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Coronavirus in UP Live Updates: 27 लाख मनरेगा मजदूरों के खाते में भेजे गए 611 करोड़ रुपये

शासन और प्रशासन संक्रमण के चेन को तोड़ने के लिए लगातार कोशिश कर रहा है। लोगों से भी हर वक्त घरों में रहने की अपील की जा रही है।

30 मार्च 2020

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पीलीभीत

सोमवार, 30 मार्च 2020

ओवररेटिंग की शिकायत पर पहुंची पुलिस टीम पर हमला, इंस्पेक्टर समेत तीन घायल

पीलीभीत। लॉकडाउन में निर्धारित समय के बाद भी केशोपुर गांव में शुक्रवार रात को नौ बजे दुकान खोलकर ओवररेट सामान बेच रहे एक दुकानदार ने शिकायत पर आई बरखेड़ा थाने की पुलिस टीम पर हमला कर दिया। परिवार वालों के साथ मिलकर किए गए इस हमले में थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। बाद में भागते समय छत से गिरकर दुकानदार भी घायल हो गया।
बरखेड़ा इंस्पेक्टर उमेश सिंह सोलंकी शुक्रवार रात करीब आठ बजे क्षेत्र में घूम रहे थे। केशोपुर गांव पहुंचने पर कुछ लोगों ने उन्हें बताया कि गांव का सुनील गंगवार रात में भी किराने की अपनी दुकान खोलकर सैनिटाइजर, मास्क समेत अन्य खाद्य पदार्थों की अधिक दाम पर बेच रहा है। इस शिकायत पर इंस्पेक्टर वहां पहुंचे और ओवररेटिंग की जांच करते हुए दुकान बंद करने को कहा। इस पर दुकानदार सुनील ने अपने परिवार वाले और आसपास के कुछ लोगों के साथ मिलकर हमला कर लाठी-डंडे से पीटना शुरू कर दिया। पुलिस कर्मियों के मुताबिक उनके गले भी दबाने की कोशिश की गई। हमले में इंस्पेक्टर उमेश सिंह सोलंकी, दरोगा रामगोपाल आर्य और सिपाही अंकित कुमार घायल हुए। वायरलेस पर हमले की खबर मिलने पर अतिरिक्त फोर्स पहुंचा। इसके बाद हमलावर भाग गए। दुकानदार सुनील पुलिस से बचने को छत से कूदा तो वह भी गिरकर घायल हो गया। घायलों को जिला अस्पताल भेजा गया, जहां से इंस्पेक्टर सोलंकी और दुकानदार को बरेली के मेडिकल भेज दिया गया। इस बीच एएसपी रोहित मिश्र पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे और जानकारी जुटाई। दरोगा की ओर से नौ नामजद समेत 29 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। एसपी अभिषेक दीक्षित ने कहा कि इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नौ हुए नामजद और 13 धाराएं लगाई
दरोगा रामगोपाल आर्य की तरफ से सुनील कुमार गंगवार, हरेंद्र कुमार, मुनेंद्र कुमार, प्रभुदयाल, सुरेंद्र, ज्वालाप्रसाद, मिढ़ईलाल, कपलेंद्र उर्फ कपिल, जयप्रकाश और 20 अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसमें बलवे की धारा 147 व 149, सरकारी कार्य में बाधा संबंधी 332, 333, 353, गाली-गलौज की 504, जानलेवा हमले की 307, नियमों की अवहेलना करने संबंधी धारा 269, 270, क्वारंटीन के नियम को तोड़ने की धारा 271, महामारी अधिनियम की धारा 3 व 4 और एसीएसटी एक्ट की धारा लगाई गई है।
लॉकडाउन का उल्लंघन कर खोली गई किराना दुकान में ओवररेटिंग की शिकायत पर पुलिस गई थी। तभी दुकानदार ने साथियों संग हमला कर दिया। घायल पुलिसकर्मी अस्पताल भर्ती कराए गए हैं। एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है, सख्त कार्रवाई होगी। - अभिषेक दीक्षित, एसपी
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घरों पर पढ़ी जुमे की नमाज, इस बार मस्जिदों में नहीं जुटी भीड़

