विज्ञापन
विज्ञापन
घर बैठें निशुल्क जन्मकुंडली बनवाने हेतु अभी क्लिक करें !
Kundali

घर बैठें निशुल्क जन्मकुंडली बनवाने हेतु अभी क्लिक करें !

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Digital Edition

अनोखी मिसाल: नवरात्र में माता की भक्ति में लीन जेल के कैदी, मुस्लिम बंदी भी रख रहे उपवास

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में नवरात्र के पावन अवसर पर जेल में बंदी भी मां दुर्गा की भक्ति में लीन हैं। हिंदू बंदियों के साथ मुस्लिम बंदी भी नवरात्र में उपवास रख रहे हैं। ये हिंदू बंदियों के साथ बैरक में शाम को होने वाली आरती में भी शामिल होते हैैं। आजीवन  कारावास की सजा काट रही एक महिला कैदी ने भी सारे उपवास रखे हैं। ये महिला भी कीर्तन में हिस्सा ले रही है। जेल में उपवास रखने वाले बंदियों को फलाहार दिया जा रहा है। 

 जिला कारागार भी नवरात्र में मां दुर्गा के जयकारों से गूंज रहा है। जेल में सुबह शाम माता की पूजा अर्चना होती है। जेल में 1101 बंदी हैं, इनमें 35 महिला शामिल हैं। महिलाओं में नौ मुस्लिम महिला बंदी हैं। नवरात्र में हिंदू बंदी ही नहीं मुस्लिम बंदी भी देवी मां की भक्ति में लीन हैं। 19  मुस्लिम बंदियों ने जेल में नवरात्र का उपवास रखा है। एक मुस्लिम महिला कैदी भी सारे उपवास रखे हैं।
... और पढ़ें

आपत्तिजनक स्थिति में युवक के साथ पकड़ी गई तो बहू ने रची खौफनाक साजिश, प्रेमी संग मिलकर की ससुर की हत्या

बागपत एसपी अभिषेक सिंह ने बुधवार को बसी गांव के बुजुर्ग सुखबीर हत्याकांड का खुलासा कर दिया। एसपी के मुताबिक बुजुर्ग ने अपने बेटे की बहू और गांव के ही युवक को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ लिया था। इन अनैतिक संबंधों की पोल खुल जाने के डर से ही दोनों ने कैंची से वार कर उसकी हत्या कर दी थी। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

एसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि नौ अक्तूबर को बुजुर्ग सुखबीर की हत्या की गई थी। शव गन्ने के खेत में पड़ा मिला था। मृतक के बेटे राजकुमार ने हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। अपर पुलिस अधीक्षक मनीष मिश्रा और सीओ खेकड़ा मंगल सिंह रावत के निर्देशन में जांच हुई।

पुलिस ने बुधवार को आरोपी राजीव पुत्र महेंद्र और मृतक सुखबीर के बेटे की बहू को गिरफ्तार कर लिया। राजीव ने पुलिस को बताया कि वह दर्जी का काम करता है। सुखबीर का बेटा राजस्थान में प्राइवेट नौकरी करता है और उसकी पत्नी गांव में ही रहती है। घर पर आवाजाही के दौरान उसका मेलजोल सुखबीर के बेटे की बहू से हो गया। नौ अक्तूबर को दोनों गन्ने के खेत में मिलने गए थे।

सुखबीर भी उनके पीछे-पीछे खेत में पहुंच गया और दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ लिया। पोल खुल जाने के डर से दोनों ने उसे दबोच लिया और गर्दन व सिर पर कैंची से चार-पांच वार कर उसकी हत्या कर दी। कैंची को खेत में ही छिपाकर रख दिया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। हत्या में प्रयुक्त कैंची भी बरामद कर ली गई है।

झूठा फंसाने का लगाया आरोप
बुजुर्ग सुखबीर की हत्या के आरोप में जेल गई महिला के ससुराल पक्ष के लोगों ने ही एसपी अभिषेक सिंह को प्रार्थना पत्र देकर कहा कि उसे झूठा फंसाया गया। पुलिस को प्रकरण की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/ ... और पढ़ें

पत्नी बेरोजगार पति को देगी गुजारा भत्ता, यूपी के मुजफ्फरनगर में परिवार न्यायालय ने दिए आदेश

