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बदायूं

सोमवार, 30 मार्च 2020

लॉकडाउन उल्लंघन का मामलाः इमाम को जमानत पर थाने से छोड़ा , दूसरे आरोपियों की तलाश जारी

बदायूं। लॉकडाउन के दौरान शुक्रवार को कादरचौक इलाके के गौरामई गांव स्थित मस्जिद में सामूहिक नमाज अदा कराने के आरोपी इमाम को पुलिस ने जमानत पर थाने से छोड़ दिया। हालांकि नमाज पढ़ने के आरोपियों में अभी को पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है।
शुक्रवार को कादरचौक क्षेत्र के ग्राम गौरामई में लॉकडाउन के बावजूद मस्जिद खोलकर सामूहिक नमाज पढ़ी गई। इस पर पुलिस ने इमाम दीदार शाह पुत्र बच्चन शाह को हिरासत में ले लिया था। जबकि बाकी लोग मौके से भाग गए थे। पुलिस को इमाम ने बताया था कि आरोपी खुद नमाज पढ़ने आए थे। उन्होंने जबरदस्ती ताला खुलवाया और मस्जिद में घुस गए। इमाम ने ऐसे करीब 16 लोगों के नाम बताए थे, जिनमें अफजाल उद्दीन पुत्र मुकीम उद्दीन, खुसरो अली पुत्र हैदर अली, मोहम्मद अहमद पुत्र सुरवाल, परवेज पुत्र बच्चन, शहजाद पुत्र इरशाद, अय्यूब खां पुत्र रहीश खां, इरवान पुत्र इब्राहीम, अब्दुल शकील पुत्र कफील, आजाद पुत्र इरशाद, उमर शेर पुत्र बुंदा खां, अब्दुल शेर पुत्र नवी शेर, फैजान पुत्र रिजवान, सजील पुत्र शकील, अरमान पुत्र रिजवान और यार मोहम्मद पुत्र अहमद हसीब आदि लोग शामिल थे। इस पर पुलिस ने इमाम समेत सभी 16 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली थी। इसके बाद इमाम को जमानत पर थाने से छोड़ दिया गया। पुलिस ने शनिवार सुबह आरोपियों की तलाश में गौरामई जाकर दबिश दी, लेकिन पुलिस को देखकर आरोपी भाग गए। एसओ इंद्रेश कुमार ने बताया कि अभी कोई आरोपी हत्थे नहीं चढ़ा है। पुलिस उनको तलाश कर रही है।
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बदायूंः चार करोड़ की लागत के विकास कार्यों पर लॉकडाउन से लगा ब्रेक

