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नवरात्र में कराएं कामाख्या बगलामुखी कवच का पाठ व हवन, पाएं कर्ज मुक्ति एवं शत्रुओं से छुटकारा
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Coronavirus in UP Live Updates: 27 लाख मनरेगा मजदूरों के खाते में भेजे गए 611 करोड़ रुपये

शासन और प्रशासन संक्रमण के चेन को तोड़ने के लिए लगातार कोशिश कर रहा है। लोगों से भी हर वक्त घरों में रहने की अपील की जा रही है।

30 मार्च 2020

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अम्बेडकरनगर

सोमवार, 30 मार्च 2020

विद्युत शार्ट सर्किट से घर में लगी आग, दो लाख का सामान खाक

राजेसुल्तानपुर। बिजली की शार्ट सर्किट से रविवार सुबह लगी आग से एक घर का सारा सामान राख हो गया। इससे पीड़ित को करीब दो लाख का नुकसान हुआ है। अनाज, कपड़े सहित अन्य जरूरी सामान नष्ट हो गए। पीड़ित ने जिला प्रशासन से आर्थिक मदद दिलाने की मांग की है।
जहांगीरगंज थाना क्षेत्र के जल्लापुर गांव निवासी हरीराम मिश्र के घर रविवार सुबह उस समय चीखपुकार मच गई जब परिवारीजनों ने घर से तेज धुआं का गुबार उठता देखा। परिवारीजनों की चीखपुकार पर ग्रामीण जब तक मौके पर पहुंचे, आग विकराल रूप ले चुकी थी। ग्रामीणों ने किसी तरह घर की विद्युत आपूर्ति बाधित की। इसके बाद आग बुझाने का प्रयास शुरू किया।
करीब एक घंटे की कड़ी मेहनत के बाद ग्रामीणों ने आग पर काबू पा लिया। हालांकि तब तक हरीराम मिश्र को करीब दो लाख रुपये की चपत लग चुकी थी। आग की इस विभीषिका में अनाज, कपड़े व जरूरी सामान नष्ट हो गए। पीड़ित ने जिला प्रशासन से आर्थिक मदद दिलाने की मांग की है।
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कोरोना से बचने के लिए ऑनलाइन विद्युत बिल भुगतान का आह्वान

विद्युतनगर। कोराना वायरस को देखते हुए राष्ट्रहित में समस्त विद्युत उपभोक्ताओं को बिल का भुगतान ऑनाइलान करने पर जोर देना चाहिए। यह अपील विद्युत वितरण खंड टांडा के अधिशाषी अभियंता एके सिंह ने की। कहा कि ऑनलाइन भुगतान न सिर्फ सहज प्रणाली है बल्कि यह कोरोना वायरस रूपी संकट से बचने का बेहतर उपाय भी है। उन्होंने उपभोक्ताओं से कार्यालय आने के बजाए घर में बैठकर बिल का भुगतान करने का सुझाव दिया है।
दो दिन पहले अधिशाषी अभियंता एके सिंह ने उपभोक्ताओं को संबोधित एक पत्र जारी किया। इसमें देश में फैल रहे कोरोना वायरस के संक्रमण से निपटने में सहयोग का आह्वान किया। कहा कि 4 किलोवॉट विद्युत भार वाले घरेलू उपभोक्ताओं एवं निजी नलकूप उपभोक्ताओं के लिए ब्याज माफी योजना शासन द्वारा लागू की गई है। इसकी अंतिम तिथि 31 मार्च है।
कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए राष्ट्रहित में टांडा क्षेत्र के सभी उपभोक्ता ऑनलाइन विद्युत बिल भुगतान पर जोर दें। कार्यालय काउंटर पर लाइन में खड़े होने से बेहतर होगा कि घर बैठे ऑनलाइन विद्युत बिल का भुगतान करें। बताया कि उपभोक्ता ऑनलाइन पेमेंट करने के लिए पहले यूपीपीसीएलऑनलाइन डॉट कॉम वेबसाइट पर जाएं।
बिल पे पर क्लिक करें, अपने बिल पर छपे एकाउंट नंबर, कैप्चा कोड दर्ज करने के बाद पे नाऊ पर क्लिक करें। क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग आदि से भुगतान आसानी से किया जा सकता है। इससे न सिर्फ कार्यालय में अनावश्यक लगने वाली भीड़ रुकेगी बल्कि उपभोक्ता सुरक्षित रहकर अपने बिजली बिल का भुगतान भी कर सकेंगे।
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आज जिले में जनता कर्फ्यू

