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Lockdown Uttarakhand: डीजीपी की चेतावनी, सोमवार तक छिपे हुए जमाती सामने न आए तो दर्ज होगा हत्या का मुकदमा

उत्तराखंड में कई जमाती मेडिकल जांच कराने के लिए सामने नहीं आ रहे हैं। इस पर रविवार को पुलिस महानिदेशक ने चेतावनी जारी की कि छिपे हुए जमातियों के पास सोमवार को पुलिस के सामने आने का आखिरी मौका है।

5 अप्रैल 2020

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ऋषिकेश

रविवार, 5 अप्रैल 2020

अफवाह न फैलाएं, यथासंभव लोगों की मदद करें

कोरोना की दहशत के बीच अफवाहों का बाजार भी गर्म है। खासकर सोशल मीडिया पर लोग भांति-भांति की अफवाहें फैलाकर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। ऐसे में जागरूक लोगों का फर्ज बनता है कि वे इन अफवाहों पर लगाम लगाने में अपनी भूमिका निभाएं। ऋषिकेश कोतवाली पुलिस ने अफवाहें फैलाने वाले अराजक लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी है। कोतवाली प्रभारी रितेश शाह का कहना है कि उन्हें विभिन्न माध्यमों से ऐसी शिकायतों मिल रही हैं। ऐसे लोगों पर पुलिस बराबर नजर रख रही है। पुलिस ऐसे लोगों को चिहिन्त कर कड़ी कार्रवाई करेगी। शाह का कहना है कि कोरोना के खिलाफ विश्वव्यापी जंग लड़ी जा रही है, जिसमें हर व्यक्ति अपने-अपने ढंग से जिम्मेदारी निभानी चाहिए न कि भ्रामक अफवाहें फैलानी चाहिए।
संकटकाल में करें जरूरतमंदों की मदद
31 मार्च तक समूचा उत्तराखंड ‘लॉकडाउन’ किया गया है। सामान्य तौर पर सभी नागरिक एक-दूसरे से सीधे संपर्क से कट गए हैं। ऐसे में बतौर जागरूक नागरिक आपका-हमारा अपनी पेशेगत भूमिकाओं से इतर यह सामाजिक दायित्व भी बनता है कि हम इस ‘संकटकाल’ अपने आसपास उन लोगों की किसी भी रूप में मदद कर सकें, जिन्हें इसकी आवश्यकता हो। इनमें हमारे समाज के बुजुर्ग, बच्चे, सामाजिक-आर्थिक तौर पर कमजोर और वंचित लोग, अर्थात कोई भी हो सकता है।
क्या कर सकते हैं आप
1- अपने आसपास सजग नजर रखना और अफवाहों के खिलाफ लोगों को जागरूक करना।
2- अपने आसपास किसी भी वृद्ध को मेडिकल हेल्प, दवा अथवा अन्य आवश्यक वस्तु की आवश्यकता होने पर स्वयं अथवा संबंधित क्षेत्र की पुलिस व प्रशासनिक स्तर से मदद पहुंचवाना।
3- अपने आसपास किसी ऐसे बेहद जरूरतमंद परिवार को स्वयंसेवी संस्था अथवा सरकारी एजेंसी के माध्यम से मदद पहुंचवाना, जो काम न होने के कारण आर्थिक संकट से जूझते हुए भोजन की व्यवस्था तक न कर पा रहा हो।
4- कहीं आवश्यक वस्तुओं-दवाओं की कालाबाजारी, जमाखोरी आदि की जानकारी मिलने पर उसके आपस में शेयर करते हुए जरूरी कार्रवाई के लिए संबंधित एजेंसी तक पहुंचाना।
5- अपने आसपास किसी समस्या के उत्पन्न होने पर उसे मीडिया तक पहुंचाकर उजागर करने में मदद करना।
6- मोटे तौर पर इनके अतिरिक्त भी जो कुछ किया जा सकता है, वह इस ग्रुप में शेयर करके जोड़ा जा सकता है।
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लॉकडाउन : पहले दिन बीटीसी में पहाड़ जाने वालों की उमड़ी भीड़

