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अब झांसी से फरार हुआ कोरोना संदिग्ध, मेरठ में दो जमाती मिले कोरोना पॉजिटिव

कोरोना वायरस का कहर देशभर में लगातार बढ़ता ही जा रहा है। वहीं, यूपी भी इसकी चपेट में आने वाले लोगों की संख्या में लगातार इजाफा होता जा रहा है।

7 अप्रैल 2020

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मुरादाबाद

मंगलवार, 7 अप्रैल 2020

क्वारंटीन जमातियों पर पुलिस का पहरा, स्टाफ नर्सां की ड्यूटी हटी

मुरादाबाद। नर्मदा हॉस्टल और जिला अस्पताल में क्वांरटीन जमाती भी मनमानी कर रहे हैं। 20 जमातियों को हास्टल और जिला अस्पताल में क्वारंटीन किया है। इनमें मलेशिया के आठ जमातियों ने स्टाफ को पूरा परेशान किया है। जिला अस्पताल से एक जमाती ने फरार होने के प्रयास और हास्टल से भागने की फिराक में बार-बार बाहर आने ने की घटना के बाद पुलिस का पहरा बढ़ा दिया है। क्वारंटीन वार्डो में महिला नर्सों के हटाकर पुरुषों की ड्यूटी लगा दी है। हैदराबादी बिरयानी की मांग करने वाले जमातियों ने भूख लगने पर रोटी-सब्जी और दाल चावल खाया।
निजामुद्दीन मरकज से लौटने वाले जमातियों की देशभर में धरपकड़ के बाद क्वारंटीन किया गया है। मुरादाबाद में भी बुधवार को 68 जमातियों को पुलिस ने दबोचा और पुलिस के नर्मदा हास्टिल में क्वारंटीन किया। स्क्रीनिंग के बाद 48 जमातियों को छोड़ दिया। 20 जमातियों में कोरोना संदिग्ध मानते हुए सैंपल लिया गया। एक जमाती में बुखार, खांसी के लक्षण होने पर उसे जिला अस्पताल और बाकी जमातियों को नर्मदा हास्टल में क्वारंटीन किया गया। जमातियों में आठ मलेशिया के हैं। उनको हिंदी और अंग्रेजी समझ नहीं आ रही है। न ही हिंदी या अंग्रेजी बोल पा रहे हैं। जमाती शोर मचा रहे हैं। हास्टल के जमाती भागने की फिराक में क्वारंटीन कक्ष से बाहर निकल रहे हैं।
जमातियों के लिए रोटी, सब्जी, पूड़ी, दाल और चावल परोसी गई। मलेशिया के जमातियों ने खाने को ठुकरा दिया। कहा बिरयानी दो। हालांकि बाद में भूख लगी और रोटी और सब्जी दाल मिली तो जमकर खाई। जिला अस्पताल के क्वारंटीन से मलेशिया के एक जमाती ने भागने की कोशिश की। हालांकि, अस्पताल परिसर में ही उसे दबोच लिया। हास्टिल में दो डाक्टर, एक लैब टेक्नीशियन समेत पांच लोगों का स्टाफ है। इनकी हरकतों के बाद पुलिस पहरा बढ़ा दिया है। स्टाफ नर्सों की जगह पुरुषों की ड्यूटी लगाई गई है।
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नर्मदा हॉस्टल में क्वारंटीन जमातियों की संख्या बढ़कर 25

