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क्या नौकरी में आ रही परेशानियां वर्ष 2021 में हो जाएंगी समाप्त ? जानिए अनुभवी एस्ट्रोलॉजर्स से
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हाथरस: वाल्मीकि जयंती पर करें सफाई, पानी, प्रकाश के इंतजाम

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
महर्षि वाल्मीकि जयंती के आयोजन की तैयारियों को लेकर डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने सभी नगर पालिका और नगर पंचायतों के ईओ को कार्यक्रम स्थल पर सफाई, पानी और प्रकाश की बेहतर व्यवस्था कराने के निर्देश दिए।
सीडीओ आरबी भास्कर ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए शासन द्वारा दिए गए निर्देशों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि विश्व के आदि कवि हैं।
उन्होंने विश्व प्रसिद्ध कालजयी कृति रामायण महाकाव्य की रचना श्रीराम के जीवनकाल में की। महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण सामाजिक मूल्यों, मानव मूल्यों एवं राष्ट्र मूल्यों की स्थापना का आदर्श है। गौरतलब है कि 31 अक्तूबर को महर्षि वाल्मीकि की जयंती मनाई जाएगी।
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हाथरस: करवा चौथ की खरीददारी के लिए बाजार हुए गुलजार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
करवा चौथ के पर्व के लिए बाजार गुलजार होने लगे हैं। महिलाएं पर्व के लिए बाजार में जमकर खरीददारी कर रही हैं। साड़ी शोरूम से लेकर ब्यूटी पार्लर वालों के यहां भी महिलाओं की लाइन लग रही हैं। दुकानदारों ने त्योहार को लेकर दुकानों को नया लुक दिया है, जिससे ग्राहक आकर्षिक हो सकें।
करवा चौथ का पर्व चार नवंबर को मनाया जाएगा। पर्व को लेकर महिलाओं में खासी उत्सुकता है। मंगलवार को शहर के रामलीला मैदान, बैनीगंज, पत्थर बाजार, बख्तावर गली आदि स्थानों पर साड़ी की दुकानों पर महिलाएं साड़ी खरीदने में माथापच्ची करती हुई नजर आईं।
साड़ी के अलावा महिलाओं ने सौंदर्य प्रसाधन के सामान की भी खरीददारी की। जैसे-जैसे पर्व नजदीक आएगा, बाजार में भीड़ बढ़ना तय है। हालांकि महिलाओं में खरीददारी के दौरान कोराना संक्रमण का डर भी दिख रहा है। महिलाएं सामान देखने के बाद हाथों को बार-बार सैनिटाइज कर रही हैं।
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हाथरस: विकास भवन में हुई खाद, बीज विक्रेताओं की परीक्षा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
विकास भवन सभागार में जिले के खाद विक्रेताओं की परीक्षा हुई । एक साल का प्रशिक्षण पूरे होने के बाद मंडलीय स्तरीय अधिकारियों की निगरानी में इस परीक्षा को कराया गया। इस परीक्षा में पास होने वालों को ही आने वाले समय में खाद, बीज आदि बेचने का अधिकार प्राप्त हो सकेगा।
शासन के निर्देशों पर अब खाद व बीज विक्रेताओं को बीएससी केमिस्ट्री व बीएससी एग्रीकल्चर सहित कृषि विभाग का डिप्लोमा होना अनिवार्य है। पुराने समय से कार्यरत विक्रेताओं को अब विभाग की ओर से सहूलियत मुहैया कराई गई है। विभाग की ओर से यहां जिले के 40 बीज विक्रेताओं को डिप्लोमा कराया गया है।
इस डिप्लोमा की अवधि एक वर्ष की थी। इस अवधि के पूर्ण होने के बाद बुधवार को विकास भवन परिसर में विक्रेताओं की परीक्षा की गई । यह परीक्षा मंडल के अधिकारियों की निगरानी में की गई। जिला कृषि अधिकारी डिपिन कुमार ने बताया कि परीक्षा में पास होने वाले सभी विक्रेता आने वाले समय में खाद व बीज का कारोबार कर सकेंगे।
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हाथरस: बिटिया की मौत को एक माह बीता, सच अभी नहीं आया सामने

