घनन घनन घन घिर आए बदरा....

अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 18 Jul 2016 12:46 AM IST
विज्ञापन
raining, jhansi hindi news
raining, jhansi hindi news - फोटो : demo

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
झांसी। सूखे की आग में झुलस रहे बुंदेलखंड में बारिश की बूंदें किसानों को ठीक वही अहसास करा रही हैं, जो आमिर खान की फिल्म ‘लगान’ के सूखाग्रस्त गांव के ग्रामीणों को बारिश होने पर हुआ था। क्षेत्र के गांव-गांव में ठीक उसी तरह के उत्साह का माहौल बना हुआ है। सूने खेतों पर चहल-पहल नजर आने लगी है। खरीफ की बुवाई-निराई तेजी से जारी है।
विज्ञापन

बुंदेलखंड लगातार प्राकृतिक आपदा का शिकार बनता आ रहा है। साल 2015 के शुरुआत में अतिवृष्टि /ओलावृष्टि सेे रबी फसल को भारी नुकसान हुआ था। अकेले झांसी जनपद में ही फसलों को तीन अरब सत्तावन करोड़ रुपये की क्षति हुई थी। इस सदमे से किसान उबर भी नहीं पाए थे कि खरीफ पर सूखे ने कहर बरपा दिया था। लंबे अरसे बाद अब जाकर कुदरत किसानों के साथ कदमताल करती नजर आ रही है। मानसून की शुरुआत से ही झमाझम बारिश जारी है। मौसम के इस मिजाज ने किसानों का रुख एक बार फिर खेतों की ओर मोड़ दिया है।
सूने पड़े खेतों में किसानों की आवाजाही बढ़ गई है। किसान इस बारिश का भरपूर फायदा उठाने की तैयारी में हैं। खरीफ की फसल उर्द, तिल, मूंग, मूंगफली आदि की बुवाई तेजी से की जा रही है। इसके अलावा जो किसान इन फसलों को पहले बो चुके हैं, वह निराई में जुट गए हैं। शुरुआती अच्छी बारिश और मौसम विभाग की सामान्य से अधिक बारिश की भविष्यवाणी से किसानों की उम्मीदें परवान चढ़ी हुई हैं। बीते स्याह कल को भुला अन्नदाता एक बार फिर धरती की सूनी कोख को भरने के लिए उठ खड़ा हुआ है।
हर बूंद में है अमृत
मोंठ के किसान जवाहर लाल राजपूत कहते हैं कि सूखे की वजह से बुंदेलखंड की धरती मृतप्राय: अवस्था में पहुंच गई थी। पिछले खरीफ सीजन में ज्यादातर खेतों में बुवाई भी नहीं हो पाई थी, जहां हुई थी, तो वहां पैदावार न के बराबर ही हुई थी। लेकिन, इस बार बारिश की अच्छी शुरुआत हुई है। इससे किसानों के उदास चेहरों पर लंबे समय बाद खुशहाली झलक रही है। खरीफ की बुवाई का काम तेजी से जारी है। बारिश की हर बूंद बुंदेलखंड की धरती के लिए अमृत का काम कर रही है।

खेत तर हुए, पर गले नहीं
मऊरानीपुर के किसान शिवनारायण सिंह परिहार कहते हैं कि मानसून की शुरुआत अच्छी हुई है। इससे खेतों को पानी अच्छा मिल गया है। यह नमी खरीफ की बुवाई व निराई में मददगार साबित हो रही है। इसके अलावा तालाबों में भी पानी नजर आने लगा है। लेकिन, अभी गांवों में पेयजल की समस्या कम नहीं हुई है। हैंडपंप व कुओं की स्थिति में अभी कोई खास सुधार नहीं आया है। लगातार अच्छी बारिश के बाद ही गांवों की पेयजल की किल्लत दूर होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X