पीलीभीत। धार्मिक स्थलों पर भीड़ न जुटने देने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन की ओर से किए गए प्रयास जुमे की नमाज के दिन आखिर कामयाब दिखे। यह समझाने का ही असर था कि मस्जिदों में इस बार जुमे की नमाज सिर्फ इमामों ने अदा की, जबकि बाकी नमाजियों ने घरों पर ही नमाज पढ़ ली। इस बीच डीएम-एसपी समेत कई अधिकारी राउंड लेकर हालात पर नजर रखते रहे।
कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 दिन का लॉकडाउन किया है। इस दौरान लोगों से घरों में रहने की अपील की गई है। पिछले शुक्रवार के साथ ही लॉकडाउन होने के बाद भी हर दिन शहर की कुछ मस्जिदों में नमाज पढ़ने के लिए भीड़ पहुंच रही थी। इसको देखते हुए जुमे की नमाज पर पुलिस प्रशासन का खास फोकस था। कई दिनों से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी इमामों और मुस्लिम धर्मगुरुओं से संपर्क साध रहे थे। कोरोना वायरस को देखते हुए मस्जिदों में भीड़ न जुटाने की अपील की गई थी। इस पर इमामों की ओर से भी आश्वस्त किया गया था। शहर काजी मौलाना जरताब रजा खां ने भी एक दिन पूर्व मुस्लिम समाज के लोगों से घरों पर नमाज पढ़ने की अपील की थी।
इसका असर शुक्रवार के दिन देखने को मिला। सुबह से ही मस्जिदों से एनाउंसमेंट कर लोगों से घरों में नमाज पढ़ने की अपील की जाती रही। इसका नमाजियों ने भी पालन किया। जामा मस्जिद समेत अन्य सभी मस्जिदों में केवल इमामों ने नमाज अदा की। बाकी नमाजी अपने घर पर ही नमाज अदा करते रहे। शहर से सटे जंगरौली गांव की एक मस्जिद में इसको लेकर कुछ असमंजस की स्थिति बनी। इंस्पेक्टर अतर सिंह ने मुस्लिम समाज के कुछ वरिष्ठ लोगों का सहयोग लेकर मामला सुलझा लिया। बाद में सिर्फ तीन लोगों ने ही मस्जिद में नमाज की। डीएम वैभव श्रीवास्तव, एसपी अभिषेक दीक्षित, सीओ सिटी प्रवीण मलिक, कोतवाल श्रीकांत द्विवेदी दोपहर में शाही जामा मस्जिद पहुंचे। नमाज होने तक बाहर रहकर हालात पर नजर रखी। उधर, एडीएम अतुल सिंह, एएसपी रोहित मिश्र ने शहर की अन्य मस्जिदों को लेकर भ्रमण किया। सभी जगह सकुशल नमाज अदा कराई गई। ग्रामीण इलाकों में भी पुलिस-प्रशासनिक टीमें नमाज को लेकर निगाह रखती रहीं। मस्जिद के इमामों से संपर्क कर एनाउंसमेंट कराया जाता रहा। अधिकांश मस्जिदों में सुबह से मेनगेट पर ताला लगा रहा।
जुमे की नमाज को लेकर भीड़ मस्जिदों में न जुटने की अपील की गई थी। इसमें नमाजियों ने भी पूरा सहयोग किया है। कोरोना वायरस को लेकर सभी से अपील है कि खुद भी सुरक्षित रहें और दूसरों को भी जागरूक करते रहें। - अभिषेक दीक्षित, एसपी
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संक्रमित महिला के संपर्क में आये चार लोंगो के सैंपल जांच को भेजे

पीलीभीत। अमरिया की महिला के कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद उनसे मिलने वाले चार रिश्तेदारों के ब्लड सैंपल लेकर लखनऊ भेजे गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इन सभी को घरों में ही क्वारंटीन किया है। इसके साथ इन सभी को घर बाहर न निकलने की हिदायत दी गई है। वहीं आइसोलेशन वार्ड में भर्ती संक्रमित मां- बेटे की हालत में सुधार है।
सऊदी अरब से 37 लोगों का जत्था अमरिया में 20 मार्च को लौटा था। जत्थे में शामिल सभी सदस्य बिना जांच कराए घरों में चले गए थे। स्वास्थ्य विभाग ने इसकी जानकारी मिलने के बाद 35 लोगों की स्क्रीनिंग कर क्वारंटीन वार्ड में ठहरा दिया था। इसमें जांच के दौरान एक महिला और उसके बेटे में कोरोना वायरस का संक्रमण पाया गया। संक्रमित मां- बेटे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती हैं। इधर स्वास्थ्य विभाग की टीम जत्थे में शामिल लोगों के संपर्क में आने वालों को तलाश कर रही है। इसी बीच टीम को शहर के मोहल्ला भूरे खां और शेर मोहम्मद में रहने वाले चार रिश्तेदारों के महिला के संपर्क में आने की जानकारी लगी थी। इसके बाद स्वास्थ्य टीम ने उनके घर जाकर जांच पड़ताल की। जांच पड़ताल के बाद चारों लोगों का ब्लड सैंपल लेकर परीक्षण के लिए लखनऊ भेजा है। अधिकारी अब जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।
इधर जिला अस्पताल के डॉ. रमाकांत सागर ने बताया कि आइसोलेशन वार्ड में भर्ती मां- बेटे की हालत में सुधार देखा जा रहा है। सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल ने बताया कि रविवार को दोनों का सैंपल फिर से जांच को भेजा जाएगा।
नेपाल से आए बुजुर्ग में मिले कोरोना के लक्षण
पूरनपुर। विदेशों और अन्य प्रदेशों से आए 180 लोगों की स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने जांच की। जांच में नेपाल से चार दिन पहले घर लौटे गांव गजरौला खास निवासी एक बुजुर्ग में कोरोना के लक्षण पाए गए। इसके बाद बुजुर्ग को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराने के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया।
प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सीपी सिंह ने बताया कि विदेश और अन्य प्रदेशों से क्षेत्र में आए लोगों की जांच के दौरान गांव गजरौला निवासी एक बुजुर्ग में कोरोना के लक्षण पाए गए। बुजुर्ग चार दिन पहले नेपाल से अपने गांव गजरौला खास आए थे। संवाद
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बरेली में कोरोना संक्रमित मां-बेटे समेत 35 के खिलाफ एफआईआर

