नवरात्र के दूसरे दिन की गई दुर्गा के द्वितीय स्वरूप बह्माचारिणी की पूजा अर्चना

Dehradun Bureauदेहरादून ब्यूरो Updated Mon, 19 Oct 2020 12:09 AM IST
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रुड़की अंबर तालाब स्थित मनकोमेश्वरी देवी मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु।
रुड़की अंबर तालाब स्थित मनकोमेश्वरी देवी मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु। - फोटो : ROORKEE

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शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन दुर्गा मां के द्वितीय स्वरूप ब्रह्मचारिणी की विधि विधान से पूजा अर्चना की गई। मान्यता है कि देवी के द्वितीय स्वरूप ब्रह्माचारिणी की पूजा से उत्तम फल की प्राप्ति होती है। श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर मंदिरों में मां भगवती के दर्शन किए और पूजा अनुष्ठान में हिस्सा लिया। शाम को आरती के बाद प्रसाद ग्रहण किया।
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रविवार को नवरात्र के दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लिया। साकेत स्थित चतुर्मुखी दुर्गा मंदिर में भक्तों ने देवी के दूसरे स्वरूप ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना की। माता रानी को नारियल, चुन्नी, श्रृंगार का सामान, फूल और रोली आदि अर्पित किए। पंडित जगदीश प्रसाद पैन्यूली ने बताया कि ब्रह्मचारिणी ब्रह्मांड की रचना करनेवाली देवी हैं और सभी विद्याओं की ज्ञाता हैं। जब ब्रह्मा जी ने सृष्टि का विस्तार किया था तो पहले मां ब्रह्मचारिणी से ही आशीर्वाद लिया था। इस मौके पर अनिल अग्रवाल, विकास बंसल, उमा अग्रवाल, जगदीश देशप्रेमी, एसपी देहात एसके सिंह, अरविंद कश्यप, प्रकाश नौटियाल, दिनेश सेमवाल मौजूद रहे।
उधर, खानपुर और प्रह्लादपुर के देवी मंदिरों में सुबह से भक्तों की लाइन लगी रही। प्रह्लादपुर दुर्गा मंदिर के पुजारी विनोद शर्मा ने बताया कि नवरात्र के दूसरे दिन देवी के द्वितीय स्वरूप की पूजा अर्चना की गई। मान्यता के अनुसार, बह्माचारिणी देवी ज्ञान, वैराग्य और ध्यान की अधिष्ठात्री हैं। इनके एक हाथ में कमंडल और दूसरे में रुद्राक्ष की माला है। लक्सर में मेन बाजार स्थित जगदंबा और सीमली गांव स्थित शिव दुर्गा मंदिर के पट खुलते ही श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना शुरू की। ज्योतिषाचार्य पंडित संदीप भारद्वाज, शास्त्री शिव दुर्गा मंदिर के पंडित अरविंद शर्मा ने बताया कि नवरात्रि का दूसरा दिन ब्रह्मचारी को समर्पित है। हिंदू धर्म ग्रंथों में इन्हें मठ की देवी बताया गया है। ब्रह्मचारिणी देवी महाशक्ति तप की शक्ति का प्रतीक हैं। जो भी इनकी आराधना करता है, उसके तप करने की शक्ति बढ़ जाती है।
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