मुरादाबाद। निजामुद्दीन जलसे के जमातियों की खोजबीन अभी जारी है। शनिवार को पांच नए जमातियों को नर्मदा हास्टल में क्वारंटीन किया गया। इनमें चार कोरोना संदिग्ध होने पर उनके सैंपल जांच के लिए भेजे गए। हास्टल में क्वारंटीन जमातियों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है। 20 जमातियों की सैंपल रिपोर्ट देर रात तक नहीं आ सकी है।
देशभर में जमातियों के कोरोना पाजिटिव मामले बढ़ने से हड़कंप मचा है। जमात में शामिल होकर लौटे लोगों की पुलिस तलाश में जुटी है। बुधवार को पुलिस ने ताबड़तोड़ छापामारी कर मुरादाबाद के अलग-अलग इलाकों से विदेशी लोगों के साथ कुल 68 जमातियों को दबोचा था। सभी को पुलिस के नर्मदा गेस्ट हाउस में क्वारंटीन किया गया। सभी की स्क्रीनिंग की गई। जमात से लौटने का एक महीने से अधिक समय होने पर 48 जमातियों को छोड़ दिया। 20 को हास्टल में ही क्वारंटीन कर सैंपल अलीगढ़ जांच के लिए भेजे गए। जांच रिपोर्ट अभी नहीं आ सकी है।
शनिवार को भी पांच नए जमातियों को नर्मदा हास्टल में क्वारंटीन किया गया। नोडल अधिकारी डा. डीके प्रेमी ने बताया कि इनमें चार जमातियों का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया है। उन्होंने बताया कि जमातियों के संपर्क में आए लोगों की स्क्रीनिंग करने के साथ अन्य जमातियों की खोजबीन अभी जारी है।
सीएमओ डा. एमसी ने बताया कि जमातियों की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। इसके बाद आगे की कार्यवाही होगी। पाजिटिव आने पर आइसोलेशनल में शिफ्ट किए जाएंगे। निगेटिव आने पर डिस्चार्ज कर निगरानी में रखा जाएगा।
8863 बाहरी लोगों का सत्यापन
मुरादाबाद। स्वास्थ्य विभाग विदेश यात्रा से लौटने वालों के अलावा बाहरी जिलों और राज्यों से आए लोगों के सत्यापन के साथ थर्मल स्क्रीनिंग कर रहा है। बाहरी जिलों और राज्यों से आए आए 8863 लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। इनमें 883 लोगों को 28 दिन की निगरानी में रखा गया है।
विदेश से लौटने वालों की संख्या बढ़कर 1281 पहुंची
मुरादाबाद। जनपद में विदेश यात्रा से लौटे लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिले में अब तक 1281 लोग विदेश यात्राओं से लौटे हैं। प्रशासन की सख्ती के बाद कई कंट्रोल रूम और ई-मेल के माध्यम से विदेश से लौटने की सेल्फ रिपोर्टिंग कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक शनिवार तक 1133 लोगों का सत्यापन पूरा कर लिया है। 488 की निगरानी पूरी हो चुकी है और 645 की निगरानी की जा रही है।
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मुरादाबाद का मदरसा छात्र बनारस में निकला कोरोना पाजिटिव

मुरादाबाद। मंडी चौक स्थित एक मदरसे के छात्र की कोरोना पाजिटिव रिपोर्ट आने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है। मदरसा बंद होने से छात्र अभी बनारस में है। वह 12 मार्च को मुरादाबाद से जमातियों की बस में सवार होकर बनारस पहुंचा था। कोरोना पाजिटिव रिपोर्ट आने के बाद मुरादाबाद स्वास्थ्य विभाग ने दो मदरसा एवं आसपास सैनिटाइज्ड कर 271 लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की है। मदरसे के दो छात्रों को भर्ती कर सैंपल भी लिए हैं।
बनारस निवासी एक छात्र मुरादाबाद मंडी चौक स्थित शाही मदरसा में पढ़ता है। कोरोना की दहशत के बाद स्कूल कालेज और मदरसे बंद हैं। छात्र 12 मार्च को जमातियों की बस में उनके साथ बैठकर बनारस चला गया। बस देवबंद से चली थी। बनारस पहुंचने पर छात्र की तबीयत खराब होने लगी। कोरोना के लक्षण आने पर उसकी ट्रैवल हिस्ट्री चेक की गई। इसके बाद ही छात्र को कोरोना संक्रमण फैलने की वजह स्पष्ट हुई है।
शनिवार को बनारस प्रशासन ने मुरादाबाद प्रशासन ने अलर्ट जारी किया। इसके बाद स्वास्थ विभाग और नगर निगम की टीमें मदरसा पहुंची। मदरसे में 87 बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। इनमें दो छात्रों को जिला अस्पताल में भर्ती कर सैंपल लिए गए। छात्र का लालबाग स्थित मदरसे में भी आनाजाना था। स्वास्थ्य विभाग ने लालबाग से भी 184 लोगों के सैंपल लिए हैं। इनमें कई छात्र हैं। सीएमओ डा. एमसी गर्ग के मुताबिक छात्र के संपर्क में रहे लोगों का सत्यापन कार्य अभी जारी है। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह के मुताबिक इस बाबत वाराणसी प्रशासन से संपर्क हो चुका है और उसके दोस्तों की यहां स्क्रीनिंग करते हुए सक्रियता बरती जा रही है।
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संभल : रहस्यमयी बिमारी से 19 बंदरों की मौत, जांच के लिए बरेली भेजा गया शव 

