विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
नवरात्र में कराएं कामाख्या बगलामुखी कवच का पाठ व हवन, पाएं कर्ज मुक्ति एवं शत्रुओं से छुटकारा
Astrology Services

नवरात्र में कराएं कामाख्या बगलामुखी कवच का पाठ व हवन, पाएं कर्ज मुक्ति एवं शत्रुओं से छुटकारा

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

From nearby cities

Coronavirus in UP Live Updates: 27 लाख मनरेगा मजदूरों के खाते में भेजे गए 611 करोड़ रुपये

शासन और प्रशासन संक्रमण के चेन को तोड़ने के लिए लगातार कोशिश कर रहा है। लोगों से भी हर वक्त घरों में रहने की अपील की जा रही है।

30 मार्च 2020

विज्ञापन
विज्ञापन

जौनपुर

सोमवार, 30 मार्च 2020

अधिक दाम पर सामान बेच रहे दुकानदार पर केस

जौनपुर। संकट की घड़ी में लोगों की मदद के बजाए कुछ लोग मुनाफा कमाने में जुटे हैं। ऐसे लोगों पर प्रशासन का डंडा चलने लगा है। डीएम के निर्देश पर हौज गांव के एक किराना दुकानदार पर आपूर्ति विभाग ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया गया है। दुकान पर खाद्य पदार्थों का अधिक दाम वसूला जा रहा था। जांच में पुष्टि के बाद यह कार्रवाई की गई।
कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन ने खाद्य पदार्थों के दाम निर्धारित कर दिए हैं। सभी दुकानदारों को तय रेट पर ही सामग्री बिक्री करने के निर्देश दिए गए हैं। बार-बार हिदायत के बावजूद कई दुकानदार मनमानी से बाज नहीं आ रहे। कालाबाजारी रोकने के लिए गठित आपूर्ति विभाग की टीम को कुछ लोगों ने हौज गांव में एक दुकान पर अधिक दाम लेने की सूचना दी। आपूर्ति निरीक्षक मनीष कुमार और सुशील कुमार पांडेय जांच के लिए सिरकोनी ब्लाक के हौज गांव में सुरेंद्र प्रताप की दुकान पर पहुंचे। अफसरों को देखते ही दुकानदार शटर गिराकर भाग निकला। छानबीन के दौरान दुकान के बाहर किसी वस्तु का रेट बोर्ड नहीं लगा था। दुकान के बाहर ही बिक्री के लिए फल-सब्जी भी रखा पाया गया। ग्रामीणों ने पूछताछ में बताया कि किराने की दुकान पर फल, सब्जी की बिक्री भी होती है। लॉक डाउन होने के बाद से दुकानदार 30-35 रुपये किलो आलू, 45 रुपये किलो चीनी, 110 रुपये किलो अरहर की दाल, 50 रुपये किलो गुड़, 110 रुपये प्रति लीटर रिफाइंड तेल की बिक्री कर रहा है। सुबह आठ से 12 की समय सीमा के बाद भी वह दुकान खोलकर बिक्री करता है। ग्रामीणों के बयान के आधार पर पूर्ति निरीक्षकों ने जांच रिपोर्ट डीएम को दी। डीएम ने दुकानदार पर केस दर्ज कराने का आदेश दिया।
कागज होने के बाद भी पुलिस ने आलू लदे ट्रक का किया चालान
सुईथाकला । सरपतहां पुलिस की मनमानी शुक्रवार को उस समय देखने को मिली । जब आलू लदे ट्रक के ड्राइवर के पास सभी कागजात व लाइसेंस होने के बावजूद चालान कर दिया। ट्रक के ड्राइवर की माने तो वह फर्रुखाबाद से आलू लेकर आजमगढ़ के लिए जा रहा था। ट्रक के पास फर्रुखाबाद मंडी समिति द्वारा जारी पास और गाड़ी के पेपर को देखने के बावजूद पुलिस ने चालान कर दिया।
... और पढ़ें

