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नवरात्र में कराएं कामाख्या बगलामुखी कवच का पाठ व हवन, पाएं कर्ज मुक्ति एवं शत्रुओं से छुटकारा
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Corona Virus in UP Live: प्रदेश में 80 संक्रमित, लखनऊ में 9 दिनों से नहीं मिला कोई मरीज

शासन और प्रशासन संक्रमण के चेन को तोड़ने के लिए लगातार कोशिश कर रहा है। लोगों से भी हर वक्त घरों में रहने की अपील की जा रही है।

30 मार्च 2020

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मथुरा

सोमवार, 30 मार्च 2020

नहीं शुरू हो सकी आवश्यक वस्तुओं की डोम डिलीवरी

मथुरा। लॉकडाउन के दौरान छूट के समय बाजार में उमड़ रही भीड़ को रोकने के लिए शुरू की गई आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी व्यवस्था शनिवार को पहले दिन अप्रभावी रही। नगर निगम द्वारा बांटे जा रहे पैम्फ्लेट पर दिए गए दुकानदारों के मोबाइल नंबर पर लोगों ने सामान मंगाने के लिए संपर्क किया, लेकिन पास न होने की बात कहकर सामान पहुंचाने से इनकार कर दिया गया। दूसरी ओर प्रशासन की ओर से जो आवश्यक वस्तुओं की रेट लिस्ट जारी की गई है वह ग्राहकों और दुकानदार दोनों के गले नहीं उतर रही है। लोगों का कहना है कि रेट बहुत ज्यादा हैं, इस पर भी डिलीवरी चार्ज देना है।
प्रशासन ने लोगों के पास आवश्यक सामान की कमी न हो इसके लिए लॉकडाउन के दौरान भी सुबह 7 बजे से 11 बजे तक बाजार को खुला रखा है परंतु इस दौरान बाजार में मारामारी मच जाती। इसी को देखते हुए प्रशासन ने शनिवार से नगर निगम क्षेत्र के 20 वार्डों में होम डिलीवरी व्यवस्था शुरू की। शहर के 11 वार्डों तथा वृंदावन के नौ वार्डों के लिए कुल 158 दुकानदार चिह्नित किए हैं।
इन दुकानदारों में मथुरा में किराना के 28 दुकानदार तथा वृंदावन के 23 किराना दुकानदार हैं, जबकि मथुरा तथा वृंदावन के 15-15 मेडिकल स्टोर चिह्नित किए हैं। इसके अलावा वृंदावन के 30 दूध तथा 27 सब्जी विक्रेताओं को भी चिह्नित किया गया है। निगम ने पैम्फ्लेट तथा अन्य माध्यम से इन दुकानदारों के मोबाइल नंबर लोगों तक पहुंचाए हैं। लोगों ने दुकानदारों को फोन किए, लेकिन पास न होने के कारण यह व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी।
इस संबंध में आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी के इंचार्ज एवं सहायक नगर आयुक्त राजकुमार मित्तल ने बताया कि इन दुकानदारों के लिए वाहन पास तैयार कराए जा रहे हैं। शनिवार को वाहन पास इन लोगों तक पहुंच जाएंगे ताकि अगले दिन से वह सामान वितरित कर सकें। उधर, अपर नगर आयुक्त सतेंद्र तिवारी ने बताया कि दुकानदार इस बात को लेकर भ्रमित हैं कि उन्हें कौन से समय में काम करना होगा। जब बाजार खुलेगा ही तो लोग सामान खुद खरीद लेंगे।
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पुलिस की सख्ती से शहर में हुआ सामाजिक दूरी का पालन

