विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
नवरात्र में कराएं कामाख्या बगलामुखी कवच का पाठ व हवन, पाएं कर्ज मुक्ति एवं शत्रुओं से छुटकारा
Astrology Services

नवरात्र में कराएं कामाख्या बगलामुखी कवच का पाठ व हवन, पाएं कर्ज मुक्ति एवं शत्रुओं से छुटकारा

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Coronavirus in UP Live Updates: प्रदेश में 80 संक्रमित, लखनऊ में 9 दिनों से नहीं मिला कोई मरीज

शासन और प्रशासन संक्रमण के चेन को तोड़ने के लिए लगातार कोशिश कर रहा है। लोगों से भी हर वक्त घरों में रहने की अपील की जा रही है।

30 मार्च 2020

विज्ञापन
विज्ञापन

श्रावस्ती

सोमवार, 30 मार्च 2020

न्यायालय के आदेश का अनुपालन नहीं करा रहे ईओ

श्रावस्ती। न्यायालय के आदेश के बाद भी अधिशाषी अधिकारी नगर पंचायत इकौना द्वारा उसका अनुपालन नहीं कराया जा रहा है। आदेश अनुपालन की मांग को लेकर नगर पंचायत आने वाले फरियादी की बात न सुनकर ईओ द्वारा एक अनाधिकृत व्यक्ति के पास बार-बार भेजा जा रहा है। इससे फरियादी परेशान हैं। ऐसे में पीड़ित ने डीएम को पत्र भेज कर प्रकरण में हस्तक्षेप करने की मांग की है।
जिलाधिकारी यशु रुस्तगी को भेजे शिकायती पत्र के जरिये भिनगा नगर निवासी रामरूप गुप्ता ने कहा है कि इकौना में उसकी ननिहाल है। उसने अपने नाना छेदीराम पुत्र समयदीन से इकौना के मोहल्ला आजाद नगर स्थित मकान नंबर 106 का रजिस्टर्ड वसीयत कराया था। इस मामले में आजाद नगर निवासी धर्मेंद्र कुमार गुप्ता उर्फ ननके पुत्र शिवदीन द्वारा आपत्ति की गई थी जिसका सक्षम न्यायालय द्वारा निस्तारण किया जा चुका है।
धर्मेंद्र द्वारा दायर वाद खारिज किया जा चुका है। इतना ही नहीं धर्मेंद्र द्वारा की गई अपील भी सीजेएम द्वारा 17 फरवरी 2020 को निरस्त कर दी गई। तब से पीड़ित आदेश का अनुपालन कराने व वसीयत दर्ज कराने के लिए नगर पंचायत इकौना कार्यालय का चक्कर लगा रहा है। वहां तैनात अधिशाषी अधिकारी द्वारा पीड़ित के प्रार्थना पत्र का निस्तारण न कर बार-बार बाराबंकी निवासी नरसिंह के पास जाकर बात समझाने की बात कही जा रही है। वहीं नरसिंह द्वारा मकान के अनुसार धन की मांग की जा रही है। ऐसे में पीड़ित ने डीएम से हस्तक्षेप कर नामांतरण कराने व अनाधिकृत व्यक्ति को नगर पालिका से हटाने तथा ईओ पर कार्रवाई करने की मांग की है।
मामला विवादित है। सोमवार को यह प्रकरण अध्यक्ष के माध्यम से मेरे समक्ष आया था जिसकी जांच किए बिना निस्तारण संभव नहीं है। जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
-प्रेमनाथ, ईओ इकौना
... और पढ़ें

बाहर से आने वाले दस लोगों को किया हॉस्पिटल क्वारंटीन

श्रावस्ती। कोरोना वायरस का कहर महानगरों में फैल चुका है। लोग मुंबई सहित अन्य नगरों को छोड़ कर घर वापस आ रहे हैं। जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग ने जिले में हाई अलर्ट जारी किया है। बाहर से आने वाले लोगों को पहले पुलिस रोक कर अस्पताल में जांच करा रही है। सोमवार को ऐसे पचास लोगों की जांच की गई। इसमें से दस लोगों को हॉस्पिटल क्वारंटीन किया गया है। बाकी को होम क्वारंटीन के लिए भेजा गया है।
कोरोना वायरस के प्रति जागरूकता के चलते उपजे डर से लोग भयभीत हैं। इसी लिए घर के बाहर कमाने गए लोगों की वापसी के बाद उनकी जांच कराई जा रही है। रविवार व सोमवार को करीब ढाई हजार से अधिक लोग भिनगा नगर में बाहर से आए। यही आंकड़ा इकौना व जमुनहा क्षेत्र का है। आने वाले लोग अधिकांशता चंडीगढ़, दिल्ली, मुंबई, पंजाब प्रांत के अन्य हिस्से, गुजरात, सूरत शहर से आ रहे हैं। यह सब वहां मजदूरी करते हैं। वहां बंदी के बाद सभी वापस घरों की ओर निकले थे।
कोई गोंडा रेलवे स्टेशन तो कोई बलरामपुर, बहराइच व लखनऊ उतरा। वहां से कुछ लोग मीलों पैदल चल कर टुकडे़-टुकड़े में साधन सहित भिनगा व अन्य हिस्सों में पहुंचे। यहां वह पुलिस व प्रशासन के संपर्क में आए। जिन्हें संयुक्त जिला चिकित्सालय सहित मोबाइल टीम के हवाले कर दिया गया। जहां जांच के बाद उन्हें होम क्वारंटीन के लिए घर भेजा गया है। वहीं कुछ लोग चुपके से घर पहुंच गए। जिनकी जानकारी स्थानीय लोगों द्वारा दी जा रही है।
इसी प्रकार सोमवार को पचास लोग संयुक्त जिला चिकित्सालय लाए गए। जिनकी गहन जांच के बाद उन्हें होम क्वारंटीन के लिए भेजा गया। जबकि दस लोगों को हॉस्पिटल क्वारंटीन के लिए रखा गया है। बाहरी लोगों की जांच प्रक्रिया जारी है। इस संबंध में सीएमएस डॉ. विजय कुमार बताते हैं कि फिलहाल यदि किसी पर विशेष संदेह है तो उसे हॉस्पिटल क्वारंटीन में रखा जाता है। अन्यथा की स्थिति में सभी को होम क्वारंटीन में भेज कर इसकी सूचना सीएचसी-पीएचसी में दी जाती है। वहीं से उन पर निगरानी होती है।
... और पढ़ें

