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नवरात्र में कराएं कामाख्या बगलामुखी कवच का पाठ व हवन, पाएं कर्ज मुक्ति एवं शत्रुओं से छुटकारा
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Coronavirus in UP Live Updates: 27 लाख मनरेगा मजदूरों के खाते में भेजे गए 611 करोड़ रुपये

शासन और प्रशासन संक्रमण के चेन को तोड़ने के लिए लगातार कोशिश कर रहा है। लोगों से भी हर वक्त घरों में रहने की अपील की जा रही है।

30 मार्च 2020

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फैजाबाद

सोमवार, 30 मार्च 2020

आज अस्थायी मंदिर में विराजेंगे रामलला, मुख्यमंत्री रहेंगे मौजूद, लाइव दर्शन होंगे

श्रीरामजन्मभूमि पर भव्य राममंदिर निर्माण के प्रथम चरण का अनुष्ठान आज सुबह सात बजे से पहले पूरा हो जाएगा। रामलला तीनों भाइयों भरत, लक्ष्मण, शत्रुघ्न और हनुमान जी के साथ अस्थायी मंदिर में विराजमान होंगे। कोरोना से बचाव के चलते रामनगरी आने पर लगी रोक से प्रशासन ने भक्तों को घर पर ही लाइव दर्शन कराने की रणनीति बनाई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में शंखनाद व घंटे-घड़ियाल के बीच भोर में तीन बजे चार पात्रों में फूल व अक्षत के बीच रामलला समेत चारों भाइयों की पालकी नए मंदिर के लिए हनुमानलला के साथ प्रस्थान करेगी।

श्रीरामजन्मभूमि परिसर के गर्भगृह में उदक शांति पूजा के बाद मंगलवार को सुबह से पूरे दिन विराजमान रामलला को नए गर्भगृह में विराजमान करने के लिए विशेष अनुष्ठान हुआ। उधर, अस्थाई मंदिर परिसर को जागृत करने के साथ ही रामलला के आने के लिए तय मार्ग के परिक्रमा पथ का शुद्धिकरण भी किया गया।

इस दौरान आचार्य डॉ. कीर्तिकांत शर्मा के नेतृत्व में वैदिक आचार्यों की टीम ने भगवान से कोरोना संकट से संपूर्ण विश्व को मुक्ति दिलाने के लिए भी प्रार्थना की। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने बताया कि मंगलवार को 10 बजे रात में शयन आरती के बाद रामलला विश्राम करेंगे, फिर उनसे शुभ मुहूर्त में रात दो बजे जागरण के लिए प्रार्थना की जाएगी। इसके बाद आरती होगी और चालन विधि से अनुष्ठान के बीच जन्मभूमि पर भव्य मंदिर बनने तक नए गर्भगृह में विराजमान होने के लिए प्रार्थना की जाएगी।
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रामलला को अस्थाई मंदिर में विराजमान करने का अनुष्ठान शुरू, कल अयोध्या आ सकते हैं योगी

कोरोना से बचाव के लिए रामनगरी में बाहरी भक्तों के प्रवेश और लॉक डाउन जैसे हालात के बीच सोमवार को श्रीराममंदिर निर्माण का पहला चरण प्रारंभ हो गया है। श्रीजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने गर्भगृह में विराजमान रामलला को नए अस्थाई मंदिर में शिफ्ट करने की पूजा प्रख्यात वैदिक आचार्य डॉ. कृतिकांत शर्मा के नेतृत्व में दिल्ली, काशी, मथुरा व प्रयागराज के 15 आचार्यों के साथ सुबह अनुष्ठान शुरू कराया।

गर्भगृह की पूजा में ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र यजमान बने तो अस्थाई मंदिर की पूजा में ट्रस्टी राजा अयोध्या बिमलेंद्र मोहन मिश्र। नवरात्र के पहले दिन 25 मार्च को रामलला को अस्थाई मंदिर में शिफ्ट किया जाएगा। 

दिल्ली से आए प्रसिद्ध वैदिक आचार्य  डॉ. कृतिकांत शर्मा के नेतृत्व में रामलला को नए घर में विराजमान करने के लिए 15 आचार्यों की टीम ने सुबह साढ़े सात बजे उदक शांति पूजा के साथ भूमि के शुद्धिकरण का अनुष्ठान शुरू किया। इसके पहले आचार्यों की टीम को रविवार रात नौ बजे श्रीराम जन्मभूमि परिसर ले जाया गया, जहां विराजमान रामलला और नए मंदिर का निर्माण स्थल दिखाया गया।

ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने बताया कि कोराना की महामारी रोकने के लिए अनुष्ठान को सीमित करते हुए सरकार के दिशा-निर्देश का अनुपालन भी सुनिश्चित कराया गया है। ज्यादा लोग एकत्रित न हों, इसके लिए अयोध्या के शीर्ष संतों की भागीदारी भी नहीं हो पाई। सोमवार को सूर्योदय से पहले पूजन सामग्री की व्यवस्था पहुंचाई गई, इसके बाद एक साथ दो जगह विराजमान रामलला व अस्थाई मंदिर अनुष्ठान शुरू हुआ। इसी के साथ रामजन्मभूमि पर मंदिर निर्माण का पहला चरण प्रारंभ हुआ है। गर्भगृह की पूजा के यजमान डॉ. अनिल मिश्र हैं, जबकि साक्षी के रूप में विधायक वेदप्रकाश गुप्त व डीएम अनुज कुमार झा रहे। उधर, अस्थाई राममंदिर स्थल पर पूजा-अर्चना के यजमान राजा अयोध्या बिमलेंद्र मोहन मिश्र हैं। 

ऐसे शुरू हुई पूजा
सोमवार सुबह 7:30 बजे दिल्ली से आए मुख्य आचार्य कृतिकांत शर्मा के नेतृत्व में नदियों के पवित्र जल से भरे हुए कलश, पूजन सामग्री, फल-फूल, भगवान के वस्त्र, हवन सामग्री आदि के साथ पीले व सफेद वस्त्र धारण करके कुल 15 आचार्य रामलला परिसर में  दाखिल हुए। आचार्यों की टीम में विश्व हिंदू परिषद के संत संपर्क प्रमुख पंडित अशोक तिवारी और संयुक्त महामंत्री कोटेश्वर जी भी शामिल हैं, यह दोनों वैदिक पूजा पद्धति के दक्ष माने जाते हैं। साथ ही रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सतेंद्र दास भी मौजूद रहे।

टीम में शामिल अयोध्या के आचार्य इंद्र देव मिश्र ने बताया कि 10 आचार्यों की टीम रामलला के वर्तमान गर्भ गृह में पूजन अर्चन कर रही है । ये आचार्य रामलला से नए घर में चलने की प्रार्थना कर रहे हैं ,जबकि पांच आचार्यों की टीम अस्थाई राम मंदिर में भूमि शुद्धिकरण का अनुष्ठान कर रहे हैं । 25 मार्च की सुबह 4:30 बजे राम लला को विधि-विधान पूर्वक नए अस्थाई मंदिर में शिफ्ट कर दिया जाएगा। बताया कि रामलला को जिस रास्ते से पुराने घर से नए घर में ले जाना है उस रास्ते का भी शुद्धि करण कराया जाएगा।

जयपुर से बनकर आए चांदी के सिंहासन पर विराजेंगे रामलला 
-श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को ट्रस्टी राजा अयोध्या बिमलेंद्र मोहन मिश्र ने अपने परिवार की ओर से चांदी का भव्य सिंहासन भेंट किया है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि इसी सिंहासन पर रामलला चारों भाईयों के साथ नवरात्र के प्रथम दिवस 25 मार्च को भोर में विराजमान होंगे। कहा कि यह सिंहासन जयपुर में बना है, इसे जमीन पर बैठकर कारीगरों ने श्रद्धापूर्वक बनाया है। इसका वजन 9.5 किग्रा है। यह 25 इंच लंबा, 15 इंच चौड़ा, और 30 इंच ऊंचा है। इसके शीर्ष पर सूर्यवंश के प्रतीक भगवान सूर्य की मुखाकृति बनी है। राजा की ओर से सिंहासन के साथ चौकी और क्षत्र भी भेंट किया गया है, इसके लिए ट्रस्ट उनके परिवार की सुख-समृद्धि के लिए भगवान से प्रार्थना करता है। 

बुलेटप्रूफ करने का काम शुरू कराने कल आ सकते हैं योगी 
रामलला को विराजमान करने के लिए श्रीरामजन्म भूमि से ढाई सौ मीटर पूरब बनाए गए अस्थाई मंदिर के सबसे भीतरी सुरक्षा घेरे को फाइबर और ग्लास के बुलेट प्रूफ मंदिर से सजाने का काम सोमवार सुबह शुरू हो गया है। पूरा मंदिर तैयार करके गृह मंत्रालय की टीम मंगलवार दोपहर तक सुपुर्द कर पाएगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को भोर में रामलला को नए अस्थाई मंदिर के गर्भगृह में स्थापित करने के लिए आ सकते हैं। इसे वेहद गोपनीय रखा जा रहा है। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के सूत्रों के मुताबिक वे सड़कर मार्ग से मंगलवार की आधी रात के बाद लखनऊ से रवाना हो सकते हैं, सीधे करीब चार बजे भोर में रामलला परिसर में दाखिल होंगे, जहां एक घंटे की पूजा व स्थापना के बाद सीधे लखनऊ वापस लौट जाएंगे। 

