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नवरात्र में कराएं कामाख्या बगलामुखी कवच का पाठ व हवन, पाएं कर्ज मुक्ति एवं शत्रुओं से छुटकारा
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उत्तर प्रदेश में कोरोना के 15 नए मरीज मिले, तीन हुए ठीक, 96 पहुंची कुल संख्या

नोवेल कोराना वायरस के प्रकोप के बीच सोमवार को एक अच्छी खबर आई। पहले से अस्पतालों में भर्ती तीन पॉजिटिव मरीज पूरी तरह से स्वस्थ होने के कारण डिस्चार्ज कर दिए गए। इनमें से दो नोएडा और एक आगरा का मरीज है।

31 मार्च 2020

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झांसी

मंगलवार, 31 मार्च 2020

हाईवे पर सख्ती शुरू, बॉर्डर सील, रोकी आवाजाही

झांसी। सरकार की चेतावनी के बाद जिले के बॉर्डरों पर तगड़ा पहरा बैठा दिया गया है। बिना इमरजेंसी के किसी को भी अब आने-जाने की इजाजत नहीं है। अधिकारियों ने बॉर्डर पर घूम-घूम कर जायजा लिया। अधिकारियों ने लॉकडाउन में सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं।
लॉक डाउन को पूरी तरह सख्त बनाने के लिए सरकार ने निर्देश दिए हैं। सोमवार सुबह निर्देश आने के बाद पुलिस एक्शन में नजर आई। बॉर्डर थानों को सील कर सख्ती बरतनी शुरू कर दी गई है। यहां पर आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। केवल इमरजेंसी वाले वाहनों को ही अंदर आने की इजाजत मिल रही है। अधिकारी सुबह से ही बार्डर थानों पर पहुंचकर व्यवस्था को देखते रहे। सरकार का सख्त आदेश आने के बाद अधिकारी उसका पालन कराने की कवायद में जुट गए। रक्सा, मऊरानीपुर, कानपुर रोड, ग्वालियर रोड आदि बॉर्डर थानों पर सख्ती बढ़ा दी गई। सभी सीमाएं सील कर आने-जाने वालों पर रोक लगा दी गई। पलायन कर जिले में पहुंचने वाले मजदूरों को जिला प्रशासन की ओर से बनाए गए शिविर व रैन बसेरा में ही रोका जाएगा। जहां उनके खाने-पीने की पूरी व्यवस्था होगी। सोमवार सुबह आईजी सुभाष सिह बघेल, डीएम आंद्रा वामसी, एसएसपी डी प्रदीप कुमार, एसपी सिटी राहुल श्रीवास्तव, एसपी देहात राहुल मिठास तमाम अधिकारी बार्डर केथाने पहुंचे। यहां पुलिस को सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए। इस दौरान दर्जनों वाहन वापस लौटाए गए। कई लोगाें ने तमाम तरीके के तर्क पुलिस को दिए, लेकिन उनके सामने किसी की नहीं चली। केवल इमरजेेंसी वाहनों को ही अंदर आने की इजाजत मिली।
शहर की गलियों में आदेश बेअसर
महानगर के कई मोहल्लों में लॉकडाउन का पालन नहीं हो रहा है। इसमें सबसे आगे कोतवाली व नवाबाद क्षेत्र सबसे आगे है। यहां सड़कों पर वाहनों की आवाजाही लगातार जारी है। बच्चे सूनी सड़कों पर क्रिकेट खेलते नजर आए। पुलिस की सख्ती न होने के कारण आदेश बेअसर नजर आ रहा है। एसपी सिटी राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि थानेदारों को पूरी तरह आदेश का पालन कराने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए है।
बॉर्डर सील कर पुलिस का पहरा बैठा दिया गया है। किसी को भी बिना वजह आने-जाने की अनुमति नहीं मिलेगी। शहर में भी लॉकडाउन का पालन न करने वालोंके साथ सख्ती के साथ निपटा जाएगा।
सुभाष सिंह बघेल, आईजी
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साथियों की तलाश में दबिश दे रही पुलिस

