विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
नवरात्र में कराएं कामाख्या बगलामुखी कवच का पाठ व हवन, पाएं कर्ज मुक्ति एवं शत्रुओं से छुटकारा
Astrology Services

नवरात्र में कराएं कामाख्या बगलामुखी कवच का पाठ व हवन, पाएं कर्ज मुक्ति एवं शत्रुओं से छुटकारा

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

From nearby cities

Coronavirus in Uttar Pradesh Live Updates: यूपी में एक दिन में 14 नए मरीज, अब तक 65 लोग कोरोना संक्रमित

यूपी में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। शनिवार को एक ही दिन 14 नए मरीज सामने आने के साथ ही प्रदेश में संक्रमितों की संख्या 65 हो गई है।

28 मार्च 2020

विज्ञापन
विज्ञापन

बरेली

शनिवार, 28 मार्च 2020

एक लाख लोगों को मुफ्त राशन, पौने तीन लाख महिलाओं को सिलिंडर

वित्त मंत्री की घोषणा के बाद प्रशासन ने शुरू की क्रियान्वयन की तैयारी

बरेली। कोरोना की वजह से प्रभावित तबके के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की घोषणा के बाद प्रशासन ने उस पर क्रियान्वयन की तैयारी शुरू कर दी है। उज्जवला योजना के तहत मुफ्त सिलेंडर के लिए जिले में करीब पौने तीन लाख महिला लाभार्थियों को चिह्नित किया गया है। अंत्योदय योजना में एक लाख से ज्यादा गरीबों को मुफ्त अतिरिक्त राशन मिलेगा।
उज्जवला के तहत जिले में 1.40 लाख यानी आधे से ज्यादा कनेक्शन सिर्फ इंडेन के पास है। इसके अलावा एचपी और बीपीसी के पास 1.35 लाख कनेक्शन हैं। इन सभी को मुफ्त सिलिंडर उपलब्ध कराया जाना है, हालांकि अभी सरकार का आदेश जिला प्रशासन तक नहीं पहुंचा है। अंत्योदय योजना के तहत 99678 कार्ड धारकों को जिले में अतिरिक्त राशन मिलेगा। राज्य सरकार इन्हें अप्रैल में मुफ्त राशन देने की घोषणा पहले कर चुकी है। अब वित्त मंत्री के एलान के बाद इन्हें पांच किलो अतिरिक्त अनाज मिलेगा।

तीन लाख किसानों को मिलेंगे 2000 रुपये

किसान सम्मान निधि के खातों में अप्रैल के पहले हफ्ते में दो हजार रुपये भेजने की घोषणा के तहत जिले में करीब तीन लाख किसानों को फायदा मिलेगा। कृषि विभाग और प्रशासन ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है।

2.60 लाख मनरेगा मजदूरों को मिलेगी मदद

मनरेगा कार्डधारकों की मजदूरी 182 से बढ़ाकर 202 रुपये कर दी गई है। जिले में 2.60 लाख मनरेगा जॉब कार्डधारक हैं। डीआरडीए इनका विवरण तैयार कर रहा है।

1.43 हजार बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांगों को भी राहत

घोषणा में बुजुर्ग, दिव्यांग और विधवा को अतिरिक्त एक हजार रुपये तीन महीने में दो किस्ते में देेने की घोषणा की है। इससे पेंशन योजना में लाभ पा रहे 23 हजार दिव्यांग, 55 हजार बुजुर्ग और करीब 65 हजार विधवा महिलाओं को राहत मिलेगी।

चार हजार से ज्यादा महिला समूह होंगे लाभान्वित

महिला स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को दीनदयाल योजना में 20 लाख रुपये तक का लोन बगैर ब्याज के देने की घोषणा भी हुई है। जिले में शहरी क्षेत्र में करीब 1280 और ग्रामीण क्षेत्र में तीन हजार से ज्यादा महिला समूह काम कर रहे हैँ।
... और पढ़ें

