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नवरात्र में कराएं कामाख्या बगलामुखी कवच का पाठ व हवन, पाएं कर्ज मुक्ति एवं शत्रुओं से छुटकारा
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हमीरपुर

सोमवार, 30 मार्च 2020

कृषि कार्य में लगे श्रमिकों को लॉकडाउन में मिलेगी छूट

हमीरपुर। कोरोना वायरस के चलते पूरे देश में लॉक डाउन की स्थिति है। जिसके चलते किसी को भी घर से बाहन न निकलने की हिदायत दी गई है। जिसके चलते लोग घरों में कैद हो गए हैं। लेकिन वर्तमान समय में रबी की फसल पककर तैयार खड़ी है। अगर फसल की समय से कटाई नहीं हुई तो पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी। शासन ने इस मामले में आदेश जारी कर हार्वेस्टर के जरिए किसानों को फसल की थ्रे सरिंग की छूट दी है।
शासन के प्रमुुख सचिव कृषि डा.देवेश चतुर्वेदी ने जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया है। जिसके तहत वर्तमान में गन्ने की बुवाई के साथ जायद में मूंग, मक्का, मूंगफली, ज्वार, बाजरा, हरा चारा, सब्जी आदि बुवाई के साथ साथ रबी फसल गेहूं, चना, मसूर, मटर आदि की कटाई, कृषि के अन्य महत्वपूर्ण कार्य चल रहे हैं। जिसमें इनको छूट प्रदान की जाएगी। जिसमें उवर्रक, बीज एवं कृषि रक्षा रसायनों के बिक्री केंद्र पूर्व की भांति खुलेगा तथा निर्माण एवं आपूर्ति सड़क मार्ग व रेल संचालित रहेगा। रेलवे रैक द्वारा उर्वरक आपूर्ति एवं लोडिंग तथा अनलोडिंग में प्रयुक्त श्रमिक, रबी फसलों की कटाई में होने वाले कंबाईन हार्वेस्टर तथा कृषि क्षेत्र में प्रयुक्त श्रमिक, बीज विधायन सयंत्रों के संचालन एवं कार्य में प्रयुक्त होने वाले श्रमिक को छूट रहेगी। साथ ही हार्वेस्टर चालकों को गंतव्य स्थानों तक जाने व श्रमिकों को ले जाने व लाने के लिए तथा खेतों में जाने के लिए छूट रहेगी। लेकिन इन कृषकों द्वारा व स्थानीय प्रशासन द्वारा प्रचार प्रसार करके अन्य तरीके से यह सुनिश्चित करा लिया जाए कि खेतों में काम करते हुए कोरोना वायरस से बचाव के विभिन्न उपायों का अनुपालन करें, जिससे वह बीमारी से ग्रस्त न हो सकें।
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पेट्रोल पंप पर रही भीड़

मस्जिदों में नहीं होगी नमाज-पेश इमाम, महामारी के बचाव के लिए घर में ही नमाज की अपील