उझानी (बदायूं)। कोरोना को लेकर 14 अप्रैल तक लॉकडाउन का असर निर्माण कार्यों पर भी दिखने लगा है। करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से रफ्तार पकड़ चुके निर्माण कार्य जहां अधर में लटक गए हैं, वहीं करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित विकास कार्यों के शुरू होने की संभावना पर भी ग्रहण लग गया है। ठेकेदारों की मानें तो जान पर जोखिम के हालात में मजदूरों ने भी अपने हाथ खींच लिए हैं। ऐसे में अब लॉकडाउन के बाद ही विकास रफ्तार पकडे़ंगे।
21 दिन तक के लॉकडाउन के पहले दिन ही नगर में कई स्थानों पर निर्माण कार्य स्थल सूने नजर आए। करीब डेढ़ करोड रुपये की लागत से गली-मोहल्ले में निर्माणाधीन सीसी रोड, इंटरलॉकिंग और नाला निर्माण से लेकर रेलवे स्टेशन रोड के डॉमरीकरण रुक गया। अकेला स्टेशन रोड ही करीब 32 लाख रुपये के लागत से बन रहा है। पिछले दिनों निर्माण कार्य शुरू हुआ जो घंटाघर चौराहे से पालिका कार्यालय तक बन भी गया लेकिन लॉकडाउन के एलान के साथ ही मजदूरों ने ठेकेदार से बात काम करने से इंकार कर दिया। एक दिन पहले ही पालिका ने करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित निर्माण कार्यों को लेकर टेंडर की प्रक्रिया भी शुरू कर दी थी, जो अब लॉकडाउन पूरा होने तक अधर में ही लटकी रहेगी। ठेकेदारों में अरुण अग्रवाल ने बताया कि मजूदर भी इंसान हैं। उन्हें भी जोखिम में नहीं डाला जा सकता।
नरऊ के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की डीपीआर पर भी संकट
उझानी। कसबे से सटे नरऊ के तालाब पर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कराने के लिए पिछले दिनों नगर पालिका परिषद की ओर से (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) डीपीआर तैयार करने के लिए सर्वे किया गया था। पालिका के एक अनुमान के मुताबिक- वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर करीब दो करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा जाना था। जिले के अफसर भी इसे लेकर काफी गंभीर नजर आने लगे थे लेकिन लॉकडाउन की वजह से प्लांट की डीपीआर पर भी संकट छा गया है। माना जा रहा है कि अप्रैल महीना के अंत में ही डीपीआर नगर विकास मंत्रालय में पेश की जाएगी।
लॉकडाउन हो चुका है। ऐसे में प्रशासन की सबसे पहली प्राथमिता नागरिकों को जरुरी सुविधाएं मुहैया कराना और कोरोना से बचाव के लिए सफाई और सैनिटाइजेशन की व्यवस्था दुरस्त रखना है। विकास कार्यों पर ब्रेक जरुर लगा है लेकिन अनुकूल माहौल बन जाने के बाद काम शुरू करा दिया जाएगा। - डॉ. डीके राय, ईओ।
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जिला अस्पताल में तीन घंटे तक तड़पती रही युवती, नहीं मिली दवा

बदायूं। शनिवार दोपहर एक युवती करीब तीन घंटे तक जिला अस्पताल में तड़पती रही लेकिन उसे दवा नहीं मिल सकी। परिवार वाले सुबह 10 बजे उसे लेकर अस्पताल पहुंचे थे। दोपहर एक बजे तक उसे भर्ती नहीं किया गया। लाचार परिजन युवती को वापस घर ले जाने को मजबूर हो गए।
बरेली में आंवला कोतवाली क्षेत्र के ग्राम राहटुईया निवासी कीमती (20) पुत्री लेखराज अपनी बहन विनीता पत्नी नरेश के घर मूसाझाग के उतरना गांव आई थी। शनिवार सुबह अचानक उसके पेट में दर्द होने लगा। इससे परिवार वाले घबरा गए। लॉकडाउन में किसी प्राइवेट वाहन को निकलने की अनुमति नहीं थी। इससे परिजनों ने 108 एंबुलेंस को फोन किया और सुबह 10 बजे उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने युवती को नई इमरजेंसी के फ्लू वार्ड में बैठे चिकित्सकों को दिखाया। परिवार वालों ने बताया कि युवती के पेट में दर्द हो रहा है लेकिन डॉक्टरों ने उसे महिला चिकित्सक को दिखाने की सलाह दी। युवती दोपहर एक बजे तक युवती ऐसे ही अस्पताल परिसर में पड़ी रही लेकिन न तो उसे भर्ती किया गया और न ही उसे दवा मिल सकी। बाद में परिवार वाले युवती को 102 एंबुलेंस से अपने घर ले गए।
युवती को दवा नहीं दी गई। इसके बारे में मुझे जानकारी नहीं है। उसे दवा क्यों नहीं मिली और किसने नहीं दी। इसके बारे में मैं पता करता हूं। तभी कुछ बता पाऊंगा। - डॉ. सुकुमार अग्रवाल, सीएमएस जिला अस्पताल
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लॉकडाउन में फोन कॉल, व्हाट्सएप पर उपचार करेंगे डॉक्टर, डीएम ने जारी किए आठ प्राइवेट डॉक्टरों के नंबर

