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यूपी: 27.5 लाख मनरेगा मजदूरों के खाते में भेजे गए पैसे, लखनऊ में 9 दिनों से नहीं मिला कोई मरीज

शासन और प्रशासन संक्रमण के चेन को तोड़ने के लिए लगातार कोशिश कर रहा है। लोगों से भी हर वक्त घरों में रहने की अपील की जा रही है।

30 मार्च 2020

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मऊ

सोमवार, 30 मार्च 2020

लॉकडाउन का सख्ती से पालन करने का निर्देश

घोसी। नगर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में लॉक डाउन के दूसरे दिन सुबह नौ बजे सड़के, मोहल्ले सुनसान रहे। उपजिलाधिकारी निरंकार सिंह, तहसीलदार पीसी श्रीवास्तव के नेतृत्व में लाउडस्पीकर से लोगों को जागरूक करने के साथ आवश्यक वस्तुओं की दुकानों के खुलने की जानकारी दिया गया। साथ ही गरीब मुसहर, बासफोरों के प्रत्येक परिवार को पांच किलोग्राम गेहूं, पांच किलोग्राम चावल का नि:शुल्क वितरण किया गया।
उपजिलाधिकारी बोले सब्जी की मंडी पूूर्वाह्न नौ बजे से 11 बजे तक खुलेगी। फुटकर सब्जी बेचने वाले ठेलो ओर मोहल्लों में दिनभर बेच सकते हैं। राशन की दुकानें सुबह10 बजे से शाम 4 बजे तक खुली रहेंगी। मदिरा की दुकानें अगले आदेश तक बंद रहेगी। उपजिलाधिकारी ने सभी दुकानदारों को सख्त निर्देश दिया कि दुकानों पर भीड़ नही होनी चाहिए। इस अवसर पर नायब तहसीलदार, इओ विनीत कुमार, पूर्ति निरीक्षक शरद सिंह, छोटू वर्मा, समाजसेवी आकिब सिद्दीकी, अनिल मिश्रा, विमलेश कुमार आदि रहे।
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जिले में अप्रैल माह में दो लाख से ज्यादा लोगों को मिलेगा नि: शुल्क राशन

मऊ। कोरोना वायरस से बचाव को लेकर लॉकडाउन के बाद हजारों मजदूर, गरीब तबके के लोग घर पर बैठने से परिवार की भरण पोषण की समस्या से जूझ रहे हैं। लेकिन केंद्र सरकार ने देेश के 80 करोड़ गरीबों को राशन देने का निर्णय लिया गया है। इस निर्णय से जिले के 31 हजार श्रमिक, एक लाख 81 हजार से ज्यादा मनरेगा मजदूरों और 50 हजार अंत्योदय कार्डधारकों को अप्रैल माह में नि:शुल्क राशन दिया जाएगा। इसके लिए जिलापूर्ती विभाग द्वारा कवायद भी शुरू कर दी गई है, जिससे अप्रैल माह में इन लोगों के बीच खाद्यान वितरण किया जा सके।
जिले में 56 हजार 994 अंत्योदय कार्डधारक पंजीकृत हैं, जबकि एक लाख 81 हजार 172 और 31 हजार 39 श्रमिक पंजीकृत है। जिला पूर्ती अधिकारी हिमांशु द्धिवेदी ने बताया कि अप्रैल माह में सरकार की मंशा के अनुसार अनाज देने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। अंत्योदय कार्ड धारक, मनरेगा मजदूर, श्रमिक मजूदरों की सूची मंगवाई गई है। जिससे अप्रैल माह में इनको नि:शुल्क खाद्यान वितरण किया जा सके। बताया कि अंत्योदय कार्ड धारक को 35 किलो राशन तथा पात्र गृहस्थी कार्ड के जॉब धारकों को प्रति यूनिट पांच किलो राशन मुहैया कराया जाएगा।
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इमरजेंसी में पहले स्क्रीनिंग, फिर हो रहा इलाज