भिनगा में किया गया हाफ लाक डाउन रहा बेअसर, खुली सभी दुकानें

श्रावस्ती। कोरोना वायरस को लेकर किया गया हाफ लॉक डाउन पूरी तरह बेअसर रहा। भिनगा बाजार सोमवार दस बजे ही पूर्ण रूप से खुल गई। बाजार खुली देख कर भीड़ भी एकत्र होने लगी। इसके बाद इसकी सूचना मिलते ही पुलिस ने सभी दुकानों को बंद कराया। वहीं इसके साथ-साथ जिले में तीन अन्य बाजारों को भी हाफ लॉक डाउन करने का आदेश दिया गया है। अब जिले में कुल छह बजार हाफ लॉक डाउन होगी।
कोरोना वायरस का संक्रमण ज्यादा न फैलने पाए इसके लिए पहले ही प्रशासन ने भिनगा, इकौना व गिलौला बाजार को हाफ लॉक डाउन कर दिया। इसके तहत एक रोस्टर जारी किया गया था। रोस्टर के मुताबिक जिले में केवल दस बजे से दो बजे तक केवल एक पटरी की ही दुकानें खुलेंगी, दूसरी पटरी की दुकानें बंद रहेंगी। इस रोस्टर के तहत भिनगा में सोमवार को ईदगाह तिराहे से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिनगा तक उत्तर दिशा में स्थित दुकानें खुली रहनी थीं। ऐसे ही दहाना तिराहे से कलेक्ट्रेट गेट तक मुख्य मार्ग के पूरब की दुकानें खुली रहेंगी।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से इकौना मार्ग भिनगा चौराहे तक पूर्व दिशा में स्थित दुकानें खुली रहनी थीं। लेकिन इस रोस्टर का पालन नहीं हुआ। सुबह दस बजे भिनगा नगर की सारी दुकानें खुल गईं। वहीं लखनऊ सहित सोलह अन्य नगरों में पूर्ण लॉक डाउन की सूचना के चलते आवश्यक सामानों के खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोग विभिन्न आशंकाओं के चलते सामान खरीदने जुटने लगे। बाजार में अचानक लोगों की भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया।
भिनगा कोतवाली प्रभारी दद्दन सिंह भारी पुलिस बल के साथ पहुंच कर बिना रोटेशन खुली दुकानों को बंद करा दिया। कोतवाली प्रभारी ने अनाउंस कर लोगों को बाजार में आवश्यक वस्तुओं की कमी न होने के संबंध मं जागरूक किया। उन्होंने कहा कि लोग अफरा-तफरी की स्थिति पैदा न करें। कहा कि एक तरफ की सभी दुकानें खुली हैं। आप लोग आराम से वहां सामान खरीद सकते हैं। अगले दिन दूसरी ओर की दुकानें खुलेंगी। इसलिए अफवाहों पर ध्यान न दें।
मुख्यमंत्री की अपील से सतर्क हैं लोग
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार रात आठ बजे ट्वीट किया था कि नेपाल सीमा से जुड़े छह जनपद जिसमें श्रावस्ती बहराइच, पीलीभीत, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर व महराजगंज शामिल हैं। वहां जो लोग नेपाल व बाहर से आए हैं, वह अपने घर पर ही रहें। संदेह होने पर तत्काल सूचना दें। प्रशासन भी तत्काल संज्ञान लेगा। इस ट्वीट के बाद लोग सतर्क हैं।
मुंबई से रात भर आते रहे लोग
मुंबई में कोरोना संक्रमण की स्थिति भयावह है। वहां पर जिले के हजारों लोग मजदूरी करते हैं। तमाम लोग फुटपाथ या फिर सामूहिक रूप से एक ही कमरे में रहते थे। जिसके चलते उन्हें वहां से हटा दिया गया। इस के बाद मुंबई में रह रहे यहां के स्थानीय लोग बहराइच बलरामपुर पहुंच चुके हैं। इन स्टेशनों से लोग सब्जी वाहन, दूध वाहन व अन्य माल वाहक वाहनों पर बैठ कर भिनगा व इकौना पहुंच रहे हैं। इस तरह रविवार रात से ही लोगों का तांता लगा हुआ है। लोग सोमवार सुबह तक जत्थों में ग्रामीण क्षेत्र में स्थित अपने घरों में जाते देखे गए। यही नहीं सड़क पर पुलिस की मौजूदगी को देख कर लोग मुख्य मार्ग छोड़ कर खेत या फिर जंगल के रास्ते पैदल ही अपने घरों को रवाना हुए।
इन बाजारों का हुआ हाफ लॉक डाउन
इकौना के बौद्ध तपोस्थली कटरा में भी हाफ लॉक डाउन किया गया है। यहां 23 मार्च को लोटस सूत्रा से प्लेटिनम होटल तक, कटरा बाईपास रोड के दक्षिण तरफ, लोटस से चौधरी राम बिहारी बुद्ध इंटर कॉलेज तक कटरा बाजार दक्षिण तरफ, महामंगकोल मंदिर के अंतिम गेट मथुरा रोड से राजकीय हवाई पट्टी के पूरब तरफ दुकानें दस बजे से दो बजे तक खुलेंगी। इसके अगले दिन इन्हीं रोडों के दूसरी तरफ की दुकानें खुलेंगी। यह क्रम 28 मार्च तक जारी रहेगा। इसी प्रकार वीरपुर लालबोझी मार्ग पर स्थित दुकानें 23 मार्च को अपना फ्यूल सेंटर एचपी से आर्यावर्त बैंक बीरपुर तक दक्षिण तरफ, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान वीरपुर से राजकुमार सोनी के मकान तक पश्चिमी तरफ की दुकानें भी दस बजे से दो बजे तक खुली रहेंगी। जबकि अगले दिन यहां भी दूसरी तरफ की दुकानें खुलेंगी। यह क्रम 28 मार्च तक जारी रहेगा।
आवश्यक सेवाओं को छोड़ कर पूरा जमुनहा बंद
जमुनहा बाजार में एसडीएम आरपी चौधरी ने दवा, दूध, सब्जी व राशन की दुकानों को छोड़ कर सभी दुकानों को बंद करने का निर्देश दिया है। इसके लिए सोमवार सुबह पुुलिस व प्रशासन ने संयुक्त रूप से अभियान भी चलाया।
जांच के लिए पहुंची टीम, संदिग्ध फरार
सिरसिया के ग्राम गब्बापुर निवासी राजू (15) पुत्र बुद्धू शनिवार को मजदूरी करके पूना से वापस घर पहुंचा था। जिसे सर्दी जुकाम की शिकायत थी। संदिग्ध मानते हुए इसकी सूचना गांव निवासी उदय त्रिपाठी ने स्वास्थ्य विभाग को दी थी। लेकिन जब तक स्वास्थ्य टीम गांव पहुंचती राजू घर छोड़ कर फरार हो गया। वहीं शनिवार रात इकौना के अमारे भरिया निवासी सोनू पुत्र करिंगन, बाबू पुत्र शहजादे, मौसम अली पुत्र शहजाद व अमन पुत्र रामदुलारे मुंबई से तथा रोहित पुत्र समय प्रसाद व राजेंद्र पुत्र मायाराम राजकोट गुजरात से आए थे। इनमें से कुछ को सर्दी-जुकाम होने की सूचना पर ग्राम प्रधान हरिओम ने कंट्रोल रूम को सूचित किया। सूचना पर सीओ इकौना तारकेश्वर पांडेय व सीएचसी अधीक्षक डॉ. अजय कुमार मिश्रा ने मौके पर पहुंच कर सभी की जांच कर खून के नमूने लिये। इस दौरान अधिकारियों द्वारा सभी को गांव के पंचायत घर में रहने की व्यवस्था कराई। लेकिन कुछ देर बाद सभी संदिग्ध वहां से भाग कर अपने घर चले गए। वहीं मल्हीपुर में दिल्ली से आए जगराम निवासी श्रीनगर, पेशकर, प्रदीप व परसोहनी निवासी राजेश राप्ती बैराज की ओर जा रहे थे। सूचना पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जांच कर उन्हें जाने दिया गया।
एएसपी ने किया सीमा क्षेत्र का दौरा
एएसपी बीसी दुबे ने सोमवार भारत-नेपाल सीमा पर स्थित मदारगढ़, सुइया, तालबघौड़ा, तुरसमा, रोशनगढ़, भरथा रोशनगढ़, हकीमपुरवा व ककरदरी में एसएसबी व चिकित्सकों की टीम के साथ दौरा किया। यहां ग्रामीणों से बाहर से आने वाले लोगों से जानकारी ली। इसके साथ ही प्रधान को निर्देशित किया कि जो भी व्यक्ति नेपाल या फिर मुंबई व दिल्ली सहित अन्य महानगरों से आ रहे हैं, उनकी सूची तत्काल स्थानीय पुलिस व स्वास्थ्य टीम को उपलब्ध कराई जाए। इस दौरान नेपाली पुलिस अधिकारियों से भी बात कर के नेपाल की ओर से आने वाले लोगों पर प्रतिबंध लगाने को कहा।
... और पढ़ें

