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नवरात्र में कराएं कामाख्या बगलामुखी कवच का पाठ व हवन, पाएं कर्ज मुक्ति एवं शत्रुओं से छुटकारा
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नवरात्र में कराएं कामाख्या बगलामुखी कवच का पाठ व हवन, पाएं कर्ज मुक्ति एवं शत्रुओं से छुटकारा

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Coronavirus in UP Live Updates: 27 लाख मनरेगा मजदूरों के खाते में भेजे गए 611 करोड़ रुपये

शासन और प्रशासन संक्रमण के चेन को तोड़ने के लिए लगातार कोशिश कर रहा है। लोगों से भी हर वक्त घरों में रहने की अपील की जा रही है।

30 मार्च 2020

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ललितपुर

सोमवार, 30 मार्च 2020

आंधी और बारिश ने फेरा किसानों की मेहनत पर पानी, खेतों में बिछी फसल

डोंगराखुर्द। तहसील पाली के नाराहट क्षेत्र के कई गांवों में शुक्रवार को दिन भर रुक - रुक कर हुई बरसात ने किसानों की खेतों में कटी रखी फसल और पककर तैयार खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है।
किसानों की खेत में खड़ी चना और गेहूं की फसल भीग गई। जिससे फसलों में नमीं आने के कारण दाने काले पड़ जाने और दाने खराब हो जाने की आशंका है। जो गेहूं की फसलें खड़ी थीं, तेज हवा और बरसात से खेतों में बिछ गईं। किसानों ने गेहूं और चना की खेती सबसे अधिक क्षेत्र में बोई थी। इस बार फसलें अच्छी थीं। किसानों को उम्मीद थी कि अबकी बार अच्छी पैदावार होगी, लेकिन पहले कोरोना के कारण मजदूर मिलने बंद हो गए और अब बरसात ने फसलों को नुकसान पहुंचा दिया। खेतों में कटी रखी फसल पानी भरने से दाना फूलकर काला पड़ने की संभावना है। नाराहट क्षेत्र के ग्राम डोंगराखुर्द, दिगवार, पटना, पारौल, गुरयाना, देवरी, चांदोरा, गुढ़ाखिरिया, बरेजा, अर्जुन खिरिया, धौलपुरा, गदौरा सहित कई गांवों में पानी बरसने से फसलों को नुकसान हो रहा है।
देश में कोरोना का रोना, किसानों को फसलों का रोना कोरोना वायरस संक्रमण के डर से मजदूर नहीं मिलने के कारण भी किसानों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। मजदूर नहीं मिलने के कारण किसान समय पर फसलों की कटाई नहीं करा पा रहे हैं। दूसरी ओर कोरोना वायरस का भी लोगों के दिमाग में डर है। मौसम बदल जाने के कारण कभी गर्मी तो कभी सर्दी हो रही है। बरसात हो जाने से अब खांसी, जुकाम, सिरसर्द और बुखार जैसे रोगों की बढ़ोत्तरी होने की आशंका है।
तेज आंधी और बरसात से खेतों में कटी रखी फसल खराब हो चुकी है। खड़ी फसलें खेतों में बिछ गईं हैं, जिससे काफी नुकसान हुआ है।
-जगदीश कुशवाहा
इस साल गेहूं और चना की खेती ज्यादा किसान किए हैं, लेकिन अचानक बदले मौसम के मिजाज से फसलों को पानी लगने से दाना फूलकर काला पड़ जाएगा।
- मनु कुशवाहा
इस वर्ष फसलों से अच्छी उपज की उम्मीद थी, लेकिन अचानक बरसात होने के कारण फसलें खराब हो चुकी हैं। इससे लागत निकलना भी मुश्किल है।
-रामस्वरुप
बरसात होने से कटी रखी फसल पर पानी पड़ने से फसल को उलट-पलटकर सुखाना पड़ेगा। अलग से यह मजदूरी बढ़ गई है। सुरक्षित दाना भी नहीं निकलना है।
- कल्लू
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लॉकडाउन: पीएनबी के मुख्यद्वार पर लग रही भीड़

