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कार्य बाधा एवं परेशानियों को दूर करने हेतु कामाख्या शक्तिपीठ में कराएं बगलामुखी विशिष्ट पूजा
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गाजियाबाद की भोवापुर बस्ती में ध्वस्तीकरण पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक, जीडीए से पुनर्वास योजना पर मांगा जवाब

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजियाबाद, कौशाम्बी में रैडीसन ब्लू होटल के पीछे भोवापुर श्रमिक बस्ती के लोगों को राहत देते हुए बस्ती के ध्वस्तीकरण पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। कोर्ट ने गाजियाबाद विकास प्राधिकरण से इनके पूर्ण पुनर्वास योजना के साथ जवाब मांगा है। साथ ही कोर्ट ने बस्ती के लोगों को बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के लिए भी कहा है। याचिका की अगली सुनवाई 18 नवंबर को होगी। 

देवपाल की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर तथा न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की खंडपीठ का कहना था कि दुनिया भर में कोरोना महामारी फैली है, ऐसे में सभी वर्गों, खास कर कमजोर वर्ग की सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। कोर्ट ने कहा है कि जिन लोगों के आवास ध्वस्त किए गए हैं, जिला प्रशासन उनके लिए अस्थायी आवास का इंतजाम करे।

जीडीए भोवापुर बस्ती के लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पुनर्वास योजना पर विचार करे। तब तक बस्ती के लोगों को मूलभूत सुविधाएं बिजली, पानी, चिकित्सा आदि मुहैया कराई जाए। भोवापुर बस्ती में देश के विभिन्न हस्सों से रोजगार के लिए आने वाले श्रमिकों की बस्ती है। यह बस्ती विकास प्राधिकरण के गठन के समय 1990 से ही अस्तित्व में आ गई थी। उनके पुनर्वास की व्यवस्था किए बगैर ध्वस्तीकरण किया जा रहा है। याची का कहना है कि अभी तक 150 आवास ध्वस्त किए जा चुके हैं। लोग आसमान के नीचे रह रहे हैं।

जीडीए का कहना है कि अतिक्रमण कर अवैध बस्ती बनाई गई है। हाईकोर्ट ने ही सालिड बेस्ट डिस्पोजल यूनिट स्थापित करने के लिए कार्रवाई का निर्देश दिया है, जिसके तहत ध्वस्तीकरण किया जा रहा है। कोर्ट ने कहा कि पुनर्वास की वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना श्रमिकों को बेदखल करना सही नहीं है। कोर्ट ने प्राधिकरण से पूरी योजना तैयार कर दाखिल करने का निर्देश दिया है।
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पुलिस भर्ती 2018 :  पुरुष के प्रवेश पत्र पर महिला का फोटो, हाईकोर्ट ने मंगाया मूल प्रवेश पत्र

पुलिस कांस्टेबल 2018 में अनियमितता को लेकर दाखिल याचिका में सुनवाई के दौरान के दौरान पुरुष अभ्यर्थी के प्रवेश पत्र पर महिला का फोटो लगाए जाने की बात सामने आने पर मूल प्रवेश पत्र तलब कर लिए हैं। फोटो मैच न करने के कारण अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल करने से इंकार करने के खिलाफ दाखिल याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल ने दिया। हरिकेश यादव और सात अन्य ने इस मामले में याचिका दाखिल की है। 

याचीगण का कहना था कि उनको फोटो का मिलान न होने के कारण शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल होने से रोक दिया गया जबकि पुरूष के प्रवेश पत्र पर महिला का फोटो था। एक अन्य मामले में अभ्यर्थी ने फोटो लगाया ही नहीं था। उसका फोटो भी मिस मैच कर गया।   सरकार की तरफ से कहा गया कि याचियों के आवेदन में लगी फोटो उनके शारीरिक दक्षता परीक्षा में आने पर मैच नहीं कर रही ।इसलिए उन्हे रोक दिया गया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को नौ नवंबर तक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।