प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

अमरोहा में मिले तब्लीगी जमात से लौटे दो भाई, आइसोलेशन वार्ड में भर्ती

निजामुद्दीन तब्लीगी जमात में शामिल अधिकांश जमातियों में कोरोना वायरस के लक्षण मिलने के बाद से देशभर में खलबली मच गई है। इसी बीच जमात में शामिल होकर आए दो युवकों के अमरोहा में होने की खबर मिलते ही पुलिस और स्वास्थ्य महकमा सकते में आ गया। 

आनन-फानन में दोनों सगे भाइयों को यहां से श्री वेंक्टेश्वर यूनिवर्सिटी में भर्ती कराया गया है। उनकी स्क्रीनिंग कर रिपोर्ट प्रयोगशाला को भेजी जाएगी। सोमवार को पुलिस को सूचना मिली की चौपला पुलिस चौकी क्षेत्र के लक्ष्मी नगर मोहल्ला में रहने वाले दो सगे भाइयों के मोबाइल की लोकेशन पिछले दिनों दिल्ली में हुई तब्लीगी जमात के दौरान उसी इलाके के आस-पास ट्रेस की गई थी।

इसके बाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम उक्त भाइयों के घर पहुंची। मोहल्ले में अचानक ही पुलिस और एंबुलेंस को देख लोग हैरत में पड़ गए। वहीं दोनों युवकों ने बताया कि वे 21 मार्च को गजरौला आ गए थे। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वे दिल्ली में हुई तब्लीगी जमात में किसी परिचित से मिलने गए थे और कुछ देर वहां रुके भी थे। 

दोनों भाइयों को तत्काल वहां से श्री वेंक्टेश्वर यूनिवर्सिटी भिजवाया गया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. योगेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों युवकों को आए हुए काफी समय हो गया है। फिलहाल उनमें कोरोना वायरस के कोई लक्षण नहीं मिले। फिर भी उन्हें आइसोलेशन वार्ड में रखा जाएगा।
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मुरादाबादः लॉकडाउन में साफ होने लगा रामगंगा का पानी, बदलने लगी फसलों की रंगत

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए किए गए लॉकडाउन से जहां जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं पर्यावरण के लिए यह सकारात्मक परिणाम लेकर आया है। वायु गुणवत्ता सुधरने के बाद अब रामगंगा नदी पर भी इसका अच्छा प्रभाव देखने को मिल रहा है। एक बड़े नाले की तरह सिमटती जा रही नदी अब वापस अपने स्वरूप में आने लगी है। नदी के किनारे रहने वाले लोगों का कहना है कि सुबह के समय नदी का पानी एकदम स्वच्छ हो जाता है। पर्यावरणविद् का कहना है कि पानी देखने से 50 फीसदी सुधार का अनुमान है।

शहर में रामगंगा नदी में लगभग 20 नालों का सीवेज गिरता है। इसके अलावा शहर में करीब तीन सौ पीतल की भट्ठियां संचालित की जा रही हैं। इससे निकलने वाला प्रदूषित पानी सीधे रामगंगा में गिरता है। इसकी वजह से रामगंगा के पानी में रासायनिक पदार्थ भी पहुंच रहे थे। लॉकडाउन होने से शहर की सभी औद्योगिक इकाईयां बंद हैं। इसकी वजह से रामगंगा का पानी साफ होने लगा है।

क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी अब लॉकडाउन हटते ही नदियों के पानी की गुणवत्ता की जांच शुरू करेंगे। नैम्प (नेशनल एयर मॉनीटरिंग प्रोजेक्ट) की समन्वयक डॉ. अनामिका त्रिपाठी का कहना है कि पीतल और अन्य धातुओं की धुलाई का काम बंद हो गया है। घरों का कचरा सीमित है, इसकी वजह से पानी में गंदगी नहीं पहुंच रही है।