घरों में पूजी गई शांति की प्रतीक माता चंद्रघंटा

तीसरे दिन हुई मां चंद्रघंटा की आराधना
- घरों में होता रहा दुर्गा सप्तशती और चालीसा का पाठ
- पूजा स्थलों पर पसरा हुआ है सन्नाटा, लोग मायूस
संवाद न्यू एजेंसी
जौनपुर। चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन मां दुर्गा के तृतीय स्वरूप चंद्रघंटा की आराधना हुई। घरों में स्थापित कलश के समक्ष पूजन-अर्चन कर कोरोना संकट के इस दौर में घर, परिवार और समाज को स्वस्थ रखने की कामना की। लॉक डाउन के कारण जिले में आस्था के प्रमुख केंद्र मां शीतला धाम चौकिया और परमानतपुर स्थित मां मैहर मंदिर में भी सन्नाटा पसरा हुआ है। इन मंदिरों के कपाट 31 मार्च तक बंद हैं। दोनों मंदिरों में मंदिर के पुजारी अकेले आरती कर रहे हैं।
माता के तीसरे स्वरूप चंद्रघंटा की पूजा करने से शांति मिलती है। मां की शिखा पर स्थित चंद्रमा इसी का प्रतीक है। देवासुर संग्राम में मां ने असुरों का संहार किया था। सामान्य तौर पर दैनिक व्यस्तताओं के चलते लोग मां की आराधना के लिए कम समय दे पाते थे। इस बार मंदिरों के कपाट बंद होने और लॉक डाउन के चलते उन्हें ध्यान का पूरा वक्त मिल रहा है। लोग सुबह से ही दुर्गा सप्तशती पाठ के माध्यम से लोग ध्यान मग्न हो जा रहे हैं। शुक्रवार को घरों में श्रद्धा के साथ के तीसरे स्वरूप की विधि विधान से पूजा अर्चना की गई। कपाट बंद होने से शीतला धाम चौकिया, मां मैहर मंदिर, नेवढ़िया के शीतला धाम, मुंगराबादशाहपुर के काली मंदिर समेत जिले के सभी देवी मंदिरों में सन्नाटा पसरा हुआ है। सभी पूजा स्थल वीरान पड़े हैं।
... और पढ़ें

लॉकडाउन के बाद मजदूरों की मदद को आगे बढ़े हाथ, कोई गरीबों को पहुंचा रहा खाना तो कोई दे रहा राशन

कोरोना संकट से निपटने के लिए प्रभावी लॉकडाउन ने दिहाड़ी मजदूरों, रेहड़ी दुकानदारों की रोजी छिन ली है। उनके समक्ष उत्पन्न भोजन की समस्या के समाधान के लिए जिले के समाजसेवी और सामाजिक संगठन आगे आए हैं। जिला प्रशासन की अपील के बाद पहल करते हुए ऐसे परिवारों को निशुल्क भोजन उपलब्ध कराने का फैसला लिया है, जिनके पास खाने के लिए कुछ नहीं है। कोई पूड़ी-सब्जी के पैकेट बनाकर बांट रहा है तो कोई उन्हें घर जाकर राशन पहुंचा रहा है।

पिछले तीन दिनों से चल रहे लॉकडाउन के चलते दवा, दूध, किराना, सब्जी, पशु चारा के अलावा अन्य सभी तरह की दुकानें पूरी तरह बंद हैं। इससे खास तौर से उस वर्ग के लिए पेट भरने का संकट आ गया है, जो रोज दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। रिक्शा-ठेला चालक, चाय-पान के छोटे दुकानदार, फेरी करने, फुटपाथ और रेहड़ी पर दुकान लगाने वाले हजारों परिवारों के समक्ष आमदनी का कोई जरिया न होने से घर में चूल्हा जल पाना मुश्किल हो गया है। ऐसे लोगों की मदद के लिए जिला प्रशासन ने समाजसेवी संस्थाओं से पहल की अपील की थी।

मुंबई के उद्योगपति ज्ञानप्रकाश सिंह ने इस दिशा में पहला कदम उठाया है। गुरुवार को उन्होंने सौ से अधिक परिवारों को पूड़ी-सब्जी का पैकेट वितरित कराया। लगातार ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों को भी भोजन के पैकेट दिए गए। ज्ञानप्रकाश सिंह ने बताया कि कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए लॉकडाउन का पालन करना जरुरी है, मगर इसके चलते दिहाड़ी मजदूरों का रोजगार भी ठप पड़ गया है। ऐसे लोग मोबाइल नंबर 8765450555 पर सूचित करे, उन्हें भोजन पहुंचाया जाएगा।
 

... और पढ़ें

महिला अस्पताल में बढ गया प्रसव का दबाव

जौनपुर। कोरोना के संक्रमण के बाद ग्रामीण इलाकों में निजी अस्पताल बंद होने से जिला महिला अस्पताल में प्रसव का लोड बढ गया है। पहले अस्पताल में रोजाना करीब 25 प्रसव होते थे, जो अब बढ़कर 30 तक हो गया है। चिकित्सकों की मानें तो प्रसव के काम आने वाले जरूरी सामान भी अस्पताल में खत्म होने लगे हैं। सीएमएस ने जिला मुख्य चिकित्साधिकारी को डिमांड पत्र भेज दिया गया है।
जिला महिला अस्पताल में पिछले चार दिन हुए प्रसव की संख्या पर नजर डाले तो 26 मार्च के कुल 54 महिलाएं चेकअप के लिए पहुंची। जिसमें से 34 का प्रसव कराया गया। 20 की रूटीन जांच करने के बाद छोड़ दिया गया। इसी प्रकार 27 मार्च को अस्पताल में जांच के लिए 48 महिलाएं पहुंची थी। इनमें 28 का प्रसव कराया गया। अन्य बीस महिलाओं की जांच के बाद दवा देकर छोड़ दिया गया। 28 मार्च को 51 गर्भवती की जांच की गई थी, जिसमें 30 का प्रसव कराया गया। 21 को चिकित्सकीय जांच करने के बाद छोड दिया गया। सीएमएस डॉ.आरएस सरोज का कहना है कि लॉकडाउन के बाद से ग्रामीण से लेकर शहरी इलाकों के भी निजी अस्पताल बंद हैं। इस कारण महिला अस्पताल में प्रसव का दबाव बढ गया है। प्रतिदिन करीब 30 प्रसव कराया जा रहा है, जबकि लॉक डाउन से पहले यह संख्या 24-25 की थी।
सीएमएस भेजा डिमांड पत्र
जौनपुर। जिला महिला अस्पताल में प्रसव कराने वाली महिलाओं की संख्या बढने से दबाव बढ़ गया है। जिसके चलते प्रसव के काम आने वाले सामानों की कमी हो गई है। सीएमएस ने मास्क, परीक्षण ग्लब्स, हैंसवास, सैनिटाइजर और सोडियम हाइपर क्लोराइड उपलब्ध कराने के लिए सीएमओ को पत्र लिखा है।
... और पढ़ें

