बिसवां में नंबर आने के बाद भी नहीं हो रही धान की तौल

Lucknow Bureauलखनऊ ब्यूरो Updated Wed, 28 Oct 2020 11:03 PM IST
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बिसवां में रुकनापुर मंडी में खड़ी धान लदी ट्रालियां।
बिसवां में रुकनापुर मंडी में खड़ी धान लदी ट्रालियां। - फोटो : SITAPUR

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बिसवां (सीतापुर)। क्रय केन्द्र प्रभारी की मनमानी कार्यशैली से किसानों को धान बेचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दूर-दराज के गांवों से ट्रॉलियों से धान लेकर आए किसान कई दिन तक लाइन में खड़े रहने के बाद भी तौलाई नहीं करा पा रहे हैं। नंबर आने के बाद भी तौल नहीं हो रही है। इससे उनके खेती के अन्य कार्य बाधित हो रहे हैं। किसानों की समस्या का समाधान नहीं होने से वह परेशान हैं।
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धान क्रय केंद्र संचालकों मनमानी के चलते किसान अपना धान नहीं तौला पा रहे हैं। केंद्र व्यवस्थापक उन्हें तरह-तरह के बहाने बनाकर टरका रहे हैं। इससे किसान अपनी ट्राली लगाकर कई दिनों से क्रय केंद्र पर अपना धान तुलवाने के लिए खड़े हैं। तमाम किसान लाइन देखकर बैरंग वापस भी लौट चुके हैं। कुछ तो अपना धान औने पौने दामों पर बेचने पर मजबूर हैं।
किसानों की समस्याओं का जायजा लेने के लिए अमर उजाला की टीम ग्राम रुकनापुर स्थित धान क्रय केंद्र पहुंची तो वहां का यही हाल दिखा। क्रय केंद्र पर कई ट्रालियां लंबी कतारों में कई दिनों से खड़ी थी। किसानों से बात की तो उनका दर्द सामने आ गया। वह बोले कि धान बेचने में जितनी दिक्कतें आ रही हैं। इससे तो यही मन करता है कि यह फसल उगाई ही न जाए। लागत आ नहीं रही। अनावश्यक समय व धन की बर्बादी करने से तो कोई अन्य फसल पैदा करें।
ग्राम हथिया निवासी बबलू सिंह ने बताया कि उनकी ट्राली 10 दिन से खड़ी है। लेकिन अभी तक उनका धान नहीं खरीदा गया है। मंगलवार को जब तौलने का नंबर आया, तो बताया जा रहा अभी आपका नंबर नहीं है। यहां मनमाने तरीके से तौल हो रही है।
ग्राम ईटगांव निवासी बलजीत सिंह ने बताया कि वे 18 अक्टूबर को आए थे। तब से अभी तक उनका धान नहीं तौला गया है। गोदाम पर बैठने वाले कर्मचारियों का कहना है एक दिन में सिर्फ 70 से 80 क्विंटल तौल होती है। उन्होंने बताया कि केंद्र पर जनरेटर की व्यवस्था नहीं है। जनरेटर का किराया किसानों से लिया जाता है।
सरैंया कला निवासी श्रीराम शुक्ला ने बताया कि धान लेकर आए हैं, लेकिन यहां कोई पुरसाहाल नहीं है। धान बेचने के लिए आनलाइन रजिस्ट्रेशन भी कर चुके हैं। यहां बताया जा रहा है कि आप ट्राली खड़ी कर दें, बाद में आएं, किसी और दिन तौल होगी।
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