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
चंदपा क्षेत्र की बिटिया को इस दुनिया से विदा हुए आज एक माह हो चुका है, लेकिन बिटिया के असली गुनहगार कौन हैं, यह सवाल अभी भी एक रहस्य बना हुआ है। पिछले करीब दो सप्ताह से सीबीआई इस मामले की विवेचना कर रही है। जांच में नए मोड़ भी आ रहे हैं, लेकिन सभी की टकटकी इस बात पर लगी है कि आखिर सच कब सामने आएगा।
चंदपा क्षेत्र की वाल्मीकि समाज की बिटिया के साथ 14 सितंबर को वारदात हुई। शुरू में उसके गांव के ही एक युवक की संदीप ठाकुर की नामजदगी हुई। मुकदमा जानलेवा हमले का दर्ज कराया गया। उसी दिन बिटिया को अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। बाद में पुलिस ने विवेचना में गांव के तीन युवकों रामू, रवि व एक अन्य की नामजदगी कर सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज किया। 28 सितंबर को बिटिया को अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भेज दिया गया। वहां 29 सितंबर को उसने आखिरी सांस ली। इससे पहले ही चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था।
बिटिया जब अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में जिंदगी और मौत के बीच झूल रही थी, तभी इस प्रकरण ने सियासी रंग लेना शुरू कर दिया था। भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर जब अलीगढ़ आए थे तो यह मामला खासा चर्चित हो गया था। 29 सितंबर की रात्रि में ही प्रशासन ने गांव में परिजनों की बिना इजाजत के जबरन बिटिया के शव का अंतिम संस्कार कर दिया था। इसके बाद माहौल और बिगड़ गया। उसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका जैसे कांग्रेसी नेताओं के अलावा अन्य कई विपक्षी दलों के नेता भी बिटिया के घर पर आए और उसके परिजनों को सांत्वना दी।
विपक्ष सरकार पर हमलावर रहा। वहीं ठाकुर समाज भी लामबंद हो गया। उसने बिटिया के परिजनों पर हॉरर किलिंग का आरोप लगाना शुरू कर दिया। इससे जातीय तनाव भी फैल गया। मामला हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंच गया। प्रदेश सरकार ने मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी। इस मामले में सियासत करने वाले नेताओं पर मुकदमे भी दर्ज हुए। सीबीआई इस मामले की दो सप्ताह से विवेचना कर रही है। जातीय दंगा कराने की साजिश का मुकदमा भी दर्ज कराया गया। जातीय दंगे की साजिश के मुकदमे की जांच एसटीएफ कर रही है। बिटिया के गांव और घर पर धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो रही है, लेकिन अभी इस सवाल का जवाब लोगों को नहीं मिला है कि इस मामले में सच सामने आने में अभी कितना वक्त और लगेगा।
पीड़ित परिवार को न आवास मिला और न ही नौकरी
हाथरस। सरकार ने शुरू में इस मामले में डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश की। घटना के बाद बिटिया के पिता से सीएम की फोन पर बात कराई गई। सीएम ने 25 लाख रुपये की आर्थिक मदद का भरोसा दिया। एक आवास और एक सरकारी नौकरी का भी आश्वासन दिया गया। आर्थिक मदद तो परिजनों को मिल गई है, लेकिन अभी तक न तो आवास मिला है और न ही नौकरी। इसे लेकर सरकार का कोई फरमान भी नहीं आया है।
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हाथरस: बिटिया के गांव के रास्ते पर तैनात पुलिस बल। हाथरस: बिटिया के गांव के रास्ते पर तैनात पुलिस बल।