कोरोना संक्रमित अमरिया की महिला समेत 35 लोगों पर सीएमओ की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई है। जत्थे के रूप में उमरा को गए इन लोगों को सऊदी अरब से लौटाए जाने के बाद मुंबई हवाई अड्डे पहुंचने पर स्क्रीनिंग के बाद हाथ पर मुहर लगाई गई थी, जिसे उन्होंने मिटा दिया और अमरिया में आकर अपने-अपने घर पहुंच गए थे। जबकि उन्हें यहां आकर मुहर दिखाते हुए फिर से स्क्रीनिंग करानी थी, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग स्थिति देखकर भर्ती भी कर सकता था।

रविवार को डीएम के आदेश पर सीएमओ ने तहरीर दी। जिस पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 279, 270, 271 और एपीडेमिक डिसीज एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर ली। अमरिया क्षेत्र के 35 यात्रियों का यह जत्था सऊदी अरब से 20 मार्च को लौटा था। स्वास्थ्य विभाग की स्क्रीनिंग के बाद मां-बेटे को संदिग्ध मानते हुए दोनों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया था।

जांच में मां-बेटे कोरोना संक्रमित पाए गए थे। उमरा करने वालों के अलावा घर पर मौजूद महिला की पुत्रवधु और किराएदार समेत 37 संदिग्धों को क्वारंटीन वार्ड में शिफ्ट किया गया, हालांकि वे दोनों जत्थे में नहीं गए थे, मगर उनके भी संक्रमण से ग्रसित होने की आशंका में आइसोलेशन में भर्ती किया गया। बाद में मां-बेटे से मिलने वाले अन्य लोगों की भी तलाश की गई। फिर कुछ अन्य रिश्तेदारों को भी क्वारंटीन किया गया था। हालांकि कोई नया मरीज अभी तक सामने नहीं आ सका।

उमरा करने वाले सभी 35 यात्री फ्लाइट से सऊदी अरब से मुंबई पहुंचे थे। मुंबई से ट्रेन में सवार होकर बरेली आए और बरेली से अलग-अलग ट्रांसपोर्ट से पीलीभीत पहुंचे। पहले दिन इन लोगों ने किसी को कुछ नहीं बताया। जबकि उन्हें खुद यहां आकर मुहर दिखाकर स्क्रीनिंग कराना थी। वह तो गांव के प्रधान से सूचना मिलने के बाद ही टीम पहुंची थी। टीम को जांच के समय इन लोगों के हाथों से मुहर का निशान गायब मिला था।

इसका संज्ञान लेकर प्रशासन सख्त हुआ और डीएम वैभव श्रीवास्तव ने एफआईआर के निर्देश दिए थे। रविवार को सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल ने तहरीर दी। एसओ उदयवीर सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

पता लगा है कि कोरोना संक्रमित महिला की स्क्रीनिंग मुंबई एयरपोर्ट पर हुई थी, लेकिन उसके हाथ पर इस समय मुहर नहीं है। महिला के द्वारा मुहर मिटाने की बात निकलकर सामने आई। इसी के चलते एफआईआर कराई गई है। -वैभव श्रीवास्तव, डीएम
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कोरोना संक्रमित मां-बेटे का सैंपल दोबारा जांच को भेजा...हालत में सुधार

पीलीभीत। जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कोरोना संक्रमित मां- बेटे का सैंपल जांच को दोबारा लखनऊ भेजा गया है। वहीं नेपाल से आए एक साधु का भी सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेजा गया है। साधु को क्वारंटीन वार्ड में 14 दिन तक निगरानी में रखा जाएगा।
सऊदी अरब से 37 यात्रियों का जत्था 20 मार्च को अमरिया क्षेत्र में अपने घरों में पहुंचा था। स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी लगने पर सभी 37 लोगों के घर- घर जाकर स्क्रीनिंग की थी। इसमें अमरिया निवासी एक महिला और उसके पुत्र की जांच कराई गई थी। जांच रिपोर्ट में मां- बेटे कोरोना संक्रमित पाए गए थे। वहीं शेष बचे 35 लोगों को पुराने अस्पताल में बने क्वारंटीन वार्ड में शिफ्ट कर निगरानी शुरू की थी। जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती मां- बेटे का इलाज अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. रमाकांत सागर की देखरेख में हो रहा है। संक्रमित महिला के 10 दिन और उसके बेटे के निगरानी में आठ दिन पूरे होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण की ताजा स्थिति जानने को शनिवार रात दोनों का सैंपल लखनऊ भेज दिया। वहीं गजरौला क्षेत्र में नेपाल से आए एक साधु का भी सैंपल जांच को लखनऊ भेजा गया है। साधु को क्वारंटीन वार्ड में 14 दिन की निगरानी में रखा गया है।
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संक्रमित मां बेटे का सैंपल जांच के लिए पुन: लखनऊ भेजा गया है। फिलहाल संक्रमित मां-बेटे की हालत में सुधार देखा जा रहा है। दोनों में अब संक्रमण की क्या स्थिति है, यह जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा। - डॉ. रमाकांत सागर, वरिष्ठ फिजीशियन, जिला अस्पताल
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300 करोड़ का कारोबार हजम कर चुका कोरोना

