भैयादूज पर यमुना में स्नान से कटते हैं पाप

अमर उजाला ब्यूरो/ उत्तरकाशी। Updated Tue, 01 Nov 2016 09:06 PM IST
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यमुना
यमुना - फोटो : file photo

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भैयादूज का दिन बहुत ही शुभ माना जाता है। इस दिन जो भी मां यमुना का ध्यान- स्नान कर पूजा-अर्चना करने से सभी पापों से मुक्ति मिल जाएगी। यह वचन मां यमुना को उनके चचेरे भाई शनिदेव ने दिया था। 
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हर साल शीतकाल में मां यमुना की डोली अपने मायके खरसाली आती है। खरसाली में शनि देव का मंदिर भी है। मान्यता है कि शनिदेव मां यमुना के चचेरे भाई हैं। यमुना व यमराज की माता का नाम संज्ञा है, जबकि पिता सूर्य देव हैं।
शनि देव महाराज की माता छाया है, जबकि पिता सूर्य हैं। कहते हैं कि जब सूर्य की रोशनी पृथ्वी पर किसी वस्तु पर पड़ती है, तो उसका एक प्रतिबिंब बनता है, उसी से शनिदेव उत्पन्न हुए हैं। मान्यता है कि शनिदेव ने बहन मां यमुना को यह वचन दिया था कि जो भैयादूज के दिन तुम्हारी पूजा-अर्चना करेगा, तुम्हारे जल से स्नान करेगा उसे शनि की वकृ दृष्टि और साढ़ेसाती का दोष नहीं होगा। जबकि हनुमान, मां यमुना के गुरु भाई हैं।
मंगल और चंद्र की युक्ति होने पर यह योग बनता है। तब से बहने आज के दिन भाई को तिलक लगाकर उसकी लंबी आयु की कामना करती हैं। यमुुनोत्री मंदिर समिति के उपाध्यक्ष पवन उनियाल बताते हैं कि हर साल शनिदेव कपाट बंद होने पर अपनी चचेरी बहन मां यमुनोत्री को लेने जाते हैं और कपाट खुलने पर छोड़ने भी जाते हैं।
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