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नवरात्र में कराएं कामाख्या बगलामुखी कवच का पाठ व हवन, पाएं कर्ज मुक्ति एवं शत्रुओं से छुटकारा
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Lockdown Update : कोरोना की जंग में लोगों की मदद के लिए उतरी सेना, स्कूल बसें भी लगीं

लॉकडाउन में लोगों की मदद के लिए अब सेना उतर आई है।

29 मार्च 2020

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Sp baghpat said

28 मार्च 2020

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लखीमपुर खीरी

रविवार, 29 मार्च 2020

पलिया मंडी में उमड़ी भीड़, पुलिस ने खदेड़ा

पलियाकलां। लॉकडाउन के दौरान लोगों के बाहर निकलने का सिलसिला लगातार जारी है। पुलिस की सख्ती व प्रशासन की अपील का भी लोगों में असर दिखता नजर नहीं आ रहा है। शनिवार को साप्ताहिक बाजार होने के चलते एक बार फिर मंडी समिति में सैकड़ों की भीड़ सब्जी खरीदने उमड़ पड़ी। सूचना पर तहसीलदार व सीओ भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को वहां से खदेड़ा। तहसीलदार ने मंडी सचिव से इस व्यवस्था को ठीक करने की बात कही। साथ ही आढ़तियों से भी दुकान के बाहर सर्किल बनवाकर ही सब्जियों की बिक्री करने के निर्देश दिए। उधर, मंडी आढ़तियों से भी दुकानों के बाहर सर्किल बनवाकर पांच से अधिक लोगों की भीड़ न लगने देने के निर्देश अधिकारियों ने दिए।
शनिवार को एसडीएम पूजा यादव के नेतृत्व में अधिकारियों की टीमों ने किराना दुकानों के साथ ही मेडिकल स्टोरों पर पहुंचकर जायजा लिया और लॉकडाउन के चलते दुकानदारों को उचित दिशा निर्देश दिए। इस दौरान मोहल्ला बाजार में एक दुकान पर बिना प्रिंट रेट के चावल बिकता देख एसडीएम ने दुकानदार को नोटिस जारी किया। इस मौके पर पूर्ति निरीक्षक आनंद कुमार समेत अधिकारी मौजूद रहे।
माल गोदाम पर लगी साप्ताहिक बाजार
शहर की सब्जी मंडी में कम जगह होने के कारण इस बार प्रशासनिक अधिकारियों ने माल गोदाम पर सब्जी की दुकानों को लगवाया। एक से दो मीटर की दूरी पर दुकानों को लगवाया गया। जिसमें लोगों की भीड़ उमड़ी। हालांकि एक बजे तक ही सब्जी की दुकानें खुली रहीं। इसके बाद शाम छह बजे से दुकानें खुलीं। लेकिन ज्यादा भीड़ होने पर दुकानदारों ने भी बिक्री करने से मना किया। जिसके बाद भीड़ पर काबू हो सका।
कोरोना को लेकर गंभीर नहीं दिख रहे लोग
गोला में कोरोना से बचाव में लोगों के बीच सामाजिक दूरी जरूरी है। इसके लिए लॉकडाउन किया गया है। शासन, प्रशासन के तमाम प्रयासों, दिशा-निर्देशों के बाद भी लोग कोरोना वायरस के खतरे को लेकर गंभीर नहीं दिख रहे। लोग अब भी इतने विकराल संकट के बावजूद बिना सामाजिक दूरी बनाए और बिना मास्क लगाए आपस में बातचीत करते, बैठे दिखते हैं।
मोहम्मदी। शनिवार को मोहम्मदी से बस गौरीफंटा भेजी गई जिसमें लोग छत पर सवार थे। एक बस के बाद जब सवारी बच गई तो ट्रक पर चढ़कर लोग गंतव्य तक पहुंचाए गए। लोगों का कहना है कि जिस तरह से लोगों को भिजवाया गया, ऐसे में किस तरह कोराना पर नियंत्रण संभव होगा।
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धनगढ़ी: हवाई पट्टी से फिसल कर मैदान में जा घुसा विमान, बाल-बाल बची कोरोना मरीज का नमूना लेने गई टीम