पीलीभीत। लॉकडाउन के एक सप्ताह ने ही अर्थव्यवस्था की बरबादी की खौफनाक तस्वीर खींच दी है। सात दिनों में अकेले पीलीभीत में ही कोरोना 300 करोड़ से ज्यादा का कारोबार निगल चुका है। सरकार की घोषणा के हिसाब से बाकी बचे 17 दिन में सभी क्षेत्र के कारोबारियों ने 600 करोड़ से ज्यादा का कारोबार प्रभावित होने की आशंका जताई है। यानी 24 दिन के लॉकडाउन में अर्थव्यवस्था को 900 करोड़ से ज्यादा की चपत लगेगी।
कोरोना के लॉकडाउन के बाद कारोबारियों का दिल इस बात को लेकर बैठा जा रहा है कि आने वाले दिनों में नुकसान का आंकड़ा और भी ऊपर जा सकता है क्योंकि कोरोना ने ऐसे समय में दस्तक दी है, जबकि अप्रैल से नए सीजन का गेहूं कटकर मार्केट में आने वाला है। इसी समय सहालग की शुरूआत भी होती है। बरसात से पहले जनवरी से लेकर मई के आखिरी सप्ताह तक प्रत्येक क्षेत्र में कारोबार अपने चरम पर होता है। इस बार कोरोना के कहर ने सब कुछ बरबाद करके रख दिया है। गर्मी के दिनों में सीजन शुरू होने से पहले यानी फरवरी या मार्च में ही कपड़ा कारोबारी माल का पहले ही स्टाक कर लेते हैं। फिर उसे बाजार में बेचते हैं। इस बार स्टाक में रखा कपड़ा बाजार में नहीं आ पाया, उससे पहले ही कोरोना आ गया। रेडीमेड गारमेंट्स, फुटकर कपड़ा कारोबार, इलेक्ट्रानिक उपकरण, कंप्यूटर, होटल-रेस्टोरेंट, बरातघर, सराफा, फुटकर खाने-पीने का सामान, गेेहूं खरीद, चार चीनी मिलों में उत्पादित चीनी की बिक्री, शीरा, किराना, फल, सब्जी, अनाज, मसाले, बिस्कुट, नमकीन, पेस्ट्री, खाद-बीज, कीटनाशक, फर्नीचर, पेट्रोल पंप आदि का कारोबार पूरी तरह ठप है। दुकानों से ग्राहक नदारद हैं। कारोबारियों का अनुमान है कि कोरोना के चलते तराई के सबसे छोटे जनपद पीलीभीत में प्रतिदिन 50 करोड़ से अधिक का कारोबार ठप हुआ है।
सहालग से सराफा बाजार सीधे जुड़ा होता है। कोरोना के चलते एक सप्ताह से सब कुछ ठप पड़ा है। अब तक हमारा करोड़ों का कारोबार चौपट हो चुका है। पता नहीं कब तक ऐसा चलेगा। - शैली अग्रवाल, सराफा कारोबारी
बाजार को कोरोना ने बहुत तगड़ा झटका दिया है। नुकसान का आकलन करना आसान नहीं है। कारोबार भूलकर हम सब घर में कैद हैं। करोड़ों का कारोबार ढेर हो चुका है।- विजय गुप्ता, किराना व्यापारी
कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते व्यापार ठप हो गया है। सहालग में कॉस्मेटिक सामान खूब बिकता है। लेकिन मौजूदा हालात ने पूरे बाजार की कमर तोड़कर रख दी। -दीपक राठौर, कॉस्मेटिक व्यापारी
लॉकडाउन ऐसे मौके पर हुआ है जब सहालग का सीजन शुरू हुआ था। लॉकडाउन से नुकसान तो बहुत भारी हो रहा है, लेकिन कोरोना से बचाव भी जरूरी है। दूसरा चारा नहीं है हमारे पास। -ज्वॉय मैनी, गारमेंट व्यापारी
होली के बाद ही सहालग के लिए होटल की बुकिंग होती थी। इस बार कुछ लोगों ने बुकिंग कर भी दी थी। हम सब आयोजनों की तैयारी में जुटे थे, लेकिन ऐसी आपदा आई कि सब धरा रह गया। - अनिल अग्रवाल, होटल कारोबारी
कोरोना के चलते देश में हुए लॉकडाउन के बाद डीजल और पेट्रोल के कारोबार में रोजाना भारी नुकसान हो रहा है, लेकिन कोरोना से लड़ने के लिए यह जरूरी है। -संदीप पुरी, पेट्रोल पंप कारोबारी
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हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित, दिशें जारी