अगवानपुर की तरफ डॉल्फिन देखी गई थी। यदि इस तरह स्वच्छ पानी रहा तो यहां पर भी डॉल्फिन दिखने की संभावनाएं हैं। पानी को देखकर लग रहा है कि 50 फीसदी सुधार आया है। बाकी बीओडी (बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड), सीओडी (कैमिकल ऑक्सिजन डिमांड), डीओ (डिजोल्व ऑक्सीजन) का स्तर परखने के बाद ही पता चलेगा। जितना बीओडी अधिक होता है, पानी उतना गंदा होता है, जबकि डीओ अधिक होने पर पानी साफ होता है। अन्य कई रसायनों को भी परखा जाता है।

फसलों पर दिखने लगा असर
किसानों का कहना है कि नदी किनारे उगने वाली सब्जियों की सिंचाईं रामगंगा नदी के पानी से की जाती है। पहले सब्जियों की फसल झुलस जाती थी, लेकिन अब दस-12 दिन में ही फसलों की रंगत बदलने लगी है। टमाटर, तोरई आदि पहले से अधिक चमकदार होने के साथ स्वादिष्ट लगने लगी हैं।
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तीन महीने की फीस मांगने पर होगी कार्रवाई

मुरादाबाद। लॉकडाउन के चलते स्कूल-कालेज बंद हैं। लेकिन कई स्कूल प्रबंधन अभिभावकों को मैसेज कर अप्रैल-मई और जून की एडवांस में तिमाही फीस जमा करने का दबाव बना रहे हैं। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एडवांस फीस मांगे जाने पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि अभिभावकों की लिखित शिकायत मिलने पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने कहा कि 22 मार्च से 14 अप्रैल तक लॉकडाउन है। सभी शैक्षिक संस्थान बंद हैं। लॉकडाउन से छात्रों के अभिभवावकों का कारोबार और रोजगार प्रभावित हुआ है। लेकिन कई स्कूलों की ओर से अभिभावकों से अप्रैल से जून तक की फीस जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। अभिभावक फीस देने में असमर्थ हैं। जिलाधिकारी ने आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 23 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए शैक्षिक संस्थानों के एडवांस शुल्क जमा करने पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि आनलाइन पढ़ाई से किसी भी छात्र को वंचित न रखा जाए। यदि किसी स्कूल ने फीस जमा नहीं होने की स्थिति में छात्रों का नाम काटा या आनलाइन पढ़ाई से वंचित रखने की शिकायत मिली तो स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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घर नहीं जाएंगे, क्वारंटीन में रहेंगे ड्यूटी में लगे डॉक्टर और स्टाफ

अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। कोरोना संक्रमित और आशंकित लोगों का इलाज करने वाले डाक्टरों और स्टाफ कर्मियों को 28 दिन तक क्वारंटीन में रखा जाएगा। 28 दिन डाक्टर और स्टाफ अपने परिवार के किसी भी व्यक्ति से नहीं मिल पाएंगे। 14 दिन का एक्टिव क्वारंटीन और 14 दिन का पैसिव क्वारंटीन होगा। वर्तमान में ड्यूटी करने वाले एक डाक्टर समेत 13 कर्मियों को अस्पताल परिसर में एक्टिव क्वारंटीन किया गया है। जबकि इससे पूर्व ड्यूटी कर चुके चार चिकित्सक समेत 20 लोग होटल में पैसिव क्वारंटीन में हैं।
आइसोलशन और क्वारंटीन वार्ड में 14 दिन के रोस्टर से डाक्टर और स्टाफ ड्यूटी करेगा। ड्यूटी के बाद चिकित्सक और स्टाफ अपने घर नहीं जा पाएंगे। 14 दिनों तक अस्पताल परिसर में ही रखा जाएगा। चिकित्सक शेर सिंह कक्कड़ समेत 13 कर्मचारियों को एक्टिव क्वारंटीन किया गया है। इनमें डाक्टर को ट्रामा सेंटर, नर्सों को एनआरसी और अन्य स्टाफ को बाल रोग वार्ड के एक कक्ष में क्वारंटीन किया है। सभी लोग ड्यूटी करने के बाद एक्टिव क्वारंटीन में चले जाते हैं। 14 दिन बाद ड्यूटी रोस्टर बदलते ही सभी 13 कर्मियों को कंपनी बाग स्थित होटल में पैसिव क्वारंटीन किया जाएगा।
कोरोना संक्रमित और आशंकित लोगों का इलाज करने वाले चिकित्सकों और स्टाफ के रहने और खाने का सभी खर्च सरकार वहन करेगी। शासन की गाइडलाइन के आधार पर प्रशासन ने चार होटल अधिग्रहीत किए हैं। इनमें अभी एक होटल में ही 20 लोग पैसिव क्वारंटीन हैं। - डा. एमसी गर्ग, सीएमओ
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नर्मदा हॉस्टल खाली, 29 जमाती एमआईटी में शिफ्ट