बिना जांच के लौट रहा हजारों का हुजूम

श्रावस्ती। कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के चलते लॉकडाउन पर गैर प्रांतों में कमाने गए लोग हुजूम में घर लौट रहे हैं। रास्ते में इन परदेसियों की जांच न होने से जिले में दहशत का माहौल है। लेकिन लौटने वाले लोग जो कहानियां बयां कर रहे हैं वह हृदय विदारक है। आने वाले लोग कहीं पिकअप से तो कहीं डीसीएम से अपने गांव पहुंच रहे हैं। सीमा क्षेत्रों में बनाए गए चेकपोस्टों के आंकड़ों पर गौर करे तो शनिवार देर शाम से लेकर रविवार सुबह 11 बजे तक 1002 लोग मात्र तीन चेकपोस्टों से जिले में दाखिल हुए हैं जबकि जिले में कुल 16 चेकपोस्ट हैं।
कोरोना जैसी वैश्विक महामारी में नगरीय क्षेत्रों की असंवेदनशीलता भी लोगों की मुसीबतें बढ़ा रही है। अपना गांव छोड़ कर महानगरों में लोगों की सेवा करने वाले लोग इस महामारी के चलते भगाए जा रहे हैं। यही नहीं किसी के जेब में खाने का पैसा है तो कोई बिना पैसों के पैदल यात्रा करके पहुंच रहा है। ऐसे ही कई दर्द भरी कहानियां रविवार को लोगों ने सुनाईं तो उनकी आंखें डबा-डबा गईं। वहीं सुनने वाले का हृदय कांप उठता था।
दिल्ली से निकले लोग जहां निर्धारित किराए से दोगुना देकर कुछ दूरी की यात्रा किया। पुलिस की लाठियां खाई फिर मीलों पैदल चल कर घर पहुंचे। वहीं दूसरी ओर जिले के लोगों की मुसीबते बढ़ गईं हैं। आने वाले इन लोगों की रास्ते में जांच नहीं हो पा रही है, यह लोग सीधे अपने घर पहुंच रहे हैं। ऐसे में ग्रामीणों के अंदर भय है कि कहीं यह लोग अपने साथ परदेश से संक्रमण न ले आए जिससे पूरा गांव ही समाप्त हो जाए।
तीन चेक पोस्ट से ही 1002 लोग हुए दाखिल
दल्ली, पंजाब, मुंबई, हरियाणा, लखनऊ व कानपुर सहित अन्य नगरों से शनिवार देर शाम से लेकर रविवार 11 बजे तक कुल 1002 लोग जिले में दाखिल हुए हैं। यह आंकड़ा केवल तीन चेकपोस्ट का है। जिले में कुल सोलह चेकपोस्ट बनाए गए हैं। जिले के तीन चेकपोस्ट से दाखिल होने वालों में तुलसीपुर चेकपोस्ट पर दिल्ली से 152, कानपुर से 15, मुंबई से 3, रत्नापुर चेकपोस्ट से कुल 632 लोग दाखिल हुए इसमें दिल्ली से 500, मुंबई से 50, लखनऊ से 20, कानपुर 62 लोग आए हैं। इसी प्रकार कटरा चेक पोस्ट से 200 आदमी दिल्ली व करनाल से आए थे। यह वहां फैक्ट्रियों में मजदूरी करते थे। फैक्ट्री मालिक ने बस की व्यवस्था करके इन्हें भेजा था।
सत्तर किलोमीटर पैदल चले, लाठियां भी खाईं
तुलसीपुर। अपना घर छोड़ गैर नगरों में रोजी की तलाश करने वालों को यह दिन कभी नहीं भूलेगा। जब अपने घर पहुंचने के लिए 70 किलोमीटर पैदल चले। किराए से तीन गुना भाड़ा दिया। नगर में घुसे तो पुलिस ने लाठियों से पीटा। रास्ते में केवल पानी ही उनके जीवन का सहारा रहा। यह सारा दर्द मल्हीपुर थाना क्षेत्र के सोनपुर कला निवासी आठ लोगों ने झेला। सोनपुर निवासी पेशकार, बंशीलाल, संतोष कुमार, अनिल कुमार, रामअचल, मनमोहन, निरंजन भार्गव, अंबर लाल बताते हैं कि यह सभी दिल्ली में गाजीपुर सब्जी मंडी में पल्लेदार का काम करते थे। शनिवार तड़के ही इन्हें स्थानीय लोगों ने दिल्ली छोड़ कर भाग जाने को कहा। वहां से भयभीत होकर वह सीधे सुबह 11बजे दिल्ली के आनंद बिहार बस स्टैंड पहुंचे। वहां दिन भर इंतजार के बाद साधन नहीं मिला। शाम को उन्हें एक रोडवेज बस मिली। जिस पर सवार होकर वह बरेली पहुंचे। यहां तक का किराया उनसे 333 रुपये वसूला गया। बरेली में बस ने उतार दिया। सभी दूसरे साधन का इंतजार कर ही रहे थे कि पुलिस की गाड़ी आ गई। आठ लोगों को देख पुलिन बिना कुछ पूछे उन पर लाठियां बरसाने लगी। पुलिस से भयभीत सभी रात दस बजे बरेली से दस किलोमीटर बाहर पैदल पहुंचे तो उन्हें शहर से बाहर एक ट्रक मिला। जो रात दो बजे 113 रुपये लेकर सीतापुर पहुंचाया। यहां भी वह हाइवे पर उतरे ही थे कि पुलिस की वाहन पहुंच गई। इस दौरान पुलिस ने यहां भी पीटना शुरू कर दिया। पुलिस ने कहा कि यहां से तत्काल निकल जाओ। इस दौरान न तो इन लोगों की जांच हुई। न ही इनकी ओर मदद के लिए किसी ने हाथ ही बढ़ाया। यहां से सभी पैदल निकल लिए। साठ किलोमीटर दिन रात चलने के बाद सभी सोनवा के तुलसीपुर चेकपोस्ट पर पहुंचे। तब तक सभी के पैरों के अंगूठे फट चुके थे। हालांकि यहां चेक पोस्ट पर मौजूद पुलिस व स्वास्थ्य टीम ने सभी की थर्मल जांच कर घर में ही क्वारंटीन रहने की सलाह देकर भेज दिया।
