विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
नवरात्र में कराएं कामाख्या बगलामुखी कवच का पाठ व हवन, पाएं कर्ज मुक्ति एवं शत्रुओं से छुटकारा
Astrology Services

नवरात्र में कराएं कामाख्या बगलामुखी कवच का पाठ व हवन, पाएं कर्ज मुक्ति एवं शत्रुओं से छुटकारा

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

From nearby cities

Coronavirus in UP Live Updates: 27 लाख मनरेगा मजदूरों के खाते में भेजे गए 611 करोड़ रुपये

शासन और प्रशासन संक्रमण के चेन को तोड़ने के लिए लगातार कोशिश कर रहा है। लोगों से भी हर वक्त घरों में रहने की अपील की जा रही है।

30 मार्च 2020

विज्ञापन
विज्ञापन

शाहजहाँपुर

सोमवार, 30 मार्च 2020

चार वेंटीलेटर के सहारे कोरोना से जंग जीतने की तैयारी

शाहजहांपुर। बेशक शाहजहांपुर वालों के लिए यह अच्छी खबर है कि यहां कोरोना का अब तक कोई मरीज नहीं मिला है, लेकिन इससे लड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग के इंतजाम नाकाफी हैं। वहीं, दूसरी ओर अन्य राज्यों से हजारों की तादात में लोग लौट रहे हैं। ऐसे में यदि कोई इमरजेंसी हुई तो चार वेंटीलेटर के सहारे कोरोना से जंग कैसे लड़ी जाएगी। यह सवाल लोगों के बीच चिंता का विषय बना हुआ है।
चीन के वुहान से फैला कोरोना वायरस इटली में कोहराम मचाने के बाद अब अमेरिका, स्पेन, फ्रांस, ब्रिटेन सहित पूरी दुनिया में कहर बरपा रहा है। हजारों लोग इसके संक्रमण से मौत के आगोश में समा चुके हैं और लाखों जिंदगी-मौत के बीच झूल रहे हैं। देश में भी कोविड-19 के मरीजों की संख्या रोजाना बढ़ती जा रही है। देश भर में अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है। गनीमत ये है कि जिले में अभी तक इसका एक भी पॉजिटिव मरीज नहीं मिला है, लेकिन जिस तरह से रोजाना हजारों की संख्या में कोरोना प्रभावित शहरों से लोग यहां पहुंच रहे हैं, स्वास्थ्य विभाग को मजबूत तैयारी करने की जरूरत है। मगर जिले के अफसर इसकी भयावता को लेकर बेफ्रिक नजर आ रहे हैं। कोविड-19 के मरीजों को रखने के लिए मेडिकल कॉलेज से संबंद्ध जिला अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है, जिसमें 19 बेेड हैं। इसके अलावा जिला महिला अस्पताल के लेबर रूम और पीएनसी वार्ड को क्वारंटीन वार्ड में तब्दील कर दिया गया है। वहीं, मेडिकल कॉलेज अजीजपुर जिगनेरा में स्वास्थ्य कर्मियों के लिए क्वारंटीन वार्ड बनाया गया हैं। इन वार्डो में सौ बेड की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा शासकीय मेडिकल कॉलेज के पास मात्र दो वेंटीलेटर हैं। निजी मेडिकल कॉलेज में पांच वेंटीलेटर हैं, लेकिन उनमें सिर्फ दो ही क्रियाशील हैं। इस लिहाज से देखा जाए तो जिले में मात्र चार वेंटीलेटर हैं।
दो वेंटीलेटर मेडिकल कॉलेज के पास हैं और पांच प्राइवेट मेडिकल कॉलेज के पास हैं, लेकिन इनमें केवल दो क्रियाशील हैं। इस तरह मौजूदा समय में चार वेंटीलेटर हैं और वेंटीलेटर के लिए डिमांड भेजी जा रही है। - डॉ. राजीव कुमार गुप्ता, सीएमओ
... और पढ़ें

लॉकडाउन में घर पर ही कार्टून बनाकर दूर करें बोरियत, बच्चों के लिए कार्टूनिस्ट सैफ ने शुरू किया फेसबुक पेज

लॉकडाउन में बच्चों की बोरियत को दूर करने के लिए कार्टूनिस्ट सैफ असलम खां ने फेसबुक और व्हाट्सएप का सहारा लिया है। बच्चे घर में ड्राइंग बनाकर अपने नाम व पते के साथ व्हाट्सएप ग्रुप पर डाल रहे हैं, जिनको सोशल मीडिया पर पोस्ट किया जा रहा है। जिससे बच्चों को कुछ क्रिएटिव करने की ललक जागे और लॉकडाउन के चलते बोर होने से बचे रहें।

सैफ असलम खां ने बताया कि वह इस काम को विस्तार देना चाहते हैं। फिलहाल तो वह शाहजहांपुर स्कैच के नाम से पेज चला रहे हैं। अब बच्चों के द्वारा बनाए जाने वाले कार्टूनों के लिए अलग से पेज बनाएंगे, जिसको क्रिएटिव लॉकडाउन का नाम देंगे। 

उन्होंने बताया कि कई लोग उनसे जुड़ रहे हैं, अब तक 50-60 बच्चों द्वारा बनाई गई पेंटिंग, सिनरी और कार्टून के फोटो व्हाट्सएप पर आ चुके हैं। जिनको फेसबुक के साथ ही अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर किया जाएगा।
... और पढ़ें