रामलला की पूजा का होगा प्रसारण
-रामलला को अस्थाई मंदिर में शिफ्ट करने के लिए पूजा-अर्चना व पालकी यात्रा का दूरदर्शन से रिकॉर्डिंग कराकर प्रसारण भी होगा। इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। सूत्रों के अनुसार कोरोना संकट के चलते भक्तों को अयोध्या आने से रोक दिया गया है, इसलिए आराध्य की नवरात्र के पहले दिन नए गर्भगृह में शिफ्टिंग के अनुष्ठान को लाइव दिखाना आवश्यक है। बताते हैं कि जिला प्रशासन व ट्रस्ट के अनुरोध पर शासन व केंद्रीय गृहमंत्रालय ने इसकी स्वीकृति दे दी है। भोर में तीन बजे से शुरू होने वाली पूजा की पांच बजे तक रिकार्डिंग दूरदर्शन करेगा। मुख्यमंत्री के जाने के बाद इसे एक साथ सभी चैनलों व अखबारों के वेब एडिशन को भी देने की तैयारी है। मीडिया का प्रवेश भीड़ से बचने के लिए नहीं होगा। कार्यक्रम के फोटो भी उपलब्ध कराए जाएंगे। 

अयोध्या के प्रमुख संत, ट्रस्टी भी होंगे शामिल
- रामलला को नए मंदिर में ले जाने का कार्यक्रम बेहद भव्य व दिव्य होगा। इसमें बाजे-गाजे के साथ रामलला समेत चारों भाई व हनुमानजी के विग्रह के अलग-अलग पालकी स्वरूप बड़े आकार के पात्र में ले जाने की रणनीति बनाई गई है। इस कार्यक्रम में अयोध्या से शीर्ष संत-महंतों को भी शामिल करने की सूची बन रही है। बताते हैं कि हर हाल में 50 से कम लोगों को  आमंत्रित किया जाना है ताकि कोराना के कारण निश्चित दूरी से ही लोग कार्यक्रम का हिस्सा बनें।
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अयोध्या में अघोषित लॉक डाउन जैसे हालात, प्रशासन ने बंद करवाई दुकानें

अयोध्या जिला प्रशासन द्वारा लोगों से घरों से कम निकलने की अपील व शहर की दुकानों, सवारी वाहनों को बंद कराए जाने के निर्देश के बाद अघोषित लॉक डाउन की स्थिति पैदा हो गई।

सोमवार दोपहर बाद जिलाधिकारी की अपील के बाद जिले भर में पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने शहरी व ग्रामीण इलाकों की दुकानों को बंद कराना शुरू कर दिया। देखते ही देखते जिले के सभी बाजारें बंद हो गई।

कुछ जगहों पर पुलिस प्रशासन ने बाकायदा एनाउंसमेंट कर लोगों से घरों में जाने व दुकानें बंद करने की अपील की। वहीं, बार्डर पर लगे पुलिस चेकपोस्ट पर लोगों को बिना आई कार्ड प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।

जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के बाद शहर में सिटी मजिस्ट्रेट एसपी सिंह व सीओ सिटी अरविंद चौरसिया की अगुवाई में एनाउंस कर लोगों को घरों में ही रहने की अपील की गई। वहीं, अयोध्या नगर में भी सीओ अयोध्या अमर सिंह, कोतवाल सुरेश पांडेय के नेतृत्व में लोगों से घरों में रहने की अपील के साथ व्यापारियों से दुकानें बंद करने की अपील की गई।
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घर जाने की जिद पड़ सकती है पूरे गांव को भारी

अयोध्या। जिले में कोरोना से निपटने का एक मात्र तरीका है एक-दूसरे से दूरी बनाकर होम क्वारंटीन होना। मगर, यह व्यवस्था लॉक डाउन के पांचवें दिन दिल्ली समेत अन्य महानगरों में मजदूरी करने गए सैकड़ों लोगों के परिवार समेत लौटने ध्वस्त होती दिखी।
आला अफसरों के समझाने और तहसीलवार क्वारंटीन में रखे जाने के पुख्ता इंतजाम के बाद के बाद भी लोग गांवों की ओर कूच कर गए। इसमें कुछ तो ऐसे थे जो थर्मल स्क्रीनिंग व स्वास्थ्य जांच कराए बगैर चले गए।
प्रशासन का कहना है कि अब ऐसे लोगों को उनके घर पर ही क्वारंटीन करने का सख्ती से पालन कराया जाएगी। साथ ही गांव व घर वालों को भी इनसे सतर्क रहने व कोरोना के लक्षण आते ही तत्काल स्वास्थ्य विभाग को सूचना देने के प्रति जागरूक किया जाएगा।
शासन के निर्देश पर प्रशासन दिल्ली, एनसीआर, हरियाणा से लेकर गुजरात से आने वाले सैकड़ों दिहाड़ी मजदूरों को कोरोना से बचने के लिए तमाम एहतियाती कदम उठाए हैं। डीएम अनुज कुमार झा, एसएसपी आशीष तिवारी समेत अफसरों की टीम आधी रात से रविवार पूरे दिन पटरंगा से लेकर बस्ती सीमा तक हाईवे पर उतर रहे ऐसे लोगों को समझाते दिखे।
कुछ समझदार लोग प्रशासन की ओर से बनाए गए आश्रय व स्क्रीनिंग स्थलों में जरूर गए, जहां जांच के बाद खुद को 14 दिनों के लिए क्वारंटीन करने को प्रमुखता दी, यहां उन्हें रखने-खाने के बेहतर इंतजाम भी दिखे, मगर ज्यादातर परदेसियों ने अपने-अपने गांव की ओर कूच कर लिया।
अब तक जिले में करीब 13 सौ लोग पहुंच चुके हैं। इनमें तीन सौ लोग विदेशों से आए हैं, जबकि शेष दिल्ली, एनसीआर, मुंबई, हरियाणा सहित अन्य प्रदेशों से पहुंचे हैं। इन लोगों में करीब नौ सौ लोगों को शनिवार तक क्वारंटीन करने का दावा किया जा रहा है। अभी तक किसी में भी कोई लक्षण नहीं मिला है।
घर पर ही क्वारंटीन रहें परदेसी- डीएम
डीएम अनुज कुमार झा ने बताया कि से बाहर से आने वालों के लिए तहसीलवार पांच आश्रय स्थल बनाए गए हैं, यहां रहने-खाने व जांच के सभी इंतजाम मुफ्त हैं। काफी संख्या में दिल्ली के रास्ते बसों समेत अन्य माध्यमों से आने वाले लोग घरों की ओर कूच रहे हैं। इनसे गांव व परिवार को सावधान रहना होगा। यात्रियों को रोककर उनकी स्क्रीनिंग के बाद नाम-पता दर्ज किया जा रहा है। होम क्वारंटीन की मोहर लगाकर घर जाने दिया गया है। सीएचसी-पीएचसी की टीम उनके घर जाकर जांच करती रहेगी, कोई लक्षण आने पर तत्काल मेडिकल कालेज लाकर जांच कराने के साथ आइसोलेशन में रखा जाएगा।
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13 सौ पहुंची जिले में बाहर से आने वालों की संख्या