एक डीसीएम में 62 यात्री, तीन हजार रुपये प्रति व्यक्ति का भाड़ा
कोरोना वायरस के कारण लाकडाउन के चलते अपने घर पहुंचने वालों की दास्तान एक से बढ़ कर एक है। कोई सैकड़ों मील पैदल चल कर पहुंच रहा है तो कोई भूखे पेट पुलिस की लाठियां खाकर। लेकिन जमुनहा के भवनियापुर के मजरा जमुनहा में कुछ लोग तीन हजार रुपये प्रति व्यक्ति देकर मुंबई से जमुनहा पहुंचे। सभी जिस डीसीएम पर सवार थे। उसकी दास्ता और भी भयावह है। डीसीएम पर सवार जमुनहा निवासी नफीस अली महाराष्ट्र के थाना बीपी रोड, जिला मौलाना आजाद रोड, महाराष्ट्र में मार्बल लोडिंग व अनलोडिंग की मजदूरी करता था। वह वहां 500 रुपये लगभग कमा लेता था। लाकडाउन के चलते जब सबकुछ बंद हो गया तो वह भूखों मरने लगा। जेब में मात्र चार हजार रुपये थे। तभी पता चला कि बहराइच के नवाबगंज के लिए एक डीसीएम जा रही है। जब उसने डीसीएम चालक से संपर्क किया तो उसने तीन हजार रुपये किराया बताया। मरता क्या न करता। वह तीन हजार रुपये देकर जब डीसीएम पर सवार होने पहुंचा तो पता चला कि वह अकेला नहीं है। उसके साथ जमुनहा क्षेत्र के करीब 62 यात्री है। डीसीएम में न तो बैठने की जगह थी और न ही खाने पीने की कोई व्यवस्था। बस मवेशी की तरह सभी बैठा दिए गए। डीसीएम को तिरपाल से चारों तरफ से बांध दिया गया जैसे कोई सामान भरा हो। चार दिन डीसीएम अपनी सुविधानुसार चलता रहा। इस दौरान एक जगह उन्हें शौच के लिए उतरने दिया गया। रास्ते में बिस्किट व पानी उनका सहारा बना। चौथे दिन सुबह सात बजे बहराइच कस्टम ने रोकलिया। वहीं पर सभी 62 लोगों की जांच हुई। वहां से उनका भाई उन्हें लेकर जमुनहा पहुंचा।
बिना जांच के ही घर पहुंच रहे प्रवासी
जमुनहा(श्रावस्ती)। दिल्ली से भगदड़ की स्थिति बनी हुई है। 22 लोग रविवार सुबह पिकअप पर सवार होकर बरेली से रुपईडीहा पहुंचे। यह सभी लोग दिल्ली से बरेली तक बस से निकले थे। आगे की सवारी न मिलने पर उन्होंने इस साधन का सहारा लिया। इस पिकप पर सवार जमुनहा भवनियापुर के मजरा द्वारिका गांव निवासी शिवराज वर्मा का कहना है कि दिल्ली से बरेली तक का उनसे 353 रुपये वसूला गया। रास्ते में कहीं कोई जांच नहीं हुई। पिकप पर सवार 21 लोग रुपईडीहा के थे। वह अकेला मल्हीपुर का था। घर पहुंचने पर परिवारीजनों ने ही स्वास्थ्य टीम ने उसके आने की जानकारी दिया। इस जानकारी के बाद उसकी जांच हो रही है।
मीलों चल रहे पैदल
इसरार, जीतेन्द्र, हीरालाल, बीती रात्रि दिल्ली से बहराइच तक बस से आए। लगभग 70 किलोमीटर दूर अपने गांव बलरामपुर के ग्राम मथुरा बाजार को पैदल ही चल दिये, वही अनीश ,नफीश, अहमद जब्बार, धुसाह चौराहे से सीतापुर के धौरहरा को पैदल ही निकल पड़े तो लखनऊ के डालीगंज बाजार में लइया चना लगाने वाले शिवकुमार बीती रात्रि बस से बहराइच आये और वहां से करीब 50 किमी दूर ग्राम सोनपुर इकौना के लिए अपने पत्नी व तीन छोटे छोटे बच्चों के साथ पैदल ही निकल पड़े। ऐसे सैकड़ों लोग सड़क पर पैदल ही अपने गांव की ओर दिन भर जाते देखे गए।
भिनगा पहुंची निजी बस तो पुलिस ने पहुंचाया अस्पताल
गैर प्रांतों से वापस लौट रहे लोगों से भरी एक निजी बस रविवार सुबह भिनगा ईदगाह तिराहे पर पहुंची। बस पर लगभग सत्तर लौग मौजूद थे। इनमें से अधिकांश न तो मास्क लगाए थे और न ही सैनिटाइज की व्यवस्था थी। इस पर कस्बा चौकी प्रभारी राजकुमार पांडे ने बस को संयुक्त जिला चिकित्सालय पहुंचाया। जहां सभी की थर्मल जांच की जा रही है।
संयुक्त जिला चिकित्सालय में कुल 15 व कस्तूरबा विद्यालय में 11 लोगों को केवल हास्पिटल क्वारंटीन किया गया है। बाकी लोगों को होम क्वारंटीन की सलाह दी गई है। इसके साथ ही भंगहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को अपग्रेड करते हुए तीस बेड का अस्पताल बनाया जा रहा है। जिसके कोविड 19 हास्पिटल लेविल वन के नाम से जाना जाएगा।
डा. एपी भार्गव सीएमओ
... और पढ़ें
बहराइच से अपने घरों को जाते लोग( बहराइच से अपने घरों को जाते लोग(

