जंगलों की आग ग्लेशियरों के लिए भी खतरनाक

अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा। Updated Fri, 15 Apr 2016 12:07 AM IST
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ग्लेशियर
ग्लेशियर - फोटो : मदन बिष्ट

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इस साल सर्दी में बर्फबारी कम होने से ग्लेशियरों में पहले से ही बर्फ काफी कम है। दूसरी तरफ इन दिनों पहाड़ के कई जंगलों में आग की घटनाएं बढ़ने से भी ग्लेशियरों को भी नुकसान पहुंच रहा है। वैज्ञानिकों के मुताबिक जंगलों की आग से ग्लेशियरों में जमी बर्फ के ऊपर कार्बन की परत जम जाती है और वही तापमान भी बढ़ता है जिससे ग्लेशियर तेजी से पिघलते हैं। 
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इस बार पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर रहने के कारण जाड़े के सीजन में बारिश के साथ ही बर्फबारी भी काफी कम हुई। इस कारण ग्लेशियरों में बर्फ काफी कम जमी है। इधर पिछले कुछ दिनों से गर्मी बढ़ने के कारण जंगलों में आग की घटनाएं बढ़ रही हैं।
जंगलों की आग से एक तरफ तापमान बढ़ता है वहीं वातावरण में कार्बन की मात्रा भी बढ़ जाती है। जीबी पंत हिमालय पर्यावरण एवं विकास संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक किरीट कुमार के मुताबिक जंगलों की आग से निकलने वाले धुएं से ग्लेशियरों में जमी बर्फ पर कार्बन की काली परत लग जाती है।
जिससे बर्फ तेजी से पिघलने लगती है और ग्लेशियरों को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने बताया कि जंगलों में आग की घटनाओं के कारण तापमान भी बढ़ जाता है। इस कारण भी बर्फ तेजी से पिघलती है। इसलिए ग्लेशियरों को सुरक्षित रखने के लिए जंगलों में आग की घटनाओं को रोकना भी जरूरी है। लोगों को इसके लिए जागरूक रहना होगा। 

अल्मोड़ा। बर्फबारी कम होने से ग्लेशियरों में पड़ रहे प्रभाव के बारे में जीबी पंत हिमालय पर्यावरण विकास संस्थान के वैज्ञानिक अगले माह से अध्ययन शुरू करेंगे। हालांकि वैज्ञानिकों का फोकस गंगोत्री ग्लेशियर पर रहेगा। जीबी पंत पर्यावरण संस्थान में इस काम को देख रहे वरिष्ठ वैज्ञानिक किरीट कुमार ने बताया कि संस्थान के वैज्ञानिकों की टीम अध्ययन के लिए मई में गंगोत्री ग्लेशियर पहुंच जाएगी और अक्तूबर तक अभियान जारी रहेगा। इसके बाद अध्ययन की रिपोर्ट जारी की जाएगी। 

अल्मोड़ा। जंगलों की आग से वातावरण में धुआं छा जाता है जो खास तौर पर सांस के रोगियों के लिए खतरनाक है। जंगलों की आग के कारण उनकी तकलीफ भी बढ़ जाती है। जिला अस्पताल में प्रमुख अधीक्षक के साथ ही स्वास्थ्य निदेशक पद पर तैनात डा. जीसी पांडे ने बताया कि वातावरण में धुंध छाए रहने से सांस और अस्थमा के रोगियों को काफी दिक्कत होती है। साथ ही तापमान बढ़ने के कारण भी गर्मियों में होने वाले अन्य रोग भी बढ़ जाते हैं।  
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