यह आदेश न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल ने हरिकेश यादव व सात अन्य की याचिका पर दिया है ।याचियों का कहना है  कि लिखित परीक्षा में सफल होने के बाद शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए बुलाया गया। किन्तु उन्हे परीक्षित करने से यह कहते हुए इंकार कर दिया गया कि उनके फोटोग्राफ उनसे नहीं मिल रहे हैं।
इसके जवाब में याचियों का कहना है कि एक अभ्यर्थी काजल शर्मा ने फोटोग्राफ लगाया नहीं है, जबकि एक अन्य अभ्यर्थी सूरज गौड़ के प्रवेश पत्र पर महिला का फोटो लगा था। सरकारी अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि याचियों का अंगूठा निशान भी नहीं मिल रहा है।कोर्ट ने दो याचियों के प्रवेश पत्र नमूने के तौर पर जमा करने का निर्देश दिया है ।
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आईटी एक्ट की धारा 66 ए में मुकदमे क्यों दर्ज कर रही पुलिस

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से पूछा है कि सूचना प्रौद्योगिकी अधनियम 2000 की धारा 66 ए को सुप्रीमकोर्ट द्वारा असंविधानिक घोषित करने के बाद भी यूपी पुलिस इस धारा में मुकदमे क्यों दर्ज कर रही है। कोर्ट ने कहा कि सर्वोच्च अदालत के स्पष्ट निर्देश के बावजूद इसका पालन क्यों नहीं किया जा रहा है। अदालत ने चार सप्ताह में दोनों अधिकारियों को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। औरैया के हरिओम की याचिका पर न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति समित गोपाल की पीठ सुनवाई कर रही है। 

याची के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि याची के खिलाफ बेला थाने में आईटी एक्ट की धारा 66 ए और 506 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। जबकि धारा 66 ए को सुप्रीमकोर्ट ने श्रेया सिंघल केस में असंविधानिक घोषित कर दिया है। तथा इस धारा के तहत मुकदमे दर्ज न करने का निर्देश दिया है। इतना ही नहीं बाद में पीपुल्य यूनियन ऑफ सिविल लिबर्टी बनाम यूनियन ऑफ इंडिया के केस में कोर्ट ने श्रेया सिंघल केस का आदेश देश के सभी उच्च न्यायालयों, जिला न्यायालयों और सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को भेजने का निर्देश दिया था ताकि आदेश का सभी राज्यों में पालन किया जा सके। 

सुप्रीमकोर्ट के इस स्पष्ठ निर्देश के बावजूद प्रदेश में आईटी एक्ट की धारा 66 ए में मुकदमे दर्ज हो रहे हैं। हाइ्रकोर्ट ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए महानिबंधक को आदेश दिया है कि उनके आदेश के प्रति मुख्य सचिव और डीजीपी को भेजी जाए तथा दोनों अधिकारी व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर बताएं कि सुप्रीमकोर्ट के निर्देश का पालन क्यों नहीं किया जा रहा है। कोर्ट ने याची के खिलाफ दर्ज मुकदमे की जांच और उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
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नैनी में भू माफिया पप्पू गंजिया के आलीशान फार्म हाउस को पीडीए ने किया ध्वस्त

Prayagraj News : नैनी में भू माफिया और हिस्ट्रीशीटर पप्पू गंजिया का मकान गिराने के लिए जुटी फोर्स। Prayagraj News : नैनी में भू माफिया और हिस्ट्रीशीटर पप्पू गंजिया का मकान गिराने के लिए जुटी फोर्स।

कोरोना को लेकर हाईकोर्ट सख्त, प्रयागराज सहित यूपी के पांच जिलों में लागू किया यह आदेश

UPPSC NEWS: पीसीएस-2020 में पदों की संख्या बढ़ाने की तैयारी

सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (पीसीएस) परीक्षा-2020 और सहायक वन संरक्षक (एसीएफ)/क्षेत्रीय वन अधिकारी (आरएफओ)-2020 के तहत होने वाली भर्ती में पदों की संख्या में बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने कवायद तेज कर दी है। इस बाबत आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रभात कुमार ने मुख्य सचिव को पत्र भेजकर विभिन्न विभागों में रिक्त पड़े पदों का अधियाचन मांगा है। आयोग अध्यक्ष ने 31 अक्तूबर तक की तिथि नियत की है।
 