झांसी। थाना प्रेमनगर पुलिस पकड़े गए गांजा तस्कर के साथियों की तलाश में जुटी है। पुलिस ने गांजा तस्कर के पास से सोमवार को 80 किलो गांजा बरामद किया था। आरोपी से पुलिस को कई साथियों के नाम सामने आए थे, जो गंाजा तस्कर की मदद करते थे।
थाना प्रेमनगर के राजगढ़ स्थित रामनगर मोहल्ला में गांजा बिकने की सूचना पर एएसपी साद मिया खान व प्रभारी निरीक्षक आशीष मिश्रा ने एक मकान में दबिश दी। यहां से पुलिस ने सुनील कुमार गुप्ता को पकड़ा था। तलाशी लेने पर मकान व कार से 80 किलो गांजा बरामद किया था। पकड़ा गया आरोपी सुनील अपने साथियों के साथ महानगर के कई इलाकों में खेप पहुंचनी थी। नाम सामने आने के बाद पुलिस ने साथियों की तलाश शुरू कर दी है। इस अवैध कारोबार के सभी साथी प्रेमनगर के साथ नवाबाद, कोतवाली समेत अन्य क्षेत्रोें के रहने वाले हैं। पुलिस ने सभी को दबोचने के लिए दबिश देना शुरू कर दी है।
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झांसी: गैर राज्यों से आए पांच लोगों की हुई स्क्रीनिंग

दिल्ली, जयपुर और फरीदाबाद से शहर लौटे पांच लोगों की स्वास्थ्य विभाग ने स्क्रीनिंग की गई। किसी में भी खांसी, जुकाम और बुखार के लक्षण नहीं मिले। इस पर टीम ने सभी को 14 दिन तक घर पर ही क्वारंटीन में रहने के निर्देश दे दिए गए हैं।

खुशीपुरा निवासी 25 वर्षीय युवक हाल ही में मुरैना से लौटा है। इसी क्षेत्र के रहने वाले 27 और 30 साल के युवक भी दिल्ली से लौटे हैं। फरीदाबाद में ड्राइवरी करने वाला एक 37 वर्षीय युवक भी फरीदाबाद से लौटा है। वहीं, इतवारीगंज में रहने वाला 32 वर्षीय युवक जयपुर से आया है।

कंट्रोल पर फोन करके लोगों ने इन युवकों के बाहर से शहर आने की सूचना दी थी। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी युवकों के घर पहुंचकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। किसी में भी खांसी, जुकाम और बुखार के लक्षण नहीं मिले। फिर भी सभी युवकों को 14 दिन तक घर पर ही क्वारंटीन कर दिया गया है।

इस दौरान लगातार उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जाएगी। यदि किसी में भी वायरल के लक्षण पाए जाते हैं तो उन्हें आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया जाएगा।
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पैरामेडिकल कॉलेज में कोविड समर्पित एल-1 और एल-2 इकाई बनी

झांसी। देश में कोरोना के बढ़ते मरीजों को देखते हुए पैरा मेडिकल कॉलेज में बनाए गए क्वारंटाइन वार्ड में ड्यूटी करने वाली 35 सदस्यीय टीम को संक्रमण नियंत्रण और पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (पीपीई) किट का तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया। बताया गया कि कोरोना वायरस के मरीज के इलाज के लिए एल-1 और एल-2 इकाई बन गई है।
क्वारंटाइन चिकित्सा इकाई के प्रभारी डॉ. राकेश बाबू गौतम ने प्रशिक्षण में बताया कि जो लोग संदिग्ध की श्रेणी में हैं, उन्हें 14 दिन के लिए इंस्टीट्यूशनल क्वारंटाइन किया जाना है। इस दौरान उनका दो बार सैंपल जांच के लिए लिया जाएगा। यदि दोनों बार जांच नकारात्मक आती है तो घर भेजा जाएगा। स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डॉ. विजयश्री शुक्ला ने बताया इस बीमारी से कोई संक्रमित भी हो रहा है तो उसमें 80 प्रतिशत लोग ठीक हो रहे हैं। 17 प्रतिशत ऐसे हैं, जिन्हें आईसीयू या वेंटिलेटर की आवश्यकता पड़ रही है। मृत्यु दर मात्र 3 प्रतिशत है। जिला अस्पताल में कोविड समर्पित एल-1 चिकित्सा इकाई बनाई जा चुकी है। यदि उसे आईसीयू या वेंटिलेटर की आवश्यकता नहीं पड़ती है तो उसका इलाज एल-1 इकाई में ही किया जाएगा। यदि आईसीयू या वेंटिलेटर की आवश्यकता पड़ती है तो मेडिकल कॉलेज में बनी एल-2 इकाई में भेजा जाएगा।
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हर तरफ पहुंच रहे मददगार, किसी ने खिलाया खाना तो किसी ने बांटा राशन

