दो साल से नहीं खुला एक भी राजकीय विद्यालय

अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ Updated Thu, 10 Mar 2016 02:55 AM IST
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goverment school - फोटो : अमर उजाला

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राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (रमसा) के तहत दो वर्ष से जिले में एक भी राजकीय विद्यालय नहीं खुला है। वित्तीय वर्ष 2013-14 में एक साथ 16 राजकीय विद्यालय जिले में खोले जाने की घोषणा हुई थी।
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यह हाईस्कूल स्तर के विद्यालय थे। कम संसाधन वाले जिलों में प्रतिवर्ष शासन स्तर से विद्यालय खोले जाने की घोषणा की जा रही है, लेकिन मेरठ की झोली इस मामले में खाली है।
 
वर्तमान में जिले में राजकीय हाईस्कूल और इंटर स्तर के विद्यालयों की संख्या 38 हो गई है। इनमें से 28 विद्यालय रमसा के तहत खोले गए हैं। इसके अतिरिक्त मल्टी सेक्टोरियल डेवलपमेंट प्लान (एमएसडीपी) के चार और पहले से ही छह राजकीय इंटर कॉलेजों का संचालन किया जा रहा है। रसमा के तहत हर वित्तीय वर्ष में जिलों को उनकी जरूरत के अनुसार स्कूलों का आवंटन किया जाता है। इसके लिए रमसा इकाई की ओर से जिला स्तर पर प्रस्ताव दिए जाते हैं।
 
प्रस्ताव डीआईओएस के माध्यम से शासन को भेजा जाता है। इसके बाद ही शासन से हरी झंडी मिलती है, लेकिन दो साल से मेरठ की झोली इस मामले में खाली है। सूत्रों का कहना है कि भेजे गए प्रस्ताव  पुख्ता तरीके से तैयार नहीं होने के कारण ऐसा हो रहा है। हालांकि डीआईओएस और अन्य अधिकारी इस बार परिणाम सकारात्मक आने की बात कर रहे हैं। 
 
पुराने प्रस्ताव ही भेजे 
वर्ष
2014-15 में मेरठ की तरफ से 12 राजकीय हाईस्कूलों का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन एक भी विद्यालय नहीं मिला। वित्तीय वर्ष 2015-16 में मेरठ की ओर से पुराने प्रस्तावों को ही भेज दिया गया है। बिना संशोधन के भेजे गए इस प्रस्ताव के पारित होने की संभावना बेहद कम है। 

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