मुरादाबाद। पुलिस का नर्मदा हॉस्टल सोमवार शाम खाली हो गया। हॉस्टल के सभी जमातियों को एमआइटी कैंपस में बनाए गए क्वारंटीन में शिफ्ट कर दिया है। सैंपल वाले जमातियों और मदरसा के दोनों छात्रों को भी एमआईटी में क्वारंटीन कर दिया है। एमआईटी में कुल 29 लोग क्वांरटीन किए गए हैं। जबकि मदरसा के छात्रों की सैंपल रिपोर्ट अभी नहीं आई है।
25 जमातियों के सैंपल लेकर उनको नर्मदा हास्टल में क्वारंटीन किया था। जमातियों की रविवार को सैंपल रिपोर्ट निगेटिव आ गई है। स्वास्थ्य विभाग ने जमातियों को सोमवार देर शाम नर्मदा हास्टल से एमआईटी में शिफ्ट कर दिया है। जिला प्रशासन ने एमआईटी परिसर में कई कमरों को क्वारंटीन वार्ड बनाने के लिए अधिग्रहीत किया ह्रै। नोडल अधिकारी डा. डीके प्रेमी ने बताया कि नर्मदा हास्टल के 25 जमाती एमआईटी में बनाए क्ववारंटीन में शिफ्ट कर दिए हैं। फिलहाल वहीं उनकी निगरानी की जाएगी। वहीं मंडी चौक स्थित मदरसा में पढ़ने वाले दोनों छात्रों को भी सोमवार को एमआई में क्वारंटीन कर दिया है। दोनों छात्र बनारस में कोरोना पाजिटिव मदरसा छात्र के संपर्क में आए थे। बनारस का कोरोना पाजिटिव भी मंडी चौक स्थित मदरसे का छात्र है। 12 मार्च को जमातियों की बस में सवार होकर वह बनारस गया था। क्वारंटीन दोनों छात्रों की सैंपल रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। एमआईटी में कुल 29 लोगों को क्वारंटीन किया गया है।
ईदगाह समेत 10 जगहों पर सैनिटाइजेशन
मुरादाबाद। जिला मलेरिया अधिकारी डा. ब्रह्म सिंह के नेतृत्व में भूड़ा चौराहा स्थित ईदगाह समेत 10 संवेदनशील इलाकों में सोमवार को सैनिटाइजेशन और फागिंग कराई गई। इसमें एडी हेल्थ डा. सत्य सिंह, डा. संजय यादव, डा. दीपक वर्मा, डा. जीएस मर्तोलिया समेत कई लोग मौजूद रहे।
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साथियों संग जा स्कार्पियो में सवार था सांसद का बेटा, चालान