झांसी। कोरोना वायरस के इस संक्रमणकाल में लॉकडाउन के बाद दिहाड़ी मजदूरों, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के सामने खानपान का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में जरूरतमंदों का पेट भरने के लिए जिले के विभिन्न राजनीतिक, व्यापारिक और समाजसेवी संगठन आगे आ गए हैं। सोमवार को भी विभिन्न संगठनों ने जरूरतमंदों को खानपान के पैकेट बांटे।
गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत के निर्देश पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग राज्यों से आ रहे लोगों को खानपान के पैकेट बांटे। साथ ही बसों व अन्य साधनों से उन्हें घरों तक पहुंचाया गया। इस दौरान नरेंद्र राजपूत, रमाकांत राजपूत, अरविंद पाल, राजपाल सिंह, विवेक कुशवाहा, गोलू राय, कुलदीप पटेल समेत भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। वहीं, सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आह्वान पर समाजवादी छात्रसभा ने सीपरी बाजार खालसा स्कूल के पास बस्ती में गरीब मजदूर लोग और बच्चों के बीच सब्जी-पूड़ी बांटी। इस मौके पर छात्रसभा के पूर्व प्रदेश महासचिव स्वदेश यादव, युवा महासभा के प्रदेश अध्यक्ष श्रीकृष्ण, उत्कर्ष यादव, अरुण कुमार यादव, हर्ष ठाकुर, शिवा खोड़न, संतोष यादव मौजूद रहे। बुंदेलखंड महाविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष व भाजपा नेता अमित साहू ने उनाव गेट, लक्ष्मीगेट, कांशीराम का हाता व अन्य कई इलाकों में घर-घर जाकर जरूरतमंदों को मोदी पैकेट वितरित किए। इस दौरान भाजपा महानगर अध्यक्ष मुकेश मिश्रा व अन्य भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इसी तरह, छनियापुरा मुहल्ला में मुस्लिम बस्ती में व्यापारी नेता राजीव राय, कुलदीप सिंघल, विपिन दुबे ने जरूरतमंदों को खाद्य सामग्री बांटी। खाद्यान्न सामग्री में पांच किलो आटा, दो किलो चावल, तेल, दाल, सब्जी, मसाले के पैकेट के अलावा साबुन आदि था। इन्हीं व्यापारियों ने हंसारी में भी आर्थिक रूप से कमजोर 100 से अधिक परिवारों को खानपान की सामग्री वितरित की। इस दौरान महापौर रामतीर्थ सिंघल भी मौजूद रहे। मेयर ने कहा कि उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने जरूरतमंदों को भोजन की आवश्यकता के अनुरूप राशन बांटा गया है। आगे भी मदद की जाएगी। इस दौरान विनोद अग्रवाल, रोहित मित्तल, आशीष अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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मां जगदंबे की भक्ति में विभोर है भक्त

झांसी। कोरोना वायरस के कारण मंदिरों के पट बंद है। लेकिन मां जगदंबा की भक्ति में श्रद्धालु विभोर है। घरों में भक्त मातारानी के स्वरूपों की नियमित आराधना कर रहे है। अभिषेक, श्रृंगार व आरती कर सुबह - शाम प्रसाद अर्पण कर रहे है।
चैत्र की नवरात्र में मां दुर्गा के स्वरूपों की आराधना का बड़ा महत्व है। सोमवार को षष्ठी पर भक्तों ने मां कात्यायनी और माता दुर्गा के स्वरूपों की विधिवत पूजा अर्चना की। प्रज्वलित अखंड ज्योति व घट के समक्ष दुर्गा चालीसा, श्री दुर्गा सप्तशती आदि का पाठ किया। हवन में आहुतियां अर्पित की। दिन भर व्रत रखा और शाम को पूजा अर्चना के बाद व्रत को खोला। मंदिरों के पट बंद होने के कारण इन दिनों घरों में ही भक्तों द्वारा विशेष पूजा अर्चना की जा रही है। शहर की प्रत्येक मुहल्ले में पूजा दौरान शंख व घंटों की गूंज सुनाई दे रही है। वहीं चैत्र नवरात्र की अष्टमी का पर्व बुधवार एक अप्रैल को मनाया जाएगा। धर्माचार्य हरीओम पाठक ने बताया कि श्रद्धालु अष्टमी की पूजा घर के पूजा स्थल पर करें। मां दुर्गा का आह्वान कर उन्हें प्रसाद अर्पण करे और हवन के बाद व्रत का परायण करे।
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अपराजिता: सेवा के जज्बे से लड़ रहीं कोरोना से जंग