होम व कार लोन की तीन महीने किस्तें न देने पर भी खाता नहीं होगा एनपीए

एसबीआई, पीएनबी सहित अन्य बैंकों के करीब 3.50 लाख ग्राहकों को फायदा
कारोबारियों को लिमिट से 10 फीसदी ज्यादा कैश निकालने की छूट

बरेली। लॉकडाउन के दौरान मंदी को देखते हुए बैंकों ने ग्राहकों को बड़ी राहत दी है। तीन महीने तक लोन की किस्तें न जमा कर पाने के बावजूद खाता एनपीए न होने और व्यापारियों के लिए कैश लिमिट में बढ़ोत्तरी सहित कई फैसले से आम जनता के साथ कारोबारियों की भी मुश्किलें कुछ कम हुई हैं। इसके अलावा ब्याज दर की कटौती से ग्राहकों को कई करोड़ का लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई है।
रिजर्व बैँक आफ इंडिया यानी आरबीआई ने लॉकडाउन के दौरान आर्थिक मंदी को देखते हुए ग्राहकों को कई तरह से राहत देने की कोशिश की है। होम और कार लोन लेने वालों के तीन मासिक किस्तें न जमा करने पर उनके खाते एनपीए हो जाते थे। जबकि आरबीआई के गाइड लाइंस के बाद ऐसी स्थिति में खातों के एनपीए होने की बाध्यता को खत्म कर दिया गया है। बैंक अधिकारियों ने कहना है कि इस फैसले के बाद एसबीआई, पीनएबी सहित कई बैंकों के करीब साढ़े तीन लाख कस्मटर को लॉकडाउन के दौरान बड़ी राहत मिली है। चूंकि बैंकों ने ब्याज दर में भी कटौती कर दी है। ऐसे में ईएमआई की धनराशि भी कम हो गई है। इसके अलावा करीब पांच लाख क्रेडिट कार्ड होल्डर को भी यह फायदा पहुंचाया गया है कि उनसे तीन माह तक ब्याज की वसूली नहीं होगी। आरबीआई ने कारोबारियों को यह मदद पहुंचाई कि लॉकडाउन के दौरान वे अपनी कैश लिमिट से 10 फीसदी अतिरक्त धनराशि निकला सकते हैं। बैंक अधिकारियों का कहना है कि ऐसी स्थिति में किसी कारोबारी को कर्मचारियों को वेतन, पीएफ या भत्ता देने में कोई दिक्कत न आए, इसके लिए यह फैसला लिया गया है। इससे यहां सैकड़ों व्यापारियों ने चैन की सांस ली है।

बैंकों में पांच फीसदी भी नहीं जमा हो रहा कैश, बैंकों को भी मिली छूट

लॉकडाउन के बाद से सभी दुकानें और कारोबार बंद हैं। इससे बेंकों में आमदिनों के मुकाबले इन दिनों पांच फीसदी भी धनराशि जमा नहीं हो पा रही है। बैँक अधिकारियों का कहना है कि आरबीआई ने बैंकों के लिए न्यूनतम पूंजी रखने की सीमा में कुछ कटौती कर दी है। इससे बैंकों को अपने जमा धनराशि से ज्यादा खर्च करने की छूट मिल गई है।

2000 के नहीं आ रहे नोट, एटीएम में 500 रुपये की फीडिंग

बैंकों में वैसे भी दो हजार के नोट कम ही जमा हो रहे थे। इन दिनों यह नोट लगभग आने ही बंद हो गए हैं। इसके बैंक अधिकारियों ने स्टाफ को एटीएम में केवल पांच या उससे छोटे नोटों की आपूर्ति करने के निर्देश दिए हैं।

लॉकडाउन को लेकर होम और कार लोने लेने वालों को बड़ी राहत दी गई है। हालांकि इसका समायोजन बाद में होगा। मंदी के देेखते हुए आरबीआई के फैसले से लाखों ग्राहकों को सुकून देने वाला है। -पीके जैन, मंडल प्रमुख, पीएनबी