मौदहा। कोरोना महामारी के बीच लाक डाउन होने के बाद अल्प संख्यक समुदाय लोगों ने इससे निजात पाने के लिए बुधवार रात अजान का सिलसिला शुरू किया। इस्लाम के मुताबिक जब कोई महामारी आती है तो अल्लाह को पुकारने से निजात मिलती है। गुरुवार को बड़ी जामा मस्जिद सहित अन्य में लगातार एलान किया गया कि अब मस्जिदों में नमाज अदा नहीं होगी। कई मस्जिदों में ताले लगा दिए गए। अपील की गई कि वह इस महामारी से बचने के लिए लाक डाउन का पालन करें और घरों में ही रहकर नमाज अदा करें।
शहर पेश इमाम मौलाना करामतउल्ला ने सभी से अपील करते हुए कहा कि वह घर में रहकर नमाज अदा करें, खुद बचें और दूसरों को भी बचाएं। जीवन से बड़ी कोई चीज नहीं है। चौधराना जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना अताउर्रहमान ने देश के जिम्मेदार मौलानाओं का हवाला देते हुए कहा कि इस्लाम इस बात की इजाजत देता है कि जब कोई महामारी मुल्क में आए तो उसके बचने के जो तरीके बताए जा रहे हैं उन्हें अपनाना चाहिए।
मस्जिदों में भीड़ जमा न हो लोग घरों से न निकलें घरों में नमाज अदा करें। जामा मस्जिद पेश इमाम मौलाना सनाउल्ला ने कहा कि बिना माइक के मस्जिद में अजान तो होगी, लेकिन मस्जिद में नमाज नहीं पढ़ी जाएगी। हरहाल में कानून का सभी पालन करें।
हाफिज मौलाना करामत उल्ला।
हाफिज मौलाना करामत उल्ला।- फोटो : HAMIRPUR
मौलाना अताउरहमान।
मौलाना अताउरहमान।- फोटो : HAMIRPUR
हाफिज मौलाना सनाउल्ला।
हाफिज मौलाना सनाउल्ला।- फोटो : HAMIRPUR
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एक अप्रैल से निशुल्क राशन वितरण, राशन दुकानों में नोडल अधिकारी तैनात किए गए

हमीरपुर। जिलाधिकारी डा. ज्ञानेश्वर त्रिपाठी के आदेश पर जिलापूर्ति अधिकारी रामजतन यादव ने बताया कोरोना के कारण जिले में एक अप्रैल से निशुल्क राशन वितरण सभी 36,022 अंत्योदय कार्डधारकों को किया जाएगा। इसके अलावा 200358 पात्र गृहस्थी के कार्डधारक, जिनके पास मनरेगा, जॉब कार्ड या जो श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिक हैं। उनको भी निशुल्क राशन दिया जाएगा। शेष पात्र गृहस्थी राशन कार्डधारकों को पूर्व की तरह यूनिट वार राशन का वितरण होगा।
जिले में 55975 मनरेगा जॉब कार्ड धारक व 14908 पंजीकृत श्रमिक हैं। एक अप्रैल से होने वाले निशुल्क राशन वितरण के लिए कुल 493 नोडल अधिकारी लगाए जाएंगे। जो दुकानों पर बैठकर अपनी निगरानी में राशन का वितरण कराएंगे। राशन वितरण ई पॉश मशीनों के माध्यम से ही कराया जाएगा।
राशन वितरण से पूर्व लोगों को साबुन से अच्छी तरह हाथ धुलवाया जाएगा व राशन लेने आने वाले लोगों के बीच निर्धारित दूरी का ख्याल रखा जाएगा। इसके लिए सभी दुकानों पर दो-दो मीटर पर चूने से गोला बनाने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत अधिकारी तथा प्रधानों को दी गई है। जिलापूर्ति अधिकारी ने बताया जिन दिहाड़ी मजदूरों का किसी कारणवश राशन कार्ड नहीं बना है। वह घर-घर सर्वे के समय अपना आवेदन दे सकते हैं।
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लॉकडाउन : गर्भवती ने 200 किमी पैदल किया सफर, नोएडा से पति के साथ आई महिला ने ग्रामीणों से बयां किया अपना दर्द