झांसी। यूं तो परिवार में आने वाली हर मुसीबत का डटकर सामना करने के लिए आधी आबादी तैयार रहती है, लेकिन देश में आई विपत्ति और महामारी से निपटने के लिए नारी शक्ति आगे आ रही है। हर चेहरे पर मुस्कान बिखेरने और वायरस से बचने का संदेश देते हुए अपराजिता बनकर महिलाएं खूब पहल कर रही हैं। कोई बाहरी प्रदेशों से लौट रहे मजदूरों और परिवारों का इलाज कर रही है, तो उनकी भूख मिटाने के लिए जुटी है। कोरोना की जंग में महिलाएं सेवाभाव का परिचय दे रही हैं।
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ताकि वायरस से बचे रहें बच्चे
महानगर के ग्वालियर रोड निवासी मालती साहू भी कोरोना से बचाव के लिए लोगों को जागरूक कर रही हैं। वे गली में खेलने के लिए आने वाले बच्चों को घर में रहने के लिए कहती हैं। साथ ही बच्चों के हाथ साबुन से धुलवाती हैं। इसके साथ ही मजदूरों के लिए खाना बनाने में मदद करती हैं।
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मजदूरों के लिए बना रहीं भोजन
महानगर की पाल कॉलोनी में कोरोना से बचाव के लिए महिलाएं जुटी हैं। पॉल कॉलोनी में बृजेंद्र सिंह राजपूत के आवास पर बाहरी प्रदेशों से आ रहे मजदूरों के लिए खाना बनाया जा रहा है। इसमें कॉलोनी की महिलाएं बढ़-चढ़कर सहयोग कर रही हैं। महिलाएं घर का काम निपटाने के बाद सुबह 10 बजे से दोपहर तीन बजे तक पूड़ियां और सब्जी बनाती हैं। इस दौरान सैनिटाइजेशन का पूरा ख्याल रखा जा रहा है।
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कहती हैं महिलाएं
कोरोना से बचने के लिए पहल कर रहे हैं। साथ ही बाहर से लौट रहे मजदूरों के लिए खाना बना रहे हैं। यह भी सेवा ही है।- मुन्नी राजपूत
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घर से बाहर निकलना तो मना है। इसलिए घर में रहकर ही कोरोना से बचने के लिए पहल कर रहे हैं। ताकि सबकी मदद हो सके।- अर्चना गुप्ता
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बाहर से लौट रहे लोगों के लिए भोजन बना रहे हैं। तीन दिन से काम में जुटे हैं। यह काम करके अच्छा लगता है। मन को शांति मिलती है।- काजल श्रीवास
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कोरोना से जंग में हर कोई मदद कर रहा है। हम ज्यादा कुछ नहीं कर सकते, इसलिए बस खाना बनाकर मदद कर रहे हैं।- भागवती पाटीदार
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दिल्ली, पंजाब से लौटे डेढ़ हजार श्रमिकों के घर से निकलने पर रोक