मथुरा। लॉकडाउन के चौथे दिन पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार किया तो शहर में सामाजिक दूरियों का पालन होने लगा। वहीं मेडिकल और किराने की दुकान पर लाइन में ग्राहक नजर आने लगे। यह क्रम पूर्वाह्न 11 बजे तक बदस्तूर चला। उसके बाद दुकानों के शटर गिरने लगे।
लॉकडाउन के तीन दिन शहर में सामाजिक दूरी का पालन न करने वालों से शनिवार की सुबह से पुलिस सख्ती बरतती दिखी। सुबह सात बजे मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने किराने और मेडिकल की दुकानों के आगे ग्राहकों की लाइन लगवाई। फिर इसके बाद एक-एक करके सामान खरीदने के लिए आगे जाने दिया। इसके लिए प्रमुख दुकानों पर पुलिसकर्मी मुस्तैद किए गए। पुलिस की सख्ती के कारण लोगों को परेशानी जरुर हुई, लेकिन इससे सामाजिक दूरी का पालन होता दिखा।
बैरियर लगाकर रोके गए वाहन
शुक्रवार को ही पुलिस ने रणनीति तैयार कर ली थी। इसके तहत शहर के ह्दयस्थल होलीगेट, कोतवाली रोड, आर्यसमाज रोड, मथुरा-आगरा रोड पर आने वाले वाहनों को रोक लिया गया। बैरियर लगाकर यह वाहन भरतपुरगेट, कलक्टरगंज, रेलवे फाटक, विकास बाजार, अप्सरा टॉकिज, स्वामीघाट आदि स्थानों पर रोके गए। इससे लोगों की भीड़ शहर के होलीगेट पर कम आई।
सख्ती से कराएंगे पालन
सुबह सात से 11 बजे तक की छूट में सामाजिक दूरी का पालन पूरी सख्ती से कराया जाएगा। इसकी शुरुआत शनिवार से कर दी गई है। इसके बाद सभी अपने-अपने घरों में रहे। कोई भी बाहर निकला मिला तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे निर्देश थाना पुलिस को दे दिए गए हैं। - डॉ. गौरव ग्रोवर, एसएसपी
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श्रमिकों के लिए 49.85 लाख रुपये की एक और किस्त जारी

मथुरा। कोरोना वायरस के मद्देनजर लॉकडाउन में निर्माण श्रमिकों के लिए 49.85 लाख रुपये की एक और किस्त जारी कर दी गई है। यह किस्त जनपद के 4985 निर्माण श्रमिकों के खातों में पहुंची है।
श्रम विभाग निर्माण श्रमिकों को मुख्यमंत्री के आदेश पर 1000-1000 हजार रुपये की किस्त जारी कर रहा है। इसके तहत जनपद में 72 हजार से अधिक पंजीकृत श्रमिकों को उक्त राशि देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस प्रकिया में शनिवार को विभाग द्वारा दूसरी किस्त जारी की गई है।
इसमें 49.85 लाख रुपये 4985 श्रमिकों को दिया गया है। सहायक श्रमायुक्त प्रभात कुमार ने बताया कि शासन के आदेश पर पंजीकृत श्रमिकों का नवीनीकरण भी किया जा रहा है। इसके लिए उन्हें वाट्सएप पर कागजात मंगाए जा रहे हैं।
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गर्भवती घर में चीखती-चिल्लाती रही, नहीं पहुंची एंबुलेंस

प्रसव पीड़ा से परेशान महिला को एंबुलेंस में ले जाते हुए। प्रसव पीड़ा से परेशान महिला को एंबुलेंस में ले जाते हुए।

गाय का दूध बेच कर दिए पीड़ितों के लिए 21 हजार

राया (मथुरा)। प्रधानमंत्री ने जब लोगों से अपील की कि वे संकट के समय देश के साथ खड़े रहें और लोगों की मदद करें। इसी अपील पर गांव थना अमर सिंह निवासी उर्मिला देवी ने गाय का दूध बेच कर कमाए 21 हजार रुपये पीड़ित-गरीबों के लिए दान कर दिए। आगे भी सहायता करने का मन बनाया है।
गांव थना अमर सिंह निवासी उर्मिला देवी गाय का दूध बेचती हैं। जब उसने प्रधानमंत्री की अपील सुनी तो वह भावुक हो गईं। रविवार को राया के पूर्व चेयरमैन राकेश शर्मा को उसने 21 हजार रुपये गरीबों की सहायता के लिए दान कर दिए। महिला के पति बच्चू सिंह ने पत्नी के कार्य की सराहना की है। लाल सिंह, दुल्ला सिंह, सत्यवीर सिंह, राजकुमार उपमन्यु आदि उपस्थित थे।
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सब्जी खरीद में आई 20 प्रतिशत की कमी

