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Uttarakhand Lockdown: चंडीगढ़ से पैदल भूखे प्यासे लौट रहे मजदूरों पर बदमाशों का कहर

कोरोना वायरस के चलते रोजी रोटी छिनने के बाद चंडीगढ़ से भूखे-प्यासे पैदल गोरखपुर जा रहे चार मजदूरों के साथ सहारनपुर जिले में बदमाशों ने लूटपाट कर दी।

28 मार्च 2020

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बागेश्वर

शनिवार, 28 मार्च 2020

योगाचार्य कमलेश का निधन, शोक छाया

बागेश्वर। जिले में योग की अलख जगाने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले योगाचार्य कमलेश मेहता (37) का सोमवार सुबह दिल्ली में निधन हो गया। वह कुछ समय से अस्वस्थ थे। उनके निधन से समूचे बागेश्वर में शोक छा गया।
मूलरूप से अल्मोड़ा के रहने वाले कमलेश यहां मोहल्ला कठायतबाड़ा में रहते थे। समाजसेवी अन्ना हजारे और योग गुरु बाबा रामदेव से प्रभावित कमलेश ने वर्ष 2011 से स्वामी रामदेव के सानिध्य में रहकर अपना जीवन समाज को समर्पित कर दिया था। जिले का शायद ही कोई कोना हो जहां कमलेश ने योग शिविर का आयोजन न किया हो। उन्होंने संपूर्ण उत्तराखंड और देश के अन्य हिस्सों में भी योग और आयुर्वेद को जन-जन तक पहुंचाने का काम किया। समाजसेवी पंकज पांडे ने कमलेश के निधन को भारी क्षति बताते हुए कहा कि वह लाइलाज बीमारी की चपेट में आने के बाद भी योग और आयुर्वेद के प्रति सजग रहे। उनकी कमी हमेशा खलेगी। कमलेश के निधन पर जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद सिंह भंडारी, पतंजलि योग पीठ के गणेश कांडपाल, गिरीश चंद्र जोशी, केवलानंद जोशी आदि ने दुख जताया है।
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बाहरी क्षेत्र से आए मजदूरों को काम पर लगाने पर जताई आपत्ति

कपकोट/बागेश्वर। कपकोट के बैड़ा-मझेड़ा सड़क के डामरीकरण के काम में बाहरी मजदूरों को लगाने पर क्षेत्र के लोग भड़क गए हैं। लोगों ने काम बंद करने के साथ ही मजदूरों की मेडिकल जांच करने की मांग की है।
बैड़ा-मझेड़ा सड़क में इन दिनों डामरीकरण का कम किया जा रहा है, जिसमें बाहरी मजदूरों को लगाया गया है। यह मजदूर कुछ ही दिन पूर्व क्षेत्र में आए हैं। इन मजदूरों के डामरीकरण करने की सूचना पर क्षेत्र के लोगों ने सवाल उठाए। जारती के ग्राम प्रधान प्रताप सिंह मेहता ने कहा कि बाहरी मजदूरों के काम में लगे होने से क्षेत्र के लोगों में भय का माहौल है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में लॉकडाउन के चलते सारे काम बंद हैं, लेकिन कार्यदायी संस्था की मनमानी से डामरीकरण काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि दूसरे प्रदेशों से आए मजदूरों की तत्काल स्वास्थ्य की जांच होनी चाहिए और सड़क में चल रहा डामरीकरण का काम बंद होना चाहिए। ताकि लोगों को कोरोना के खतरे से बचाया जा सके। उधर पीएमजीएसवाई के जेई अंकुर शर्मा का कहना है कि डीएम के आदेश के बाद ठेकेदार को काम बंद करने के निर्देश दे दिए गए थे। अब डामरीकरण बंद करा दिया गया है। ठेकेदार को मजदूरों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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खुशियों की सवारी संचालित न होने से एंबुलेंस से भेजे जच्चा-बच्चा