हिंदू विवाह अधिनियम में महिलाओं की सुरक्षा प्राथमिकता के आधार पर की गई है, वहीं महिला उत्पीड़न से त्रस्त पति के हितों की भी रक्षा की गई है। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में परिवार न्यायालय ने मंगलवार को ऐसा ही आदेश पारित किया है, जिसमें पेंशन भोगी पत्नी अपने पति को गुजारा भत्ता अदा करेगी।

अधिवक्ता बालेश कुमार तायल के अनुसार खतौली निवासी किशोरीलाल ने वर्ष 1990 में कानपुर निवासी मुन्नी देवी से विवाह किया था। मुन्नी देवी रक्षा अनुसंधान विकास संगठन कानपुर में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में कार्यरत थी। शादी के कुछ वर्षों बाद किशोरीलाल व मुन्नी देवी के बीच मनमुटाव हो गया।

इसके बाद किशोरीलाल खतौली आकर रहने लगा। उसने वर्ष 2013 में भरण पोषण की मांग करते हुए मुन्नी देवी के विरुद्ध परिवार न्यायालय में याचिका दायर की। इसी बीच मुन्नी देवी सेवानिवृत्त हो गई, जिसे लगभग बारह हजार रुपये मासिक पेंशन के रूप में प्राप्त होने लगे।

यह भी पढ़ें: 
अनोखी मिसाल: नवरात्र के दौरान माता की भक्ति में लीन हैं जेल के कैदी, मुस्लिम बंदी भी रख रहे उपवास
... और पढ़ें

निलंबित एसआई इंतसार अली के समर्थन में उतरे जमीयत उलमा के पदाधिकारी, दाढ़ी रखने पर हुई थी ये कार्रवाई

इंतसार अली इंतसार अली

युवती से छेड़छाड़ पर पथराव, फायरिंग से गांव में फैली दहशत, पुलिस ने पड़ितों को थाने से भगाया

मुजफ्फरनगर में खतौली थाना क्षेत्र के गांव आदमपुर मोचड़ी में युवती के साथ छेड़छाड़ कर दी गई। विरोध करने पर आरोपियों ने पथराव कर दिया। आरोप है कि फायरिंग भी की गई। जिससे गांव में दहशत फैल गई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि शिकायत किए जाने पर पुलिस ने थाने से भगा दिया।

गांव आदमपुर मोचड़ी निवासी महिला ने बताया कि उसकी पुत्री घर के बाहर काम कर रही थी, तभी गांव के कुछ युवक आए और छेड़छाड़ करने लगे। उसने परिजनों से इसके बारे में बताया। विरोध करने पर आरोपी युवकों ने पीड़ित परिवार के मकान पर पथराव कर दिया। आरोप है कि फायरिंग भी की गई। वहीं शोर-शराबा होने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की भीड़ देख आरोपी धमकी देते हुए फरार हो गए। 

यह भी पढ़ें: 
निलंबित एसआई इंतसार अली के समर्थन में उतरे जमीयत उलमा के पदाधिकारी, दाढ़ी रखने पर हुई थी ये कार्रवाई

पीड़ितों ने बताया कि जब वे थाने पहुंचे और इसकी शिकायत इंस्पेक्टर से की तो इंस्पेक्टर ने पीड़ित परिवार के लोगों को धमकाते हुए थाने से भगा दिया। पीड़ित लोगों ने पुलिस के आला अधिकारियों से सुरक्षा की गुहार लगाई है।

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें


https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
... और पढ़ें

मेरठः सरकारी बोर्ड पर जातीय विशेष शब्दों को लेकर थाने पर की शिकायत के बाद हटवाया

हस्तिनापुर क्षेत्र के बस्तोरा नारंग निवासी कुछ लोगों ने शुक्रवार को थाने पर पहुंचकर थानाध्यक्ष से शिकायत की कि गांव में लगे सरकारी बोर्ड पर गांव के ही कुछ युवकों ने जातीय विशेष शब्द लिखे हैं जिससे गांव में आक्रोश है जिस पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें हटवाया और ग्राम पंचायत बस्तोरा नारंग लिखवाया।
   
