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मथुराः पीएफआई फंडिंग मामले की जांच बदली, जमानत के लिए चारों संदिग्धों को नहीं मिले वकील

वृंदावन के श्रीबांकेबिहारी मंदिर के पट बंद होने पर विरोध प्रदर्शन, आंदोलन का एलान

वृंदावन के रंगजी मंदिर के निकट ब्राह्मण समाज के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मंदिर किसी व्यक्ति विशेष का नहीं होता। इसलिए सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए। वैष्णो देवी मंदिर की तर्ज पर व्यवस्थाएं होनी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान रोहित पंडा, कालीचरण गौतम, बाबूलाल शर्मा, चौधरी अर्जुन पंडित, पवन शर्मा, योगेश पांडे, सोनू शर्मा और किसान गरीब मजदूर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष तारा चंद गोस्वामी भी मौजूद रहे।   

धर्म रक्षा संघ की उदासीन पंचायती अखाड़ा में महंत आदित्यानंद की अध्यक्षता में हुई बैठक में मंदिर के सेवाधिकारी और पूर्व अध्यक्ष रजत गोस्वामी ने कहा कि मंदिर की व्यवस्था ऐसे लोगों के हाथों में हैं, जिन्हें भक्तों से मतलब नहीं है। राष्ट्रीय अध्यक्ष सौरभ गौड़ ने कहा कि 48 घंटे में पट नहीं खुले तो मंदिर चबूतरे पर धरना-प्रदर्शन होगा। 


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संगठन के राष्ट्रीय मंत्री बृजकशिोर पचौरी ने कहा कि मंदिर में प्रशासन और प्रबंधन की मनमानी चल रही है। व्यापारी नेता नीरज गौतम ने कहा कि बांकेबिहारी मंदिर बंद होने से अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। महामंडलेश्वर रुद्रदेवानंद ने कहा कि मंदिर के पट पूर्ववत खोले जाएं, अन्यथा आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। 
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तस्वीरें: बांकेबिहारी मंदिर के नहीं हुए दर्शन, श्रद्धालुओं ने देहरी पर टेका मत्था

वृंदावन में बांकेबिहारी की जय-जयकार, भक्तों की लगी कतार, आज दर्शन करेंगे दो हजार

दर्शन के लिए आए भक्त दर्शन के लिए आए भक्त

मथुराः नवजात बच्ची को अस्पताल में छोड़कर चली गई मां, स्टाफ नर्स कर रहीं देखभाल

मथुरा के धौली प्याऊ क्षेत्र की युवती प्रसव पीड़ा के बाद गुरुवार देर शाम एक व्यक्ति के साथ जिला अस्पताल पहुंची थी। महिला का प्रसव देर रात को हुआ। बच्ची को जन्म देने के बाद युवती अस्पताल से कहीं चली गई। ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स ने जब नवजात के रोने की आवाज सुनी और वह वार्ड में पहुंची तो वहां युवती नहीं थी, बच्ची रो रही थी। काफी खोजबीन के बाद भी युवती का कही पता नहीं चल सका। 

इसके बाद स्टाफ ने एसएनसीयू के नोडल डॉक्टर केके माथुर को घटना के बारे में जानकारी दी। नोडल अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बच्ची को एसएनसीयू में भर्ती कराया।


तत्काल पुलिस को जानकारी दी। साथ ही चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की अध्यक्ष को भी मामले के बारे में बताया। चिकित्सक डॉ केके माथुर का कहना है कि बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है। बच्ची की देखभाल अस्पताल में स्टाफ नर्सों द्वारा की जा रही है।
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सात महीने से बंद दानघाटी मंदिर के द्वार, गिरिराजजी के दर्शन को तरसे भक्त, कपाट खोलने की मांग

रावण की पूजा करते सारस्वत समाज के लोग (फाइल फोटो)

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से ठाकुर बांकेबिहारी के दर्शन कराने को मंदिर प्रबंधन नहीं है तैयार

वृंदावन के ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद दर्शन कराने की व्यवस्था से मंदिर प्रबंधन ने हाथ खड़े कर दिया है। प्रबंधन का कहना है कि यह संभव नहीं है। मंदिर प्रबंधन ने सिविल जज जूनियर डिवीजन को पत्र देकर अपना पक्ष रखा है। 

प्रशासन और पुलिस अधिकारी मंदिर प्रबंधन के साथ बैठक कर शीघ्र मंदिर खोलने की व्यवस्था पर मंथन कर रहे हैं, लेकिन मंदिर प्रबंधक का कहना है कि पहले के आयोजनों की तरह कोर्ट, प्रशासन और पुलिस दर्शन की व्यवस्था बनाए। 


17 अक्तूबर से भक्तों के लिए मंदिर के पट खुलने की जानकारी पाकर करीब 20 हजार भक्त आराध्य के दर्शन करने पहुंचे थे। व्यवस्था की गई थी कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद ही एक दिन में 400 लोग दर्शन करेंगे। 
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हिंसा की साजिश का मामला: पीएफआई सदस्य आलम की हुई पेशी, जमानत पर सुनवाई 29 अक्तूबर को

मथुरा की अस्थायी जेल में बंद पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) और सीएफआई (कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया) के सदस्य रामपुर निवासी आलम की जमानत पर सुनवाई के लिए एडीजे दशम के न्यायालय में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी हुई। न्यायालय ने सुनवाई की अगली तिथि 29 अक्तूबर तय की है। उधर, जिला जज की अदालत ने बहराइच निवासी मसूद की जमानत पर सुनवाई की अगली तिथि 28 अक्तूबर निर्धारित की है। 

विदेशी फंडिंग से हिंसा फैलाने की साजिश के आरोप में अस्थायी जेल में बंद पीएफआई/सीएफआई के चार सदस्यों में शामिल रामपुर निवासी आलम की जमानत अर्जी पर सुनवाई गुरुवार को जिला जज की अदालत में होनी थी, लेकिन यह सुनवाई जिला जज ने एडीजे दशम अमर सिंह के न्यायालय में स्थानांतरित कर दी। एडीजे दशम न्यायालय में आलम की वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी हुई। 


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सुनवाई के दौरान अभी तक इस मामले की जांच कर रहे सीओ क्राइम ब्रांच डीएस चौहान ने न्यायालय से समय मांगा। उनका कहना था कि अब यह जांच एसटीएफ को स्थानांतरित हो गई है, इसलिए जांचकर्ता को सात दिन का समय चाहिए। आलम के अधिवक्ता मधुवन दत्त चतुर्वेदी ने बताया कि न्यायालय ने जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए 29 अक्तूबर की तारीख तय कर दी है। 

उधर, बहराइच निवासी मसूद की जमानत अर्जी पर जिला जज की अदालत ने सुनवाई हुई। मसूद के अधिवक्ता मधुवन दत्त चतुर्वेदी ने बताया कि जिला जज ने जमानत अर्जी पर सुनवाई की अगली तिथि 28 अक्तूबर तय की है। डीजीसी क्रिमिनल शिवराम सिंह ने बताया कि जिला जज की अदालत में 28 अक्तूबर को मसूद की जमानत अर्जी पर सुनवाई होगी और एडीजे दशम की कोर्ट में 29 अक्तूबर को आलम की जमानत अर्जी पर सुनवाई होगी।
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