मुरादाबाद। मुरादाबाद के सांसद एसटी हसन का बेटे दानियाल हसन को अपने साथियों संग स्कार्पियो में सवार होकर निकलना महंगा पड़ गया। प्रकाश नगर चौराहे पर एएसपी दीपक भूकर ने गाड़ी रोक ली और चालान कर दिया। सांसद पुत्र ने दावा किया कि वह जरूरतमंदों को भोजन बांटने जा रहा है। जद्दोजहद हुई पर पुलिस ने एक नहीं सुनी। सांसद ने इसके पुलिस का दुर्व्यवहार बताते हुए उच्चस्तरीय शिकायत करने की बात कही है।
सोमवार शाम लगभग छह बजे प्रकाश नगर चौराहे पर एएसपी दीपक भूकर मयफोर्स चेकिंग कर रहे थे। लॉकडाउन में बाहर निकलने वालों को पकड़ा जा रहा था और ताबड़तोड़ चालान काटे जा रहे थे। इतने में एक स्कार्पियो आई जिस पर सांसद लिखा था। इसमें सांसद एसटी हसन के पुत्र दानियाल हसन अपने चार साथियों के सवार थे। दानियाल ने मेरठ में एमबीबीएस की पढ़ाई हाल ही में पूरी की है। एएसपी ने इस गाड़ी को रोक लिया। सांसद पुत्र ने कहा कि वह सांसद पुत्र हैं और जरूरतमंदों को भोजन देने जा रहे हैं जिस पर एएसपी ने कहा कि यह पूरी तरह से गलत है। एक गाड़ी में पांच लोग सवार होकर नहीं जा सकते हैं। नोकझोंक हुई। दानियाल ने कहा कि यह ठीक नहीं हो रहा है। रौब गालिब भी किया। बावजूद इसके एएसपी ने एक नहीं सुनी और गाड़ी का चालान काट दिया गया।
मैं गृहमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष से शिकायत करूंगा : सांसद
इस बाबत सांसद एसटी हसन का कहना है कि यह पुलिस का दुर्व्यवहार है। बताने के बावजूद एएसपी दीपक भूकर ने दुर्व्यवहार किया जबकि उनके पुत्र तथा सभी साथियों ने पास भी दिखाए। क्या पुलिस चाहती है कि वह भोजन न बांटे। बकौन एसटी हसन, ‘गाड़ी पर सांसद लिखा था। उनका बेटा डाक्टर है और उसने बताया भी पर एएसपी नहीं माने। मैने इस बाबत एसएसपी अमित पाठक से भी बात की है। यह ठीक नहीं है। यदि इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया तो मैं इसी शिकायत गृहमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष से करूंगा। ’
मैने तो नियमानुसार कार्रवाई की : एएसपी
गाड़ी में ज्यादा लोग सवार थे। यह सही नहीं था। मैने कहा भी कि एक तो सांसद की गाड़ी में सांसद ही जा सकते हैं या फिर वह जिसके नाम पास हो। एक पास पर इतने लोग नहीं जा सकते थे। नियमानुसार ही कार्रवाई की गई है।
चालान तो बनता ही था: एसएसपी
यह बात साफ कर दी गई थी कि कोई भी जन प्रतिनिधि या अन्य व्यक्ति अपने निवास के आसपास के अलावा कहीं भी भोजन नहीं बांटेगा। यदि नियमों का पालन नहीं होगा तो कैसा लॉकडाउन। इस मामले में भी सांसद पुत्र अपने घर से दूर भोजन बांटने की बात कह रहे थे। निजी गाड़ी में भोजन वितरण की तो वैसे भी इजाजत नहीं है। उस पर भी एक गाड़ी में पांच पांच लोग तो कतई नहीं जा सकते। इस गाड़ी पर तो एक्शन होना ही था। यदि ऐसा नहीं करेंगे तो लॉकडाउन के मायने ही नहीं रह जाएंगे। उचित कार्रवाई की गई है- अमित पाठक एसएसपी
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डाक्टरों और चिकित्सा स्टाफ के लिए मांगे पांच हजार पीपी किट