शुक्रवार को क्षेत्र के बस्तोरा नारंग निवासी दर्जनों लोग इंद्रजीत जाटव के निर्देशन में थाने पर पहुंचे जिनमें, जयपाल सिंह, मनोज, देशराज कश्यप पीतम हरीश मनोज कुमार महेंद्र रविंदर आदि शामिल थे जिन्होंने पहुंचकर थाना अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह से गांव में लगे एक सरकारी बोर्ड पर जातीय विशेष शब्दों और महापुरुष के लिखे जाने का विरोध किया और कहा कि यह बोर्ड सरकारी है जिसे प्राइमरी स्कूल में उखाड़ कर गांव में ही गाड़ दिया गया है। 

जिसका दूसरी जाति के लोगों में आक्रोश है मामले की सूचना पर थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह ने बताया कि तुरंत बस्तोरा नारंग गांव में जाकर बोर्ड पर लिखे शब्दों को हटवा दिया गया है और ग्राम पंचायत बस्तोरा नारंग लिखवाने के लिए कह दिया गया है। इस मामले में कोई विवाद ना हो इसलिए शिकायतकर्ता और दूसरे पक्ष के लोगों से सहमति पत्र भी लिखवाया गया है। उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
... और पढ़ें

काले तेल का जिन्न फिर बोतल से बाहर, यूपी के इन जिलों में जमा है माफिया का धंधा

आखिरकार 14 महीने बाद काले तेल के कारोबार का जिन्न एक बार फिर बोतल से बाहर आ गया है। अमर उजाला के खुलासे के बाद मेरठ छोड़कर भाग गए तेल माफिया अब पुलिस की गिरफ्त में आने लगे हैं। पुलिस ने तेल कारोबारी पंकज माहेश्वरी को सुपरटेक पामग्रीन से गिरफ्तार किया था। उसकी आगरा स्थित फर्म से 84 हजार लीटर मिलावटी तेल और केमिकल बरामद हुआ है। इसका मामला सिकंदरा थाने में दर्ज कराया गया था।

पिछले साल 19 अगस्त को काले तेल के कारोबार का खुलासा हुआ था। इसके बाद सितंबर में भी नकली तेल पकड़ा गया। साल्वेंट से नकली पेट्रोल बनाने और केरोसिन मिलाकर डीजल बनाने का धंधा बेरोकटोक चल रहा था। जब इस पूरे खेल का खुलासा अमर उजाला ने किया और पुलिस प्रशासन ने सख्ती से कार्रवाई की तो तेल माफिया ने अपने ठिकाने बदल दिए। मेरठ में मिलावटी तेल बनना लगभग बंद हो चुका है। लेकिन सूत्रों के अनुसार अब मिलावटी तेल बाहर के जनपदों से मेरठ के पेट्रोल पंपों पर फिर से बिकना शुरू हो गया है।

आगरा से पंजाब और हरियाणा तक फैला है जाल
मेरठ में भले ही नकली तेल बनना बंद हो गया हो लेकिन आगरा, सहारनपुर और दादरी में नकली तेल बनाया जा रहा है। यहां से भारी मात्रा में फिर से नकली तेल की सप्लाई शुरू हो गई है। आशंका है कि मेरठ के कई पेट्रोल पंपों पर इसकी आपूर्ति की जा रही है। मेरठ में सख्ती के बाद अन्य माफिया आगरा, फिरोजाबाद, मुजफ्फरनगर, गौतमबुद्धनगर के दादरी और पंजाब से लेकर हरियाणा में अपना काला कारोबार चला रहे हैं।

यह भी पढ़ें: 
बेटियों के नाम से होगी घरों की पहचान, अधिकारियों ने गांवों में शुरू की नई पहल, तस्वीरें
... और पढ़ें

एक्सक्लूसिव: सामने आया करोड़ों का खेल, रजिस्ट्रार कानूनगो की खुली पोल, 2500 बीघा जमीन से जुड़ा है मामला

पंकज माहेश्वरी
मेरठ के मवाना तहसील क्षेत्र में लंबे समय तक तैनात रहने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की मनमानी आम होती जा रही है। हस्तिनापुर थाने में सवा दो साल तक एसओ रहे धर्मेंद्र सिंह के फार्म हाउस के बाद अब तहसील में एक दशक से तैनात रजिस्ट्रार कानूनगो बिजेंद्र कुमार द्वारा भू-माफिया से मिलकर खादर क्षेत्र में 2500 बीघा से ज्यादा जमीन को पहले कब्जा कराने और बाद में दूसरों के नाम पर दाखिल खारिज कराने का मामला सामने आया है। भू-माफिया के साथ मिलकर बंदरबांट की गई। इस जमीन की कीमत करोड़ों रुपये में है। 