पीसीएस-2020 और एसीएफ/आरएफओ-2020 का जब विज्ञापन जारी किया गया था, तब तक आयोग को पीसीएस के 200 पदों का अधियाचन मिला था और एसीएफ/आरएफओ के किसी पद का अधियाचन नहीं प्राप्त नहीं हुआ था। पीसीएस-2020 और एसीएफ/आएफओ-2020 की 11 अक्तूबर को हुई प्रारंभिक परीक्षा से पहले आयोग को शासन से 64 नए पदों का अधियाचन भी मिल गया, जिसमें 54 पद पीसीएस और 12 पद एसीएफ/आरएफओ के हैं।

इस तरह पीसीएस के अब 254 और एसीएफ/आरअरएफओ के 12 पद हैं। आयोग की मंशा है कि विभिन्न विभागों में रिक्त पड़े अन्य पदों को भी पीसीएस और एसीएफ/आरएफओ में शामिल कर लिया जाए। नियमों के तहत प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित होने तक जितने नए पदों का अधियाचन आयोग को मिलता है, उन्हें संबंधित भर्ती में शामिल किए जाने का प्रावधान है।
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फूलपुर गैंगरेप पीड़िता के परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराए पुलिस : इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फूलपुर की गैंगरेप पीड़िता और उसके परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने का एसएसपी प्रयागराज को निर्देश दिया है। साथ ही कोर्ट ने एसएसपी को इस मामले की विवेचना की निगरानी स्वयं करने और लापरवाह पुलिस अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि हर आपराधिक घटना खासतौर पर महिलाओं व बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों की प्राथमिकी तत्काल दर्ज की जाए।

कोर्ट ने कहा है कि जिन पुलिस अधिकारियों ने पीड़िता की तीन माह तक शिकायत नहीं दर्ज की और अब विवेचना में लापरवाही कर रहे हैं, उनकी जवाब देही तय कर कड़ी कार्रवाई की जाए। दुष्कर्म पीड़िता की अर्जी पर न्यायमूर्ति शशिकांत गुप्ता तथा न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की खंडपीठ सुनवाई कर रही है। 

याचिका पर अधिवक्ता अनिल कुमार मिश्र, अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल व स्थायी अधिवक्ता बीपी सिंह कछवाहा ने पक्ष रखा। पीड़िता की मां ने हाईकोर्ट में अर्जी देकर कहा था कि पुलिस ने पीड़िता को थाने में रखा है और परिवार के लोगों को मिलने नहीं दे रही है। इस पर कोर्ट ने पीड़िता को अदालत में पेश करने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस ने पीड़िता को अदालत के समक्ष पेश किया। कोर्ट ने  एसएसपी प्रयागराज व एसएचओ फूलपुर को भी तलब किया था। एसएसपी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी ने हलफनामा दाखिल कर कहा कि पीड़िता की मां द्वारा लगाए गए आरोप सही नहीं है। 

कोर्ट ने जब पीड़िता से पूछा तो उसने भी पुलिस द्वारा किसी भी प्रताड़ना से इंकार किया। कोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है कि पीड़िता की मां ने गलत हलफनामा दाखिल किया है। मगर चूंकि वह गरीब और अशिक्षित है इसलिए अदालत उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेगी। कोर्ट ने पीड़िता की मां को भविष्य में ऐसा नहीं करने की चेतावनी दी है। 

एसएसपी ने बताया कि दरोगा प्रमोद कुमार ने संपत्ति के विवाद की रिपोर्ट दी, रेप पर जांच नहीं की तो एसएचओ बृजेश कुमार व दारोगा प्रमोद कुमार को निलंबित कर दिया गया है और पुलिस लाइन से संबद्ध कर दिया गया है। विभागीय जांच की जा रही है। एएसपी सोरांव जांच करेंगे। एक हफ्ते में रिपोर्ट मांगी गई है। लापरवाही बरतने का दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट ने याचिका निस्तारित कर दी है ।
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रामपुर की स्वार विधानसभा सीट पर उपचुनाव कराने का हाईकोर्ट ने दिया निर्देश

इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रामपुर की स्वार विधान सभा का चुनाव कराने का आदेश दिया है। यह सीट यहां के विधायक अब्दुल्ला आजम का निर्वाचन हाईकोर्ट द्वारा रद्द किए जाने की वजह से रिक्त हो गई है। नगर पालिका परिषद स्वार के पूर्व अध्यक्ष  शफीक अहमद द्वारा दाखिल याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति शशिकांत गुप्ता और न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की खंडपीठ ने दिया। 