मऊ। कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकारी अस्पतालों तथा निजी अस्पतालों द्वारा ओपीडी बंद कर दी गई है। ऐसे में बीमार पड़ने पर इलाज के लिए केवल जिला अस्पताल तथा निजी अस्पतालों की इमरजेंसी सेवा है। लेकिन अधिकांश निजी अस्पतालों द्वारा इमरजेंसी में इलाज नहीं किया जा रहा है। दूसरी तरफ जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को इमरजेंसी में आने वाले मरीजों का इलाज से पहले चिकित्सकों द्वारा स्क्रीनिंग की जा रही है, इसके बाद ही इलाज किया जा रहा है। साथ ही उन्हें कोरोना वायरस से बचाव के लिए बारे में जानकारी दी जा रही है।
बृहस्पतिवार को इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉ. एके रंजन द्वारा इमरजेंसी में आने वाले मरीजों का इलाज से पहले थर्मल स्क्रीनिंग करने के बाद उनका इलाज करते रहे। इस दौरान मौजूद अन्य चिकित्सक डॉ. बीबी सिंह, डॉ. राकेश चौधरी, डॉ. एमके पांडेय, डॉ. अनिल कुमार, चीफ फार्मासिस्ट भुवनेश्वर प्रसाद, भानू आदि द्वारा लोगों आने वाले लोगों को कोरोना वायरस के लक्षण तथा उसके बचाव के बारे में जानकारी दी। सीएमएस डॉ. बृजकुमार ने बताया कि कोरोना वायरस को देखते हुए इमरजेंसी में ड्यूूटी कर रहे चिकित्सक के अलावा अस्पताल के सभी चिकित्सक मौजूद रह रहे है।
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जेल से 15 बंदी अंतरिम जमानत पर रिहा

मऊ । सुप्रीम कोर्ट की ओर से एक याचिका में पारित आदेश के अनुपालन में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के पत्र और जिला जज जितेन्द्र कुमार सिन्हा के निर्देश पर रविवार को जिला जेल से विभिन्न मामलों में सात वर्ष से कम की सजा के मामलों में निरुद्ध 17 बंदियों को अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। आदेश के बाद रविवार की सायं जिला जेल से 15 कैदियों को रिहा कर दिया गया। जिसमें दो महिलाएं शामिल है।राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के आदेश और जनपद न्यायाधीश के निर्देश पर प्राधिकरण के सचिव सत्यवीर सिंह ने प्राधिकरण की ओर से नामित रिमांड/ पैनल अधिवक्ता विनोद कुमार सिंह को जिला जज भेजकर जेल में बंद सात वर्ष तक की सजा में निरूद्ध कैदियों की ओर से अंतरिम जमानत के लिए प्रार्थनापत्र दिलवाया। जिस पर एडीजे आसिफ इकबाल रिजवी और न्यायिक मजिस्ट्रेट बलवंत भारती ने रविवार को जनपद कारागार पहुंचकर सभी का अंतरिम जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए 17 कैदियों को आठ सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। इसमें मनीष कुमार, मृत्युंजय और रामनरेश , राम कुमार , सरिता और आरती देवी, रमाकांत यादव , राकेश कुमार , राजेश यादव रविंद्र यादव, देवेंद्र , रामप्रताप, शौकत अली ,सुधीर कुमार वर्मा, वैभव त्रिपाठी, मोहम्मद रजा और शिवकुमार शामिल है। आरोपीगण मारपीट, चोरी और छेडछाड तथा बहला फुसलाकर भगाने का आरोप है। ... और पढ़ें