अयोध्या। देश में कोरोना का प्रकोप बढ़ने के बाद से अब तक जिले में करीब 13 सौ लोग पहुंच चुके हैं। इनमें तीन सौ लोग विदेशों से आए हैं। जबकि शेष दिल्ली, मुंबई, हरियाणा सहित अन्य प्रदेशों से पहुंचे हैं। इन लोगों में करीब नौ सौ लोगों को शनिवार तक क्वारंटीन करने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, अभी तक किसी में भी कोई लक्षण नहीं मिला है।
कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ते ही विभिन्न देशों व प्रदेशों में रहकर जीवनयापन कर रहे लोगों ने घर की तरफ कूच किया। बीते बुधवार तक जिले में करीब सात सौ लोगों के पहुंचने की सूचना जिले को प्राप्त हुई थी। इनमें तीन सौ लोग विदेशों से आए हुए थे। जबकि शेष करीब चार सौ लोग ट्रेन व बसों के माध्यम से दिल्ली, मुंबई, हरियाणा, पंजाब सहित विभिन्न प्रांतों से पहुंचे थे।
स्वास्थ्य विभाग ने स्थानीय पुलिस के माध्यम से 35 टीमों को गठन कर इनके घरों तक पहुंचकर सबकी थर्मल स्क्रीनिंग किया एवं सभी को घरों में क्वारंटीन किया गया। इनमें से कुछ लोगों को मेडिकल कॉलेज में बने निगरानी वार्ड तक लाया गया, लेकिन किसी प्रकार के लक्षण न मिलने पर उन्हें घरों में ही कैद किया गया। साथ ही परिवार को भी अलग रहने की चेतावनी दी गई।
लॉकडाउन के दौरान खाने-पीने सहित तमाम दिक्कतें होने के बाद जिले से विभिन्न राज्यों में जाकर नौकरी करने वाले लोग पैदल व अन्य साधनों से ही जिले की ओर कूच कर दिए। रविवार तक इनकी संख्या करीब 600 बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इनके परीक्षण के लिए पटरंगा के हाईवे चौकी, सआदतगंज बाईपास, देवकाली व रोडवेज के निकट स्वास्थ्य टीमें लगाई गईं।
इन रास्तों से आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग करने के बाद उन्हें घरों पर या प्रशासन की ओर से अधिग्रहीत किए गए स्कूलों में क्वारंटीन किया गया। साथ ही गांवों में चोरी-चुपके पहुंचे लोगों की जांच के लिए स्वास्थ्य टीमों की संख्या बढ़ाने का निर्देश जारी किया गया है।
सीएमओ डॉ. घनश्याम सिंह ने बताया कि शनिवार तक करीब नौ सौ लोगों को क्वारंटीन किया जा चुका है। किसी में कोई समस्या नहीं है। फिर भी संक्रमित प्रदेशों से आए हुए लोगों व उनके परिवारीजनों को एहतियात बरतने की आवश्यकता है। बताया कि विदेशों से आए लोगों में से कुछ का 14 दिन पूरा होने को है।
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रामलला के दर्शन को टीकमगढ़ से पैदल चले अयोध्या