बिजेंद्र कुमार के खिलाफ शिकायत है कि उसने भू-माफिया के साथ मिलकर ग्राम गजूपुरा स्थित झील की करीब 2500 बीघा से ज्यादा जमीन का दूसरों के नाम पर दाखिल खारिज करा दिया है। राजस्व अभिलेखों में इस जमीन को जिनके नाम किया गया है, उनमें बड़ी संख्या में दिल्ली के रहने वाले लोग हैं। 

इसके अलावा ऐसे भी मामले हैं, जिनमें जमीन का हस्तांतरण मृतक आश्रित के नाम पर होना था लेकिन उसे दूसरों के नाम पर कर दिया गया। यही नहीं, गंगा नदी की जमीन को भी पहले भू-माफिया के नाम पर बिकवाया गया और बाद में इसका दाखिल खारिज करा दिया गया। नगर पंचायत हस्तिनापुर की पांडवान स्थित जमीन पर भी बड़ा खेल किया गया है। अवैध ढंग से बिक्री और दाखिल खारिज के जरिए सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगाया गया है।

यह भी पढ़ें: 
बेटियों के नाम से होगी घरों की पहचान, अधिकारियों ने गांवों में शुरू की नई पहल, तस्वीरें
... और पढ़ें

विधानसभा चुनाव की तैयारी, प्रत्याशियों से मांगे आवेदन पत्र, समाजवादी पार्टी में हलचल तेज

समाजवादी पार्टी ने 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों की कवायद शुरू कर दी है। चुनाव के लिए 26 जनवरी तक संभावित प्रत्याशियों से आवेदन पत्र मांगे जाने से पार्टी में हलचल बढ़ा दी है। मेरठ में दिग्गजों के साथ युवा कार्यकर्ता भी आवेदन की तैयारी में जुट गए हैं। विधानसभा चुनाव के साथ ही सपा की नजर आने वाले पंचायत चुनावों पर भी है।

सपा 2017 विधानसभा चुनाव में मेरठ जिले में सात में से शहर की एक विधानसभा सीट पर ही जीती थी। मेरठ दक्षिण और मेरठ कैंट सीट गठबंधन में कांग्रेस के पास थी, जबकि अन्य चार सीटों पर उसे हार का सामना करना पड़ा था। शहर से विधायक रफीक अंसारी एकमात्र जीते थे। इसलिए उनकी दावेदारी इस बार भी मजबूत है। इस बार सपा का रालोद से गठबंधन है, ऐसे में इस बार भी इनमें से दो सीटें रालोद के खाते में जाने की उम्मीद है।

पुराने दिग्गज, जो अपनी किस्मत आजमाने की कोशिश करेंगे, उनमें हस्तिनापुर सीट से दो बार जीत चुके प्रभुदयाल वाल्मीकि, तीन बार किठौर से जीते पूर्व कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर और सिवालखास से विधायक रह चुके गुलाम मोहम्मद प्रमुख हैं।
 
सरधना से अतुल प्रधान पिछला चुनाव हार गए थे लेकिन अखिलेश यादव के करीबी होने के कारण फिर से टिकट के लिए दावेदारी करेंगे। नए चेहरों में रिहानउद्दीन, गौरव प्रधान, प्रशांत गौतम, विपिन मनोठिया, निजाम चेयरमैन, मुनकाद अली, आदिल चौधरी, परविंदर ईशु, संजीव गुप्ता, महेश चावला, प्रदीप गुर्जर और संजय यादव भी दावेदार माने जा रहे हैं।

यह भी पढ़ें: 
बेटियों के नाम से होगी घरों की पहचान, अधिकारियों ने गांवों में शुरू की नई पहल, तस्वीरें
... और पढ़ें

जेल से बाहर आया कुख्यात सुशील मूंछ, पश्चिमी यूपी में बढ़ा गैंगवार का अंदेशा, पुलिस अलर्ट

कुख्यात सुशील मूंछ के जेल से बाहर आने से पश्चिमी यूपी में फिर से गैंगवार होने का अंदेशा बढ़ गया है। इसके मद्देनजर पुलिस अलर्ट हो गई है। एडीजी जोन ने सभी जनपदों के कप्तानों को निर्देश दिए हैं कि सभी बदमाशों पर निगरानी रखी जाए। 