राठ (हमीरपुर)। नोएडा में रह रहे दंपति लॉकडाउन होने पर वहां से पैदल ही गांव के लिए निकल पड़े। गांव पहुंचने पर गर्भवती अंजू ने बताया वह करीब 200 किमी पैदल चली है। यह बात ग्रामीणों से बताते हुए उसके आंखों में आंसू आ गए। उसने कहा बढ़ते कोरोना के कारण बच्चों की चिंता हुई, इसलिए ऐसा कदम उठाया। वह 25 मार्च को नोएडा से निकली थी।
औंता गांव निवासी अंजू ने बताया वह भूमिहीन है। पति अशोक नोएडा में मकान निर्माण में मजदूरी करता है। बताया वह आठ माह की गर्भवती है। होने वाले बच्चे को लेकर वह पति के साथ पहले ही गांव आना चाहती थी। मगर मजदूरी मिलने में देरी होने से वह नहीं आ सकी। सीएचसी में स्वास्थ्य परीक्षण कराने के दौरान महिला के चेहरे पर थकान थी।
पूछने पर उसके आंसू निकल आए। महिला ने बताया उसकी हालत पर तरस खाकर रास्ते में कई राहगीरों ने मदद की। उसे व उसके पति को कई राहगीरों ने अपने वाहनों से छोड़कर मदद की। लेकिन यह मदद चंद किमी तक ही हो पाई। बताया पति-पत्नी करीब 200 किलोमीटर का सफर पैदल ही पूरा किए हैं।
जब पैर जवाब दे जाते तो कहीं छांव में बैठकर आराम करते थे। बताया रविवार सुबह उरई (जालौन) पहुंचने पर राठ के लिए एक लोडर वाहन मिला। राठ सीएचसी में स्वास्थ्य परीक्षण कराने के बाद गांव पहुंचे। अंजू ने कहा मजबूरी में अपना घर छोड़कर परदेश जाना पड़ता है।
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किसान ने फांसी लगाकर जान दी, इलाज कराने के लिए किसान हो गया था कर्जदार

मौदहा। आर्थिक तंगी के चलते किसान अपने खेेतों की बुवाई नहीं कर सका। इलाज कराने के चक्कर में वह कर्जदार भी हो गया था। इसी सदमे में उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
उरदना निवासी शिवविशाल ने बताया उसके चाचा मोहन सिंह (38) पुत्र स्व. कुंवर बहादुर तीन माह पूर्व एक हादसे में घायल हो गया था। जिसका इलाज चल रहा था। इलाज के लिए किसान ने बैंक व कुछ साहूकारों से छह लाख कर्ज लिया था।
अस्वस्थ होने व रुपये न होने के कारण किसान अपने 20 बीघे खेत की बुवाई नहीं करा पाया था। बताया शनिवार दोपहर बाद चाचा खेतों की ओर गए थे। जहां दूसरे किसानों के खेतों में लहलहाती फसल देखकर उसे सदमा लगा। लौटने के बाद पत्नी हिना से खाना बनवाया और खाने के बाद रात आठ बजे कमरे में फांसी लगा ली।
करीब एक घंटे बाद पति के कमरे के दरवाजे की कुंडी बंद देख उसने परिजनों को सूचना दी। लोगों ने जब कमरे में झांककर देखा तो मोहन का शव फांसी पर लटका था। सूचना पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शवगृह भेजा। किसान अपने पीछे एक पुत्र, दो पुत्री व पत्नी को रोता बिलखता छोड़ गया है।
फांसी पर लटका मिला विवाहिता का शव
भरुआसुमेरपुर। पंचमढ़ी के समीप एक विवाहिता का शव शनिवार रात फांसी पर लटका मिला। परिजनों की सूचना पर पुलिस जांच में जुटी है। जानकारी होने पर मृतका के पिता ने ससुरालीजनों पर दहेज हत्या का आरोप लगाया है।
सिमनौड़ी गांव निवासी शिवबरन सिंह ने अपनी पुत्री प्रियंका उर्फ भूरी (25) का विवाह चार वर्ष पूर्व कस्बा निवासी हरिशंकर सिंह के पुत्र सोनू सिंह के साथ किया था। सोनू इंदौर में रहकर एक फैक्टरी में काम करता है। शनिवार रात प्रियंका का शव कमरे में फांसी पर लटका मिला। घर में सास, ससुर, देवर व मृतका की पुत्री थी।
प्रियंका के ससुर हरिशंकर ने पुलिस को घटना से अवगत कराया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। दरोगा सतीश कुमार ने बताया मृतका के कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। सुसाइड नोट से मृतका की लिखावट से मिलान किया जा रहा है।
वहीं मृतका के पिता शिवबरन ने ससुरालियों पर दहेज में पांच लाख रुपये न देने पर हत्या का आरोप लगाया है। घटना के समय पति इंदौर में था। सूचना देकर उसे बुलाया गया है। मृतका अपने पीछे दो वर्षीय पुत्री रूदांश को रोता बिलखता छोड़ गई है।
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हत्याकांड का आज खुलेगा राज