मड़ावरा। कसबा मड़ावरा में पंजाब नेशनल बैंक के मुख्यद्वार पर बड़ी संख्या में लोग पैसा निकालने और जमा करने के लिए एकत्रित हो रहे हैं। वह सामाजिक दूरी का पालन नहीं कर रहे हैं, जिससे लोगों के स्वास्थ्य को खतरा पैदा हो रहा है।
कस्बे में गली- मोहल्लों में घूम- घूम कर उपजिलाधिकारी केके सिंह, क्षेत्राधिकारी श्यामनारायण, तहसीलदार सौरभ पांडेय और इंस्पेक्टर देवेंद्र सिंह पुलिस के जवानों के साथ लोगों को लॉकडाउन में घरों में अंदर रहने की सूचना माइक द्वारा दे रहे हैं। लोगों को लॉकडाउन का महत्व बता रहें हैं। कोरोना वायरस से बचाव हेतु एक- दूसरे से दूर रहने व अपने परिवार के साथ घरों में रहने की बात कर रहे हैं। लेकिन, इन सबके बाद भी लोग चेत नहीं रहे हैं। कुछ जगह तो लॉक डाउन का पूरा असर है। ग्रामीण दिन भर घरों में रहकर लॉकडाउन का पालन कर रहे हैं, लेकिन कुछ मोहल्लों में बिना काम के भी पैदल व मोटरसाइकिल से गलियों में लोग अनावश्यक घूम रहे हैं। घरों में बैठना उन्हें अच्छा नहीं लग रहा है। ऐसे स्थानों को चिह्नित कर पुलिस द्वारा सख्ती करना आवश्यक है।
लॉकडाउन होने के बावजूद पंजाब नेशनल बैंक के मुख्य द्वार पर बड़ी संख्या में लोग रुपया निकालने को एकत्रित हो रहे हैं। कोरोना वायरस से बचाव की लगातार जानकारी दी जा रही है कि लोग एक- दूसरे से दूर रहें और बहुत ही जरूरी काम है तो ही घर से बाहर निकलें। इन सबके बाद भी बैंक के मुख्यद्वार पर लोग एक दूसरे से चिपके हुए खड़े रहते हैं। लोगों को जहां स्वयं सावधानी बरतने की आवश्यकता है, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
उधर, किराना की दुकानों में आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ गए हैं। बासमती चावल की टूटी 30 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रही थी, लेकिन दुकान संचालक ने इसकी कीमत 40 रुपये प्रति किलोग्राम कर दी है। दुकान संचालक का कहना है कि सामग्री नहीं आ पा रही है। इसी प्रकार अरहर की दाल के दाम बढ़ा दिए गए हैं। 90 रुपये प्रति किलोग्राम बिकने वाली दाल की कीमत 100 रुपये प्रति किलोग्राम कर दी गई है। दुकान संचालक का कहना है कि माल नहीं आ पा रहा है, इसलिए दाल की कीमत बढ़ गई है। आगे दाल 120 रुपये प्रति किलोग्राम बिकेगी।
प्रशासन द्वारा कालाबाजारी पर रोक लगाने हेतु सख्त कदम उठाए जा रहे हैं, इसके बावजूद दुकान संचालक मनमानी पर उतारू हैं। उधर, लॉकडाउन पर गिरार तिराहे पर तैनात रहे पुलिस के जवान सक्रिय रहे। पुलिस ने इधर-उधर से आने- जाने वालों को घर मे रहने की सख्त हिदायत दी।
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कोरोना वायरस से बचाव के लिए बैंक के अंदर बैंक कार्य से आने वाले पांच- पांच लोगों को प्रवेश दिया जा रहा है। जब पांच लोग अपना काम करके निकल जाते हैं, तब दूसरे लोगों को बैंक के अंदर प्रवेश दिया जा रहा है। लोगों को स्वयं जागरूक होकर सामाजिक दूरी का पालन करना चाहिए।
- सुरेश कुमार, शाखा प्रबंधक, पंजाब नेशनल बैंक
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पूरा देश लॉकडाउन है। कस्बे के मुख्य मार्ग, मुख्य बाजार सहित गली व मोहल्लों में माइक द्वारा लोगों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी जा रही है। कोरोना वायरस से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है कि लोग घरों से बाहर बिना किसी अतिमहत्वपूर्ण कार्य के न निकलें। एक- दूसरे के संपर्क में न आएं। जरूरत पड़ी तो और सख्त कदम भी उठाए जाएंगे।
- देवेंद्र सिंह, इंस्पेक्टर, मड़ावरा।
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नवरात्र में पंचमी पर मंदिरों में नहीं होगी भीड़, लोग घरों से ही करेंगे पूजन