प्रशासन की सलाह पर भड़के आढ़ती

इकौना (श्रावस्ती)। इकौना सब्जी मंडी में जुटने वाली भीड़ कोरोना का खतरा बन सकती है। इसे देखते हुए प्रशासन की ओर से आढ़तियों को रोस्टर के अनुसार बड़े मैदान में बैठने की सलाह दी गई, जिससे आढ़ती भड़क गए। आढ़तियों ने रविवार को किसानों से सब्जी न खरीद कर इसका बहिष्कार किया।
इकौना सब्जी मंडी नगर के मध्य स्थित है। जहां सब्जी लेकर आने वाले किसानों व सब्जी खरीदने आने वाले विक्रेताओं के कारण भीड़ एकत्र हो रही थी। जिससे लोग निर्धारित दूरी नहीं बना पा रहे हैं। ऐसे में यहां आने वाले किसानों व सब्जी विक्रेताओं सहित दुकानदारों में कोरोना का संक्रमण का खतरा उत्पन्न हो सकता है। इसे देखते हुए उप जिलाधिकारी इकौना ने आढ़तियों को सब्जी मंडी के स्थान पर जगतजीत इंटर कॉलेज के बड़े मैदान में सब्जी क्रय व विक्रय करने की सलाह दी गई थी। साथ ही दुकानदारों को रोस्टर के अनुसार प्रतिदिन तीन-तीन आढ़त को ही सब्जी क्रय व विक्रय करने को कहा गया था।
प्रशासन के इस फैसले के बाद इकौना के सब्जी आढ़ती भड़क गए। जिनके द्वारा स्थान बदलने व रोस्टर प्रणाली अपनाने से इंकार कर दिया गया। आढ़तियों द्वारा रविवार को सब्जी मंडी बंद कर दी गई। ऐसे में उनके द्वारा न तो किसानों से सब्जी की खरीद की गई और न ही दुकानदारों को इसकी बिक्री ही की गई। ऐसे में सब्जी लेकर जगतजीत इंटर कॉलेज मैदान आए किसान घंटों इंतजार के बाद बैरंग लौट गए।
हालांकि आढ़तियों के इस बहिष्कार का आम जन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। तमाम दुकानदारों ने किसानों से सीधे सब्जी खरीद कर उसकी बिक्री की। नगर क्षेत्र में कुछ असुविधा जरूर हुई। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में उनके इस बहिष्कार का असर नहीं पड़ा। इस बारे में सीओ तारकेश्वर पांडेय ने बताया कि यह कृत्य किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आढ़तियों को चाहिए कि वह प्रशासन का सहयोग करें। ऐसा न करने वाले आढ़तियों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
जरूरतमंद को पुलिस ने पहुंचाई खाद्य सामग्री
सोनवा थाना क्षेत्र के टीकर आलादाद गांव निवासी मनोज मिश्रा ने रविवार को 112 डायल कर सूचना दी कि हमारे घर में राशन नहीं है। घर में दूध न होने के कारण बच्चा भी भूखा है। जिसे खरीदने के लिए मेरे पास पैसा भी नहीं है। मनोज की इस सूचना के बाद मौके पर पहुंची पीआरवी पर मौजूद प्रधान आरक्षी दीनानाथ शुक्ला, आरक्षी अजीत चौहान व चालक कौशल मिश्रा ने अपने पैसे से उन्हें किराने का सामान, सब्जी व दूध मुहैया कराया।
पेट्रोल पंप एसोसिएशन व पुलिस ने की मदद
भिनगा बहराइच मार्ग स्थित बहराइच सीमा पर रत्नापुर में पुलिस की ओर से बैरियर लगाया गया है। जहां अपर पुलिस अधीक्षक बीसी दुबे ने पेट्रोल पंप एसोसिएशन के सहयोग से जिले में आने वाले लोगों व यात्रियों के हाथ डिटॉल से धुलवाए गए। वहां मौजूद चिकित्सक द्वारा उनकी जांच की गई। इस दौरान उन्हें एसोसिएशन की ओर से उपलब्ध कराया गया नाश्ता व फल देकर गंतव्य को रवाना किया गया। यात्रियों ने बताया कि वह लोग दिल्ली से आ रहे हैं। सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलने के बाद सब्जी के ट्रक में बहराइच आए थे। जहां से दोबारा भिनगा के लिए पैदल जा रहे हैं। इस पर उन्हें एएसपी की ओर से एक वाहन से भिनगा भेजा गया।
पीआरओ सेल के आरक्षियों ने दिया वेतन
पुलिस अधीक्षक कार्यालय के पीआरओ सेल में तैनात आरक्षी दिलीप यादव व अमरीश कुमार ने प्रधानमंत्री के आह्वान पर कोरोना संक्रमण से पीड़ितों की मदद के लिए न सिर्फ एक दिन का वेतन दिया है। बल्कि 1100-1100 रुपये नगद भी दिए। आरक्षी दिलीप यादव ने कहा कि आज देश को हमारी मदद की आवश्यकता है। ऐसे में हमें अपना दिल बड़ा करके मदद के लिए खुल कर आगे आना चाहिए।
... और पढ़ें

पत्नी से झगड़ कर आया था काम की तलाश में, अब मांग रहा भीख

श्रावस्ती। पत्नी से झगड़ कर काम की तलाश में इकौना आया एक व्यक्ति लॉकडाउन के चलते भिखारी बन गया। घरों में मांग कर खाना खा रहा है। दिन में कई बार लोग उसे कोरोना संक्रमिक समझ कर पुलिस को फोन भी कर रहे हें। लेकिन जांच कर बाद में नार्मल होने पर उसे छोड़ देते।
लखनऊ के नंदा खेड़ा थाना खाला बाजार निवासी दिनेश पुत्र शिव प्रसाद का चार दिन पहले अपनी पत्नी से विवाद हो गया था। पत्नी से नाराज होकर वह लखनऊ कैसरबाग बस स्टैंड पहुंचा। जहां इकौना की बस लगी थी वह उस पर बैठ कर इकौना पहुंच गया। यहां वह काम की तलाश करके खुद को व्यवस्थित करता इससे पहले पूरे देश को लॉकडाउन कर दिया गया। सारे प्रतिष्ठान बंद होने के कारण उसकी जेब में रखा पैसा भी खर्च हो गया।
इस पर जीवित रहने के लिए वह घरों में भीख मांगने लगा। कोई तो उसे खाना दे देता। लेकिन अधिकांश लोग उसे कोरोना संदिग्ध समझ कर कभी पुलिस को तो कभी स्वास्थ्य टीम को सूुचना देते। ऐसे में उसे दिन में तीन से चार उबार उसे सीएचसी इकौना लाया जाता। हर बार जांच कर उसे नार्मल बता कर वापस भेज दिया जाता। शनिवार बार बार पुलिस द्वारा पकड़े जाने से भयभीत वह लखनऊ अपने घर पैदल ही रवाना हो गया।
... और पढ़ें