अंबेडकरनगर। कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए जनता कर्फ्यू को लेकर एक दिन पहले ही जिले में तैयारियां पूरी नजर आईं। 22 मार्च को जनता कर्फ्यू शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक पूरी तरह सफल नजर आने की उम्मीद है। इसके लिए प्रशासन ने सभी जरूरी इंतजाम किए हैं। शहरी व ग्रामीण सभी इलाकों में अधिकारियों की टीम लगातार जायजा लेगी। इससे पहले व्यापारियों से लेकर विभिन्न प्रकार के कारोबारियों तथा निजी कार्यालयों के संचालकों ने तय किया कि वे सब अपने-अपने प्रतिष्ठान व कार्यालय रविवार को पूरी तरह बंद रखेंगे।
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए शुरू की गई मुहिम अब परवान चढ़ने लगी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 22 मार्च के लिए किए गए जनता कर्फ्यू के आह्वान को देखते हुए जिले में सभी तैयारियां एक दिन पहले ही पूरी होती दिखीं। जिला प्रशासन ने शुक्रवार को ही आदेश जारी कर सभी सरकारी अस्पतालों में सामान्य इलाज को तत्काल प्रभाव से रोक दिया था। इसके साथ ही राजस्व न्यायालयों में भी सभी कार्य दो अप्रैल तक स्थगित करते हुए सभी जिला स्तरीय, तहसील स्तरीय व ब्लॉक स्तरीय कार्यालयों में भी अघोषित अवकाश लागू कर दिया था। इस बीच राज्य सरकार द्वारा राजकीय बसों का संचालन 22 मार्च को स्थगित रखने व रेल मंत्रालय द्वारा तमाम ट्रेनों का संचालन रोक दिए जाने का असर भी एक दिन पहले ही देखने को मिला।
जिला मुख्यालय की सड़कें ग्राहकों, स्थानीय नागरिकों व यात्रियों की कम आवक के चलते सन्नाटे में डूबी दिखाई पड़ी। अकबरपुर नगर की मुख्य मार्केट शहजादपुर में पूरे दिन सन्नाटे का माहौल रहा। सराफा व्यवसाई वीरेंद्र सेठ ने कहा कि जनता कर्फ्यू के एक दिन पहले ही यहां जनता कर्फ्यू जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। निश्चित रूप से हम सब रविवार को अपने प्रतिष्ठान बंद कर जनता कर्फ्यू का समर्थन करेंगे। वस्त्र व्यवसाई भरत काबरा ने कहा कि संपूर्ण जनमानस जनता कर्फ्यू के समर्थन में है। बताया कि मैंने परिवार के सदस्यों व कर्मचारियों के साथ मिलकर तय किया है कि प्रतिष्ठान रविवार को पूरी तरह बंद रहेगा।
इसके एवज में कर्मचारियों का कोई मानदेय नहीं काटा जाएगा। इस बीच इसी तरह का जज्बा अन्य व्यापारियों तथा प्रतिष्ठान संचालकों ने भी दिखाया है। उधर, जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन ने जनता कर्फ्यू के दौरान पर्याप्त सतर्कता बरतने की तैयारी की है। डीएम राकेश कुमार मिश्र ने बताया कि जनता कर्फ्यू के दौरान अधिकारियों व कर्मचारियों की टीम लगातार क्षेत्र में भ्रमण करती रहेगी। सभी स्थिति पर पूरी तरह नजर रखी जाएगी। आम जनता को सिर्फ घरों में रहकर अपना सहयोग करना है। एसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि जनता कर्फ्यू में सुरक्षा के सभी जरूरी इंतजाम कर लिए गए हैं। सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस कर्मियों की विशेष ड्यूटी लगा दी गई है।
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जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में हुई 30 लोगों की जांच

अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल में शनिवार को पहुंचे 15 से अधिक मरीजों का इमरजेंसी में तैनात चिकित्सकों ने इलाज किया। साथ ही जिला अस्पताल परिसर स्थित मातृ शिशु विंग में तैयार किए गए 12 बेड के एक आइसोलेशन वार्ड में 30 से अधिक नागरिकों की जांच की गई। जांच के बाद सभी को घर भेज दिया गया।
लॉकडाउन के बीच जिला अस्पताल में मरीजों के आने की संख्या अब कम होने लगी है। शनिवार को 15 मरीज इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचे। इनमें ज्यादातर सामान्य बीमारी से ग्रस्त थे। इमरजेंसी में तैनात डॉ. आरके सिंह व डॉ. योगेश ने आने वाले सभी मरीजों का समुचित इलाज किया। दवा काउंटर बंद होने के चलते मरीजों को बाहर से ही दवा लेने को मजबूर होना पड़ा। उधर दूसरे प्रांतों से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आने वाले नागरिकों की जांच जिला अस्पताल परिसर में स्थित मातृ शिशु विंग में बनाए गए 12 बेड के आइसोलेशन वार्ड में जांच भी की जा रही है।
शनिवार को ऐसे 30 से अधिक नागरिक जिला अस्पताल स्थित संबंध वार्ड में जांच के लिए पहुंचे। डॉ. आशुतोष व डॉ. मनोज शुक्ला ने ऐसे नागरिकों की गहनता से जांच की। सभी का तापमान नापा गया। इसके बाद सभी को वापस घर भेज दिया गया। डॉ. आशुतोष ने बताया कि दूसरे प्रांतों से आने वाले नागरिकों की जांच की जा रही है। उन्होंने ऐसे नागरिकों से आह्वान किया वे दूसरे प्रांत से आने के बाद पहले खुद की जांच जरूर करा लें।
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बेहाल यात्रियों को लेकर प्रशासन उदासीन, लोगों ने दिखाई दरियादिली

