बंदीरक्षकों व कैदियों के अथक प्रयास से बरसाती पानी से मुक्त हुई जेल

Varanasi Bureauवाराणसी ब्यूरो Updated Fri, 23 Oct 2020 10:33 PM IST
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बलिया। जिलाधिकारी के सहयोग और जेल अधिकारियों, कर्मचारियों एवं कैदियों के अथक प्रयास से इस वर्ष बरसात में कैदियों को दूसरी जेल में शिफ्ट नहीं करना पड़ा। इस वर्ष जेल अधीक्षक के नेतृत्व में बंदी रक्षकों और कैदियों ने बैरकवार नाली बनाकर एक गड्ढा बनाया। उसमें मुख्य नाली के माध्यम से बरसात का पानी इकट्ठा हुआ। वहां से छह पंप लगाकर जेल प्रशासन ने 17 जून से दो अक्टूबर तक लगातार पानी निकालने का काम किया। इसके कारण बैरक में इस वर्ष पानी नहीं पहुंच सका और इस मेहनत के कारण इस वर्ष करीब छह से सात लाख रुपए की बचत हुई।
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पिछले वर्ष बारिश के कारण जेल के सभी बैरकों और परिसर में पानी भर गया था। इसके चलते, जेल के सभी कैदियों को दूसरे जिलों के कारागार में शिफ्ट करना पड़ा था। इसमें करीब छह से सात लाख रुपये खर्च हुए थे। इस वर्ष भी जून में बारिश होने के कारण जेल में पानी भर गया। इसे निकालने के लिए 17 जून से दो अक्टूबर तक जेल प्रशासन ने लगातार छह पंप चालू रखा। इसका नतीजा यह रहा कि इस वर्ष बरसात का पानी न तो बैरक में जा सका और न ही कैदियों को दूसरे जिलों के कारागार में भेजना पड़ा। इसके पीछे, जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही का पूरा सहयोग रहा। जिलाधिकारी के सहयोग के कारण जेल प्रशासन ने कर्मचारियों व कैदियों के सहयोग से एक मुख्य नाली और एक गड्ढा खोदा। इसमें बैरकवार नाली बनाकर जोड़ा गया। यह पानी मुख्य नाली से होते हुए गड्ढा में पहुंचता, जहां से पंप से मुख्य सड़क पर पाइप के माध्यम से पानी निकाला गया। इसका नतीजा रहा कि दो अक्टूबर के बाद जेल से पानी पूरी तरह साफ हो गया। जेल के लिए सबसे विकट समस्या तब हुई, जब जेल में बरसात का पानी लबालब भरा हुआ था और करीब 830 कैदियों में से करीब 230 कैदी कोरोना पॉजिटिव पाए गए। इसके अलावा, जेल में कैदियों द्वारा मारपीट का वीडियो वायरल होने के मामले में डिप्टी जेलर समेत चार कर्मचारियों को निलंबित भी किया गया था। पांच से छह कर्मचारी भी कोरोना पॉजिटिव हो गए थे। आलम यह था कि कोरोना के चलते कोई भी अधिकारी और कर्मचारी जेल के अंदर जाने से बचने लगा था। इसके बाद, जेल अधीक्षक प्रशांत कुमार मौर्य ने बंदी रक्षकों और अधिकारियों संग बैठक कर सभी का हौसला बढ़ाया और पॉजिटिव कैदियों को एक तरफ तीन बैरकों में शिफ्ट करवाया। शेष कैदियों को एक तरफ शिफ्ट किया गया।
जिलाधिकारी के सहयोग से कैदियों को सीएमओ द्वारा दवा, डाक्टर आदि की व्यवस्था की गई। नगरपालिका द्वारा सैनिटाइज किया गया। इन सबके सहयोग के कारण जेल प्रशासन ने कोरोना को भी मात दिया और बरसात के पानी से निजात पाया। जिलाधिकारी, नगरपालिका और सीएमओ, आयुर्वेदिक विभाग ने सहयोग किया। - प्रशांत कुमार मौर्य, जेल अधीक्षक, जिला कारागार, बलिया
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