पीलीभीत। लॉकडाउन के बावजूद किराना दुकान खोलकर अधिक कीमत वसूलने की जांच करने पहुंची पुलिस पर हमला करने के मामले में हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं। मुख्य हमलावरों तक पहुंचने के लिए उनके करीबियों और रिश्तेदारों के घर दबिश दी गई, हालांकि कोई हत्थे नहीं चढ़ सका। पुलिस ने घटना के बाद हिरासत में लिए गए एक हमलावर का रविवार को पूछताछ के बाद जेल भेज दिया।
बरखेड़ा क्षेत्र के गांव केशोपुर निवासी किराना व्यापारी सुनील कुमार की दुकान शुक्रवार रात लॉकडाउन के बीच खुली थी। पुलिस को शिकायत मिली कि दुकान पर अधिक कीमत पर सामान बेचा जा रहा है। दुकान बंद करने का प्रयास करते ही पुलिस पर हमला बोल दिया गया। इंस्पेक्टर उमेश सिंह सोलंकी, दरोगा रामगोपाल आर्य और सिपाही अंकित कुमार घायल हुए थे। हमलावर दुकानदार सुनील कुमार भी पुलिस से बचने को छत से कूदने के बाद गिरकर घायल हुआ था। इंस्पेक्टर और दुकानदार का बरेली के प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा है।
इस बीच पुलिस ने नौ नामजद समेत 29 पर संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज कर धरपकड़ शुरू कर दी। सख्त कार्रवाई के लिए अधिकारियों से मिले निर्देश के बाद गिरफ्तारी को पुलिस की तीन टीमें बनाई गईं। एक टीम में थाने के पुलिसकर्मी, दूसरी में जिरौनिया चौकी और तीसरी में करोड़ चौकी के पुलिसकर्मी हैं। पुलिस ने शनिवार रात और रविवार दोपहर तक कई जगह दबिश दी, मगर कोई हत्थे नहीं चढ़ सका। हिरासत में लिए गए दो में से एक जयप्रकाश की पुलिस ने पौटाकलां गांव के पास से गिरफ्तारी दिखाकर चालान कर दिया। न्यायालय से उसे जेल भेज दिया गया। एसएसआई आशुतोष रघुवंशी ने बताया कि एक हमलावर का चालान कर दिया है। अन्य की गिरफ्तारी को तीन टीमें लगी हुई हैं।
पुलिस टीम पर हमला करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई कराई जा रही है। लगातार सुरागरसी कर दबिश दी जा रही हैं। - रोहित मिश्र, एएसपी
हमलावर दुकानदार की बढ़ेगी मुश्किल
बरखेड़ा। हमलावर किराना दुकानदार सुनील कुमार की मुश्किल और बढ़ेगी। रविवार को आला अधिकारियों से मिले निर्देश पर पहुंची ड्रग इंस्पेक्टर बबीता रानी ने सैनिटाइजर और मास्क अधिक कीमत पर बेचे जाने संबंधी जानकारी की। एफआईआर की कॉपी भी वह साथ ले गईं। उन्होंने बताया कि चूंकि मामला मुनाफाखोरी से जुड़ा है। ऐेसे में ईसी एक्ट के तहत भी कार्रवाई कराई जाएगी। उच्चाधिकारियों को इस संबंध में रिपोर्ट भेजी जा रही है। संवाद
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शारदा पार बसे 50 थारु परिवारों के समक्ष अन्न और दवा का संकट

बरखेड़ा में पुलिस टीम के ऊपर हमला करने वाला आरोपी गिरफ्तार
माधोटांडा। शारदा नदी के पार बसी थारू जनजाति की बस्ती के 50 परिवारों की जिदंगी वैसे ही मुश्किलों से भरी हुई है। लॉकडाउन से इनकी परेशानी और बढ़ गई हैं। नाव का संचालन बंद होने से इन परिवारों को राशन, सब्जी और दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। कुछ बुजुर्ग गले में सांस की समस्या से जूझ रहे हैं तो ज्यादातर परिवारों के समक्ष खाने-पीने और दवा का संकट खड़ा हो गया है।
बस्ती के लोगों ने अपनी समस्या अमर उजाला टीम से साझा की तो मामले की जानकारी कलीनगर तहसील के कंट्रोल रूम को दी गई। कंट्रोल रूम में सूचना दर्ज होने के बाद इनको राहत सामग्री मिलने का आश्वासन दिया गया।
दो दशक पहले थारू जनजाति के ये परिवार ढकिया ताल्लुके महाराजपुर गांव में बसे थे। यह गांव ग्राम पंचायत नगरिया खुर्द के अंतर्गत आता है। बस्ती में थारू जनजाति के 50 परिवार रहते हैं। शारदा नदी के पार का इलाका होने से इन परिवारों की जिंदगी वैसे भी कठिनाइयों से भरी है। बस्ती के लोग रोजमर्रा का सामान लेने के लिए नाव पर सवार होकर शारदा नदी के इस पार आते हैं। इधर, कोरोना के चलते देशभर में लॉकडाउन होने के बाद बस्ती की स्थिति और खराब हो गई। ग्राम पंचायत सदस्य राधे राना और फिरुआ राना ने बताया कि शारदा नदी पर नाव का संचालन बंद है। उनको खाद्य सामग्री नहीं मिल रही है। बस्ती के जंगी राना समेत तमाम बुजुर्गोँ को सांस की बीमारी की दवा भी नहीं मिल पा रही है।
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दूसरे राज्यों-शहरों से पलायन जारी, 48 घंटे में 1800 से अधिक लौटे