जमानियां जाने को मऊ पहुंची मुस्लिम महिलाएं

मऊ। शादी की खुशी में शामिल होने गई गाजीपुर जिले के जमनिया निवासी एक परिवार की छह महिला और एक बच्चा कोरोना वायरस के लॉक डाउन में लखनऊ शहर में फंस गया। शनिवार की रात छह महिलाएं बच्चे के साथ साहस का परिचय देते हुए मऊ रोडवेज पर रात को नौ बजे पहुंची। कहा कि अल्लाह का शुक्र है कि वह सही सलामत पहुंच गईं। जमनिया निवासी निगार सुल्ताना पत्नी अमीलुल्लाह हक ने बताया कि लखनऊ में रहने वाले उनके एक रिश्तेदार के यहां शादी थी। सभी 18 मार्च को घर से गई। 21 को शादी थी, 22 को वलीमा था, तभी जनता कर्फ्यू लग गया। इसके बाद लॉक डाउन हो गया। इसके बाद वह तथा उनकी मां महराबी बेगम पत्नी सैय्यद नेहालुद्दीन के साथ परिवार की आफरिन आबदी पत्नी सैय्यद अजीज अख्तर, इकरा सिद्दकी, अलीशबा सिद्दीकी पुत्री अमीलुल्ला हक, फौजिया कैंसर पुत्री स्व. कैसर, ओजैफा नदीम पुत्र सैय्यद नदीम लखनऊ में फंस गए। शनिवार को बस सेवा शुरु होने पर सभी महिलाएं उसे मऊ आई। यहां से उन्हे 55 किमी की दूरी तय कर घर जाना था। परिवार के सदस्य सूचना पर रात में ही पहुंच गए और सभी को लेकर गाजीपुर चले गए। ... और पढ़ें

दूसरा संदिग्ध मिला, आईसोलेशन में भर्ती

मऊ। जिले में कोरोना वायरस का संदिग्ध मरीज शनिवार की शाम जिला अस्पताल के आईसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया। मरीज को सांस लेने में परेशानी होने पर उसे आईसोलेट किया गया है। अस्पताल प्रबंधन ने उसका सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ भेजा है। दो दिन बाद उसकी रिपोर्ट मिलेगी। जिले में कोरोना वायरस का यह दूसरा संदिग्ध है। इससे पहले भी एक संदिग्ध को तीन दिन आईसोलेशन वार्ड में रखा गया था, लेकिन रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उसे घर पर आईसोलेट कर दिया गया। शनिवार की शाम कोपागंज ब्लॉक के इंदारा निवासी 27 वर्षीय युवक को बुखार और सांस लेने में परेशानी की सूचना पर 108 एंबुलेंस से मरीज को जिला अस्पताल लाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसकी हालात को देखते हुए आईसोलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया। बताया जा रहा है कि युवक प्रयागराज से पांच दिन पूर्व ही लौटा था, जहां उसकी तबियत खराब होने पर बीते बृहस्पतिवार को भी रैपिड रिस्पांस की टीम जिला अस्पताल लाई थी। जांच में के दौरान उसमें कोरोना वायरस का कोई लक्षण नहीं मिला था। बल्कि सामान्य फ्लू होने पर जांच कर उसे घर पर ही आईसोलेट करने के लिए छोड़ दिया गया। शनिवार की देर शाम युवक की पुन: तबियत खराब होने तथा सांस लेने में तकलीफ होने पर एंबुलेंस से उसे आईसोलेशन में भर्ती कराया गया। रविवार को अस्पताल प्रबंधन ने मरीज का सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ भेजा। इस बाबत सीएमएस डॉ. बृजकुुमार ने बताया कि मरीज को आईसोलेेशन वार्ड में भर्ती कराया गया। सैंपल जांच के लिए भेजा दिया गया है। मालूम हा कि पहले मधुबन तहसील के एक अधेड़ जो कि दुबई से लौटा था। उसकी तबियत खराब होने पर उसे आईसोलेशन वार्ड में रखा गया था, हालांकि तीन दिन बाद रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उसे डिस्चार्ज करते हुए घर पर आईसोलेट कर दिया गया था। ... और पढ़ें