बार्डर पर हुई यात्रियों की स्क्रीनिंग

सिंगरामऊ/सतहरिया। जिले के प्रतापगढ़ व प्रयागराज बार्डर पर आने वाली वाहनों में बैठे लोगों का थर्मल स्क्रीनिंग किया गया। जिले के प्रतापगढ़ बार्डर पहुंचे बस में सवार लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग शनिवार से लेकर रविवार को हुई। लगभग यही हाल प्रयागराज सीमा पर रही। इस सीमा से जिले में आने वाले लोगों की भी थर्मल स्क्रीनिंग किया गया।
जिले के प्रतापगए़ बार्डर पर शनिवार की शाम से लेकर रविवार सुबह 12बजे तक गाजियाबाद, उत्तराखंड, फिरोजाबाद, लखनऊ आदि स्थानों आने वाली सभी प्रकार के बसों ,ट्रकों, पिकअप से आने जाने वाले सभी लोगों का थर्मल स्कैनिंग किया जा रहा। अभी तक लगभग 1000 लोगों का स्कैनिंग किया गया। साथ ही 497 यात्रियों का नाम व पता के साथ ही आने वाले स्थान सहित अन्य जानकारियां नोट कि जा रही थी। हलांक अभी तक कोई भी संदिग्ध नहीं पाया गया है।मुंबई से आ रहे सरोखनपुर बदलापुर निवासी हरीनाथ शर्मा ने बताया कि वहां पर कुछ खाने पीने को नहीं मिल रहा है। हम दो दिन कुछ खाये नहीं है। नोएडा से आ रहे बदलापुर निवासी मोहम्मद अली ने बताया कि कोई व्यवस्था नहीं है। पैसा देने पर भी समान नहीं मिल पा रहा है। मेरे घर वाले डर गए थे कि मैं पैदल आ रहा था। बस मिल गयी बैठ गया।दिल्ली से आ रहे सरोखनपुर निवासी रामचंद्र ने बताया कि मैं दिहाड़ी मजदूर हूं। मेरे पास एक पैसा भी नहीं था। मेरे पास घर आने के अलावा कोई रास्ता ही नहीं था। वहां पर मौजूद कर्मचारियों ने उनको फल खाने को दिया। थानाध्यक्ष विनीत मोहन पाठक पुलिस बल के साथ मौके पर जुटे रहे। मुंगराबादशाहपुर के जौनपुर- प्रयागराज रोड पर स्थित पाण्डेय पुर (बुढ़िया का इनारा) बार्डर पर रविवार को स्वास्थ्य टीम ने बाहर से आने वालों को थर्मल स्क्रीनिंग से जांच की। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डा.आरपी सिंह के नेतृत्व में गठित स्वास्थ्य टीम ने जिले में प्रवेश करते समय उन्हें बार्डर पर रोक कर थर्मल स्कैनिंग के बाद ही जाने दिया गया। 150 लोगों की जांच की गई। उसमें ज्यादा तर लोंग फूलपुर से पैदल महराजगंज जा रहे थे। वहां पर मौजूद पुलिस ने वाहनों की भी चेकिंग किया।फर्मासिस्ट आरपी पटेल, मनोज यादव, संजय कुमार, एसआई बृज बिहारी सिंह व नंदकिशोर शुक्ला आदि टीम रहे।
बाहर से आने वाले लोगों को क्वारेंटाइन में रखने का निर्देश
जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि लॉक डाउन के दौरान अन्य राज्यों में कार्य करने वाले लोग वापस अपने मूल जनपदों में जा रहे हैं। ऐसे लोग अपने जिले में भी आ रहे हैं। ऐसे व्यक्तियों को सीधे उनके घर ले जाने के स्थान पर धर्मशालाओं व हॉस्टलों इत्यादि में क्वॉरेंटाइन की व्यवस्था कर उसमें रखा जाए। साथ ही चिकित्सकीय परीक्षण किया जाए। क्वॉरेंटाइन अवधि के बाद ही उनके गांव व निवास स्थलों पर जाने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा कि जिले में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की नियमित समीक्षा किया जाए।आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी एवं मुनाफाखोरी पर अंकुश लगाया जाए। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए ईट-भट्टों को चालू रखा जाए तथा वहां कार्य कर रहे श्रमिकों हेतु खानपान एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की जाए। जिले में दवाओं की आपूर्ति की भी नियमित समीक्षा की जाए। दवाओं की आवश्यकता होने पर अविलंब प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को अवगत कराया जाए।
... और पढ़ें