पीलीभीत। कोरोना वायरस को लेकर किए गए लॉकडाउन में दूसरे राज्यों और शहरों में फंसे लोगों का पलायन जारी है। 48 घंटे में जनपद में पहुंचने वालों की संख्या 1800 के पार पहुंच चुकी है। अभी भी लोग लगातार पहुंच रहे हैं।
तराई के जनपद पीलीभीत की पांचों तहसीलों और आसपास के इलाकों के कई लोग उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, गुड़गांव में परिवारों समेत आजीविका कमाने गए थे। कोरोना वायरस का कहर बढ़ने पर लॉकडाउन होने के बाद इनकी रोजी- रोटी पर संकट गहरा गया। कुछ दिन पहले दूसरे प्रांतों से घरों की ओर इनके पलायन करने का सिलसिला शुरू हो गया। कोई पैदल मीलों की दूरी तय करने के लिए निकल पड़ा तो कई को वाहन की व्यवस्था कर दी गई। रोडवेज की 25 बसें भी दिल्ली व अन्य शहरों से लोगों को लाने के लिए लगाई गईं। रविवार को भी पलायन जारी रहा। दिन भर लोग आते रहे। जनपद में पहुंचने पर इनकी स्क्रीनिंग कराने के बाद रहने और खाने की व्यवस्था की गई। एसपी अभिषेक दीक्षित ने बताया कि 48 घंटे में अब तक लगभग 1800 लोग पहुंच चुके हैं। अभी भी जो लोग आ रहे हैं, उनकी जांच कराई जा रही है।
13 बंदियों की अंतरिम जमानत के जेल में पहुंचे आदेश
पीलीभीत। कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने साल साल तक की सजला वाले जेल में बंद आरोपियों को पैरोल या अंतरिम जमानत देने को कहा था। इसी क्रम में अब कार्रवाई की शुरुआत कर दी गई। जिला कारागार से 65 सजायाफ्ता कैदियों की फाइल पैरोल के लिए शासन को भेजी गई है। इसके अलावा 65 विचाराधीन बंदियों को अंतरिम जमानत दी जानी है। जेल अधीक्षक अनूप सिंह ने बताया कि रविवार को 13 बंदियों के अंतरिम आदेश मिल गए हैं। प्रभावी कार्रवाई कराई जा रही है। संवाद
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पलायनः केजरीवाल की घोषणाएं भूख नहीं मिटा पाईं तो छोड़ आए दिल्ली, छलका मजदूरों का दर्द

हाईवे पर काफिलों की भरमार है। थके-मांदे और पसीने से तरबतर लोग लगातार चलते ही जा रहे हैं। एक-एक कदम बढ़ाना भारी पड़ रहा है लेकिन फिर भी सफर लगातार जारी है। चलते-चलते तमाम पैरों में चप्पलें और जूते फट गए हैं जो इस दर्दनाक यात्रा के गवाह के तौर पर हाईवे पर ही जगह-जगह छोड़ दिए गए हैं। सूजे हुए पैरों के खून से रिसते जख्म बता रहे हैं कि जिंदगी बचाने का यह सफर कितना भारी पड़ रहा है।

शनिवार तड़के ऐसे तमाम काफिलों की सेटेलाइट बस स्टैंड के अलावा बड़ा बाईपास पर विलयधाम ओवरब्रिज और इज्जतनगर के परातासपुर इलाके में सड़कों पर भरमार थी। ज्यादातर लोग दिल्ली से आ रहे हैं जिनके एक तरफ कोरोना की चुनौती थी और दूसरी तरफ भूख की। कभी उन्होंने भूख मिटाने के लिए ही दिल्ली का रुख किया था लेकिन लॉक डाउन होने के बाद जब भूख ही जिंदगी लेने पर आमादा हो गई तो दिल्ली छोड़ दी।