बीते दिन प्रदेश मेें लॉकडाउन घोषित होने के बाद इसका असर सोमवार को यात्रा बस स्टैंड में भी देखने को मिला। आलम यह रहा कि बड़ी संख्या में पहाड़ी रूटों पर जाने वाले लोग बस ट्रांजिट कंपाउंड में उमड़ पड़े। मगर यहां वाहनों की सुविधा उपलब्ध न होने के कारण लोगों में आक्रोश फैल गया। इससे बड़ी संख्या में लोगों ने यहां स्थित चौकी का घेराव कर दिया। स्थिति को बिगड़ता देख तहसीलदार ने स्वयं मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। इस दौरान उन्होंने राजस्व व पुलिस कर्मियों की सहायता से स्थिति को नियंत्रण में किया और सभी लोगों के लिए वाहनों की व्यवस्था की। देर शाम तक मौके पर उपस्थित अधिकांश लोगों को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद उनके गंतव्यों की ओर रवाना किया गया।
देशभर में जनता कर्फ्यू के अगले दिन सोमवार सुबह को बड़ी संख्या में बाहरी राज्यों मेें कार्यरत पहाड़ी मूल चमोली, रुद्र्रप्रयाग, पौड़ी, टिहरी, उत्तरकाशी आदि जगहों के लोग अपने गंतव्यों मेें रवाना होने के लिए तीर्थनगरी के यात्रा बस स्टैंड पहुंचे। मगर यहां बसें आदि सेवाएं उपलब्ध न होने के कारण लोगों का पारा चढ़ गया। हालात यह रहे कि देखते ही देखते इन लोगों की भीड़ ने बीटीसी में विकराल रूप धारण कर लिया और यह जनसंख्या 15 सौ के पार जा पहुंची। इसकी सूचना मौके पर उपस्थित पुलिस कर्मियों ने तत्काल तहसीलदार रेखा आर्य को दी। तत्काल मौके पर पहुंची तहसीलदार ने प्रशासन और पुलिसकर्मियों के संग मिलकर मोर्चा संभाला। इस दौरान उन्होंने सभी को जिले के हिसाब से क्रमवार खड़े होने के निर्देश दिए। इसके बाद तहसीलदार के निर्देश पर पुलिस और प्रशासन के कर्मियों ने मौके पर उपस्थित सभी लोगों के जिलेवार नाम और पते की जानकारी एकत्र की। इसके बाद मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी प्रेमलाल ने परिवहन कर अधिकारी पंकज श्रीवास्तव और रोडवेज एजीएम पीके भारती को पहाड़ी रूटों के लिए वाहनों की उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। जिस पर परिवहन निगम की ओर से पांच बसें और परिवहन कंपनियों की 10 बसें समेत 20 सूमो वाहन का इंतजाम किया गया।
आखिरकार मौके पर पहुंची आयुष विभाग विभाग देहरादून की टीम डॉ. लक्ष्मण सिंह राणा, डॉ. सुचिता गिरी, फार्मेसिस्ट मुनेंद्रे मेहर, फार्मासिस्ट उमाशंकर प्रजापति, होम्योपैथी फार्मसिस्ट अमृता ने दोपहर बाद पहाड़ी रूटों पर जाने वाले सभी लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग शुरू की व हाथों में मोहर लगाकर देर शाम तक अधिकांश लोगों को उनके गंतव्यों की ओर रवाना किया। इस अवसर पर एसएनए एलम दास, पुलिस उपनिरीक्षक ओमकांत भूषण, शिव प्रसाद डबराल, राजस्व निरीक्षक सतीश जोशी, कांस्टेबल शंकर बिजल्वाण, गब्बर सिंह आदि उपस्थित थे।
बसों को सैनिटाइज और स्टीकर लगाकर किया रवाना
बीटीसी में फंसे पहाड़ी मूल के लोगों के लिए प्रशासन ने बसों और अन्य वाहनों का इंतजाम किया गया। खास बात यह रही कि इस दौरान पहले सभी वाहनों को सेनेटाइज की किया गया। उसके बाद ही इन वाहनों को गंतव्यों की ओर रवाना किया गया। इस दौरान वाहनों के आगे उनके गंतव्यों के नाम का स्टीकर भी लगाया गया। साथ ही प्रशासन की ओर से मार्ग में अन्य बाधाओं को दूर करने के लिए चालक को पत्र भी दिया गया।
धूप में खड़ी सवारियों को प्रशासन ने दिया खाने का सामान
सोमवार को लॉक डाउन के पहले दिन बीटीसी में खड़े लोगों के लिए प्रशासन ने खाने के लिए बिस्कुट आदि का इंतजाम भी किया। इस दौरान तहसीलदार रेेखा आर्य से मौके पर उपस्थित समस्त लोगों को बिस्कुट बांटे।
अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
सोमवार को बीटीसी कंपाउंड में कुछ तहसीलदार को कुछ लोग कोरोना और भीड़ के संबंध में अफवाह फैलाते हुए नजर आए। यह सुन तहसीलदार रेखा आर्य का पारा चढ़ गया। उन्होंने तत्काल पुलिसकर्मियों को अफवाहें फैलाने वालों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। बाद में माफी मांगने पर उन्होंने अफवाह फैलाने वाले को सख्त हिदायत देकर छोड़ दिया।
तीन घंटे लेट पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सोमवार को सुबह उपजिलाधिकारी के निर्देश के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम सुबह 11 बजे तक बीटीसी में नहीं पहुंच पाई। इस दौरान उपजिलाधिकारी प्रेमलाल ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के समक्ष लापरवाही बरतने पर नाराजगी भी जताई।
बस अड्डे पर तैनात परिवहन विभाग और पुलिस की टीम।
बस अड्डे पर तैनात परिवहन विभाग और पुलिस की टीम।- फोटो : RISHIKESH
राजकीय चिकित्सालय की एंबुलेंस को सेनेटराइज करता निगमकर्मी।
राजकीय चिकित्सालय की एंबुलेंस को सेनेटराइज करता निगमकर्मी।- फोटो : RISHIKESH
दोपहर 12 बजे देहरादून मार्ग स्थित मेडिकल स्टोर पर आवश्यक सेवा के उमड़ी भीड़।
दोपहर 12 बजे देहरादून मार्ग स्थित मेडिकल स्टोर पर आवश्यक सेवा के उमड़ी भीड़।- फोटो : RISHIKESH
हाईवे पर वाहनों की चेकिंग कर उन्हें निर्देश देते पुलिस कर्मी।
हाईवे पर वाहनों की चेकिंग कर उन्हें निर्देश देते पुलिस कर्मी।- फोटो : RISHIKESH
बस अड्डे पर पहाड़ी रूटों पर जाने वालों की लगी भीड़।
बस अड्डे पर पहाड़ी रूटों पर जाने वालों की लगी भीड़।- फोटो : RISHIKESH
बस अड्डे पर पहाड़ी रूटों पर जाने वालों की थर्मल स्क्रीनिंग करता स्वास्थ्य कर्मी।
बस अड्डे पर पहाड़ी रूटों पर जाने वालों की थर्मल स्क्रीनिंग करता स्वास्थ्य कर्मी।- फोटो : RISHIKESH
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सुबह से शहर रहा सुनसान, शाम तक आवाजाही कम

