दीपावली में पटाखों से तौबा करने की जरूरत

Haldwani Bureauहल्द्वानी ब्यूरो Updated Sun, 01 Nov 2020 12:21 AM IST
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पथिरागढ़ के खड़कोट वार्डन में बच्चे, महिलाएं पटाखे नहीं जलाने को लेकर शपथ लेते हुए।
पथिरागढ़ के खड़कोट वार्डन में बच्चे, महिलाएं पटाखे नहीं जलाने को लेकर शपथ लेते हुए। - फोटो : PITHORAGARH

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पिथौरागढ़। दिवाली पर एक युद्ध पटाखों के विरुद्ध मुहिम को लोगों का साथ मिलने लगा है। बड़ी संख्या में लोगों ने अमर उजाला की इस मुहिम को सराहा और कहा कि पटाखे जलाकर हम खुद ही बीमारियों को दावत दे रहे हैं। पटाखों के धुएं से फेफड़ों में सूजन आ सकती है। फेफड़े अपना काम ठीक से नहीं कर पाते हैं। ऐसे में हमें संकल्प लेना चाहिए कि रोशनी के इस त्योहार पर पटाखे जलाकर हम लोगों को बीमार न करें। शनिवार को एसडीएस के प्रधानाचार्य मोहन चंद्र पाठक की अध्यक्षता में खड़कोट वार्ड में एक युद्ध पटाखों के विरुद्ध अभियान के तहत गोष्ठी हुई। इसमें लोगों को पटाखे नहीं जलाने के लिए प्रेरित किया गया और बच्चों और महिलाओं ने पटाखे नहीं जलाने की शपथ भी ली।
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पटाखों से तौबा करने की जरूरत है। कोरोना संक्रमण के चलते मरीजों को सांस लेने संबंधी बीमारियों का खतरा बना रहता है। ऐसे में पटाखों के जलने से निकलने वाली जहरीली गैस उनके लिए खतरनाक है। हमें सावधान होने की जरूरत है।
मोहन चंद्र पाठक, प्रधानाचार्य, एसडीएस
द्यअमर उजाला की इस मुहिम से बहुत उत्साहित हूं। दिवाली में भारी मात्रा में पटाखे जलाने के कारण वायु प्रदूषित हो जाती है। इसका असर कई दिनों तक दिखाई देता है। सभी को आगे आना चाहिए।
प्रगति, प्रशिक्षु बीएड
दिवाली में पटाखों से बच्चों के घायल होने का डर बना रहता है। पैसों की बर्बादी अलग से होती है। पटाखों के जलने से निकलने वाली जहरीले गैस स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक होती है।
अंजलि पांडे, गृहणी
अमर उजाला के इस अभियान के लिए सभी को कंधे से कंधा मिलाकर चलना चाहिए। पटाखों के लिए खर्च करने वाले रुपये दूसरों की मदद के लिए खर्च करेंगे।
रमेश चंद्र जोशी, कर्मचारी
पटाखों की जहरीली गैसें नुकसानदायक
पिथौरागढ़। पटाखों के जलाने से फेफड़ों पर कार्बन मोनोआक्साइड सहित अन्य विषैली गैसों की लेयर बन जाती है जो तारकोल की तरह फेफड़ों पर चिपक जाती है। इससे बचने के लिए दिवाली पर घर में बनी खीर का सेवन करें। श्वांस संस्थान के लिए बलदाई औषधियों का सेवन जैसे तुलसी, अदरक, काली मिर्च का सेवन उचित मात्रा में करें। धुआं एलर्जी का कारण हो सकता है। इसीलिए धुएं से बचने और वर्तमान परिस्थितियों के मद्देनजर मास्क जरूर पहनें।
31पीटीएच 19पी-डॉ नवीन जोशी, उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय
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