पुलिस व प्रशासन ने गरीबों की मदद को बढ़ाया हाथ

श्रावस्ती। पुलिस का चेहरा अभी तक लोगों ने उत्पीड़न व वसूली तक के लिए ही जाना था। लेकिन इस संकट की घड़ी में जिले में सभी स्वयं सेवी संस्थाएं व अन्य लोग चुप बैठे हैं। वहीं पुलिस जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आ रही है। लगभग प्रतिदिन ही गरीबों के फोन पर पुलिस नि:शुल्क उनके घरों तक राशन पहुंचा रही है। फोन करने वाले वह लोग हैं जो दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। काम न मिलने के कारण घरों के चूल्हे ठंडे पड़े हैं। किसी के बच्चे भूख से रो रहे हैं तो किसी की गर्भवती पत्नी की हालत भूख से खराब है।
बदला निवासी मोबिन जो दिहाड़ी मजदूर है। कई दिनों से उसे काम नहीं मिला था। जो अनाज था, उसे धीरे-धीरे खाकर खत्म कर दिया। शनिवार को सुबह बच्चे भूख से बिलखने लगे। लेकिन घर में बनाने के लिए कुछ भी नहीं था। पड़ोसी की सलाह पर मोबीन ने बदला चौकी प्रभारी किसलय मिश्रा को फोन पर घर में ख्,ाने के लिए कुछ न होने की सूचना दी थी। इस सूचना के कुछ देर बाद चौकी प्रभारी ने मोबीन के घर जाकर चावल, सब्जी, तेल, आटा व अन्य सामान कई दिनों के लिए उपलब्ध कराया।
गर्भवती महिला के परिवार को दी खाद्य सामग्री
पंकज कुमार गुप्ता निवासी गौशपुर थाना सोनवा की पत्नी गर्भवती है। वह भी रोजमर्रा काम करके अपने परिवार का भरण पोषण कर रहा था। लगातार कई दिनों से बंदी के कारण उसके घर में खाने के लिए कुछ नहीं बचा। इस पर उसने डायल 112 पर फोन करके मदद की गुहार लगाई थी। उसने पीआरवी 1943 पर तैनात कर्मचारी हेड कांस्टेबल राजकुमार व कांस्टेबल शरद गुप्ता को सूचना दी कि भूख से उसके परिवार की हालत खराब है। इस सूचना के बाद दोनों पुलिस कर्मी व चालक बशीर अहमद मौके पर पहुंच कर पंकज को वहीं दुकान से खाद्य सामग्री चावल, आटा, दाल, दूध, बिस्किट, मसाला आदि खरीदकर दिया। इसके साथ उसे कुछ नगद भी दी, ताकि वह अपनी गर्भवती पत्नी का ध्यान रखे।
एमपी के लोगों की एसडीएम ने की मदद
एसडीएम जमुनहा को कुछ लोगों ने फोन करके बताया कि 40 लोग मध्य प्रदेश के सागर जिला निवासी यहां काम के सिलसिले में आए थे। अचानक बंदी होने के बाद सभी फंस गए हैं। उनके पास कुछ भी खाने के लिए नहीं है। यह लोग कई दिनों से बिना खाए हुए ही पड़े हैं। इस सूचना पर एसडीएम जमुनहा आरपी चौधरी पहुंचे। जहां कोटेदार अर्जुन लाल वर्मा के यहां से राशन मंगवा कर सभी 40 लोगों में वितरित किया। साथ ही उनकी कोरोना की जांच कराई, जिसमें निगेटिव पाए गए।
दो दिन भूखे पड़े रहे, फिर पैदल ही घर को चल पड़े
लखीमपुर निवासी घुमंतू परिवार के सफी अपनी बहन रिहाना, बेटे नफीस, मुजना सहित चार छोटे बच्चे हाशमी, शबनम, अरबिया व अकरम के साथ तहसील इकौना के पीछे ग्राम खांवा पोखर में रहकर यहां कपड़ा बेचने का काम करते थे। गांव में कई दिनों तक रहे। दो दिन पहले इनके पास जमा अनाज व अन्य खाने की वस्तुएं समाप्त हो गईं। इसी के बाद भूखे व प्यासे इन लोगों ने पैदल ही अपने घर लखीमपुर जाने का फैसला किया। शुक्रवार को सभी बौद्ध परिपथ से होते हुए निकले थे कि मोहनीपुर तिराहे के पास वहां मौजूद मीडिया कर्मियों को अपनी आप बीती सुनाने लगे। इसी बीच डीएम यशु रुस्तगी व एसपी अनूप सिंह मौके पर पहुंच गए। इन घुमंतू की आप बीती सुन कर डीएम ने उन्हें 14 अप्रैल तक राशन दिलवाने की बात कहकर यही रहने का आश्वस्त किया। लेकिन घुमंतू परिवार यहां रहने के लिए तैयार नही हुए। सभी परिवार इतने भयभीत थे कि वह किसी भी हाल में अपने घर जाना चाहते थे। इस पर डीएम ने एसडीएम को सभी घुमंतू को तत्काल भोजन उपलब्ध कराने व उन्हें पीआरवी वाहन से बहराइच सीमा तक भेजवाया।
... और पढ़ें

मुंबई से डीसीएम से इकौना पहुंचे 36 लोग

श्रावस्ती में जरूरतमंद को खाद्यान्न् सामग्री देते पीआरवी कर्मी।
इकौना (श्रावस्ती)। गैर प्रांतों से चोरी छिप कर आने का सिलसिला नहीं रुक रहा है। शुक्रवार देर शाम ऐसे ही मुंबई से 36 लोगों से भरी एक डीसीएम इकौना पहुंची। सभी लोग बलरामपुर के मथुरा गांव के रहने वाले थे। मुंबई की डीसीएम देख कर इकौना के मझौवा सुमाल के ग्रामीणों ने पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दी, जहां सभी लोगों को सीएचसी लाकर उनकी जांच की जा रही है।
कोरोना को लेकर पूरा देश लॉकडाउन है। इस दौरान जिले की सीमाएं भी सील हैं। इसके बाद भी एक डीसीएम पर सवार 36 लोग कई प्रदेश की पुलिस को चकमा देते हुए शुक्रवार देर शाम मुंबई से श्रावस्ती के इकौना पहुंच गई। जब डीसीएम पर सवार सभी लोग अपने गांव के नजदीक पहुंचने वाले थे कि मुंबई की डीसीएम देख कर ग्रामीणों ने इसकी सूचना इकौना पुलिस को दी। इकौना पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जांच शुरू की तो पता चला कि डीसीएम में सवार सभी लोग बलरामपुर के थाना ललिया चौकी के मथुरा बाजार के साथ गोंडा जिले के खरगूपुर बाजार के रहने वाले हैं। यह सभी मुंबई में रह कर मजदूरी करते थे।
लॉकडाउन के बाद घर वापसी का कोई साधन न मिलने पर डीसीएम से यात्रा कर घर के किनारे इकौना के मझौवा सुमाल गांव पहुंचे थे। यहां से यह डीसीएम छोड़ कर पैदल गांव के रास्ते राप्ती नदी पार करके अपने अपने गांव पहुंच जाते। लेकिन इससे पहले ग्रामीणों ने इन्हें पकड़ लिया। सभी लोगों को पुलिस सीएचसी इकौना ले आई। जहां उनकी जांच की गई। इस दौरान सीएचसी अधीक्षक डॉ. अजय कुमार मिश्रा बताते हैं कि चिकित्सकों की टीम नेे डीसीएमसे लौट रहे 39 मजदूरों की जांच की है। जांच के दौरान सभी के टेंपरेचर सही पाए गए।
सभी को होम क्वारंटीन किया गया है। इसकी सूचना सभी गांव के सीएचसी, पीएचसी सहित स्थानीय पुलिस को दे दी गई है। वहीं प्रभारी निरीक्षक इकौना मनोज पांडेय बताते हैं कि डीसीएम सवार सभी लोग चार दिन पहले मुंबई से चलकर घर आये, लेकिन रास्ते मे खाने लिए कोई होटल नही खुला मिला। उन्हें यहां सीएचसी इकौना से घरों के जाने के लिए रवाना कर दिया गया । इसी प्रकार दिल्ली, अजमेर, देहरादून व मुंबई से भी लोग विभिन्न साधनों से वापस आए हैं। जिनकी जांच कराई गई। किसी के पॉजिटिव न पाए जाने के कारण उन्हें होम क्वारंटीन में रखा गया है।
... और पढ़ें

