फीस का ब्योरा देने में स्कूल उदासीन

अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ Updated Sun, 24 Apr 2016 01:57 AM IST
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स्कूल लोगो
स्कूल लोगो - फोटो : अमर उजाला

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शहर के सीबीएसई स्कूल जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की आंखों में धूल झोंक रहे हैं। पिछले वर्ष जिला प्रशासन ने निजी स्कूलों से उनकी आय और व्यय, फीस, शुल्क प्रतिपूर्ति, किताबाें और प्रवेश संख्या का ब्योरा मांगा था। डीआईओएस व जिला प्रशासन के अफसरों ने जल्द सूचना उपलब्ध कराने का आदेश दिया था, लेकिन पांच माह में 150 में से केवल 7 स्कूलों ने ही जानकारी दी है। जिला विद्यालय निरीक्षक श्रवण कुमार यादव ने 22 अप्रैल को फिर से पत्र लिखकर स्कूलों से जानकारी मांगी है।
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इन बिंदुओं पर मांगी थी जानकारी
जिला
प्रशासन की ओर से एडीएम सिटी ने सभी निजी स्कूलों से 5 बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी। अलग-अलग प्रपत्रों पर स्कूल प्रबंधकों को पूरी सूचना देनी थी। इसमें स्कूल फीस का विवरण, बुक्स का विवरण, पिछले पांच सालों में कितनी बार ड्रेस कोड बदला गया इसका विवरण, टीचर्स, स्टाफ व उनके सैलरी की डिटेल के अलावा पिछले पांच सालों में स्कूल में ली गई फीस उसका खर्च व बैलेंस का ब्योरा मांगा था।   
आरटीई का ब्योरा भी दें स्कूल
जिला
विद्यालय निरीक्षक ने जिले में सीबीएसई, आईसीएसई विद्यालयों से इस वर्ष शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत कितने छात्रों को प्रवेश दिया, इसका ब्योरा मांगा है। डीआईओएस ने स्कूलों को तत्काल आरटीई, शुल्क प्रतिपूर्ति के मांग पत्र की लिस्ट, गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले छात्रों की प्रवेश संख्या की जानकारी देने का आदेश दिया है।
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