पुलिस से भिड़े एबीवीपी सदस्य, विधायक आए बीच में

Bareily Bureauबरेली ब्यूरो Updated Sun, 23 Feb 2020 02:19 AM IST
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इंस्पेक्टर और एबीवीपी कार्यकर्ता के बीच में हो रही नोकझोंक। संवाद
इंस्पेक्टर और एबीवीपी कार्यकर्ता के बीच में हो रही नोकझोंक। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR

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लखीमपुर खीरी। रॉयल प्रूडेंस डिग्री कॉलेज द्वारा फीस के नाम पर छह हजार रुपये की मांग किए जाने से नाराज छात्र छात्राओं ने शनिवार को एबीवपी कार्यकर्ताओं के साथ प्रदर्शन किया। इस दौरान कुछ पुलिस कर्मियों ने सख्ती दिखाई तो छात्र भड़क उठे और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। एबीवीपी पदाधिकारी और पुलिस में तीखी झड़प होने लगी। मामला इतना गरमा गया कि विधायक योगेश वर्मा जिला पंचायत की बैठक छोड़ छात्रों के बीच पहुंचे और उन्हें समझाया। एसडीएम सदर ने भी छात्रों को आश्वस्त किया कि अवैध फीस वसूली नहीं होने देंगे। इसके बाद मामला शांत हुआ।
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छात्रों का आरोप है कि प्रवेश के दौरान एक मुश्त फीस जमा करने के बावजूद कॉलेज प्रशासन छात्रों से पौधरोपण तो कभी प्रयोगात्मक परीक्षा के नाम पर पैसे की वसूली करता रहा। परीक्षा से पूर्व फिर से छह हजार रुपये की मांग किए जाने से बीएड के छात्र भड़क गए। विरोध में छात्र छात्राएं शनिवार को एबीवीपी कार्यकर्ताओं के साथ कलक्ट्रेट गेट पर धरना देने लगे। रोड जाम की सूचना पर कोतवाल अजय मिश्र दलबल के साथ मौके पर जा पहुंचे। आरोप है कि इस दौरान कोतवाली के रजित राम यादव ने छात्रों से गाली गलौज शुरू कर दी। इससे छात्र और कार्यकर्ता भड़क उठे और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इससे पुलिस एवं एबीवीपी के प्रदेश सहमंत्री अपूर्वम मिश्रा के बीच जमकर तू-तू, मैं-मैं होने लगी। मामला तब और गर्मा गया जब पुलिस कर्मी अपूर्वम को घसीटकर पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस ले जाने लगे। यह देखकर छात्रों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। हंगामे की सूचना पर जिला पंचायत बैठक में शामिल सदर विधायक भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पुलिस और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के मध्य बीच बचाव कराया।
उन्होंने कहा कि किसी भी छात्र से अवैध वसूली नहीं होने दी जाएगी। छात्रों ने जब बताया कि कॉलेज प्रशासन छह हजार रुपये न देने पर परीक्षा में शामिल न करने की धमकी देता है। तो सदर विधायक ने छात्रों से परीक्षा दिलाने का वादा किया।
बोले छात्र-निरंतर होती पैसों की डिमांड
बीएड के छात्र हरीश चंद्रा का कहना है कि प्रवेश के समय साठ हजार रुपये जमा किए। उसके बाद कभी तीन हजार तो कभी पांच सौ रुपये जमा कराए गए। अब छह हजार रुपये फिर से मांग रहे हैं। छात्र अवनीश वर्मा ने बताया कि कॉलेज में कभी पौधरोपण के नाम पर तो कभी किसी जयंती के नाम पर रुपये जमा कराए जाते रहे। अब फिर से छह हजार रुपये जमा करने को कहा जा रहा है। इनकी रसीद तक नहीं देते।
कॉलेज प्रशासन की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी। किसी भी छात्र से न तो फीस के नाम पर अवैध वसूली होने दी जाएगी और न ही कोई छात्र परीक्षा से वंचित रहेगा।
-डॉ. अरुण कुमार सिंह, एसडीएम सदर
छात्रों से किसी भी प्रकार की अवैध वसूली नहीं की जा रही। सिर्फ परीक्षा फार्म भरने की खातिर शुल्क जमा करने के लिए कहा गया है। कई छात्रों ने फार्म भर भी दिए हैं। अवैध वसूली को छात्र जो आरोप लगा रहे हैं वह गलत है। छात्रों का अहित नहीं होगा। छात्रों कॉलेज आकर परीक्षा फार्म भर दें।
-डॉ. जनार्दन सिंह, प्रबंधक, रॉयल प्रूडेंस डिग्री कॉलेज
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