मथुरा। लॉकडाउन के दौरान पैदा हुई नई परिस्थितियों में अब सब्जी खरीद के प्रति लोगों की आपाधापी कम होती नजर आ रही है। रविवार को हाईवे स्थित कृषि मंडी में 283 लोग ही सब्जी खरीद के लिए पहुंचे। ये सभी थोक विक्रेता थे, जो पूर्ववर्ती संख्या से करीब 20 प्रतिशत कम है।
कोरोना वायरस के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 मार्च की मध्यरात से लॉकडाउन घोषित किया था। इसका असर आवश्यक वस्तुओं की खरीद पर साफ नजर आया। लोगों में अधिक सामान खरीद की आपाधापी रही। यहां तक कि सब्जी मंडी में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। इस स्थिति में मंडी में आम लोगों को रोका गया। अब स्थितियां सामान्य होने लगी है।
रविवार को 283 थोक विक्रेता सब्जी खरीदने पहुंचे। इसमें 85 ठेला, हत्था गाड़ी लेकर आए थे तो 198 थोक दुकानदार वैन, ई-रिक्शा, मोटरसाइकिल और ट्रैक्टर से मंडी पहुंचे। मंडी सचिव सुनील शर्मा ने बताया कि रविवार को सब्जी की खरीद का ग्राफ कम हुआ है। आम दिनों से करीब 20 प्रतिशत कम सब्जी खरीदी गई है।
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भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करती हैं मां कंकाली देवी

मथुरा। मथुरा के भूतेश्वर से बीएसए कॉलेज के बीच स्थित कंकाली टीला पर बना मां कंकाली देवी मंदिर अद्भुत है। भक्तों में मां कंकाली देवी की बहुत मान्यता है। मां के कई और भी नाम हैं। मां को कृष्णा काली, कंकाली देवी और योगमाया के नाम से भी जाना जाता है।
नवरात्र में हजारों श्रद्धालु मां कंकाली (योगमाया) की पूजा करने आते हैं। मान्यता है कि जो भक्त यहां अपनी मुराद लेकर आता है उसकी मनोकामना मां जरूर पूरी करती हैं। माना जाता है कि कंकाली देवी का अवतार राक्षसों को मारने के लिए हुआ था। मां कंकाली (योगमाया) के गुणगान शब्दों से नहीं भावों से किए जाते हैं। नौ दिन मां को नई पोशाक धारण कराकर विशेष शृंगार कराया जाता है।
नवरात्र में यहां पर विशेष मेले का आयोजन किया जाता है, लेकिन लॉकडाउन के कारण इस बार नवरात्र में मंदिर में बाहरी भक्तों के प्रवेश को प्रतिबंधित कर रखा है। यही कारण है कि भक्तों से भरा रहने वाला मंदिर आज सुनसान है।
हजारों वर्ष पुराना है कंकाली टीला
कंकाली टीला लगभग साढ़े पांच हजार वर्ष पुराना है। बताया जाता है कि यह वही स्थान है जहां कंस ने देवकी के सभी पुत्रों का वध किया। यहां पर ही मां योगमाया स्वरूप कन्या का जब कंस ने वध करने का प्रयास किया तब, उन्होंने अपने असली योगमाया ने दर्शन दिए।
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बढ़ गई गैस सिलिंडरों की खपत, 9681 मीट्रिक टन खाद्यान्न जारी

