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विदेश व महानगरों से आए लोगों ने बढ़ाई मुसीबत

Lucknow Bureauलखनऊ ब्यूरो Updated Tue, 24 Mar 2020 09:27 PM IST
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रतनापुर में प्रत्येक आने जाने वालों की हो रही जांच।
रतनापुर में प्रत्येक आने जाने वालों की हो रही जांच। - फोटो : SRAWASTI
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श्रावस्ती। श्रावस्ती की जनसंख्या लगभग बारह लाख है। इसमें से हजारों लोग सऊदी, दुबई, मसकट के साथ मुंबई, दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब, गुजरात व राजस्थान में रह कर मजदूरी करते हैं। कोरोना वायरस संक्रमण के बाद सभी लोग अपने घरों की ओर निकल पड़े। इसमें से अधिकांश लोग शनिवार की शाम तक लखनऊ, गोंडा व बलरामपुर के रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए थे। अब वह लोग धीरे-धीरे अपने घरों की ओर आ रहे हैं। इसमें से तमाम लोग बहराइच तक माल वाहक वाहन और बहराइच से लगभग पचास किलोमीटर की पैदल यात्रा कर भिनगा सिरसिया पहुंच रहे हैं।
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यदि आंकड़ों पर गौर करें तो भिनगा के केवल बंठिहिवा के मोहरनिया गांव में दस लोग एक ही दिन पहुंचे। इनमें किसी की भी जांच रास्ते में नहीं हुई। यही नहीं सिरसिया के अहलाद नगर में सात लोग, गब्बापुर में पांच लोग पहुंचे। यह तो वह गांव हैं, जहां से ग्रामीणों से लोगों के बाहर से आने की सूचना स्वास्थ्य व पुलिस विभाग को मिली है। ऐसे 397 ग्राम पंचायत व दो नगर हैं। जहां रेल व अन्य यात्री वाहन बंद होने के बाद भी मंगलवार तक लोगों का आना जारी है।
इसमें से अधिकांश लोग पैदल व साइकिल से आ रहे हैं। यह लोग सड़क छोड़ कर ग्रामीण क्षेत्र मेें पगडंडी व खेत जंगल के रास्ते से आ रहे हैं, जिसके चलते इनकी कहीं जांच नहीं हो पा रही है। एक अनुमान के अनुसार विदेशों व महानगरों से जिले मेें 15 हजार लोग पहुंच गए हैं। इन्हीं लोगों की उपस्थिति से जिले में लोगों को कोरोना का खतरा बना हुआ है। लोगों का मानना है कि पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की निगाह से बचे यह लोग कहीं बाहर से संक्रमण लेकर तो नहीं आए। यदि ऐसा हुआ तो स्थिति संभालने लायक नहीं रहेगी।
उधर, भारत नेपाल सीमा क्षेत्र जमुनहा में सऊदी अरब से एक व खलीफतपुर के दो लोग मुंबई से आए हैं। इन्हें कोरोना से संदिग्ध मानते हुए चिकित्सीय टीम ने जांच के लिए भिनगा संयुक्त जिला चिकित्सालय भेजा है। जहां उनकी जांच चल रही है। वहीं मल्हीपुर क्षेत्र का रहने वाला एक युवक सीएचसी की टीम को देख कर सोमवार घर से भाग गया था, जिसे समझा कर मंगलवार को संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा भेजा गया है।
सोशल मीडिया पर न फैलाएं अफवाह
नोवल कोरोना वायरस का संक्रमण पूरे विश्व में फैला है। इसके दुष्प्रभाव से बचाव के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है। परंतु कुछ लोगों की ओर से कोरोना वायरस के संबंध में सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाई जा रही है। ऐसे लोगों से अपील है कि किसी भी प्रकार अफवाह न फैलायें, न ही फैलाने में मदद करें। यदि आपके सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाला मैसेज आता है तो आप तत्काल उसे ग्रुप से बाहर करें और इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस द्वारा सतर्क दृष्टि रखी जा रही है, ऐसे लोगों पर गंभीर धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर कार्रवाई की जाएगी।
-अनूप सिंह, पुलिस अधीक्षक
बहुत आवश्यक होने पर ही घर से निकलें
कोरोना वायरस से जिलेवासियों को सुरक्षित करने के लिए तमाम एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। इसी के मद्देनजर जिले में आने वाले व्यक्तियों की निगरानी व स्वास्थ्य परीक्षण के लिए 16 चेक पोस्ट की स्थापना की गई। सभी चेक पोस्ट पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम तैनात की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा बाहर से आए व्यक्तियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। संदिग्ध व्यक्तियों को क्वारंटीन में रखने की व्यवस्था की गई है। कोरोना वायरस का कोई प्रभावशाली उपचार नहीं है। इसलिए सामाजिक दूरी बना कर रखना ही एक मात्र विकल्प है। आप लोगों से अपील है कि आपस में दूरी बनाएं रखें। बहुत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। किसी संदिग्ध की सूचना होने पर इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दें। इसके साथ ही धैर्य बनाए रखें।
-यशु रुस्तगी, जिलाधिकारी
सैनिटाइजर व मास्क खरीदने को सांसद ने दिए 20 लाख