लॉकडाउन के बीच मजदूर को गांव से लेने पहुंचा किसान, रोका तो चला दी गोली, ग्रामीण आगबबूला

देश भर में चल रहे लॉकडाउन के बीच लखीमपुर खीरी के भीरा थाना क्षेत्र से एक अलग तरह का मामला सामने आया है। लॉकडाउन की घोषणा के बाद से ही लालू टांडा गांव के ग्रामीणों ने गांव में बाहरी लोगों के आने जाने पर रोक लगाने की शुरुआत की थी। 

इस रोक के बाद भीरा के एक किसान को गांव के कुछ मजदूरों को लेकर जाना था, लेकिन ग्रामीणों ने इससे इनकार कर दिया था। शनिवार सुबह 8 बजे किसान गांव पहुंच गया और कुछ मजदूरों को साथ लेकर जाने लगा। यह देख ग्रामीणों ने जब उसे रोककर पूछताछ की तो विवाद बढ़ गया। 

आरोप है कि किसान ने अपने ट्रैक्टर में रखे कपड़ों के बीच से लाइसेंसी दोनाली बंदूक निकाल ली और भीड़ को धमकाने लगा। इसपर भी लोग डटे रहे तो उसने फायरिंग कर दी। गोली की आवाज सुनकर ग्रामीण तितर-बितर हो गए। इसके बाद किसान ट्रैक्टर लेकर मौके से भाग खड़ा हुआ।

फायरिंग की बात सुनकर ग्रामीण जमा हो गए और भीरा पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंचे भीरा कोतवाली प्रभारी प्रदीप सिंह ने एक जिंदा कारतूस व दो दागे गए कारतूस को कब्जे में लिया। एसओ ने बताया कि ग्रामीण रमेश की तहरीर पर आरोपी हरबंस सिंह उर्फ बंशा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। 


आरोपी को हिरासत में लेकर घटना में प्रयुक्त बंदूक को कब्जे में ले लिया है। इस समय थाने में एक दर्जन से ज्यादा ग्रामीण प्रधान पुत्र शिवराज सिंह के नेतृत्व में जमा है, वहीं आरोपी हरभजन सिंह के पक्ष के लोग भी थाने में एकत्र हो रहे हैं। पुलिस ने बताया कि स्थिती सामान्य है। गांव वालों को वर्तमान हालात देखते हुए भीड़ न लगाने की सलाह दी गई है।
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पलायनः केजरीवाल की घोषणाएं भूख नहीं मिटा पाईं तो छोड़ आए दिल्ली, छलका मजदूरों का दर्द

हाईवे पर काफिलों की भरमार है। थके-मांदे और पसीने से तरबतर लोग लगातार चलते ही जा रहे हैं। एक-एक कदम बढ़ाना भारी पड़ रहा है लेकिन फिर भी सफर लगातार जारी है। चलते-चलते तमाम पैरों में चप्पलें और जूते फट गए हैं जो इस दर्दनाक यात्रा के गवाह के तौर पर हाईवे पर ही जगह-जगह छोड़ दिए गए हैं। सूजे हुए पैरों के खून से रिसते जख्म बता रहे हैं कि जिंदगी बचाने का यह सफर कितना भारी पड़ रहा है।

शनिवार तड़के ऐसे तमाम काफिलों की सेटेलाइट बस स्टैंड के अलावा बड़ा बाईपास पर विलयधाम ओवरब्रिज और इज्जतनगर के परातासपुर इलाके में सड़कों पर भरमार थी। ज्यादातर लोग दिल्ली से आ रहे हैं जिनके एक तरफ कोरोना की चुनौती थी और दूसरी तरफ भूख की। कभी उन्होंने भूख मिटाने के लिए ही दिल्ली का रुख किया था लेकिन लॉक डाउन होने के बाद जब भूख ही जिंदगी लेने पर आमादा हो गई तो दिल्ली छोड़ दी।