कुमारगंज। अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ से चलकर कई लोग जिले के बार्डर पर पहुंच गए। लेकिन लॉकडाउन के चलते उन्हें सुल्तानपुर बार्डर पर रोक दिया गया। खाने-पीने की दिक्कत शुरू हो गई तो जानकारी पर समाजसेवी राजन पांडेय ने उनको भोजन के साथ ही नकद पैसे व रहने की व्यवस्था कराई।
अयोध्या के प्रसिद्ध चैत्र राम नवमी मेले में शामिल होने के लिए 25 दिन पहले मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ से आधा दर्जन लोग पैदल ही अयोध्या निकल पड़े। तीन दिन पहले वह सुल्तानपुर बार्डर पर पिठला गांव पहुंच गए लेकिन लॉकडाउन के चलते उन्हें वहीं रोक दिया गया।
इन लोगों ने बताया कि खाने पीने की दिक्कत हुई तो किसी से नंबर लेकर समाजसेवी राजन पांडेय से फोन पर संपर्क किया। श्री पांडेय ने अपने पुत्रों अमित, अंकित, अर्पित के जरिए 15 किलो चावल, 15 किलो आटा, पांच किलो दाल, 10 किलो आलू, चार किलो टमाटर और नकद पैसे की व्यवस्था कराई। साथ ही आश्वस्त किया कि कोई दिक्कत हो तो उनके नंबर पर संपर्क करें।
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दो दिन में दिल्ली से अयोध्या पहुंचे 580 मजदूर, थर्मल स्क्रीनिंग के बाद घरों में किए जा रहे क्वारंटीन

लॉकडाउन की घोषणा के बाद बड़ी संख्या में दिहाड़ी मजदूरों का दिल्ली से उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में आना जारी है। दो दिन के अंदर दिल्ली के 580 दिहाड़ी मजदूर अयोध्या पहुंचे।

इन सभी की थाना पटरंगा के हाईवे चौकी व कैंट के सआदत गंज चौकी पर थर्मल स्क्रीनिंग के बाद घरों में क्वारंटीन किया गया।

स्वास्थ्य विभाग इन सभी पर नजर रख रहा है। जिलाधिकारी अनुज झा का कहना है कि अभी ऐसे हालात नहीं हैं कि उन्हें अस्पताल में रखा जाए।

वहीं, अयोध्या पहुंचे 200 अन्य मजदूरों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के इंतजाम प्रशासन ने कर दिए हैं। उन्हें बसों द्वारा आजमगढ़, गोरखपुर, बस्ती व अंबेडकरनगर भेजा गया है। इन सबकी पहले स्क्रीनिंग की गई फिर उन्हें रवाना किया गया है।
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विहिप ने स्थगित की 84 कोसी परिक्रमा

अलग-अलग जिलों से अयोध्या पहुंचे लोग।
अयोध्या। कोरोना महामारी के चलते इस वर्ष 84 कोसी परिक्रमा को स्थगित कर दिया गया है। परिक्रमा अपने परंपरागत आयोजनों के तहत 8 अप्रैल को अयोध्या से कारसेवकपुरम से निकालने की तैयारी थी।
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम नगरी के सांस्कृतिक सीमा 84 कोसी के भीतर मानी जाती है। प्रत्येक वर्ष साधु-संत 84 कोसी परिक्रमा करते हैं। यह परिक्रमा अयोध्या से दो स्थान कारसेवकपुरम् से विश्व हिंदू परिषद का हनुमान मंडल व रायगंज गया मंदिर से गया दास के नेतृत्व में परंपरागत रूप से निकलती आ रही है। लेकिन, इस वर्ष कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए इस परिक्रमा को स्थगित कर दिया गया है।
विश्व हिंदू परिषद 84 कोसी परिक्रमा प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि अयोध्या से निकलने वाली परिक्रमा यात्रा परंपरागत है। लेकिन आज पूरा देश महामारी के संकट में है, इसलिए हम सभी को इस महामारी से लड़ना होगा।
इसके लिए सभी अपने घरों के अंदर होंगे तभी इस बीमारी से निजात मिल सकती है। बताया कि पिछली बार 400 से अधिक संतों की संख्या रही लेकिन भगवान राम लला के पक्ष में फैसला आने के बाद भगवान रामलला को अस्थाई मंदिर में विराजमान होने के उत्साह में इस बार 2,000 से अधिक संख्या होने की संभावना थी लेकिन देशहित में और सुरक्षा का ध्यान रखते हुए इस यात्रा को स्थगित कर दिया गया है।
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गर्भगृह तक सीमित हुआ रामनवमी का अनुष्ठान