ललितपुर। कोरोना वायरस को लेकर लॉकडाउन होने से पहली बार चैत्र नवरात्र के दिनों में मंदिरों में सन्नाटा पसरा हुआ है। कल रविवार को पंचमी के दिन भी श्रद्धालु घरों में रहकर ही देवी पूजन करेंगे, जिससे मंदिरों में भीड़ न हो। सिर्फ पुजारी मंदिरों में पूजन करेंगे।
चैत्र नवरात्र का काफी महत्व है। माना जाता है कि देवी की आराधना करने से श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूूरी होती हैं। नवरात्र के तीसरे दिन शुक्रवार को देवी चंद्र घंटा की पूजा - अर्चना की गई। जानकारों के अनुसार चंद्रमा शांति और घंटा नाद का प्रतीक माना जाता है। मां चंद्रघंटा नाद के साथ शांति का संदेश देती हैं। इस बार चैत्र नवरात्र के पहले ही दिन से कोरोना वायरस की महामारी से बचाव के लिए शासन ने 21 दिन का लॉकडाउन किया है। नवरात्र के दिनों में भीड़- भाड़ से बचने के लिए मंदिरों के कपाट बंद हैं। ऐसे में श्रद्धालु मां दुर्गा देवी की आराधना घरों में रहकर करनी पड़ रही है।
रविवार को पंचमी पर्व है। इस दिन मंदिरों में देवी पूजन और महा आरती का आयोजन हर बार बड़े रुप में किया जाता था, जिसमें सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर में आते थे, लेकिन, इस बार कोरोना वायरस के कारण पंचमी के दिन भी मंदिरों में श्रद्धालु पूजा - अर्चना के लिए नहीं पहुंच सकेंगे।
पहली बार मंदिरों में पंचमी का पूजन नहीं होगा, लेकिन कोरोना वायरस जैसी त्रासदी भी है। ऐसे में इस बार घरों में ही रहकर पूूजन करेंगे। सभी लोग पूजा - अर्चना कर रहे हैं। शाम को घर में देवी की आरती की जा रही है।
- गोविंद शरण पुरोहित
इस बार कोरोना वायरस के फैलने से आस्था का नवरात्र का पर्व फीका पड़ गया है। पहली बार मंदिरों में भव्यता के साथ पूजन अर्चन नहीं हो पा रहा है। परिवार के साथ घर में रहकर नवरात्र के पूजन की तैयारी की गई हैं। पंचमी पर्व भी घर में आरती और विधि विधान से पूजन किया जाएगा।
- इंद्रेश तिवारी
कोरोना वायरस को लेकर मंदिरों में नहीं जाने की मजबूरी है। पंचमी और अष्टमी के दिन मंदिरों में पूजन नहीं करने से अनुष्ठान अधूरा सा लग रहा है। घर में पूजन कर दुर्गा मां से इस महामारी को जल्द दूर करने की प्रार्थना कर रही हूं।
- बबीता झा
नवरात्र के दिनों में मंदिरों में विशेष पूजन अनुष्ठान किए जाते हैं। देवी अनुष्ठान व्रत का विशेष महत्व है। इस बार पंचमी और अष्टमी के दिन मंदिरों में पूजन करने का पुण्य लाभ नहीं मिल सकेगा। पंचमी पर मंदिरों में भीड़ न हो, इसके लिए जान पहचान के लोगों से फोन कर घरों में पूजन करने की अपील भी कर रहे हैं।
- सत्यम तिवारी
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भैंस के विवाद में सगे भाई भतीजे ने लाठियों से पीटकर ले ली जान

भैंस के विवाद में लाठियों से पीटकर ले ली जान
- कोतवाली पुलिस ने दर्ज किया आरोपी भाई और भतीजे पर मुकदमा
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। थाना कोतवाली अंतर्गत ग्राम अमरपुर में घर में घुसी भैंस को लाठियों से मारकर भगाने के विवाद में भाई और भतीजे ने एक व्यक्ति को लाठियों से पीटकर मरणासन्न कर दिया। इसके बाद परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए, जहां पर हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
ग्राम अमरपुर निवासी भैयालाल पुत्र जालिम की एक भैंस शनिवार की शाम को पास ही रहने वाले भाई साकूलाल के घर में घुस गई। इसके बाद साकूलाल भैंस को लाठियों से मारता हुआ घर से भगाने लगा। भैंस को मारते देख भैयालाल ने अपने भाई को मना किया, जिस पर दोनों भाइयों में विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि साकूलाल का पुत्र शिशुपाल भी वहां आ गया और दोनों ने मिलकर भैयालाल के सिर में लाठियों से प्रहार कर दिया।
इससे भैयालाल गंभीर रुप से घायल हो गया। जब उसका पुत्र आशू बचाने आया तो उन्होंने उसके साथ गाली - गलौज कर मारपीट करते हुए भाग गए। परिजन खून से लथपथ भैयालाल को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय ले गए, जहां हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने झांसी रेफर कर दिया। झांसी ले जाते समय रास्ते में भैयालाल की मौत हो गई। परिजन उसे वापस जिला चिकित्सालय ले आए।
जानकारी पर कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक चार भाइयों में सबसे बड़ा था। उसके चार पुत्र एवं एक पुत्री है। मृतक खेतीबाड़ी करता था। कोतवाली पुलिस ने मृतक के पुत्र सुम्मेर सिंह की तहरीर के आधार पर आरोपी पिता और पुत्र साकूलाल एवं शिशुपाल पर गाली - गलौज कर मारपीट एवं गैर इरादतन हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधीक्षक कैप्टन एमएम बेग ने बताया कि दोनों भाइयों में भैंस को लेकर विवाद हुआ था, जिसमें एक भाई ने दूसरे को लाठियों से पीटकर घायल कर दिया। इलाज को ले जाते समय भैयालाल की मौत हो गई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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कुएं में डूबा मिला लापता किसान का शव

