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पीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण कार्य तेज, खास गुलाबी पत्थरों से लगा दमकने 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट श्री काशी विश्वनाथ धाम अब चुनार के गुलाबी पत्थरों से सजने लगा है। जयपुर में तराशे गए करीब 65 हजार क्यूबिक फीट गुलाबी पत्थरों की पहली खेप पहुंचने के बाद काम अब पूरा होने की ओर है। पत्थरों की दूसरी खेप भी आने लगी है। काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण कार्य भी तेज हो गया है।

धाम का गुलाबी स्वरूप अब धीरे-धीरे आकार ले रहा है। मंदिर के चौक का काम अब प्रगति की ओर है। गुलाबी पत्थरों की आभा अब दर्शनार्थियों को भी नजर आने लगी है। नक्काशीदार पत्थरों की खूबसूरती भी उभरकर सामने आ रही है। श्री काशी विश्वनाथ धाम में मिले मंदिरों के जीर्णोद्धार और संरक्षण की जिम्मेदारी बीएचयू और संस्कृति मंत्रालय को सौंपी गई है।
 
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निर्माणाधीन काशी विश्वनाथ धाम निर्माणाधीन काशी विश्वनाथ धाम

केन-बेतवा जल परियोजनाः यूपी और एमपी में पानी बंटवारे को लेकर फंसा नया पेच

महत्वाकांक्षी केन-बेतवा जल परियोजना में पानी बंटवारे को लेकर इन दिनों नया पेच फंसा हुआ है। पानी की मात्रा तय हो गई, लेकिन दोनों राज्य उत्तर प्रदेश (यूपी) और मध्य प्रदेश (एमपी) के बीच पानी लेने की समय अवधि को लेकर गतिरोध पैदा हो गया। मध्य प्रदेश जहां मानसूनी सीजन में अधिकांश पानी देने पर जोर दे रहा। वहीं, यूपी इसके लिए तैयार नहीं। सिंचाई अफसरों का कहना है नई दिल्ली में होने वाली उच्च स्तरीय बैठक में इस पर बीच की राह निकालने की कोशिश होगी। 

बुंदेलखंड, खासतौर से झांसी के लिए यह जल परियोजना काफी अहम है। इसके जरिए बुंदेलखंड के करीब 13695 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई हो सकेगी। इसमें अधिकांश हिस्सा झांसी का है। वर्ष 2005 में एमओयू में हस्ताक्षर होने के बाद भी जल बंटवारे को लेकर मप्र-उप्र के बीच विवाद चल रहा है। लेकिन, सिंचाई अधिकारियों का कहना है कि यह मामला तकरीबन सुलझ चुका। दोनों ही राज्य 1700-1700 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) पानी पर राजी हो गए। लेकिन, अब नया पेच फंस गया। 

मप्र शासन बारिश के दिनों में ही पानी आगे छोड़ने को राजी है। जबकि उप्र उसकी यह शर्त मानने को राजी नहीं। सिंचाई अफसरों का कहना है बारिश में यूपी के पास भी पानी भरपूर रहता है, ऐसे में यह शर्त मानने पर नुकसान होगा। इसी बात को लेकर पिछले काफी समय से दोनों प्रदेशों के बीच गतिरोध चल रहा है। पिछले दिनों दोनों प्रदेशों के अधिकारियों के बीच बैठक हुई लेकिन, निर्णय नहीं हो सका। अब बृहस्पतिवार को होने वाली सालाना उच्च स्तरीय बैठक में इस पर चर्चा होने की उम्मीद है। स्थानीय सिंचाई अफसर बैठक की तैयारियों में जुटे रहे।     
 
