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नवरात्र में कराएं कामाख्या बगलामुखी कवच का पाठ व हवन, पाएं कर्ज मुक्ति एवं शत्रुओं से छुटकारा
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Uttarakhand Lockdown update Live: होम क्वारंटीन का पालन न करने पर पांच लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा

सोमवार को भी रोजाना की तरह सुबह सात बजे से दुकानें खुली। लेकिन आज गिने-चुने लोग ही सड़कों पर नजर आए। 

30 मार्च 2020

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ऊधम सिंह नगर

सोमवार, 30 मार्च 2020

कोरोना वायरस का खौफ बच्चों की ऑनलाइन होगी पढ़ाई

बाजपुर। डीएवी पब्लिक स्कूल प्रबंधन ने कोरोना वायरस को लेकर पढ़ाई जारी रखने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया। सत्र 2020- 21 की पढ़ाई जारी रखने के लिए स्कूल के शिक्षकों ने हर कक्षा का व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है।
इसके माध्यम से विद्यार्थियों को ऑनलाइन किताबें पढ़ाने, लेक्चर ऑनलाइन रिकॉर्ड कर वीडियो, ऑडियो प्रोजेक्ट, जूम क्लास मीटिंग के जरिए कक्षाएं शुरू की गई हैं। प्रधानाचार्य महेश कुमार ने बताया कि महामारी से बच्चों को सबसे अधिक बचाने की जरूरत है। ऐसे में ऑनलाइन क्लासेस के जरिए बच्चों का कोर्स पूरा करने में आसानी होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से कक्षाओं के ग्रुप से जुड़ने का आह्वान किया है।
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कोरोना के सातों संदिग्ध नार्मल, आज आएगी रिपोर्ट

नगर के एक वार्ड में एक ही परिवार के छह और एक पड़ोसी के कोरोना संदिग्ध मिलने के बाद प्रशासन ने उक्त इस्लाम नगर वार्ड की संबंधित गली को सील कर लोगों को होम क्वारंटीन कर दिया है। एसडीएम ने बताया कि शुक्रवार को रिपोर्ट मिलने पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इधर, सभी संदिग्धों को ब्लड बैंक भवन में बने आइसोलेेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। रुद्रपुर से वरिष्ठ फिजीशियन के नेतृत्व में आई टीम ने उनकी जांच की। बताया गया कि उनकी स्थिति नार्मल है।
बुधवार को क्षेत्र में कोरोना के सात संदिग्ध पाए गए थे। प्रशासन ने बुधवार को ही उक्त वार्ड की गली को सील कर वहां पुलिस तैनात कर दी थी। इसके अलावा संबंधित लोगों के संपर्क में आए लोगों पर भी निगाह रखना शुरू किया। प्रशासन ने इन सभी को नागरिक अस्पताल में बने आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया। वहीं, संदिग्धों से मिलने गए तहसीलदार यूसुफ अली, उनके वाहन चालक और एक अन्य तहसील कर्मचारी महेश चंद को भी आईटीआई में क्वारंटीन किया गया है।
नोडल अधिकारी डॉ. वीपी सिंह ने बताया कि रुद्रपुर से फिजीशियन डॉ. गौरव अग्रवाल के नेतृत्व में सभी की जांच हुई, सभी नार्मल हैं और अब हल्द्वानी से जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है। एसडीएम निर्मला बिष्ट ने बताया कि फिलहाल उक्त संदिग्धों की गली को सील कर सभी को घर में रहने को कहा है।
तहसीलदार ने क्वांरटीन वार्ड से ही निपटाया काम
खटीमा। तहसीलदार यूसुफ अली की हालात सामान्य हैं। वह बृहस्पतिवार को क्वारंटीन वार्ड से कामकाज निपटाते रहे। तहसीलदार ने बताया कि अभी जांच रिपोर्ट नहीं आई है, रिपोर्ट आने तक वह क्वारंटीन में रहेंगे। उन्होंने बताया कि तहसील के जरूरी कार्य वार्ड से ही निपटा रहे हैं।
खटीमा में कोरोना वायरस को लेकर संदिग्ध मिले लोगों से मिलने के बाद एहतियातन के तौर पर जनजाति छात्र
खटीमा में कोरोना वायरस को लेकर संदिग्ध मिले लोगों से मिलने के बाद एहतियातन के तौर पर जनजाति छात्र- फोटो : KHATIMA
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LockDown: नहीं मिला वाहन, गोद में बच्चा लिए पैदल ही दिल्ली से उत्तराखंड पहुंची महिला, तस्वीरें...