नाम-पता, गाड़ी का नंबर किया नोट, फिर जाने दिया आगे

शाहजहांपुर। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचना है तो घरों में कैद रहें। भीड़ वाले इलाकों से परहेज करें। प्रधानमंत्री की देशहित में और जनहित में की गई इस अपील को नहीं मानने वालों पर पुलिस ने शुक्रवार को भी सख्ती दिखाई। पहले तो नाम-पता पूछा फिर बाहर निकलने का कारण, जब नहीं बता पाए तो कान पकड़वाए, डंडा दिखाया और उठक-बैठक लगवाई। चेतावनी दी कि फिर निकले तो सीधे एफआईआर होगी। कुछ इसी तरह शहर के अंदर विभिन्न चौराहों, तिराहों पर पुलिस सख्ती के साथ लोगों से निपटती नजर आई।
बाहर घूमने का कारण नहीं बता पाए तो लगी फटकार
टाउनहाल स्थित नगर निगम कार्यालय के पास पुलिस लॉकडाउन का पालन कराने को मुस्तैदी से लगी हुई थी। इसी बीच कुछ लोगों का आना-जाना भी लगा हुआ था। जो भी उधर से गुजर रहा था। सीधे नाम-पता और बाहर निकलने का कारण पूछा जा रहा था। इसी बीच एक बाइक पर सवार दो लोग और पैदल जाने वाले लोग निकले तो उन्हें पुलिस ने रोक लिया। कारण नहीं बता पाए जो जमकर फटकार लगाई।
दोबारा दिखे तो होगी एफआईआर
अंटा चौराहे पर यूं तो सन्नाटा था, लेकिन इक्का-दुक्का लोग आ जा रहे थे। ट्रैफिक पुलिस कर्मी हर आने-जाने वाले को रोक कर उनसे घरों में रहने की अपील के साथ ही बाहर निकलने का कारण पूछ रहे थे। इसी बीच एक साइकिल सवार आते हुए दिखाई दिया। पूछा तो कहने लगे बस यूं ही, आगे तक जाना है। सही कारण नहीं बता पाने पर फटकार लगाई और हिदायत दी कि दोबारा दिखे तो सीधे एफआईआर दर्ज होगी।
बाहर निकलने का नहीं बता पाए कारण तो पकड़वाए कान
अंटा चौराहे पर अंजान चौकी की ओर से एक ई-रिक्शा आता दिखाई दिया, जिसमें तीन-चार लोग सवार थे। पुलिस ने रोक लिया। सीधे सवाल किया, जानते नहीं हो लॉकडाउन चल रहा है। पूरा विश्व कोरोना से जंग जीतने को घरों में कैद है और तुम लोग कैसे बाहर घूम रहे हो। इस पर एक महिला बोली, सर बीमार हूं, दवा लेने गई थी। इसी बीच पैदल घूम रहे शख्स ने बाहर घूमने का कारण नहीं बता पाया तो कान पकड़वा दिए।
लगवाई उठक-बैठक, फिर जाने दिया आगे
घंटाघर पर भी सन्नाटा दिखाई दे रहा था, लेकिन इक्का-दुक्का लोगों का आना-जाना लगा हुआ था। कुछ पैदल दिख रहे थे तो कुछ लोग बाइक, साइकिल और चौपहिया वाहन से गुजर रहे थे। कुछ को जाने दिया गया तो, कुछ को रोक लिया। पैदल गुजर रहे दो लोगों को रोक लिया। बाहर निकलने का कारण पूछा। लेकिन दोनों लोग बाहर निकलने का कारण नहीं बता पाए तो पुलिस ने कान पकड़कर उठक-बैठक लगवा दी।
घरों से बाहर न निकलने की हिदायत, बैंक में खींची रेखा
परौर। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए लागू किए गए लॉकडाउन में लोगों से घरों से न निकलने की हिदायत एसडीएम कलान रमेश बाबू और थानाध्यक्ष तेजपाल सिंह ने दी। उन्होंने गांव में घूमकर लोगों को कोरोना वायरस के प्रति जागरूक करते हुए बचाव के उपाय भी बताए। वहीं बैंक के बाहर एक-एक मीटर के दायरे पर रेखा खींची गई, ताकि लोगों की भीड़ बैंक में न लगे और लोग रेखा में ही रहें। वहीं कुछ स्थानों पर खाद्यान्न भी वितरित कराया गया। संवाद
मुस्लिम इलाकों में देखी गई सबसे ज्यादा भीड़
लॉकडाउन के चलते लोगों को घरों से न निकालने की अपील किए जाने के बावजूद लोग मोहल्लों में घूमते नजर आए। सबसे ज्यादा स्थिति मुस्लिम इलाकों में खराब रही। लाल इमली चौराहा से ईदगाह जाने वाले मार्ग, मोहल्ला अंटा, चमकनी करबला, बिजलीपुरा, तरीन टिकली, झंडा, मुल्ला खेल, जलालनगर, गदियाना आदि में लोग बेवजह घरों के बाहर घूमते रहे। पुलिस कर्मियों की घरों में जाने की अपील का असर भी उन पर दिखाई नहीं दिया।
... और पढ़ें