ललितपुर। थाना मड़ावरा अंतर्गत ग्राम सुकलगुंवा में खेत से लापता हुए किसान का शव पांच घंटे बाद कुएं में डूबा मिला। ग्रामीणों की मदद से कुएं में कांटा डालकर शव को बाहर निकाला गया। जानकारी पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
ग्राम सुकलगुंवा निवासी नंदलाल (37) पुत्र मथुरा शनिवार की सुबह पांच बजे खेत पर गया था। इसके बाद सुबह दस बजे उसका भाई लखन खेत पर गया, लेकिन वहां नंदलाल दिखाई नहीं दिया। इस पर उसने खेत के आसपास तलाश की, लेकिन कहीं पता नहीं चल सका। काफी देर तक खोजबीन के बाद जब पता नहीं चला, तो उसने खेत पर बने कुएं में देखा, लेकिन वहां भी नहीं दिखा। इसके बाद शंका होने पर उसने गांव के अन्य लोगों को बुलाकर भाई के लापता होने की जानकारी दी। उसने कुएं में गिरने की शंका जताई। इस पर ग्रामीणों ने एकत्रित होकर कुएं में कांटा डालकर उसका पता लगाने की कोशिश की।
करीब पांच घंटे बाद शनिवार को दोपहर तीन बजे उसका शव कांटे में फंसाकर बाहर निकाला जा सका। कुंए में शव मिलने से घर में कोहराम मच गया। जानकारी मिलने पर पुलिस घटना स्थल पर पहुंच गई और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के एक पुत्र व तीन पुत्रियां हैं।
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फांसी के फंदे पर लटका मिला ग्रामीण का शव

मड़ावरा। थाना मदनपुर अंतर्गत ग्राम उल्दनाखुर्द में एक ग्रामीण ने खेत पर फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ग्राम उल्दनाखुर्द निवासी प्रीतम (45) पुत्र बल्दू कुशवाहा शनिवार की देर रात को खाना खाने के बाद खेत की रखवाली हेतु गया था। रात्रि में अज्ञात कारणों के चलते उसने खेत पर ही लगे पेड़ पर फंदा डालकर जान दे दी। जानकारी पर ग्राम प्रधान जगदीश यादव मौके पर पहुंचे। इसकी जानकारी थाना मदनपुर पुलिस को दी। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के चार एकड़ जमीन है। तीन पुत्र व एक पुत्री है। ... और पढ़ें

लापता पति के गम में महिला ने फांसी लगाकर दी जान

पाली। थाना पाली अंतर्गत ग्राम पिपरियाजागीर में एक महिला ने लापता पति के मिलने की आस खत्म होने के गम में फांसी लगाकर जान दे दी। जानकारी मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृृतका का पति करीब 10 साल से लापता चल रहा है। ग्राम पिपरियाजागीर निवासी कमलरानी (55) पत्नी दयाराम लोधी गांव में अपने दो पुत्रों के साथ रहती थी। उसका पति करीब दस वर्ष से लापता है, जिसकी खोजबीन के बाद भी कोई पता नहीं चल सका। इसके गम में महिला कमलरानी परेशान रहती थी और पति के आने की राह ताकती रहती थी। अक्सर वह बच्चों से पति को खोजने की कहती थी, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग सका।
शनिवार की रात को जब सभी सोने चले गए तो वह बिना बताए गांव में स्थित खाली पड़े दूसरे मकान में चली गई और एक कमरे में बल्ली के सहारे साड़ी का फंदा गले में कसकर फांसी लगा ली, जिससे उसकी मौत हो गई। अगले दिन रविवार की सुबह छह बजे जब उसका पुत्र गजराज मकान में पहुंचा तो उसने मां को फांसी के फंदे पर लटकता पाया। उसने जानकारी अपने चाचा रामा लोधी को दी और उन्होंने इसकी जानकारी ग्राम प्रधान को दी। जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका के पांच पुत्र हैं, जिनमें तीन पुत्र अहमदाबाद में काम करते हैं।
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प्रशासन ने तय किए आवश्यक वस्तुओं के मूल्य