55 हजार गरीबों को इस माह मिलेगा नि: शुल्क अनाज

श्रावस्ती। कोरोना वायरस के चलते हुए लॉकडाउन के बाद अब गरीबों को इस माह नि:शुल्क खाद्यान्न दिया जा रहा है। नि:शुल्क खाद्यान्न योजना के लिए अंत्योदय कार्डधारक, श्रम विभाग में पंजीकृत व मनरेगा मजदूर पात्र होंगे। जिले में लगभग 55 हजार लोगों को इस योजना का सीधा लाभ होगा। जबकि मई, जून व जुलाई का खाद्यान्न लोगों को एक साथ मिलेगा। जिसकी तैयारी जिले में चल रही है। यह खाद्यान्न नि:शुल्क होगा या फिर सशुल्क, इसका आदेश अब तक जिले में नहीं आया है।
लॉकडाउन के चलते अब गरीबों के घर के चूल्हे प्रभावित हो रहे हैं। गेहूं की फसल अभी कटी नहीं है। दैनिक मजदूरी के लिए काम लग नहीं रहा, जिसके चलते ऐसे किसान जो केवल कृषि पर निर्भर हैं। उनके घरों में भी अनाज की कमी हो गई। जबकि जो लोग केवल दैनिक मजदूरी पर ही आश्रित थे। उनके घरों में फांके की स्थिति आ गई है।
इसीलिए जिला पूर्ति कार्यालय शासन के आदेश पर अप्रैल में 55 हजार लोगों को नि:शुल्क खाद्यान्न, जिसमें चावल व गेहूं शामिल है, उपलब्ध करा रहा है। इनमें अंत्योदय के 23172 कार्डधारक, श्रम विभाग में पंजीकृत लगभग दस हजार मजदूर व लगभग 35 हजार मनरेगा मजदूर शामिल हैं, जिनका राशनकार्ड बना हुआ है। मनरेगा मजदूर व श्रम विभाग में पंजीकृत मजदूर में जो अंत्योदय कार्डधारक हैं। उनकी भी संख्या अंत्योदय में जुड़ी हुई है।
ऐसे मिलेगा लाभ
अंत्योदय कार्डधारक की संख्या पूर्व से निर्धारित है, जिनका कार्ड बना हुआ है। जबकि श्रम विभाग ग्राम पंचायत वार पंजीकृत मजदूरों की सूची उपलब्ध करा रहा है। यह सूची अभी तक जिला पूर्ति अधिकारी तक नहीं पहुंची है। जिसके चलते अभी उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जबकि मनरेगा मजदूरों की सूची ग्राम सचिव व डीसी मनरेगा द्वारा जिला पूर्ति कार्यालय को उपलब्ध कराई जा रही है। अभी कुछ ही पंचायतों की ओर से यह सूची उपलब्ध कराई गई, जिन्हें फिलहाल अभी खाद्यान्न देने की तैयारी है।
लॉकडाउन के बाद अंत्योदय श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिक व मनरेगा मजदूर जो अंत्योदय के दायरे में नहीं आते हैं, उन्हें भी नि:शुल्क खाद्यान्न देने की व्यवस्था की गई है। श्रम व मनरेगा से सूची अभी नहीं मिल पाई है। सूची मिलते ही उनके स्थानीय कोटे से खाद्यान्न मिलेगा। जबकि मई, जून व जुलाई का एक साथ खाद्यान्न देने की तैयारी चल रही है। इसका कोई आदेश नहीं आया है। उन्हें तीन माह का खाद्यान्न अप्रैल की भांति दिया जाएगा। इसके लिए निर्देश नहीं मिले हैं।
- कयामुद्दीन अंसारी, जिला पूर्ति अधिकारी
... और पढ़ें

लाकडाउन में खोला दुकान तो होगी कार्रवाई

श्रावस्ती। कोरोना वायरस को फैलने से रोकने एवं महामारी से बचाव के लिए जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए हैं, जिसकी अवहेलना करने वालों से प्रशासन अब सख्ती के साथ निपटेगा। लॉकडाउन के दौरान कौन से प्रतिष्ठान व कार्यालय खुलेंगे, इसकी सूची भी जारी की गई है।
यह जानकारी देते हुए जिलाधिकारी यशु रुस्तगी ने बताया है कि 14 अप्रैल तक जनसामान्य के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को देखते हुए यह आदेश पारित किया गया है।
इसके तहत आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी सरकारी कार्यालय, शैक्षणिक संस्थान, अर्ध सरकारी उपक्रम, स्वायत्त शासी संस्थायें, राजकीय निगम, मंडल एवं समस्त व्यापारिक प्रतिष्ठान, निजी कार्यालय, माल, दुकानें, फैक्ट्रियां, वर्कशॉप, गोदाम एवं सार्वजनिक परिवहन रोड़वेज, प्राइवेट बसें, टैक्सी, ऑटो, रिक्शा आदि आदि पूर्णतया बंद रहेंगे। आवश्यक सेवाओं के रूप में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, गृह एवं गोपन, कारागार प्रशासन एवं सुधार, पुलिस, सशस्त्र बल एवं अर्धसैनिक बल, कार्मिक विभाग एवं जिला प्रशासन, ऊर्जा एवं पानी से संबंधित कार्यालय एवं बिलिंग सेंटर, नगर विकास, खाद्य एवं रसद जैसे फल, सब्जी, दूध, डेरी, किराना, पेयजल आदि खुली रहेंगी।
इसके साथ ही आपदा एवं राहत, राज्य सम्पत्ति विभाग, सूचना, जन संपर्क एवं सूचना प्रौद्योगिकी, अग्निशमन, सिविल डिफेन्स, आपातकालीन सेवाएं, टेलीफोन, इंटरनेट, डेटा सेंटर, नेटवर्क सर्विसेज, आईटी इनेबिल्ड सर्विसेज, आईटी संबंधित सेवाएं, ऐसे डेटा सेंटर जो आईटी सर्विसेज के संचालन के लिए आवश्यक है। डाक सेवाएं, बैंक, एटीएम, बीमा कंपनियां, ई-कॉमर्स जिसमें खाद्य वस्तु, होम डिलीवरी, ग्रॉंसरी शामिल हो खुली रहेंगी।
इसके अलावा प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सोशल मीडिया, पेट्रोल पम्प, एलपीजी गैस, ऑयल एजेंसी इनसे संबंधित गोदाम एवं परिवहन के साधन, दवा की दुकान, चिकित्सकीय उपकरण, सामग्री एवं दवाइयों की निर्माण इकाइयां। आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन, खाद्य सामग्री, कृषि उत्पादन, उनसे संबंधित निर्माण इकाईयां, गोदाम एवं उनके थोक एवं फुटकर विक्त्रस्ेता, पशु चिकित्सा एवं पशु आहार से सम्बन्धित इकाईयां एवं विक्रेता, अपरिहार्य धार्मिक कार्य तथा अंतिम संस्कार से संबंधित सामग्री खुली रहेंगी।
आवश्यक सेवाओं वाले विभागों के अधिकारी व कर्मचारियों को छोड़कर अन्य सरकारी अधिकारी व कर्मचारी की स्थिति घर से कार्य करने की रहेगी। यद्यपि इस दौरान किसी भी सरकारी कार्मिक को विशेष या अपरिहार्य स्थिति के अलावा कोई अवकाश या मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। उन्हें फील्ड ड्यूटी के लिए संबंधित कार्यालयाध्यक्ष स्वतंत्र होंगे।
जिन कार्मिकों की स्थिति घर से कार्य करने की है, उन्हें कार्यालय समय के दौरान घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी। सामग्री आपूर्ति वाले वाहन, पशु पक्षी, मुर्गी, मछली, चारा ढुलाई करने वाले वाहन, एटीएम के कैश वैन, चीनी मिलों के गन्ना ढुलाई करने वाले वाहन प्रतिबंध से मुक्त रहेंगें। बंद के दौरान आपात स्थिति में आवश्यकतानुसार परिवहन संसाधनों को परमिट जारी करने के लिए अपर जिला मजिस्ट्रेट व सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) अधिकृत होंगे। 05 से अधिक व्यक्तियों को सार्वजनिक स्थल पर एक साथ इकट्ठे होने की पूर्णतया मनाही रहेगी।
... और पढ़ें