कोरोना पीड़ित के साथ यात्रा करने वाले तीन आइसोलेशन में

महराजगंज। वाराणसी में मिले दूसरे कोरोना पॉजीटिव के साथ यात्रा करने वाले जिले के तीन युवकों को स्वास्थ्य विभाग ने संदिग्ध मानते हुए उनकी जांच शुरू कर दी है। तीनों युवक एक ही गांव के हैं। रविवार की शाम गांव पहुंची स्वास्थ्य टीम तीनों को जिला अस्पताल ले गई। वहां उनके सैंपल लेकर जांच को भेज दिया गया।
बदलापुर थाना क्षेत्र के ढेमा गांव के तीन युवक 20 मार्च को दुबई से घर आए थे। उनके साथ वाराणसी निवासी एक अन्य युवक भी दुबई से बनारस तक साथ आया था। एयरपोर्ट पर जांच के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। वाराणसी के यात्री की दोबारा जांच हुई तो उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजीटिव निकली। इसके बाद से तीनों युवकों को भी संदिग्ध मानते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ढेमा पहुंची। तीनों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां उनके सैंपल लेकर जांच को बीएचयू भेज दिया गया। महराजगंज के चिकित्साधिकारी डॉ.स्वतंत्र कुमार व डॉ.रमेश कुमार ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर तीनों के सैंपल लिए गए हैं।
जिला अस्पताल में खुला एक्टिव कोरोना वार्ड
जौनपुर। जिला अस्पताल में कोरोना पीड़ितों की देख-रेख करने वाले कर्मचारियों के लिए रविवार को एक्टिव कोरोना वार्ड स्थापित किया गया। इस वार्ड में वह कर्मचारी रहेंगे, जिनकी ड्यूटी कोरोना पीड़ितों की देखभाल में लगाया गया है। फिलहाल 12 कर्मचारियों की ड्यूटी लगी है। यह सभी कर्मचारी 14 दिनों तक इसी वार्ड में रहेंगे। जिला अस्पताल से ही उनके खाने, पीने सहित अन्य जरुरतों की व्यवस्था की जाएगी।
... और पढ़ें

कहीं अवैध शराब की बिक्री तो नहीं है रामनाथ की हत्या की वजह

सुइथाकला। सरपतहा थाना क्षेत्र के सराय मोहिउद्दीनपुर में हुई रामनाथ शर्मा (50) की हत्या के मामले में पुलिस ने पेट्रोल पंप के मैनेजर समेत दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। उधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से इस बात का खुलासा हुआ है कि रामनाथ की हत्या 26 मार्च की शाम को ही कर दी गई थी। उनके सिर, पीठ और शरीर के कई अन्य हिस्सों में गंभीर चोट के निशान थे। पुलिस पंप से हो रही अवैध शराब की बिक्री को हत्या का कारण मानकर छानबीन में जुटी है।
सरायमोहिउद्दीनपुर गांव निवासी रामनाथ शर्मा का शव 28 मार्च को सुबह उनके घर से दो सो मीटर दूर लखनऊ-बलिया मार्ग पर स्थित पेट्रोल पंप के पीछे खाई में मिला था। वह 26 मार्च को सुबह घर से निकले थे। शाम को घर नहीं पहुंचे तो खोजबीन शुरू की गई। 28 मार्च को सुबह उनका शव मिला तो सनसनी फैल गई। रामनाथ के बेटे पवन और सनी के मुताबिक वह 27 मार्च को पिता को ढूंढते हुए जब पंप पर गया था। पंप बंद था। यहीं से तीन सौ मीटर दूर स्थित पुलिस चौकी पर तैनात एक कांस्टेबल भी सुबह जब पंप पर पहुंचा था तो भी पंप बंद होने का कारण सिपाही ने कर्मचारियों से पूछा तो वे कुछ नहीं बता सके थे। पुलिस पंप के मैनेजर फूलपुर वाराणसी निवासी राकेश कुमार और एक अन्य को हिरासत में लेकर छानबीन कर रही है। जानकारों के मुताबिक एक दिन पहले पंप से दारू बेचने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने चार को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी लेकिन बाद में सभी को छोड़ दिया गया था। शव मिलने की सूचना पर पहुंचे डाग स्क्वाड ने भी पंप के इर्द गिर्द ही घूम कर रह गया था। सीओ जितेंद्र दुबे का कहना है कि रामनाथ के शव के पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ चुकी है। रिपोर्ट से स्पष्ट है कि शव मिलने से दो दिन पहले हत्या हुई थी। पुलिस हर बिंदुओं पर छानबीन कर रही है। पंप के मैनेजर समेत दो को हिरासत में लिया गया है। जल्द ही घटना का खुलासा कर आरोपियों को जेल भेजा जाएगा।
... और पढ़ें