मशहूर शायर बशीर बद्र लिखते हैं- यूं ही बे-सबब न फिरा करो, कोई शाम घर में रहा करो, वो ग़जल की सच्ची किताब है उसे चुपके चुपके पढ़ा करो, कोई हाथ भी न मिलाएगा, जो गले मिलोगे तपाक से, ये नए मिजाज का शहर है, जरा फासलों से मिला करो। इन लाइनों को बशीर बद्र साहब जाने कब लिख गए, लेकिन यही आज की हकीकत है। इन नजरों ने शहर की तस्वीर उतारी है, जहां तलक नजर दौड़ाई जिंदगी भारी है.... कैसे-बता रहे हमारे वरिष्ठ संवाददाता विनोद मुसान तीर्थनगरी लाइव में-
ये नए मिजाज का शहर है, जरा फ़ासले से मिला करो...
ऋषिकेश। बीते दिवस यानि रविवार को आप घरों में कैद थे। चिकित्सा कर्मियों, पुलिस के अलावा आवश्यक सेवा से जुड़े कुछ लोगों के साथ हम अखबारनवीस भी सड़कों पर थे। शटर वाले टीवी से एलईडी और रिंगिग वाले टेलीफोन से मोबाइल देखने वाली पीढ़ी के लिए महामारी से बचने का ये कर्फ्यू भी नया था। ऐसा पहली बार हुआ, जब पूरा देश घर में सोकर भी जाग रहा था। आने वाले दिन कैसे होंगे, इसका तो पता नहीं, लेकिन बीते दिन के कुछ दृश्य हम
सुबह छह बजे
सुबह छह बजे आंख खुली तो सड़कों पर कुछ गाड़ियों के आने-जाने की आवाज सुनाई दी। इधर, टहलते हुए अखबार के हॉकरों के पास पहुंचा तो वे जल्दी में दिखाई दिए। सब सात बजे से पहले घरों में अखबार पहुंचा देना चाहते हैं। इक्का-दुक्का चाय की दुकानें भी खुल चुकी हैं। लोग चाय पीते हुए कोरोना के साथ मोदी जी के 14 घंटे के जनता कर्फ्यू पर चर्चा करते हुए दिखाई दिए। बोले, मोदी जी की ये तरकीब सफल हुई तो आने वाली पीढ़ियां उन्हें हमेशा याद रखेंगी। टहलते हुए त्रिवेंणी घाट पर पहुंचे तो यहां नित गंगा पूजन करने वाले कई भक्त जल चढ़ाते नजर आए। आसपास के मंदिरों में भी धूप-दीए के साथ लोग भगवान की पूजा अर्चना कर रह हैं। सात बजते-बजते फिर से घाट सुनसान हो गया।
आठ बजे
आठ बजे त्रिवेणी घाट पर अब यहां संन्नाटा है। घाट पर स्थित इंद्रवती विश्राम गृह भिक्षुओं से भरा है। इनका कोई घर नहीं, कहां जाएं। आज रोटी भी नसीब होगी या नहीं, सबको इसी की चिंता है। लेकिन झुंड में बैठे इन लोगों को देखकर चिंता जरूर हुई। भगवान न करे इनमें अगर एक भी व्यक्ति संक्रमित हो गया तो फिर क्या होगा? ये सुबह-सुबह उठकर रोज घर-घर जाकर भीक्षा मांगते हैं। एक इलाके से दूसरे इलाके में टहलते हैं। अभी देर नहीं हुई सरकार को इस ओर ध्यान देना होगा।
10 बजे
अब शहर के थाना क्षेत्रों में जायजा लेने की बारी थी। सुनसान सड़कों की दोनों तरफ दुकानों के बंद शटर जैसे आपस में बातें कर रहे थे। आह..! कितने दिनों बाद आज खुलने-बंद होने की खड़खड़ नहीं सुनाई दी। इधर, शहर की अलग-अलग चौकियों के प्रभारी शहर के प्रमुख व्यापारियों की लिस्ट तैयार कर रहे हैं। आने वाले दिनों यदि आपातकाल की स्थिति आती है, तो पुलिस खुद लोगों के घरों तक राशन पहुंचाएगी। इस बात ने काफी सुकून दिया डंडे वाली पुलिस पब्लिक के बारे में इतनी गहराई से सोचती है। किसके आदेश पर यह सब कार्रवाई कर रहे है, पूछने पर चौकी प्रभारी बताते हैं, कोतवाल साहब (रितेश शाह) का आदेश है। अपनी तैयारी पूरी रखो।
12 बजे