बदायूं। लॉकडाउन के बीच अब लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का समाधान एक फोन कॉल पर मिल जाएगा। कोरोना से बचाव को लेकर देशभर में लॉकडाउन के बाद लोगों के घरों से निकलने में पांबदी लगाई गई है। इस दौरान जिला प्रशासन ने खाद्य सामग्री की होम डिलीवरी की व्यवस्था शुरू कराने के बाद अब लोगों को घर बैठे चिकित्सा सुविधा देने की व्यवस्था की है। इसके तहत आठ प्राइवेट चिकित्सकों के नाम और फोन नंबर सार्वजनिक किए गए हैं। क्योंकि मौजूदा समय में सभी चिकित्सकों के क्लीनिक बंद है। ऐसे में यह डॉक्टर फोन कॉल / व्हाट्सएप/ वीडियो कॉल पर मरीजों की जांच कर दवा के बारे में बताएंगे।
लॉकडाउन के दौरान आम जनता को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए शासन की ओर से सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जनपदों की स्थिति को देखते हुए जरूरी फैसले लेने के लिए स्वत्रंत कर दिया गया है। ऐसे में डीएम कुमार प्रशांत ने पहले सब्जी और फल वालों की लिस्ट जारी की। कौन सा सब्जी या फल का ठेला किस मोहल्ले में जाएगा, यह निर्धारित किया गया। वहीं, अब उन्होंने प्राइवेट डॉक्टर की सूची जारी की है।
यह हैं चिकित्सकों के फोन नंबर:
डॉ. शरद कुमार गुप्ता- फिजीशियन व हार्ट स्पेशलिस्ट -9811514664
डॉ. रमेंद्र सिंह- फिजीशियन -9412295922
डॉ. आदित्य हरि गुप्ता- चाइल्ड स्पेशलिस्ट -9794490380
डॉ. विवेक जौहरी- चाइल्ड स्पेशलिस्ट -9456209068
डॉ. सुधीर सिंह- सर्जन -9412294532
डॉ. पारुल गुप्ता- स्त्री रोग विशेषज्ञ -7500868878
डॉ. रितुज चंद्र- आई स्पेशलिस्ट -7017528412
डॉ. बीआर गुप्ता- आर्थोपेडिक सर्जन -9837775287
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जिला अस्पताल बना ‘कोविड-19’ अस्पताल, गंभीर मरीज मेडिकल कॉलेज में भर्ती होंगे

बदायूं। कोरोना वायरस को लेकर डीएम कुमार प्रशांत ने आखिरकार यह तय कर ही दिया कि अब संदिग्ध मरीजों के अलावा पॉजिटिव मरीज भी जिला अस्पताल में भर्ती किये जाएंगे। हालत बिगड़ने पर उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाएगा। राजकीय मेडिकल कॉलेज में वेंटिलेटर की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए चार वेंटिलेटर ऑर्डर किये गए हैं।
शनिवार दोपहर डीएम कुमार प्रशांत ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और जिला अस्पताल के सीएमएस, राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य के साथ बैठक की। अब तक जिला अस्पताल में कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीज भर्ती हो रहे थे, लेकिन यह तय नहीं हो पाया था कि वायरस के पॉजिटिव मरीज कहां रखे जाएंगे। शनिवार दोपहर इस बात को लेकर चर्चा की गई। सभी अस्पतालों में व्यवस्थाओं पर चर्चा के बाद यह तय हुआ कि राजकीय मेडिकल कॉलेज में जिला अस्पताल की अपेक्षा अच्छी व्यवस्थाएं हैं। इससे राजकीय मेडिकल कॉलेज को ही लेवल टू और थ्री बनाया जाएगा। यहां वेंटिलेटर की व्यवस्था की जाएगी। डीएम के आदेश पर चार वेंटिलेटर भी ऑर्डर कर दिए गए हैं। जो जल्द ही राजकीय मेडिकल कॉलेज को उपलब्ध हो जाएंगे। जबकि जिला अस्पताल लेवल वन रहेगा। यहां संदिग्ध मरीज लाए जाएंगे और भर्ती करने की व्यवस्था रहेगी। यह मरीज जिस वार्ड में भर्ती रहेंगे, उसे बिल्कुल अलग कर दिया जाएगा और बैरिकेडिंग कराई जाएगी।
नजदीकी वार्डों से हटाए जाएंगे मरीज
जिला अस्पताल में कोरोना वार्ड बनाए गए हैं। अब तक पेइंग और ईएनटी वार्ड को भी इसमें शामिल कर लिया गया है। इसके नजदीक में जो भी वार्ड हैं, उन्हें खाली करा दिया जाएगा। उन्हें दूसरे वार्डों शिफ्ट किया जाएगा।
जिला अस्पताल में संदिग्ध और पॉजिटिव मरीज भर्ती होंगे। अगर उनकी हालत बिगड़ती है तो राजकीय मेडिकल कॉलेज में रेफर किया जाएगा। राजकीय मेडिकल कॉलेज में वेंटिलेटर की व्यवस्था की जा रही है। चार वेंटिलेटर ऑर्डर किये गए हैं। - कुमार प्रशांत, डीएम
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डीसीएम में फलों की क्रेट के पीछे छुपकर पहुंचे दर्जनों लोग, ड्राइवर ने वसूला एक-एक हजार रूपये किराया

