कोरोना पॉजिटिव मरीज के रक्त में मौजूद प्रोटीन बता सकते हैं बीमारी की गंभीरता

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Updated Tue, 02 Jun 2020 09:56 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई

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सार

वैज्ञानिकों ने कोविड-19 से संक्रमित व्यक्ति के रक्त में 27 ऐसे प्रोटीन का पता लगाया है, जो मरीज में बीमारी की गंभीरता बता सकते हैं। इन प्रोटीन्स के बारे में वैज्ञानिकों का कहना है कि ये प्रोटीन प्रिडिक्टिव बायोमार्कर की तरह कार्य कर सकते हैं जिससे यह पता चल सकता है कि मरीज को यह बीमारी कितना बीमार कर सकती है।  

विस्तार

यह दावा सेल सिस्टम्स ( Cell Systems ) जर्नल में मंगलवार को प्रकाशित हुए एक अध्ययन में किया गया है। इसके अनुसार, ब्रिटेन के फ्रांसिस क्रिक इंस्टीट्यूट और जर्मनी के शैरिट यूनिवर्सिटेट्समेडिजिन बर्लिन के वैज्ञानिकों ने पाया है कि कोविड-19 मरीजों में लक्षणों की गंभीरता के आधार पर विभिन्न स्तर पर प्रोटीन मौजूद होते हैं
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वैज्ञानिकों ने कहा कि ये प्रोटीन ऐसे टेस्ट (जांच) को विकसित करने में मदद कर सकते हैं जिससे डॉक्टर यह पता लगा सकें कि कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद संक्रमित व्यक्ति कितना बीमार हो सकता है और इसे कितने गंभीर इलाज की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ये प्रोटीन इस बेहद संक्रामक महामारी का प्रभावी इलाज विकसित करने में नई संभावनाएं भी पैदा कर सकते हैं।  
चिकित्सकों और वैज्ञानिकों का कहना है कि कोविड-19 से संक्रमित विभिन्न व्यक्तियों पर वायरस अलग-अलग तरीके से असर कर सकता है। एक व्यक्ति में लक्षण नहीं भी दिख सकते हैं और एक व्यक्ति को तुरंत अस्पताल में भर्ती करने की स्थिति हो सकती है। बता दें कि दुनिया भर में अब तक कोरोना वायरस के 60 लाख से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। इस बीमारी की वजह से अब तक तीन लाख 78 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। 
क्रिक इंस्टीट्यूट में मॉलीक्यूलर बायोलॉजी के विशेषज्ञ और इस अध्ययन में शामिल रहे क्रिस्टोफर मेसनर कहते हैं, 'ऐसी जांच विकसित करना जो डॉक्टरों को यह पता लगाने में मदद कर सके कि व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार होगा या नहीं, यह अमूल्य होगा।' उन्होंने कहा कि ऐसे टेस्ट चिकित्सकों को यह निर्णय लेने में सहायता कर सकता है कि हर मरीज का किस तरह से इलाज किया जाए। ऐसे मरीजों की पहचान की जा सकेगी जिन्हें तुरंत इलाज की जरूरत होगी। 

मेसनर की टीम ने  बर्लिन के शैरिट अस्पताल में 31 कोविड-19 मरीजों के रक्त के प्लाज्मा में विभिन्न प्रोटीन्स की मौजूदगी और मात्रा जानने के लिए रैपिट टेस्ट किए। इसके लिए उन्होंने मास स्पेक्ट्रोमेट्री नाम के एक तरीके का इस्तेमाल किया। इनमें से तीन प्रोटीन एक ऐसे प्रोटीन से जुड़े थे जिसकी वजह से सूजन होती है और इसे कोरोना वायरस के गंभीर लक्षणों में से एक माना जाता है। 
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