बागेश्वर। खुशियों की सवारी उपलब्ध न होने के कारण अस्पताल प्रबंधन ने काफी जद्दोजहद के बाद जच्चा-बच्चा को एंबुलेंस से उनके घर भेजा।
रविवार रात लौंबाज (गरुड़) की जानकी देवी पत्नी खीम सिंह ने सामान्य प्रसव के जरिए जिला अस्पताल में एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। मां और बच्चे की स्थिति सामान्य होने पर सोमवार को दोनों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई लेकिन लॉकडाउन के कारण परिजनों को घर ले जाने के लिए वाहन नहीं मिला। परिजनों ने वाहन के लिए इधर-उधर चक्कर काटे लेकिन कोई भी वाहन नहीं मिला। जानकारी मिलने पर जिला अस्पताल पहुंचे जिला पंचायत उपाध्यक्ष नवीन परिहार ने अस्पताल प्रबंधन के साथ ही विधायक चंदन राम दास से बात सकी। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने जच्चा-बच्चा को घर भेजने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि अनुबंध न होने के कारण अप्रैल 2019 से खुशियों की सवारी बंद है। नया अनुबंध होने के बाद ही सेवा का संचालन हो पाएगा।
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युवक आइसोलेशन में भर्ती

लॉकडाउन: ढील के दौरान सड़क पर निकला लोगों का रेला

बागेश्वर। लॉकडाउन में ढील के दौरान शुक्रवार को बागेश्वर की सड़क पर लोगों का रेला निकल आया। इस कारण सामाजिक दूरी के निर्देश हवा में उड़ गए। अधिकतर दुकानों में भी लोग नजदीक खड़े दिखे। शासन ने शुक्रवार सुबह सात से दोपहर एक बजे तक आवश्यक वस्तुओं की दुकान खोलने के लिए छूट दी थी। इसलिए लोग सुबह साढ़े छह बजे से ही बाजारों में निकलने लगे थे। सुबह सात बजे के बाद लोगों का रेला सड़क पर उतर आया। मजदूर तबके के लोग एक साथ घरों से निकले। सड़क पर लोगों का हुजूम दिखने लगा। लोग सामाजिक दूरी बनाकर भी नहीं चल रहे थे।
पुलिस ने लोगों से एक साथ न चलने और सामाजिक दूरी बनाए रखने की अपील की, लेकिन लोगों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। लोग दुकानों में भी अमूमन समूह में खड़े नजर आए। हालांकि कई दुकानदार लोगों को दूर-दूर खड़े रहकर सामान खरीदने की अपील कर रहे थे। इस कारण कई जगह असहजता महसूस की गई। हालांकि सुबह करीब 11 बजे बागेश्वर जिले के अधिकतर हिस्सों में बारिश होने लगी थी। इसलिए बारिश थमने के बाद लोग तेजी से घरों को निकले। दोपहर 12 बजे बाद दुकानें भी बंद होने लगी थीं। एक बजते ही बाजारों में सन्नाटा पसर गया।
पिथौरागढ़ में लॉकडाउन के दौरान सरेआम उड़ाई जा रहीं हैं नियमों की धज्जियां
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ में लॉकडाउन के दौरान सरेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रहीं हैं। पर शासन-प्रशासन गंभीर नहीं दिख रहा है। ढील के दौरान गांधी चौक सहित कई अन्य स्थानों पर लोग सामाजिक दूरी बना कर सामान की खरीदारी नहीं कर रहे हैं। लोगों की लापरवाही खुद पर भारी पड़ सकती है। शुक्रवार को ढील के दौरान गांधी चौक, सिमलगैर, टकाना सहित अन्य स्थानों पर सामान की खरीदारी करने आए लोग बिना डिस्टेंस के सामान खरीदते हुए नजर आए। ब्यूरो---
सात से एक बजे तक खरीदारी के लिए टूट पड़ी लोगों की भीड़
अल्मोड़ा। लॉकडाउन के दौरान सरकार द्वारा शुक्रवार को बाजार खुलने का समय बढ़ाकर सुबह सात से दोपहर एक बजे तक किया था। इस दौरान बाजार में सब्जी, दूध, राशन आदि की दुकानों में लोगों की काफी भीड़ रही। लोगों ने दुकानों से जमकर खरीदारी की। इस दौरान कई स्थानों पर सामाजिक दूरी का एक बार फिर से उल्लंघन होता देखा गया।