अंबेडकरनगर। लॉक डाउन के चलते देश की राजधानी दिल्ली समेत विभिन्न महानगरों व शहरों से चलकर अपने घरों को जा रहे बड़ी तादाद में नागरिक शनिवार को भी जिला मुख्यालय पहुंचे। यह सिलसिला एक दिन पहले शुक्रवार को भी जारी था। इसके बावजूद जिले में कहीं भी इनके ठहरने या फिर सरकारी वाहनों का प्रबंध कर गंतव्य तक पहुंचाने का प्रयास नहीं किया गया। इन नागरिकों में से ज्यादातर या तो मजदूर या फिर छोटी नौकरी करने वाले कर्मचारी शामिल थे। इनमें से कुछ लोगों के लिए पुलिस ने लंच पैकेट जरूर उपलब्ध कराया, लेकिन उससे बड़ा दिल दिखाया जिला मुख्यालय समेत आस पास के नागरिकों ने। किसी ने भोजन कराया तो किसी ने भरपूर नाश्ते का प्रबंध।
लंबे लॉकडाउन के चलते बड़े शहरों से निकलकर अपने अपने गांव व कस्बों तक पहुंचने के लिए निकले नागरिकों के अब जिला मुख्यालय पर पहुंचने का सिलसिला शुरु हुआ है। इनमें से ज्यादातर नागरिक वे हैं जो अंबेडकरनगर से होकर अपने गंतव्य को रवाना हो रहे हैं। कोई मऊ, आजमगढ़ से चलकर बाराबंकी व सुल्तानपुर की तरफ जा रहा है तो ज्यादातर नागरिक लखनऊ से चलकर सुल्तानपुर या अयोध्या होते हुए अंबेडकरनगर पहुंच रहे हैं। इनमें लगभग सभी यात्रियों को आजमगढ़, बलिया, मऊ व जौनपुर आदि जनपदों को जाना था। यात्रियों के पहुंचने का सिलसिला एक दिन पहले शुक्रवार से ही शुरु हो गया था।
शनिवार को भी पूरे दिन यह सिलसिला चला। खास बात यह कि इन नागरिकों को ठहराने से लेकर उन्हें सरकारी बसों या सरकारी वाहनों से गतंव्य तक पहुंचाने को लेकर प्रशासन ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखायी। नतीजा यह हुआ कि यहां भी इन नागरिकों को व्यापक मुश्किलों का सामना करना पड़ा। हाल बेहाल यह यात्री कहीं सड़क के किनारे जमीन पर लेटकर थकान मिटाते दिखे तो कहीं बंद पड़ी दुकानों में। उनकी हालत व बेबसी देख प्रशासन भले ही नहीं पसीजा, लेकिन स्थानीय नागरिकों ने इन यात्रियों को हाथों हाथ लिया।
किसी ने उनके लिए भोजन का प्रबंध किया तो कोई चाय नाश्ता लेकर सेवा में जुटा रहा। बिना किसी भेदभाव व दिखावे के उनकी मदद का सिलसिला चलता रहा।पटेलनगर में मोहम्मद तालिब व आशिफ ने 50 से अधिक ऐसे यात्रियों के लिए भोजन का प्रबंध किया। उधर गाजियाबाद से चलकर पैदल ही अकबरपुर पहुंचे तीन मजदूरों को अरविन्द मिश्र ने भोजन कराया। उनके विश्राम को प्रबंध किया। इसके बाद उन्हें कुछ राशन देकर आगे भिजवाया। टांडा प्रतिनिधि के अनुसार आजमगढ़ से पैदल चलकर लखनऊ जा रहे दो मजदूरों के टांडा में पहुंचने पर उनके भूखे होने की जानकारी मिलते ही एसडीएम अभिषेक पाठक व सीओ अमर बहादुर ने निजी स्तर पर भोजन का प्रबंध कराया। जिले के अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह हाल बेहाल यात्रियों की मदद आम नागरिकों ने उन्हें भोजन व नाश्ता कराकर किया।
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लॉक डाउन के तीसरे दिन बढ़ी सख्ती, सड़कों पर सन्नाटा