याची के अधिवक्ता विक्रांत पांडेय के मुताबिक स्वार विधान की सीट का चुनाव इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 16 दिसंबर 2019 को रद्द कर दिया था। क्योंकि वहां के निर्वाचित निर्वाचित विधायक अब्दुल्ला खान ने गलत जन्मतिथि प्रमाणपत्र के आधार पर चुनाव लड़ा था। वर्तमान में यूपी की सात रिक्त सीटों पर उपचुनाव हो रहा है।

मगर स्वार विधान सभा को लेकर कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है। अधिवक्ता का कहना था कि जनप्रितिनधित्व कानून के तहत  विधानसभा की सीट छह माह से अधिवक्ता रिक्त नहीं रखी जा सकती है, इसलिए स्वार की रिक्त सीट पर भी चुनाव कराया जाए। चुनाव आयोग की ओर से इस पर आपत्ति की गई कि हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीमकोर्ट में अपील लंबित है। दूसरे याची ने चुनाव आयोग को कोई प्रत्यावेदन नहीं दिया है इसलिए याचिका पोषणीय नहीं है।
 
याची के अधिवक्ता ने इसका विरोध करते हुए कहा कि सुप्रीमकोर्ट द्वारा कोई स्थगन आदेश पारित नहीं है। हाईकोर्ट को इस मामले में सीधे सुनवाई कर आदेश पारित करने का अनुच्छेद 226 में अधिकार है। राज्य सरकार का कहना था कि चुनाव अधिसूचना जारी करना निर्वाचन आयोग का काम है। राज्य सरकार स्वार सीट को रिक्त घोषित कर चुकी है। इसके बाद कोर्ट ने स्वार विधान सभा चुनाव के लिए अधिसूचना जारी करने का आदेश दिया है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंध में और धार्मिक सद्भाव को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणियां करने के आरोपी आगरा के अशद खान को राहत देने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने इस मामले में दर्ज प्राथमिकी में हस्तक्षेप करने से मना करते हुए याचिका खारिज कर दी है। अशद खान ने प्राथमिकी को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याचिका पर न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति समित गोपाल की पीठ ने सुनवाई की। 

याची के खिलाफ आगरा के सचेंद्र शर्मा ने जगदीशपुरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोप है कि उसने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री को लेकर आपत्ति जनक टिप्पणियों को न सिर्फ लाइक और शेयर किया बल्कि कमेंट भी किए। इन टिप्पणियों में दो समुदायों के बीच शत्रुता बढ़ाने, साम्प्रदायिक सौहार्द्र को बिगाड़ने, राष्ट्रीय एकता और अखंडता पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले कथन किए गए हैं। इसके लिए उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 153 ए और बी तथा 505 (1) (बी) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। 

याची का कहना था कि वह छात्र है और उसे झूठे आरोपों में फंसाया गया है। उसने कोई अपराध नहीं किया है। सिर्फ फेसबुक पर कुछ टिप्पणियों को लाइक किया है। याचिका का विरोध कर रहे शिकायतकर्ता के वकील बाल कृष्ण पांडेय और अपर शासकीय अधिवक्ता प्रथम एके संड ने कहा कि याची ने न सिर्फ पोस्ट लाइक किए हैं बल्कि आपत्ति जनक कमेंट और शेयर भी किए हैं।

कोर्ट में सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों के रिकार्ड भी पेश किए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने कहा कि इस मामले में प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध किया जाना दिखाई दे रहा है। याचिका पर हस्तक्षेप करने और राहत देने का कोई औचित्य नहीं है। कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है।
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मांडा में युवक की गला रेतकर हत्या, आक्रोशित ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर किया चक्काजाम

मांडा के खवास का तारा बाजार में बुधवार की रात दुकान के बाहर सो रहे बाइक मिस्त्री विजय राज बिंद की गला रेतकर हत्या कर दी गई। सुबह तीन बजे पड़ोस में रहने वाले ने देखा तो जानकारी हुई। घटना से नाराज परिजनों ने मेजा-मांडा मार्ग पर शव रखकर चक्का जाम कर दिया। मौके पर पहुंचे एडीजी और डीआईजी ने लोगों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। करीब पांच घंटे बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। पुलिस प्रेम-प्रसंग समेत कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। 