मुरादाबाद। आइसोलेशन और क्वारंटीन वार्डों में कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज करने वाले चिकित्सकों और स्टाफ के लिए मुरादाबाद में 1600 पर्सनल प्रोटेक्शन (पीपी) किट उपलब्ध हैं। एहतियातन पांच हजार किटों की अग्रिम मांग भी भेजी गई है। इस समय जिला अस्पताल में 400 और कोविड-1 अस्पताल में 1200 किट उपलब्ध हैं।
देशभर में कोरोना पाजिटिव मरीजों का इलाज करने वाले कई चिकित्सकों और स्टाफ कर्मियों के संक्रमित होने की खबरें लगातार आ रही हैं। मुरादाबाद में भी आइसोलेशन वार्ड में ड्यूटी करने वाली एक स्टाफ नर्स का पिछले सप्ताह सैंपल लिया गया था। हालांकि, नर्स की सैंपल रिपोर्ट निगेटिव आई। चिकित्सकों और स्टाफ कर्मियों की सुरक्षा के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पर्सनल प्रोजेक्शन किट की अनिवार्यता की है। देशभर में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ पीपी किट की मांग भी बढ़ गई है।
मुरादाबाद जिला अस्पताल में संक्रमित और आशंकित लोगों का इलाज हो रहा है। 10 बेड का आशंकित लोगों के लिए क्वारंटीन वार्ड और 10 बेड का संक्रमित लोगों के लिए आइसोलेशन वार्ड बनाया है। दोनों ही वार्डों के स्टाफ के लिए पीपी किट पहनना अनिवार्य है। जिला अस्पताल में 400 पीपी किट उपलब्ध हैं। दो हजार किट की अग्रिम मांग भेजी गई है। कोविड-1 अस्पताल के लिए 1200 पीपी किट रिजर्व में हैं। एहतियातन तीन हजार किट की मांग की गई है। टीएमयू समेत अन्य निजी अस्पतालों में भी कोरोना आशंकित लोगों का उपचार हो रहा है। अस्पतालों नें अपने संसाधानों से पीपी किट खरीदी हैं।
पर्सनल प्रोटेक्शन (पीपी) किट में सामग्री
सर्जिकल कैप, ग्लव्ज, चश्मा, एन-95 मास्क, शूज कवर और ओवर ऑल बाड़ी शूट।
इनको मुहैया कराई जाती है पीपी किट
चिकित्सकों के अलावा पीपी किट नर्स, वार्ड ब्वाय, सैंपल लेने वाले लैट टेक्नीशियन, सफाई कर्मी, फार्मासिस्ट को उपलब्ध कराई जा रही है। वार्ड में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक है। यदि विभागीय कोई अधिकारी वार्ड तक जाता है तो उसे भी पीपी किट मुहैया कराई जाती है। पीपी किट सिंगल यूज है। एक बार पहने जाने के बाद डिस्पोज की जाती है। वार्ड के स्टाफ के अलावा कोरोना संक्रमित और आशंकित मरीजों को एंबुलेंस से अस्पताल लाने वाले एंबुलेंस चालक और टेक्नीशियन को भी पीपी किट मुहैया कराई जा रही है।
- जिले में पीपी किट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। आइसोलेशन और क्वारंटीन वार्ड की ड्यूटी करने वाले चिकित्सकों के अलावा हर कर्मचारी को किट उपलब्ध कराई जा रही है।
- डा. एमसी गर्ग, सीएमओ।
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मुरादाबाद में बेटी ने अदा किया बेटे का फर्ज, पिता को दी मुखाग्नि 

कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच भी महिलाएं अपने फर्ज को बखूबी निभाते हुए उस काम को भी अंजाम देने से पीछे नहीं हट रहीं जिसे खास तौर पर परिवार के बेटे अदा करते हैं। संकट की इस घड़ी में ऐसा ही एक फर्ज बुद्धि विहार सेक्टर 4-ए निवासी मानसी ने अपने पिता महेशचंद्र गुप्ता की चिता को मुखाग्नि देकर निभाया।

महेश चंद्र गुप्ता चार साल पहले सेवानिवृत्त हुए थे। उनके कोई पुत्र नहीं था। दो पुत्रियों में बड़ी पुत्री प्रिया का विवाह दिल्ली निवासी युवक से हुआ है। उनकी पत्नी शशि गुप्ता की गत 25 जनवरी को मौत हो गई थी। छोटी बेटी मानसी शहर के हिंदू कॉलेज से बी-कॉम कर रही है। 

वह पढ़ाई के साथ-साथ उनकी देखभाल भी करती रही। मानसी ने बताया कि मां के निधन के बाद उनके पिता भी अस्वस्थ रहने लगे थे जिसके चलते शनिवार रात करीब दस बजे उनका निधन हो गया। सूचना पाकर उनकी बहन व बहनोई किसी तरह पहुंच पाए। 