अंबेडकरनगर। कोरोना संक्रमण रोकने के लिए 21 दिनों के लॉक डाउन के तीसरे दिन शुक्रवार को पुलिस का डंडा जगह-जगह चलता दिखा। इन सबके बीच लॉक डाउन पूरे जिले में प्रभावी ढंग से चला। शहरी क्षेत्रों में लगभग सभी दुकानें बंद रहीं। ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ दुकानें खुली रहने के साथ सामान्य आवागमन होता दिखा, जिस पर पुलिस ने सख्ती दिखाई। निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने पर शुक्रवार को 10 नागरिकों पर केस दर्ज हुआ। इससे पहले अब तक शुरूआती दो दिन में 21 नागरिकों पर केस दर्ज किया गया था। प्रशासन ने इस बीच चेतावनी दी है कि जो भी नागरिक मनमाने ढंग से घर के बाहर दिखेगा उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भरोसा दिलाया कि जरूरी सामानों के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। उनकी उपलब्धता तय करायी जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 21 दिन के लॉक डाउन की घोषणा का पालन कराने के लिए प्रशासन व आम जनमानस एकजुट नजर आ रहा। लॉकडाउन के तीसरे दिन शुक्रवार को अकबरपुर नगर में लॉकडाउन का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। नगर की सब्जी मंडी जरूर आबाद रही, लेकिन अन्य क्षेत्रों में पूरी तरफ सन्नाटा पसरा रहा। जहां तहां सिर्फ दवा तथा राशन की दुकानें ही खुली थीं। रेलवे स्टेशन व बस स्टेशन क्षेत्र भी सन्नाटे में गुजरा। यही स्थिति जलालपुर व टांडा नगर में भी देखने को मिली। हालांकि इससे उलट ग्रामीण क्षेत्रों में जरूर कुछ दुकानें खुली रहीं और सामान्य आवागमन भी होता दिखा। इसे पुलिसकर्मियों ने सख्ती से रुकवा दिया।
शुक्रवार को भी सुबह से ही जिले की सभी सीमाओं पर पुलिस प्रशासन ने पहरा बिठा दिया। बाहरी नागरिकों का प्रवेश पूरी तरह से रोक दिया गया। हालात का जायजा लेने के लिए गुरुवार को भी डीएम राकेश कुमार मिश्र व एसपी आलोक प्रियदर्शी ने जिले के कई क्षेत्रों का भ्रमण किया। सीडीओ अनूप श्रीवास्तव, एडीएम पंकज वर्मा व एएसपी अवनीश मिश्र भी अलग-अलग क्षेत्रों का जायजा लेते रहे। सभी एसडीएम व सीओ लगातार अपने तहसील क्षेत्रों में एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचकर लॉकडाउन का पालन कराते दिखे।
लॉकडाउन के निर्देशों का उल्लंघन करने पर अब तक 31 नागरिकों के विरुद्ध शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया गया। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में लगातार लॉकडाउन के उलघंन पर केस दर्ज कर गिरफ्तारी हो रही है। पहले दिन बुधवार को जहां 11 नागरिकों को गिरफ्तार किया गया वहीं गुरुवार को 10 नागरिक गिरफ्तार हुए। शुक्रवार को भी लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर 10 नागरिकों को गिरफ्तार कर अलग-अलग थानों में ले जाया गया जहां से उन्हें जमानत दे दी गई।
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कोरोना से बचाव के लिए ग्राम प्रधान ने गांव में लगा दिया कर्फ्यू, सभी रास्तों पर दो-दो युवक दे रहे पहरा

कोरोना वायरस से लड़ने की जंग में नई-नई तस्वीरें सामने आ रही हैं। टांडा तहसील के बिहरई ग्राम पंचायत के प्रधान ने गांव में अघोषित कर्फ्यू लगा दिया है। गांव वासियों के साथ मिलकर प्रधान ने सभी रास्तों को बांस-बल्ली लगाकर सील कर दिया है।

सभी रास्तों पर पोस्टर लगाकर दोस्तों से लेकर रिश्तेदारों तक का गांव में आना प्रतिबंधित कर दिया गया है। ग्राम प्रधान के नेतृत्व में हर रास्ते पर दो-दो युवक लाठी के साथ पहरा दे रहे हैं । ग्रामीणों ने कहा कि सभी व्यक्ति स्वस्थ व सुरक्षित रहेंगे तभी रिश्तेदारी व दोस्ती भी काम आएगी।