 मांडा के कटका गांव निवासी रामदेव बिंद ने घर से एक किलोमीटर दूर खवास का तारा बाजार में मकान बनवाकर उसमें साइकिल व बाइक रिपेयरिंग की दुकान खोली है। मझला बेटा विजयराज (22) बुधवार की रात बाइक रिपेयरिंग की दुकान के बाहर चारपाई डालकर सो रहा था। तीन बजे भोर बगल में ही मिठाई के दुकान पर काम करने वाला नौकर उठा तो देखा कि विजय राज जमीन पर पड़ा है। आसपास खून पसरा था।  उसने मालिक श्रवण से बताया तो उसने विजय के परिवार वालों को सूचना दी। सभी भागते हुए घटनास्थल पहुंचे। करीब चार बजे पुलिस को बताया गया।

मौके पर डाग स्क्वायड और फोरेंसिक टीम भी पहुंच गई। विजय की गला रेतकर हत्या की गई थी। गले में धारदार हथियार के निशान थे। घर में हाहाकार मचा था। जब तमाम रिश्तेदार पहुंचे तो नाराज परिजनों ने शव को मांडा-मेजा मार्ग पर रखकर चक्काजाम कर दिया। परिजन आलाधिकारियों को मौके पर बुलाने और कातिलों के पकड़े जाने की मांग कर रहे थे।

एसपी यमुनापार चक्रेश मिश्रा, एसडीएम मेजा रेनू सिंह और सीओ मेजा समेत कई थानों की फोर्स ने समझाने का प्रयास किया लेकिन एडीजी प्रेम प्रकाश और डीआईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी के आने के बाद ही परिजन माने। फिलहाल अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। परिजनों ने कुछ लोगों पर शक जताया है। पुलिस उसी के अनुसार काम कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक प्रेम प्रसंग समेत कई बिंदुओं पर जांच चल रही है। पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। एक दो दिन में खुलासा हो जाएगा।
  • घर वालों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। पुलिस को सुराग मिले हैं, उन्हीं बिंदुओं पर काम हो रहा है। -सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी, डीआईजी प्रयागराज
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 जीआईसी के 3317 एलटी ग्रेड शिक्षकों को आज मिलेगा नियुक्त पत्र

राजकीय माध्यमिक विद्यालयों (जीआईसी) के 3317 सहायक अध्यापकों (एलटी ग्रेड) को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नियुक्ति पत्र जारी करेंगे। शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास पर होने वाले नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री के एक क्लिक पर सभी चयनित शिक्षकों के मोबाइल पर नियुक्ति पत्र उपलब्ध हो जाएगा। माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित पदस्थापन एवं नियुक्ति वत्र वितरण समारोह में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी शामिल होंगी।

एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के लिए परीक्षा का आयोजन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने किया। परीक्षा परिणाम को लेकर लंबी लड़ाई के बाद कोर्ट के हस्तक्षेप पर एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा का परिणाम जारी किया गया। प्रमाण पत्रों के सत्यापन के बाद शिक्षा निदेशालय से स्कूलों के विकल्प लेने के बाद अब प्रदेश के मुख्यमंत्री चयनित शिक्षकों को नियुक्ति पत्र बांटने जा रहे हैं। एलटी ग्रेड शिक्षक कला की अर्हता को लेकर कुछ विवाद के बाद प्रमाण पत्रों के सत्यापन एवं शिक्षा निदेशालय से विकल्प भरे जाने में देरी के चलते उसके चयनित शिक्षकों को बाद में नियुक्ति पत्र का वितरण होगा।

एलटी ग्रेड हिंदी एवं सामाजिक विज्ञान के परिणाम को लेकर प्रतियोगी छात्रों ने लंबा संघर्ष किया, इसके बाद परिणाम घोषित किया गया। अब इन विषयों का सत्यापन पूरा होने और विद्यालयों का विकल्प लेने के बाद निॉुक्ति दी जाएगी। एलटी ग्रेड सामाजिक विज्ञान एवं हिंदी को लेकर लंबा संघर्ष करने वाले विक्की खान ने नियुक्ति पत्र पाने जा रहे चयनित शिक्षकों को बधाई दी है।
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