भरुआसुमेरपुर। रेलवे स्टेशन के समीप बंधी के अंदर निजी नलकूप में हुई हत्या का खुलासा रविवार को होगा। हत्या से जुड़े कुछ अहम सुराग पुलिस के हाथ लगे हैं।
22 मार्च को सेवानिवृत्त पुलिस कर्मी रणविजय सिंह के निजी नलकूप में एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। रणविजय सिंह की सूचना पर एसपी श्लोक कुमार पहुंचे थे। थानाध्यक्ष श्रीप्रकाश यादव को हत्या के खुलासे के लिए दिशा निर्देश दिए थे।
पुलिस ने नलकूप मालिक सहित कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में रखा था, लेकिन इस हत्याकांड का कोई सुराग नहीं लगा था। पुलिस लगातार इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में लगी रही।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अब पुलिस इस हत्याकांड के खुलासे के करीब पहुंच गई है। पुलिस को कुछ सुराग हाथ लगे हैं। सूत्रों का कहना है कि इस हत्याकांड का खुलासा रविवार को किया जा सकता है।
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परदेसियों की मदद को बढ़े हाथ, खिला रहे खाना, अस्पतालों में करा रहे जांच

हमीरपुर। पौथिया में दूसरे प्रदेशों से चलकर पैदल घरों को जा रहे मजदूरों को ललपुरा एसओ रीता सिंह, दरोगा दिलीप कुमार, प्रधान आनंद अशोक सचान, रामलखन के सहयोग से खाना खिलाया गया। उधर कोतवाल श्याम प्रताप पटेल ने मजदूरों व असहायों को खाना खिलाया।
मौदहा प्रतिनिधि के अनुसार नोएडा से पैदल चलकर महोबा के तगारी जा रहे दो युवक सुनील व धीरज की सीएचसी में जांच कराई गई। ये दोनों कुछ यात्रा बस से करने के बाद पैदल चल रहे हैं। उधर यमुना पुल पार कानपुर नगर में निर्माणाधीन पावर प्लांट में काम बंद होने से 13 मजदूर अपने घर मैहर, सतना के लिए पैदल चल दिए।
भैसमरी प्रधान जीपी वाजपेयी ने उन्हें बिस्कुट व नमकीन के पैकेट देकर रवाना किया। सरीला प्रतिनिधि के अनुसार जरिया पुलिस ने फरीदाबाद से पैदल चलकर गांव जा रहे एक दर्जन लोगों को थाने में भोजन कराया।
रविदास मंदिर समिति ने की मदद
राठ। पड़ाव चौराहा स्थित रविदास मंदिर धर्मशाला में सिद्धार्थनगर के पांच मजदूर फंसे
हैं। जिनके पास राशन नहीं है। इसकी जानकारी होने पर शनिवार को जिला रविदास कमेटी के संरक्षक डॉ. महेश प्रताप, पूर्व विधायक डॉ. अंबेश कुमारी ने मजदूरों को राशन, सब्जी आदि उपलब्ध कराई। कहा लॉकडाउन में खाने पीने का पूरा प्रबंध किया जाएगा। संवाद
पुलिस ने उपलब्ध कराई राशन सामग्री
हमीरपुर। जलालपुर के कुपरा निवासी रमेश कुमार ने डीआईजी दीपक कुमार के ट्वीटर पर पोस्ट कर कहा कि वह गुजरात में है। लॉकडाउन की वजह से घर नहीं आ सका। उसके घर में राशन नहीं है और उसकी मां रमादेवी बीमार हैं। इस पर डीआईजी ने रमेश को आश्वस्त कर व्यवस्था कराने की बात कही। डीआईजी ने पूरे प्रकरण से एसपी श्लोक कुमार को अवगत कराया।
जिस पर जलालपुर एसओ विनोद कुमीार राय रमेश के घर पहुंचे और जरूरत के हिसाब से सब्जी व अन्य खाद्य वस्तुएं उपलब्ध कराई। वहीं भरुआसुमेरपुर में भूखे प्यासे पैदल आने वाले राहगीरों को समाजसेवियों व पुलिस ने भोजन कराया। पूर्व सभासद सुनील मिश्रा ने हाईवे पर राहगीरों को लंच पैकेट वितरित किए। उद्योग नगरी पुलिस चौकी में एसओ श्रीप्रकाश यादव ने राहगीरों को भोजन कराया। उधर विकासखंड क्षेत्र के टेढ़ा गांव के प्रधान प्रतिनिधि सौरभ सिंह ने ग्रामीणों को कोरोना के प्रति जागरूक कर असहाय, गरीबों की आर्थिक सहायता की।
उधर, राठ प्रतिनिधि के अनुसार लॉकडाउन में गरीबों की मदद को व्यापार मंडल सामने आया है। शनिवार को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से हुई बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष केजी अग्रवाल ने की। जिसमें तय हुआ जिले में जितने परिवारों को खाने पीने की समस्या होगी उन्हें व्यापार मंडल प्रशासन की मदद से राहत सामग्री उपलब्ध कराएगा।
राठ मार्ग पर पैदल जाते मजदूर।
राठ मार्ग पर पैदल जाते मजदूर।- फोटो : HAMIRPUR
पैदल जा रहे मजदूरों को भोजन देती ललपुरा थानाध्यक्ष रीता सिंह।
पैदल जा रहे मजदूरों को भोजन देती ललपुरा थानाध्यक्ष रीता सिंह।- फोटो : HAMIRPUR
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100 कैदियों को पैरोल पर छोड़ने की तैयारी, बंदियों ने शुरू किया मास्क बनाने का काम