हाथरस: सीआरपीएफ के अधिकारियों ने गांव पहुंचकर खींचा सुरक्षा व्यवस्था का खाका

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
पीड़ित परिवार और गवाहों की सुरक्षा व्यवस्था अब सीआरपीएफ के हवाले की जाएगी। सीआरपीएफ के कमांडेंट बुधवार को बिटिया के गांव पहुंचे। वहां टीम ने परिजनों से बातचीत की और पुलिस व पीएसी की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। वीडियो भी बनाए। पुलिस अधिकारियों से भी जानकारी हासिल की।
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिया है कि पीड़ित परिवार और गवाहों को सीआरपीएफ की सुरक्षा उपलब्ध करा दी जाए। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद सीआरपीएफ के कमांडेंट विशाल सिंह मथुरा से यहां आए।
पहले उन्होंने चंदपा थाने पहुंचकर मामले की जानकारी ली और उसके बाद वह कोतवाली चंदपा निरीक्षक लक्ष्मण सिंह के साथ बिटिया के घर गए। वहां उन्होंने मौका मुआयना किया। कुछ वीडियो भी बनाए। बिटिया के परिजनों से भी पूछताछ की। अन्य तथ्यों की भी जानकारी ली।
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हाथरस: सुरक्षा के बीच उपचार के लिए आगरा गई बिटिया की भाभी, लौटी

हाथरस: बिटिया के पड़ोस में एक जगह को खाली नहीं कर रही पुलिस

हाथरस: बिटिया के गांव का भ्रमण करती पुलिस।

हाथरस: सुगंधा व पी टेन धान नहीं खरीदने पर किसानों ने किया प्रदर्शन

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हसायन (हाथरस)
शासन-प्रशासन के आदेश के बावजूद धान खरीद केंद्र पर पी टेन और सुगंधा किस्म का धान नहीं खरीदने पर किसान गुस्से में आ गए। आक्रोशित किसानों ने वहां प्रदर्शन भी किया।
किसानों ने ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि सुमंत किशोर सिंह से शिकायत की कि शासन-प्रशासन के आदेश के बाद भी खरीद केंद्र पर सिर्फ मोटे धान की ही खरीद की जा रही है, जबकि मोटे धान के अलावा अन्य किस्म के धान को कर्मचारी खरीदने के लिए तैयार हैं। किसानों ने कहा कि प्रशासन अगर सिर्फ मोटे धान को ही खरीदेगा तो अन्य किस्म के धान का क्या होगा।
इस संबंध में ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि सुमंत किशोर सिंह ने धान खरीद केंद्र पर सचिव लाल सिंह के अलावा अन्य अधिकारियों से भी बातचीत की। सुमंत किशोर ने कहा कि अगर किसानों का धान नही खरीदा गया तो इस कोरोना काल में किसान पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा। उन्होंने शासन-प्रशासन से अन्य नस्ल के धान की खरीद भी क्रय केंद्रों पर कराने की मांग की। किसानों ने क्षेत्रीय सहकारी समिति के कर्मचारियों पर भी किसानों से सुविधा शुल्क वसूलने का आरोप लगाया है।
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हाथरस: बेटी की मौत के बाद पूरी तरह से बर्बाद हो गया है परिवार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बिटिया के पिता का फिर यही कहना है कि हमें न्याय चाहिए, हम रुपयों के भूखे नहीं हैं। उनका कहना है कि बिटिया की मौत से वह और उनका पूरा परिवार एक तरह से बर्बाद हो गया है। काम-धंधे ठप पड़े हैं।
बिटिया को याद करते ही उनकी आंखें नम हो र्गइं। उन्होंने कहा कि वह तो शांति के साथ रूखी-सूखी रोटी खाकर जीवन जीने वाले आदमी हैं। उन्होंने कहा कि शुरू में तो प्रशासन ने राशन सामग्री भिजवाई थी, लेकिन अब वह भी भिजवाना बंद कर दी है।
सरकार द्वारा जो आर्थिक मदद की घोषणा की गई थी, वह तो उन्हें मिल गई है, लेकिन अभी आवास और परिवार के एक सदस्य को नौकरी की मांग पूरी नहीं हुई है। यह पूछने पर कि यदि सरकार उन्हें मकान देगी तो क्या वह गांव से बाहर चले जाएंगे, तो इस पर उन्होंने कहा कि यह उस समय देखा जाएगा।
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हाथरस: बिटिया के गांव के स्कूल के हेडमास्टर से सीबीआई ने लिए रिकॉर्ड, की पूछताछ

