मनरेगा से सुधरेगी 40 हजार हेक्टेयर बंजर भूमि की सेहत

Ghaziabad Bureauगाजियाबाद ब्यूरो Updated Thu, 24 Sep 2020 11:18 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
मनरेगा से सुधरेगी 40 हजार हेक्टेयर बंजर भूमि की सेहत
विज्ञापन

बुलंदशहर। जनपद में बंजर पड़ी 40 हजार हेक्टेयर भूमि की सेहत सुधारने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए मनरेगा की मदद ली जाएगी। जिला भूमि संरक्षण अधिकारी ने शासन को रिपोर्ट भेजने की तैयारी कर ली है। शासन से मंजूरी मिल गई तो बंजर पड़े इस क्षेत्र में जल्द ही फसलें लहलहाएंगी।
जनपद बुलंदशहर प्रदेश का कृषि प्रधान जिला है। यहां पर 3.64 लाख हेक्टेयर भूमि है। इसमें से तीन लाख हेक्टेयर भूमि पर खेती की जाती है। इससे करीब चार लाख किसान जुड़े हुए हैं। इनमें छोटे और बड़े सभी प्रकार के किसान शामिल हैं। केंद्र व प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत समय-समय पर जनपद की बंजर भूमि को उपजाऊ बनाने के लिए काम किया जाता रहा है। गत वर्ष जनपद में 100 हेक्टेयर से अधिक बंजर भूमि को उपजाऊ बनाया गया। इस भूमि पर अब फसलें लहलहा रही हैं। इसके अलावा सरकार की अन्य योजनाओं के तहत भी भूमि की उर्वरा शक्ति को बढ़ाने के लिए भी काम किया जाता है। इसके लिए सरकार किसान को कम कीमत या फिर निशुल्क उर्वरक आदि उपलब्ध करवाती है, जिससे बंजर भूमि को उपजाऊ बनाया जा सके और कम हो रही भूमि की उर्वरा शक्ति को बचाया जा सके। विभागीय अफसरों ने बताया कि इस समय जनपद में 40 हजार हेक्टेयर भूमि बंजर है। यह भूमि जनपद के अलग-अलग हिस्सों में है। सबसे ज्यादा बंजर भूमि गंगा किनारे वाले क्षेत्र में है। यदि इस भूमि पर फसलें उगाई जाएं तो किसानों को लाभ होने के साथ ही खाद्यान्न में भी इजाफा होगा। इस बंजर भूमि को उपजाऊ बनाने के लिए पहल की गई है। इस कार्य में मनरेगा का सहयोग लिया जाएगा। इसके लिए रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजने की तैयारी की जा रही है।
ऐसे सहयोग करेंगे मनरेगा मजदूर
विभागीय अफसरों के अनुसार केंद्र सरकार मनरेगा श्रमिकों को अधिक से अधिक काम देने पर जोर दे रही है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि कोरोना काल में श्रमिकों के सामने रोजगार की समस्या आड़े न आए। जनपद में जो बंजर भूमि है, उसे मनरेगा के सहयोग से समतल करवाया जाएगा। भूमि की उर्वरा शक्ति को बढ़ाने में सहायक उर्वरक डालने आदि काम में मनरेगा श्रमिकों का सहयोग लिया जाएगा। इससे मनरेगा श्रमिकों को काम भी मिलेगा।
जनपद में 40 हजार हेक्टेयर भूमि बंजर है। यदि इस भूमि को उपजाऊ बना दिया जाए तो किसानों को लाभ मिलेगा और खाद्यान्न में भी इजाफा होगा। इसे देखते हुए विभाग की ओर से इस भूमि को उपजाऊ बनाने की दिशा में पहल की गई है। इस कार्य में मनरेगा का सहयोग लिया जाएगा। इसमें शासन की मंजूरी भी जरूरी है। इसलिए शासन को विभाग की ओर से रिपोर्ट बनाकर भेजने की तैयारी की जा रही है। - डॉ. घनश्याम वर्मा, जिला भूमि संरक्षण अधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X