लॉक डाउन के कारण अधिक रिश्तेदार नहीं आ सके। चंद रिश्तेदारों के साथ लोकोशेड पुल के पास स्थित मोक्षधाम में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। बेटा न होने के कारण मानसी ने ही बेटे का फर्ज अदा करते हुए उनकी चिता को मुखाग्नि दे यह संदेश देने का भी काम किया कि बेटियां किसी बेटे से कम नहीं होतीं।
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मुरादाबादः कोरोना को मात देने वाली मारीशा ने कहा, भागो मत, इससे लड़ो और जीतो

मुरादाबाद जिले की पहली कोरोना पाजिटिव मारीशा ने आखिरकार कोरोना को मात दे दी। मारीशा की रविवार को दूसरी सैंपल रिपोर्ट निगेटिव आ गई है। मारीशा ने कहा कि जीने की दृढ़ इच्छाशक्ति से किसी भी बीमारी से लड़ा जा सकता है। उसने भी जानवेला कोरोना से हिम्मत नहीं हारी। कोरोना को भूलाकर किताबों और इंटरनेट से दोस्ती कर ली। कोरोना को दिमाग में हावी नहीं होने दिया। अस्पताल के स्टाफ और उसकी मां ऋचा शुक्ला ने उसका हौसला बढ़ाया। अस्पताल के स्टाफ ने पूरा स्नेह दिया और घर की कमी महसूस नहीं होने दी। कहा कि भागे नहीं। संदेह है तो जांच कराएं और फाइट करें।

19 साल की मारीशा शुक्ला फ्रांस में अगस्त 2019 से पढ़ाई कर रही है। मारीशा मूंढापांडे में रहती है और प्रदेश के मंत्री चेतन चौहान की रिश्तेदार हैं। 15 मार्च को फ्रांस से वह भारत लौटी और 17 मार्च को मूंढापांडे पहुंचने पर बुखार और खांसी की शिकायत हुई। फारेन ट्रैवल हिस्ट्री होने के कारण चिकित्सकों ने उसका सैंपल जांच के लिए भेजा और रिपोर्ट पाजिटिव आ गई। मारीशा जिले की पहली कोरोना पाजिटिव थी। भर्ती होने के बाद 29 मार्च को उसका पहला सैंपल भेजा गया। 31 मार्च को सैंपल रिपोर्ट पाजिटिव आ गई। तीन अप्रैल को दूसरा सैंपल भेजा गया और रविवार को रिपोर्ट निगेटिव आ गई।

रिपोर्ट निगेटिव आने पर मारीशा की मां ऋचा शुक्ला और मामा अनुज चौहान ने फोन कर बधाई दी। नोडल अधिकारी डा. डीके प्रेमी और जिला अस्पताल के स्टाफ ने भी मारीशा को शुभकामनाएं दी। मारीशा ने फोन पर बताया कि उसने हिम्मत नहीं हारी। शुरुआत में अस्पताल के एकांत कमरे ने परेशान जरूर किया। मां की याद आती थी। चिकित्सक और स्टाफ के कर्मियों के आने से हौसला बढ़ता था। लेकिन वो भी हमेशा साथ नहीं रह सकते थे। खुद को यहीं व्यस्त किया तो अस्पताल में 17 दिन कैसे गुजर गए पता ही नहीं चला। 

उसने बताया कि जीने की दृढ़ इच्छा और परिवार के हौसले से किसी भी बीमारी से लड़ा जा सकता है। कोरोना से भी उसने ऐसे ही लड़ा और जीत हासिल की। मारीशा ने अस्पताल के चिकित्सकों और स्टाफ का आभार जताया। कहा कि स्टाफ में बहुत अच्छा व्यवहार किया।  मारीशा ने कहा कि वह भले ही एक बंद कमरे में थी, लेकिन उसने खुद को दुनियाभर की घटनाओं से अपडेट रखा। खासकर, कोरोना पर उसकी पूरी नजर रही। मारीशा ने कहा कि कोरोना जानलेवा है। जिनमें इसके लक्षण हैं उन्हें सामने आना चाहिए। इससे भागने की जरूरत नहीं है।

परिवार के साथ गांव में जश्न
मारीशा के ठीक होने पर उसका परिवार और अस्पताल स्टाफ ही नहीं बल्कि पूरा गांव खुश है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रात नौ बजे दीपक जलाने के आह्वान पर ग्रामीणों ने मारीशा के ठीक होने पर दीपक जलाकर खुशी इजहार की।
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