पापी पेट ने पहले घर छुड़वाया, मुसीबत में अब घर ही याद आया

पड़ोसी मुल्क नेपाल से यहां आकर काम करने वाले मजदूर भी लॉकडाउन की वजह से भूख और प्यास से विलख रहे हैं। रोजगार खत्म होने से अब पहाड़ों में रहने वाले ये नेपाली परिवार भी अपने वतन को लौटने लगे। दो दिन तक पैदल पहाड़ों के जंगलों से होते हुए डौली रेंज पार कर रविवार को बाराकोली जंगल पहुंचे। हताश व निराश इन मजदूरों को जंगल से सटे रूदपुर गांव में लोगों ने खाना खिलाया। खाना खाने के बाद शरीर में जान पड़ी तो वे फिर अपने वतन को पैदल ही चल दिए।
भारत के विभिन्न प्रांतों से यहां काम करने आने वाले मजदूर पैदल ही घरों को लौट रहे हैं। वहीं पड़ोसी देश नेपाल के मजदूर भी अब अपने घरों को जाने लगे। रविवार को उत्तराखंड के विभिन्न पहाड़ी इलाकों में काम करने वाले नेपाल के मजदूर रोजगार के साधन बंद होने पर भूखे-प्यासे ही अपने वतन को रवाना हो गए। उन्होंने आवागमन के लिए मुख्य मार्गों से कोई साधन न मिलता देख जंगल के रास्ते ही नेपाल जाने की ठान ली। शुक्रवार को नेपाल के करीब 80 मजदूरों का जत्था नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर आदि जिलों से पैदल ही चल दिया।
अमर उजाला टीम ने जब नेपाल के दयलेक जिला निवासी जंग बहादुर से बात की तो उनका दर्द छलक उठा। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में मजदूरी करते थे लेकिन मुख्य मार्गों से यातायात बाधित है। काम भी बंद हो गए और खाने के लिए पैसे भी नहीं रहे। हालात ये हो गए कि अब भूख और प्यास से मरने के सिवाय कोई चारा नहीं रहा तो मजबूरी में अपने घरों को जाने की ठान ली। बीते शुक्रवार से जंगल के रास्ते चलकर शनिवार की शाम चोरगलिया जिला नैनीताल के डौली जंगल पहुंचे और फिर वहां से चलकर आज बाराकोली जंगल में ठहरने के बाद अब घरों को रवाना हो लिए हैं।
यहां से अभी जंगल के रास्ते ही करीब दो सौ किलोमीटर पैदल ही अपने गंतव्य स्थल नेपाल के जिला दयलेक तक पहुंचना है। उन्होंने कहा कि उनकी टीम में करीब 80 लोग हैं जो भूखे-प्यासे हैं। जंगल से सटे रूदपुर गांव के लोगों ने नेपालियों के जत्थे को देख उन्हें रोका और सभी को खाने-पीने की वस्तुएं मुहैया कर्राईं।
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जंगल के रास्ते पैदल अपने घर की ओर जाते नेपाली मजदूर। जंगल के रास्ते पैदल अपने घर की ओर जाते नेपाली मजदूर।

उत्तराखंड: मरीज ले जाने के बहाने एम्बुलेंस में कर रहे थे स्मैक की तस्करी, एक मरीज तो दूसरा बना डॉक्टर

कैंटर चालक ने टनकपुर से खटीमा तक के वसूल लिए 400 रुपये

खटीमा। लॉकडाउन में लोग जहां कई लोग लोगों की मदद को आगे आ रहे हैं वहीं कई लोग मजबूरी का फायदा भी उठा रहे हैं। ऐसा ही एक उदाहरण नगर में देखने को मिला। चंपावत से पैदल आ रहे यूपी के लखीमपुर खीरी जाने वाले श्रमिकों को एक कैंटर चालक टनकपुर से खटीमा ले आया। नगर में पहुंचने पर जब श्रमिकों ने किराया पूछा तो उनके होश उड़ गए। चालक ने उक्त लोगों से प्रति सवारी 400 रुपये वसूले और किराया न होने पर एक युवक का मोबाइल ले लिया।
शनिवार को खीरी के रहने वाले अनिल कुमार ने बताया कि मजदूरी का काम बंद होने पर वह 25 मार्च को अन्य साथियों के साथ चंपावत से पैदल चले और 28 मार्च की सुबह टनकपुर पहुंचे। यहां से एक कैंटर चालक उन्हें खटीमा ले आया। 12 लोग हमारे साथ थे। चालक ने प्रत्येक सवारी से 400 रुपये वसूल किए और अनिल के पास किराया न होने पर उसका मोबाइल लेकर चला गया। अनिल ने बताया कि उन्होंने गुरुद्वारे में भोजन किया और पूर्ति निरीक्षक हयात सिंह बुंगला को आपबीती बताई। बुंगला ने बताया कि उक्त लोगों ने वाहन का नंबर बताया है तथा इसकी जांच की जाएगी।
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आग से जली 12 झोपड़ियां