पाल कालोनी में दिल्ली से आने वाले मजदूरों के लिए खाने की व्यवस्‍था करती महिलाएं।
झांसी। दिल्ली, पंजाब समेत देश के विभिन्न राज्यों से लौटे डेढ़ हजार से श्रमिकों, कर्मचारियों को क्वारंटीन किया गया है। इन लोगों को 14 दिनों तक घर से बाहर नहीं निकलने के निर्देश हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बाहर से लौटे लोगों के घरों के बाहर पोस्टर चस्पा कर दिए गए हैं। साथ ही आसपास के लोगों को कहा गया है कि यदि ये 14 दिनों तक घर से बाहर निकलते हैं तो तत्काल इनकी सूचना कंट्रोल रूम को दें।
देश भर में कोरोना वायरस तेजी से फैल रहा है। इस वजह से 14 अप्रैल तक देश को लॉकडाउन कर दिया गया है। इस कारण अलग-अलग राज्यों से लोग घरों को लौट रहे हैं। झांसी में पिछले कुछ दिनों में गैर राज्यों से डेढ़ हजार लोग आ चुके हैं। सूचना पर इनका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। राहत की बात ये रही कि किसी में भी कोरोना वायरस का लक्षण नहीं मिला। फिर भी इन्हें क्वारंटाइन कर दिया गया है। 14 दिनों तक इन लोगों के घरों से बाहर निकलने पर रोक है। मजे की बात ये है कि स्वास्थ्य महकमे का जिम्मा संभाल रहे सीएमओ डॉ. जीके निगम को यह जानकारी ही नहीं कि जिले में कितने लोगों को क्वारंटीन किया गया है। उनसे जब क्वारंटाइन लोगों की संख्या पूछी गई तो उन्होंने कहा कि पता नहीं है। अब इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्वास्थ्य विभाग का क्या हाल होगा। वहीं, जिलाधिकारी आंद्रा वामसी ने बताया कि 1200 लोगों को क्वारंटीन करने की जानकारी है। हर बाहर से आने वाले व्यक्ति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का किया उल्लंघन तो हो सकती मुसीबत
झांसी। कोरोना वायरस की आहट अब जिले में भी सुनाई देने लगी है। झांसी से सौ किलोमीटर दूर स्थित मध्यप्रदेश के ग्वालियर और शिवपुरी में कोरोना संक्रमित एक-एक मरीज मिल चुके हैं। अभी भी जिले के लोगों ने लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन किया तो आगे मुसीबत का सामना करना पड़ सकता है।
दुनिया भर में कोरोना वायरस कहर बनकर टूट रहा है। भारत में भी लगातार इसके मरीजों में इजाफा होता जा रहा है। अब तो एक दिन में डेढ़ सौ से दो सौ मरीज मिलने लगे हैं। जिले के लोग भी लॉकडाउन का उल्लंघन कर बेवजह अपने घरों से बाहर निकल रहे हैं। इस दौरान वह सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी नहीं कर रहे हैं। जबकि, झांसी से सौ किलोमीटर दूर स्थित ग्वालियर और शिवपुरी तक में कोरोना से संक्रमित मरीज मिल चुके हैं। पलायन के दौरान कई श्रमिक, कर्मचारी दिल्ली से आगरा, ग्वालियर होते हुए झांसी की सीमा में प्रवेश करते हैं। यहां से वह मध्य प्रदेश के टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर, जतारा, नौगांव, खजुराहो, सागर आदि जिलों में जा रहे हैं। ऐसे में एक भी व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित हुआ तो वो कई लोगों को अपना शिकार बना सकता है। ऐसे में झांसी के लोगों को लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का हर हाल में पालन करना होगा।
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जिले के बंदी ही होंगे रिहा, बाहरी को करन होगा इंतजार

झांसी। सरकार की सख्ती का असर जेल से रिहा होने वाले बंदियों पर भी पड़ा है। सीमाएं पूरी तरह सील होने के कारण अब केवल झांसी जिले के ही बंदियों की रिहाई होगी, जबकि बाहरी बंदियों को अब इंतजार करना पडे़ेगा।
कोरोना वायरस की दहशत के चलते बंदियों को छोड़े जाने का निर्णय लिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने जेलों से सात-सात साल की सजा वाले कैदियों को छोड़े जाने का आदेश दिया था। जेल प्रशासन ने सभी की सूची तैयारी कर मुख्यालय भेजी थी। इनमें तीन सौ बंदी शामिल थे। ऐसे करीब 300 बंदियों को छोड़े जाने के लिए सूची बनाकर मुख्यालय भेज दी गई थी। इसको लेकर जेल प्रशासन ने अपनी तैयारी पूरी कर ली थी। रविवार को सभी को छोड़े जाने के आदेश भी मुख्यालय आ गए थे। इसी बीच रविवार रात जिले से बाहर न आने जाने के आदेश सरकार ने दिए थे, इसके चलते बाहरी जिले के बंदियों की रिहाई पर रोक लगा दी गई। अब केवल झांसी जिले के पचास से अधिक बंदियों को ही मुचलके पर छोड़ा जाएगा। बकाया बाहरी बंदियों को अब छोड़े जाने की इजाजत नहीं मिलेगी। झांसी जिले के बंदी मंगलवार को छोड़ जाएंगे। देर रात सरकार की सख्ती का आदेश आने के बाद जेल प्रशासन में भी खलबली मची थी। प्रशासनिक अधिकारियों से भी जेल प्रशासन की कई बार वार्ता हुई।
सीमाएं पूरी तरह सील करने के आदेश के बाद अब झांसी जिले के ही बंदी छोड़े जाएंगे। सोमवार को बंदियों को छोड़ने की तैयारी थी, लेकिन एनवक्त पर आदेश आने के बाद अब ऐसे बंदियों को मंगलवार को छोड़ा जाएगा। बकाया बाहरी बंदियों को रिहा करने के लिए अगले आदेश का इंतजार करना होगा।
- राजीव शुक्ला, वरिष्ठ जेल अधीक्षक
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बुंदेलखंड के 2905 गांवों में खुल गए वर्षों से बंद हजारों मकानों के ताले