कहते हैं, केजरीवाल ने आधार कार्ड पर राशन के साथ सभी जरूरी सुविधाएं घर पर ही मुहैया कराने की घोषणा तो की लेकिन फिर भी जब कई दिन झुग्गियों में भूखे रहना पड़ा तो निकल आए। दिल्ली से आने वालों के अलावा अच्छी-खासी तादाद नोएडा और रुद्रपुर की फैक्टरियों में काम करने वाले मजदूरों की भी है। रुद्रपुर से बेदखल हुए लोगों का सफर अपेक्षाकृत कम लंबा हैं लेकिन चिंताएं वही हैं कि घर लौटकर शायद कोरोना से तो बच जाएं लेकिन परिवार का पेट कैसे भरेंगे।

रेलवे ट्रैक के किनारे-किनारे दिल्ली से बाराबंकी का पैदल सफर

तीन दिन में बरेली पहुंचा भूखा-प्यासा दस मजदूरों का जत्था, अभी इससे भी ज्यादा सफर बाकी
बाराबंकी के सफदरगंज इलाके के धौरागांव में रहने वाला दस मजदूरों का जत्था दिल्ली से बुधवार को पैदल घर की ओर निकला था। इस जत्थे में शामिल रामबाबू, शिवांश और संदीप ने बताया कि उनमें से कोई दिल्ली में रिक्शा चलाता था तो कोई फैक्टरी में काम करता था। जनता कर्फ्यू के दिन से ही खाने के लाले पड़ गए और हवा फैलने लगी कि लॉक डाउन तीन महीने से पहले खत्म नहीं होगा। इसके बाद घर लौटना बेहतर समझा। काफी कोशिश की लेकिन किसी सवारी का इंतजाम नहीं हुआ। सड़क पर निकलने पर जगह-जगह पुलिस पीट रही थी। लिहाजा बुधवार रात सभी लोग अपने बैग लेकर अलग-अलग निकले और स्टेशन से अलग हटकर एक जगह इकट्ठे होने के बाद रेलवे ट्रैक के किनारे-किनारे सफर शुरू कर दिया। रेलवे ट्रैक पर सफर करने से पुलिस का खतरा नहीं था। जहां मौका मिला वहां सड़क पर आ गए। रामहजारे के पैर से खून निकल रहा था। शिवांश और उसके साथियों के पैर सूज गए थे। रामबाबू की हालत सबसे ज्यादा खराब थी जिनकी आंत का बमुश्किल 15 दिन पहले ही ऑपरेशन हुआ था।

शुक्रवार को चली बसें मगर दिल्ली नोएडा से बरेली लाकर छोड़ दिया

दिल्ली-नोएडा और गाजियाबाद से मजदूरों को लाने के लिए बरेली रीजन की करीब सवा सौ बसें शुक्रवार को चलनी शुरू हुईं तो हजारों लोगों को राहत भी मिली। इसके अलावा दिल्ली की भी तमाम बसें उन्हें यूपी के तमाम शहरों तक छोड़ रही हैं। लेकिन फिर भी हजारों की तादाद ऐसे लोगों की भी हैं जो बसें शुरू होने से पहले ही दिल्ली छोड़कर चल पड़े थे। खचाखच भरी बसों में उन्हें रास्ते में जगह नहीं मिली लिहाजा उन्हें परिवार के साथ पूरा सफर पैदल तय करना पड़ा।