सुल्तानपुर पट्टी। कोसी नदी खनन में कार्य में लगे निर्धन परिवारों की एक दर्जन झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। राजस्व और पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर पीड़ितों को राहत सामग्री दी।
कोसी नदी के सुरेंद्र जीत घाट पर लॉकडाउन के चलते श्रमिक अपनी झोपड़ियों में रहे थे। शनिवार की दोपहर एकाएक 12 झोपड़ियों में आग लग गई। आग में बाइक, राशन, हजारों की नकदी, कपड़े, सिलाई मशीन, बर्तन, सिलेंडर और अन्य सामान जल गया। शोर सुनकर लोगों ने झोपड़ियों से निकलकर अपनी जान बचाई। पीड़ितों ने बताया सभी लोगों का करीब तीन लाख से अधिक का नुकसान हुआ है। फायर ब्रिग्रेड के पहुंचने से पूर्व सामान जलकर राख हो गया। कानूनगो चंद्रपाल और हल्का पटवारी नरेंद्र कुमार ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया। उन्होंने पीड़ित परिवार को राशन के साथ 7900 रुपये की आर्थिक सहायता दी। साथ ही समाजसेवियों ने गरीब परिवारों के लिये खाना और कपड़ों की व्यवस्था कराई। उधर, बाजपुर कोतवाल एनबी भट्ट और चौकी प्रभारी अनिल जोशी ने घटनास्थल पर पहुंचकर जानकारी ली।
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खटीमा के संदिग्धों की रिपोर्ट निगेटिव

सुल्तानुपर पट्टी में आग लगने से जला सामान देखती महिला।
रुद्रपुर/खटीमा। खटीमा के इस्लामनगर से लिए गए कोरोना संदिग्ध छह लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव मिली है। हल्द्वानी स्थित लैब की रिपोर्ट के बाद स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है। हालांकि अभी उन्हें अभी अपने घरों में ही क्वारंटीन करने को कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को खटीमा के इस्लामनगर में कोरोना संदिग्ध छह लोगों की जांच की थी। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. गौरव अग्रवाल ने जांच के बाद छह लोगों के सैंपल हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल भेजे थे। शुक्रवार को लैब से उनकी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को मिल गई। सीएमओ डॉ. शैलजा भट्ट ने कहा कि खटीमा में सात लोगों को कोरोना संदिग्ध होने की बात कही थी लेकिन जांच के बाद एक संदिग्ध की रिपोर्ट सामान्य निकली थी। इसके बाद छह लोगों के सैंपल जांच के लिए हल्द्वानी भेजे गए थे। लैब की रिपोर्ट में सभी छह संदिग्धों की रिपोर्ट नेगेटिव पाई गई है। इधर, खटीमा नागरिक अस्पताल की सीएमएस डॉ. सुषमा नेगी ने बताया कि उक्त लोगों से मिलने गए तहसीलदार यूसुफ अली और दो अन्य कर्मचारी भी क्वारंटीन में हैं।
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सैन्य सम्मान के साथ हुई गुरबाज की अंत्येष्टि

बाजपुर। सड़क हादसे में मारे गए सैनिक की शुक्रवार को गांव डलपुरा में सैन्य सम्मान के साथ अंत्येष्टि की गई। चिता को मुखाग्नि पिता रजवंत सिंह संधू ने दी। सैैनिकों ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
गदरपुर के गांव डलपुरा निवासी गुरबाज सिंह संधू (29) पुत्र रजवंत सिंह संधू भारतीय सेना का जवान था। गुरबाज चंडीगढ़ के आर्मी अस्पताल में तैनात था। सप्ताह भर पहले चंडीगढ़ में सेना के ट्रक से उतरते समय गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे चंडीगढ़ के आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बुधवार को गुरबाज ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सूचना पर परिजन गुरबाज का शव लेकर बृहस्पतिवार देर शाम घर पहुंचे। शव पहुंचते ही पूरा गांव शोक में डूब गया। शुक्रवार को गांव डलपुरा में गुरबाज सिंह की सैन्य सम्मान के साथ अंत्येष्टि की गई। इस दौरान सेना केे सूबेदार सतनाम सिंह, सुनील सिंह, गुरजीत सिंह ने पुष्पचक्र अर्पित कर सलामी दी। वहां पर पालिकाध्यक्ष गुरजीत सिंह गित्ते, वासुदेव सोयायटी अध्यक्ष रघुवीर सिंह संधू, बेअंत सिंह, दया सिंह, गुरमेल सिंह, संदीप सिंह आदि थे। परिजनों के अनुसार गुरबाज सिंह संधू वर्ष 2013 में सेना में भर्ती हुआ था। 22 फरवरी को गुरबाज सिंह की शादी हुई थी। 13 मार्च को घर से वापस ड्यूटी पर गया था।
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Uttarakhand Lockdown: लॉकडाउन तोड़ बरात लेकर दुल्हन लेने गए दूल्हे राजा समेत आठ लोग गिरफ्तार