झांसी। कोई मकान पांच साल से बंद पड़ा था तो किसी मकान को छोड़कर उसके लोग दस साल पहले शहर में चले गए थे। बस त्योहारों पर ही आना-जाना होता था लेकिन अब लॉकडाउन में लोगों को अपने गांवों की याद आने लगी। बुंदेलखंड में ही 2905 ग्राम पंचायतों में बंद पड़े हजारों मकानों के ताले खुल गए हैं। झांसी, ललितपुर, जालौन, बांदा, हमीरपुर, चित्रकूट और महोबा जिले के हर गांव में इस समय मजदूरों की वापसी हो रही है। स्थिति यह है कि प्रशासन ने पहले 50 बसों की व्यवस्था की थी लेकिन अब संख्या बढ़ाकर 100 करनी पड़ी है।
बुंदेलखंड से शहरों की तरफ सबसे ज्यादा पलायन हुआ है। रोजगार के साधन न होने के कारण यहां के लोग मजदूरी के लिए दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के शहरों में जाते हैं। इस क्षेत्र के गांवों से बढ़ते पलायन के कारण मकानों पर ताले लगते चले गए। लेकिन अब लॉकडाउन के दौरान जब सब कुछ बंद हुआ तो शहर छोड़कर लोग अपने गांव की तरफ दौड़ रहे हैं। झांसी में पिछले चार दिनों के भीतर 50 हजार से भी ज्यादा लोग पहुंच चुके हैं जबकि आने का सिलसिला लगातार जारी है। कमिश्नर सुभाष चंद्र शर्मा ने बताया कि पहले 50 बसों की व्यवस्था की गई थी लेकिन आने वाले परिवारों की भीड़ को देख 100 बसें लगा दी गईं हैं। अपने गांव जाने के लिए ग्वालियर रोड पर वाहन का इंतजार कर रहे झांसी के गांव ढिकौली निवासी राममिलन ने बताया कि वह दिल्ली में मजदूरी करने के लिए एक साल पहले गया था, दीपावली पर ही आया था। लेकिन अब परिवार के साथ लौट आया है। निवाड़ी तहसील के गांव वृषभानपुरा निवासी रामस्वरूप अपनी पत्नी और बच्चों के साथ गाजियाबाद में मजदूरी करके परिवार की गुजर बसर कर रहा था। उसके बूढ़े मां-बाप गांव में रहते थे। लेकिन अब रामस्वरूप को भी वापस लौटना पड़ा है। जालौन निवासी दिलीप कुमार ने बताया कि तीन साल पहले चला गया था। लेकिन अब गांव ही उसका सहारा बनेगा। कम से कम खाने के तो लाले नहीं पड़ेंगे। टीकमगढ़ निवासी दुबंदी ने बताया कि चार साल पहले वह और उसके भाई नोएडा में रहकर मजदूरी कर रहे थे। लेकिन वहां तो कुछ है नहीं लिहाजा गांव जा रहे हैं। मजदूरी पर गेहूं की कटाई करके खाने लायक अनाज तो कमा ही लेंगे। ललितपुर जिले के ग्राम ननोरा निवासी गणपत, कला देवी, पार्वती व सिया आगरा की एक फैक्टरी में काम करते हैं लॉकडाउन होते ही मालिक ने फैक्टरी पर ताला डाल दिया जिससे वे बेरोजगार हो गए, कोई साधन न मिलने के बाद भी वे आगरा से पैदल चलकर अपने गांव ननोरा पहुंचे हैं। इसके पहले वे दीपावली के पूजन पर घर आए थे , इसके बाद से घर में ताला पड़ा था। रविवार को घर पहुंचकर अपने मकानों के ताले खोले तथा साफ सफाई की है।
आंकड़े
बुंदेलखंड में शामिल जिलों की संख्या-7
मजदूरों की संख्या-23 लाख
गांवों की संख्या-2905
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गुरु जी की अपील न निकले घर से