आरबीआई की लाइड लाइंस मिलने के बाद सभी बैँकों में उनका अनुपालन कराया जाएगा। आम ग्राहक और कारोबारी दोनों ही इससे लाभान्वित हो रहे हैं। -ओपी बढेरा, लीड बैंक मैनेजर
... और पढ़ें

बरेलीः दफ्तर खुले मगर रेल के साथ डाक सेवा भी बंद

पार्सल सेवा पहले से ठप, अब दूसरे जिलों के लिए सारी डाक सेवाएं भी

बरेली। कोरोना की त्रासदी में डाक विभाग की सारी सेवाएं थम गई हैं। केंद्र सरकार के रेल यातायात पर पाबंदी लगाए जाने के बाद पार्सल सेवा पहले से ठप पड़ी थी लेकिन अब आसपास के जिलों में साधारण डाक सेवा भी बंद हो गई है। पोस्ट ऑफिस और डाक विभाग के दफ्तर जरूर खुले हुए हैं लेकिन वहां सिर्फ उसी डाक की बुकिंग हो रही है जो जिले के अंदर डिलीवर होनी हैं।
केंद्र सरकार के 22 मार्च को रेल यातायात पर पाबंदी लगाने के साथ ही जंक्शन पर आरएमएस का दफ्तर जहां आमतौर पर लंबी लाइनें नजर आती थीं, वह सुनसान हो गया। हालांकि पार्सल वितरण पर इससे पहले 20 मार्च को ही रोक लगा दी गई थी। जिन लोगों के पार्सल पहले से पहुंचे हुए थे, उन्हें फोन करके सूचना दे दी गई कि वे अपना पार्सल लेने खुद आएं या फिर हालात सामान्य होने तक इंतजार करें। लॉक डाउन घोषित होने के बाद विदेशों से मनी ट्रांसफर भी रुक गया। शुक्रवार को कई दिन बाद कनाडा से पहला मनी ट्रांसफर पुराना शहर के सैलानी में आया।
... और पढ़ें

मालगाड़ी की चपेट में आया ग्रामीण, बायां हाथ कटा

काशीपुर। मालगाड़ी की चपेट में आने से एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। उसका बायां हाथ कट गया। 108 एंबुलेंस से उसे गंभीर हालत में उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। हालांकि, लोको पायलट सुंदरलाल मीणा ने बताया कि यह व्यक्ति अचानक झाड़ियों से निकलकर मालगाड़ी के आगे लेट गया। उसने कहा कि इस व्यक्ति आत्महत्या का प्रयास किया है।
शनिवार की दोपहर करीब ढाई बजे एक मालगाड़ी काशीपुर होते हुए मुरादाबाद की ओर जा रही थी। टांडा उज्जैन रेलवे फाटक से आगे फसियापुरा राजकीय प्राथमिक स्कूल के पास अधेड़ इसकी चपेट में आ गया। सूचना पर पहुंची टांडा उज्जैन पुलिस ने 108 से उसे सरकारी अस्पताल में पहुंचाया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। जीआरपी एएसआई मुकेश चंद ने बताया कि घायल की पहचान ग्राम मुकुटपुर धनाड़ी बदायूं निवासी संजय सिंह (50) के रूप हुई है।
... और पढ़ें

