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सेही को मारने चले थे, खुद की जान आफत में डाली

Haldwani Bureauहल्द्वानी ब्यूरो Updated Thu, 26 Mar 2020 08:57 PM IST
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बागेश्वर के कांडा क्षेत्र के गुड़मुड़थल (द्रोणोथल) के जंगल में खुदाई के लिए लगी जेसीबी। संवाद न्य
बागेश्वर के कांडा क्षेत्र के गुड़मुड़थल (द्रोणोथल) के जंगल में खुदाई के लिए लगी जेसीबी। संवाद न्य - फोटो : BAGESHWAR
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कांडा/बागेश्वर। जंगली सेही (शौल) के शिकार के लिए जाल बुनना क्षेत्र के तीन लोगों को भारी पड़ गया। सेही को मारने के लिए बिल में घुसे तीनों लोग वहीं फंस गए। दो को तो गांव वालों ने किसी तरह निकाल लिया, जबकि एक व्यक्ति अभी मलबे में दबा है। उसे निकालने के लिए एसडीआरएफ की टीम ने शाम सात बजे तक जेसीबी से खुदाई की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। अब शुक्रवार को अभियान चलाया जाएगा।
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दोणोथल (सनिउडियार) के गुड़मुड़थल के जंगल में कुछ लोगों ने सेही (शौल) को मारने के लिए बुधवार की शाम बिल में धुआं लगाया था। धुएं से सेही मर जाता है। बृहस्पतिवार सुबह करीब सात बजे जीवन राम (42) पुत्र दुर्गाराम निवासी सनिउडियार, रमेश राम (42) पुत्र प्रतापराम निवासी सनीउडियार और हरीश राम (36) पुत्र बसंत राम निवासी दाणोथल समेत पांच लोग शौल के बिल के पास गए। बिल के अंदर सबसे पहले जीवन राम गया, जो काफी देर तक बाहर नहीं आया। इसके बाद हरीश राम बिल में घुसा। जब वह भी बाहर नहीं आया तो रमेश राम उनको देखने के लिए बिल के अंदर चला गया और वह भी बाहर नहीं निकला। उनके साथ गए लोगों ने गांव में सूचना दी कि यह लोग बिल के अंदर फंस गए हैं।
सुबह करीब नौ बजे गांव के लोग मौके पर पहुंचे उन लोगों ने हरीश राम और रमेश राम को तो किसी तरह बिल से बाहर खींच लिया । दोनों को गैस लगी थी। कांडा से डॉ. हरीश पोखरिया, डॉ. मोहम्मद फैजल, डॉ. मोहम्मद शाह, फार्मासिस्ट अरुण तिवारी मौके पर पहुंचे। बिल से निकाले गए दोनों लोगों को इंजेक्शन लगाए और दवा दी। दोनों थोड़ी देर में ठीक हो गए। इन्हें निकालने के लिए पवन सिंह नामक व्यक्ति बिल में घुसा था, वह भी गैस लगने से बेहोश हो गया। पवन को सनिउडियार अस्पताल ले जाया गया। करीब एक घंटे बाद पवन की स्थिति सामान्य हो गई।
बिल में फंसे जीवन राम का अभी कुछ पता नहीं चला। लोगों ने तहसील प्रशासन को सूचना दी। तहसीलदार मैनपाल सिंह राजस्व टीम और पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। कपकोट से एसडीआरफ की टीम मौके पर बुलाई गई। कांडा के एसडीएम योगेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंच गए थे। बिल खोदने का काम किया गया लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। इसके बाद कांडा के ठेकेदार पंकज कांडपाल ने अपनी जेसीबी मौके पर भेजी। जेसीबी से बिल की खुदाई शुरु हुई। शाम साढ़े पांच बजे एसडीआरएफ को बिल के अंदर मलबे में दबे जीवन राम के पैर दिखाई दिए। शाम तक खुदाई की गई, लेकिन मलबे में दबे जीवन राम को निकालने में सफलता नहीं मिली।
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