झांसी। कोरोना वायरस के संक्रमण से पूरे देश व समाज को बचाना है। प्रधानमंत्री का जो आह्वान है उसमें सभी को सहयोग करना है। घर से बाहर न निकलें और हाथों को नियमित साबुन से अच्छे ढंग से धोए। भरपूर पानी का सेवन करें और सरकार के निर्देशों का पालन करें। इस प्रकार के संदेश शिक्षकों ने अपने विद्यार्थियों को देते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी घर में रहकर समय का सदुपयोग करे। चित्र, मूर्ति कला, संगीत में अपनी प्रतिभा को विकसित करे। ऑनलाइन प्रेरणास्पद पुस्तकों व महापुरुषों की जीवनियों का अध्ययन करे। ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं में यह काम आ सके।
विद्यार्थी को भरपूर पानी पीना चाहिए और अच्छी नींद लें। पौष्टिक खाना खाएं और अपने व अपनों की खातिर घर की सीमा से बाहर न निकले।
राजेश गौतमी प्रधानाचार्य राजकीय हाईस्कूल चकारा
विद्यार्थी घर पर ही रहें और ऑनलाइन चित्रकला, भाषण, निबंध आदि प्रतियोगिताओं में हिस्सा लें। समाज को जागरूक भी करें।
मिलन गुप्ता शिक्षक महाराजा राधा चरण सिंह इंटर कालेज समथर
प्रत्येक विद्यार्थी स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। अपनी प्रतिभा को बढ़ाने के लिए चित्रकारी करें और घर में ही खेले जाने वाले पारंपरिक खेलों में हिस्सा लें।
संध्या चतुर्वेदी प्रधानाचार्या सूरज प्रसाद राजकीय बालिका इंटर कालेज
घर में रहकर विद्यार्थी अपनी प्रतिभा को विकसित कर सकते हैं। कविताएं लिखें और महापुरुषों की जीवनियां व पुस्तकें ऑनलाइन पढे़ं। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं में मदद मिलेगी।
पीके मौर्य प्राचार्या राजकीय इंटर कालेज
सभी विद्यार्थी घरों में ही रहें और अपने माता पिता की बात माने। पाठ्य पुस्तकों का रिवीजन करें। ताकि नये शैक्षिक सत्र में उन्हें कठिनाई न आए।
चौधरी धर्मेंद्र सिंह प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय लहर गिर्द नंदनपुरा
लॉकडाउन के समय में बच्चे घर में रहकर बहुत कुछ सीख सकते है। मूर्ति, चित्रकला बनाए और घर की अनुपयोगी वस्तुओं से साज सज्जा की वस्तु बनाना सीखे।
मोहन लाल सुमन प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय राजापुर
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आटा, दाल के लिए लग रही सुभाषगंज में ‘बोली’

झांसी। आटा, दाल समेत किराना के सामान के लिए सुभाषंगज में ‘बोली’ लग रही है। कई बड़े व्यापारी फुटकर दुकानदारों में से अधिक मूल्य देने वाले को सामान दे रहे हैं। इससे महंगाई बढ़ गई है। जनता परेशान है मगर जिला प्रशासन की ओर से सख्त कार्रवाई नहीं करने से जमकर ओवररेटिंग हो रही है।
कोरोना वायरस की वजह से देश में लगे लॉकडाउन के कारण व्यापारी खूब चांदी काट रहे हैं। सुभाषगंज में जमकर ओवररेटिंग हो रही है। मौजूदा समय में स्थिति ये है कि अरहर की दाल जो 84 रुपये किलो बिक रही है, वो सोमवार को 115 रुपये बिकी। वहीं, 50 किलो वाली आटा की बोरी 1070 की जगह 1250 रुपये किलो में भी नहीं मिल रही है। सुभाषगंज के कई बड़े व्यापारी फुटकर दुकानदारों के साथ सामान देने में मोल भाव कर रहे हैं। फुटकर दुकानदारों में जो ज्यादा पैसे देने को राजी हो जाता है, उसे ही सामान देते हैं। वरना उन्हें सामान नहीं होने की बात कहते हुए लौटा देते हैं। थोक में महंगा मिला हुआ सामान फुटकर में और अधिक दामों पर बिका। जनता की महंगाई से कमर टूटती जा रही है। वहीं, जिला प्रशासन की ओर से कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ अब तक सख्त कार्रवाई नहीं की गई है। इससे ओवररेटिंग करने वालों के हौसले बुलंद हैं।
सुभाषगंज में आई दाल, आटा भी भरपूर
थोक विक्रेता श्याम अग्रवाल ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से सुभाषंगज में दाल की कमी हो गई थी मगर सोमवार को कुछ ट्रक दाल आ गई। वहीं, आटा भी भरपूर मात्रा में उपलब्ध है। हालांकि, अभी मैदा की कमी चल रही है। मैदा से ही ब्रेड बनती है, इसलिए इस पर भी फर्क पड़ा है। इसके पीछे का कारण गैर राज्यों से ट्रांसपोर्ट को अनुमति नहीं मिल पाना है। मिलों में सामान रखा हुआ है, जैसे ही ट्रकों को आवागमन की अनुमति मिलती है, वैसे ही मैदा भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो जाएगा।
जहां से भी कालाबाजारी और ओवररेटिंग की शिकायत मिलती है, तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की जाती है। मगर ज्यादातर शिकायत करने वाले मौके पर मुकर जाते हैं। कहीं पर भी कोई व्यापारी सामान देने से मना या ओवररेटिंग करता है तो तत्काल सूचना दें। सख्त कार्रवाई होगी। - अनूप कुमार, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी।
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जिले में आए 850 लोग, कुछ की हुई स्क्रीनिंग, कुछ की नहीं