विवादित मकान पर कब्जे की सूचना पर पहुंची चार थानों की फोर्स

बक्शा। स्थानीय थाना क्षेत्र के नौपेड़वा बाजार में विवादित मकान का मामला एक बार फिर से तूल पकड़ लिया है। मकान पर कब्जे की सूचना पर शुक्रवार की शाम को चार थानों की फोर्स पहुंची तो बाजार में अफरातफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने एक पक्ष को हिरासत में ले लिया।
विवादित मकान का यह मामला उस समय चर्चा में आया था जब मकान से बेदखल की गई महिला ने एसपी कार्यालय पहुंचकर थानाध्यक्ष पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था। हालांकि सीओ की जांच में महिला का आरोप फर्जी पाया गया था। नौपेड़वा बाजार निवासी प्रेमचंद गुप्ता बाजार में यादवेश इंटर कालेज के सामने एक मकान किराए पर लेकर उसमें दाना भूंजने का व्यवसाय करता था और उसी मकान में अपनी पत्नी आरती और बच्चों के साथ रहता भी था। इसी बीच मालिक ने उस मकान को वर्ष 2016 में राजेन्द्र प्रसाद मोदनवाल को बेच दिया। आरोप है कि 10 मार्च को होली के दिन राजेंद्र ने सुबह प्रेमचंद का सामान बाहर सड़क पर फेंक दिया और मकान पर कब्जा कर लिया। आरती गुप्ता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे के बाद प्रेमचंद पत्नी के साथ फिर से उसी मकान में कब्जा कर लिया। दोनों पक्षों की ओर से राजनीतिक दबाव और पैरवी के चलते मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन थानों की फोर्स बुला ली गई। बक्शा के अलावा बदलापुर, सिकरारा एवं सरायख्वाजा थाने की फोर्स पहुंची तो बाजार में अफरातफरी मच गई। थानाध्यक्ष बक्शा शशिचन्द चौधरी का कहना है कि प्रेमचंद एवं राजेंद्र प्रसाद के बीच जमीन का विवाद कब्जे को लेकर विवाद है । जिसे लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी होने की सूचना मिली जिसपर पुलिस मौके पर पहुंची। राजेंद्र और उनके बेटे को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
... और पढ़ें

कोरोना के संक्रमण से निरस्त हो रहे वैवाहिक कार्यक्रम

जौनपुर। लॉक डाउन प्रभावी होने के बाद से होटल, रेस्टॉरेंट, लॉन में भी ताला लग गया है। आगामी दिनों में यहां होने वाले शादी, तिलक सहित अन्य मांगलिक समारोह रद्द किए जा रहे हैं। अप्रैल में होने वाली शादियों के अब तक दो सौ से अधिक बुकिंग रद्द हो चुकी है। इसके बाद की तिथियों में होने वाले कार्यक्रमों को भी लोग यह मानकर रद्द कर रहे हैं कि कहीं लॉक डाउन की अवधि आगे न बढ़े।
इस व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि अगर लगन का सीजन ही उनकी आमदनी का जरिया है। यही हाल रहा तो काफी मुश्किल हालात से जूझना होगा। एक होटल के संचालक विशाल सिंह का कहना है कि अप्रैल में आठ और मई में सात बुकिंग थी। कोरोना के चलते लोग शादी विवाह स्थगित कर बुकिंग वापस कर रहे हैं। होटल संचालक जय प्रकाश सिंह का कहना है कि अप्रैल और मई में होटल के सभी कमरे बुक थे, लेकिन सभी कमरों की बुकिंग लोग निरस्त करा रहे हैं। वहीं पन्नालाल यादव ने बताया कि लगन के चलते अप्रैल और मई में खासी अच्छी बुकिंग हुई थी, लेकिन लॉक डाउन के कारण धीरे-धीरे सभी बुकिंग निरस्त करा रहे हैं। इस साल तो होटल का खर्च भी निकाल पाना संभव नहीं होगा। फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी का काम करने वाले बुद्धि प्रकाश तिवारी ने बताया कि 23, 24, 25 अप्रैल और 3, 4, 5 मई की बुकिंग कैंसिल हुई है। कई अन्य फोन लगातार आ रहे हैं। लॉक डाउन के कारण लोग यह फैसला ले रहे हैं।
लोग वापस करा रहे खाना बनाने का आर्डर
जौनपुर। कोरोना के संक्रमण के कारण शादी विवाह में खाना बनाने वाले कैटरर और उनके साथ काम करने वाले मजदूरों के सामने भी रोजी रोटी की समस्या खडी हो गई है। कोरोना के कारण वैवाहिक कार्यक्रम स्थगित हो रहे हैं। कैटरर का काम कर रहे नाजू बिंद का कहना है कि खाना बनाने के लिए अप्रैल और मई में कुल 20 आर्डर मिले थे। जिसमें से कुछ लोगों ने बुकिंग को निरस्त करा दिया है। उनके साथ काम करने वाले करीब 20 लोगों के सामने रोजी रोटी की समस्या है।
वापस हो रही मेकअप की बुकिंग
जौनपुर। ब्यूटी पार्लर का संचालन कर रही आशा पांडेय और निहारिका का कहना है कि कोरोना के चलते वैवाहिक कार्यक्रम स्थगित हो रहे हैं। जिसके कारण अप्रैल और मई माह की बुकिंग भी प्रभावित हो रही है। आशा का कहना है कि अप्रैल में 12 आर्डर बुक हुआ था। कुछ लोग तो फोन करके निरस्त करा रहे हैं। मई तक स्थिति सामान्य नहीं हुई तो आगे की बुकिंग भी निरस्त होने का डर है।
रोजगार नहीं मिला तो खाने के पड़ जाएंगे लाले
जौनपुर। शादी विवाह में रोड लाइट और कैटरर के साथ काम करने वाले श्रमिक इस बात को लेकर परेशान हैं कि वैवाहिक कार्यक्रम निरस्त हुए तो उनकी रोजी रोजी कैसे चलेगी। शहर के नईगंज निवासी राशिद, बब्बन, शब्बीर अली और कैटरर का काम कर रहे नाटे, फूलचंद का कहना है कि इस बार ठाला पड़ गया है। कमाई नहीं हुई पूरे साल भूखों मरना पड़ेगा।
... और पढ़ें

