करेंसी की किल्लत, लोगों की मुसीबत

अमर उजाला उन्नाव Updated Sun, 18 Jun 2017 12:46 AM IST
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atm without money - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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एक अप्रैल से शुरू हुई करेंसी की किल्लत हर दिन बढ़ती ही जा रही है। हालत यह हैं कि सर्वाधिक एटीएम स्थापित करने वाली एसबीआई के जिले में 60 में 45 एटीएम खाली हैं। बैंक आफ बड़ौदा, बैंक आफ इंडिया, एक्सिस बैंक, आईसीसीआई, पीएनबी का भी यही हाल हैं। महीनों से बनीं कैश किल्लत एक बार फिर नोटबंदी के दिनों का अहसास कराने लगी है। बंद एटीएम बूथों के अलावा बैंकों में भी घंटों इंतजार के बाद भी मांग के अनुरूप नोट नहीं मिल पा रहे हैं। एसबीआई के मुख्य शाखा प्रबंधक दीपेंद्र यादव ने बताया कि करेंसी की कमी को पूरा करने के लिए रिजर्व बैंक से सौ करोड़ रुपये की मांग भेजी है। बताया कि जून के आखिर तक करेंसी की किल्लत खत्म हो जाएगी। बताया कि दो हजार और 500 रुपये के नोटों की कमी से दिक्कत है।
सरकार का कैशलेस प्रक्रिया पर जोर
बैंक अधिकारियों ने बताया कि सरकार का कैशलेस पर पूरा जोर है। सरकार पेटीएम, भीम एप, स्वैप मशीन जैसे आधुनिक तरीकों से आनलाइन पेमेंट पर जोर दे रही है। करेंसी की कमी की यह भी एक बड़ी वजह है।
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