इस गांव में बाहरी व्यक्तियों का आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया है। गांव में आने वाले सभी रास्तों पर बाकयदा बांस बल्ली व कटीले पेड़ लगा दिए गए हैं। कोई भी बाहरी व्यक्ति गांव में प्रवेश न कर पाए, इसके लिए सभी मार्गों पर सार्वजनिक सूचना भी चस्पा कर दी गई है। दोस्तों व रिश्तेदारों तक गांव में आना प्रतिबंधित किया गया है। इसके साथ ही कोई भी ग्रामीण अनावश्यक कार्य से घर से बाहर न निकले। इसका भी प्रबंध किया गया है।

गांव में बाकायदा युवकों की ड्यूटी लगाकर निगरानी कराई जा रही है। ग्रामीणों द्वारा इसका तत्परता के साथ पालन भी किया जा रहा। बीच-बीच में ग्राम प्रधान आलोक वर्मा स्वयं इस व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं।
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जनता कर्फ्यू के बाद पटरी पर लौटा आम जनजीवन

गांव के रास्तों को इस तरह सील कर दिया गया है।
अंबेडकरनगर। जनता कर्फ्यू के बाद सोमवार को पूरे जिले में जनजीवन पटरी पर लौट आया। दुकानें फिर से खुल गईं। हालांकि उम्मीद के अनुसार बाजारों में ज्यादा भीड़ नहीं जुटी। इस बीच तमाम गणमान्य नागरिकों व अधिकारियों ने जन सामान्य से आह्वान किया है कि बाजार खुला है, लेकिन फिर भी लोग जरूरी काम से ही बाहर निकले। कोरोना के फैलने का खतर अभी टला नहीं है। इसकी चेन को तोड़ना है तो आवाजाही व मिलना-जुलना कम ही रखना है। कोरोना को हराना है और खुद को बचाना है तो यह मान कर चलें कि कफ्यू अभी जारी रखना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर रविवार को जिलेे में जनता कर्फ्यू पूरी तरह सफल रहा था। सुबह सात बजे से लेकर रात नौ बजे तक चलने वाले जनता कर्फ्यू को रविवार शाम 5 बजे शासन के निर्देश पर बढ़ा दिया गया। अधिकारियों ने बाकायदा प्रचार प्रसार कराया कि रविवार रात नौ बजे तक की बजाए अब सोमवार सुबह 6 बजे तक कफ्र्यू लागू रहेगा। नागरिकों ने इसका पूरी तरह पालन भी किया। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक सभी दुकानें पूरी तरह बंद रहीं। चाय पान तक के लिए लोग तरस गए।
इस बीच सोमवार सुबह 6 बजे के बाद से ही दुकानों के खुलने का सिलसिला शुरू हो गया। इसमें चाय नाश्ते की दुकानें मुख्य रूप से शामिल थीं। सुबह नौ बजते बजते ज्यादातर दुकान खुल गईं। हालांकि विभिन्न मॉल व होटल तब भी बंद ही रहे। पूर्वाह्न 11 बजे तक अकबरपुर नगर समेत सभी छोटी बड़ी बाजारों में चहल पहल शुरू हो गई। जरूरमंदों ने घर से निकलकर आवश्यक सामानों की खरीददारी की। राशन, सब्जी तथा अन्य खाद्य सामग्री खरीदने पर नागरिकों का जोर ज्यादा दिखा। सामान्य चहल पहल रहने से दुकानों पर भी आवाजाही रही। हालांकि उम्मीद के अनुरूप भीड़ नहीं हुई। इस बीच तमाम गणमान्य नागरिकों तथा अधिकारियों ने जनसामान्य से आह्वान किया है कि अत्यंत जरूरी कार्य से ही बाहर निकलें।
प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. आरसी गुप्त ने कहा कि एहतियात के बलबूते ही कोरोना पर अंकुश पाया जा सकता है। बहुत जरूरी काम हो, तभी घर से निकलें। ऐसा कर ही हम इस बीमारी पर लगाम लगा सकते हैं। प्रसिद्ध शिक्षाविद नरेंद्र पाण्डेय ने जोर देकर कहा कि कोई भी सामान लेने के लिए परिवार का एक सदस्य ही घर से बाहर जाए। इसे पूरी मजबूती से लागू किया जाए। सामाजिक कार्यकर्ता आशुतोष द्विवेदी व प्रमोद गुप्ता ने कहा कि सिर्फ सरकार के भरोसे हमें नहीं रहना है। खुद भी एहतियात बरतना होगा। साफ सफाई पर जोर देने के साथ ही मास्क व सेनेटाइजर का प्रयोग करना है। इस बीच डीएम राकेश कुमार मिश्र ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे सावधानी बरतें। घबराने व परेशान होने की बजाए सतर्कता पर ध्यान दें। बहुत जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें।
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सन्नाटे में डूबा अकबरपुर स्टेशन

