हाईवे टोल प्लाजा पर चार किमी जाम, घंटों फंसे रहे हजारों वाहन

Kanpur	 Bureauकानपुर ब्यूरो Updated Fri, 15 May 2020 12:42 AM IST
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लखनऊ संपादक महोदय के ध्यानार्थ उन्नाव के नवाबगंज टोल प्लाजा पर कानुपर से लखनऊ जाने वाले लेन पर लग
लखनऊ संपादक महोदय के ध्यानार्थ उन्नाव के नवाबगंज टोल प्लाजा पर कानुपर से लखनऊ जाने वाले लेन पर लग - फोटो : UNNAO

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उन्नाव। लखनऊ-कानपुर हाईवे स्थित टोल प्लाजा पर 15 में से सिर्फ चार लेन ही खोले जाने से जाम लग रहा है। प्लाजा पर वाहनों की तीन से चार किमी लाइनें लगी रहती हैं। फास्टैग लेन का भी यही हाल है। वाहन चालकों को टोल प्लाजा पार करने में एक से डेढ़ घंटे का वक्त लगता है। गुरुवार को भी यही हाल रहा। हजारों वाहनों में सवार लोग कई घंटे तक गर्मी और प्यास से बेहाल रहे।
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लॉकडाउन के चलते बंद किया गया लखनऊ-कानपुर हाईवे स्थित टोल प्लाजा को 20 अप्रैल से फिर खोल दिया गया था। लेकिन टोल प्लाजा प्रबंधन ने कानपुर और लखनऊ की ओर जाने वाली सिर्फ 2-2 लेन को ही खोला है। इनमें एक-एक लेन फास्टैग की और एक-एक कैश लेन है। वाहनों की आवाजाही बढ़ने के बावजूद आवागमन की लेन न बढ़ाए जाने से जाम की स्थिति बनी रहती है। हालत यह है कि वाहन चालकों को टोल प्लाजा पार करने में एक से डेढ़ घंटे का वक्त लगता है। दिन में तेज धूप में वाहन सवार लोग पसीना-पसीना हो रहे हैं। गुरुवार को भी टोल प्लाजा पर पूरे दिन वाहनों की तीन से चार किमी लंबी कतारें लगी रहीं। फास्टैग लेन में भी सर्वर कई बार मुसीबत बना।
टोल प्लाजा पर घंटों जाम के दौरान लोग सोशल डिस्टेंसिंंग की भी अनदेखी कर रहे हैं। बसों व अन्य वाहनों में बैठे लोग गर्मी, प्यास व भूख से परेशान होकर छांव और पानी की तलाश में वाहनों से उतर जाते हैं। इनमें तमाम वह श्रमिक व उनके परिवार होते हैं जो लॉकडाउन के कारण दूसरे प्रांतों में फंसे थे और अब घर वापसी कर रहे हैं। जाम में फंसे वाहनों में प्रवासियों को लेकर जा रहे वाहन भी होते हैं। प्लाजा पर खीरा, ककड़ी, चना, पानी व अन्य खाद्य सामग्री बेचने वाले युवक व बच्चे इन श्रमिक वाहनों में भी जाते हैं। इससे कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है।
लखनऊ आशियाना निवासी महेंद्र सिंह गुरुवार दोपहर कानपुर जा रहे थे। फास्टैग होने के बाद भी वह करीब 45 मिनट जाम में फंसे रहे। धीरे-धीरे गाड़ी लेकर बूथ पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था से समय और पेट्रोल दोनों का नुकसान है। अयोध्या नगर निवासी विवेकानंद शुक्ला कानपुर में भर्ती एक बीमार रिश्तेदार को देखने गए थे। जाते समय उन्हे टोल पार करने में 30 मिनट लगे जबकि वापसी में भी जाम से जूझना पड़ा। उन्होंने बताया कि जब टोल टैक्स पूरा लिया जाता है तो लोगों की सहूलियत का भी ध्यान रखा जाए। बिहार प्रांत के छपरा निवासी शेखर कुमार अपने परिवार के साथ कार से राजस्थान से वापस बिहार जा रहे थे। वह भी भीषण गर्मी में टोल प्लाजा पर करीब 40 मिनट फंसे रहे। उन्होंने बताया कि अब वाहनों की संख्या बढ़ी है तो आवागमन की लेनों को भी बढ़ाना आवश्यक है। गोरखपुर सिटी निवासी व्यवसायी जीतू अपने व्यापार के सिलसिले में कानपुर जा रहे थे। वह भी 40 मिनट तक जाम में फंसे रहे। उन्होंने बताया कि फास्टैग होने के बाद भी जाम में फंसना पड़ा। बताया कि वाहनों की संख्या को देखते हुए अन्य बंद लेन खोल देना चाहिए।
टोल प्लाजा के डिप्टी मैनेजर वीरेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि सरकार से जारी एडवाइजरी के मुताबिक 33 प्रतिशत लेनों को ही खोला जाना है। इससे चार लेनों से ही वाहनों को निकाला जा रहा है। बताया कि जाम लगने पर कुछ अन्य लेन भी खोल दिए जाते हैं। गाइडलाइन के अनुसार ही आधे स्टाफ की मदद से काम चलाया जा रहा है। टोल में स्टाफ की संख्या 130 है। वर्तमान में केवल 67 से ही काम लिया जा रहा है।
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