पुलिस के अनुसार मूंछ की गतिविधियों की निगरानी की जिम्मेदारी मुजफ्फरनगर पुलिस को दी गई है। मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत, शामली और बुलंदशहर समेत कई जनपदों में बदमाशों के बीच वर्चस्व को लेकर तनातनी पहले से ही है। पुलिस के अनुसार सुशील मूंछ की लखनऊ जेल में बंद कुख्यात संजीव जीवा से गैंगवार चल रहा है। 

इसको लेकर मेरठ के शातिर भूपेंद्र बाफर ने पुलिस कस्टडी से रोहित सांडू को छुड़वाकर मूंछ को मारने की योजना बनाई थी। इसके चलते मुजफ्फरनगर पुलिस ने भूपेंद्र बाफर को जेल भेज दिया और मुठभेड़ में रोहित सांडू और उसके तीन साथी मार गिराए थे। 

मेरठ के परतापुर थाना क्षेत्र के सोहरका गांव में मां बेटे की 24 जनवरी, 2018 दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या हुई थी। मामले में साजिश में मूंछ का नाम सामने आया था। बाद में उसने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। अब मूंछ के जेल से छूटने के बाद पश्चिमी यूपी के जिलों में गैंगवार का अंदेशा है। सूत्र बता रहे कि जेल से छूटने के बाद सुशील मूंछ अपने लोगों से मिला और फिर कहीं चला गया। 

यह भी पढ़ें: 
बेटियों के नाम से होगी घरों की पहचान, अधिकारियों ने गांवों में शुरू की नई पहल, तस्वीरें
... और पढ़ें

यूपी: पुलिस के निशाने पर ये 52 कबाड़ी, तैयार हो रही सूची, जल्द होगी बड़ी कार्रवाई

लूट और चोरी के दोपहिया और चार पहिया वाहन सोतीगंज में काटने वाले 52 शातिर कबाड़ी पुलिस के निशाने पर हैं। यह कबाड़ी सोतीगंज, जली कोठी, पूर्वा फैयाज अली और लालकुर्ती में रहते हैं। सभी कबाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पुलिस सूची बना रही है। इनके खिलाफ 20-20 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। 

सोतीगंज पर पूरी तरह से शिकंजा कसना आसान नहीं है। चोरी और लूट के वाहन खरीदने व काटने वालों के ठिकाने सोतीगंज के अलावा हस्तिनापुर, परीक्षितगढ़ और मवाना समेत कई थानाक्षेत्रों में हैं। सोतीगंज में 118 सीसीटीवी कैमरे लगाकर निगरानी कराने का पुलिस का दावा भी फेल साबित हो गया। हर कबाड़ी की दुकान पर रजिस्टर में एंट्री की प्लानिंग भी ध्वस्त हो गई। अब पुलिस सोतीगंज से जुड़े शातिर कबाड़ियों की सूची बना रही है, जिनके खिलाफ वाहन चोरी और काटने के मुकदमे दर्ज हैं। 

पुलिस की जांच में हाजी गल्ला, राहुल काला, मन्नू कबाड़ी, राहुल चक्की, गद्दू, जावेद समेत 52 लोगों के नाम सामने आए हैं। इनके खिलाफ मेरठ के अलावा दूसरे राज्यों में भी मुकदमे दर्ज हैं। इन शातिर कबाड़ियों ने सोतीगंज को छोड़कर वाहन काटने के लिए दूसरी जगहों पर ठिकाने बना लिए हैं। लेकिन सामान सोतीगंज में ही बिक रहा है। 

पुलिस ने एक एक कबाड़ी के बारे में जानकारी जुटानी शुरू कर दी है कि आखिर इनके यहां आता कौन है। इनके खिलाफ कार्रवाई करने में कौन अड़ंगा लगा रहा है। सीसीटीवी कैमरे कैसे बंद हुए, इसकी भी जांच चल रही है। भाजपा सांसद राजेंद्र अग्रवाल की चिट्ठी के बाद पुलिस दोबारा एक्शन मोड में दिख रही है। पुलिस अधिकारी दावा कर रहे हैं कि सोतीगंज पर कड़ी कार्रवाई होगी। इसे लेकर प्लान बन रहा है।

यह भी पढ़ें: 
बेटियों के नाम से होगी घरों की पहचान, अधिकारियों ने गांवों में शुरू की नई पहल, तस्वीरें
... और पढ़ें
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X