हमीरपुर। कोरोना से बचाव के लिए जिला कारागार में डिस्टेंसिंग का पालन हो रहा है। बंदी जेल पीसीओ से अपने परिजनों से बात कर रहे हैं। वहीं सात साल से कम सजा वाले करीब 100 कैदियों को पैरोल पर छोड़े जाने की सूची शासन में भेजी गई है।
डीजी जेल आनंद कुमार के निर्देश पर नियमों में थोड़ी शिथिलता दी गई है। बंदियों को उनके खुद के शपथ पत्र पर जेल पीसीओ के उपयोग की अनुमति दी गई है। जेलर पीके त्रिपाठी ने बताया कारागार में 700 बंदी निरुद्ध हैं। अब तक 473 बंदियों की बात उनके परिजनों से कराई जा चुकी है।
फोन पर बात करते समय बंदी घरवालों को अपना हाल चाल तो बता ही रहे हैं साथ ही अपनों को भी इस महामारी से बचाव के लिए हर संभव सावधानी व हाथों को नियमित साबुन से धुलते रहने की सलाह दे रहे हैं।
इसके अलावा जेल में बंदी तीन परत के मास्क की सिलाई में भी लगे हैं। रोजाना जेल परिसर व बैरकों में सैनिटाइजर का छिड़काव कराया जा रहा है। बंदियों के पैरोल पर रिहा किए जाने के मामले में जेलर ने कहा जिला कारागार से सौ बंदियों की सूची मुख्यालय भेजी गई है।
पालिका के वाहनों से मजदूरों को छोड़ा
हमीरपुर। लॉकडाउन के कारण दूसरे प्रदेशों में मजदूरी करने वाले घरों को लौटने लगे हैं। यातायात के साधन बंद होने के चलते यह मजदूर पैदल ही अपने घरों को जा रहे हैं। कई दिन चलने के बाद सैकड़ों किमी की दूरी तय कर भूखे प्यासे चल रहे हैं। मुख्यालय से निकलने वाले ऐसे मजदूरों को नगर पालिका की ओर से कुछेछा के राजकीय डिग्री कालेज के रैन बसेरा में खाना खिलाने के साथ वाहनों से सीमा तक भिजवाया जा रहा है। चेयरमैन कुलदीप निषाद ने बताया बाहर से आने वाले मजदूरों की हर संभव मदद की जा रही है।
साहब घर में राशन नहीं, कैसे भरें पेट
राठ। गुलाब नगर निवासी सुखदेव सोनी ने यूपी 112 पर फोन कर बताया वह एक दुकान पर काम करता था। लॉकडाउन में दुकान बंद होने पर अब पेट भरना मुश्किल हो रहा है। कोतवाल मनोज शुक्ला के निर्देश पर थाना व यूपी 112 के कर्मचारियों ने अपने स्तर से राशन की व्यवस्था की। कोतवाली के कांस्टेबल उमाशंकर शुक्ला व अंशुल ने घर पहुंच उसे राशन उपलब्ध कराया।
राठ के गुलाबनगर में जरूरतमंदों को राशन देते पुलिसकर्मी
राठ के गुलाबनगर में जरूरतमंदों को राशन देते पुलिसकर्मी- फोटो : HAMIRPUR
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पाइप लाइन फटी, मकान में घुसा पानी

