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मौनी अमावस्या पर गया में कराएं तर्पण, हर तरह के ऋण से मिलेगी मुक्ति : 24 जनवरी 2020
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मौनी अमावस्या पर गया में कराएं तर्पण, हर तरह के ऋण से मिलेगी मुक्ति : 24 जनवरी 2020

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रायबरेली से अमेठी पहुंची सोनिया व प्रियंका गांधी, हादसे के शिकार लोगों के परिजनों से की मुलाकात

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी व महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा रायबरेली में पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से मुलाकात के एक दिन बाद अमेठी पहुंच गई हैं।

23 जनवरी 2020

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कानपुर

गुरूवार, 23 जनवरी 2020

देश विरोधी नारे लगाने वालों पर होगा देशद्रोह का मुकदमा: मुख्यमंत्री योगी

गो आधारित प्राकृतिक खेती में होती है आपदा झेलने की ताकत- मुख्यमंत्री योगी

उदय देसाई ने दर्जनों गुमनाम प्रोजेक्टों में खपाए अरबों रुपये, सीबीआई के हाथ लगे कई दस्तावेज

आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों का दावा ब्लैकहोल से निकली एक्सरे को पहचाना, जल्द खुलेंगे राज

प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

Subhash Chandra Bose Jayanti:  रहस्यमयी रहा नेताजी का जीवन, यहां 20 साल से मालखाने में कैद है प्रतिमा

देश की आजादी में अहम भूमिका निभाने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जीवन जितना रहस्यमयी रहा है, उतना ही रहस्य सुभाष चंद्र बोस की एक प्रतिमा का भी है। आजाद भारत में भी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा मालखाने में कैद है।

आज सुभाष चंद्र बोस की जयंती है तो एक बार फिर मालखाने में कैद प्रतिमा चर्चा में आ गई है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की एक मात्र प्रतिमा पुलिस क्लब में लगी है। सन 2000 में शिवसेना के तत्कालीन जिला प्रमुख रामवीर द्विवेदी ने हरदोई में मौनी बाबा मंदिर तिराहे के निकट स्थित नगर पालिका परिषद की भूमि पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थापित किए जाने की कवायद शुरू की थी।

23 जनवरी 2000 को नगर पालिका की भूमि पर फाउंडेशन बनवाकर सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थापित कर दी गई थी। इसीबीच शहर कोतवाली की पुलिस मौके पर पहुंची और प्रतिमा को कब्जे में ले लिया। पूरे घटनाक्रम में शांतिभंग की आशंका में दो लोगों का चालान किया गया। तब से नेता जी की ये प्रतिमा मालखाने में ही कैद है।
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चित्रकूटः मानिकपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर हाईकोर्ट में याचिका

प्रतीकात्मक तस्वीर
मानिकपुर विधानसभा के उप चुनाव को लेकर सपा प्रत्याशी डॉ. निर्भय सिंह पटेल ने भाजपा प्रत्याशी आनंद शुक्ला की जीत को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। सपा प्रत्याशी का कहना है कि चुनाव में भाजपा प्रत्याशी ने गलत तरीके से जीत हासिल की है। वहीं, भाजपा विधायक ने इसे हताशा बताया है। 

सपा प्रत्याशी डा. निर्भय सिंह ने अदालत में भाजपा विधायक आनंद शुक्ला समेत पांच लोगों को आरोपी बनाया है। आरोप है कि मतदान में गलत तरीके से ईवीएम अभ्यास कराया गया था। उनके कार्यकर्ताओं व मतदाताओं को धमकी देकर नजरबंद किया गया था। 

उन्होंने इसे चुनावी भ्रष्टाचार बताकर याचिका दाखिल की है। याचिक हाईकोर्र्ट में स्वीकार भी कर ली गई है। इसमें 16 मार्च को भाजपा विधायक से लिखित जवाब मांगा गया है। 

इधर, इस मामले की जानकारी होने पर भाजपा विधायक आनन्द शुक्ला ने कहा कि चुनाव भाजपा या आनन्द शुक्ला ने नहीं कराया है, बल्कि निर्वाचन आयोग ने पूरी निष्पक्षता के साथ कराया है। 

उन्होंने कहा कि तीन महीने तक क्षेत्र में उनकी सक्रियता, जनहित के कार्यों में शत प्रतिशत जन समर्थन से विपक्षी बौखला गए हैं। हालांकि चुनाव प्रक्रिया को लेकर निर्वाचन अधिकारी की ओर से पक्ष रखा जाएगा। 

इसके बावजूद वह सपा प्रत्याशी को चुनौती देते हैं कि यदि चुनाव में गड़बड़ी की बात साबित कर दें तो वह राजनीति से संन्यास ले लेंगे। वह उच्च न्यायालय में अपना पक्ष पुरजोर तरीके से रखेंगे।
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हमीरपुर: स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का निधन, राजकीय सम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कार

कन्नौज: छात्रा से शिक्षक ने की छेड़खानी, स्कूल पहुंचकर परिजनों ने किया हंगामा, आरोपी गिरफ्तार

चित्रकूट: नौवें दिन बांध में ही उतराता मिला सपा नेता का शव, नहीं खोज पाई थी एसडीआरएफ टीम

चित्रकूट के भरतकूप में 14 जनवरी को भरतकूप थाना अंतर्गत बरुआ सागर बांध में पूर्व सदर ब्लाक प्रमुख के नाती व सपा नेता भरत दिवाकर का शव नौवें दिन 22 जनवरी की शाम को मिल गया। शव इसी बांध में ही मिला बस फर्क इतना रहा कि एसडीआरएफ से लेकर विशेषज्ञ मल्लाह तक उसे नहीं ढूंढ पाए। बाद में अपने आप शव पानी में उतराता मिला। सपा नेता के न मिलने से तरह तरह की चल रही अटकलों पर हमेशा के लिए विराम लग गया है। इस तरह कई दिनों से चल रहे इस घटना क्रम का पटाक्षेप भी हो गया। 

गौरतलब है कि बीते मंगलवार को सदर कोतवाली क्षेत्र के मुलायम नगर निवासी सपा नेता भरत दिवाकर पत्नी नमिता उर्फ  मीनू की हत्या कर शव को ठिकाने लगाने के लिए भरतकूप थाना अंतर्गत बरुआ सागर बांध गया था। जहां नाविक रामसेवक केवट के सहयोग से नाव पर शव रख कर बांध के बीच में ले गए थे। शव फेंकते समय नाव पलटने से सपा नेता व नाविक भी पानी में जा गिरे थे।
 
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