सरकार द्वारा लॉकडाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए शुक्रवार को समय बढ़ाकर सुबह सात से दोपहर एक बजे तक किया था। सुबह सात बजते ही लोग अपने घरों से निकल आए। देखते ही देखते बाजार में लोगों की भारी भीड़ हो गई। राशन, सब्जी, फल, दूध आदि की दुकानों में खरीदारी के लिए लोगों की लंबी लाइन लगी रही। जनरल स्टोर में भी काफी भीड़ रही। इस दौरान कई स्थानों पर सामाजिक दूरी का उल्लंघन किया गया। कई स्थानों पर पुलिस ने लोगों को सामाजिक दूरी का पालन नहीं करने पर फटकार भी लगाई। दुकानें एक बजे तक खुलने से लोगों को राहत मिली। लॉकडाउन के दौरान नगर की सड़कों में सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि पुलिस की सख्ती के बावजूद एक्का दुक्का लोग सडकों में घूमते हुए दिखे। पुलिस ने उन्हें हिदायत देकर घर वापस भेजा। एटीएमों में भी पैसे निकासी के लिए लाइन लगी रही।
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रानीखेत में लोगों ने किया सोशल डिस्टेंसिंग का पूर्णतया पालन
रानीखेत/द्वाराहाट। रानीखेत और द्वाराहाट में सुबह से लगातार बारिश हो रही थी। शुक्रवार को सुबह सात से दोपहर एक बजे तक जरूरी सामान की खरीद के लिए कर्फ्यू में ढील दी गई थी। हालांकि बाजार में अब अफरा तफरी का माहौल नहीं है। लोगों ने शांतिपूर्ण ढंग से आकर सब्जियां और अन्य जरूरी सामान खरीदा, सोशल डिस्टेंसिंग का भी इस दौरान खास ध्यान रखा गया। लोगों ने एक-एक मीटर की दूरी पर खड़े होकर सामान खरीदा। दूसरी तरफ एक बजे बाद घरों से लोग बाहर नहीं निकले इसके लिए निरंतर बाजार में गश्त भी की गई। द्वाराहाट में भी पुलिस ने गश्त के दौरान चौपहिया वाहनों को रोककर पूछताछ की और सड़कों पर बेवजह नहीं घूमने की हिदायत दी।
लॉकडाउन में चंपावत जिला पास
पहाड़ में रोड पर नहीं चले वाहन,समय बढ़ने से अधिकांश दुकानों में कम रही भीड़
चंपावत/लोहाघाट/टनकपुर/बनबसा । कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव को जारी लॉकडान चंपावत जिले में अब पूरी तरह कामयाब हो रहा है। शुक्रवार को लोगों ने इस लॉकडाउन का पूरी तरह पालन किया। चौपहिया वाहन नदारद रहे, तो अधिकांश बाइकों में भी एक ही सवारी थी।
दुकानों में खाद्यान्न, सब्जी, दूध, पेट्रोल-डीजल आदि की पर्याप्त उपलब्धता थी। अलबत्ता जरूरी सामान की दुकान खुलने की समय सीमा 10 बजे से बढ़ाकर एक बजे तक करने से ज्यादातर दुकानों में लोगों की भीड़ भी खासी कम रही। दुकानों में सुबह से न तो कोई अफरातरफरी थी और नहीं ज्यादा भीड़। दुकान खुलने के वक्त में इजाफे से लोगों में तसल्ली थी। दोपहर 12 बजे के बाद तो अधिकांश दुकानों में इक्का दुक्का लोग भी नहीं थे।
टनकपुर में लॉकडाउन में शुक्रवार को दी गई छह घंटे की छूट से दुकानों में भीड़ कम रही। कुछ दवा की दुकानों में लोगों की भीड़ लगी रही। इससे नाराज सीओ विपिन चंद्र ने दवा विक्रेताओं को सोशल डिस्टेंस बनाए रखने को कहा। ऐसा न होने पर केस दर्ज करने की भी चेतावनी दी। बनबसा में बाजार में अन्य दिनों की अपेक्षा कम ही भीड़ रही। एक बजे बाद पूरा क्षेत्र लॉकडाउन रहा। संवाद
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राशन की दुकान में लगी लंबी लाइन, तमाम लोग बगैर राशन लिए लौटे