बस से घर पहुंचे तो हो गए भावुक

मऊ। लॉक डाउन के बाद दिल्ली, लखनऊ आदि जगहों पर फंसे लोगों को उनके गंतव्य स्थान पहुंचाने के लिए शासन ने परिवहन निगम की बसें लगाई हैं। रविवार को बसों से रोडवेज पर जिले के अलावा दूसरे जिले के कई लोग उतरे। जहां उन्होंने लॉक डाउन के बाद फंसे होने की स्थिति बयां की। यहां पहुंचे लोगों ने डबडबाई आंखों से कहा कि उनके सामने इधर कुआं उधर खाई वाली स्थित थी। ऐसे में वह बेबस थे। लेकिन बसों से जो राहत मिली उसे वह बयां नहीं कर सकते। उधर, बस से उतरते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी की स्क्रिनिंग की और उन्हें हिदायत देकर घर रवाना किया। इससे पूर्व परिसर में मिले भोजन से वह भावुक हो गए और खाना खिलाने वालों के प्रति आभार जताना नहीं भूले। मऊ रोडवेज पर रविवार को सुबह लखनऊ से चली बस पहुंची तो यहां उतरने वालों की आंखें बरबस ही भर आईं। अपने जिले में सकुशल पहुंचने पर इनके पास खुशी व्यक्त करने को शब्द नहीं मिल रहे थे। बस एक ही बात उन्हें याद आ रही थी कि वह किसी तरह अपने घर पहुंच गए। अपनों के बीच रहेंगे जो भी मिलेगा खाएंगे नहीं मिलेगा भले ही भूखे रह जाएं। लेकिन अपनो के पास ही रहेंगे। अब जिएं या मरें उन्हें इसकी फिक्र नहीं। घोसी के अमिला निवासी चंदन चौहान ने बताया कि वह मैनपुरी में फोरलेन में काम कर रहा था। 25 मार्च को लॉक डाउन के बाद काम बंद हो गया, उसके बाद आर्थिक समस्या आई और खाने के लाले पड़ गए। यह तो भला हो कि सरकार ने रोडवेज बसों से लोगों को पहुंचाना शुरू कर दिया।वह अपने घर तो पहुंच सका। नमक रोटी मिलेगी, कम से कम घर तो रहूंगा। मरेंगे भी तो घरवालों के बीच। बलिया जिले सदर बाजार निवासी अनिल राज ने बताया कि वह लखनऊ में लेबर का काम करता था। लॉक डाउन के बाद वह भुखमरी के कगार पर पहुंच गया था। रेल और बस नहीं मिलने से घर नहीं पहुंच पा रहा था। घोसी निवासी सुरेंद्र ने बताया कि लॉक डाउन के चलते वह लखनऊ में फंसा था। रुपया नहीं था कि खाना खा सके। इस बीच पता चला कि रोडवेज बस चल रही। ऐसे में वह भी बस से मऊ पहुंचा। महसूस हुआ कि दुबारा जीवनदान मिला। घोसी के कंधरवा निवासी श्यामलाल ने कहा कि वह गाजियाबाद में टाइल्स लगाने का कार्य करता था। लॉक डाउन से वह गाजियाबाद में फंस गया था। लेकिन बस से वह अपने परिवार के पास पहुंच गया। ... और पढ़ें

तमसा नदी में उतराया मिला अधेड़ का शव

शनिवार की देर रात मऊ रोडवेज पर लखनऊ की बस से उतरते यात्री।

कालाबाजारी करने वालों पर लगेगा एनएसए: मंडलायुक्त

मऊ। शनिवार को मंडलायुक्त कनक त्रिपाठी और डीआईजी सुभाषचंद्र दुबे ने संयुक्त रुप से लॉक डाउन का निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्ट्रेट सभागार में दोनों अधिकारियों ने संयुक्त रुप से प्रेसवार्ता कर स्पष्ट किया कि लॉक डाउन में समानों की जमाखोरी कर कालाबाजारी करने वालों के विरुद्घ कड़ी कार्रवाई कर एनएसए लगाया जाएगा। मंडलायुक्त को तब हैरानी हुई जब उन्हे पता चला कि जिला अस्पताल मऊ में कोई बेंटिलेटर है ही नहीं। उन्होंने डीएम को सभी प्राइवेट अस्पतालों में मौजूद वेंटिलेटर को अधिग्रहित करने का आदेश दिया। प्रेसवार्ता से पूर्व मंडलायुक्त कनक त्रिपाठी ने जिले के अधिकारियों से तैयारियों का जायजा लिया, इस दौरान जिल आपूर्ति अधिकारी ने बताया कि शासन के आदेश पर खाद्यान्न का वितरण एक अप्रैल से कराने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इस दौरान पहले सभी को तय यूनिट पर निशुल्क अनाज दिया जाएगा, इसके बाद तय शुल्क पर अनाज उपलब्ध कराया जाएगा। इसीक्रम में सीएमओ ने बताया कि जिला अस्पताल में 28 बेड का आईसोलेशन वार्ड बनाया गया है, लेकिन क्रिटकल के लिए आठ बेड का अलग से वार्ड तैयार किया गया है। इसके अलावा क्वारंटाइन वार्ड बनाने के लिए तीस बेड के सीएचसी परदहां को तैयार कर उसे कोविड हास्पिटल बनाया दिया गया है। इसके अलावा कोपागंज स्थित बापू आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज के साथ सैनिक अस्पताल ताजोपुर को भी क्वारंटाइन के लिए अधिग्रहित किए जाने की बात सीएमओ ने बताई। डीआईजी ने कहाकि लॉक डाउन का अनुपालन न करने वालो के विरुद्घ पुलिस कार्रवाई कर रही है। जिले में किसी भी सामान की कमी नहीं है, कालाबाजारी करने वालों पर एनएसए लगाया जाएगा। उन्होंने जनता से अपील किया कि जहां कही कोई गड़बड़ी हो जनता तत्काल 112 को सूचित करें। बोले यह संक्रमण बहुत ही गंभीर बीमारी है, इसके लिए स्वत: चेतना और संज्ञान आवश्यक है। डीआईजी ने साफ साफ कहा कि इस बीमारी से बचाव के लिए अभी तक कोई अचूक दवा नहीं तैयार की गई है। बोले एसपी मऊ ने आवश्यक वस्तु बैंक का निर्माण किया है, इससे जरूरतमंदों की मदद की जा रही है, जो कोई चाहे इसमें स्वेच्छा से दान कर सकता है। ... और पढ़ें