कोरोना संदिग्ध दस मरीज क्वारंटीन वार्ड में भर्ती

शाहजहांपुर। दिल्ली नोएडा और गाजियाबाद से लौटकर अपने घरों को जा रहे कोरोना संदिग्ध 10 लोगों को जिला अस्पताल के क्वारंटाइन वार्ड में भर्ती कराया गया है। यह सभी लोग जिले के रहने वाले हैं। इन लोगों का सैंपल लेकर जांच के लिए सोमवार को लखनऊ भेजा जाएगा। थाना मिर्जापुर क्षेत्र के कुछ लोग दिल्ली से लौटे थे। उनमें सर्दी जुकाम की को शिकायत हुई तो सूचना स्वास्थ्य विभाग की टीम को दी गई। रविवार देर रात उन्हें जिला अस्पताल के क्वारंटीन वार्ड में भर्ती कराया गया।वहीं नेशनल हाईवे पर जांच के दौरान सेहरामऊ दक्षिणी और रोजा के लोगों का भी परीक्षण हुआ। जिसमें उन्हें भी जुकाम बुखार की शिकायत महसूस हुई तो उन लोगों को भी क्वारंटीन वार्ड में भर्ती करा दिया गया। ... और पढ़ें

रहने की दिक्कत थी न खाने के लाले, मगर घर की याद ने ठहरने नहीं दिए कदम

शाहजहांपुर। नोएडा से बिहार के जिला सहरसा जा रहे प्रवासी मजदूरों को न वहां रहने की दिक्कत थी, न खाने के लाले क्योंकि मकान मालिक ने उनसे कह दिया था कि जब तक देश इस संकट से नहीं निकल पाता वे यहां आराम से रहें और किराया देने की भी जरूरत नहीं है। जिस ठेकेदार के यहां काम करते थे उसने उन्हें पूरा भुगतान किया और खाने-पीने का सामान खरीदने के लिए पांच हजार रुपये अलग से दिए। मगर जमा पूंजी खर्च होने का डर और घर की याद सताई तो उनके कदम नहीं ठहर सके। यही वजह रही कि बाइक के पीछे रस्सी से रिक्शा बांधकर बिहार जाने को निकले पड़े। अमूमन यही हाल अन्य मजदूरों का भी था, जो दिल्ली नोएडा, गाजियाबाद और हरियाणा से दूरदराज स्थित अपने घरों को जा रहे थे और शाहजहांपुर में हरदोई बाईपास पर खड़े वाहन का इंतजार कर रहे थे।
बिहार के जिला सहरसा के थाना राजासोनवर्षा के गांव तीनधारा निवासी राहुल गुप्ता और उनके साथ नोएडा में बतौर मजदूर काम कर रहे अजय, पंकज, अनोज, नितीश को भी लॉकडाउन के चलते घर लौटना पड़ रहा है। उनके साथ जिले के 12 लोग निकले। तमाम लोग पीछे आ रहे थे। उन्हें घर भी पहुंचना है और कोरोना के संक्रमण का डर भी सता रहा है। राहुल बोले- वह और उनके साथी एक ठेकेदार के यहां नोएडा सेक्टर-दो में पेंटिंग का काम करते थे। पेंटिंग का जब काम नहीं होता था तो रिक्शा चलाकर गुजारा करते थे। पहले एक दिन का जनता कर्फ्यू लगा, तब तो कोई बात नहीं, लेकिन जब पता चला कि 21 दिन का लॉकडाउन हो गया है और यह तीन महीने तक रहेगा तो चिंता सताने लगी। बस यही सोचकर चल दिए। हालांकि ठेकेदार ने पांच हजार रुपये खाने-पीने को भी दिए थे और मकान मालिक ने बोला कि किराया भी नहीं लेंगे, लेकिन इसके बाद भी लंबे समय तक काम न मिला तो क्या करेंगे। बस यही डर घर जाने के लिए मजबूर कर रहा है। राहुल बोले, कोरोना का डर भी है। इसलिए घर पहुंचने से पहले स्वास्थ्य परीक्षण कराएंगे। इसके बाद ही गांव और घर में घुसेंगे।
15 घंटे में तय किया साढ़े तीन सौ किमी. का सफर
शनिवार रात 10 बजे नोएडा से चले बिहार के लिए
राहुल गुप्ता ने बताया कि वह नोएडा से रात करीब दस बजे चले थे। बिहार के मुजफ्फरपुर के रहने वाले ठेकेदार हरवन ने अपनी बाइक दे दी थी। बाइक में पीछे रस्सी से रिक्शा बांधकर चल दिए। नोएडा से लगभग साढ़े तीन सौ किलोमीटर का सफर तय कर शाहजहांपुर 12:49 बजे पहुंचे हैं। रात में कहीं रुकना भी नहीं हुआ। अब लगभग 160 किलोमीटर का सफर तय कर लखनऊ में आराम करेंगे।
लॉकडाउन में काम बंद, गांव में करेंगे गेहूं की कटाई
बिहार के ही जिला जमशेदपुर के रहने वाले एक शख्स परिवार के साथ बरेली मोड़ पर वाहन के इंतजार में बैठे थे। पुलिस ने उन्हें खाने के पैकेट दिए थे। बताया कि दिल्ली में एक फैक्टरी में मजदूरी करते थे, लॉकडाउन होने से काम बंद हो गया इसलिए घर जा रहे हैं। रहने-खाने की दिक्कत के बारे में पूछने पर बताया कि ऐसी कोई दिक्कत नहीं थी, लेकिन तीन महीने तक खाली बैठकर क्या करते। इस समय गेहूं की कटाई चल रही है। गांव जाकर गेहूं की कटाई करेंगे तो कुछ पैसे पैदा हो जाएंगे इसलिए घर जा रहे हैं। बातचीत करने पर इनमें भी कोरोना का जरा भी खौफ नहीं दिखा, बस जल्दी थी तो घर पहुंचने की।
... और पढ़ें