श्रावस्ती सांसद रामशिरोमणि वर्मा ने श्रावस्ती को कोरोना से रोकथाम व उपचार के लिए बीस लाख रुपये सांसद विकास निधि से देने की संस्तुति की है। डीएम को लिखे पत्र में सांसद ने सैनिटाइजर व मास्क आदि खरीदने के लिए इस पैसे को खर्च करने को कहा है।
कानपुर में श्रावस्ती के कोरोना संदिग्ध की सूचना पर मचा हड़कंप
श्रावस्ती जनपद के भिनगा कोतवाली के चहलवा गांव निवासी दो भाई सऊदी से आकर दिल्ली उतरे थे। ट्रेन बंद होने के कारण वह बस से कानुपर होते हुए आ रहे थे। रास्ते में एक भाई की तबियत गंभीर रूप से खराब हो गई, जिसे निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। वहां भी हालत में सुधार न होने के कारण उसे कानपुर के आईडीएच में भर्ती कराया गया। जहां प्रथम दृष्टया कोरोना संक्रमण का संदेह है। इस सूचना के बाद जिले में हड़कंप मचा हुआ है।
भारत नेपाल सीमा स्थित केजीबीवी सहित पांचों को बनाया अस्थायी अस्पताल
भारत-नेपाल सीमा स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय को कोरोना वायरस से प्रभावित मरीजों के लिए अस्थायी अस्पताल बनाया गया है। यहां का हॉस्टल वार्ड के रूप में प्रयोग होगा। यह क्षेत्र जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर है। यहां नेपाल के रास्ते से लोग आते ही हैं। साथ ही मुंबई व सऊदी अरब के लोग आते हैं। जो लौट कर घर आए हैं। इस क्षेत्र से संदिग्धों की सूचना भी ज्यादा मिल रही है। इसलिए यहां अस्थायी अस्पताल बनाया गया है। इस अस्थायी अस्पताल में कोरोना के मरीज या संदिग्ध मिलने पर उन्हें यहां बनाए गए इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर उनका इलाज किया जाएगा। यहां 50 बेड की व्यवस्था की जानी है, जिसमें से 40 बेड वार्डों में रखवा दिए गए है। इसके साथ ही चार अन्य केजीबीवी स्कूलों को भी अस्थायी अस्पताल बनाया गया है।
रत्नापुर के पास भिनगा बहराइच सीमा सील कर हो रही जांच
बहराइच भिनगा हाईवे पर रत्नापुर के पास एएसपी बीसी दुबे की ओर से सीमा सील कर आने-जाने वाले लोगों की जांच कराई जा रही है। इस दौरान वहां पुलिस व मेडिकल टीम मौजूद है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देश जिसमें मोटर साइकिल पर एक, कार पर चालक सहित दो व्यक्तियों को बैठने को कहा गया है। उसका पालन भी कराया जा रहा है। वहीं, डीएम व सीडीओ ने भी तुलसीपुर बैरियर एवं गिरंट बाजार पुलिस चौकी के पास स्थापित बैरियर का निरीक्षण किया गया।
सिरसिया व बेचईपुरवा में नेपालियों की मौजूदगी, बाजार खुला
सिरसिया व बेचईपुरवा बाजार भारत नेपाल सीमा से सटा हुआ है। इस बाजार में स्थानीय लोगों के साथ-साथ नेपाली नागरिक भी अपने रोजमर्रा सामान को खरीदने आते हैं। पूरे जिले में जहां कोरोना वायरस को लेकर सतर्कता बरती जा रही है, वहीं इस बाजार में इसका कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। बाजार रोज की तरह खुल रहा है। यहां दिन भर लोगों का जमावड़ा बना रहता है। भउआ, भैंसाही व अन्य नाकों पर रहने वाले नेपाल मूल के नागरिक यहां आते हैं। दिन भर बाजार करने के बाद वापस चले जाते हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों में संदेह व भय है कि कहीं एक व्यक्ति भी संक्रमित आया तो पूरे क्षेत्र में कोरोना का तांडव शुरू हो सकता है। ऐसे में लोगों ने मांग की है कि इस बाजार को भी हाफ लॉकडाउन किया जाए। साथ ही यहां आने वालों की जांच की जाए।
महामारी दूर करने को महिलाओं ने की प्रार्थना
कोरोना को रोकने के लिए अब ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं टोटके का सहारा ले रही हैं। एक तरफ जहां सुहागिनों द्वारा सुहागिन महिलाओं से पांच पांच रुपये मांग कर उसकी चूड़ी पहनी जा रही हैं। वहीं शिवालयों में पूजन के बाद महिलाएं कुआं आदि में जल देकर इस महामारी को दूर करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रही हैं। वहीं शेष महिलाएं व युवतियां घरों में कपूर व लौंग का हवन कर इस महामारी को दूर करने की कामना कर रही हैं।
पहले दिन ही टूटे नियम
कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए मुख्यमंत्री द्वारा मोटरसाइकिल पर एक व दो पहिया वाहनों पर चालक सहित सिर्फ दो लोगों को बैठ कर आने जाने का सख्त निर्देश जारी किया गया है। साथ ही इसकी अवहेलना करने पर वाहनों को जब्त कर संबंधितों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश जारी किया गया है। तराई में इसका अनुपालन होता नहीं दिखा। यहां पहले दिन ही नियमों की खुलेआम अनदेखी हुई।
कराया गया दवा का छिड़काव
कोरोना महामारी के खिलाफ प्रशासन की जंग जारी है। नगरपालिका भिनगा के प्रशासक एसडीएम भिनगा प्रवेंद्र कुमार के निर्देश पर सफाई कर्मियों द्वारा नगर सहित कांशीराम आवास के आसपास दवा का छिड़काव किया जा रहा है। ताकि इस महामारी को रोका जा सके। वहीं इकौना में सभासदों ने विभिन्न वार्डों में दवा का छिड़काव कराया।
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