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दो दिन में ठीक होगी मसानी नाले की दीवार

अमर उजाला मथुरा Updated Thu, 19 May 2016 11:00 PM IST
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यमुना में गिरते नालों को देख हैरान हुए नोडल अधिकारी
यमुना में गिरते नालों को देख हैरान हुए नोडल अधिकारी - फोटो : अमर उजाला

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यमुना पर अमर उजाला की मुहिम का असर गुरुवार को दिखाई दिया। अमर उजाला में प्रकाशित की जा रही खबरों के बाद यमुना का हाल देखने के लिए प्रशासनिक अमला निकला। अधिकारियों ने शहर के बड़े नालों को यमुना में गिरते देखा। दो दिन में मसानी नाले की दीवार ठीक कराने के आदेश दिए। 
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केंद्रीय जलसंसाधन मंत्री उमा भारती के बयान ‘दिल्ली से अब ब्रजभूमि में नहीं आएगी गंदगी’ के बाद अमर उजाला ब्रज में ही मैली हो रही यमुना को लेकर मुहिम चला रहा है। हमारी कोशिश यमुना को साफ और सुंदर बनाने की है। इस मुहिम को प्रशासन ने भी हाथों हाथ लिया और यमुना कार्य योजना के नोडल अधिकारी एडीएम वित्त रवीन्द्र कुमार गुरुवार को सरकारी अमले के साथ यमुना का हाल देखने जा पहुंचे।


सबसे पहले उन्होंने सदर में सीवेज पंपिंग स्टेशन को देखा। इसका सिर्फ एक पंप चल रहा था। ज्यादातर पानी नाले के माध्यम से सीधे यमुना में गिरते दिखे। अम्बाखार नाला कूड़े से अटा था, इसका 95 प्रतिशत पानी यमुना में गिर रहा था। यमुना कार्य योजना के नवागत नोडल अधिकारी यह सब देखकर दंग रह गए। उन्होंने इसके लिए न केवल ईओ से कड़ी नाराजगी जाहिर की तो ठेकाकर्मी को फटकार लगाई।

इसके बाद उन्होंने यमुनापार स्थित एसटीपी देखे। ये भी सिल्ट से अटे हुए थे। नवीन प्वाइंट खाली पड़ा था, उसमें नालों का पानी ही नहीं पहुंच रहा था। यहां नालों के पानी में रसायन की मौजूदगी पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अफसरों से नाराजगी जताई। इसके बाद नोडल अफसर ने शहर के सबसे बडे़ मसानी नाले को भी सीधे यमुना में गिरते देखा। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए एडीएम ने नाले की दीवार तोड़ने वाले ठेकेदार को जमकर फटकार लगाई।

इस निरीक्षण के दौरान यमुना कार्य योजना के याची गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि नगर पालिका, प्रदूषण बोर्ड ने यमुना में प्रदूषण रोकने के दायित्व का मखौल बना दिया है। 14 जून को गंगा दशहरा के दौरान लाखों भक्तों को मैली यमुना में ही डुबकी लगानी होगी।

चार माह पहले भी था यही हाल
चार माह बाद यमुना कार्य योजना के नोडल अधिकारी ने निरीक्षण किया है। इससे पहले भी तत्कालीन नोडल अधिकारी एडीएम वित्त महेन्द्र कुमार को नाले सीधे यमुना में गिरते देखने को मिले थे। तब केवल डांट-फटकार के किसी भी स्तर से कार्रवाई नहीं की गई। 

यमुना का हाल बहुत बुरा है। एसपीएस और एसटीपी का संचालन जानबूझ कर नहीं किया जा रहा है। नगर पालिका के अधिकारी और ठेकेदार यमुना को प्रदूषित कर रहे हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी
याची, यमुना कार्य योजना

सभी एसपीएस पर क्षमता के अनुरूप पंप नहीं चल रहे थे। एसटीपी में सिल्ट जमा थी। नालों की भी सफाई नहीं मिली। पानी यमुना में गिर रहा था। इन सभी कार्यों को दुरुस्त करने के लिए 10 दिन का समय दिया गया है। मसानी नाले की दीवार दो दिन में ठीक करानी होगी। चार दिन बाद ही दोबारा निरीक्षण करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
रवीन्द्र कुमार,  नोडल अधिकारी
यमुना कार्य योजना

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