मुरादाबादः लॉकडाउन में शराब की होम डिलीवरी के नाम पर ऑनलाइन ठगी शुरू

अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Updated Fri, 24 Apr 2020 02:09 AM IST
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लॉक डाउन में शराब की दुकानें बंद हुईं तो साइबर ठगों ने इसे भी ठगी का जरिया बना लिया। फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर कई लोगों को शराब की होम डिलीवरी के मैसेज पोस्ट किए। इसके जरिये शराब के शौकीनों से ठगी शुरू कर दी। मुरादाबाद के साथ अन्य जनपदों के भी कई लोग इनके शिकार हो चुके हैं। पुलिस कार्रवाई के डर और घर परिवार व समाज में बदनामी के डर में किसी ने शिकायत नहीं की है। साइबर ठगों ने युवाओं, व्यापारी, शिक्षक और दूसरे कामधंधों से ताल्लुक रखने वाले लोगों को निशाना बनाया है।
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शासन के आदेश पर लॉक डाउन को सफल बनाने के लिए रेस्टोरेंट, होटल, सिनेमा हाल और मॉल के साथ ही शराब की दुकानें और बार भी बंद रखे गए हैं। ताकि लोग घरों से बाहर कम निकलें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो सके। लोगों को सब्जी, दूध और दवाइयां समेत अन्य जरूरी सामान तो आसानी से उपलब्ध हो पा रहा है। लेकिन शराब के शौकीनों पर लॉकडाउन भारी है।
उनकी इसी कमजोरी का लाभ उठाकर साइबर ठगों ने इन्हें ठगना शुरू कर दिया। सोशल मीडिया फेसबुक पर कई फर्जी आईडी बनाई गई हैं। जिस पर शराब की बोतलों के फोटो और मोबाइल नंबर भी शेयर किए गए हैं। लोग इन नंबरों पर कॉल कर अपना ऑर्डर बुक करा देते हैं। ग्राहक की लोकेशन बताने के बाद चौबीस घंटे में डिलीवरी करने का झांसा देते हैं। इसके बाद साइबर ठग उन्हें पेटीएम या फोन पे पर रकम ट्रांसफर कराकर ठगी कर रहे हैं। साइबर ठगों के इस गिरोह में कई लोग काम रहे हैं।
रात में खुलती हैं शराब की दुकानें
मुरादाबाद। सिविल लाइंस में रहने वाला एक व्यापारी भी इसका शिकार हुआ है। उसने बताया कि उसने एक सप्ताह पहले फेसबुक पर दिए नंबर पर कॉल की थी। उसने जब सवाल किया किए लॉक डाउन में तो सब कुछ बंद है। साइबर ठग ने उसे जवाब दिया कि पुलिस को साथ लेकर रात में दुकान का शटर खोला जाता है। इसके बाद शराब की बोतलें निकालकर एक जगह इकट्ठा कर ली जाती हैं। इसके बाद ग्राहकों के पते पर भेजी जाती हैं।

होम डिलीवरी के नाम पर दोगुनी रकम ली, लेकिन कुछ नहीं मिला
कांशीराम नगर निवासी शिक्षक ने बताया कि उसने फोन पर कॉल कर अपना ऑर्डर बुक कर दिया था। उसने शराब की दो बोतलें बुक की थीं। जिसके बदलने में उससे बोतल की दोगुनी रकम ट्रांसफर कराई गई। उसने जब पूछताछ की लॉक डाउन में आप शराब कैसे लेकर आएंगे तो कहा इसकी जिम्मेदारी हमारी है। चौबीस घंटे के बाद शिक्षक ने कॉल की तो उसका नंबर ही नहीं उठाया।

पुलिस कर्मी भी हो गया शिकार
खुशहालपुर में रहने वाला पुलिस कर्मी भी ठगा शिकार हो गया। सिपाही ने बताया कि उसकी ड्यूटी अन्य जनपद में है। कुछ रिश्तेदार उससे शराब की मांग कर रहे थे। वह कोई व्यवस्था नहीं कर पाया तो उसने होम डिलीवरी के लिए ऑर्डर बुक करा दिया था। लेकिन उसके पास अभी तक शराब नहीं पहुंची है।

आबकारी विभाग की ओर से शराब की होम डिलीवरी के लिए कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। ऐसे लोगों की जानकारी आबकारी विभाग व पुलिस को दें जो होम डिलीवरी के नाम पर ठगी कर रहे हैं।
-कुलदीप मिश्रा, जिला आबकारी अधिकारी

साइबर ठगों के झांसे में न आएं। उनके बताएं एकाउंट नंबर व पेटीएम पर रकम ट्रांसफर न करें। आबकारी विभाग की ओर से इस तरह का एक प्रार्थना पत्र भेजा गया कि कुछ लोग होम डिलीवरी के नाम ठगी कर रहे हैं। इस हमारी टीम कार्य कर रही है।
-सतेंद्र कुमार, प्रभारी साइबर सेल
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