अयोध्या। ...न मंदिरों में भक्तों की भीड़ है।... न भक्तिभाव से पूरे दिन गूंजने वाले सोहर, कथा-प्रवचन के स्वर सुनाई दे रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद करोड़ों राम भक्त पहली बार श्रीराम जन्मभूमि में भव्य जन्मोत्सव का सपना संजोए हुए थे। मगर कोरोना जैसी वैश्विक महामारी ने न सिर्फ श्रीराम जन्म भूमि के भव्य जन्मोत्सव पर पानी फेर दिया, बल्कि कनक भवन से लेकर करीब 10 हजार मंदिरों की तैयारी सिर्फ गर्भगृह में पूजन-आरती तक सीमित हो गई है।
लॉकडाउन के प्रतिबंध के कारण नवरात्र में रामनगरी श्रद्धालुओं से सूनी है। सड़कों पर सन्नाटा है। मंदिरों की घंटियां व पुलिस के वाहन के सायरन खामोशी को चीरते नजर आते हैं। दूसरी तरफ मठ मंदिरों में भी रामनवमी के अवसर पर होने वाले कथा, प्रवचन, गोष्ठी एवं संत सभा का कार्यक्रम इस वर्ष नहीं हो रहा है ।
रामनवमी का अनुष्ठान मंदिरों के गर्भ गृह तक ही सीमित होकर रह गया है। साधु संत अपने-अपने मठ मंदिरों में विराजमान भगवान के समक्ष ही पूजा अर्चना कर रामनवमी का उत्सव मना रहे हैं। रामनवमी का मुख्य पर्व 2 अप्रैल को मनाया जाएगा।
रामलला के टेंट से बाहर निकलकर बुलेट प्रूफ फाइबर के मंदिर में विराजने की खुशी में इस वर्ष भव्य राम जन्मोत्सव मनाने की तैयारी थी। पहली बार रामलला के दरबार में भी भव्य जन्मोत्सव का आयोजन किए जाने की योजना बन रही थी। लेकिन कोरोना ने रामनवमी के उत्सव पर ग्रहण लगा दिया। अयोध्या में रामनवमी मेले पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। जिसके चलते मठ मंदिरों को भी बंद कर दिया गया है।
श्रद्धालु पूजन अर्चन नहीं कर पा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ रामनगरी के साधु संत मंदिरों के गर्भ गृह में ही पूजन अर्चन कर रामनवमी का अनुष्ठान कर रहे हैं। श्री राम वल्लभा कुंज के अधिकारी राजकुमार दास ने बताया कि रामनवमी पर होने वाली श्री रामकथा को इस वर्ष कोरोना के चलते स्थगित कर दिया गया है। मंदिर में प्रतिदिन भगवान श्री राम की विशेष पूजा अर्चना की जा रही है।
रामनवमी के दिन भगवान के जन्म की खुशी में बधाई गान का भी कार्यक्रम होगा। हालांकि मंदिर में भक्तों के आगमन पर रोक लगा दी गई है। सियाराम किला के महंत करुणानिधान शरण बताते हैं कि इस वैश्विक आपदा से निपटने के लिए हम सभी एकजुट हैं। रामनवमी का उत्सव हम आगे भी अगले वर्ष धूमधाम से मना लेंगे। लेकिन अभी करोना महामारी से निपटने का समय है।
बताया कि मंदिर में बिना भीड़भाड़ के प्रतिदिन शाम को रामनवमी के उत्सव के अनुरूप बधाई गान का आयोजन कुछ संतो द्वारा किया जाता र्है । राम जन्म का उत्सव 2 अप्रैल को धूमधाम से मनाया जाएगा। इसी तरह दशरथ महल बड़ा स्थान, रंग महल ,जानकी घाट बड़ा स्थान, दिगंबर अखाड़ा ,अशर्फी भवन, मणिराम दास की छावनी सहित अन्य मंदिरों में भी रामनवमी का अनुष्ठान गर्भगृह तक ही सीमित होकर रह गया है।
कोरोना को हराने के लिए शुरू हुआ गुरु ग्रंथ साहब का पाठ
अयोध्या। कोरोना महामारी से निपटने के लिए जहां राम नगरी के साधु संत मठ मंदिरों में साधना एवं अनुष्ठान के जरिये कोरोना के नाश की कामना कर रहे हैं। वहीं मस्जिदों में अजान के जरिए व गुरुद्वारा में अरदास के जरिए कोरोना के शीघ्र समाप्त होने की कामना की जा रही है। इसी क्रम में नजर बाग स्थित गुरुद्वारा में शुक्रवार से गुरु ग्रंथ साहब का अखंड पाठ प्रारंभ किया गया। गुरुद्वारा के ग्रंथी नवनीत सिंह ने बताया कि कोरोना की आपदा मानवता के लिए बड़ा खतरा है। इससे निपटने के लिए ईश्वर हम सब को शक्ति प्रदान करें एवं शीघ्र ही इस महामारी का खात्मा हो इसकी कामना की जा रही है।
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27 श्रद्धालुओं ने किए रामलला के दर्शन