शहर के प्रमुख चौक-चौराहों से होते हुए मैं कोतवाली जा पहुंचा। इधर, कोतवाली में भी शांति है। न वादी हैं न फरीयादी। पुलिस भी अपने-अपने काम में लगी है। प्रवेश द्वार पर ही हाथ धोने के लिए साबुन और पानी की व्यवस्था की गई है। एक बोर्ड पर साफ लिखा है, कोतवाली में घूसने से पहले हाथ धोकर ही प्रवेश करें। कोतवाल रितेश शाह के बारे में पूछने पर एक सिपाही इशारा करता है। वे एक पेड़ के नीचे खड़े हैं। तभी मैंने पास जाकर पूछा क्या देख रहे हो। बोले, देख नहीं सुन रहा हूं। तुम भी सुनों। वाकही.. इस शहर में चिड़ियों की इतनी तेज चहचहाट कोतवाल ही नहीं मैंने भी पहली बार सुनी। रोज गाड़ियों की आवाज में चिड़ियों की आवाज दब जाती है। लेकिन आज इनका झुंड पूरे सबबा में कौतूहल कर रहा है। कोरोना का कहर ही सही, लेकिन आज उसने हमें पक्षियों के संसार में झांकने का भी मौका दे दिया। मैंने पूछा भाई साहब, शहर में शांति है। बोले, जब इंसानों की आवाज दब जाए और पशु-पक्षियों की आवाज सुनाई दे, तब समझ जाओ, वाकही शांति है। खैर, वैसे कहीं से भी किसी अप्रिय घटना का कोई समाचार नहीं है। चलो आओ चाय पीते हैं....
2 बजे
रात बारिश के बाद हवा में ठंडक है, लेकिन दोपहर होते-होते धूप तेज हो चली है। सड़कों पर दिखाई देने वाले इक्का-दुक्का लोग भी अब नजर नहीं आ रहे हैं। पुलिस कहीं नजर नहीं आ रही है। या यूं कहें कि जरूरत नहीं नहीं है। लोग स्वत:स्फूर्त जनता कर्फ्यू का पालन कर रहे हैं। जनता का कर्फ्यू जनता के लिए...। ऐसा शायद पहली बार हो रहा है, जब एग्जाम हॉल में कोई मास्टर नहीं है और लोग नकल भी नहीं कर रहे। रात की बसों में कुछ लोग दिल्ली, चडीगढ़, हरियाणा, पंजाब और दूसरी जगहों से ऋषिकेश पहुंचे थे। सुबह चंद्रभागा पुल, बस स्टैंड नटराज चौक, टैक्सी स्टैंड आदि स्थानों से ऊपर पहाड़ों में चढ़ने के लिए वाहन का इंतजार करते हुए नजर आए थे। सोचा उनकी भी खबर ली जाए। कभी अब भी तो खड़े नहीं है इधर-उधर। पूरा चक्कर मारा तो कहीं लोग नहीं दिखाई दिए। इतने में एआरटीओ डॉ. अनीता चमोला का फोन आ गया, उन्होंने बताया कि कुछ लोगों के सवारी वाहनों को लेकर ढूंढखोज की खबर आई थी। इस पर कुछ वाहनों को आइसोलेट कर उनमें सवारियां बैठाकर गतंव्य के लिए रवाना किया गया।
4 बजे शाम
आज शहर में नेता-अभिनेता, कोई नहीं मिल रहा। दुआ-सलाम भी बंद है। किसी के घर जाने की सोच भी नहीं सकते। जाना भी नहीं चाहिए। लोग शंका भरी नजरों से देखते हैं। पता नहीं कहां से आ रहे हैं। सुबह से कुछ नहीं खाया। सोचा किसी मित्र के यहां चला जाऊं, लेकिन फिर मन मसोस कर रह गया। खैर आज वर्त ही सही। इधर, एक राह से गुजरते हुए बुजुर्ग दंपती मिल गया। पूछने पर बुजुर्ग महिला ने बताया, सांस की दिक्कत है। अस्पताल जा रहे हैं। बुखार इत्यादी तो नहीं है। बोले नहीं। वर्षों से दिक्कत है। अस्पताल से दवाई लेने जा रहे हैं। मैंने कहा, ऐसे मत जाओ, रूको गाड़ी बुलाता हूं। पुलिस को फोन लगाया और गाड़ी मंगाकर उन्हें अस्पताल रवाना किया। उनकी दुवाओं के साथ आगे बढ़ा तो सबकुछ व्यस्थित नजर आया। दून चौराहा शहर का प्रमुख केंद्र है।
6 बजे शाम
