रालोद प्रमुख चौधरी अजित सिंह की हार का कारण बनी ये बड़ी वजह, कांटे का था मुकाबला

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Updated Wed, 05 Jun 2019 01:29 AM IST
विज्ञापन
रालोद प्रमुख चौधरी अजित सिंह
रालोद प्रमुख चौधरी अजित सिंह - फोटो : गूगल

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
सपा-बसपा और रालोद के महागठबंधन को जिले में जाट वोट पूरी तरह ट्रांसफर नहीं हो पाए। मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट पर रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह मात्र 60 प्रतिशत जाटों के वोट ले पाए। 40 प्रतिशत जाट वोट यहां भाजपा के साथ चला गया। जिले की दो विधानसभा सीट मीरापुर और पुरकाजी में भी जाटों का अधिकतम रुझान भाजपा के साथ रहा। बिजनौर लोकसभा सीट पर 75 प्रतिशत से अधिक जाट मतदाता भाजपा के पक्ष में चला गया। महागठबंधन प्रत्याशी बसपा के मलूक नागर केवल 20 से 25 प्रतिशत जाटों के वोट ले पाए। हालांकि जिले की दोनों विधानसभा सीटों पर नागर को बड़ी जीत मिली।
विज्ञापन

 
बसपा सुप्रीमो मायावती का यह कहना कि रालोद अध्यक्ष अजित सिंह जाट वोट ट्रांसफर नहीं करा पाए किसी हद तक सच है। मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट पर रालोद प्रमुख अजित सिंह खुद चुनाव लड़ रहे थे और उन्हें उम्मीद थी कि मुस्लिम और दलित के साथ उनका अपना वोट बैंक जाट उन्हें एकतरफा मिलेगा। उनकी इस सोच को भाजपा प्रत्याशी रहे डॉ. संजीव बालियान ने गलत साबित कर दिया। मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट पर जाटों के बड़े गांवों सिसौली, काकड़ा, कुटबा-कुटबी, खरड़, रसूलपुर जाटान, सौरम, गोयला आदि में भाजपा जाट समाज के 80 प्रतिशत तक वोट ले गई। हालांकि पूरी लोकसभा के सभी जाट गांवों का आंकड़ा देखा जाए तो रालोद को 60 और बीजेपी को 40 प्रतिशत वोटों का बंटवारा रहा। बिजनौर लोकसभा की मीरापुर और पुरकाजी विधानसभा के जाट वोटर 75 प्रतिशत से अधिक भाजपा के पक्ष में चले गए। मुस्लिम और दलित की तरह जाट वोट ट्रांसफर नहीं हो पाए।
 
मुस्लिम ने गठबंधन को एकतरफा, दलित ने 90 प्रतिशत वोट दिए
मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट के बूथों का आंकड़ा देखे तो मुस्लिमों का वोट एकतरफा गठबंधन के प्रत्याशी रालोद नेता चौधरी अजित सिंह को गया। अकेले सूजडू गांव में रालोद को 11863 वोट मिले और भाजपा को यहां केवल 1315 वोट ही मिले। मुस्लिम गांवों में अमूमन यही स्थिति रही। दलितों में बीजेपी ने जरूर यहां सेंधमारी की है। मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट पर दलित लगभग 10 प्रतिशत भाजपा के पक्ष में गया है। चरथावल विधानसभा के दलितों के कई गांवों में भाजपा को वोट मिला है। इनमें इंद्रगढ, अलावलपुर मजरा आदि शामिल हैं। बिजनौर लोकसभा सीट पर हाथी का निशान होने के कारण दलित का वोट एक तरफा बसपा प्रत्याशी को गया। यहां भाजपा दलित में डिवीजन नहीं कर पाई। 
 
विज्ञापन
आगे पढ़ें

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X
  • Downloads

Follow Us