कादरचौक (बदायूं)। कोरोना को खत्म करने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन किया गया है। लॉकडाउन में किसी को भी घर से न निकलने को कहा जा रहा है। लॉकडाउन की वजह से दिल्ली जाकर काम करने वाले मुसीबत में फंस गए हैं। उनके पास न रोजगार है और न ही खाने को रोटी। दिल्ली सरकार बाहरी मजदूरों के लिए दावे के अलावा कुछ नहीं कर रही। मजबूरन दिल्ली में काम करने वालों को अपने घर लौटना पड़ रहा है। ट्रेनें और बसें बंद होने से अपने घरोें को लौटने वाले लोगों को कोरोना को कोरोनों के खतरे का भी अंदेशा नहीं है। वे तो किसी भी तरह अपने घर पहुंचना चाहते हैं। शनिवार रात दिल्ली से कुछ लोग एक डीसीएम में फलों की क्रेटों के पीछे छिपकर बदायूं पहुंचे।
शनिवार रात कादरचौक पुलिस ने रमजानपुर के पास एक डीसीएम को रोक लिया। यह डीसीएम ककराला की तरफ जा रही थी। पुलिस के पूछने पर डीसीएम चालक ने बताया कि वह दिल्ली से फल पहुंचाकर लौट रहा रहा है। डीसीएम में पीछे की तरफ फलों की खाली क्रेटें रखी हुई थीं। शक होने पर पुलिस कर्मियों ने ऊपर चढ़कर क्रेटों के पीछे झांककर देखा तो उसमें दर्जनों लोग बैठे हुए थे। पुलिस को उन्होंने बताया कि सभी लोग दिल्ली में काम करते हैं। बसें और ट्रेनें बंद होने से उन्हें डीसीएम में बैठना पड़ा। सभी ककराला के रहने वाले हैं। डीसीएम चालक ने उनसे एक-एक हजार रुपये किराया लिया। बताया जाता है कि इसी बीच किसी ने ककराला फोन कर दिया। ककराला से कुछ नेताओं के फोन पुलिस के पास पहुंचे लगे। शेखूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य की भी इसकी जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने चालक को ऐसा दोबारा न करने की चेतावनी देकर डीसीएम को जाने दिया।
डीसीएम में फलों की खाली क्रेट के अंदर सवारिया भरी हुई थी जिनसे रुपये लेकर दिल्ली से ककराला ले जाया जा रहा था। चूंकि उस समय सवारियों को उनके घर भेजना आवश्यक था, इसलिए चालक को चेतावनी देकर जाने दिया गया। - मुकेश बाबू, एसआई
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दिल्ली में कोरोना संक्रमित के घर से लौटी महिला को तीनों बच्चों समेत किया होम आइसोलेट

