। इनमें रहने वाले सभी अंत:वासियों के साथ स्टाफ की भी जांच कराई गई। डीपीओ पंकज मिश्रा ने बताया कि 659 नमूने 28 जून को लिए गए थे।

इनमें दो बालिकाओं की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अन्य रिपोर्ट नेगेटिव हैं। उन्होंने बताया कि दोनों बालिकाएं 2018 से यहां रह रही हैं। इनमें संक्रमण का कोई लक्षण नहीं था। दोनों बालिकाओं को कोटवां एल-1 अस्पताल में भर्ती किया गया है। चिकित्सा विभाग की ओर से पूरे भवन को सैनिटाइज कराया गया है। दोनों बालिकाओं के कमरे सील कर दिए गए हैं। पंकज ने बताया कि अन्य सभी की रिपोर्ट नेगेटिव है। इसलिए अन्य सभी यहीं हैं लेकिन एक सप्ताह बाद फिर से सभी की जांच कराई जाएगी।

डीपीओ का कहना है कि परिसर में स्टाफ के अलावा किसी अन्य का प्रवेश प्रतिबंधित है। इन दिनों महिलाओं और बालिकाओं का प्रशिक्षण कार्यक्रम भी बंद है। स्टाफ आता जाता है लेकिन सभी की रिपोर्ट नेगेटिव है। ऐसे में दोनों बालिकाओं में कैसे संक्रमण कैसे पहुंचा इसे देखा जा रहा है। डीपीओ ने बताया कि जिले में एनजीओ की मदद से भी चार बालिका एवं बाल गृह संचालित किए जा रहे हैं। उनके अंत:वासियों की भी जांच कराई गई है। सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
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महंगे हो गए चाइनीज मोबाइल के पार्टस, दुकानदार दे रहे फोन बदलने की सलाह

चीन के आर्थिक बहिष्कार की मुहिम तेज होने का असर शहर के बाजार में दिखने लगा है। खासतौर से स्मार्ट फोन पर इसका असर ज्यादा देखने को मिल रहा है। बीते कुछ दिनों के दौरान चीनी कंपनी के जियोमी, रेडमी, वीवो, ओप्पो आदि कंपनी के मोबाइल की बिक्री जहां एक ओर कम हुई है तो वहीं इन फोन के पार्ट्स महंगे हो गए हैं। इससे मरम्मत कराने में लोगों की जेब पर खासा असर पड़ रहा है। आलम ये है कि तमाम दुकानदार इन फोन की मरम्मत की बजाय उसे बदलने की सलाह ग्राहकों को दे रहे हैं।

 राजरूपपुर के अनिकेत श्रीवास्तव का ही उदाहरण लें। वह पिछले दो वर्ष ओप्पो का फोन इस्तेमाल कर रहे हैं। इस बीच फोन के अंदर पानी चले जाने से उसका डिस्प्ले खराब हो गया है। कुछ अन्य पार्ट्स भी खराब हो गए। वह मरम्मत के लिए इंदिरा भवन पहुंचे तो वहां फोन देखने के बाद उसे ठीक करने का कुल खर्च 4800 रुपये बताया गया। जबकि अनिकेत ने जब फोन लिया था तब उसकी कीमत 9800 रुपये थी।

दरअसल चाइना के खिलाफ चल रही मुहिम की वजह से वहां की कंपनियों के मोबाइल पार्ट्स इन दिनों मुश्किल से ही शहर के बाजार में पहुंच पा रहे हैँ। तमाम पार्ट्स के रेट दो से तीन गुना तक बढ़ गए हैं।

मेमोरी कार्ड, बैटरी, स्पीकर आदि सभी के बढ़ गए दाम

शहर में चाइनीज कंपनियों के मोबाइल के पार्टस दिल्ली से ही दुकानदार खरीद कर लाते हैं। कोविड-19 की वजह से दुकानदार जहां दिल्ली जाने से कतरा रहे हैं तो वहीं भारत-चीन सीमा विवाद की वजह से दिल्ली से आने वाले माल पर भी तकरीबन ब्रेक लग गया है। लक्ष्मण मार्केट के अरविंद शर्मा ने बताया कि चीन से आने वाले पार्टस नहीं आ पा रहे हैं। इस वजह से उनकी कमी बनी हुई है।

दिल्ली में जिन दुकानदारों के पास पार्टस बचे हैं, वह ज्यादा दाम में उसे बेच रहे हैं। अरविंद ने कहा कि मेमारी कार्ड का दाम 100 से 300 रुपये तक बढ़ा है। इसी तरह मोबाइल बैटरी के दाम में भी 500 रुपये तक का इजाफा हुआ है। डिस्प्ले भी महंगा हुआ है। चार्जर, आईशी आदि के दाम में भी एकाएक तेजी आई है।

मोबाइल रिपेयर की दुकान चला रहे दीपक केसरवानी ने बताया कि रिपेयरिंग का सामन दो से तीन गुना तक महंगा हुआ है। पहले जो फोल्डर 600 से 800 में आता था वह अब 1200 से 1500 तक में पहुंच गया है। टैंपर्ड ग्लास, ईयर फोन, कवर ग्लास, डेटा केबल आदि सभी के दाम इधर बढ़े हैं। 

मेड इन चाइना की जगह लिख रहे अब मेड इन पीआरसी

चीनी कंपनियों के बढ़ रहे विरोध के बीच वहां की कंपनियों ने अपना पैतरा बदल दिया है। अब चीन में निर्मित सामानों पर मेड इन चाइना की जगह मेड इन पीआरसी (पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना) लिखना शुरू कर दिया है। ताकि लोगों को यह पता न चल सके कि उत्पाद चीन में बना हुआ है।

मोबाइल विक्रेता पवन ने बताया कि दिल्ली के बाजार में पीआरसी लिखे उत्पाद आ गए हैं। प्रयागराज में अभी मेड इन पीआरसी के ज्यादा उत्पाद नहीं आए हैं, लेकिन यह तय कि अगर दिल्ली में माल आ चुका है तो आने वाले दिनों में मेड इन पीआरसी लिखे हुए उत्पाद यहां के बाजार में भी दिख सकते हैं।
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UNLOCK 2.0: रात 10 बजे तक खुलेंगी दुकानें, जानें और क्या हैं छूट

जिला प्रशासन ने अनलाक-2 के अंतर्गत गाइडलाइन बृहस्पतिवार को जारी कर दी। यह 31 जुलाई तक प्रभावी रहेगा। एक-दो बिंदुओं को छोड़कर अनलाक-2 में अनलाक-1 के प्रावधान ही लागू किए गए हैं।

गाइडलाइन के अनुसार रात 10 से पांच सुबह पांच बजे के घरों से निकलना प्रतिबंधित रहेगा। आवश्यक कार्य से ही बाहर निकलने की अनुमति होगी। इस तरह से सुबह पांच से रात 10 बजे तक आवागमन सामान्य रहेगा। दुकानें रात 10 बजे तक खोली जा सकेंगी लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर जारी निर्देशों का पालन करना होगा।

अनलाक-2 में भी शहरी क्षेत्र में साप्ताहिक मंडिया नहीं लगेंगी। मुख्य सब्जी मंडियों के खोलने का समय अनलाक-1 की तरह ही रहेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में जो गांव कंटनमेंट जोन में हाेंगे वहां अन्य प्रतिबंध तो लागू होंगे लेकिन खेती की अनुमति होगी। इसके लिए ट्रैक्टर तथा अन्य कृषि उपकरण भी मंगाए जा सकेंगे।
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