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नाम दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे, पर मेरठ का नंबर लास्ट

अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ Updated Mon, 07 Mar 2016 01:45 AM IST
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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे
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परियोजना का नाम है दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे, लेकिन एक्सप्रेस वे को मेरठ से सबसे बाद में जोड़ा जाएगा। डासना के बाद पहले एक्सप्रेस वे को मेरठ तक लाया जाना था, पर अब पहले डासना से हापुड़ तक बनाया जाएगा। पहले चरण के निर्माण के लिए एक निजी कंपनी से करार हो चुका है जबकि  डासना से मेरठ तक कौन मार्ग बनाएगा, इस पर अभी चर्चा तक शुरू नहीं हुई है।
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यह है पूरा प्रोजेक्ट
दिल्ली से मेरठ के बीच एक्सप्रेस वे प्रस्तावित है। इस पर चार चरणों में काम शुरू होने जा रहा है। पहले चरण में दिल्ली स्थित रिंग रोड से यूपी बार्डर यानी लगभग 8.71  किमी हिस्से में काम होगा। दूसरे चरण में यूपी गेट से डासना तक काम होगा यानी 8.71 से आगे 27. 74 किमी तक निर्माण। तीसरे चरण में डासना से हापुड़ 27.74 से 49.34 किमी तक काम होगा। इसके बाद का मेरठ का नंबर आयेगा। विडंबना यह है कि प्रस्ताव मेरठ के नाम से है पर मेरठ केएलाइनमेंट को नया बताया जा रहा है। डासना से मेरठ तक यह एक्सप्रेस वे लगभग 36 किमी का है। शुरू में कहा यह जा रहा था कि यूपी बार्डर से डासना के बाद सीधा डासना से मेरठ तक का निर्माण होगा। लेकिन अब डासना से हापुड़ की तरफ हाईवे पर पहले काम शुरू करने की घोषणा कर दी गई।
दो डेवलपर मिले
समस्या यह है कि अभी इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार को सही ढंग से डेवलपर ही नहीं मिल रहे हैं। पहले चरण के लिए मेसर्स वेलस्पन इंटरप्राइजेज का चयन हो चुका है। समझौता भी हो गया है। इंटरप्राइजेज 841.50 करोड़ रुपये के साथ पहले चरण पर काम करेगी और 15 साल तक इस का परिचालन भी करेगी। निर्माण के दौरान 40 प्रतिशत धनराशि राष्ट्रीय राज्यमार्ग प्राधिकरण देगा, जबकि साठ प्रतिशत राशि यह कंपनी देगी। परिचालन का भी गणित तैयार किया गया है। एनएचएआई इस कंपनी को सेमी एन्युइटी में इस साठ प्रतिशत राशि का ब्याज सहित भुगतान करेगा। इसके परिचालन एवं रखरखाव के लिए 3.95 करोड़ रुपये वार्षिक भी कंपनी को दिए जाएंगे। तीसरे चरण के लिए मेसर्स एपको चेतक जेवी का चयन हो चुका है।

बाकी दो की दरकार
दूसरे चरण के लिए यूपी गेट से डासना तक अभी कोई कंपनी निविदा डालने को ही तैयार नहीं हो रही है। वहीं डासना से मेरठ तक के लिए तो अभी डेवलपर चुनने का काम भी सही तरीके से शुरू नहीं हुआ है।

यहां तो इनर रिंग रोड भी बनेगी
इस परियोजना केपहले चरण को ढाई साल में पूरा करने की बात कही जा रही है। इस हिसाब से तो मेरठ में अभी समय लगेगा। हालांकि यहां इनर रिंग रोड भी बननी है और उसके लिए अभी जमीन का अधिग्रहण भी होना है। दरअसल इसी रोड पर आकर एक्सप्रेस वे को मिलाया जाना है।

ऐसा होगा हाईवे
निजामुद्दीन से लेकर यूपी गेट तक एनएच 24 को 14 लेन किया जाएगा। इसके लिए छह लेन मेरठ की तरफ जाने वालों के लिए सेपरेटर लगाकर अलग कर दिया जाएगा।
यूपी गेट से डासना तक आठ लेन।
डासना से परतापुर बाईपास तक छह लेन।
डासना से हापुड़ छह लेन

देना होगा टोल टैक्स
दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे पर जाने वालों को टोल टैक्स देना होगा। सेपरेटर पर भी आते ही टैक्स चुकाना होगा।
स्थानीय ट्रैफिक बिना टोल के चलेगा।

ये है बजट
शुरू में 57 सौ करोड़ रुपये की परियोजना।
इसमें से भूमि अधिग्रहण के लिए 12 सौ करोड़ और निर्माण केलिए 45 सौ करोड़।
हालांकि अब 7855 करोड़ तक इसकी लागत जाने की बात कही जा रही है।
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