उझानी (बदायूं)। दिल्ली से अपने तीन बच्चों के साथ भाई के घर लौटी महिला को लेकर पठानटोला मोहल्ले में अफरातफरी का माहौल बन गया। बच्चों समेत महिला दिल्ली में जिस व्यक्ति के घर में किराये पर रहती है, वह कोरोना संक्रमित पाया गया था। इसकी भनक लगते ही चिकित्साधीक्षक पुलिस फोर्स के साथ उसके भाई के घर पर पहुंचे। महिला को बच्चों सहित होम आइसोलेट कर दिया गया। साथ ही नजरबंद रहने का नोटिस भी चस्पा कर दिया गया है।
रविवार सुबह पठानटोला मोहल्ला निवासी व्यक्ति के घर उसकी बहन और तीनों भांजे पहुंचे। आसपास के लोगों को जब इसका पता लगा तो उन्होंने महिला के भाई से बात की। पड़ोसियों की सूचना के बाद चिकित्साधीक्षक सुयश दीक्षित और कोतवाली से एसएसआई रामऔतार सिंह ने महिला और उसके भाई से जानकारी की। चिकित्साधीक्षक ने बताया कि महिला अपने बच्चों के साथ दिल्ली में जिस व्यक्ति के घर में किराये पर रहती है, उसे कोरोना संक्रमित पाया गया है। इसे लेकर हालांकि अभी पुष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है, लेकिन महिला ने सब कुछ बता दिया है। महिला और उसके तीनों बच्चों को भाई के घर में होम आइसोलेट कर दिया गया है। उसके दरवाजे पर प्रशासन की ओर से नोटिस चस्पा कर दिया गया है। अगर वह या उसके बच्चे घर से बाहर निकले तो कार्रवाई की जाएगी। उधर, डॉक्टरों की टीम ने शनिवार रात से रविवार शाम तक गांव संजरपुर, फूलपुर, मानकपुर, जिरौली, हजरतगंज में 45 लोगों को होम आइसोलेट कर दिया। यह सभी लोग दिल्ली और पंजाब से घर लौटे हैं। अब्दुल्लागंज में दूसरे राज्यों से लौटने वाले लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है।
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लॉकडाउनः दिल्ली-हरियाणा से लौटे 72 हजार लोग, 48 बसें और भेजी

बदायूं। लॉकडाउन में दिल्ली, हरियाणा और पंजाब से लौटने वालों का आंकड़ा 72 हजार से पार हो चुका है। इसके बावजूद दिल्ली-बदायूं हाईवे खाली नहीं हो रहा है। इसके लिए जिले से 48 बसें और लगाई गईं हैं, जिससे यह लोग जल्द से जल्द अपने घर पहुंच सकें और उनको स्थानीय स्तर पर आइसोलेट किया जा सके।
शनिवार को बदायूं जिले से 50 रोडवेज बसें भेजी गई थीं। दोपहर से इन्हें भेजने का सिलसिला शुरू हुआ था और देर रात तक चलता रहा। फिर जैसे-जैसे यह बसें बदायूं लौटती गईं, वैसे ही उन्हें दोबारा रास्ते में फंसे लोगों को लाने के लिए दिल्ली भेज दिया गया। यह क्रम रविवार शाम तक चलता रहा। बताते हैं कि अब तक दिल्ली, पंजाब और हरियाणा से करीब 72 हजार लोग बदायूं आ चुके हैं। इसके बावजूद गैर प्रांतों से लौटने वाले लोगों का सिलसिला बंद नहीं हुआ है। माना जा रहा है कि अभी एक-दो दिन और लग जाएगा। तब कहीं दिल्ली-बदायूं हाईवे सूनसान होगा। वहीं, शहर के पुलिस लाइन चौराहे पर बाहर से आने वाले लोगों को खाने-पीने की व्यवस्था की गई है। नगर के समाजसेवी और विभागीय अधिकारी, कर्मचारी इस सेवा में लगे हैं।
पुलिस लाइन चौराहे पर ही जिले की सभी प्राइवेट बसें लगा दी गई हैं। जिस स्थान के लोग सबसे ज्यादा एकत्र हो जाते हैं, उन्हें बस में बैठाकर रवाना कर दिया जाता है। बाकी दो-चार लोगों को अन्य माध्यमों से उनके गंतव्य तक भेजा जा रहा है। रोडवेज चौकी प्रभारी एसआई सुनील कुमार भी लोगों की मदद में लगे हैं।
बॉर्डर पर यात्रियों की जांच, बसें हो रहीं सैनिटाइज
डीएम कुमार प्रशांत के निर्देश पर जिले के बॉर्डर पर बदायूं लौटने वाले यात्रियों को चेक किया जा रहा है। उनका क्या नाम है और कहां के रहने वाले हैं, यह नोट किया जा रहा है। इसके लिए एक टीम जरीफनगर इलाके में और एक टीम फैजगंज बेहटा बॉर्डर पर लगाई गई है। जो बस दिल्ली से लौट रही हैं, उनके यात्रियों को उतारकर लाइन लगवाई जाती है। फिर बसों को सैनिटाइज किया जाता है। उसके बाद एक-एक यात्री को चेक किया जाता है। इस दौरान उन्हें कम से कम 14 दिन अपने घर के भीतर रहने की सलाह दी जा रही है।
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लॉकडाउन के बीच प्रशासन ने तय किए आटा-चावल से लेकर फलों के दाम, देखें लिस्ट