बागेश्वर। शुक्रवार को मंडलसेरा की राशन की दुकान में राशन लेने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस लगानी पड़ी लेकिन लाइन इतनी लंबी भी तमाम लोगों को राशन लिए बगैर वापस लौटना पड़ा।
जिला मुख्यालय के मंडलसेरा में स्थित सस्ता गल्ला की दुकान में सुबह 7 बजे से ही लोग पहुंचने लगे थे। लोगों की भीड़ को देखते पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। लोगों को राशन लेने के लिए लाइन में लगना पड़ा। देखते ही देखते करीब डेढ़ सौ लोग लाइन में लग गए। धीरे-धीरे यह भीड़ बढ़ती चली गई। दुकानदार एक-एक कर ग्राहकों को राशन देता रहा। सुबह करीब साढ़े 10 बजे तक राशन की दुकान में करीब दो सौ लोग राशन की इंतजारी में खड़े थे। इनमें अधिकांश महिलाएं थीं। पुलिस को व्यवस्था बनाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
राशन लेने पहुंचे लोगों ने राशन लेने की आपाधापी में सोशल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान नहीं रखा। लोगों की भीड़ अधिक होने के कारण करीब सौ लोगों को बगैर राशन लिए वापस लौटना पड़ा। मंडलसेरा की इस राशन दुकान में एक हजार से अधिक कार्ड धारक हैं। करीब साढ़े तीन सौ लोग शुक्रवार को राशन लेने पहुंचे थे। लॉकडाउन के चलते दोपहर एक बजे राशन की दुकान बंद हो गई। बगैर राशन लिए लौटे लोगों को दुकानदार ने शनिवार को राशन देने की बात कही।
नगर में सब्जियों के दाम नियंत्रित, गांवों में महंगाई
रानीखेत (अल्मोड़ा)। कोराना संक्रमण से बचाव के लिए घोषित देशव्यापी लॉकडाउन के बाद नगर में सब्जियों के दाम तो तय हो गए हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में मनमाने दाम वसूलने की शिकायतें लगातार आ रही हैं। रानीखेत नगर में प्रशासन की तरफ से सब्जियों की दुकानों में रेटलिस्ट चस्पा कर दी गई है। गांवों और कस्बों में रह रहे लोगों ने भी दुकानों में रेटलिस्ट चस्पा करने की मांग की है।
लॉकडाउन की घोषणा के बाद ही नगर में सब्जियां महंगी हो गईं थीं। सब्जियों में 10 से लेकर 30 रुपये तक की बढ़ोतरी कर मनमाने दाम वसूले जा रहे थे। लगातार शिकायतों के बाद हरकत में आए प्रशासन ने सब्जियों का रेट तय किया। शुक्रवार को दुकानों में यह रेटलिस्ट लगी, जिससे लोगों को राहत मिली, लेकिन गांवों से सब्जियां महंगी मिलने की शिकायतें आ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि 20 रुपये किलो आलू 40 रुपये किलो तक बिक रहा है। दैनिक उपभोक्ता वस्तुओं के दामों में भी बढ़ोतरी हुई है। इसलिए ग्रामीणों ने प्रशासन से गांवों की दुकानों में भी रेटलिस्ट चस्पा करने की मांग की है।
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बागेश्वर में लॉकडाउन के बाद एक ही दिन में 955 ने कराया बिजली बिल जमा