बरुआसागर में आकर मिलेगी मुख्य नहर
केन-बेतवा जलपरियोजना झांसी के लिहाज से काफी अहम परियोजना है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के कार्यकाल में देश की 37 नदियों को आपस में जोड़ने की कवायद शुरू हुई थी। उसमें इस परियोजना को सबसे पहले आरंभ करने निर्णय लिया गया था। करीब छह हजार करोड़ रुपये की इस परियोजना का मुख्य बांध पन्ना के टाइगर रिजर्व के डोंदन गांव पर बनाया जाना है। इसके जरिए चार बांध बनाए जाने हैं। यह सभी बांध मप्र में ही बनाए जाने हैं। 218 किमी लंबी मुख्य नहर झांसी के बरुआसागर में लाकर मिलाने का प्रस्ताव है। इससे झांसी के सूखा ग्रस्त इलाकों तक भी आसानी से पानी पहुंच सकता है। लेकिन, पिछले 15 साल से उप्र एवं मप्र के बीच पानी को लेकर गतिरोध बना हुआ है।
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हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे अबदुल्ला आज़म

इलाहाबाद हाईकोर्ट के रामपुर की स्वार विधान सभा सीट पर चुनाव कराने के आदेश के खिलाफ अब्दुल्ला आज़म सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं। उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिस पर बुधवार को सुनवाई हो सकती है। 

यह सीट यहां के विधायक अब्दुल्ला आजम का निर्वाचन हाईकोर्ट द्वारा रद्द किए जाने की वजह से रिक्त हो गई है। सदस्यता रद्द करने के हाइकोर्ट के 16 दिसंबर 2019 के फैसले को उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे रखी है, जो अभी विचारधीन है। इस वजह से चुनाव आयोग ने इस सीट पर उप चुनाव कराने का एलान नहीं किया था। 

इसको लेकर नगर पालिका परिषद स्वार के पूर्व अध्यक्ष शफीक अहमद द्वारा हाई कोर्ट में याचिका दायर कर इस सीट पर उप चुनाव कराय जाने की मांग की गई थी। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति शशिकांत गुप्ता और न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की खंडपीठ ने चुनाव आयोग को इस सीट पर उप चुनाव कराने के आदेश दिए थे। 

इस आदेश को अब्दुल्ला आज़म ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर कर चुनौती दी है। इस पर बुधवार को सुनवाई हो सकती है। हाई कोर्ट ने 22 अक्तूबर को स्वार विधानसभा सीट पर उप चुनाव कराने का आदेश दिया था।
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यूपी: कन्नौज में सौ शय्या अस्पताल में अराजक तत्वों ने चिकित्सक पर फेंका जूता, मची भगदड़

अब्दुल्ला आजम खान
कन्नौज के छिबरामऊ में सौ शय्या अस्पताल में देर शाम शराब के नशे में धुत अराजक तत्वों ने ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक से गालीगलौज करते हुए उन पर जूता फेंक दिया और सरकारी अभिलेख फाड़ डाले। अस्पताल में भगदड़ मच गई। जैसे ही और चिकित्सक पहुंचे, आरोपी भाग निकले। 

मंगलवार की रात सौ शय्या संयुक्त चिकित्सालय में पहली मंजिल पर बने जनरल वार्ड में डॉ. अमित यादव, स्टॉफ नर्स वंदना, प्रीती देवी, अगम व राहुल दीक्षित ड्यूटी कर रहे थे। वार्ड में भर्ती बहबलपुर गांव के एक मरीज के तीमारदार उनसे मिलने पहुंचे। इसी दौरान एक युवक फार्मासिस्ट रूम के बेड से गद्दा उठाकर ऊपर ले गया।

चिकित्सकों ने विरोध किया तो वह झगड़े पर आमादा हो गया और गालीगलौज करने लगा। विरोध करने पर उसने स्टाफ नर्स से अभद्रता करते हुए सरकारी अभिलेख फाड़ डाले। अस्पताल में भगदड़ मच गई। जैसे ही चिकित्सक व अन्य स्टाफ़ के लोग पहुंचे, आरोपी युवक वहां से भाग निकले।

जानकारी पाकर प्रभारी निरीक्षक शैलेंद्र कुमार मिश्रा, सिटी इंचार्ज हरिओम गुप्ता अस्पताल पहुंच गए और ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों से मामले की जानकारी ली। ड्यूटी पर तैनात स्टॉफ नर्सों ने बताया कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार न किया गया तो वह कार्य बहिष्कार कर देंगी। प्रभारी निरीक्षक शैलेंद्र मिश्रा ने बताया कि मामले की रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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