शहर में लॉकडाउन.. हाईवे पर जनसैलाब

शाहजहांपुर। शहर के अंदर लोग लॉकडाउन का पालन कर रहे हैं, लेकिन हाईवे पर दिल्ली और नोएडा गाजियाबाद से लौटने वालों का सैलाब उमड़ पड़ा है। ऐसे में कोरोना वायरस से बचने के लिए दूरी बनाने की सीख दूर-दूर तक नजर नहीं आ रही है। दूर दराज क्षेत्रों से लौटने वाले लोग एक मीटर की दूरी का पालन करना तो दूर की बात है, उनके पास मास्क तक नहीं हैं। भीड़ की इस स्थिति में जागरूकता के सारे दावे फेल हो गए हैं और यह अनदेखी लोगों पर भारी पड़ सकती है।
रविवार को नेशनल हाईवे स्थित बरेली मोड़ पर सैकड़ों की संख्या में लोगों की भीड़ खड़ी हुई थी। इन लोगों को खाना खिलाने के लिए सामाजिक संगठनों के लोग आवभगत में लगे हुए थे। पुलिस हर किसी को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वाहनों की व्यवस्था में जुटी हुई थी। एंबुलेंस को भी यहां पर खड़ा किया गया था। हर जाने-जाने वाले की इंफ्रारेड थर्मामीटर से जांच हो रही थी। बरेली की ओर से आने वाली बसों, ट्रकों, डीसीएम आदि वाहनों में लोग अंदर और छतों पर सवार थे। जिन्हें वाहन नहीं मिल पा रहे थे, वे टेंपो से आगे का सफर तय कर रहे थे या फिर पैदल। जिसे जो वाहन मिल रहा है, वह पर लटक जा रहा था। यही हाल हरदोई बाईपास का था। यहां प्रवासियों का रेला नजर आ रहा था। यहां मोहम्मदी रोड, सीतापुर और हरदोई की ओर जाने वालों की भीड़ लगी हुई थीं। सामाजिक संगठन से जुड़े लोग यहां भी खाना खिलाने में लगे हुए थे। दूर दराज से लौट रहे लोगों की भीड़ देखकर कहीं भी लॉकडाउन का अहसास नहीं हो रहा था।
बैरिकेडिंग कर नगर में प्रवेश करने वालों को रोका
जलालाबाद। लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंसिग को लेकर कई लोग गंभीर नही हैं। विभिन्न जरूरतों की आड़ में सुबह होते ही सड़कों पर बड़ी तादाद में निकलने वालों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने रविवार को मुख्य सड़कों पर चौकसी बढ़ाने के साथ सीमाओं पर बैरिकेडिंग कर आसपास के लोगों का प्रवेश सख्ती से रोक दिया। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने प्रशासन की देखरेख में याकूबपुर तिराहे पर बाहर से आने वालों को भोजन के पैकेट वितरित कराए। इस दौरान मुनिराज सिंह, विपिन सिंह, अर्पित गुप्ता, क्षितिज गुप्ता, राहुल शर्मा आदि मौजूद रहे। संवाद
100 लोगों को बस मंगाकर भेजा लखनऊ
मीरानपुर कटरा। दिल्ली से चलकर दोपहर करीब एक बजे मीरानपुर कटरा के मेन चौराहे पहुंचे 100 से ज्यादा लोगों को एसडीएम सौरभ गंगवार और सीओ मंगल सिंह रावत ने जिले के अफसरों से वार्ता कर रोडवेज की बस की व्यवस्था कराकर लखनऊ भिजवाया। ब्लॉक प्रमुख नरेंद्र गुप्ता ने चौराहे पर खाने के पैकेट वितरित किए। संवाद
... और पढ़ें

बाहर से आए लोगों की घरों में की गई जांच

पुवायां। विदेश और देश के अन्य प्रांतों से वापस आए लोगों की स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनके घरों पर जाकर जांच की। बाहर से आए लोगों के अलग रहने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
पुवायां क्षेत्र में इटली से दो, अमेरिका से एक, खुटार में इटली से आए एक युवक की काफी पहले से ही निगरानी की जा रही है। सभी लोग ठीक हैं। लॉकडाउन के बाद दूसरे प्रांतों से वापस आए लोगों के रहने के लिए प्रशासन, प्रधान आदि ने कोई व्यवस्था नहीं की है। ऐसे लोगों में कुछ तो सीधे अपने घरों को पहुंच गए, कुछ सरकारी अस्पताल पहुंचे और जांच के बाद घर पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्रधान की सूचना पर बाहर से आए लोगों की उनके घर पहुंचकर जांच और सभी से घर के अंदर ही रहने को कहा है। निर्देश दिए गए हैं कि खांसी, बुखार, सांस से संबंधित कोई समस्या होने पर तत्काल नजदीकी सरकारी अस्पताल को सूचित करें। रविवार को पुवायां में स्वास्थ्य विभाग की दो टीमों ने 55 लोगों का परीक्षण किया। बंडा में 586 और खुटार में 95 लोगों की जांच की गई। देर शाम तक बाहर से आने वालों का सिलसिला जारी था। संवाद
... और पढ़ें