बार्डर पर थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही जिले में मिलेगा प्रवेश

जौनपुर। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद समेत पश्चिमी यूपी के विभिन्न जिलों में रहकर नौकरी या मजदूरी करने वाले जिले के लोग अब घर लौटने लगे हैं। कोई पैदल ही घर की ओर रवाना हुआ है तो कोई निजी वाहनों का सहारा ले रहा है। ऐसे सभी लोगों को जिले में बिना जांच के प्रवेश न देने का डीएम ने आदेश दिया है। बार्डर पर थर्मल स्कैनर से सभी की जांच की जाएगी। स्थिति सामान्य होने पर ही उन्हें आने दिया जाएगा।
दूसरे शहरों में रह रहे लोग लॉक डाउन के बाद घर लौटने के लिए बेताब हैं। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद सहित अन्य जिलों में फंसे ऐसे सैकड़ों लोगों को लेकर शनिवार की सुबह बसें रवाना की गई। इन शहरों में रह रहे लोगों के जरिए किसी भी तरह कोरोना का संक्रमण जिले में न पहुंचे, इसके लिए डीएम ने बार्डर पर जांच का आदेश दिया। एडीएम वित्त, सीएमओ, एएसपी ग्रामीण और एआरएम रोडवेज को जिम्मेदारी दी गई कि जिले के बार्डर पर पहुंचते ही सभी यात्रियों की बारी-बारी चेकिंग की जाए। थर्मल स्क्रीनिंग में अगर कोई संदिग्ध लगता है तो उसे रोक लें। नाम-पता व अन्य जानकारी नोट करने के बाद उसे क्वारंटीन में रखना सुनिश्चित कराएं। उन्होंने पैदल यात्रा कर रहे जिले में पहुंचने वालों पर भी इसका सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया।
... और पढ़ें

सोशल डिस्टेंसिंग भूले तो सारी कवायद बेकार

जौनपुर। कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए जितना जरूरी घरों में रहना है, उतना ही अहम सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना भी। लोग घरों में तो रुक रहे हैं, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना भूल जा रहे हैं। लॉक डाउन के दौरान कुछ देर के लिए खुलने वाली किराना, फल, सब्जी की दुकानों पर लोगों की भीड़ इस कदर उमड़ रही है कि मीटर तो क्या एक फीट की दूरी भी नहीं रह पा रही। यही हाल रहा तो कोरोना को हराने के लिए हो रही अन्य सभी तरह की कवायदें बेकार ही होंगी।
प्रधानमंत्री ने 21 दिनों तक का संपूर्ण लॉक डाउन कर लोगों को घरों में रहने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की हिदायत दी है। इस दौरान कोई परेशानी न हो, इसके लिए सब्जी, फल और किराना की दुकानों सहित अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े प्रतिष्ठानों को खोलने का निर्देश दिया है। नियमों के तहत जिले में भी सुबह आठ से 12 बजे तक सब्जी, किराना और फल की दुकानें खुल रही हैं। पूरे दिन घरों में कैद रहने वाले लोग सब्जी, किराना और फल की खरीदारी के लिए इस कदर उमड़ रहे हैं कि दुकानों पर भीड़ लग जा रही है। सामान पाने की जल्दबाजी में वह धक्का-मुक्की भी कर रहे हैं। शहर के कई दुकानों पर शनिवार को ऐसी ही स्थिति रही। दुकानों के बाहर गोले तो बनाए गए हैं, मगर लोग उसका पालन करने के प्रति सजग नहीं दिख रहे। किराना, दवा और सब्जी की दुकानों पर भीड़ में लोग एक-दूसरे से चिपके रहे। चौकिया स्थित नवीन सब्जी मंडी में खरीदारी के लिए पहुंचे लोगों की भीड़ लगी रही। पुरानी सब्जी में भी यही हाल थे। पुलिस के बार-बार सख्ती दिखाने के बाद भी लोग बाज नहीं आ रहे। इसके चलते कई जगह पुलिस को हल्का बल भी दिखाना पड़ रहा है।
... और पढ़ें