ओवररेटिंग की शिकायत पर पहुंची पुलिस टीम पर हमला, इंस्पेक्टर समेत तीन घायल

पीलीभीत। लॉकडाउन में निर्धारित समय के बाद भी केशोपुर गांव में शुक्रवार रात को नौ बजे दुकान खोलकर ओवररेट सामान बेच रहे एक दुकानदार ने शिकायत पर आई बरखेड़ा थाने की पुलिस टीम पर हमला कर दिया। परिवार वालों के साथ मिलकर किए गए इस हमले में थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। बाद में भागते समय छत से गिरकर दुकानदार भी घायल हो गया।
बरखेड़ा इंस्पेक्टर उमेश सिंह सोलंकी शुक्रवार रात करीब आठ बजे क्षेत्र में घूम रहे थे। केशोपुर गांव पहुंचने पर कुछ लोगों ने उन्हें बताया कि गांव का सुनील गंगवार रात में भी किराने की अपनी दुकान खोलकर सैनिटाइजर, मास्क समेत अन्य खाद्य पदार्थों की अधिक दाम पर बेच रहा है। इस शिकायत पर इंस्पेक्टर वहां पहुंचे और ओवररेटिंग की जांच करते हुए दुकान बंद करने को कहा। इस पर दुकानदार सुनील ने अपने परिवार वाले और आसपास के कुछ लोगों के साथ मिलकर हमला कर लाठी-डंडे से पीटना शुरू कर दिया। पुलिस कर्मियों के मुताबिक उनके गले भी दबाने की कोशिश की गई। हमले में इंस्पेक्टर उमेश सिंह सोलंकी, दरोगा रामगोपाल आर्य और सिपाही अंकित कुमार घायल हुए। वायरलेस पर हमले की खबर मिलने पर अतिरिक्त फोर्स पहुंचा। इसके बाद हमलावर भाग गए। दुकानदार सुनील पुलिस से बचने को छत से कूदा तो वह भी गिरकर घायल हो गया। घायलों को जिला अस्पताल भेजा गया, जहां से इंस्पेक्टर सोलंकी और दुकानदार को बरेली के मेडिकल भेज दिया गया। इस बीच एएसपी रोहित मिश्र पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे और जानकारी जुटाई। दरोगा की ओर से नौ नामजद समेत 29 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। एसपी अभिषेक दीक्षित ने कहा कि इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नौ हुए नामजद और 13 धाराएं लगाई
दरोगा रामगोपाल आर्य की तरफ से सुनील कुमार गंगवार, हरेंद्र कुमार, मुनेंद्र कुमार, प्रभुदयाल, सुरेंद्र, ज्वालाप्रसाद, मिढ़ईलाल, कपलेंद्र उर्फ कपिल, जयप्रकाश और 20 अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसमें बलवे की धारा 147 व 149, सरकारी कार्य में बाधा संबंधी 332, 333, 353, गाली-गलौज की 504, जानलेवा हमले की 307, नियमों की अवहेलना करने संबंधी धारा 269, 270, क्वारंटीन के नियम को तोड़ने की धारा 271, महामारी अधिनियम की धारा 3 व 4 और एसीएसटी एक्ट की धारा लगाई गई है।
लॉकडाउन का उल्लंघन कर खोली गई किराना दुकान में ओवररेटिंग की शिकायत पर पुलिस गई थी। तभी दुकानदार ने साथियों संग हमला कर दिया। घायल पुलिसकर्मी अस्पताल भर्ती कराए गए हैं। एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है, सख्त कार्रवाई होगी। - अभिषेक दीक्षित, एसपी
... और पढ़ें

धनगढ़ी: हवाई पट्टी से फिसल कर मैदान में जा घुसा विमान, बाल-बाल बची कोरोना मरीज का नमूना लेने गई टीम

बदायूं: गांव-कस्बों में अभी भी नहीं कर रहे लॉकडाउन का पालन, बरत रहे हैं लापरवाही 

उत्तर प्रदेश के बदायूं शहर का पढ़ा-लिखा तबका जहां कोरोना वायरस की भयावहता को समझते हुए घरों से नहीं निकल रहा है, वहीं देहात क्षेत्र में लोग अभी भी लॉकडाउन का पालन नहीं कर रहे हैं। ऐसा करके वे न केवल खुद को संकट में डाल रहे हैं, बल्कि औरों को भी खतरे में डाल रहे हैं।
 
पुलिस की भी मजबूरी है कि वह गली मोहल्लों में बार-बार नहीं जा पा रही, हालांकि फिर भी मोहल्लों में जाकर लोगों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन कुछ लोगों पर कोई असर नहीं पड़ रहा। 