अंबेडकरनगर। अकबरपुर रेलवे स्टेशन पर सोमवार को अंतिम ट्रेन के रूप में साबरमती डाउन एक्सप्रेस ट्रेन पहुंची। अब 31 मार्च की आधी रात के बाद ही अकबरपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन की आवाज सुनाई दे सकेगी। उधर अकबरपुर बस स्टेशन पर सोमवार को कुल 17 बसें पहुंची। उधर, विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों की जांच के लिए रविवार देर रात तक सीएमओ के नेतृत्व में स्वास्थ्य कर्मियों की टीम डटी रही। कोरोना वॉयरस के संक्रमण को बढने से रोकने के लिए 31 मार्च को आधी रात तक ट्रेनों के संचालन पर रोक लगा दी गई है। इस आदेश के बाद सोमवार सुबह 7 बजे साबरमती डाउन एक्सप्रेस ट्रेन के रूप में आखिरी ट्रेन अकबरपुर रेलवे स्टेशन पहुंची।
इसके अलावा रविवार को दून अप, दून डाउन, इंदौर पटना अप, सियालदाह डाउन, सरयू यमुना डाउन, गंगा सतलज अप ट्रेनें अकबरपुर रेलवे स्टेशन होते हुए गुजरी थीं। संबंधित ट्रेन से आने वाले यात्रियों की जांच के लिए सीएमओ डॉ. अशोक कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम रविवार मध्यरात्रि तक रेलवे स्टेशन पर मौजूद रहीं। इस दौरान एसडीएम मोईनुल इस्लाम, कोतवाली प्रभारी अमित कुमार सिंह, स्टेशन अधीक्षक जयप्रकाश मौजूद रहे। उधर, अकबरपुर बस स्टेशन पर सोमवार को कुल 17 बसें पहुंची। इसके अलावा एक बस राजेसुल्तानपुर के लिएरवाना हुई, जो कि रविवार को अकबरपुर बस स्टेशन आई थी। एआरएम कमाल अहमद खां ने बताया कि यात्रियों की जांच के लिए डॉ. परवेज जफर, डॉ. ज्योति, एएनएम ज्योति व मनोज की टीम परिसर में मौजूद रही।
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टीवी के सहारे लेते रहते पल पल जनता कर्फ्यू की खबर

अंबेडकरनगर। जनता कर्फ्यू के दौरान आम जनमानस पूरे दिन घरों में कैद रहते हए देश व दुनिया के हालात की जानकारी लेने को टीवी से चिपका रहा। जैसे ही कोरोना से संबंधित कोई नया अपडेट सामने आता, तत्काल मोबाइल उठाते और परिचितों व दोस्तों से इस पर चर्चा करते।
सतरही के गयादीन ने कहा कि वे कोरोना के संबंध में टीवी पर अपडेट देख रहे थे। इसी बीच जब पता चला कि 31 मार्च तक सभी यात्री ट्रेनों के संचालन पर पाबंदी लगा दी गई है तो उन्हें चिंता सताने लगी। दरअसल उनका भतीजा मुंबई से आ रहा था। वह उन्नाव में उतरकर अपने एक दोस्त के घर चला गया। अब जबकि ट्रेन का संचालन बंद हो गया है तो चिंता है कि वह कैसे घर आएगा। इसे देखते हुए उन्होंने तत्काल भतीजे को फोन कर कहा कि जो भी वाहन मिले, उससे घर आ जाओ क्योंकि आने वाले समय में कोरोना रोकने के लिए और भी ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।
शहजादपुर निवासी व्यवसायी रमेश सेठ ने बताया कि बंदी के कारण पूरे दिन घर पर ही रहे। अलग-अलग चक्रों में टीवी देखकर समय बिताना पड़ा। व्यवसायी वीरेंद्र सेठ ने कहा कि जरूरी कार्य के चलते थोड़ी देर के लिए अपने राइसमिल जाना चाहता था लेकिन परिवारीजनों ने रिस्क न लेने की सलाह दी। इसके बाद काफी देर तक टीवी देखने की मजबूरी बनी रही। लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता हरिकृष्ण ने पूरा दिन परिवार के साथ गुजारा। बताया कि कभी न्यूज चैनल तो कभी बच्चे के मनोरंजन के लिए कार्टून चैनल देखकर समय गुजारा।
अकबरपुर नगर के चिकित्सक डॉ. ज्ञानप्रकाश भी पत्नी व छोटे बच्चे के साथ टीवी पर देश-दुनिया का हाल जानते रहे। कहा कि जनता कर्फ्यू की सफलता ही कोरोना से निपटने में कारगर साबित होगी। महरुआ निवासी माध्यमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष अरुण सिंह परिवार के साथ टीवी के सामने डटे रहे। बताया कि चाय-नाश्ते के दौर के बीच परिवार के सभी सदस्य जनता कर्फ्यू को लेकर देश के अलग-अलग क्षेत्रों का अपडेट लेते रहे।
कई अन्य नागरिकों ने भी ऐसे ही अनुभव साझा किए। किसी ने क्रिकेट मैच की हाईलाइट देखकर समय गुजारा तो तमाम लोग ऐसे थे जिन्होंने टीवी पर मूवी देखी। परिवार के साथ अलग-अलग किस्म के धारावाहिक देखने वाले नागरिकों की तादाद भी अच्छी संख्या में रही।
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नहीं चली टैक्सी व ईरिक्शा, परेशान हुए ट्रेनों से आए यात्री