लॉकडाउन: पांच दिन में कारोबार जगत को 40 करोड़ का नुकसान

शाहजहांपुर। कोरोना वायरस पर काबू पाने को पांच दिन से प्रभावी लॉकडाउन के दौरान जिले में ऑटो, कपड़ा, सराफा, रेडीमेड वस्त्र, कंफैक्शनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स आदि के कारोबार को करीब 40 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। सबसे ज्यादा घाटा ऑटो सेक्टर को उठाना पड़ रहा है। जिले में विभिन्न कंपनियों के फोर व्हीलर और टू व्हीलर के करीब दो दर्जन शोरूम हैं, बिक्री ठप होने से सिर्फ आटोमोबाइल सेक्टर को ही सात करोड़ रुपये से ज्यादा का घाटा हुआ है। कारोबारी नुकसान के लिहाज से सराफा व्यवसाय भी भारी घाटे में है क्योंकि सहालग का सीजन नजदीक होने के बावजूद सराफा बाजार बंद है और मैरिज लॉन पर भी ताले लटके हैं।
पांच दिन में नुकसान
सेक्टर राशि (करोड़ रुपये में)
आटोमोबाइल 7.5
कपड़ा कारोबार 6.25
किराना 6.25
रेडीमेड वस्त्र 5
सराफा 5
इलेक्ट्रॉनिक्स 75 लाख
मैरिज लॉन 50 लाख
कंफैक्शनरी 15 लाख
(आंकड़े कारोबारियों के अनुमान पर आधारित)
कारोबारियों की बात
फोर व्हीलर और टू व्हीलर कंपनियों के जिले में लगभग दो दर्जन शोरूम हैं। एक एजेंसी पर दो गाड़ियों की औसत बिक्री 20 लाख रुपये मान ली जाए तो एक करोड़ से अधिक का कारोबार रोज प्रभावित हो रहा है। वाहन व्यवसायी देश हित में नुकसान उठाने को तैयार हैं। - चरनजीत सिंह दुआ, वाहन व्यवसायी
जिले में कपड़ा की लगभग पांच सौ दुकानें हैं। सभी ने सहालगी सीजन की तैयारी की थी और हर दुकान पर रोजाना औसतन 25 हजार रुपये की सेल हो रही थी। इस समय कारोबार की कोई परवाह नहीं क्योंकि कोरोना को हराने के लिए देश के पास अन्य कोई विकल्प नहीं है। - सुनील तुली, कपड़ा कारोबारी
सराफा की महानगर के तीनों बाजारों समेत ग्रामीण क्षेत्र में करीब आठ सौ दुकानें हैं। शादी-विवाह के लिए लोग पहले से जेवरों की खरीद शुरू कर देते हैं। इन दिनों रोजाना करीब एक करोड़ के गहनों की बिक्री होने की उम्मीद थी। लॉकडाउन खुलने पर बिक्री बढ़ने की उम्मीद है। - राज नारायण, सराफा व्यवसायी
जिन घरों में शादियां होनी हैं, वहां के लोग पहले से खरीदारी शुरू कर देते हैं। लॉकडाउन सेे पहले महानगर समेत जिले की करीब पांच सौ दुकानों पर रोजाना एक करोड़ रुपये की बिक्री हो रही थी। कोरोना का दौर थमने के बाद बिक्री बढ़ेगी लेकिन तब समय कम होगा। - हनी सिंह, रेडीमेड वस्त्र कारोबारी
जिले में कंफैक्शनरी की 10-15 बड़ी और 50 से 60 तक छोटी दुकानें हैं, लेकिन लॉकडाउन में सभी दुकानों को खोलने की परमीशन नहीं मिली है। लोग अपनी दैनिक जरूरत के लिए सिर्फ ब्रेड, दूध, पनीर, बिस्किट आदि सीमित आइटम खरीद रहे हैं। इससे कंफैक्शनरी व्यवसाय मंदा चल रहा है। - नरेश कौशल, कंफैक्शनरी व्यवसायी
शहर में छोटे-बड़े करीब 40 मैरिज लॉन हैं। आठ-दस बरात घर तहसीलों-कस्बों में हैं और सभी ने सहालगी सीजन के लिए बुकिंग कर रखी थी। लॉकडाउन की वजह से सारी बुकिंग कैंसिल कर दी गई है और लोगों को इंतजार करने को कहा जा रहा है। - इजहारुल हक उर्फ खान मियां, मैरिज लॉन स्वामी
... और पढ़ें

आज से पहुंचने लगेगा दैनिक मजदूरों के खातों में रुपया

शाहजहांपुर। कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए लॉक डाउन किया गया है। ऐसे में उन दैनिक मजदूरों की स्थिति काफी दयनीय हो गई है, जो रोजाना मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। सहायक नगर आयुक्त आशुतोष दुबे ने बताया कि अब तक 182 दैनिक मजदूरों की सूची तैयार कर शासन को भेजी जा चुकी है। इनके खातों में सोमवार से रुपये आने की संभावना है। इसके अलावा 60 मजदूरों की लिस्ट रविवार को तैयार कराई गई है। उन्होंने बताया कि 935 दैनिक मजदूर नगर निगम में पंजीकृत हैं, जिनमें रिक्शा, ई-रिक्शा चालक, पल्लेदार, हाथ ठेला चालक आदि शामिल हैं। जिन दैनिक मजदूरों का पंजीकरण अभी तक नहीं हुआ है, उनको भी इस योजना का लाभ दिलाया जाएगा। इसके लिए नगर निगम की ओर सत्यापन कराया जा रहा है।
आर्थिक मदद के साथ मिलेगा अनाज
दैनिक मजदूरी करने वालों को आर्थिक मदद के तौर पर एक हजार रुपये देने के साथ ही अनाज भी उपलब्ध कराया जाएगा ताकि उनको लॉक डाउन के दौरान भूखे पेट न सोना पड़े। इसके लिए अंत्योदय और पात्र परिवारों के सत्यापन का काम भी चल रहा है।
महामारी से निपटने के लिए मदद को बढ़ने लगे हाथ
डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के क्षेत्रीय महामंत्री एचएन मिश्रा ने बताया कि देश में आई आपदा की घड़ी में उन लोगों ने भी सहयोग देने का निर्णय लिया है। पीडब्ल्यूडी डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ की ओर से 50 से 60 लाख रुपये की सहयोग राशि कोरोना राहत आपदा में पहुंचाई जाएगी। इसके निर्देश संघ के प्रांतीय अध्यक्ष हरि किशोर तिवारी ने दिए है। उनकी संघ के सदस्यों से अपील है कि जनता को जागरूक करने के साथ गरीब और असहाय लोगों की मदद करें। इसी तरह से आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों ने भी एक दिन का मानदेय मास्क, सैनिटाइजेशन व अन्य महत्वपूर्ण बचाव सामग्री में खर्च करने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में देने का निर्णय लिया है। जिलाध्यक्ष यदुवीर सिंह यादव ने बताया कि सहयोग के लिए बीएसए को पत्र देकर मानदेय से कटौती का अनुरोध किया गया है। संवाद
... और पढ़ें