हमीरपुर। पेयजल की मेन लाइन ध्वस्त होने से एक मकान में पानी भर गया। वहीं आधे से अधिक शहर के लोगों को गंदा पानी छानकर पीना पड़ा। रहुनियां धर्मशाला निवासी कालीदीन गुप्ता के मकान के सामने सड़क किनारे पेयजल की मुख्य लाइन क्षतिग्रस्त हो गई।
जिससे श्यामजी अवस्थी के मकान में पानी भर गया। पानी के सीलन से उनकी कच्ची दीवार दरक गई। हुआ यह कि शनिवार सुबह करीब नौ बजे जल संस्थान की टीम ने जेसीबी से खुदाई की थी। जिससे बिजली का केबल कटते बची। बाद में बिजली आपूर्ति बंद कराकर मजदूरों से खुदाई शुरू कराई गई। पाइप लाइन कटने से आधे शहर में पेयजल के लिए लोगों ने हैंडपंपों का सहारा लिया।
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कहीं सब्जियों के लाले, कहीं सड़ने की नौबत, सब्जी बेचने बाहर नहीं ले जा पा रहे किसान

हमीरपुर। लॉकडाउन के दौरान जिले में अधिकांश जगह सब्जियों के लाले पड़े हैं। वहीं बेतवा और यमुना नदियों के किनारे बारी में लगी सब्जियों उठान न होने से सड़ने की कगार पर पहुंच रहीं हैं। इससे उठान न होने से सैकड़ों किसान बेहद परेशान हैं। बारियों के पास करेला, लौकी, टमाटर, कद्दू, ककड़ी, खीरा, भिंड़ी जैसी सब्जियां डंप हैं। सब्जी की बारी लगाए भेड़ी निवासी गुलशन निषाद ने बताया तीन दिन से करीब 30 क्विंटल सब्जी तोड़कर रखी है। मंडियों में ले जाने के लिए कोई साधन नहीं मिल रहा है। जिससे सब्जियां खराब हो रहीं हैं।
गुलशन ने बताया बाजार में करेला 40 रुपये प्रति किलो बिक जाता था, लेकिन लॉकडाउन के चलते उसका सारा धंधा चौपट है। गुलशन जैसे सैकड़ों किसान इन दिनों बेतवा और यमुना नदी के किनारे हजारों बीघे रेत में सब्जी की बारी लगाए हैं।
जिनकी तैयार सब्जी निकलकर शहरों में नहीं पहुंच पा रहे हैं। किसानों ने बताया सब्जी का काम तीन महीने गर्मियों में करते हैं। इसी से पूरे परिवार का भरण पोषण होता है। सब्जी के बाहर न जा पाने से पीली पड़ रही है। बताया सरकार को इस ओर भी ध्यान देना चाहिए। बड़े शहरों में सब्जी पहुंचने से भाव भी कंट्रोल में रहेंगे, वहीं उनका व्यवसाय भी चलता रहेगा।
इस मामले में अपर जिलाधिकारी विनय प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया इस काम की जिम्मेदारी डीएसओ को दी गई है। जिस किसी को सब्जी बेचना है वह उन्हीं से संपर्क करें, साधन की व्यवस्था कराई जाएगी। किसी किसान का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। वहीं बाजार में सब्जी पहुुंचने से लोगों को भी राहत मिलेगी।
हमीरपुर में बारी के पास पैक रखी हरी सब्जियां।
हमीरपुर में बारी के पास पैक रखी हरी सब्जियां। - फोटो : HAMIRPUR
हमीरपुर में बेतवा नदी किनारे बारी में लगा कद्दू का ढेर।
हमीरपुर में बेतवा नदी किनारे बारी में लगा कद्दू का ढेर।- फोटो : HAMIRPUR
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हैलो..पुलिस कंट्रोल रूम, मेरे पास पैसे नहीं हैं, परिवार भूखा है, हरकत में आई पुलिस, घर पहुंचाया राशन