कई इलाकों में लोग लगातार झुंड के रूप में या तो घरों के बाहर बैठे हैं या फिर समूह बनाकर घूम रहे हैं। यदि ऐसा ही रहा तो लॉकडाउन का कोई असर नहीं रह जाएगा। वजीरगंज, बिसौली, कादरचौक आदि इलाकों में लोग, खासकर युवा वर्ग लापरवाही बरतता दिखाई दे रहा है।
... और पढ़ें

लॉकडाउन के बीच मजदूर को गांव से लेने पहुंचा किसान, रोका तो चला दी गोली, ग्रामीण आगबबूला

गली मोहल्लों में घूम रहे लोग
देश भर में चल रहे लॉकडाउन के बीच लखीमपुर खीरी के भीरा थाना क्षेत्र से एक अलग तरह का मामला सामने आया है। लॉकडाउन की घोषणा के बाद से ही लालू टांडा गांव के ग्रामीणों ने गांव में बाहरी लोगों के आने जाने पर रोक लगाने की शुरुआत की थी। 

इस रोक के बाद भीरा के एक किसान को गांव के कुछ मजदूरों को लेकर जाना था, लेकिन ग्रामीणों ने इससे इनकार कर दिया था। शनिवार सुबह 8 बजे किसान गांव पहुंच गया और कुछ मजदूरों को साथ लेकर जाने लगा। यह देख ग्रामीणों ने जब उसे रोककर पूछताछ की तो विवाद बढ़ गया। 

आरोप है कि किसान ने अपने ट्रैक्टर में रखे कपड़ों के बीच से लाइसेंसी दोनाली बंदूक निकाल ली और भीड़ को धमकाने लगा। इसपर भी लोग डटे रहे तो उसने फायरिंग कर दी। गोली की आवाज सुनकर ग्रामीण तितर-बितर हो गए। इसके बाद किसान ट्रैक्टर लेकर मौके से भाग खड़ा हुआ।

फायरिंग की बात सुनकर ग्रामीण जमा हो गए और भीरा पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंचे भीरा कोतवाली प्रभारी प्रदीप सिंह ने एक जिंदा कारतूस व दो दागे गए कारतूस को कब्जे में लिया। एसओ ने बताया कि ग्रामीण रमेश की तहरीर पर आरोपी हरबंस सिंह उर्फ बंशा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। 


आरोपी को हिरासत में लेकर घटना में प्रयुक्त बंदूक को कब्जे में ले लिया है। इस समय थाने में एक दर्जन से ज्यादा ग्रामीण प्रधान पुत्र शिवराज सिंह के नेतृत्व में जमा है, वहीं आरोपी हरभजन सिंह के पक्ष के लोग भी थाने में एकत्र हो रहे हैं। पुलिस ने बताया कि स्थिती सामान्य है। गांव वालों को वर्तमान हालात देखते हुए भीड़ न लगाने की सलाह दी गई है।
... और पढ़ें

