हत्यारोपी कमल पंवार के परिजनों ने खुलासे पर उठाए सवाल

Meerut Bureauमेरठ ब्यूरो Updated Fri, 30 Oct 2020 12:18 AM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
हत्यारोपी कमल पंवार के परिजनों ने खुलासे पर उठाए सवाल
विज्ञापन

सीमेंट व्यापारी प्रदीप आत्रेय हत्याकांड की जांच सीबीसीआईडी से कराने की मांग
बड़ौत तहसील में परिजनों का ग्रामीणो के साथ पुलिस के खिलाफ हंगामा
आरोप लगाया, पुलिस ने तमंचा और 25 हजार रुपये अपने पास से दिखाए
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। सीमेंट व्यापारी प्रदीप आत्रेय की लूट के बाद हत्या के मामले में पुलिस के खुलासे पर सवाल खड़े होने लगे हैं। जेल भेजे गए शबगा के कमल पंवार के परिजनों और ग्रामीणों ने झूठा फंसाने का आरोप लगाते हुए तहसील में हंगामा किया। भूख हड़ताल की चेतावनी देने के साथ ही ग्रामीणों ने मामले की जांच सीबीसीआईडी से कराने की मांग भी उठाई है।
बिनौली रोड स्थित आत्रेय ट्रेडर्स पर सीमेंट व्यापारी प्रदीप आत्रेय से दो बदमाशों ने 82 हजार रुपये लूट लिए थे। विरोध करने पर बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी। 11 अक्तूबर की देर रात मेरठ में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
बृहस्पतिवार को शबगा गांव के ग्रामीण और कमल के परिजन तहसील पहुंचे और प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि कमल को सीमेंट व्यापारी प्रदीप आत्रेय की हत्या में झूठा फंसाया गया है। पुलिस 16 अक्तूबर को घर पहुंची और कमल को ले गई। इस दौरान उसे घोर यातनाएं दी गईं। पुलिस ने तमंचा और लूट के दिखाए गए 25 हजार रुपये भी अपने पास से लगाए हैं।
इस मौके पर अधिवक्ता वेदपाल पंवार, महिपाल, शिव कुमार, हरनंद सिंह, भोपाल सिंह, सोनू तोमर, भूपेंद्र पंवार और महिपाल ने कहा कि पुलिस की यह कार्यशैली ठीक नहीं है।
------
ग्रामीणों के सवाल
- हर प्रकरण की तरह मीडिया के सामने क्यों नहीं किया वारदात का खुलासा
- अगर कमल पंवार वारदात करता तो क्या पुलिस को घर बैठा मिल जाता
- बंटी कौन है, इस समय कहां है, जिसे कमल का साथी बताया जा रहा है
--------
बंटी को अब तक नहीं पकड़ सकी पुलिस
हत्याकांड का पुलिस ने 24 अक्तूबर को नाटकीय ढंग से खुलासा किया था। पुलिस का कहना था कि उधम सिंह करनावल के रिश्ते के साले शबगा गांव निवासी कमल ने शामली निवासी दोस्त बंटी के साथ लूटपाट का विरोध करने पर दुकान के बाहर प्रदीप आत्रेय की हत्या कर दी थी। इस खुलासे के पांच दिन बाद भी पुलिस न तो बंटी को पकड़ पाई है और न ही उसका आपराधिक रिकॉर्ड ढूंढ सकी है।
खुलासे में कोई गड़बड़ी नहीं
हत्याकांड का खुलासा बिल्कुल सही हुआ है। दूसरे हत्यारोपी बंटी को पकडने के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
- आलोक कुमार, सीओ, बड़ौत
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X