कहते हैं, केजरीवाल ने आधार कार्ड पर राशन के साथ सभी जरूरी सुविधाएं घर पर ही मुहैया कराने की घोषणा तो की लेकिन फिर भी जब कई दिन झुग्गियों में भूखे रहना पड़ा तो निकल आए। दिल्ली से आने वालों के अलावा अच्छी-खासी तादाद नोएडा और रुद्रपुर की फैक्टरियों में काम करने वाले मजदूरों की भी है। रुद्रपुर से बेदखल हुए लोगों का सफर अपेक्षाकृत कम लंबा हैं लेकिन चिंताएं वही हैं कि घर लौटकर शायद कोरोना से तो बच जाएं लेकिन परिवार का पेट कैसे भरेंगे।

रेलवे ट्रैक के किनारे-किनारे दिल्ली से बाराबंकी का पैदल सफर

तीन दिन में बरेली पहुंचा भूखा-प्यासा दस मजदूरों का जत्था, अभी इससे भी ज्यादा सफर बाकी
बाराबंकी के सफदरगंज इलाके के धौरागांव में रहने वाला दस मजदूरों का जत्था दिल्ली से बुधवार को पैदल घर की ओर निकला था। इस जत्थे में शामिल रामबाबू, शिवांश और संदीप ने बताया कि उनमें से कोई दिल्ली में रिक्शा चलाता था तो कोई फैक्टरी में काम करता था। जनता कर्फ्यू के दिन से ही खाने के लाले पड़ गए और हवा फैलने लगी कि लॉक डाउन तीन महीने से पहले खत्म नहीं होगा। इसके बाद घर लौटना बेहतर समझा। काफी कोशिश की लेकिन किसी सवारी का इंतजाम नहीं हुआ। सड़क पर निकलने पर जगह-जगह पुलिस पीट रही थी। लिहाजा बुधवार रात सभी लोग अपने बैग लेकर अलग-अलग निकले और स्टेशन से अलग हटकर एक जगह इकट्ठे होने के बाद रेलवे ट्रैक के किनारे-किनारे सफर शुरू कर दिया। रेलवे ट्रैक पर सफर करने से पुलिस का खतरा नहीं था। जहां मौका मिला वहां सड़क पर आ गए। रामहजारे के पैर से खून निकल रहा था। शिवांश और उसके साथियों के पैर सूज गए थे। रामबाबू की हालत सबसे ज्यादा खराब थी जिनकी आंत का बमुश्किल 15 दिन पहले ही ऑपरेशन हुआ था।

शुक्रवार को चली बसें मगर दिल्ली नोएडा से बरेली लाकर छोड़ दिया

दिल्ली-नोएडा और गाजियाबाद से मजदूरों को लाने के लिए बरेली रीजन की करीब सवा सौ बसें शुक्रवार को चलनी शुरू हुईं तो हजारों लोगों को राहत भी मिली। इसके अलावा दिल्ली की भी तमाम बसें उन्हें यूपी के तमाम शहरों तक छोड़ रही हैं। लेकिन फिर भी हजारों की तादाद ऐसे लोगों की भी हैं जो बसें शुरू होने से पहले ही दिल्ली छोड़कर चल पड़े थे। खचाखच भरी बसों में उन्हें रास्ते में जगह नहीं मिली लिहाजा उन्हें परिवार के साथ पूरा सफर पैदल तय करना पड़ा।

साइकिल पर लादी पत्नी-बेटी के साथ पूरी गृहस्थी फिर रुद्रपुर से बरेली की यात्रा

पीलीभीत के बीसलपुर के गांव अखौली में रहने वाले नीरज रुद्रपुर की कंपनी में काम करते हैं। नीरज ने बताया कि रुद्रपुर में दस दिन पहले ही काम पूरी तरह बंद हो गया था। उनका पूरा परिवार कमरे में ही पूरा वक्त गुजार रहा था। ज्यादा दिक्कत तब शुरू हुई जब बाहर निकलने पर पाबंदी के बीच घर में रखा राशन खत्म हो गया और राशन, सब्जी-दूध जैसी चीजें खरीदने को पैसे भी नहीं बचे। कई बार बस और टेंपो स्टैंड गए ताकि गांव जाने के लिए कोई साधन मिल जाए लेकिन सब सुनसान पड़ा हुआ था। आखिर में साइकिल पर ही घर का जरूरी सामान लेकर लौटने का फैसला किया। पत्नी कुसुमा और दो साल की बेटी आकांक्षा के साथ रात में दो बजे चल दिए। नीरज ने उम्मीद जताई कि शाम तक घर पहुंच जाएंगे। रास्ते में पुलिसवालों ने कई जगह रोका पर परेशानी सुनकर जाने दिया।

पैर उठते नहीं, मां-बहनों का हाल देखकर दिल भी बैठा जा रहा है

शाहजहांपुर के सिंधौली कस्बे में रहने वाले तालिब अपने परिवार के साथ रुद्रपुर में रहते हैं जहां उनके पिता रिक्शा चलाते हैं और वह खुद फैक्टरी में काम करते हैं। तालिब विलयधाम पर अपनी मां, तीन बहनों और परिवार के और लोगों के साथ गाड़ी का इंतजार कर रहे थे। उसने बताया कि शुक्रवार रात तीन बजे वे सभी पैदल ही घर के लिए चल दिए थे। रास्ते में टेंपो, डनलप. तांगा जो भी मिला, उस पर कुछ दूर के लिए बैठ लिए। कुछ नहीं मिला तो पैदल चलते रहे। बरेली आकर उनकी हिम्मत जवाब दे गई है। मां और बहनों की हालत देखकर दिल भी बैठा जा रहा है। बोले, काफी इंतजार के बाद यहां भी कोई गाड़ी नहीं मिल रही है। किसी तरह शाहजहांपुर पहुंच जाएं तो घर जाने की भी कोई जुगाड़ हो ही जाएगी।

