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सिर पर परिवार की जिम्मेदारी लेकर रवाना हो रहे लोग

Dehradun Bureauदेहरादून ब्यूरो Updated Sun, 29 Mar 2020 09:30 PM IST
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ेहरादून-हरिद्वार से वापस लौटते लोग ।
ेहरादून-हरिद्वार से वापस लौटते लोग । - फोटो : HARIDWAR
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सिर पर परिवार की जिम्मेदारी और दिल में ‘पेट’ की मजबूरी लेकर पहाड़ी इलाकों से बड़ी संख्या में मजदूरों का मजबूरी में पलायन हो रहा है। रास्ते में समाजसेवियों की मदद मिल गई तो पेट भर गया, नहीं तो खाली पेट चलते जा रहे हैं। रास्ते में हर आने-जाने वाले वाहनों को एक उम्मीद के साथ हाथ देते हैं कि वह उन्हें गंतव्य तक छोड़ दे, लेकिन हर कोशिश नाकाम हो रही है। इन मजदूरों के दिल में अपनों के लिए दर्द है तो सरकार के लिए गुस्सा भरा है।
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गढ़वाल क्षेत्रों में मेहनत मजदूरी करने वाले लोग प्रदेश में लॉकडाउन के बाद अपने गंतव्य को रवाना हो गए हैं। यह जानते हुए भी कि अब कोई वाहन उन्हें नहीं मिलेगा, इसके बावजूद परिवार संग एक उम्मीद में चल पड़े हैं। ऐसे मजदूरों की बड़ी तादात इस समय हरिद्वार से होकर गुजर रही है। चंडीपुल से हजारों की तादात में लोग अपने परिवारों के साथ रवाना हो रहे हैं। लोग अपने छोटे-छोटे बच्चों को कंधे पर बैठाकर और सिर पर पोटली लेकर आगे बढ़ रहे हैं। हाईवे पर अधिकांश लोग बलिया, सुल्तानपुर, भदोही, मिर्जापुर, गाजीपुर, देवरिया, गोरखपुर आदि के क्षेत्रों के हैं। मुरादाबाद के दिव्यांग सुरेश ने बताया कि ऋषिकेश में अपनी गुजर बसर कर रहा था, लेकिन 5 दिन से दूसरों पर आश्रित था, लेकिन अब कब तक लोगों पर आश्रित रहता तो अपने परिजनों के बीच में रहने को चल दिया। हाईवे पर बलिया के कई परिवार मिले। वीरवती, प्रकाशो, महर सिंह, भूपेंद्र आदि ने बताया कि टिहरी डैम के आसपास रहकर काम करते थे, लेकिन अब कोई आस नहीं दिखाई दी तो बलिया जाने को विवश हैं। बताया कि जितना भी सामान वे ला सकते थे, लेकर आए हैं बाकी वहीं छोड़ आए हैं।
महाराष्ट्र के सोल्हापुर के 68 लोग फंसे
महाराष्ट्र की विधानसभा सोल्हापुर क्षेत्र के 68 लोग हरिद्वार में पूजा अर्चना के लिए 20 मार्च को आए थे। वे उत्तरी हरिद्वार में कमल दास आश्रम में ठहरे हुए थे। वे लॉकडाउन होने के बाद से महाराष्ट्र जाने के लिए प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई माध्यम नहीं मिल सका है। उन्हें अपने विधायक प्रनीति सिंदे से गुहार लगाई। विधायक ने अपने स्तर से प्रयास किया, लेकिन कोई मदद नहीं हो सकी है। भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष विदित शर्मा उनकी सेवा में जुटे हैं। रविवार को विदित शर्मा उन्हें महाराष्ट्र भिजवाने के लिए एडीएम से मिले, लेकिन उन्हें वहां पर कोई आश्वासन नहीं मिला। विदित ने बताया कि उन लोगों भोजन की व्यवस्था में जुटे हैं।
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