बदायूं। कोविड-19 के तहत 25 मार्च से 14 अप्रैल तक देशभर में संपूर्ण लॉकडाउन कर दिया है। लॉकडाउन के दौरान खाद्य पदार्थों के निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बिक्री के नियंत्रित करने और कालाबाजारी को रोकने के लिए रोजमर्रा की चीजों के रेट निर्धारित किए गए है। डीएम कुमार प्रशांत ने बताया कि अगर निर्धारित रेट से अधिक कीमत पर कोई सामान बेचेगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
राशन, सब्जी और फल के दाम
उत्पाद- फुटकर रेट
अरहर दाल-85 से 100 रुपये प्रति किलो
चना दाल-65 से 70 रुपये प्रति किलो
मूंग दाल-85 से 100 रुपये प्रति किलो
मसूर दाल-70 से 90 रुपये प्रति किलो
ऑटा खुुला/ पैकेट-26/30 रुपये प्रति किलो
चावल मोटा/ सरवती-25/38 रुपये प्रति किलो
पिसी हल्दी 100 ग्राम-एमआरपी
पिसी मिर्च 100 ग्राम-एमआरपी
पिसी धनिया 100 ग्राम-एमआरपी
राजमा-काला 90 रुपये, ब्राउन 11 रुपये प्रति किलो
चीनी-38 रुपये किलो
सरसों तेल-100 से 110 रुपये प्रति किलो
बेसन-ब्रांडेड 100 रुपये प्रति किलो
माचिस पैकेट-एमआरपी
नमक-एमआरपी
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फल/ सब्जी
-------------
आलू-25 रुपये प्रति किलो
प्याज-30 रुपये प्रति किलो
टमाटर-20 रुपये प्रति किलो
हरी मिर्च-40 रुपये प्रति किलो
खीरा-20 रुपये प्रति किलो
गोभी-15 रुपये प्रति किलो
मटर-30 रुपये प्रति किलो
सेब-80 रुपये प्रति किलो
अंगूर-60 रुपये प्रति किलो
संतरा-50 रुपये प्रति किलो
पपीता-40 रुपये प्रति किलो
अनार-55 रुपये प्रति किलो
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लॉकडाउन में किसानों को गेहूं काटने की मिली छूट, एक अप्रैल से जिले भर में खोले जाएंगे 111 क्रय केंद्र

