बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को अब जबरन खाली करने होंगे सरकारी आवास

अमर उजाला नेटवर्क, झांसी Published by: झांसी ब्यूरो Updated Fri, 21 Feb 2020 02:51 AM IST
विज्ञापन
demo pic
demo pic - फोटो : अमर उजाला ब्यूूराे

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें
पुलिस व प्रशासनिक सरकारी आवासों में जबरन कब्जा किए कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। झांसी के साथ ललितपुर व जालौन में ऐसे करीब 250 से अधिक सरकारी आवास अब जबरन खाली कराए जाएंगे। नोटिस देने के बाद भी क्वार्टर खाली नहीं हो सके।
विज्ञापन


झांसी के साथ ही ललितपुर व जालौन में सरकारी आवासों पर कर्मचारियों के कब्जे हैं। इनमें पुलिस व प्रशासनिक कर्मचारी इन क्वार्टरों को छोड़ने को तैयार नहीं है। जिले में तैनात रहे कई पुलिसकर्मी व सरकारी कर्मी स्थानांतरण अन्य जिलों में हो जाने के बाद भी सरकारी आवास खाली नहीं कर रहे हैं। उनके स्थान पर दूसरे जिलों से आए कर्मचारियों को आवास में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर पुलिस व प्रशासनिक स्तर पर कई बार नोटिस दिया गया, लेकिन आज तक आवास खाली नहीं हो सके।


झांसी के पुलिस आवासों पर भी पुलिसकर्मी कब्जा छोड़ने को तैयार नहीं हैं। शुरुआती चरण में करीब सौ से अधिक पुलिसकर्मियों को नोटिस भेजकर आवास खाली के निर्देश थे। सख्ती के चलते करीब 68 पुलिसकर्मियों ने आवास खाली कर दिए थे, लेकिन अब भी 32 से अधिक पुलिसकर्मी आज तक आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं। दो माह पहले भी नोटिस जारी किए थे, लेकिन उसका भी कोई जवाब नहीं मिल सका। अब अधिकारियों ने शिकंजा कसने की कवायद शुरू कर दी है। मार्च तक कब्जाधारी पुलिसकर्मियों के क्वार्टर खाली न करने पर जबरन उनका सामान बाहर निकाला जाएगा।

बनवाए हैं आलीशान मकान
शासन के नियमों के अनुसार कार्य क्षेत्र वाले जिले में जिन पुलिसकर्मियों के पास निजी आवास बना हुआ है, ऐसों को आवास आवंटित नहीं हो सकेगा। शासकीय आवास में निवासरत रहते भी अगर वह अपना मकान बनाता है तो भी विभाग को इसकी जानकारी देनी होती है। ऐसी स्थिति में भी उसे आवास छोड़ना होता है। इस तरह के नियम को न केवल पुलिस विभाग में ताक पर रख दिया गया है, बल्कि प्रत्येक विभाग के कई पुलिसकर्मी इन नियम को ठेंगे पर रखे हुए हैं।

कौन भरे इनके बिल
अवैध रूप से रहने वाले कई आवासों में लगे बिजली मीटर और पानी के बिल तक नहीं भरते। कारण स्पष्ट होता है कि उन्हें आज नहीं तो कल इन आवासों को खाली करना है। वर्दी के रौब में इनके बिजली कनेक्शन भी विभाग आसानी से काट नहीं पाता। अगर इनके मीटर कनेक्शन काट भी दिए जाते हैं तो फिर से अवैध रूप से जोड़ लिए जाते हैं। कई बार बिजली विभाग के छापे में यह उदाहरण देखने को मिलते रहे हैं।
पुलिस व प्रशासनिक आवासों पर कब्जा किए कर्मियों की रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। जल्द ही पुलिस जबरन इनके आवासों को खाली कराएगी। इसके लिए प्रशासनिक अफसरों को भी शामिल किया जाएगा। साथ ही सभी पर विभागीय कार्रवाई भी होगी।
-राहुल मिठास, अपर पुलिस अधीक्षक

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us