कोरोना से बाद में मरते, भूख से पहले मर जाते, इसलिए पैदल ही चल पड़े 

तमन्ना के बेटे का नाम मोहम्मद रणविजय खान

भूखों को खाना खिलाना, लोगों को अपनों से मिलाना अब पुलिस का काम

बरेली। मौजूदा माहौल में पुलिस के काम के मायने बदल गए हैं। अपराध न्यूनतम स्तर पर है तो पुलिस का पूरा फोकस कोरोना संक्रमण रोकने पर ही है। बाहर फिजूल में घूमते युवाओं पर लाठियां फटकारने के अलावा पुलिस कई अच्छे काम भी कर रही है। भूखों को खाना खिलाना, बीमारों का इलाज कराना और लोगों को अपनों तक पहुंचाना भी इन दिनों पुलिस का काम हो गया है।
गुरुवार को नोएडा और बरेली पुलिस की मदद से इज्जतनगर के बिहार कलां निवासी तमन्ना की जान बची और परिवार में खुशियां लौटीं। तमन्ना के पति अनीस खां जरी का काम करने कुछ दिन पहले नोएडा की एक फर्म में नौकरी पर लगे थे। वहां लॉकडाउन में वह फंस गए। इधर, पत्नी तमन्ना प्रसव पीड़ा से जूझ रही थी और वह फोन पर उन्हें दिलासा देने के अलावा कुछ नहीं कर पा रहे थे। गुरुवार को तमन्ना ने बरेली और नोएडा पुलिस से मदद की गुहार की। मामला एसएसपी शैलेश पांडेय की जानकारी में आया तो उन्होंने नोएडा के एसीपी रणविजय सिंह से संपर्क किया। नोएडा पुलिस ने अनीस को बरेली लाने की व्यवस्था कराई। अनीस ने पत्नी को यहां भर्ती कराया। उसने एक बेटे को जन्म दिया। शुक्रवार को यह लोग अपने घर में शिफ्ट हो गए। तमन्ना और अनीस ने बताया कि उन्होंने बेटे का नाम नोएडा के एसीपी के नाम पर मोहम्मद रणविजय खान रखा है। एसीपी ने उनसे वादा किया है कि भविष्य में बेटे की शिक्षा व स्वास्थ्य की कोई समस्या आए तो उनसे संपर्क करें।

एयरफोर्स के रिटायर्ड फ्लाइंग ऑफिसर को भी दिया सहारा

एसपी क्राइम रमेश भारतीय के पास बुधवार शाम एक कॉल आई। बताया कि रिटायर्ड फ्लाइंग ऑफिसर आरके चतुर्वेदी बोल रहे हैं। कर्मचारी नगर में रहते हैं और 2014 में कूल्हे का ऑपरेशन होने के बाद से चलने में असमर्थ हैं। लॉकडाउन की वजह से उनके कूल्हे की ड्रेसिंग तक नहीं हो पा रही है। तब एसपी क्राइम के निर्देश पर इंस्पेक्टर इज्जत नगर केके वर्मा मौके पर पहुंचे। बुजुर्ग ने बताया कि बेटा अमेरिका में नौकरी करता है। एक बेटी शादी के बाद दिल्ली में रहती है। दूसरी बेटी रिचा पति के साथ ऑफिसर एन्क्लेव में रहती है। उसे बुलवा दिया जाए। पुलिस ने बुजुर्ग की बेटी का पता खोजकर उन्हें बुलाया और सामने ही बुजुर्ग की ड्रेसिंग कराई। उन्होंने भी पुलिस का आभार जताया।
... और पढ़ें

कोरोना से बाद में मरते, भूख से पहले मर जाते... इसलिए पैदल ही निकल आए

कोरोना संकट के बीच बंदी के चलते दिल्ली में दिहाड़ी मजदूरी करने वाले हजारों लोग पैदल ही अपने अपने घरों की ओर रवाना हो गए हैं। दिल्ली से शाहजहांपुर जाने के लिए पैदल निकले 12 युवकों का जत्था बरेली होकर गुजरा तो अपनी पीड़ा बयां की।

कहा दिल्ली बंद है और मकान मालिक भी वहां रहने नहीं दे रहे। घर पर मां भी बीमार है, इसलिए हम सब पैदल ही निकल आए। हालांकि रास्ते में उन्हें जगह-जगह लोगों ने खाने पीने का सामान दिया। पुलिस ने भी बीच-बीच में उनका सहयोग किया।

दिल्ली से पैदल चलकर आने वाले अशफाक ने बताया कि दिल्ली में बंदी के बाद कोई काम नहीं था। वह जिस दुकान पर सिलाई करते हैं, वहां उन्हें रोजाना के हिसाब से पैसे मिलते थे। पिछले कुछ दिनों से काम बंद है तो पैसे नहीं मिले। मकान मालिक ने भी उन्हें घर से जाने को कह दिया। घर पर मां बीमार है। उसकी भी चिंता है।

उधर, दिल्ली से अपने घर शाहजहांपुर आने के लिए उन्हें कोई साधन भी नहीं मिला तो वह और उनके 11 अन्य साथी पैदल ही वहां से चल दिए। दिल्ली में रहते तो कोरोना से बाद में, भूख से पहले मर जाते।