साइकिल पर लादी पत्नी-बेटी के साथ पूरी गृहस्थी फिर रुद्रपुर से बरेली की यात्रा

पीलीभीत के बीसलपुर के गांव अखौली में रहने वाले नीरज रुद्रपुर की कंपनी में काम करते हैं। नीरज ने बताया कि रुद्रपुर में दस दिन पहले ही काम पूरी तरह बंद हो गया था। उनका पूरा परिवार कमरे में ही पूरा वक्त गुजार रहा था। ज्यादा दिक्कत तब शुरू हुई जब बाहर निकलने पर पाबंदी के बीच घर में रखा राशन खत्म हो गया और राशन, सब्जी-दूध जैसी चीजें खरीदने को पैसे भी नहीं बचे। कई बार बस और टेंपो स्टैंड गए ताकि गांव जाने के लिए कोई साधन मिल जाए लेकिन सब सुनसान पड़ा हुआ था। आखिर में साइकिल पर ही घर का जरूरी सामान लेकर लौटने का फैसला किया। पत्नी कुसुमा और दो साल की बेटी आकांक्षा के साथ रात में दो बजे चल दिए। नीरज ने उम्मीद जताई कि शाम तक घर पहुंच जाएंगे। रास्ते में पुलिसवालों ने कई जगह रोका पर परेशानी सुनकर जाने दिया।

पैर उठते नहीं, मां-बहनों का हाल देखकर दिल भी बैठा जा रहा है

शाहजहांपुर के सिंधौली कस्बे में रहने वाले तालिब अपने परिवार के साथ रुद्रपुर में रहते हैं जहां उनके पिता रिक्शा चलाते हैं और वह खुद फैक्टरी में काम करते हैं। तालिब विलयधाम पर अपनी मां, तीन बहनों और परिवार के और लोगों के साथ गाड़ी का इंतजार कर रहे थे। उसने बताया कि शुक्रवार रात तीन बजे वे सभी पैदल ही घर के लिए चल दिए थे। रास्ते में टेंपो, डनलप. तांगा जो भी मिला, उस पर कुछ दूर के लिए बैठ लिए। कुछ नहीं मिला तो पैदल चलते रहे। बरेली आकर उनकी हिम्मत जवाब दे गई है। मां और बहनों की हालत देखकर दिल भी बैठा जा रहा है। बोले, काफी इंतजार के बाद यहां भी कोई गाड़ी नहीं मिल रही है। किसी तरह शाहजहांपुर पहुंच जाएं तो घर जाने की भी कोई जुगाड़ हो ही जाएगी।

 

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जिंदगी का सफर... जिंदगी का सफर...