ललितपुर। आवश्यक वस्तुओं में विशेषकर आटा, चावल, दाल, खाद्य तेल, आलू, प्याज व अन्य सब्जियां नमक, दूध, चाय, माचिस की उपलब्धता सुनिश्चित कराए जाने को लेकर प्रशासन ने इनके दाम तय कर दिए हैं। कालाबाजारी करने वालों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री द्वारा वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से निर्देश दिए गए थे। इस पर खाद्य आयुक्त तथा रसद विभाग लखनऊ के पत्र द्वारा दाम तय करने के निर्देश दिए गए। इसी क्रम में जिला मजिस्ट्रेट योगेश कुमार शुक्ल ने आवश्यक वस्तुओं की दर निर्धारित कर दी है। खाद्यान्न एवं दालें चावल 2500 रुपये प्रति कुंतल व फुटकर 30 रुपये प्रति किलो, गेंहू 1950 रुपये प्रति कुंतल व फुटकर 20 रुपये प्रति किलो, आटा (गेंहू) 2200 रुपये प्रति कुंतल व फुटकर 23 रुपये प्रति किलो, चना दाल 5200 रुपये प्रति कुंतल व फुटकर 55 रुपये प्रति किलो, तुअर/अरहर दाल 7000 रुपये प्रति कुंतल व फुटकर 75 रुपये प्रति किलो, उड़द दाल 7500 रुपये प्रति क्विंटल व फुटकर 80 रुपये प्रति किलो, मूंग दाल 8500 रुपये प्रति क्विंटल व फुटकर 90 रुपये प्रति किलो, मसूर दाल 5500 रुपये प्रति क्विंटल व फुटकर 60 रुपये प्रति किलो, मटर दाल 5500 रुपये प्रति कुंतल व फुटकर 65 रुपये प्रति किलो, साबुत मटर 4880 रुपये प्रति कुंतल व फुटकर 55 रुपये प्रति किलो के अलावा खाद्य तेल (पैकेट) रिफाइंड तेल (मूंगफली) 10,000 रुपये में 100 लीटर व फुटकर 110 रुपये प्रति लीटर, सरसों तेल (मस्टर्ड) 10,000 रुपये में 100 लीटर व फुटकर 105 रुपये प्रति लीटर, वनस्पति तेल 9000 रुपये में 100 लीटर व फुटकर 95 रुपये प्रति लीटर, रिफाइंड तेल (सोया) 8500 रुपये में 100 लीटर व फुटकर 90 रुपये प्रति लीटर, रिफाइण्ड तेल (सन फ्लावर) 8500 रुपये में 100 लीटर व फुटकर 90 रुपये प्रति लीटर, पाम ऑयल 8500 रुपये में 100 लीटर व फुटकर 90 रुपये प्रति लीटर के साथ-साथ सब्जियों में आलू 2000 रुपये प्रति कुंतल व फुटकर 26 रुपये प्रति किलो, प्याज 1800 रुपये प्रति कुंतल व फुटकर 20 रुपये प्रति किलो, टमाटर 1800 रुपये प्रति क्विंटल व फुटकर 20 रुपये प्रति किलो के अलावा अन्य वस्तुओं में चीनी (शक्कर) 3470 रुपये प्रति कुंतल व फुटकर 38 रुपये प्रति किलो, गुड़ 3000 रुपये प्रति कुंतल व फुटकर 35 रुपये प्रति किलो, दूध 4000 रुपये प्रति क्विंटल व फुटकर 45 रुपये प्रति लीटर, खुली चाय पत्ती 1,33,000 रुपये प्रति क्विंटल व फुटकर 150 रुपये प्रति किलो, नमक पैकेट (आयोडीन युक्त) 1000-1500 रुपये प्रति कुंतल व फुटकर 17 रुपये प्रति किलो दर निर्धारित की गई है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं यदि कोई विक्रेता आवश्यक वस्तुओं का वितरण निर्धारित मूल्यों से अधिक में करते पाया जाता है तो उसके विरूद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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नगर पालिका बोर्ड में जातिगत संतुलन बैठाने का प्रयास

ललितपुर। लंबे समय के इंतजार के बाद नगर पालिका परिषद के बोर्ड में पांच सभासदों को मनोनीत कर जातिगत संतुलन बनाने का प्रयास किया गया है। इस मनोनयन में लोधी और अहिरवार समाज के साथ-साथ कायस्थ वर्ग से सभासद बनाकर वोटरों को संतुष्ट किया गया है।
सत्तारूढ़ दल अपने कार्यकर्ताओं का मनोनयन कर उन्हें कार्य का अवसर प्रदान करता है। इसी कड़ी में नगर पालिका परिषद में पांच सभासदों को मनोनीत किया गया है। इनमें देवेंद्र श्रीवास्तव परमहंस मंदिर के पास, भरत पुरोहित तालाबपुरा डोंडाघाट, गोकुल प्रसाद लोधी ग्राम कल्यानपुरा, घनश्याम साहू नेहरू नगर और रजनी अहिरवार अंबेडकर पार्क के पीछे झांसीपुरा सम्मिलित है। इसमें अध्यक्ष पति को जगह देकर मनोनयन चर्चा का विषय बन गया है। कुछ कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया भी जाहिर की है।
वर्तमान बोर्ड में अहिरवार, लोधी व कायस्थ वर्ग से कोई सभासद निर्वाचित नहीं हुआ था। चुनाव के दौरान कई साहू उम्मीदवारों ने अपना भाग्य आजमाया था, लेकिन उनके वर्ग से अध्यक्ष का उम्मीदवार होने से वार्डो में साहू कार्ड नहीं चल सका था और उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा था। यह कयास लगाए जा रहे थे कि इन्हीं उम्मीदवारों में से किसी को मनोनीत किया जा सकता है, लेकिन पार्टी ने अध्यक्ष पति को तरजीह दी। वहीं, कायस्थ वर्ग के मनोनीत हुए देवेंद्र श्रीवास्तव वर्तमान में मीडिया प्रभारी के तौर पर भाजपा संगठन का काम देख रहे हैं। रजनी अहिरवार दलित वर्ग में उभरकर सामने आई हैं। ग्राम कल्यानपुरा निवासी गोकुल प्रसाद को सभासद बनाया गया है। इस तरह लोध बिरादरी में पार्टी का संदेश देने की कोशिश की गई है।
अफसरशाही को दिखाया आइना
तत्कालीन जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने नगर पालिका अध्यक्ष रजनी साहू के पति घनश्याम साहू को नगर पालिका में प्रवेश पर रोक लगा दी थी। इससे उनकी काफी किरकिरी हुई थी। यह मामला पार्टी के अंदर कई स्तर पर उठाया गया। इस पर उन्हें सभासद मनोनीत कर दिया गया है, ताकि वह नगर पालिका की बोर्ड बैठक में शामिल हो सकें।
पार्टी ने कर्मठ कार्यकर्ताओं को सभासद बनाया है। तीन पैनल के बाद नाम फाइनल हुए हैं। सभासद के तौर पर जनहित के कार्यो को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
- घनश्याम साहू, मनोनीत सभासद, नपा
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तालबेहट में भी बनाया आइसोलेशन वार्ड