झांसी। दिल्ली, जयपुर और फरीदाबाद समेत देश के अलग-अलग राज्यों से हाल ही में लगभग 850 लोग जनपद लौटे हैं। इनमें से स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कुछ की स्क्रीनिंग की गई है। जबकि, कुछ की नहीं हुई है। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बाहर से आए सभी लोगों की स्क्रीनिंग कराई जाए।
खुशीपुरा निवासी 25 वर्षीय युवक हाल ही में मुरैना से लौटा है। इसी क्षेत्र के रहने वाले 27 और 30 साल के युवक भी दिल्ली से लौटे हैं। फरीदाबाद में ड्राइवरी करने वाला एक 37 वर्षीय युवक भी फरीदाबाद से लौटा है। वहीं, इतवारीगंज में रहने वाला 32 वर्षीय युवक जयपुर से आया है। कंट्रोल पर फोन करके लोगों ने इन युवकों के बाहर से शहर आने की सूचना दी थी। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी युवकों के घर पहुंचकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। किसी में भी खांसी, जुकाम और बुखार के लक्षण नहीं मिले। फिर भी सभी युवकों को 14 दिन तक घर पर ही क्वारंटीन कर दिया गया है। वहीं, मोंठ संवाददाता के अनुसार कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए स्वास्थ्य केंद्र की टीम ने ग्राम पनारी, टांडा, सेना, कुम्हरारर, सौजना, खिरिया घाट, बघोनिया, अटरिया में करीब 118 बाहरी व्यक्तियों की जांच की गई। सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुमित मिसुरिया ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि सभी को 14 दिन तक क्वारंटीन में रहने की सलाह दी गई। वहीं, चिरगांव में 113 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ। भदरवारा खुर्द में रविवार रात दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद से लौटे लगभग 40 श्रमिकों के वापस गांव लौटने से हड़कंप मच गया। लोगों ने इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस को दी। मौके पर पहुंची टीम ने सबकी स्क्रीनिंग कराई और 14 दिनों तक घरों में रहने की सलाह दी।
टोड़ीफतेहपुर के संवाददाता के अनुसार कस्बे में बाहर से आने वालों की संख्या 200 से भी आगे निकल गई है। एसडीएम टहरौली ने अधिशासी अधिकारी को बाहर से आने वालों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए थे। क्षेत्रवासियों ने स्वास्थ्य विभाग पर स्वास्थ्य परीक्षण के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाने का आरोप लगाया है। साथ ही प्रशासन से सही तरीके के स्वास्थ्य परीक्षण कराने की मांग की है। इसी तरह, भंडरा संवाददाता के मुताबिक ग्राम खिलारा में 12, धायपुरा में 28, बसरिया में 13, बिरगुआं में 32, भंडरा में 45, देवरीघाट में 35, हरपुरा में 37, पंचमपुरा में 20, मथुपुरा में 60, पठा में 45, खकौरा कुअरपुरा में 41 लोग गांव में आ गए। ग्रामों प्रधानों ने स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। हालांकि, कोई चिकित्सक जांच करने नहीं पहुंचा। क्षेत्रवासियों ने गांव-गांव में परीक्षण कराने की मांग की है।
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