संवाद न्यूज एजेंसी बागेश्वर। कोरोना वायरस के संक्रमण से रोकथाम के लिए घोषित लॉकडाउन के बाद जिले के लोग बिजली बिल के भुगतान के लिए अॉनलाइन माध्यम का सबसे अधिक उपयोग कर रहे हैं। उत्तराखण्ड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के अनुसार जिले में लॉकडाउन के बाद एक ही दिन में 955 निजी उपभोक्ताओं ने आनलाइन माध्यम से बिजली बिल के 10.72 लाख रुपये जमा किये हैं। यूपीसीएल बिजली के उपभोक्ताओं से ऑनलाइन माध्यम से बकाया बिल का भुगतान करने की अपील कर रहा है, ताकि कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रति सावधानी बरती जा सके। यूपीसीएल ने बिजली बिल भुगतान के काउंटरों पर प्रचार सामग्री चिपका दी है। जिसमें ऑनलाइन माध्यम से बिजली बिल भुगतान करने के तरीके बताए गए हैं। यूपीसीएल के अधिशासी अभियंता भाष्कर पांडे ने बताया कि उपभोक्ता बिजली बिल जमा करने के लिए ऑनलाइन माध्यम का बेहतर उपयोग कर रहे हैं। पहले एक दिन में 50 से कम उपभोक्ता ऑनलाइन माध्यम से बिजली बिल का भुगतान करते थे लेकिन 26 मार्च को 955 उपभोक्ताओं ने एक ही दिन में 10.72 लाख रुपये जमा किए हैं। उपभोक्ताओं को ऑनलाइन माध्यम से बिजली बिल जमा करने मैसेज भी भेजे जा रहे हैं। बताया कि कोरोना से बचाव को लेकर उपभोक्ता ऑनलाइन माध्यम से बिजली बिल जमा करने पर लोगों के संपर्क आने से बचेंगे और सुरक्षित रहेंगे। हिमांशु ... और पढ़ें

बृहस्पतिवार को और दिनों की अपेक्षा खरीददारी के लिए कम लोग निकले बाहर

बागेश्वर के गरुड़ में बिजली काउंंटर के बाहर चिपकी प्रचार सामग्री। संवाद न्यूज एजेंसी

खानाबदोशों की झोपड़ियों में जाकर किया जागरूक

बागेश्वर। कोरोना संक्रमण को लेकर स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कीटनाशकों का छिड़काव किया जा रहा है लेकिन यहां डिग्री कॉलेज के पास झुग्गी-झोपड़ी बनाकर रह रहे खानाबदोशों को कोरोना संक्रमण की सही जानकारी तक नहीं है। इसलिए रेडक्रॉस सोसायटी के पदाधिकारियों ने उनकी झुग्गी बस्ती में जाकर इन लोगों को जागरूक किया।
खानाबदोशों के 10 परिवार यहां पर लंबे समय से रह रहे हैं। इन 52 लोगों का कुनबा बिना किसी सावधानी और सामाजिक दूरी का पालन किए झोपड़ियों में रह रहा है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष नवीन परिहार, रेडक्रॉस सोसायटी के जिला सचिव आलोक पांडेय, वाइस चेयरमैन संजय साह जगाती, जगदीश उपाध्याय ने कोरोना से बचाव की जानकारी दी। झुग्गी-झोपड़ियों में सफाई नहीं थी। इसलिए रेडक्रॉस की टीम ने इन परिवारों को साबुन और स्वच्छता किट बांटी। उनसे स्वच्छता और सामाजिक दूरी बनाने को कहा गया। सूचना मिलने पर टीम के साथ मौके पर पहुंचे पालिका के ईओ राजदेव जायसी ने पूरे क्षेत्र में दवा का छिड़काव करवाया।
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शामा में दमे के मरीज की मौत से लोग आशंकित हो उठे