तालबेहट। कोरोना वायरस से निपटने के लिए चल रही व्यापक तैयारियों के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तालबेहट को लेबल-एक का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। इस पर कई लोगों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
सीएचसी में चिकित्सकों को मास्क और सेनेटाइजर के साथ बिना पीपी किट के ही आपातकालीन सेवाएं देनी पड़ रही हैं। इससे कई बार विवाद की स्थिति पैदा हो चुकी है। इन अव्यवस्थाओं के बीच इसे लेबिल एक का आइसोलेशन वार्ड बना दिया गया है। इसके तहत सीएमओ ने शनिवार के बाद रविवार को दूसरी बार सीएचसी का निरीक्षण किया और यहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने व्यवस्थाओं के बारे में अधीनस्थों से जानकारी ली। सीएमओ डॉ. प्रताप सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश पर आपातकालीन व्यवस्था के तहत सीएचसी तालबेहट में आईसोलेशन वार्ड बनाया गया है। जहां कोरोना संक्रमण के संभावित मरीजों को आइसोलेट किया जाएगा। इसके अलावा सामान्य ओपीडी बंद करके आपातकालीन सेवाएं ही उपलब्ध रहेंगी।
सुविधाएं हैं नहीं, कैसे चलेगा आइसोलेशन वार्ड
तालबेहट। सीएचसी में कार्यरत चिकित्सकों में से कुछ चिकित्सक ही पिछले एक माह से आपातकालीन सेवाएं दे रहे है। संविदा पर कार्यरत अन्य चिकित्सकों सहित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्यरत चिकित्सकों का अतापता नहीं है। केवल आपातकालीन सेवाएं चालू होने के कारण यहां सेवा देने वाले चिकित्सक प्रतिदिन एक सैकड़ा से अधिक मरीजों को देख रहे हैं। ऐसी स्थिति में सीएचसी में आइसोलेशन वार्ड बनाया जाना लोगों के गले नहीं उतर रहा है। वहीं लोगों ने आबादी के मध्य आइसोलेशन वार्ड बनाए जाने पर चिंता व्यक्त की है।
एक चिकित्सक देगा दो जगह सेवाएं
तालबेहट। सीएचसी को आइसोलेटिड वार्ड बनाने के साथ साथ एक ही चिकित्सक आपातकालीन सेवा में आने वाले मरीजों और वार्ड की जिम्मेदारी का निर्वहन करेगा। ऐसी हालत में कोरोना संक्रमित मरीजों का कैसे उपचार होगा, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। क्योंकि यहां प्रतिदिन आपातकालीन सेवा में एक सैकड़ा से अधिक मरीज आते हैं। वहीं, प्राइवेट चिकित्सालय बंद होने से मरीजों की संख्या बढ़ सकती है।
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कोरोना वायरस के चलते अप्रैल में नहीं बनेंगे बिजली के बिल

ललितपुर। कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए बिजली विभाग द्वारा अप्रैल माह की फील्ड रीडिंग का कार्य स्थगित कर दिया है। उपभोक्ताओं को अगले तीन माह तक के बिल औसत उपभोग के आधार पर बनाए जाएंगे। उपभोक्ताओं को भुगतान के लिए यह बिल उनके पंजीकृत मोबाइल नंबरों पर एसएमएस के आधार पर या फिर ईमेल पर उपलब्ध कराए जाएंगे।
जनपद में शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के अंतर्गत पूर्व से लगभग 70 हजार और सौभाग्य योजना में कनेक्शनों के आधार पर लगभग 35 हजार से अधिक बिजली उपभोक्ता हैं। बिजली विभाग द्वारा मीटर रीडरों की मदद से उपभोग के आधार पर मीटरों में आई रीडिंग के आधार पर बिल बनाए जाते हैं। यह मीटर रीडर घर-घर पहुंचकर उपभोक्ताओं के परिसरों में लगे विद्युत मीटरों से रीडिंग लेकर बिल बनाते हैं। लेकिन, वर्तमान में कोरोना वायरस जैसी महामारी से बचाव के लिए जनपद में लॉक डाउन किया गया है, जिसके चलते 25 मार्च से सभी संस्थाओं से सार्वजनिक स्थलों के कार्यों पर रोक लगा दी है। हालांकि, बिजली विभाग में बिजली आपूर्ति और ऑनलाइन भुगतान की प्रक्रिया एवं कुछ अन्य आवश्यक कार्य ही किए जा रहे हैं। यहां तक कि बिलिंग काउंटरों पर भी बिल जमा नहीं हो रहे हैं। बिजली विभाग द्वारा उपभोक्ताओं से ऑनलाइन बिलों के भुगतान के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। अब बिजली विभाग ने विद्युत बिलों के बनाने के संबंध में मीटर रीडर कंपनी को स्पष्ट आदेश जारी कर दिए हैं कि अप्रैल माह में किसी प्रकार से मीटर रीडर बिल नहीं बनाएंगे और उपभोक्ताओं को तीन माह का विद्युत बिल औसत उपभोग के आधार पर उपभोक्ताओं को विभाग में पंजीकृत मोबाइल पर एसएमएस या फिर ईमेल पर भेजे जाएंगे।
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दवा दुकानदारों को पास की जरूरत नहीं