लॉकडाउन: जहां साधन मिला बैठ लिए नहीं तो पैदल ही चलते रहे

लखीमपुर खीरी/ मैगलगंज । कोरोना संकट के बीच बंदी के चलते दिल्ली और अन्य प्रदेशों में दिहाड़ी मजदूरी करने वाले हजारों लोग पैदल ही अपने अपने घरों की ओर रवाना हो गए हैं। इस कारण दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर भीड़ लगातार बढ़ रही है। इन लोगों का कहना है कि जहां कोई साधन मिलता है वे लोग उसका सहारा ले लेते हैं वरना पैदल ही सफर कर रहे हैं।
दिल्ली, हरिद्वार, गाजियाबाद, राजस्थान में मजदूर फैक्ट्रियों में काम करते थे, अचानक लॉकडाउन से मजदूर जहां थे, वहीं फंस गए। मजदूरों ने एक दो दिन किसी तरह गुजर बसर की। अब पैसा व खाद्य सामग्री के अभाव में वह घरों को पैदल ही लौटने लगे हैं। मजदूरों की हालत खराब है। इनमें बिहार के हुगली, फैजाबाद, गोंडा, बाराबंकी सहित कई अन्य जिलों के लोग अधिक हैं। शनिवार को इनके खाने-पीने की व्यवस्था एक समाजसेवी ने निर्माणाधीन टोल प्लाजा पर कराई। लंच पैकेट मिलने के बाद उनके चेहरे पर रौनक दिखी।
मैगलगंज में दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर दोपहर पहुंचे एसडीएम मितौली दिग्विजय सिंह ने भी मजदूरों को लंच पैकेट, पानी की बोतल दीं, उनके हाथ सैनिटाइजर से धुलवाए। सावधानी बरतने की अपील की।
पलियाकलां में संपूर्णानगर थाना क्षेत्र के गोविंदनगर गांव में एक शादी समारोह में आए लगभग 50 लोग लॉकडाउन के चलते यहीं फंस के रह गए। ऐसे में विधायक रोमी साहनी ने डीएम शैलेंद्र सिंह से वार्ता कर बस से सभी को सकुशल देवरिया के लिए रवाना किया। इस पर सभी लोगों ने विधायक के प्रति आभार जताया।
दिल्ली से पैदल चलकर आए करीब 12 लोग यहां पहुंचे थे। उनको यहां से बहराइच जाना था। जिसके बाद सीओ राकेश कुमार नायक व पुलिस बल ने उनके लिए खाने का इंतजाम करने के साथ ही उनको यहां से शुक्रवार की देर रात जाने के लिए पिकअप का इंतजाम किया। जिसके बाद वह सभी अपने गंतव्य को रवाना हो सके।
मैलानी में कुकरा क्षेत्र के लैलून नगर के रहने वाले मजदूर रुद्रपुर में मजदूरी करते थे। लॉकडाउन के कारण ये लोग वहां से पैदल ही अपने घरों को रवाना हुए और शुक्रवार की शाम यहां पहुंचे और यहां से जलपान करने के बाद फिर अपने गांव को रवाना हो गए।
गोला मेंशनिवार को रोडवेज डिपो परिसर, चौराहा, तिराहा पर थके, हारे, भूखे, प्यासे मुसाफिरों को समाजसेवी विजय माहेश्वरी, अनिल जलोटा आदि समाजसेवियों ने भोजन कराया।
‘दो दिन से नहीं मिला खाना’
ममरी में लॉकडाउन के चलते गाजियाबाद से मजदूरी कर वापस आए गोला कोतवाली क्षेत्र के गांव वनभल्लिया निवासी नितिन सिद्धार्थ, अन्नू, कपरहा के मेराज, अलीगंज निवासी सलमान अली, शमसाद आदि मजदूरों ने अपना दर्द बयां कर बताया कि उन्हें दो दिन से खाना नहीं मिला है। गाजियाबाद से कुछ दूर पैदल चलने के बाद उन्हें शाहजहांपुर तक निजी बस मिली और जैसे-तैसे मोहम्मदी से पैदल घर जा रहे हैं। वहीं अजबापुर फैक्टरी से पैदल घर जा रहे संपूर्णानगर निवासी विजय कुमार, मनोज, अजीत ने बताया कि लॉकडाउन के चलते मैनेजर ने उन्हें फैक्टरी से भगा दिया है। घर तक पहुंचने के लिए साधन न मिलने से वह पैदल ही संपूर्णानगर वापस जा रहे हैं।
सोनीपत में फंसे मजदूरों ने वीडियो वायरल कर मांगी मदद
ईसानगर थाना क्षेत्र के अलग-अलग गांव से मजदूरी करने हरियाणा के सोनीपत गए दिहाड़ी मजदूर लॉकडाउन के चलते वहां फंस गए हैं। ऐसे में मजदूरों ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर मदद की गुहार लगाई है।
करीब बीस दिन पहले ईसानगर क्षेत्र के गांव सेमरिया, कटौली सहित कई गांवों से 80 मजदूर हरियाणा के सोनीपत की एक कैमिकल फैक्ट्री में काम करने गए थे लेकिन लॉकडाउन होने के कारण सारे मजदूर वहां फंस गए। शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में मजदूर अपने घरों पर आने की गुहार लगा रहे हैं। उनका कहना है कि न तो उनके पास पैसा है और न राशन। जिसके चलते वह संक्रमण से पहले भूख से ही मर जाएंगे।
एसडीएम धौरहरा एस सुधाकरन का कहना है कि उन्होंने वीडियो देखा है कि कौन कांट्रेक्टर इन मजदूरों को सोनीपत ले गया था। उसका पता कराया जा रहा है। यह मजदूर अभी वही रहेंगे। इनके भोजन के प्रबंध के लिए जिलाधिकारी सोनीपत और कंपनी को पत्र जारी किया गया है।
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लॉकडाउन के बीच दूरदर्शन पर फिर से देखी रामायण, ताजा हुई यादें