अयोध्या। रामलला के 27 साल बाद टेंट से निकलकर नए घर में स्थापित होने के बाद भी भक्त अब कोरोना के कहर के चलते रामलला के दर्शन नहीं कर पा रहे हैं। शुक्रवार को महज 27 श्रद्धालुओं ने रामलला के दर्शन किए। एक दिन पूर्व गुरुवार को केवल 35 श्रद्धालु रामलला के दरबार में पहुंचे थे।
कोरोना के चलते पूरे देश में 14 अप्रैल तक लॉक डाउन घोषित कर दिया गया है। घर से निकलने पर पाबंदी है। रामनगरी के अधिकांश मठ मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए हैं। हालांकि राम जन्मभूमि मंदिर खुला तो है लेकिन प्रतिबंध के चलते भक्त रामलला का दर्शन नहीं कर पा रहे हैं।
शुक्रवार को महज 27 श्रद्धालुओं ने रामलला के दर्शन किए। एक दिन पूर्व गुरुवार को केवल 35 श्रद्धालु रामलला के दरबार में पहुंचे थे। राम जन्म भूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र कहते हैं कि 25 मार्च की सुबह रामलला बुलेटप्रूफ फाइबर के मंदिर में विधि-विधान पूर्वक विराजित तो कर दिए गए लेकिन भक्तों को उनका दर्शन सुलभ नहीं हो पा रहा है।
अपने आराध्य का दर्शन नए घर में करने की लालसा भक्तों में दिख रही है लेकिन लॉक डाउन के चलते वे अपने आराध्य का दर्शन ना कर पाने को विवश हैं। सत्येंद्र दास ने बताया की भक्तों का दर्शन पूजन भले ही बाधित है। लेकिन रामलला की पूजा अर्चना एवं भोग राग नित्य की भांति किया जा रहा है।
रामलला की प्रतिदिन पांच बार आरती की जाती है। मंगला आरती, शृंगार आरती ,भोग आरती, संध्या आरती और शयन आरती का क्रम जारी है। उन्होंने कहा कि लॉक डाउन समाप्त होते ही बड़ी संख्या में भक्त रामलला का दर्शन करने पहुंचेंगे।
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लॉकडाउन: व्यवस्थाओं में आया सुधार, सड़कों पर दिखने लगे सन्नाटे

अयोध्या। शहर में अब लॉकडाउन प्रभावकारी होता दिख रहा है। सड़कें सन्नाटों में तब्दील हो गईं हैं। अधिकांश लोग जरूरी काम से ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। ये सब कुछ पिछले दो दिनों में प्रशासन की सतर्कता और सख्ती से संभव हो पाया है।
इसका दूसरा कारण ये है कि व्यवस्थाओं में तेजी से सुधार हो रहा है। हर गली-मोहल्लों में दो घंटे बाद सब्जी व फल के ठेले जरूर पहुंच रहे हैं। दूध व दवाओं आसानी से लोगों को घरों पर मिल जा रही है। शनिवार जो जिन मोहल्ले शाहजहांपुर, देवकली गांव, जनौरा बाईपास सहित अन्य में सब्जी, फल व दूध के ठेले व गाड़ियां पहुंची हैं।
वैश्विक महामारी कोरोना से बचाव के लिए जिले को 22 मार्च की आधी रात से लॉकडाउन किया गया है। लॉकडाउन पिछला तीन दिन शहरवासियों के लिए असमंजस भरा रहा। किराने का सामान, दवाएं, दूध, सब्जी व अन्य दैनिक जरूरतों को लेकर लोगों में ऊहापोह की स्थिति बनी रही लेकिन अब तक तस्वीर बिल्कुल साफ हो गई है।
अब तक शहर के प्रत्येक व्यक्ति को मालूम हो गया है कि कौन चीज कब और कहां मिलेगी। इसमें जिला व पुलिस प्रशासन ने भी बहुत सक्रियता दिखाई है। अब शहर की हालत ये है कि हर गली मोहल्ले में दैनिक जरूरतों के समान आसानी से मिलने लगे हैं।
हर-गली मोहल्ले में दो घंटे के अंतराल पर सब्जी व फल के ठेले पहुंच रहे हैं। दूध की गाड़ियां सुबह व शाम समय से मोहल्लों में पहुंच जा रही हैं। यहां तक के शहर के जो अंदरूनी मोहल्ले पहाड़गंज, घोसियाना, शाहजहान पुर, बहादुरगंज, अलीगढ़, जनौरा बाईपास, देवकली गावं सहित अन्य मोहल्लों में सब्जी, दूध व अन्य दैनिक वस्तुएं आसानी से आम लोगों को मिल रही हैं।
अलीगढ़ निवासी हरिकिशन व कृष्णा बताते हैं कि सब कुछ घर व मोहल्ले में आसानी से मिल जा रहा है। इस सबका असर ये हुआ है कि लोग सड़कों पर कम निकल रहे हैं। शहर की सड़कें सन्नाटों में तब्दील होना शुरू हो चुकी हैं। इसमें पुलिस प्रशासन ने भी सक्रियता दिखाई है।
फालतू घूमने वालों से टोका टाकी व पूछताछ होने लगी है। गली-मोहल्लों में पुलिस का राउंड शुरू हो गया है। दिल्ली दरवाजा निवासी कलीम बताते हैं कि पुलिस का आधे एक घंटे पर राउंड जरूर लग रहा है। पुलिस राउंड के दौरान फालतू घूमने वालों पर केस दर्ज व गाड़ियों का चालान कर रही हैै। व्यवस्थाओं का ढर्रे पर आना व पुलिस की सख्ती का मिला-जुला असर है कि चार दिन ही सही लॉक डाउन जैसे हालात दिखने लगे हैं।
डिब्बा बंद पानी सेवा नहीं हो सकी शुरू
शहर में लॉक डाउन के दौरान अभी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। लॉक डाउन के साथ शहर में शुद्ध माने जाने वाला डिब्बा बंद पानी की सर्विस बंद है। शहर के बहुत से घरों में ये पानी सप्लाई होता है। इस पानी की सप्लाई बंद हो जाने से शहरवासी भटक रहे हैं। शहरवासियों जमील, रामू, सुनील कुमार, कृष्णा सहित अन्य लोगों की मांग है कि डिब्बा बंद पानी की सप्लाई शुरू कराई जाए। ये पानी लोगों के घरों पर एजेंसी वाले खुद पहुंचाते हैं। इसमें कोई परेशानी नहीं होगी।
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नियम न मानने पर दो के खिलाफ केस