ललितपुर। कोरोना वायरस से बचाव के लिए पूरे जिले को 14 अप्रैल तक लॉकडाउन किया गया है। इस अवधि में कोई भी व्यक्ति अपने घर से बाहर नहीं निकलेगा। इस दौरान रिटेल केमिस्ट और होल सेलर केमिस्ट को पास की सुविधा से छूट दी गई है। होम डिलेवरी के लिए दुकानदारों के मोबाइल नंबर जारी कर दिए गए हैं।
उप जिला मजिस्ट्रेट गजल भारद्वाज ने बताया कि जनसुविधा की दृष्टि से लॉकडाउन अवधि के दौरान प्रशासन द्वारा जनता की सुविधा के लिए व्यवस्था की गई हैं। इसमें दवाइयां प्रमुख हैं। रिटेल केमिस्ट और होल सेलर केमिस्ट को किसी पास की आवश्यकता नहीं है। वह साथ में अपना ड्रग केमिस्ट लाइसेंस (मूल अथवा फोटो कापी व वैध राजकीय पहचान पत्र) रखकर अपने वाहन से आपने स्टोर तक आवागमन कर सकते हैं। ग्रामीण रिटेल केमिस्ट भी इसी प्रकार अपने ड्रग लाइसेंस के साथ वाहन पर होल सेलर केमिस्ट से दवाइयों का स्टाक ले जा सकते हैं, ताकि गांवों में दवाइयों का अभाव न हो। रिटेल केमिस्ट, सेल्समैन/ हेल्पर ऐसे 100 सेल्समैन को औषधि निरीक्षक द्वारा 100 पास निर्गत किए गए हैं। पुलिस के पूछने पर आप अपना पास, दवाइयों का बिल दिखा सकेंगे। उन्हें रोका नहीं जाएगा। होम डिलीवरी ऑफ मेडिसिन की सप्लाई के लिए शहर के चार बड़े मेडिकल स्टोर को होम डिलीवरी पास जारी किए गए हैं, जिनके नाम व मोबाइल नंबर जारी किए गए हैं। इनमें न्यू अग्रवाल मेडिकल स्टोर घंटाघर मोबाइल नंबर- 9453031411, गुप्ता मेडिकल एजेंसी सावरचौक मोाबाइल नंबर- 9889977315, नवीन मेडिकल स्टोर घंटाघर मोबाइल- 9415112050 और अभिलाषा मेडिकल एजेंसी मोबाइल नंबर- 450069660 है। शहरवासी इन मोबाइल नंबर पर संपर्क कर घर बैठे दवाई मंगा सकते हैं। होम डिलीवरी में एक व्यक्ति को 20 दिन से अधिक की दवा नहीं दी जाएगी।
पानी के पैकेट, दूध के पैकेट, पानी की बोतले एवं अन्य खाद्य साम्रग्री पिकअप वाहन से ले जाने में कोई रोक नहीं है।
अन्य जिले या अन्य कस्बे का कोई व्यक्ति लॉकडाउन होने की वजह से शहर में रुक गया है और उसके पास भोजन की व्यवस्था नहीं है तो फूड पैकेट प्राप्त करने के लिए नीचे लिखे मोबाइल नंबरों पर संपर्क करके होम डिलीवरी कराई जाएगी। अन्नपूर्णा सेवा संघ का मोबाइल नंबर- 9415179318, सिद्वेश्वर जमोरया व्यापार मंडल का मोबाइल नंबर - 9450833070 तथा विश्व कल्याण मिशन ट्रस्ट का मोबाइलसंख्या 9621195911 व 9044026225 है। नीचे लिखे डिस्ट्रीब्यूटर से संपर्क करके राशन की होम डिलीवरी कराई जा सकती है।
इसमें वी-मार्ट का मोबाइल नंबर 9935348401 व 7860998449, भारत बाजार का मोबाइल नंबर- 8400713822, ईगल मार्ट सर्विस पोर्टल का मोबाइल नंबर- 7080802143, ईगल मार्ट सर्विस पोर्टल पर एंड्रायड मोबाइल पर ‘एप’ की सुविधा उपलब्ध है, इंफ्री मार्ट सर्विस पोर्टल ललितपुर का मोबाइल नंबर- 9335856679 है। इन नंबरों पर फोन करके होम डिलीवरी की सुविधा प्राप्त की जा सकती है। उक्त आदेश जनहित में तत्काल प्रभाव से प्रभावी होंगे।
केवल होम डिलेवरी के लिए वाहन चलेंगे
ललितपुर। उप जिला मजिस्ट्रेट गजल भारद्वाज ने बताया कि लॉकडाउन अवधि में दो पहिया वाहन और प्राइवेट वाहन बिना अनुमति के पूर्णत: प्रतिबंधित रहेंगे। लेकिन, पुलिस व प्रशासन द्वारा केवल उन्हीं दो पहिया वाहनों को चलने की अनुमति दी जाएगी, जिनके पास अधिकारियों द्वारा निर्गत किए गए पास होंगे। इसमें होम डिलीवरी पास, (फूल पैकेट, किराना सामान आदि) उप जिला मजिस्ट्रेट द्वारा पास जारी किए गए हैं। रिटेल केमिस्ट, सेल्समैन, हेल्पर पास औषघि निरीक्षक द्वारा जारी किए गए हैं। कर्मचारी पास (कार्यालय अध्यक्ष/ अपर जिलाधिकारी/ उप जिलाधिकारी) द्वारा जारी किए हैं। यदि किसी व्यक्ति द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किया जाता है तो उसके विरुद्व महामारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें छह महीने की सजा भी हो सकती है।
उक्त अवधि में अनवरत नागरिक आपूर्ति (किराना का सामान, फल, सब्जी की सुचारु आपूर्ति हेतु थोक विक्रेताओं को 31 पास एवं फल, सब्जी ठेके वालों को 318 पास (वार्डवार) जारी किए गए हैं। नझाई बाजार में लगने वाली सब्जी मंडी को पूर्णत: बंद कर दिया गया है। पुरानी गल्ला मंडी में स्थापित सब्जी मंडी में ग्रामीण क्षेत्रों से ताजे, फल, सब्जी लाने वाले व्यक्तियों को गेट पर नहीं रोका जाएगा।
सभी वार्डो में एक वार्ड मजिस्ट्रेट व पुलिस अधिकारी की टीम पिकेट वाहन के साथ उपलब्ध है। वार्ड में किराने की दुकानें खुली रहेंगी। 328 हाथ ठेले वाले घर-घर जाकर वार्डवाइज फल व सब्जी बेच रहे हैं। चिकित्सा सेवा के लिए जिला अस्पताल में 108 नंबर की छह एंबुलेंस एवं 102 नंबर की छह एंबुलेंस 24 घंटे कार्यरत हैं। झांसी मेडिकल कॉलेज, पीजीआई लखनऊ एवं ग्वालियर तक मरीज को ले जाने के लिये चार एएलएस एंबुलेंस कार्यरत हैं। हार्ट अटैक, कार्डियक अरेस्ट, सड़क दुर्घटना, मस्तिष्क ज्वर, बेहोशी की हालत में, जानवर के काटने पर मेडिकल इमरजेंसी में सुविधा है। बीमार व्यक्ति उक्त नंबरों पर संपर्क करके अपेक्षित लाभ प्राप्त कर सकते हैं। वर्तमान समय में शासन के आदेशानुसार ओटीपी को बंद कर दिया गया है।
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लॉकडाउन में दस साल पुराना सपना पूरा