हैलो...पुलिस कंट्रोल रूम। मैं एक दुकान पर काम करता था। जहां से प्रतिदिन मिलने वाली मजदूरी से परिवार का भरण पोषण होता था। लॉकडाउन के चलते दुकान बंद होने पर अब पेट भरना मुश्किल हो रहा है। पूरा परिवार भूखा है। हमीरपुर जिले में यूपी 112 में जब ये सूचना मिली तो पुलिस तुरंत हरकत में आई।

कोतवाल मनोज शुक्ला के निर्देशन में थाना राठ व यूपी 112 के कर्मचारियों ने अपने स्तर से राशन की व्यवस्था की। कोतवाली के कांस्टेबल उमाशंकर शुक्ला व अंशुल ने गुलाब नगर मोहल्ला निवासी सुखदेव सोनी के घर पहुंच कर राशन उपलब्ध कराया। साथ ही आश्वासन दिया कि अगर दोबारा जरूरत पड़े तो बेफिक्र होकर कॉल कर लेना। पुलिस प्रशासन आपके साथ है। यह सुनकर पूरा परिवार आश्वस्त हुआ। 
 
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गरीब परिवारों की मदद को बढ़े हाथ

हमीरपुर। लॉकडाउन में फंसे तमाम परिवारों और राहगीरों को शुक्रवार को समाजसेवियों और पुलिस ने हाथ बढ़ाए हैं। बाहरी राज्यों से आए ट्रक चालकों और खलासी को भी पुलिस ने भरपेट भोजन खिलाकर मानवता की मिसाल पेश की है। उधर बाहरी जनपदों से आए मजदूरों को होटल खुलवाकर प्रशासन ने भोजन कराकर वाहनों से घर पहुंचाया।
लॉकडाउन के बीच शहर स्थित चौरादेवी मंदिर में प्रदर्शनी के कार्यकर्ता पिछले तीन दिनों से फंसे हैं। इनके पास खाने पीने का इंतजाम न होने पर गुरुवार को सागर गुप्ता ने सोशल मीडिया में मदद मांगी। सोशल मीडिया में जानकारी होने पर सिपाही गौरव भदौरिया, नगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष धीरू गुप्ता, मकबूल साबरी, अमित त्रिपाठी व रजुवन दीक्षित ने शुक्रवार को एक दर्जन लोगों को राशन सामग्री का इंतजाम कराया। सभी लोगों को सैनिटाइजर भी दिया गया। उधर सुमेरपुर थाने के इंस्पेक्टर श्रीप्रकाश यादव ने बाहरी राज्यों से आए तीन दिनों से फंसे ट्रक चालकों और उनके परिचालकों (खलासी) को फैक्टरी एरिया चौकी पर आपस में चंदा कर भोजन सामग्री उपलब्ध कराई। भोजन के पैकेट पाते ही यह लोग पुलिस जिंदाबाद के नारे लगाते रहे। इधर तमाम मजदूरों को भी स्थानीय लोगों ने चंदा कर राशन सामग्री दी है।
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