वातावरण में थोड़ी सी ठंडक आ चुकी है। लेकिन कोरोना की गर्मी ने अब भी लोगों को घरों में ही कैद कर रखा है। या यूं कहें, वे इस राष्ट्रीय मिशन में डटकर अपनी भागीदारी निभा रहे हैं। राजकीय चिकित्सालय में भी सुबह से बहुत कम लोग पहुंचे हैं। यहां का स्टाफ मुस्तैद, लेकिन सुस्ता रहा है। चेहरों में मास्क है, चहलकदमी बेहद कम। तहसील में, सीओ दफ्तर, रजिस्ट्रार दफ्तर, खाद्य आपूर्ति कार्यालय, आबकारी कार्यालय, राजस्व, कोर्ट इत्यादी सब सूने पड़े हैं। हरिद्वार की तरफ जाने वाली सड़क भी सुनसान पड़ी है। जगह-जगह वाहन भी खड़े सुस्ता रहे हैं। आवारा पशु तक आज नहीं दिखाई दे रहे हैं। इधर, नगर निगम भी कर्फ्यू के साए में है। यहां भी कोई नहीं दिखाई दे रहा। कई बार यह दृश्य डरावना सा लगता है।
रात 8 बजे
स्ट्रीट लाइटें जल चुकी हैं। लोगों के घरों में रोशनी है। खिड़कियों से ताकझांक हो रही है, लेकिन लोग जनता कर्फ्यू का अब भी शिद्दत से पालन कर रहे हैं। सड़कें अब भी सुनसान हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से रात 9 बजे तक का आह्वान किया है। लेकिन, जितने भी लोगों से इस बीच हमने बातचीत की, सबका यही कहना था हम अब कल ही बाहर निकलेंगे। लेकिन कुछ बेसबरे हैं, जो रात नौ बजते ही हुड़दग के मूड़ में दिख्रते हैं। किसी को दारू लेने ठेके जाना है तो किसी को रिश्तेदारी निभानी है। जो भी हो, जिस तरह लोगों ने पूरे दिन जनता के लिए जनता के कर्फ्यू को सफल बनाया, उम्मीद है जब तक इस खतरनाक वायरस का खात्मा नहीं हो जाता, लोग खुद संयम बरतेंगे। ये वायरस सिर्फ आज के लिए आपके शहर में आने वाला नहीं था। ये कभी भी आज सकता है।
 सुनसान पड़ा लक्ष्मणझूला मार्ग।
सुनसान पड़ा लक्ष्मणझूला मार्ग।- फोटो : RISHIKESH
 सुनसान पड़ा बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग।
सुनसान पड़ा बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग।- फोटो : RISHIKESH
भद्रकाली में पर्वतीय क्षेत्रों को जाने वाले लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग करते स्वास्थ्य कर्मी।
भद्रकाली में पर्वतीय क्षेत्रों को जाने वाले लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग करते स्वास्थ्य कर्मी।- फोटो : RISHIKESH
चद्रभागा नदी में जनता कर्फ्यू के दौरान क्रिकेट का आनंद लेते बच्चे।
चद्रभागा नदी में जनता कर्फ्यू के दौरान क्रिकेट का आनंद लेते बच्चे।- फोटो : RISHIKESH
सुनसान रहा रेलवे रोड।
सुनसान रहा रेलवे रोड।- फोटो : RISHIKESH
सुनसान पड़ा भद्रकाली मार्ग।
सुनसान पड़ा भद्रकाली मार्ग।- फोटो : RISHIKESH
ऋषिकेश में  जनता कर्फ्यू के दौरान सुनसान पड़ा पैट्रोल पंप
ऋषिकेश में जनता कर्फ्यू के दौरान सुनसान पड़ा पैट्रोल पंप- फोटो : RISHIKESH
 सुनसान पड़ा चारधाम यात्रा बस अड्डा।
सुनसान पड़ा चारधाम यात्रा बस अड्डा।- फोटो : RISHIKESH
हरिद्वार मार्ग पर गुजरता विदेशी नागरिकों का जोड़ा।
हरिद्वार मार्ग पर गुजरता विदेशी नागरिकों का जोड़ा।- फोटो : RISHIKESH
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चारधाम यात्रा 2020: अब 18 नहीं 24 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के लिए रवाना होगी गाडू घड़ा तेलकलश यात्रा