मथुरा। कोरोना वायरस के मद्देनजर लॉकडाउन में गैस सिलिंडरों की खपत जनपद में बढ़ गई है। पहले जहां 5-6 हजार सिलिंडर की आपूर्ति प्रतिदिन हो रही थी, वह बढ़कर 9 से 10 हजार सिलिंडर जा पहुंची है। घर में सिलिंडर होने के बावजूद लोग अतिरिक्त गैस मंगा रहे हैं। इसके अलावा राशन वितरण के लिए 9681 मीट्रिक टन खाद्यान्न जारी कर दिया गया है।
लॉकडाउन में आपाधापी का दौर बना हुआ है। जनपद में अब तक खाद्यान्न और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सामान्य रहने के बाद भी लोग स्टॉक करने में जुटे हैं। इससे खाद्यान्न सहित सभी आवश्यक वस्तुएं जुटाने में प्रशासन को पसीना आ रहा है। जनपद में एपीजी के लिए औसतन 5 से 6 हजार सिलिंडर प्रतिदिन खपत होती थी, जो वर्तमान में बढ़कर 9 सेे 10 हजार प्रतिदिन हो गई है। हालांकि जनपद में 25 हजार से अधिक सिलिंडरों की उपलब्धता बनी हुई है। इसके अलावा जनपद में पेट्रोल की उपलब्धता 11282 और डीजल की उपलब्धता 1912.180 किलोग्राम है। जिलापूर्ति अधिकारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि किसी प्रकार की कोई कमी गैस, पेट्रोल और डीजल की जनपद में नहीं है। पेट्रोलियम कंपनियों ने वर्तमान दौर में आपूर्ति और बढ़ा दी है।
उन्होंने बताया कि एक अप्रैल से होने जा रहे राशन वितरण के लिए 9681.535 मीट्रिक टन खाद्यान्न जारी कर दिया गया है। इसमें 5767.485 मीट्रिक टन गेहूं और 3914.050 मीट्रिक टन चावल है। इसका वितरण निर्धारित व्यवस्था के तहत एक अप्रैल से सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर होगा। इस दौरान राशन कार्ड धारकों को कोरोना वायरस के संदर्भ में दिए गए दिशानिर्देशों का पालन करना होगा। किसी भी दुकान पर भीड़ एकत्रित नहीं होगी। पंजीकृत श्रमिक, डूडा श्रमिक, मनरेगा जॉब कार्ड धारक और अंत्यजोदय कार्ड धारकों को राशन फ्री मिलेगा। बाकी को पूर्व निर्धारित दरों पर राशन मिलेगा। इस वितरण के लिए अब तक जनपद में 88.06 प्रतिशत खाद्यान्न का उठान हो गया है।
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एसएसपी ने लापरवाह चौकी प्रभारी निलंबित किया

किसानों के लिए कृषि मंडी के खुले द्वार

मथुरा। डॉकडाउन के दौरान खाद्यान्न की किल्लत पैदा न हो, इसे देखते हुए जिले की सभी मंडी और उप मंडियों के द्वार किसानों के लिए खोल दिए गए हैं। किसान अपना गेहूं किसी भी मंडी में बेच सकता है। इसके लिए रविवार को हाईवे स्थित कृषि मंडी सहित राया, गोवर्धन और सौंख की उप मंडियों में भी आढ़तियों ने साफ सफाई शुरू कर दी है।
कोरोना वायरस के मद्देनजर लॉकडाउन में बंद मंडियों को एक बार फिर खोलने का निर्णय लिया गया है। इस आदेश के तहत रविवार से ही मंडियों में आढ़तियों की हलचल शुरू हो गई है। रविवार को हाईवे स्थित कृषि मंडी मथुरा में आढ़तियों ने सफाई का काम शुरू कर दिया। मजदूरों को मंडी आने की सूचना दे दी। मंडी सचिव सुनील शर्मा ने बताया कि मथुरा के साथ उप मंडी राया, गोवर्धन, सौंख को भी खोल दिया गया है। अब किसान मंडियों में अपना गेहूं बेच सकता है। उसे किसी प्रकार की परेशानी घर से मंडी तक पहुंचने में नहीं आएगी।
उन्होंने बताया कि फ्लोर मालिकों को भी किसानों से सीधे गेहूं खरीद की अनुमति दी गई है। मंडी सचिव सुनील शर्मा ने बताया कि पहली प्राथमिकता जनपद के लिए खाद्यान्न खरीद की रहेगी। इसके बाद सरप्लस गेहूं आने पर पड़ोसी जिला आगरा और फिरोजाबाद को भेजने की भी योजना है। इन दोनों जिलों में गेहूं उत्पादन कम है। यहां आलू की फसल का उत्पादन मथुरा से ज्यादा होता है। इसलिए इन दोनों जिलों को मथुरा की पूर्ति होने के बाद गेहूं की आपूर्ति की जा सकती है।
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लॉकडाउन तोड़ने वालों को सीसीटीवी कैमरों से पकड़ेगी पुलिस