ललितपुर। ख्याति प्राप्त चित्रकार ओमप्रकाश बिरथरे ने लॉकडाउन के दौरान घर में रहकर बोधिसत्व पदमपाणि का चित्र तैयार कर लिया है। यह चित्र संसार के वैभव, प्रलोभन एवं वैराग्य को दर्शाता है।
चित्रकार ओमप्रकाश बिरथरे ने का कहना है कि वर्ष 1990 में जब अंजता की गुफा के चित्र देखे थे, तब ही इस चित्र को बनाने की इच्छा मन में थी, लेकिन हर बार समय कम पड़ जाता था। इस कारण से बोधिसत्व का चित्र नहीं बन पा रहा था। लॉकडाउन ने इतना समय दे दिया कि उन्हें इस चित्र बनाने में जरा भी हड़बड़ाहट नहीं हुई। वरना, अन्य दिनों में कोई न कोई काम आ जाता है, जिससे एक चित्र बनाने में कई दिन लग जाते हैं। ग्यारह गुणा साढ़े छह फीट के चित्र को तीन दिन में तैयार कर लिया है। वर्तमान में यह चित्र कला भवन की शोभा बढ़ा रहा है।
यह चित्र महाराष्ट्र के औरंगाबाद की अंजता की गुफा नंबर एक की चित्रकारी का सर्वोत्तम उदाहरण प्रस्तुत करती है। यह दुनिया के भित्ति चित्रों में अद्वितीय है। इस चित्र में बोधिसत्व हाथ में नीलकमल, एकदम प्रसन्न मुद्रा, सुसज्जित मुकुट आभूषण का आकर्षण है। बाजू में पदमपाणि की पत्नी यशोधरा निराशा से खड़ी हैं।
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