पलायनः केजरीवाल की घोषणाएं भूख नहीं मिटा पाईं तो छोड़ आए दिल्ली, छलका मजदूरों का दर्द

हाईवे पर काफिलों की भरमार है। थके-मांदे और पसीने से तरबतर लोग लगातार चलते ही जा रहे हैं। एक-एक कदम बढ़ाना भारी पड़ रहा है लेकिन फिर भी सफर लगातार जारी है। चलते-चलते तमाम पैरों में चप्पलें और जूते फट गए हैं जो इस दर्दनाक यात्रा के गवाह के तौर पर हाईवे पर ही जगह-जगह छोड़ दिए गए हैं। सूजे हुए पैरों के खून से रिसते जख्म बता रहे हैं कि जिंदगी बचाने का यह सफर कितना भारी पड़ रहा है।

शनिवार तड़के ऐसे तमाम काफिलों की सेटेलाइट बस स्टैंड के अलावा बड़ा बाईपास पर विलयधाम ओवरब्रिज और इज्जतनगर के परातासपुर इलाके में सड़कों पर भरमार थी। ज्यादातर लोग दिल्ली से आ रहे हैं जिनके एक तरफ कोरोना की चुनौती थी और दूसरी तरफ भूख की। कभी उन्होंने भूख मिटाने के लिए ही दिल्ली का रुख किया था लेकिन लॉक डाउन होने के बाद जब भूख ही जिंदगी लेने पर आमादा हो गई तो दिल्ली छोड़ दी।

कहते हैं, केजरीवाल ने आधार कार्ड पर राशन के साथ सभी जरूरी सुविधाएं घर पर ही मुहैया कराने की घोषणा तो की लेकिन फिर भी जब कई दिन झुग्गियों में भूखे रहना पड़ा तो निकल आए। दिल्ली से आने वालों के अलावा अच्छी-खासी तादाद नोएडा और रुद्रपुर की फैक्टरियों में काम करने वाले मजदूरों की भी है। रुद्रपुर से बेदखल हुए लोगों का सफर अपेक्षाकृत कम लंबा हैं लेकिन चिंताएं वही हैं कि घर लौटकर शायद कोरोना से तो बच जाएं लेकिन परिवार का पेट कैसे भरेंगे।

रेलवे ट्रैक के किनारे-किनारे दिल्ली से बाराबंकी का पैदल सफर

तीन दिन में बरेली पहुंचा भूखा-प्यासा दस मजदूरों का जत्था, अभी इससे भी ज्यादा सफर बाकी
बाराबंकी के सफदरगंज इलाके के धौरागांव में रहने वाला दस मजदूरों का जत्था दिल्ली से बुधवार को पैदल घर की ओर निकला था। इस जत्थे में शामिल रामबाबू, शिवांश और संदीप ने बताया कि उनमें से कोई दिल्ली में रिक्शा चलाता था तो कोई फैक्टरी में काम करता था। जनता कर्फ्यू के दिन से ही खाने के लाले पड़ गए और हवा फैलने लगी कि लॉक डाउन तीन महीने से पहले खत्म नहीं होगा। इसके बाद घर लौटना बेहतर समझा। काफी कोशिश की लेकिन किसी सवारी का इंतजाम नहीं हुआ। सड़क पर निकलने पर जगह-जगह पुलिस पीट रही थी। लिहाजा बुधवार रात सभी लोग अपने बैग लेकर अलग-अलग निकले और स्टेशन से अलग हटकर एक जगह इकट्ठे होने के बाद रेलवे ट्रैक के किनारे-किनारे सफर शुरू कर दिया। रेलवे ट्रैक पर सफर करने से पुलिस का खतरा नहीं था। जहां मौका मिला वहां सड़क पर आ गए। रामहजारे के पैर से खून निकल रहा था। शिवांश और उसके साथियों के पैर सूज गए थे। रामबाबू की हालत सबसे ज्यादा खराब थी जिनकी आंत का बमुश्किल 15 दिन पहले ही ऑपरेशन हुआ था।

शुक्रवार को चली बसें मगर दिल्ली नोएडा से बरेली लाकर छोड़ दिया

दिल्ली-नोएडा और गाजियाबाद से मजदूरों को लाने के लिए बरेली रीजन की करीब सवा सौ बसें शुक्रवार को चलनी शुरू हुईं तो हजारों लोगों को राहत भी मिली। इसके अलावा दिल्ली की भी तमाम बसें उन्हें यूपी के तमाम शहरों तक छोड़ रही हैं। लेकिन फिर भी हजारों की तादाद ऐसे लोगों की भी हैं जो बसें शुरू होने से पहले ही दिल्ली छोड़कर चल पड़े थे। खचाखच भरी बसों में उन्हें रास्ते में जगह नहीं मिली लिहाजा उन्हें परिवार के साथ पूरा सफर पैदल तय करना पड़ा।