लखीमपुर खीरी/ गोला गोकर्णनाथ। 33 साल बाद छोटे पर्दे पर शनिवार सुबह रामायण सीरियल का प्रसारण हुआ तो लोगों के बचपन और किशोर अवस्था की यादें ताजा हो गईं और वे भावविभोर हो गए। सन 1987 में दूरदर्शन पर रामायण का प्रसारण शुरू होने के बाद वह घर-घर श्रद्धा का केंद्र बन गया था। उस समय स्थिति यह होती थी कि जब तक प्रसारण चलता था सड़कें सुनसान रहती थीं, यहां तक कि बिजली जाने पर लोग उपकेंद्र तक का घेराव शुरू कर देते थे।
डीडी वन पर शनिवार सुबह रामायण के पहले एपिसोड का प्रसारण हुआ। इसमें राक्षसों के आतंक से परेशान देवता भगवान विष्णु से प्रार्थना करते हैं। तब भगवान विष्णु जल्द ही मानव रूप में अवतार लेने का वादा सभी देवताओं से करते हैं। लॉकडाउन के दौरान जब शनिवार को पुन: प्रसारण शुरू हुआ तो कई लोगों के बचपन की यादें ताजा हो गईं।
पड़रिया तुला के प्रधान विजय सिंह बताते है कि जब पहले रामायण आती थी तो पड़ोसी के घर सुबह से ही बैठ जाते थे, अब फिर जब रामायण का प्रसारण शुरू हुआ तो अपने घर में बगैर एंटीना मोड़े बच्चों और परिवार के साथ रामायण देख रहे हैं। वहीं बिजुआ निवासी आशीष बाजपेई ने बताया कि पहले रामायण के लिए पूरा गांव जिनके घर टीवी होता था वहां जमा हो जाता था। अब अपने बेटे और बेटी के साथ रामायण देखी तो वही यादें ताजा हो गईं।
यहां बता दें कि लॉकडाउन के चलते एक बार फिर रामानंद सागर कृत रामायण और बीआर चोपड़ा कृत महाभारत सीरियल का दूरदर्शन पर पुन: प्रसारण का निर्णय किया है। यह दोनों सीरियल लोगों को मनोरंजन के साथ जीवन की विषम परिस्थितियों में धैर्य रखने के लिए भी प्रेरित करेंगे।
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क्रैश होने से बाल-बाल बचा विमान, मची अफरातफरी

सोशल मीडिया पर धर्म और प्रधानमंत्री मोदी पर अभद्र टिप्पणी करना पड़ा भारी, दो गिरफ्तार

लखीमपुर खीरी। सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस अब आरोपियों की पहचान करने और उनकी गिरफ्तारी करने में जुट गई है।
शहर निवासी शिवा पटेल नाम के एक व्यक्ति ने व्हाट्सएप पर धर्म विशेष के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। जबकि नफीस नाम के व्यक्ति ने फेसबुक पर प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की। प्रभारी निरीक्षक सदर अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि पुलिस ने दोनों युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। सर्विलांस की मदद से आरोपियों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस जुट गई है। संवाद
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लॉकडाउन के बीच चोरी छिपे बिक रही थी शराब, पुलिस ने सील की दुकान

निघासन-खीरी। शराब की दुकानों से चोरी-छिपे बिक्री होने की शिकायत पर एसडीएम और सीओ मौके पर पहुंचे और सभी दुकानों को सील कर दिया। बिना अनुमति दुकान न खोलने की सूचना भी चस्पा कर दी।
एसडीएम ओमप्रकाश गुप्ता और सीओ प्रदीप वर्मा ने बताया कि उनके पास कई जगह से फोन आ रहे थे कि लालपुर रोड पर चलने वाली अंग्रेजी व देशी शराब व बियर की दुकानों से चोरी-छिपे शराब बेची जा रही है। कोरोना की वजह से किराना, दवा, सब्जी, फल आदि जरूरी सामान के अलावा बाकी सारी दुकानें बंद रखने की हिदायत है। शिकायत पर एसडीएम सीओ और प्रभारी निरीक्षक को लेकर मौके पर पहुंचे। उस समय दुकान बंद थी। मकान मालिक ने बताया कि दुकानदार यहां मौजूद नहीं है। उन्होंने मकान मालिक की मौजूदगी में बियर तथा अंग्रेजी शराब की दुकानों पर ताला लगाकर उसे सील कर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि बिना उनकी अनुमति दुकान नहीं खोली जाएगी। इसी रोड पर चलने वाली देशी शराब की दुकान भी सील कर दी गई।
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नवरात्र के चौथे दिन मां कूष्मांडा का हुआ पूजन, लगे मां के जयकारे