बदायूं। कोरोना महामारी और लॉकडाउन के चलते वैसे तो हर तरफ लोग परेशान दिखाई दे रहे है। लेकिन ऐसे वक्त में अन्नदाता किसान सबसे अधिक परेशान हैं। क्योंकि खेत में गेहूं की फसल तैयार हो गई हैं और फसल की कटाई का समय आ गया है। जबकि कोरोना वायरस के डर से लोगों ने घरों से बाहर निकालना बंद कर दिया है। ऐसे में किसानों को गेहूं की कटाई को लेकर चिंता सता रही है। हालांकि प्रशासन ने गेहूं कटाई के लिए किसानों को छूट दे दी है। और एक अप्रैल से सभी सरकारी क्रय केंद्र खोले जांएगे। जहां पर किसानों के वाहनों को सैनिटाइज कर गेहूं की खरीदारी की जाएगी।
योगी सरकार ने पिछले दिनों गेहूं के समर्थन मूल्य की घोषणा की। इसमें गत वर्ष के अपेक्षा 85 रुपये बढ़ोत्तरी की गई है। जिसके चलते इस साल 1925 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से गेहूं की खरीदारी सरकारी केंद्रों पर होगी। लेकिन इस सब के बीच में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 मार्च से पूरे देश में 21 दिनों का लॉकडाउन की घोषणा की। इस बीच किसानों की फसल की कटाई का समय शुरू हो गया है। ऐसे में जब किसान खेतों में काम करने के लिए जा रहे हैं तो उन्हें पुलिस वहां से खदेड़ देती है। इस समस्या को देखते हुए प्रदेश सरकार ने किसानों की कटाई करने की परमिशन दे दी है। परमिशन मिलने के बाद में किसानों ने खेत की तरफ अपना रुख कर लिया है। वहीं जिला प्रशासन ने एक अप्रैल से सभी 111 सरकारी क्रय केंद्रों को खोलने का फैसला लिया है। इसके बाद में जिला प्रशासन ने सभी केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि जब केंद्रों पर किसानों की गेहूं की खरीदारी की जाए तो सबसे पहले उनके वाहन को सैनिटाइज कराया जाए। उसके बाद में भी खरीद की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।
सभी प्रभारियों को निर्देशित किया है कि वह गेहूं खरीद से पहले सभी वाहनों को सैनिटाइज करना सुनिश्चित करें। हर किसान के हाथ साबुन से साफ कराए जाएं। साथ ही उन्हें कोरोना वायरस के बारे में जागरूक किया जाए।
- नरेंद्र बहादुर सिंह, एडीएम, वित्त एवं राजस्व
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लॉकडाउन में मनमानी पड़ी भारी, सड़क पर बेवजह घूमने वाले 33 लोगों के खिलाफ एफआईआर

बदायूं। लॉकडाउन के दौरान पुलिस की सख्ती के बावजूद लोग सड़क पर घूमने से बाज नहीं आ रहे हैं। रविवार को जिले के अलग-अलग थानों में सड़क पर बेवजह घूमने वाले 33 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। इनमें 87 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिन्हें बाद में थाने से जमानत पर छोड़ दिया गया है। इसके अलावा 37 बाइक सीज की गईं और सात का चालान किया गया।
कोरोना वाइरस को खत्म करने के लिए समूचे देश में लॉकडाउन है। सरकार सभी जरूरी चीजें घर-घर पहुंचा रही है। कोरोना के खतरे को देखते हुए तमाम लोग लॉकडाउन का पालन भी कर रहे हैं। मगर कुछ लोग अभी सड़कों पर घूमने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसे लोगों से पुलिस ने सख्ती से निपटना शुरू कर दिया है। रविवार को भी पुलिस खासी सख्ती रही। एसपी सिटी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने सुबह सभी थानेदारों को सड़क पर घूमने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। पूर्वाह्न 11 बजे तक लोग शहर में घूमते दिखे, लेकिन उसके बाद सख्ती शुरू कर दी गई। कादरचौक थाना क्षेत्र के ग्राम कटिन्ना के पंचायत घर में कुछ लोग लूडो खेल रहे थे, जिनमें जुगलकिशोर पुत्र ब्रजपाल को पुलिस ने पकड़ लिया, जबकि पंकज पुत्र हरीश, पान सिंह पुत्र वेदराम, चंद्रसेन पुत्र श्रीराम, चंद्रवीर पुत्र कृष्णपाल, अनेकपाल पुत्र रघुवीर, कुंवरपाल पुत्र तेजपाल, सुवोद पुत्र जगदीश भाग गए। पुलिस ने सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। इधर, इस्लामनगर पुलिस ने सड़क पर घूमने वाले 16 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इनमें दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया, जिन्हें बाद में थाने से जमानत दे दी गई। इसके अलावा पुलिस ने पुलिस ने सड़क पर घूम रहे लोगों की 14 बाइक सीज कर दीं।
कुंवरगांव थाना पुलिस ने फरीदपुर चकोलर निवासी जसपाल पुत्र प्रेमचंद और नरऊपसा निवासी छोटेलाल पुत्र धर्मपाल को पकड़ लिया। उनकी बाइक का चालान भी कर दिया गया। फैजगंज बेहटा पुलिस ने सड़क पर घूमने निकले संजीव, फैसल, आशिक, पंकज, अंकित, फैराज, चंद्रकेश, सतीश और शौकीन को गिरफ्तार कर लिया। सभी के खिलाफ धारा 188 और 179 के तहत एफआईआर दर्ज की गई। हालांकि बाद में जमानत पर छोड़ दिया गया। उसहैत पुलिस ने रविवार को एक बाइक सीज कर दी और पांच वाहनों के चालान किए।
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उझानी में कार हटाने को लेकर भिड़े दो पड़ोसी, मारपीट, फायरिंग