साइकिल पर लादी पत्नी-बेटी के साथ पूरी गृहस्थी फिर रुद्रपुर से बरेली की यात्रा

पीलीभीत के बीसलपुर के गांव अखौली में रहने वाले नीरज रुद्रपुर की कंपनी में काम करते हैं। नीरज ने बताया कि रुद्रपुर में दस दिन पहले ही काम पूरी तरह बंद हो गया था। उनका पूरा परिवार कमरे में ही पूरा वक्त गुजार रहा था। ज्यादा दिक्कत तब शुरू हुई जब बाहर निकलने पर पाबंदी के बीच घर में रखा राशन खत्म हो गया और राशन, सब्जी-दूध जैसी चीजें खरीदने को पैसे भी नहीं बचे। कई बार बस और टेंपो स्टैंड गए ताकि गांव जाने के लिए कोई साधन मिल जाए लेकिन सब सुनसान पड़ा हुआ था। आखिर में साइकिल पर ही घर का जरूरी सामान लेकर लौटने का फैसला किया। पत्नी कुसुमा और दो साल की बेटी आकांक्षा के साथ रात में दो बजे चल दिए। नीरज ने उम्मीद जताई कि शाम तक घर पहुंच जाएंगे। रास्ते में पुलिसवालों ने कई जगह रोका पर परेशानी सुनकर जाने दिया।

पैर उठते नहीं, मां-बहनों का हाल देखकर दिल भी बैठा जा रहा है

शाहजहांपुर के सिंधौली कस्बे में रहने वाले तालिब अपने परिवार के साथ रुद्रपुर में रहते हैं जहां उनके पिता रिक्शा चलाते हैं और वह खुद फैक्टरी में काम करते हैं। तालिब विलयधाम पर अपनी मां, तीन बहनों और परिवार के और लोगों के साथ गाड़ी का इंतजार कर रहे थे। उसने बताया कि शुक्रवार रात तीन बजे वे सभी पैदल ही घर के लिए चल दिए थे। रास्ते में टेंपो, डनलप. तांगा जो भी मिला, उस पर कुछ दूर के लिए बैठ लिए। कुछ नहीं मिला तो पैदल चलते रहे। बरेली आकर उनकी हिम्मत जवाब दे गई है। मां और बहनों की हालत देखकर दिल भी बैठा जा रहा है। बोले, काफी इंतजार के बाद यहां भी कोई गाड़ी नहीं मिल रही है। किसी तरह शाहजहांपुर पहुंच जाएं तो घर जाने की भी कोई जुगाड़ हो ही जाएगी।

 

... और पढ़ें

पुलिस को फोन कर बोली पत्नी.. पति कोरोना संक्रमित है इसे ले जाओ

रोजा। लॉकडाउन में उन दंपती की मुसीबत बढ़ गई है, जिनकी आपस में नहीं बनती और अक्सर झगड़े होते हैं। रोजा क्षेत्र के एक गांव में झगड़ालू पति से तंग आकर पत्नी ने यूपी 112 पुलिस को फोन कर कह दिया कि उसका पति कोरोना संक्रमित है। पुलिस आनन-फानन में मौके पर पहुंची और एंबुलेंस को बुलाया। एंबुलेंस के साथ पहुंचे स्वास्थ्य कर्मियों ने जांच की तो युवक में कोरोना के लक्षण नहीं मिले। इस पर पुलिस ने पत्नी से कड़ाई से पूछताछ की तो सारा भेद खुल गया।
यह घटना क्षेत्र के गांव बल्लिया में हुई, यहां रहने वाले पति-पत्नी में आए दिन झगड़ा होता था। शनिवार रात भी दोनों में जमकर नोकझोंक हुई। पत्नी को गुस्सा आया तो उसने पति को खरीखोटी सुनाते हुए यूपी 112 नंबर डायल कर दिया। कुछ ही देर में पुलिस मौके पर पहुंच गई। महिला ने पुलिस को बताया कि पति दो दिन पहले दिल्ली से लौटे हैं। वह कोरोना वायरस से संक्रमित हैं। उसे डर है कि परिवार के अन्य लोगों में भी यह फैल जाएगा। फिर क्या था, पुलिस ने तुरंत कॉल कर एंबुलेंस बुला ली। स्वास्थ्य टीम ने पति की जांच की तो वह सामान्य मिला। कोरोना के लक्षण न मिलने पर पुलिस ने पत्नी से कड़ाई से पूछताछ की तो महिला ने हकीकत बयां कर दीं। बोली- पति रोज-रोज झगड़ता है। सोचा कुछ दिन आइसोलेशन वार्ड में रहेंगे तो दिमाग ठीक हो जाएगा। महिला की इस हरकत पर पुलिस माथा पीटकर लौट गई।
... और पढ़ें