खाद्य पदार्थों की आपूर्ति के लिए अधिकारी तैनात

श्रावस्ती। कोरोना को लेकर समूचे देश में 21 दिन का लॉकडाउन किया गया है। इस दौरान इंडो-नेपाल सीमा सहित जिले की सीमाओं को सील कर दिया गया है। ऐसे में लोगों को फल, दूध व सब्जियों सहित खाद्य पदार्थ की दिक्कत न हो, इसके लिए जिला प्रशासन अधिकारियोें की टीम गठित की गई है, जिन्हें तहसीलवार इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अपर जिलाधिकारी योगानंद पांडेय ने बताया कि वर्तमान समय में कोरोना वायरस विश्व के विभिन्न देशों में महामारी के रूप में तेजी से फैल रहा है। कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए सरकार की ओर से संपूर्ण भारत में 25 मार्च से 14 अप्रैल तक लॉकडाउन घोषित किया गया है। ऐसे में सरकार द्वारा मिली गाइड लाइन के अनुसार जन स्वास्थ्य को देखते हुए जिले में फल, सब्जी, दूध इत्यादि आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों की तैनाती की गयी है।
इसमें तहसील भिनगा के लिए अमित मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी मोबाइल नंबर 8299298720, सिपाहीलाल क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी भिनगा मोबाइल नंबर 945404507, तहसील इकौना में विरेंद्र यादव खाद्य सुरक्षा अधिकारी मोबाइल नंबर 9453715264, नरेंद्र कुमार क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी इकौना मोबाइल नंबर 9415226905 व तहसील जमुनहा के लिए विजय बहादुर खाद्य सुरक्षा अधिकारी भिनगा मोबाइल नंबर 9452300649 तथा राजेश सिंह आपूर्ति निरीक्षक जमुनहा मोबाइल नंबर 7376334946 को तैनात किया गया है। इनका यह दायित्व होगा कि वह अपने-अपने नगरीय क्षेत्रों में फल व सब्जियों के 20 - 20 ठेले चिन्हित करते हुए प्रतिदिन दिन में पूरे समय तक मोहल्लेवार आम जनता को आपूर्ति सुनिश्चित कराएंगे। साथ ही मोहल्ले वार दुग्ध वाहन चिन्हित करते हुए प्रतिदिन दिन में दूध की उपलब्धता तय करायेंगे।
साथ ही संबंधित तहसील की टीम अपने-अपने क्षेत्र में फल एवं सब्जी मंडियों में भ्रमण कर महत्वपूर्ण फलों एवं सब्जियों के थोक एवं फुटकर भाव की दैनिक सूचना जिला पूर्ति अधिकारी, अभिहित अधिकारी व खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन को संयुक्त रूप से उपलब्ध करायेंगे। यह टीमें आवश्यक वस्तुओं के मूल्यों पर प्रभावी नियंत्रण रखेंगी तथा समय-समय पर संबंधित के माध्यम से जिलाधिकारी के समक्ष अवलोकन के लिए प्रस्तुत करेंगे। यदि कहीं भी कालाबाजारी, जमाखोरी की शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित टीम आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई भी करेगी। इनका सुपरविजन करने के लिए क्यामुद्दीन जिला पूर्ति अधिकारी मोबाइल नंबर 7839564701 एवं सुनील कुमार शर्मा मोबाइल नंबर 9454468653 अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
... और पढ़ें

कोरोना ने रोकी भाई और बहन की शादी

जमुनहा (श्रावस्ती)। एक घर से बुधवार को भाई की बरात बहराइच जानी थी जबकि इसी घर में बहन की बरात गुरुवार को आनी थी लेकिन कोरोना वायरस ने इन दोनों शादियों से जुड़े बरातियों को घरों में ही कैद कर दिया। वहीं बरात के स्वागत के लिए लगाए गये टेंट भी उखाड़ने कोई नहीं आया। मामला मल्हीपुर के वीरगंज बाजार का है जहां भाई-बहन की डोली एक दिन के अंतराल पर उठनी पहले से तय थी।
थाना क्षेत्र मल्हीपुर के वीरगंज बाजार निवासी राहुल आजम सिद्दीकी पुत्र मो. हाशिम सिद्दीकी का निकाह बहराइच के थाना खैरीघाट पोस्ट इटहा गांव देवदत्तपुर निवासी कमर अली की बेटी नगमा से होना था। इसके लिए 25 मार्च को बरात जमुनहा से बहराइच के लिए जानी थी। यही नहीं हाशिम की ही बेटी आसना का निकाह बहराइच के थाना रिसिया के गांव नरसिंहडीहा निवासी महमूद अहमद सिद्दीकी के बेटे अतीक अहमद सिद्दीकी से होना था लेकिन कोरोना वायरस के चलते दोनों शादियां स्थगित कर दी गईं।
इस दौरान हाशिम ने गुरुवार को बरातियों का स्वागत करने के लिए जो तंबू-कनात लगवाया था उसे उखाड़ने भी कोई नहीं आया। हाशिम ने बताया कि देश पहले है, विवाह तो अगली तारीख को हो जाएगा। आपस में बात हो गई है कि जब कोरोना वायरस का खतरा पूर्ण रूप से समाप्त हो जाएगा, तब नई तारीख तय की जाएगी।
... और पढ़ें

लाकडाउन के दौरान आवश्यक वस्तु बिक्री के लिए मिली राहत 15-20-50

श्रावस्ती। लॉकडाउन के दूसरे दिन प्रशासन ने आवश्यक वस्तुओं के साथ फल व सब्जी के लिए कुछ दुकानों को खोलने की अनुमति दे दी है। इस दौरान सब्जी व फल विक्रेता मोहल्ले में जाकर सामान की बिक्री करेंगे जबकि स्थाई रूप से रखे गए किराना व अन्य सामान के लिए निश्चित दूरी पर लाइन लगाकर खरीददारी कर सकेंगे। इस राहत के बाद लोगों ने कुछ चैन की सांस ली। इसके साथ ही घर में सामान जमा करने की प्रवृत्ति भी रुकी है।
वहीं दूसरी ओर जिले से दूसरे जिले को जोड़ने वाली सीमा के साथ भारत-नेपाल सीमा पर चौकसी पहले से बढ़ा दी गई है। अब नदी व पगडंडी मार्ग से नेपाल आने-जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। जो लोग घर के बाहर दिखाई दे रहे हैं, उनकी थर्मल जांच की जा रही है।
... और पढ़ें
अपने शहर की सभी खबर पढ़ने के लिए amarujala.com पर जाएं

Disclaimer


हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।
Agree
Election
  • Downloads

Follow Us