अंबेडकरनगर। जनता कर्फ्यू को देखते हुए रविवार को सरकारी व निजी बसों के साथ ही ई-रिक्शा व टैक्सियों का भी संचालन पूरी तरह ठप रहा। इससे दूसरे जनपदों व प्रांतों से ट्रेन द्वारा अकबरपुर स्टेशन पर उतरने वाले लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
अकबरपुर डिपो में मौजूद सभी 62 बसें रविवार को परिसर से बाहर नहीं निकलीं। इसके अलावा आमतौर पर प्रतिदिन जिले के विभिन्न क्षेत्रों से लखनऊ, दिल्ली, सुल्तानपुर, वाराणसी जाने वाले डेढ़ सौ से अधिक निजी वाहनों का संचालन भी रविवार को नहीं हुआ। इसके अलावा जिले के नगरीय क्षेत्रों में बड़ी संख्या में चलने वाले ई-रिक्शे भी रविवार को सड़क पर नहीं उतरे। वैन व ऑटो रिक्शा संचालक भी रविवार को घर में ही कैद रहे। इससे आमतौर पर सड़कों पर वाहनों का दबाव रविवार को नदारद रहा।
जहांगीरगंज के अमित कुमार रविवार को ट्रेन से अकबरपुर स्टेशन पहुंचे। बस स्टेशन पर काफी देर तक इंतजार करते रहे लेकिन वाहन नहीं मिला। कहा कि वाहन न होने के चलते उन्होंने फोन कर छोटे भाई को बाइक लेकर बुलाया है। वह आ जाए, तब हम जाएं। इसी प्रकार बेवाना के संतोष कुमार व सैदापुर के गुड्डू ने कहा कि टैक्सी व ई-रिक्शा का संचालन न होने पर फोन कर घरवालों को बुलाया है।
कटेहरी के यात्री पंकज यादव ने बताया कि यह उम्मीद थी कि स्टेशन पर सवारी वाहन मिल जाएगा लेकिन सन्नाटा मिला। घर पर कोई ऐसा सदस्य नहीं था जिसे फोन कर बुलाया जाए। एक दोस्त को फोन किया है, वह कुछ देर में आएगा। तब तक पैदल ही आगे बढ़ने जा रहा हूं। जाफरगंज निवासी प्रमोद कुमार का कहना था कि उन्होंने ममेरे भाई को कार के साथ बुला लिया है। वह कुछ देर में स्टेशन तक आने वाला है। उसे फोन पहले ही कर दिया था लेकिन घरेलू कार्योँ में व्यस्तता के चलते कुछ लेट हो गया है।
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अलग अलग मागा़ हादसों में दो महिला समेत तीन घायल

अंबेडकरनगर। अलग-अलग थाना क्षेत्र में हुए मार्ग हादसों में दो महिला समेत तीन व्यक्ति घायल हो गए। इनमें से एक की हालत गंभीर होने पर प्राथमिक उपचार के बाद ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया। बाइक सवार घायल ने हेलमेट नहीं लगा रखा था।
पड़ोसी जनपद सुल्तानपुर के अखंडनगर थाना अंतर्गत पतजूपुर गांव निवासी रुखसाना (45) पत्नी मोहम्मद आरिफ शनिवार देर शाम उस समय जीप की टक्कर लगने से घायल हो गई, जब वह घर के निकट सड़क पार कर रही थी।
स्थानीय स्तर पर इलाज कराया गया लेकिन तबियत में सुधार नहीं हुआ। इस पर उसे जिला अस्पताल अंबेडकरनगर ले जाया गया। वहां हालत की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया।
सम्मनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सम्मनपुर निवासी कैलाशी देवी (40) पत्नी परशुराम शनिवार देर शाम उस समय बाइक की टक्कर लगने से घायल हो गई, जब वह घर के निकट सड़क पार कर रही थी। अहिरौली थाना अन्तर्गंत अहिरौली निवासी निर्मल (20) पुत्र रामरूप शनिवार देर शाम बाइक से अकबरपुर से घर जाते समय बाजार के निकट पिकअप की टक्कर लगने से घायल हो गया। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार बाइक सवार घायल ने हेलमेट नहीं लगा रखा था।
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कोरोना से निपटने को पूरी तरह सफल रहा जनता कर्फ्यू