राज महल नरेंद्र नगर की ओर से बदरीनाथ धाम की गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा की तिथि में परिवर्तन किया गया है। गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा 18 की बजाए 24 अप्रैल को सादगी के साथ राजदरबार से सीधे बद्रीनाथ के लिए रवाना होगी। 

रविवार को राजमहल नरेंद्रनगर से मिली जानकारी के अनुसार, इससे पहले कलश यात्रा की तिथि 18 अप्रैल को निश्चित की गई थी। डिमरी केंद्रीय धार्मिक पंचायत के चार प्रतिनिधि 23 अप्रैल को बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के ऋषिकेश स्थित चंद्रभागा विश्राम गृह पहुंच जाएंगे। 24 अप्रैल को राजदरबार से भगवान बदरीविशाल के अभिषेक के लिए प्रयोग किए जाने वाले तिलों के तेल का कलश लेकर बदरीनाथ धाम के लिए रवाना होंगे। 

26 अप्रैल को लक्ष्मी नारायण मंदिर डिम्मर में तेल कलश की पूजा अर्चना होगी। नृसिंह मंदिर जोशीमठ, योग-ध्यान बदरी पांडुकेश्वर होते हुए 29 अप्रैल को गाडू घड़ा बदरीनाथ पहुंचेगा। 30 अप्रैल को प्रात: चार बजकर 30 मिनट पर  बदरीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे।
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Coronavirus In uttarakhand: देहरादून के बाद अब पूरे ऋषिकेश शहर को किया जाएगा सेनेटाइज

दून शहर के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अब ऋषिकेश नगर निगम क्षेत्र को भी पूरी तरह से सेनीटाइज करने पर फोकस करना शरू कर दिया है। इसी के मद्देनजर बुधवार को देहरादून से जिला स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ऋषिकेश पहुंची। जहां पर टीम ने ऋषिकेश नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त से मिलकर इस संबंध में वार्ता की।

टीम के सदस्यों ने कहा कि जिस तरह से कोरोना संक्रमण के फैलने का खतरा बना हुआ है, उसे देखते हुए शहर को सेनेटाइज करना बहुत जरूरी है। जिस पर सहायक नगर आयुक्त ने नगर निगम कर्मियों को जरूरी दिशा निर्देश देने की बात कही।

साथ ही नगर निगम के अधिकारी भी इसकी मॉनीटरिंग करेंगे। वहीं, टीम ने पेट्रोल पंप और अन्य प्रतिष्ठानों को अपने स्तर से भी सेनेटाइज करने के लिए संबधित संचालकों को निर्देश दिए।

इसके अलावा टीम ने एसपीएस संयुक्त अस्पताल ऋषिकेश के चिकित्सा अधीक्षक से भी मुलाकात की। चिकित्सा अधीक्षक से कहा गया कि अस्पताल में आने जाने वाले एंबुलेंस में हर तरह के वाहनों को सैनेटाइज किया जाए।
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Uttarakhand Lockdown: ऋषिकेश से 92 विदेशी नागरिक दिल्ली स्थित अपने दूतावासों के लिए हुए रवाना