दिहाड़ी मजदूरों पर भारी पड़ रहा ‘लॉक डाउन’

मऊ। लॉक डाउन उन दिहाड़ी मजदूरों पर भारी पड़ रहा जो घरबार छोड़कर प्रदेश में जीवन यापन कर रहे। इन मजदूरों को रोटी के लाले पड़ने लगे हैं। ऐसे में अब मजदूरों को अपनी टूटी मड़ई याद आने लगी। यह साधन और वाहन विहिन मजदूर पैदल की घर की तरफ रवाना हो रहे। लखनऊ-बलिया के बीच बन रहे पूर्वांचल एक्सप्रेस वे निर्माण में आजमगढ़ जिले में शटरिंग का काम कर रहे बिहार के मुजफ्फरनगर जिले के कविंद्र साहनी, मुकेश कुमार शाह, मनोज साहनी ने बताया कि लॉक डाउन होते ही ठेकेदार अजय मिश्रा साइड से फरार हो गया। ऐसे में उनके सामने भुखमरी की समस्या खड़ी हो गई है। एक दो दिन तो जैसे तैसे बीता, राशन की दुकानें बंद और जेब में रुपया न होने पर तीनों पैदल ही घर के लिए रवाना हो गए। शुक्रवार की भोर में निकले तीनों अपराह्न एक बजे मऊ पहुंचे। रास्ते में उन्हे पुलिस वालों ने खाना खिलाया। इसके बाद तीनों ने पुन: मंजिल तय करनी शुरू की। शुरु किया। कविंद्र साहनी और मुकेश शाह मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज थाने के बैतालपुर गांव का तथा मनोज साहनी पाम गांव के निवासी है। फतेहपुर मंडाव : गोरखपुर में मजदूरी करने वाले पटना और बलिया निवासी दो युवक शुक्रवार को पैदल चलकर मधुबन पहुंचे। इनमें राजेश सिंह पटना का निवासी है, वह गोरखपुर में एक फर्टीलाइजर कंपनी में काम करता है। जबकि दूसरा बलिया निवासी बृजेश तिवारी भी गोरखपुर में एक निजी कंपनी में कर्मचारी था। दोनों ने बताया कि कंपनी बंद होने पर मालिक ने दोनों को घर जाने को कहा। दोनों युवक ने पैदल चलकर 120 किलोमीटर की दूरी 16 घंटे में तय की। ... और पढ़ें