कपकोट/बागेश्वर। बुधवार की शाम को शामा क्षेत्र के एक गांव में 55 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई। आशंकित लोग इस मामले को कोरोना से जोड़कर देखने लगे। लोग आशंकित हो उठे। उक्त व्यक्ति 15-20 दिन पहले मुंबई से लौटा था।
सूचना पर बृहस्पतिवार की सुबह प्रशासन ने डॉक्टरों की टीम मौके पर भिजवाई। डॉक्टरों ने दमे से पीड़ित उक्त व्यक्ति की स्वाभाविक मौत होने की पुष्टि की। इसके बाद लोगों का संशय दूर हुआ। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक रचिता जुयाल का कहना है कि मृतक दमे का मरीज था, खांसता था। लोगों को लगा कि कहीं खांसी से कोई दिक्कत तो नहीं है और यह सही भी है, कहीं से शंका हो तो उससे दूर रहा जाए। डॉक्टर ने क्लीनचिट दे दी तो सभी ने बॉडी हटाने में मदद भी की। इसलिए कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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बैजनाथ पुलिस ने दिखाई मानवता, बुजुर्ग महिला को वाहन से घर छोड़ा

गरुड़ (बागेश्वर)। बैजनाथ पुलिस ने मानवता का परिचय देते हुए पांच घंटे से पैदल चल रही एक बुजुर्ग महिला को वाहन से उसके घर तक छोड़ा। गरुड़ के हरिनगरी की बुजुर्ग महिला खष्टी देवी (60) कुछ दिन पूर्व अपने मायके कौसानी आई थीं। लॉकडाउन के कारण यह महिला अपने मायके नहीं लौट पा रही थीं। बृहस्पतिवार सुबह बुजुर्ग महिला ने पैदल ही अपने घर जाने का निर्णय ले लिया। कौसानी से हरिनगरी की दूरी 27 किमी थी। 27 किमी बुजुर्ग महिला का पैदल चलना बेहद कठिन था लेकिन इस बुजुर्ग ने हिम्मत दिखाई और 15 किमी की दूरी तय कर बैजनाथ पहुंच गई। दोपहर करीब 12 बजे बैजनाथ में बुजुर्ग महिला को पैदल चलते देख बैजनाथ के थानाध्यक्ष कैलाश बिष्ट ने पूछताछ की तो बुजुर्ग ने बताया कि वह सुबह सात बजे से पैदल चल रहीं हैं। बेहद थक गई हैं। अब आगे जाने में असमर्थ हैं। थानाध्यक्ष ने मानवता का परिचय देते हुए बुजुर्ग महिला को अपने वाहन में बिठाया और 12 किमी दूर हरिनगरी तक छोड़ आए। बुजुर्ग महिला ने थानाध्यक्ष का आभार जताया और आशीर्वाद दिया। लोगों ने बैजनाथ पुलिस के इस कार्य की सराहना की है। ... और पढ़ें