मथुरा। लॉकडाउन तोड़ने वालों से पुलिस अब और सख्ती से निपटेगी। इसके लिए शहर, दुकानों और प्रमुख स्थलों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से ऐसे बेपरवाह लोगों को चिह्नित करेगी। इसके बाद इन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके गिरफ्तारी भी करेगी।
वैश्विक महामारी कोरोना वायरस को लेकर लॉकडाउन को पांचवां दिन गुजर गया। लॉकडाउन में सड़कों और गलियों में घूमने वाले बेपरवाह लोगों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमे दर्ज करकेे कार्रवाई की है। पर इसके साथ ही अब पुलिस शहर, दुकानों और प्रमुख स्थलों पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद लॉकडाउन तोड़ने वालों को चिह्नित करेगी। इसकी तैयारी भी मथुरा पुलिस ने कर ली है। एसएसपी डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने ऐसे बेपरवाह लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए सख्ती से निपटने के निर्देश जनपद पुलिस को दिए हैं।
सर्विलांस समेत चार टीमों को सौंपी जिम्मेदारी
एसएसपी डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने सर्विलांस समेत चार टीमों को इसके लिए लगाया है। इन टीमों को काम केवल सीसीटीवी फुटेज देखकर लोगों को चिह्नित करके थाना पुलिस को ब्योरा सौंपना होगा। उसके बाद थाना पुलिस ऐसे लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई करेगी।
बयान
सख्ती से कराएंगे लॉकडाउन का पालन
हर हाल में लॉकडाउन का पालन कराना जिम्मेदारी पुलिस की है। सीसीटीवी की मदद से लोगों को चिह्नित किया जाएगा। उसके बाद ऐसे बेपरवाह लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सर्विलांस समेत चार टीमों को लगाया गया है।
-डॉक्टर गौरव ग्रोवर, एसएसपी
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बेटे की डायलेसिस के लिए दर-दर भटक रहा पिता

मथुरा। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस में लॉकडाउन के चलते बेटे की डायलेसिस के लिए पिता दर-दर भटक रहा है, पर कोई भी उसकी मदद को आगे नहीं आ रहा है और न प्रशासन ने अभी तक उसकी मदद की है। महीने में चार बार दिल्ली में होने वाली डायलेसिस के लिए आखिर बेटे की जान बचाने को पिता कैसे जाए। पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
शहर के लालागंज की सैयद वाली गली निवासी मुईन के 10 साल के बेटे आजम अली की दोनों किडनी खराब हैं। करीब एक साल से दिल्ली के चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय में डायलेसिस चल रही है। पिता के अनुसार 20 मार्च को वह दिल्ली में बेटे की डायलेसिस कराकर आए। हर हफ्ते उनके बेटे की डायलेसिस होती है। लॉकडाउन के चलते वाहन न चलने के कारण वह दिल्ली बेटे की डायलेसिस के लिए नहीं जा पा रहे।
पिछले तीन दिन से प्रशासन से भी गुहार लगाई, पर अभी तक कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। उनके बेटे की जान खतरे में बनी हुई है। शहर के दरेसी हास्पिटल, जिला अस्पताल और नयति हॉस्पिटल ने डायलेसिस करने से मना कर दिया। आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह अपने बेटे को खो देंगे। उनकी मदद प्रशासन या फिर कोई सामाजिक संस्था करे, जिससे उनके बेटे की जान बचाई जा सके।
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