भारत सरकार विदेश मंत्रालय के निर्देशानुसार बुधवार को भी विगत दिनों की भांति 92 विदेशी नागरिक दिल्ली स्थित अपने दूतावासों के लिए रवाना हुए। प्राप्त जानकारी के अनुसार दिल्ली में अग्रिम कार्रवाई के बाद इन सभी को उनके देश के लिए भेजा जाएगा।

बुधवार सुबह को रामझूला, लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम, तपोवन, ऋषिकेश आदि क्षेत्रों में रह रहे विदेशी मूल के लोगों को लेने के लिए एशियन और इको ट्रैवल एजेंसी की दो बसें यात्रा बस स्टैंड, एक शिवानंद पार्किंग व एक तपोवन सराय पहुंचीं।

यहां से 92 विदेशी मूल के लोगों को एकत्र कर चारों बसें दिल्ली के लिए रवाना हुईं। इन विदेशी नागरिकों में अधिकांश स्पेन और स्वीड़न के रहे। इसमें कुछ विदेशी डेनमार्क, फिनलैंड, नार्वे, सुल्मानिया आदि देशों के भी शामिल रहे।
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चारधाम यात्रा 2020: निर्धारित तिथियों पर ही खुलेंगे चारों धामों के कपाट, सीधे बदरीनाथ रवाना होगी गाडू घड़ा यात्रा

कोरोना के संक्रमण को देखते हुए इस बार बदरीनाथ गाडू घड़ा (तेल कलश) यात्रा 18 अप्रैल को राज दरबार नरेंद्रनगर टिहरी (गढ़वाल) से सादगीपूर्ण रूप से सीधे बदरीनाथ धाम के लिए रवाना होगी। डिमरी केंद्रीय धार्मिक पंचायत के अध्यक्ष विनोद डिमरी ने बताया कि पंचायत के चार प्रतिनिधि 17 अप्रैल को श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के ऋषिकेश स्थित चंद्रभागा विश्राम गृह पहुंच जाएंगे।

18 अप्रैल को राज दरबार से भगवान बदरी विशाल के अभिषेक में प्रयुक्त होने वाले तिलों के तेल का कलश (गाडू घड़ा) लेकर श्री बदरीनाथ धाम के लिए रवाना होंगे। श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर डिम्मर में 26 अप्रैल तक गाडू घड़ा की पूजा होगी।

श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि कोरोना महामारी को देखते हुए विशेष एहतियात रखी जाएगी। उत्तराखंड के चारों धामों के कपाट पूर्व निर्धारित तिथियों एवं समय पर ही खुलेंगे। 
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Lockdown Uttarakhand: ऋषिकेश में लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर तीन लोग गिरफ्तार, कुछ युवकों को वापस भेजा

Coronavirus in Uttarakhand: एम्स ऋषिकेश में शुरू हुई कोरोना संक्रमण की निशुल्क जांच, 24 घंटे में मिलेगी रिपोर्ट

भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में सोमवार से कोरोना वायरस कोविड 19 की लैब में जांच शुरू हो गई है। अब संस्थान में आने वाले मरीजों की कोरोना जांच के लिए नमूने अन्यत्र प्रयोगशालाओं में नहीं भेजने पडेंगे। संस्थान में मरीजों के कोविड 19 संक्रमण की जांच निशुल्क होगी।

संस्थान के चिकित्सकों के परामर्श पर ही मरीजों को जांच की सुविधा मिल सकेगी। उधर एम्स के ट्रॉमा सेंटर में 100 बेड के कोविड 19 आइसोलेशन वार्ड भी शुरू कर दिया गया है। एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रविकांत ने बताया कि स के माइक्रो बॉयोलॉजी विभाग की देखरेख में कोरोनो वायरस कोविड 19 केनमूनों की जांच के लिए वायरोलॉजी लैब में परीक्षण का कार्य विधिवत शुरू हो गया है।

उन्होंने बताया कि इंडियन काउंसिल ऑफ  मेडिकल रिसर्च की सहमति के बाद एम्स में  जिसमें कोरोनो के अलावा अन्य तरह के वायरस की टेस्टिंग भी की जा रही है। एम्स निदेशक प्रो. रविकांत ने बताया कि संस्थान में वायरोलॉजी लैब प्रारंभ कराने के लिए एम्स को इंडियन काउंसिलिंग ऑफ  मेडिकल रिसर्च की ओर से प्रथम चरण में 150 और द्वितीय चरण में 300 पीसीआर किट उपलब्ध कराई गई हैं।
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Coronavirus in Uttarakhand: ऋषिकेश से अमेरिका पहुंची महिला निकली कोरोना पॉजिटिव, सोशल मीडिया पर की ये अपील