लाक डाउन से अधर में लटका विभागीय बजट का मार्च क्लोजिंग

जौनपुर। लॉक डाउन के चलते कार्यालय व दुकानें बंद होने से मार्च क्लोजिंग अधर में पड़ गया है। मार्च समाप्त होने में मात्र चार दिन शेष हैं, लेकिन अभी भी अधिकांश विभाग अपने बिल पेश नहीं कर पाए हैं। जरूरी दस्तावेजों के अभाव में बिल अधूरा है। सबसे ज्यादा मुश्किल में स्वास्थ्य, पीडब्लूडी, आरईएस, समाज कल्याण सहित अन्य विभाग हैं। तय समय तक बजट का उपभोग न दर्शाने पर उन्हें अवशेष बजट सरेंडर करना पड़ेगा।
कोराना के कारण लॉक डाउन होने से इस समय अधिकारी व कर्मचारी अपने आवास पर रहे रहे हैं। सरकार ने उन्हें कार्यालय न आने की छूट दी हैं। ज्यादातर कर्मचारी व अधिकारी आवास से ही विभागीय कामों को निपटा रहे हैं। उधर, वर्तमान वित्तीय वर्ष का क्लोजिंग भी 31 मार्च तक होना हैं। क्लोजर रिकार्ड में उन्हें पूरे सत्र में विभिन्न मदों से मिले बजट और उसके बदले खर्च का पूरा ब्योरा दर्शाना जरुरी है। समय से यह कार्य पूरा हो सके, इसके लिए सभी विभागों को 25 मार्च तक ही अपने बिल कोषागार में पेश करने का निर्देश दिया गया था। लॉक डाउन के कारण अधिकांश विभाग अपना बिल पेश नहीं कर पाए हैं। लाभार्थी योजनाओं का संचालन करने वाले विभागों में आवेदकों का सत्यापन पूरा न हो पाने के कारण खाते में धनराशि भेजने की प्रक्रिया अटकी हुई है, वहीं कार्यदाई संस्थाएं काम ठप होने के कारण कुछ कर पाने में बेबस बनी हुई हैं। कई विभागों को वर्ष में हुई खरीद के बिलों की भी जरुरत है, मगर दुकानें बंद होने से यह बिल उन्हें नहीं मिल पा रही। स्वास्थ्य, बाल विकास, पीडब्लूडी, डीपीआरओ, आरईएस सहित कई विभागों के समक्ष विकट स्थिति है। अगर समय सीमा नहीं बढ़ी तो इन्हें करोड़ों की राशि सरेंडर करने की मजबूरी होगी।
... और पढ़ें