उत्तराखंड: जंगल में शहद निकालने गए युवकों पर मधुमक्खियों के झुंड ने किया हमला, एक की मौत

उत्तराखंड के रुद्रपुर में तराई केंद्रीय वन प्रभाग के टांडा जंगल में शहद निकलने गए चार युवकों पर मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया। इस दौरान तीन युवकों ने भागकर अपनी जान बचाई, जबकि एक युवक गम्भीर होने पर मौके पर ही बेसुध हो गया। सूचना के बाद परिजन उसे जंगल से उठाकर अस्पताल लाए। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।

 शुक्रवार को दिनेशपुर के जयनगर वार्ड नम्बर-तीन निवासी राजेंद्र प्रसाद, सलीम, हीरालाल व प्रीतम सिंह टांडा जंगल में मधुमक्खियों के छत्ते से शहद निकलने के लिए गए थे। पेड़ पर शहद का छत्ता काटने के लिए राजेंद्र चढ़ गया। जबकि तीन युवक नीचे खड़े थे।

इसी बीच मधुमक्खियों के झुंड ने राजेंद्र व तीनों युवकों पर हमला बोल दिया। मधुमक्खियों का हमला करते ही सलीम, हीरालाल व प्रीतम सिंह भागकर घर आ गए लेकिन राजेंद्र पड़े से नीचे उतरते ही बेसुध हो गया।
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तीन साल के बच्चे में कोरोना लक्षण की संभावना पर स्क्रीनिंग

सितारगंज। सशस्त्र सीमा सुरक्षा बल के एक कर्मी के तीन साल का बच्चा पिछले दो दिन से एसएसबी के अस्पताल में आइसुलेट था। बच्चे में कोरोना के लक्षण की संभावना से जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन फानन में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बच्चे की स्क्रीनिंग की। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद बच्चे में कोरोना के लक्षण नहीं मिले और डॉक्टर ने सामान्य वायरल बुखार व खांसी होने की पुष्टि की है।   स्वास्थ्य विभाग के अनुसार शुक्रवार को एसएसबी के डॉक्टर द्वारा तीन साल के बच्चे में कोरोना के लक्षण की संभावना जताने से जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसीएमओ डॉ. ऊषा जंगपांगी ने तुरंत ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधीक्षक डॉ. राजेश आर्या को एसएसबी कैंप के अस्पताल में भर्ती बच्चे की कोरोना जांच के आदेश दिए। चिकित्साधीक्षक डॉ. आर्या ने चिकित्साधिकारी डॉ. आरपी सिंह के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम को सिडकुल स्थित एसएसबी मुख्यालय के अस्पताल भेजा। यहां टीम ने अस्पताल मेें आइसोलेट एक कर्मचारी के तीन वर्षीय बेटे की कोरोना स्क्रीनिंग की।   स्वास्थ्य परीक्षण के बाद डॉ. सिंह ने बच्चे में सामान्य वायरल बुखार व खांसी होने की पुष्टि की। इससे एसएसबी कैंपस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने राहत की सांस ली।चिकित्साधीक्षक डॉ. आर्या ने बताया कि बच्चे में कोरोना से संबंधित कोई भी लक्षण नहीं पाए गए। जिसकी रिपोर्ट मुख्य चिकित्साधिकारी को भेज दी है। इनसेट शुक्रवार को 26 लोगों को किया होम क्वारंटाइन सितारगंज। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को आगरा से घरों को लौटे नानकमत्ता क्षेत्र के १७ लोगों के दल और मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद व अन्य शहरों से घर लौटे करीब नौ लोगों की कोरोना स्क्रीनिंग की। सभी जांच में स्वस्थ्य मिले। टीम ने सभी को होम क्वारंटाइन कर दिया और १४ दिन तक घर के भीतर ही रहने की सलाह दी। ----- ... और पढ़ें
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