आमिर ने बताया कि दिल्ली में कोई परिवहन का साधन नहीं मिल रहा है। ऐसे में वे लोग पहले रेल की पटरियों के रास्ते और बाद में हाईवे पर चलके अपने घर को आने लगे। बीच में कहीं-कहीं कोई वाहन मिल जाता था तो वे सभी उस पर सवार हो जाते थे। इसके बाद फिर पैदल चलने लगते। वहीं, सादाब ने बताया कि रास्ते में उन्हें लोगों ने बहुत सहयोग किया।

सड़क के किनारे लोगों ने उन्हें खाने के पैकेट दिए। पुलिस भी जगह-जगह उनकी मदद करती रही। बरेली में भी आने पर यहां की लोकल पुलिस ने उन्हें खाने का पैकेट दिया। अब वह थोड़ा आराम कर दोबारा अपने घर की ओर निकल पड़े हैं। हालांकि इस दौरान इन लोगों के पांवों के छाले पीड़ा को बयां कर रहे थे।

... और पढ़ें

दस बसों से चार सौ लोग बरेली पहुंचे, पुलिस ने घर भिजवाया

बरेली। दस बसों से दिल्ली से देर रात चार सौ लोग बरेली सेटेलाइट बस स्टैंड आ गए। इससे कई दिन से सूने पड़े स्टैंड पर गहमागहमी बढ़ गई। इन लोगों को पुलिस ने वाहनों का जुगाड़ करके बरेली भिजवा दिया।
दिल्ली, हरियाणा व नोएडा की फैक्ट्रियों में काम कर रहे बरेली व आसपास के कस्बों व गांवों के सैकड़ों लोग कई दिन से वहां खाली हाथ बैठे थे। इनके सामने रोजी रोटी का संकट था। लॉकडाउन होने के बाद किसी सूरत में वाहनों का जुगाड़ न हुआ तो इनमें से कई पैदल ही बरेली की ओर चल दिए। जानकारी पर बरेली व नोएडा प्रशासन ने बात कर करीब दस बसों की व्यवस्था इन्हें बरेली पहुंचाने के लिए कराई। देर रात यह बसें बरेली आईं। इसके बाद इन लोगों के सामने घर जाने की समस्या थी। एएसपी अभिषेक वर्मा, बारादरी इंस्पेक्टर नरेश त्यागी काफी फोर्स के साथ पहुंचे। इन लोगों को अखबार की गाड़ियों, टाटा मैजिक, ऑटो व अन्य वाहनों का जुगाड़ करके इनके घरों को भिजवाने की व्यवस्था की।
... और पढ़ें

मौसम का यूटर्न, आज भी हो सकती है हल्की बारिश

शनिवार को सुबह हल्की बारिश और दोपहर में चटख धूप खिलन के आसार

बरेली। दिनोंदिन खिलती चटख धूप से बढ़ रहा तापमान एक बार फिर मौसम के यूटर्न से करीब छह डिग्री तक लुढ़क गया है। शुक्रवार की सुबह दिन भर रुक रुक कर हुई बारिश ने हल्की ठंड का अहसास करा दिया। मौसम विभाग ने शनिवार को भी बारिश से पारा के लुढकने का सिलसिला जारी रहने के आसार जताए हैं।
आंचलिक मौसम अनुसंधान केंद्र के डारेक्टर डॉ. जेपी गुप्ता के मुताबिक गुरुवार से शहर पर पश्चिमी विक्षोभ हावी हो रहा था। शुक्रवार की देर रात अचानक शहर पर बादल घिरे और रह रह कर दिन भर बारिश करते रहे। दोपहर को सूरज और बादलों के बीच लुकाछिपी भी जारी रही। उन्होंने शनिवार को भी कमोवेश ऐसा ही मौसम बने रहने से तापमान में गिरावट दर्ज होने की आशंका जताई है। डॉ. गुप्ता के मुताबिक शनिवार की सुबह हल्की मध्यम बारिश हुई तो दोपहर में आसमान साफ होने से चटख धूप खिल सकती है। बताया कि हवाओं की दिशा फिलहाल पश्चिम उत्तर पश्चिम है, जो अपने साथ पर्वतों के बादल का जमावड़ा शहर पर लगा रहे हैं। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 25.1 डिग्री और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस रिकॉड किया गया। जबकि बारिश 1.3 एमएम रिकॉर्ड हुई। दो दिन पहले तक अधिकतम तापमान 31 डिग्री था।