सेही को मारने चले थे, खुद की जान आफत में डाली

कांडा/बागेश्वर। जंगली सेही (शौल) के शिकार के लिए जाल बुनना क्षेत्र के तीन लोगों को भारी पड़ गया। सेही को मारने के लिए बिल में घुसे तीनों लोग वहीं फंस गए। दो को तो गांव वालों ने किसी तरह निकाल लिया, जबकि एक व्यक्ति अभी मलबे में दबा है। उसे निकालने के लिए एसडीआरएफ की टीम ने शाम सात बजे तक जेसीबी से खुदाई की, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। अब शुक्रवार को अभियान चलाया जाएगा।
दोणोथल (सनिउडियार) के गुड़मुड़थल के जंगल में कुछ लोगों ने सेही (शौल) को मारने के लिए बुधवार की शाम बिल में धुआं लगाया था। धुएं से सेही मर जाता है। बृहस्पतिवार सुबह करीब सात बजे जीवन राम (42) पुत्र दुर्गाराम निवासी सनिउडियार, रमेश राम (42) पुत्र प्रतापराम निवासी सनीउडियार और हरीश राम (36) पुत्र बसंत राम निवासी दाणोथल समेत पांच लोग शौल के बिल के पास गए। बिल के अंदर सबसे पहले जीवन राम गया, जो काफी देर तक बाहर नहीं आया। इसके बाद हरीश राम बिल में घुसा। जब वह भी बाहर नहीं आया तो रमेश राम उनको देखने के लिए बिल के अंदर चला गया और वह भी बाहर नहीं निकला। उनके साथ गए लोगों ने गांव में सूचना दी कि यह लोग बिल के अंदर फंस गए हैं।
सुबह करीब नौ बजे गांव के लोग मौके पर पहुंचे उन लोगों ने हरीश राम और रमेश राम को तो किसी तरह बिल से बाहर खींच लिया । दोनों को गैस लगी थी। कांडा से डॉ. हरीश पोखरिया, डॉ. मोहम्मद फैजल, डॉ. मोहम्मद शाह, फार्मासिस्ट अरुण तिवारी मौके पर पहुंचे। बिल से निकाले गए दोनों लोगों को इंजेक्शन लगाए और दवा दी। दोनों थोड़ी देर में ठीक हो गए। इन्हें निकालने के लिए पवन सिंह नामक व्यक्ति बिल में घुसा था, वह भी गैस लगने से बेहोश हो गया। पवन को सनिउडियार अस्पताल ले जाया गया। करीब एक घंटे बाद पवन की स्थिति सामान्य हो गई।
बिल में फंसे जीवन राम का अभी कुछ पता नहीं चला। लोगों ने तहसील प्रशासन को सूचना दी। तहसीलदार मैनपाल सिंह राजस्व टीम और पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। कपकोट से एसडीआरफ की टीम मौके पर बुलाई गई। कांडा के एसडीएम योगेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंच गए थे। बिल खोदने का काम किया गया लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। इसके बाद कांडा के ठेकेदार पंकज कांडपाल ने अपनी जेसीबी मौके पर भेजी। जेसीबी से बिल की खुदाई शुरु हुई। शाम साढ़े पांच बजे एसडीआरएफ को बिल के अंदर मलबे में दबे जीवन राम के पैर दिखाई दिए। शाम तक खुदाई की गई, लेकिन मलबे में दबे जीवन राम को निकालने में सफलता नहीं मिली।
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पर्यटक आवास गृह को बनाया संस्थागत क्वारंटीन

बागेश्वर। डीएम रंजना राजगुरु के निर्देश पर बागेश्वर के केएमवीएन पर्यटक आवास गृह में संस्थागत क्वारंटीन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है।
बताया गया है कि संस्थागत क्वारंटीन बनाए गए कुमाऊं मंडल विकास निगम के पर्यटक आवास गृह में 19 कमरे और 8 बिस्तर वाले 4 डोरमैट्री उपलब्ध हैं। केएमवीएन के कार्मिकों के साथ ही कोराना वायरस से रोकथाम और बचाव के लिए क्वारंटीन में तैनात किए जाने वाले कार्मिकों को मंगलवार को प्रशिक्षण दिया गया। कुक, सफाई कर्मी आदि को संक्रमण से बचाव के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में संभावित मरीज को खाना देने के तरीकों, मरीज के लिए प्रयुक्त बर्तन आदि के उचित निस्तारण के बारे में जानकारी दी गई।
क्वारंटीन के लिए जिला पर्यटन अधिकारी कीर्ति आर्या को प्रभारी अधिकारी और डॉ. एंजल पटेल को सह प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। डीएम ने सभी परगना मजिस्ट्रेटों को अपने-अपने क्षेत्रों में संस्थागत क्वारंटीन को चिन्हित करने के निर्देश दिए है। डीएम ने ट्रामा सेंटर में निर्मित आइसोलेशन वार्ड में पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशिक्षण में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.एस.टोलिया, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. कमल पंत आदि मौजूद थे। संवाद
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