कोरोना: लाकडाउन के बाद जरुरी सामानों की आपूर्ति पर लगा ब्रेक

मऊ। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के चलते सरकार की तरफ से लॉक डाउन करने के बाद जिले में दवा सहित कई आवश्यक सामानों का शार्टेज हो गया है। ट्रांसपोर्ट बंद होने के चलते बाहर से थोक माल आना बंद हो गया है। इसके चलते थोक विक्रेताओं के पास रखा स्टाक खत्म हो गया है। पास जारी होने में तकनीकी पेंच के चलते गैर जिलों से माल न आने के चलते हृदय, शुगर सहित गंभीर रोगों की कई दवाएं मार्केट में मुश्किल से मिल रही हैं। वहीं हरी सब्जियों तथा खाद्य सामग्रियों के भाव में उछाल आने से लोगों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। बाजार में यही हाल रहा तो स्थिति भयावह हो सकती है। सरकार की तरफ से लाक डाउन के बाद दवाओं सहित आवश्यक सामानों की आपूर्ति को पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति करने का फरमान जारी किया गया था। लेकिन लाक डाउन के चलते ट्रांसपोर्ट बंद है। इसके चलते गैर जनपद से आने वाली दवाओं सहित खाद्य सामग्रियों का थोक माल आना बंद हो गया है। इसके चलते हृदय रोगियों, शुगर सहित गंभीर रोगियों की कई दवाएं मुश्किल से मिल रही है। यही नहीं हरी सब्जियों तथा आंटा, मूूंगफली, लाल मिर्च सहित कई खाद्य सामग्रियों का शार्टेज हो गया है। इसके चलते रिटेलर अधिक दाम पर बेच रहे हैं। इससे लोगों की जेब ढीली हो रही है। व्यापारियों की मानें तो ट्रांसपोर्ट बंद होने के चलते गैर जनपदों से माल नहीं आ पा रहा है। माल मंगाने के लिए पास नहीं बन पा रहा है। अधिकारी कमी बताकर बैरंग लौटा दे रहे हैं। इस बाबत मंडी समिति के सचिव सालिक राम का कहना है कि ट्रांसपोर्ट की गाड़ियां फंसी हैं। स्थिति को सामान्य करने के लिए जिला प्रशासन की तरफ से बातचीत की प्रक्रिया चल रही है। कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ... और पढ़ें

सब्जी मंडी में सोशल डिस्टेंसिंग तार-तार

मुहम्मदाबाद गोहना। स्टेट हाइवे पर सब्जी मंडी में शुक्रवार की सुबह साढ़े सात बजे सब्जी लेने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान नहीं रखा। पुलिस के बार बार के अनुरोध को जब लोगों ने अनसुना कर दिया तो पुलिस को सख्ती दिखानी पड़ी। पुलिस ने जब लाठियां भाजीं तब जाकर लोग हटे। इसके बाद तो पुलिस ने एक एक मीटर की दूरी पर लोगों को खड़ा करा कर सब्जियां दिलवाईं। इस दौरान दुकानदारों को चोटें भी आईं। थोक सब्जी मंडी सुबह सात बजे ही खुल गई थी। तय व्यवस्था के अनुसार यहां से छोटे दुकानदारों को सब्जी खरीदकर ले जाना था। सुबह काफी संख्या में खुदरा विक्रेताओं के साथ बहुत से लोग सब्जी लेने के लिए मंडी में उमड़ पड़े। लोग एक दूसरे के शरीर को रगड़ते हुए चल रहे थे। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग तार-तार हो गई। पुलिस की भी बात लोगों ने अनसुनी कर दी। सूचना पर कोतवाल नीरज पाठक सिपाहियों के साथ पहुंचे और लोगों से एक एक मीटर की दूरी बनाकर सब्जियां खरीदने को कहा। लेकिन लोग नहीं माने तब जाकर पुलिस ने सख्ती दिखाई। सख्ती देख लोगों में भगदड़ मच गई। इस दौरान सब्जी विक्रेता नाटे यादव, जुल्फिकार, नूर आलम, सतीश गुप्ता सहित दस सब्जी विक्रेताओं को चोटें आईं। दस मिनट के बाद स्थिति सामान्य हुई। बाद में लोगों ने एक-एक मीटर की दूरी बनाकर सब्जियां लीं। कोतवाल नीरज पाठक ने बताया कि लोग सोशल डिस्टेंस का ध्यान नहीं रख रहे थे, इसलिए थोडी सख्ती करनी पड़ी। ... और पढ़ें
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