अंबेडकरनगर। कोरोना वॉयरस से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर आयोजित जनता कर्फ्यू रविवार को पूरी तरह सफल रहा। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक सभी छोटे-बड़े बाजार पूरी तरह बंद रहे। सड़कों पर पूरी तरह सन्नाटा रहा। पुलिस व प्रशासन के अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए रहे। प्रमुख स्थानों पर पुलिस कर्मियों की ड्यूटी थी तो वहीं तहसीलों में एसडीएम व सीओ कमान संभाले रहे। डीएम व एसपी ने जिला मुख्यालय के अलावा कई क्षेत्रों का भ्रमण कर जायजा लिया।
पहले से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रविवार सुबह 7 बजे से शुरू होने वाले जनता कर्फ्यू के लिए आम जनमानस पूरी तरह वचनबद्ध दिखा। शहरी व ग्रामीण क्षेत्र की जो दुकानें सुबह ही खुल जाया करती थीं, वे रविवार को नहीं खुलीं। आमतौर पर सुबह से ही आबाद रहने वाले रेलवे स्टेशन व बस स्टेशन क्षेत्र में भी सन्नाटे का माहौल देखने को मिला।
जिला मुख्यालय पर सुबह से सन्नाटे का जो दौर शुरू हुआ वह शाम होने तक चलता रहा। जनता कर्फ्यू के चलते आमलोग घरों से निकले ही नहीं। सरकारी व निजी कार्यालय बंद होने के चलते भी किसी के सामने कार्यालय जाने की मजबूरी नहीं थी। छोटे-बड़े सभी प्रतिष्ठान बंद रहे। चायपान तक की दुकानें नहीं खुलीं। नतीजतन पूरे नगर में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा।
डीएम राकेश कुमार मिश्र व एसपी आलोक प्रियदर्शी लगातार हालात का जायजा लेते दिखे। एडीएम पंकज वर्मा व एएसपी अवनीश कुमार मिश्र भी लगातार भ्रमण पर रहे। जिला मुख्यालय पर पूरी तरह से बंदी का माहौल होने के चलते पुलिस प्रशासन को कोई खास मशक्कत नहीं करनी पड़ी। इक्का-दुक्का दुकानें खुली भीं तो पुलिस कर्मियों को देख बंद कर लिया।
जिला मुख्यालय से सटे ग्रामीण क्षेत्र गौहन्ना चौराहे पर आमतौर पर भीड़भाड़ रहती है लेकिन रविवार को नजारा बदला दिखा। पूरी तरह चौराहा सन्नाटे में डूबा रहा। इसके अलवा रामपुर सकरवारी, भिखारीपुर, हजपुरा, आनंदनगर, यादव नगर, अहिरौली, जमुनीपुर, केदारनगर, अरिया, राजेसुल्तानपुर, जहांगीरगंज, नेवादा, बसखारी, किछौछा, कटेहरी, भीटी, महरुआ समेत अन्य सभी ग्रामीण क्षेत्रों में रविवार को पूरे दिन सन्नाटा दिखा।
ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने को लेकर जागरूकता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ज्यादातर ग्रामीण पशुओं को चराने के लिए भी घर से बाहर नहीं निकले। पशुशाला में चारे आदि की व्यवस्था की गई। कटरिया सम्मनपुर के अनंतराम वर्मा व मनोज कुमार ने कहा कि कोरोना जैसी महामारी को रोकने के लिए सभी को आगे आना होगा। यदि कोरोना को हराना है तो शासन के निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन करना होगा।
बदलपुर के सुनील शर्मा व सत्येंद्र ने कहा कि भारत की ज्यादातर आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है। ऐसे में कोरोना के प्रकोप को बढ़ने से रोकने को लेकर ग्रामीणों को सामूहिक प्रयास करना होगा। जागरूकता व एहतियात से ही कोरोना को फैलने से रोका जा सकता है।
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