उझानी (बदायूं)। दरवाजे पर खड़ी कार और बैंडबाजा की ठेली हटाने को लेकर दो पड़ोसियों के बीच जमकर मारपीट और फायरिंग हुई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्ष के तीन लोगों को हिरासत में ले लिया है। वारदात के बाद से गांव में दहशत का माहौल है।
यह घटना शनिवार रात करीब नौ बजे की है। उझानी के किलाखेड़ा मोहल्ला निवासी अनीस अहमद और शोफिया के घर आसपास हैं। दरवाजे के सामने खड़ी कार और बैंडबाजे की ठेली हटाने को लेकर दोनों के बीच कहासुनी जमकर मारपीट हुई। इसके बाद दोनों तरफ के लोग अपने घरों की छतों पर चढ़ गए और दोनों ओर से दो हवाई फायर किए गए। इसकी भनक लगने पर सीओ सर्वेंद्र कुमार और प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार मौके पर जा पहुंचे। पुलिस ने दोनों पक्षों के तीन युवकों को हिरासत में ले लिया है, जबकि अन्य लोग मौके से भाग गए। एक पक्ष के लोगों में अनीस और उसका रिश्तेदार रानू तो दूसरे पक्ष से शोफिया शामिल है। पुलिस ने आरोपियों के घरों की तलाशी भी ली, लेकिन कोई नाजायज असलाह नहीं मिला। आरोप है कि फायरिंग मौके से फरार हुए लोगों ने की थी। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मारपीट का मामला सामने आया है। फायरिंग की सूचना थी, लेकिन मौके पर इसकी तस्दीक नहीं हो पाई है। दोनों पक्षों के पांच लोगों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई कर दी गई है।
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कोरोनाः गांवों में 10-10 बेड के आइसोलेशन वार्ड बनाने का काम शुरू

बदायूं। कोरोना महामारी से लड़ने की तैयारियां तेज हो गई हैं। ग्राम सभा स्तर पर भी 10-10 बेड के आइसोलेशन वार्ड बनाए जा रहे हैं। इसका जिम्मा बीडीओ की देखरेख में ग्राम प्रधानों को दिया गया है। काफी गांवों के प्राथमिक स्कूलों में आइसोलेशन वार्ड बनकर तैयार हो गए हैं। इसके साथ ही प्रधानों के साथ आशा वर्कर और आंगनबाड़ी के जरिए गांवों में दूसरे प्रांतों से लौटे लोगों की सूची तैयार की जा रही है।
देश में 21 दिन का लॉकडाउन लागू है। इस दौरान हजारों की संख्या में मजदूर भी गैर प्रांतों से वापस लौट रहे हैं। डीएम ने सभी ग्राम पंचायतों में बीडीओ, सचिव और प्रधान को गांवों के बाहर 10-10 बेड के आइसोलेशन वार्ड बनवाने के निर्देश दिए हैं। जिसके बाद में ग्राम पंचायतों में आइसोलेशन वार्ड बनने शुरू हो गए है। साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी के निर्देशन में प्रधान, आशा वर्कर और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों की सूची तैयार कर रही हैं। और उस सूची को जिला प्रशासन के लिए मुहैया कराई जा रही है। ताकि उनके बारे में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को जानकारी हो सके ।
दबतोरी। बीडीओ आसफपुर संतोष कुमार ने डीएम के निर्देश के बारे में ब्लॉक के सभी प्रधानों को अवगत करा दिया हैं। सभी गांवों के बाहर 10-10 बेड के आइसोलेशन वार्ड बनाए जा रहे हैं। ताकि अगर किसी गांव में कोई कोरोना संदिग्ध मरीज मिलता है, तो गांव में ही उसे आइसोलेट कर इलाज किया जा सके।
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