लॉकडाउन के बीच पैदल सफर कर रहे लोगों को घर लाने के लिए 46 बसें लगाईं

गोला गोकर्णनाथ। कोरोना के बढ़ते खतरे को भांप मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिवहन विभाग से एक हजार बसों में यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने का आदेश दिया है, जिस पर गोला डिपो से 46 बसें लगाई गई हैं, जिनमें से 40 बसें दिल्ली भेजी गईं, जहां से उनका रूट निर्धारित किया जाएगा। वहीं पांच बसें नानपारा-बहराइच और एक बस लखनऊ होकर कानपुर के लिए रवाना की गई।
देश में 23 मार्च से लॉकडाउन के बाद दिल्ली सहित अन्य प्रांतों में फैक्ट्रियों में कामकाज बंद हो गया। इससे वहां काम करने वाले दिहाड़ी मजदूर अपने घरों को पैदल ही चल दिए। दो दिनों से दिल्ली सहित कुछ जनपदों में फंसे लोगों को गंतव्य स्थानों पर पैदल, साइकिल व ठेली आदि से जाने और उनकी पीड़ा जानने के बाद सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक दिवसीय बस सेवा शुरू कर दूर फंसे मुसाफिरों को घर लाने का निर्णय लिया।
शनिवार को गोला रोडवेज डिपो की 40 बसे दिल्ली के लिए और पांच बसे नानपारा बहराइच और एक बस लखनऊ होते हुए कानपुर के लिए रवाना की गई। डिपो पर एआरएम एसके नागर, डिपो इंचार्ज अरविंद सिंह के निर्देशन में यात्रियों को सैनिटाइज कर बस में निर्धारित दूरी पर बैठाया गया। साथ ही लांगरूट बसों को भी सैनिटाइज किया गया। उसके बाद यह बसें अपने गंतव्य की ओर रवाना हुईं।
मुख्यालय के निर्देश पर लॉकडाउन के दौरान फंसे यात्रियों को उनके घर पहुंचाने के लिए एक दिवसीय बस सेवा बहाल की गई है। यात्रियों और बसों को सैनिटाइज कर भेजा गया है। चालक, परिचालकों को भी मास्क, ग्लब्स, सैनिटाइजर के साथ कोरोना बचाव के लिए निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया है।
- अरविंद सिंह, इंचार्ज, गोला रोडवेज डिपो
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मेड़ काटने के विवाद में दो पक्ष आपस में भिड़े, सात जख्मी

मोहम्मदी। कोतवाली क्षेत्र के गांव में मेड़ काटने के विवाद में दो पक्ष भिड़ गए, जिसमें सात लोग जख्मी हो गए। पुलिस ने सभी को सीएचसी में भर्ती कराया। जहां हालत नाजुक होने पर दो को जिला अस्पताल रेफर किया गया।
गांव खाखिन निवासी रवींद्र कुमार के परिवार के लोग शनिवार को 10 बजे खेत की जुताई कर रहे थे। आरोप है कि इन लोगों ने पड़ोसी शिवनरायन के खेत की मेड़ काट दी। जिस पर दोनों पक्ष आमने सामने आ गए और एक-दूसरे पर हमला बोल दिया। जिससे प्रथम पक्ष के रवींद्र कुमार, प्रेमा देवी, रिंकू गंभीर रूप से घायल हो गए। रवींद्र की हालत नाजुक होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। दूसरे पक्ष के शिवनरायन, मीना, ममता, विशाल की हालत नाजुक होने पर जिला अस्पताल रेफर किया गया। निरीक्षक संजय त्यागी ने बताया सभी घायलों का मेडिकल कराया गया। सरकारी वाहन से गंभीर घायलों को जिला अस्पताल भेजा जा रहा है। तहरीर मिलते ही दोनों पक्षों पर रिपोर्ट दर्ज कर ली जाएगी। संवाद
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लॉकडाउन: सड़क पर टहल रहे लोगों पर पुलिस ने की सख्ती