भूख से जूझ रहे लोगों की मदद के लिए बढ़े हाथ

जौनपुर। लॉकडाउन के चलते रोज कमाने खाने वाले परिवारों की मदद के लिए पुलिस, प्रशासन, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों ने हाथ बढ़ाया है। लोगों ने मुसहर, धरिकार बस्तियों और भीख मांगकर जीवन यापन करने वालों को राशन के पैकेट वितरित किए।
लायंस क्लब जौनपुर गोमती के सदस्यों ने जरूरतमंद तक भोजन व राशन पहुंचाया। छबीलेपुर गांव के समीप बस्ती में हाईवे पर पैदल व साइकिल से आ रहे वाराणसी, प्रयागराज व भदोही से अपने जिले जौनपुर में राहगीरों को भोजन, बिस्कुट व पानी दिया गया। अध्यक्ष दिनेश श्रीवास्तव के नेतृत्व में मंडल कोषाध्यक्ष मनीष गुप्ता, गणेश साहू, सूर्यांश श्रीवास्तव, संजय, रीतेश, विभा श्रीवास्तव, प्रतिमा साहू, संस्कृति, हसनैन कमर दीपू, वीरेंद्र सिंह, संजीव गुप्ता, डॉ.जीसी सिंह आदि ने सहयोग दिया। केराकत: सरायबीरू में बीडीसी सदस्य रन्नो देवी, हंसकुमार सोनकर उर्फ मकालू, प्रदीप कुमार सोनकर, अजय सोनकर, मनीष कुमार, विजय सोनकर, संजय सोनकर, सुनील सोनकर ने संयुक्त रूप से दो दिन भूखे रह रहे 32 धरकार व बांसफोर को दाल, चावल, नमक आदि सामग्री एसडीएम चंद्रप्रकाश पाठक के हाथों प्रदान कराया। इसी क्रम में नगर के समाजसेवी अशोक कुमार जायसवाल ने नगर के गरीबों को खाद्यान्न वितरण किया।
खुटहन: थानाध्यक्ष जगदीश कुशवाहा ने इमामपुर गॉव के सोनार की बाग में बंजारों एवं गौसपीर दरगाह पर जियारत करने आये श्रद्धालुओं व मांग कर खाने वालो के बीच पहुचकर आटा, चावल, दाल, तेल, मसाले, सब्जी व मिठाई वितरित की। इमामपुर गांव की बाग में डेरा डालकर रहने वाले जलील, पांचू व नन्हे आदि अपने परिवार के साथ कबाड़ बीनकर आजीविका चलाते हैं। वे यहां पांच वर्ष से रह रहे है। इन परिवारों में 12 से अधिक बच्चे हैं। पुलिस को सूचना मिली कि ये परिवार लॉकडाइन के चलते खाने का इंतजाम नहीं कर पा रहे हैं। इसी तरह गौसपीर दरगाह पर वर्षों से मांगकर भोजन करने वाले मजीद, सोहेल, अफसाना सहित 12 से अधिक लोगों में खाद्य सामग्री वितरित की गई।
धर्मापुर: थानाध्यक्ष जफराबाद मदन लाल ने सरैंया गांव बांस का सामान बनाकर जीवन यापन करने वाले धरिकार समाज के लोगोँ को भोजन का पैकेट, मास्क व सैनिटाइजर वितरित किया। रामनगर: नेवढ़िया थानाध्यक्ष राजनरायन चौरसिया ने क्षेत्र के बेनीपुर गांव में मुसहर बस्ती में राशन सामग्री वितरित की।
मीरगंज: क्षेत्र के करियांव गांव की मुसहर बस्ती में थानाध्यक्ष मीरगंज अरविंद वर्मा व समाजसेवी देवेंद्र सिंह ने 65 गरीब परिवारों को 5 किलो चावल , तेल, दाल, आटा आदि वस्तुएं वितरित किया।
नेवढ़िया: दोदापुर के प्रधान शिवशंकर सिंह ने मुसहर बस्ती के 24 परिवारों सहित अन्य जरूरतमंदों को गेहूं, चावल, दाल सहित जरूरी सामानों का वितरण किया। अढ़नपुर ग्राम सभा के प्रधान अशोक सिंह ने जरूरतमंद परिवारों के घर पर खाद्यान सामग्री व सहयोग राशि पहुंचाकर सभी लोगों से अपील किया। खेतापुर ग्रामप्रधान ब्रम्हदेव गिरी ने ग्रामसभा के जरूरतमंदों मे गेहू,चावल,व सहयोग राशि वितरित किया।
मछलीशहर: तहसील प्रशासन और पुलिस ने लोगों के सहयोग से अमारा गाव की मुसहर बस्ती के40परिवारों को खाद्य सामग्री वितरित की। खाद्य सामग्रियों का पैकेट लेकर एएसपी ग्रामीण संजय राय, नायब तहसीलदार कृष्णराज सिंह, कोतवाल पंकज पांडेय के साथ उक्त बस्ती में पहुचे। वहाँ संगठन केराजकुमार पटवा, बबलू, शनि, अखिलेश श्रीवास्तव आदि मौजूदगी में वितरण हुआ।
जलालपुर: अपराध निरोधक कमेटी ने शनिवार को बिबनमऊ मुशहर बस्ती व जलालपुर चौराहा पर गरीबो को राशन,सब्जियां व फल वितरित किया। यहां कमेटी के सदस्य आनन्द मोदनवाल, रतन लाल मौर्या, डॉ बालकृष्ण , विनय, अनिल कुमार मौजूद थे।
सुरेरी: रामपुर विकास खंड के पट्टीकिरतराय गांव के प्रधान नंदलाल सिंह ने ने गांव की मुसहर बस्ती में मास्क का वितरण किया।। बासूपुर के प्रधान पुत्र दीपक यादव ने गांव की मुसहर बस्ती में राशन वितरित किया। मड़ियाहूं: भंडरिया टोला की मुसहर बस्ती में भाजपा नेता चंद्रप्रकाश पप्पू ने आटा, दाल चावल आदि का वितरण किया। एसडीएम कौशलेश मिश्र ने कस्बे में रह रहे राजस्थान के 12 परिवारों को खाद्य सामग्री वितरित की।
... और पढ़ें
अपने शहर की सभी खबर पढ़ने के लिए amarujala.com पर जाएं

Disclaimer


हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।
Agree
Election
  • Downloads

Follow Us