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बिटिया के मामले में सीबीआई की जांच जारी है। सीबीआई हर पहलू को ध्यान में रखकर इस मामले में जांच कर रही है। सीबीआई ने बिटिया के गांव के सरकारी प्राइमरी स्कूल के हेडमास्टर को शिविर कार्यालय पर बुलाकर उनसे पूछताछ की। टीम ने स्कूल के वर्ष 2003 से 2015 तक के प्रवेश रजिस्टर अपने कब्जे में ले लिए। इसकी एक वजह यह भी मानी जा रही है कि एक आरोपी की उम्र उसकी हाईस्कूल की अंकतालिका के हिसाब से 18 वर्ष से कम है। स्कूल में उसने कब दाखिला लिया, इसकी भी जांच पड़ताल सीबीआई की टीम कर रही है। वैसे यह विद्यालय वर्ष 2003 में ही गांव में संचालित हुआ है।
बिटिया के प्रकरण में चार आरोपी हैं। एक आरोपी के परिजनों ने सीबीआई को उसकी हाईस्कूल की अंकतालिका दी थी। इसमें उसकी आयु 18 साल से कम बताई गई थी। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की वर्ष 2018 की इस अंक तालिका में उसकी आयु दो दिसंबर 2002 लिखी है। उसने यह परीक्षा मीतई के जेएस इंटर कॉलेज से दी थी। इस कॉलेज में जाकर भी टीम ने पूछताछ की थी।
मंगलवार को जब सीबीआई की टीम गांव में आई थी तो इस आरोपी की मां से टीम ने यह पूछा था कि इससे पहले उनका बेटा कहां पढ़ता था। उसने बताया कि वह गांव के ही स्कूल में पढ़ता था। बुधवार को टीम ने प्राइमरी स्कूल के हेडमास्टर धर्मवीर को रिकॉर्ड सहित बुलाया। वह वर्ष 2003 से 2015 तक का रिकॉर्ड लेकर सीबीआई के शिविर कार्यालय गए। सीबीआई ने उनसे रिकॉर्ड ले लिया है। इसके बाद सीबीआई फिर थाना चंदपा गई और वहां फिर छानबीन की। कुछ और रिकॉर्ड भी टीम ने देखे।
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हाथरस: बहादुरपुरभूप में ट्रैक्टर पर जा रहे पिता पुत्रों से मारपीट, वीडियो वायरल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सादाबाद (हाथरस)
क्षेत्र के गांव बहादुरपुर देवकरन में चकरोड को लेकर दो पक्षों में जमकर विवाद गया। ट्रैक्टर लेकर जा रहे पिता पुत्रों से जमकर मारपीट की गई। विवाद का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामले को लेकर कोतवाली में तहरीर दी गई है।
गांव बहादुरपुरभूप निवासी देवकरन पुत्र ख्यालीराम ने कोतवाली में दी गई तहरीर में बताया कि उसके खेत के लिए जाने वाले चकरोड व नाली पर गांव के ही लोगों ने कब्जा कर लिया था। प्रार्थना पत्र पर राजस्व टीम ने करीब 15 दिन पहले चकरोड व नाली को कब्जा मुक्त करा दिया।
28 अक्तूबर को दोपहर जब वह अपने खेत की बुवाई के लिए ट्रैक्टर से अपने पुत्र हरिओम और हरेंद्र को लेकर जा रहा था। तभी उसके गांव के पांच लोग अपने हाथों में लाठी डंडे, फावड़े लेकर आ गए। हरिओम के सिर पर फावड़े से प्रहार कर दिया। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हरेंद्र के साथ मारपीट की। पीड़ित ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। विवाद का सोशल मीडिया पर वीडियो भी वायरल हो रहा है।
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