ऋषिकेश से अमेरिका पहुंची महिला कोरोना पॉजिटिव निकली है। महिला की फेसबुक पोस्ट से इस बारे में जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में महिला के संपर्क में आए करीब 25 लोगों की जांच की गई।

राहत की बात यह है कि उक्त सभी लोग सामान्य हैं। महिला सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से जांच कराने की भी अपील कर रही है। मामला मुनिकीरेती थाना क्षेत्र के तपोवन का है। पिछले कुछ समय से अमेरिकन महिला भारत में रह रही थी। वह दो मार्च से 14 मार्च तक तपोवन के राज रिजॉर्ट में ठहरी थी।

इस बीच वह क्षेत्र के कई लोगों के संपर्क में भी आई। तपोवन क्षेत्र में एक अन्य अमेरिकन महिला गरीब, बेसहारा बच्चों के लिए स्कूल चलाती हैं। कोरोना पॉजीटिव पाई गई महिला जितने दिन यहां रहीं, उतने ही दिन वह स्कूल में बच्चों से मिलने भी जाती रहीं।
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Corona: 104 विदेशी नागरिकों को भेजा दिल्ली दूतावास, प्रवासी मजदूरों के लिए बनाए जाएंगे शेल्टर होम

भारत सरकार के निर्देश पर तीर्थनगरी और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले 104 विदेशी नागरिकों को दिल्ली स्थित दूतावास भेजा गया। दिल्ली से अग्रिम कार्रवाई के बाद सभी नागारिकों को उनके देश भेजा जाएगा।

शनिवार शाम रामझूला, लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम, तपोवन, ऋषिकेश, रायवाला आदि क्षेत्रों में रह रहे विदेशी मूल के लोगों को लेने के लिए बस ट्रांजिट कंपाउंड में केटीसी ट्रेवल एजेंसी की चार वॉल्वो बसे पहुंची। इनमें से रविवार सुबह को दो बसें तपोवन, एक रायवाला के लिए रवाना हुई। शेष एक बस में बीटीसी से ही विदेशी लोग सवार हुए।

इस दौरान तीर्थनगरी और आसपास के क्षेत्रों से कुल 104 विदेशी मूल के लोग दिल्ली के लिए रवाना हुए। एक वॉल्वो बस के चालक शकील ने बताया कि हरिद्वार व देहरादून से भी कुछ विदेशी लोगों को दिल्ली ले जाया गया है। तीर्थनगरी से भेजे जाने वाले विदेशियों में अधिकांश फ्रांस, आयरलैंड, बेल्जियम, नीदरलैंड, फिनलैंड, स्वीडन, सोमानिया, यूके, अंडौरा आदि देशों के नागरिक शामिल हैं।
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उत्तराखंड लॉकडाउन: जौलीग्रांट एयरपोर्ट से हवाई सेवा बंद, केवल इमरजेंसी फ्लाइट के लिए खुला रहेगा एयरपोर्ट

देहरादून जौलीग्रांट एयरपोर्ट देर रात से पैसेंजर फ्लाईटों की आवाजाही के लिए बंद हो जाएगा। लेकिन आपातकालीन परिस्थितियों के लिए एयरपोर्ट को खुला रखा जा रहा है। बताया गया कि आगामी 31 मार्च तक एयरपोर्ट पर कामर्शियल फ्लाईटों को बंद रखा जा रहा है।

कोरोना वायरस संक्रमण के कारण राज्य के सबसे बड़े देहरादून जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर देर रात से पैसेजंर फ्लाईटों की आवाजाही को बंद कर दिया गया। गौरतलब है कि जौलीग्रांट एयरपोर्ट देश के विभिन्न 11 शहरों जिनमें दिल्ली, जयपुर, अहमदाबाद, मुंबई, हैदराबाद, बंगलुरू,लखनऊ, बनारस और कोलकाता आदि की हवाईसेवाओं से जुड़ा हुआ है।

प्रतिदिन 22 कमर्शियल फ्लाईटों के विमान उड़ते और उतरते है। गौरतलब है कि मार्च माह से करीब छह फ्लाईटों में बढ़ोतरी होने की तैयारियां भी हो चुकी थी। कोरोना वायरस के हवाईसेवाओं में गिरावट दर्ज होने लगी थी। हालांकि जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए प्रभावी व्यवस्थाओं को रखा जा रहा था।
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