 

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किराना समेत सभी जरुरी चींजे घर के दरवाजे पर मिलेंगी, बाहर न निकले

पीलीभीत। लॉकडाउन के दौरान किराना समेत अन्य खाद्य सामग्री लोगों के दरवाजे तक पहुंचेगी। प्रशासन ने तीन नगरपालिका समेत छह नगर पंचायतों में 271 दुकानदारों की सूची मोबाइल नंबर सहित जारी की है। फोन पहुंचने के बाद दुकानदार वार्ड सदस्य के साथ घर पहुंचकर बताया गया सामान उपलब्ध कराएगा। वार्डों में वितरण व्यवस्था पर अधिशासी अधिकारी पूरे समय नजर रखेंगे।
डीएम ने कहा कि आम नागरिकों को जरूरी सामान घर के दरवाजे पर मिलेगा। इसमें किराना और अन्य खाद्य सामग्री शामिल है। इसके लिए जनपद की सभी तीन नगरपालिका और छह नगर पंचायत क्षेत्र में वार्ड वार पड़ने वाली 271 किराना दुकानों की सूची मोबाइल नंबर सहित जारी की की गई है। इसके नोडल संबंधित वार्ड के सदस्य बनाए गए हैं। नगरपालिका पीलीभीत में 27 वार्डों में 53 किराना दुकानें सूची में शामिल हैं। बीसलपुर नगरपालिका क्षेत्र के 25 वार्डों में 50, पूरनपुर नगरपालिका क्षेत्र के 25 वार्डों में 46, जहानाबाद नगर पंचायत के 11 वार्डों में 19, गुलड़िया भिंडारा नगर पंचायत के 10 वार्डों में 10, बरखड़ा नगर पंचायत में 10 वार्डों में 21, कलीनगर नगर पंचायत में 10 वार्डों में 20, बिलसंडा नगर पंचायत क्षेत्र के 12 वार्डों में 24 और न्यूरिया नगर पंचायत क्षत्र के 14 वार्डों में 27 किराना दुकानों को शामिल किया गया है। डीएम वैभव श्रीवास्तव ने बताया कि इन दुकानदारों के मोबाइल नंबर पर संपर्क करने से जरूरत का सामान आसानी से दरवाजे पर ही उपलब्ध होगा। लॉकडाउन के दौरान लोगों को घर से बाहर निकलने की जरूरत नहीं है।
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संक्रमित महिला के संपर्क में आए चार बेटी-दामादों जांच रिपोर्ट निगेटिव निकली

पीलीभीत। सऊदी अरब से लौटी अमरिया की कोरोना संक्रमित महिला की दो बेटियों और दोनों दामादों की जांच रिपोर्ट निगेटिव निकली। इसके बावजूद चारों लोग क्वारंटीन वार्ड में ही 14 दिन तक निगरानी में रहेंगे।
अमरिया क्षेत्र के 37 यात्रियों का जत्था सऊदी अरब से 20 मार्च को लौटा था। स्वास्थ्य विभाग की स्क्रीनिंग के दौरान मां-बेटे को संदिग्ध मानते हुए दोनों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया था। खून की जांच में मां-बेटे कोरोना संक्रमित पाए गए थे। महिला के साथ आए अन्य सभी 35 संदिग्धों को क्वारंटीन वार्ड में शिफ्ट किया गया है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमित महिला और बेेटे इस बीच में मिलने वाले अन्य लोगों की तलाश शुरू कर की। जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमित महिला की दो पुत्रियों और दो दामादों को क्वारंटीन वार्ड में शिफ्ट कर उनके सैंपल भी जांच के लिए लखनऊ भेजे थे। इधर शनिवार को स्वास्थ्य विभाग को चारों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हो गई। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक चारों की रिपोर्ट निगेटिव पाई गई है। फिलहाल उन्हें अभी क्वारंटीन वार्ड में 14 दिन तक निगरानी में रखा जाएगा, हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने काफी राहत महसूस की है। वहीं विभाग ने संक्रमित महिला से मिलने वाले अन्य लोगों की भी तलाश शुरू की है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगाई गई हैं। कुल मिलाकर अब तक पूरे जिले में दो ही लोगों में कोरोना का संक्रमण पाया गया है।
संक्रमित महिला के चार रिश्तेदारों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हो गई है। इसमें सभी निगेटिव पाए गए हैं। फिलहाल चारों को क्वारंटीन वार्ड में रखकर 14 दिन तक उनकी निगरानी की जाएगी। -डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
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