लखीमपुर खीरी। कोरोना को लेकर पूरा देश लॉकडाउन है। पुलिस व प्रशासन की सख्ती के बाद भी कुछ लोग इसका पालन नहीं कर रहे हैं। वहीं कुछ व्यापारी भी कमाई के लालच में नियम के विरुद्ध दुकान कर बिक्री करने में जुटे हैं। शनिवार को सड़कों पर बढ़ती भीड़ को लेकर पुलिस महकमा सख्त हो गया। सीओ सिटी के नेतृत्व में पुलिस सड़कों पर निकली। बेवजह धूम रहे लोगों को जमकर फटकार लगाई। कुछ स्थानों पर लगी भीड़ को डंडा फटकार कर खदेड़ दिया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद शहर की सड़कों पर सन्नाटा नजर आया।
सरकार और प्रशासन सभी को घरों में रहने और सामाजिक दूरी बनाकर रोजमर्रा की वस्तुओं की खरीदारी करने की अपील कर रहा है। इसके लिए प्रशासन ने सब्जी, दूध व किराना, मेडिकल स्टोर्स को खोलने की छूट दी है, लेकिन कुछ दुकानदार इस छूट की आड़ में अपनी अन्य दुकानें भी खोल रहे हैं। शनिवार की सुबह 11 बजे सड़कों पर काफी चहल पहल बढ़ गई। यह देख पुलिस सकते में आ गई। सीओ सिटी विजय आनंद ने प्रभारी निरीक्षक सदर अजयप्रकाश मिश्र, प्रभारी निरीक्षक अपराध पान सिंह, एसएसआई एसपी पांडेय के साथ सड़कों पर पैदल मार्च किया। पुलिस ने ट्रिपल राइडिंग कर रही चार बाइकों को सीज किया। एक से अधिक सवारों को भी डंडा फटकार कर घर पर रहने को कहा। थरवनरगंज व नई बस्ती में सड़कों पर हुजूम लगाकर खड़े लोगों को डंडा फटकार कर खदेड़ दिया। पुलिस की सख्ती के बाद लोगों में खौफ दिखा। कुछ ही देर बाद सड़कों पर सन्नाटा पसर गया।
बाहर से शटर बंद अंदर ग्राहकों को दे रहे थे सामान
सदर कोतवाली के पीछे स्थित दो दुकानदारों ने शटर तो अपने बंद रखे थे, लेकिन दुकान के अंदर कई ग्राहकों को बैठाकर सामान दे रहे थे। भनक मिलते ही सीओ सिटी विजय आनंद मौके पर पहुंचे। उन्होंने जब शटर उठाया तो दुकान का नजारा देख भड़क उठे। दुकान में सात-आठ लोग पास-पास बैठे सामान निकलवा रहे थे। सीओ ने दुकान मालिक को कड़ी फटकार लगाई। दोबारा पकड़े जाने पर मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की चेतावनी दी।
लाउडस्पीकर से घरों में रहने की अपील
शनिवर को पुलिस जब सड़कों पर पैदल घूमी तो लाइडस्पीकर से एनाउंस भी किया। प्रभारी निरीक्षक अपराध पान सिंह सभी से बेवजह घरों से बाहर न निकलने और सामाजिक दूरी बनाए रखने की अपील करते रहे। साथ ही दुकानदारों को घेरे में ही ग्राहकों को सामान देने की हिदायत दी। साथ ही अधिक दरों पर सामान बिक्री न करने की चेतावनी भी दी।
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