दाम तय फिर भी नहीं रुकी सब्जी की कालाबाजारी

शाहजहांपुर। प्रशासन ने भले ही हर सब्जी के अधिकतम दाम तय कर दिए हों, लेकिन जनता को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है। प्रशासन की दरों का हवाला देने पर ठेलेवाले भी उस दाम में सब्जी देने से इनकार कर आगे बढ़ जाते हैं। उनका कहना है कि इस दर पर सब्जियां उन्हें भी नहीं मिल रही हैं तो वे कैसे बेचें। प्रशासन भी इसकी कोई मॉनिटरिंग नहीं कर रहा है कि तय दामों पर लोगों को सब्जी उपलब्ध हो पा रही है या नहीं।
कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने की आशंका के चलते शनिवार को लॉकडाउन का चौथा दिन था। 25 मार्च को शुरू हुआ लॉकडाउन 14 अप्रैल तक जारी रहेगा। इस बीच लोगों को आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन की ओर से इंतजाम करने के साथ ही उनके दाम भी निर्धारित कर दिए गए हैं। इसके अनुसार आलू 22-25, प्याज 25-28, टमाटर 25-29, आटा 25-28, चावल 26-30, अरहर दाल 85-95, चना दाल 60-65, मूंग दाल 105-110 और मसूर दाल 75-80 रुपये किलो निर्धारित की गई है। इसके बाद भी बाजार और मोहल्लों में सब्जी समेत अन्य आवश्यक वस्तुओं को महंगे दामों पर बेचा जा रहा है। शहर के मोहल्ला इंद्रानगर कॉलोनी में ठेले पर सब्जी बेचने पहुंचे विक्रेता अजय ने बताया कि उन्हें मंडी से ही सब्जी महंगी दी जा रही है। प्रशासन की ओर से निर्धारित रेटों पर सब्जी बेचना संभव नहीं हैं।
आवश्यक वस्तुओं के दाम निर्धारित कर दिए गए हैं, इसके बाद भी कोई अधिक रुपये मांग रहा है, उसकी शिकायत कंट्रोल रूम के नंबर पर की जा सकती है। अभी तक ऐसी कोई भी सूचना कंट्रोल रूम में नहीं आई है। - आशुतोष कुमार दुबे, अपर नगर आयुक्त
... और पढ़ें

कोरोना के खतरे को कुछ लोग समझे पर कुछ अब भी अनजान

साशाहजहांपुर। कोरोना की भयावहता को नजरअंदाज कर कुछ लोग अभी भी लॉकडाउन का पालन करने के बजाय बेवजह सड़कों पर निकल रहे हैं। ऐसे ही लोगों से पुलिस सख्ती से निपट रही है। शनिवार को कई इलाकों में बेवजह सड़कों पर लोग इसी तरह घूमते दिखे, जिन्हें ट्रैफिक पुलिस और होमगार्ड ने सख्त हिदायत देकर लौटाया। चूंकि पुलिस इस समय अन्य प्रदेशों से आए लोगों की सेवा में लगी है तो चौराहों पर फोर्स कुछ कम हो गया है, जिसका लोग नाजायज फायदा उठा रहे हैं। मगर इसी बीच एक साइकिल सवार को पुलिस ने अच्छा सबक सिखाया, उसे साइकिल कंधे पर रखवाकर घर की ओर रवाना किया।
दिखाओ कागज.. अभी चालान करता हूं
लालइमली चौराहा, जहां कई बार जाम के हालात बन जाते थे लेकिन शनिवार को लॉकडाउन के चलते इक्का-दुक्का लोग निकल रहे थे। हालांकि इन्हें भी मना किया जा रहा था लेकिन हर किसी के पास अपना एक बहाना था। एक बाइक सवार बहानेबाजी पर उतरा तो ट्रैफिक पुलिस कर्मी सख्त हो गया। बोला, दिखाओ बाइक के कागज कहां हैं, अभी चालान करता हूं। हालांकि बाद में उसे हिदायत देकर छोड़ दिया।
कोरोना से लड़ना है तो घर में ही रहना होगा
लाल इमली चौराहे पर ही 15 मिनट बाद फिर कुछ लोग आते दिखे तो इस बार होमगार्ड डंडा लेकर आगे बढ़ गया। पहले ठेली पर सामान लेकर जा रहे बूढ़े को हड़काया। फिर पीछे से आए एक साइकिल सवार की जमकर क्लास लगाई। सीधे हिदायत दी कि दोबारा सड़क पर घूमते मिले तो रिपोर्ट दर्ज हो जाएगी। कोरोना से लड़ना है तो घर में ही बैठना पड़ेगा। इसके बाद वह चुपचाप चला गया।
सर, अस्पताल जा रहे हैं.. मत रोको
खिरनी बाग चौराहे पर भी इक्का-दुक्का लोगों का आवागमन जारी था। यहां से गुजरने वाले ज्यादातर लोग एक ही बात कह रहे थे कि उन्हें अस्पताल जाना है। स्कूटी पर सवार दो लोगों को रोका तो वे अस्पताल जाने की बात कहकर निकल गए। वहीं एक कार सवार लोगों को रोका तो वह भी अस्पताल जाने की बात कहने लगे। उन्होंने पर्चा दिखाया। इसके बाद उन्हें आगे जाने की अनुमति दे दी गई।
कंधे पर साइकिल टांगकर लौटाया
खिरनीबाग चौराहे पर एक युवक साइकिल लेकर बाहर निकला तो यहां ट्रैफिक पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पूछा कहां जा रहे तो, जवाब आया कि बस यूं ही घूमने निकल पड़ा। इस पर पुलिस सख्त हो गई और उसे साइकिल से उतारा। कहा अब बेवजह बाहर घूमने की सजा केवल यही है कि अब साइकिल पर तुम नहीं, बल्कि साइकिल को कंधे पर टांगकर जाओगे। कुछ दूर चलने के बाद वह साइकिल पर बैठकर भाग गया।
... और पढ़ें
अपने शहर की सभी खबर पढ़ने के लिए amarujala.com पर जाएं

Disclaimer


हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।
Agree
Election
  • Downloads

Follow Us