बीकापुर। लॉक डाउन के दौरान प्रशासन द्वारा एडवाइजरी का उल्लंघन करने पर सख्ती बरतना शुरू कर दिया है। भीड़ इकट्ठा करने के कारण कोतवाली पुलिस द्वारा 2 मुकदमा दर्ज किया गया है। पहली रिपोर्ट कस्बे में संचालित अमर भारत गैस एजेंसी के संचालक और मैनेजर के खिलाफ दर्ज हुई है। तथा दूसरा केस शेरपुर पारा में संचालित किराना स्टोर के दुकानदार के खिलाफ दर्ज हुआ।
कस्बे में संचालित अमर गैस एजेंसी द्वारा लॉक डाउन का उल्लंघन करते हुए ग्राहकों की भीड़ इकट्ठा करके गैस का वितरण करना भारी पड़ गया। गुरुवार को गैस एजेंसी द्वारा सुनसान जगह मछली तालाब जलालपुर माफी के पास रसोई गैस का वितरण किया जा रहा था। जहां काफी संख्या में लोगों की भीड़ लगी थी। जानकारी होने पर उप जिलाधिकारी जयेद्र कुमार मौके पर पहुंचे और उन्होंने कोतवाल को कार्रवाई का निर्देश दिया।
एसएसआई राजेश कुमार ने बताया कि पुलिस ने गैस एजेंसी संचालक अमर कुमार निवासी समदा गोसाईगंज जनपद अंबेडकरनगर और मैनेजर रमाकांत शुक्ला निवासी शुक्लहिया पातुपुर के खिलाफ केस दर्ज किया है।
उप जिलाधिकारी जयेंद्र कुमार ने बताया कि गैस एजेंसी के कर्मियों को होम डिलीवरी करके घर-घर रसोई गैस पहुंचाने का निर्देश दिया गया है। दूसरे मामले में कोतवाली क्षेत्र के शेरपुर पारा बाजार में संचालित किराना की दुकान के संचालक रंजीत कसौधन के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज किया है। एसएसआई ने बताया कि जांच पड़ताल के दौरान किराना की दुकान पर अधिक लोगों की भीड़ इकट्ठा मिली। दुकान संचालक रंजीत कसौधन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है।
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दिल्ली से घर आ रहे 53 परदेशियों को पुलिस ने रोका

मवई। पुलिस ने दिल्ली से चोरीछिपे दो डीसीएम में सवार होकर घर लौट रहे मजदूरों को बैरियर पर चेकिंग के दौरान रोक लिया गया। सभी को सीएचसी खंडासा ले जाया गया, यहां जांच के बाद इन सभी को 14 दिनों तक अपने-अपने घरों में ही रहने की हिदायत देकर छोड़ दिया गया। ये लोग काम के सिलसिले में दिल्ली में रह रहे थे।
सैदपुर चौकी प्रभारी जय किशोर अवस्थी ने बताया कि दिल्ली से फैजाबाद के अमानीगंज ब्लॉक के कई गांवों के 53 दिहाड़ी मजदूर दो डीसीएम में भरकर आ रहे थे जिन्हें बैरियर के निकट रोक लिया गया।
इसके बाद स्वास्थ्य विभाग और उच्च अधिकारियों को जानकारी दी गई। सभी की जांच पीएचसी खंडासा में कराने के बाद 14 दिनों तक इन्हें घरों में रहने की हिदायत देते हुए छोड़ दिया गया है। उन्होंने बताया कि 36 दिहाड़ी मजदूर खंडासा थाना क्षेत्र के थे और 6 मजदूर सुल्तानपुर जिले के बल्दीराय थाना क्षेत्र, 3 रुदौली थाना, 2-2 कुमारगंज व बीकापुर 1-1 पूरा कलंदर और इनायतनगर थाना क्षेत्र के निवासी है। सभी की स्क्रीनिंग स्वास्थ्य विभाग कर रहा है।
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