चिंता: मौसम का रुख कहीं कोरोना का कहर न बढ़ा दे

बरेली। पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत का रुख कर चुका है। मौसम विभाग के मुताबिक जल्द ही इसका रुख पर्वतों की तरफ होगा और वहां तेज बारिश के साथ ही ओले गिरने की भी गिर सकते हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि इससे कोरोना वायरस का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि, अभी यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुआ है कि मगर चिकित्सकों की मानें तो ठंड मौसम वायरस के संक्रमण को बढ़ा सकता है।
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. सुदीप सरन के मुताबिक कोरोना वायरस का मौसम और तापमान से क्या संबंध है। इस पर अभी कोई पुष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है। क्योंकि यह वायरस महज दो महीने पहले ही अस्तित्व में आया है। हालांकि फ्लू और कोल्ड वायरस ठंड में सक्रिय होता है, जबकि गर्मी में इसमें कमी देखी जाती है। बारिश के बाद तापमान गिरता है और ठंड बढ़ती है, इसलिए कोरोना वायरस में तेजी आने की आशंका बढ़ जाती है। कहा कि ऐसे में लोग अपने-अपने घरों में ही रहें, जब ज्यादा लोग एक-दूसरे के आसपास बने रहेंगे तो इंफेक्शन तेजी से बढ़ने की संभावना होती है। आशंका जताई कि चीन और इटली में वायरस के संक्रमण को बढ़ाने में ठंड ने ज्यादा भूमिका निभाई। क्योंकि लोगों की भीड़ कम नहीं हुई और हवा में तैरते वायरस ने लोगों को तेजी से चपेट में लिया।

नमी की वजह से हवा में तैरता रहता है वायरस

फिजीशियन डॉ. रवीश अग्रवाल के मुताबिक कोरोना वायरस सूक्ष्म कण यानी ड्रॉपलेट से बढ़ने वाली बीमारी मानी गई है, क्योंकि छींकने या खांसने के बाद इसके कण हवा में बिखर जाते हैं। बारिश के बाद, हवा में नमी बनती है और इस स्थिति में आशंका है कि कोरोना वायरस के ड्रॉपलेट हवा में ज्यादा देर तक मौजूद रह सकते हैंद। जैसे-जैसे धूप बढ़ती है वैसे-वैसे हवा में गर्मी बढ़ती है और ऐसे में कोरोना वायरस के ड्रॉपलेट जमीन पर गिरने लगते हैं। इस दशा में इनफेक्शन की संभावना कम होती है, जबकि हवा में तैरते वायरस तेजी से संक्रमण फैला सकते हैं।

पूर्व के वायरस का कुछ यूं रहा ट्रेंड्र

चिकित्सकों के मुताबिक कोरोना वायरस का तापमान से क्या संबंध है, अभी इस पर रिसर्च चल रही है, लेकिन पूर्व के दो जानलेवा वायरस सार्स और मर्स का ट्रेंड देखें तो उनका प्रसार ठंड में बढ़ा और गर्मी में गिरता चला गया। इसे देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि गर्मी बढ़ने से कोरोना वायरस का प्रभाव भी गिरेगा लेकिन इसका अभी कोई पुख्ता आधार नहीं है।
... और पढ़ें
अपने शहर की सभी खबर पढ़ने के लिए amarujala.com पर जाएं

Disclaimer


हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।
Agree
Election
  • Downloads

Follow Us